इस वर्ष चारधाम यात्रा पर ड्रोन से होगी कूड़ा और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंगः धामी

सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं त्व् प्लांट स्थापित किए जाएं, कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए और हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाए। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

चारधाम यात्रा रूट में पड़ने वाले ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है तथा अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मार्ग, बाजार, घाट एवं सार्वजनिक स्थल निरंतर स्वच्छ बने रहें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें तथा 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के अंतर्गत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिसमें महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 74 मोबाइल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें छोटे-बड़े वाहनों हेतु हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

चारधाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बाद वर्ष 2026 में इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत” एवं “हरित, सतत विकास” के विजन से प्रेरित है और लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त एवं ठोस अपशिष्ट मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही फत् कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, त्वरित सहायता केंद्र (फनपबा त्मेचवदेम ज्मंउ), कंट्रोल रूम तथा आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु सभी सक्षम अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क्रियान्वित करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत चारधाम यात्रा मार्ग के सभी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार कर एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत उसका प्रबंधन किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर सतत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हेतु स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तत्काल प्रभाव से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

“पहली बार केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को 24 घंटे मुफ्त गर्म पानी”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों द्वारा की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर ळडटछ केदारनाथ एवं लिंचोली में लगाए जाएंगे। यह अभिनव प्रयोग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद से होने वाली समस्या का समाधान करेगा, साथ ही जंगल की आग के प्रमुख कारण पिरूल से भी राहत दिलाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रायल के तौर पर मार्ग में स्थित ढाबों को फायर पैलेट से चलने वाले चूल्हे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो ऊर्जा संकट के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे और सफल परीक्षण के बाद इन्हें बड़े स्तर पर वितरित किया जाएगा।

ऋषिकेश से चार धाम जाने वाली बसों को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित चारधाम यात्रा-2026 के शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चार धाम जाने वाली बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए स्थापित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने देश भर से आए श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा – आस्था, साधना और आत्मा को जोड़ने का मार्ग है। यह यात्रा हर कठिनाई को पार करने की शक्ति देती है। उन्होंने कहा सरकार का संकल्प है कि यात्रा सुगम, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य हो। चारधाम यात्रा करोड़ों श्रद्धालुओं को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा माँ गंगा के आशीर्वाद से यात्रा हर साल नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए दृढ़ संकल्पित है, वे स्वयं लगातार यात्रा की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य, हर श्रद्धालु को सुरक्षा, सम्मान और दिव्य अनुभव प्रदान कराना है। हर श्रद्धालु देवभूमि में बिताए गए पलों की स्वर्णिम स्मृतियाँ अपने साथ लेकर जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं से धार्मिक स्थलों एवं यात्रा मार्ग में विशेष स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के कण-कण में भगवान का वास है, इस पवित्रता को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने इस वर्ष ग्रीन चारधाम यात्रा और प्लास्टिक मुक्त केदारनाथ धाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। सरकार द्वारा यात्रा मार्गों पर नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी वाहनों में डस्टबिन रखना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा जैसे हम अपने घर के मंदिर को साफ और पवित्र रखते हैं, वैसे ही देवभूमि को भी स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यात्रा को और अधिक सुगम बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। हाल ही में ₹ 12 हजार करोड़ की लागत से बने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ है, जिससे यात्रा सुगम और तेज हो गई है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्य गतिमान हैं। गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में भी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्गों को सुगम बनाया गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक के लिए रोपवे परियोजनाओं का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा चारधाम यात्रा लाखों लोगों की आजीविका का आधार है। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय उत्पादों, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने यात्रियों से अधिक से अधिक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करने का भी आवाहन किया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार, यात्रियों की सुविधा, सुगमता और स्वास्थ्य को लेकर पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने यात्रियों से निवेदन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अवलोकन अवश्य करें। आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य जांच करने के बाद ही यात्रा में आए। उन्होंने बताया केदारनाथ में मेडिकल अस्पताल तैयार हो गया है। बद्रीनाथ में 50 बेड का अस्पताल जून तक तैयार हो जाएगा। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन विभाग लगातार आगामी यात्रा की तैयारी कर रहा है। हमारा कर्तव्य है कि प्रदेश में आने वाले हर श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो। उन्होंने बताया इस वर्ष यात्रा मार्ग में सिंगल लेन सड़कों, लैंडस्लाइड जोन, जैसे स्थानों पर शटल सर्विस की शुरुवात की गई है। इसके साथ मूवेबल शटल सर्विस के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध करवाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर एल.ई.डी लगाकर लोगों को जानकारियां दी जाएंगी।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, अध्यक्ष हेमकुंड गुरुद्वारा ट्रस्ट नरेंद्रजीत बिंद्रा, भास्करानंद भारद्वाज, जितेंद्र नेगी, अजय सिंह, मनोज ध्यानी, संजय शास्त्री, भोपाल सिंह नेगी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाएंः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन-1905 पर 30 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को फोर्स क्लोज करने के मामलों में जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष या संबंधित सचिव की संस्तुति के बिना किसी भी स्तर पर फोर्स क्लोज की कार्रवाई न की जाए। सीएम हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये निर्देश अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना पर्याप्त कार्यवाही किए यदि कोई अधिकारी शिकायत को फोर्स क्लोज करता है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 केवल एक दूरभाष संख्या नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं और विश्वास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का निस्तारण शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि सुनिश्चित होने तक किया जाए।

उन्होंने शासन के अधिकारियों, विभागाध्यक्षों तथा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित कर उनके शीघ्र समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्यक्ष शिकायत की तरह गंभीरता से लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक सप्ताह तथा विभागीय सचिव स्तर पर प्रत्येक माह में कम से कम दो बार शिकायतों की समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की सफलता का वास्तविक आकलन तभी संभव है, जब शिकायतकर्ता यह अनुभव करें कि सरकार ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध और प्रभावी समाधान प्रदान किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनका फीडबैक प्राप्त किया जाए तथा उच्च स्तर पर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री (सीएम) हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ए.आई. डेटा संचालन एवं शिकायत प्रबन्धन पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें शिकायतों का पूर्वानुमान एवं हॉट स्पॉट की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मजबूत समाधान एवं निगरानी प्रणाली को विकसित करने में मदद मिली है। ए.आई. आधारित प्रक्रिया से विभिन्न मौसमों के अनुरूप प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित समाधान मंे मदद मिल रही है। ग्रीष्म कालीन शिकायतांे में प्रमुख रूप से पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास एवं गृह विभाग से शिकायतें शामिल रही हैं, जिनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। सी.एम. हेल्प लाइन के प्रति लोगों मंे जागरूकता बढ़ने के साथ कॉल वॉल्यूम मंे वृद्धि के साथ समाधान की राह भी प्रशस्त हुई है। सी.एम. हेल्प लाइन में जनपद वार जन शिकायतों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जबकि उत्तरकाशी और चम्पावत बेहत्तर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अधिकतम जन शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से की वार्ता।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान अधिकतम शिकायतों का निस्तारण करने वाले अधिकारियों से वार्ता कर ऐसे अधिकारियों की सराहना करते हुए उन्हें सभी के लिए प्रेरणाश्रोत बताया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग, उत्तरकाशी में कार्यरत अधिशासी अभियंता मनोज गुसाई और ऊर्जा विभाग, पौड़ी में कार्यरत अधिशासी अभियंता अभिनव रावत से वार्ता की तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

मनोज गुसाई ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके द्वारा नियमित रूप से 1905 में आई शिकायत की मॉनिटरिंग की जाती है। साथ ही विभाग के अंतर्गत एक स्पेशल सेल बनाई गई है जो लोगों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान करती है। अभिनय रावत ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा विभाग के अंतर्गत कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाई गई है एवं 1905 मोबाइल ऐप के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग की जाती है।

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से फोन पर की बात।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से भी वार्ता की। इसी क्रम में उन्होंने देहरादून की विना ढींगरा की समस्या सुनी। विना ढींगरा ने बताया कि वो मार्च 2023 में सहायक अध्यापक के पद से सेवानिवृत्त हुई थी। जिसके बाद से उन्हें एनपीएस पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2 दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। बीना ढींगरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

हरिद्वार के तरुण सिंह ने पानी निकासी की समस्या से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिस पर मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से जुड़े हरिद्वार के जिला अधिकारी को तुरंत समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले के सुरेंद्र कुमार नागपाल से भी वार्ता की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित उनके आवास में स्ट्रीट लाइट विगत दिनों से खराब थी, जिस पर उन्होंने 1905 पर शिकायत की। सुरेंद्र कुमार नागपाल ने बताया कि अगले ही दिन उनकी समस्या का समाधान हो गया, इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन विनय रुहेला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज कुमार पांडे, चंद्रेश यादव, एस एन पाण्डेय, रंजीत सिन्हा, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, रंजना राजगुरू, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव आलोक पांडे, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं अन्य अधिकारी तथा समस्त जनपदों से जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने लोक निर्माण विभाग की मास्टर प्लान पुस्तिका का किया विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी 05 वर्षों (2026 – 2031) के कार्यों से संबंधित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा आगामी 05 वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया जाना सराहनीय पहल है। यह पुस्तिका राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने, सशक्त और सुरक्षित, भविष्य को सुनिश्चित करने का मार्ग है। उन्होंने कहा राज्य में विकास की संभावनाओं एवं विकसित भारत 2047 के संकल्पों को पूरा करने में यह मास्टर प्लान पुस्तिका अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्य तेजी से गए बढ़े हैं। बीते सालों में राज्य में व्यापक स्तर पर सड़कों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार को प्राथमिकता दे रही है। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा हमारा संकल्प है कि राज्य को तय लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ाया जाए और विजन के साथ विकास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य, पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में पर्यटकों की आवश्यकताओं को देखते हुए हम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। राज्य में टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा यह पुस्तिका निश्चित ही राज्य को आगे बढ़ाने का विजन तय करेगी।

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लोक निर्माण विभाग स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर निरंतर कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने कहा विकास के लिए कनेक्टिविटी बेहद महत्वपूर्ण है, जिसपर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक प्रोजेक्ट के विजन को रखा गया है। उन्होंने कहा समय की आवश्यकता अनुसार पुस्तिका में संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने बताया पुस्तिका में रोड कनेक्टिविटी इकनॉमी हब कनेक्टिविटी, ब्रिज डेवलपमेंट एवं सेफ्टी, सड़क सुरक्षा एवं स्लोप प्रोटेक्शन, टेक्नोलॉजी, वित्तीय प्रबंधन एवं पॉलिसी जैसे विभिन्न प्राथमिकताओं पर विभाग का विजन रखा गया है।

इस दौरान उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, प्रमुख अभियंता राजेश चन्द्र शर्मा, मुख्य अभियंता रणजीत रावत, राजेन्द्र सयाना, अधीक्षण अभियंता मनोज बिष्ट, अरूण पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बी.एन द्विवेदी, राजेश कुमार, नीरज त्रिपाठी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत की पड़ताल की, मौके पर जानी स्थिति

सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायत को फाइलों में हल करने के बजाय, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मौके पर जाकर जन समस्याओं की पड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्य में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए, अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
देहरादून के जाखन निवासी विवेक मदान ने, राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड किए जाने के कारण फुटपाथ को हुए नुकसान की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई थी। मदान ने शिकायत में उल्लेख किया था कि जाखन में पहले सड़क किनारे फुटपाथ बनाया गया, बाद में यूपीसीएल ने इस फुटपाथ को खोदकर, अंडरग्राउंड लाइन बिछा डाली। लेकिन इस दौरान मिट्टी का भरान ठीक से नहीं किया गया, जिस कारण फुटपाथ की टाइल्स बैठ गई हैं। इससे फुटपाथ का पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करनी थी, लेकिन सीएम ने समीक्षा बैठक से पहले शिकायत की पड़ताल करने सीधे जाखन का रुख किया।

अपने मोबाइल से अधिकारियों को दिखाई हकीकत

मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता विवेक मदान को साथ लेकर अपने मोबाइल से ही अधिकारियों को वीडियो कॉल के जरिए फुटपाथ की स्थिति दिखाई। मुख्यमंत्री ने स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि अंडरग्राउंड होने के बावजूद कई जगह बिजली लाइन ऊपर दिखाई दे रही है। जिस कारण जन सामान्य को खतरा पैदा हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी प्लानिंग के साथ काम करें, वरना बार बार कार्य होने से एक और पब्लिक को परेशानी का सामना करता है, वहीं धन की भी बर्बादी होती है।

प्रदेश भर में चलाएं अभियान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे प्रदेश भर के आगामी दौरों पर इसी तरह नियमित निरीक्षण करेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को निर्देश दिए कि प्रदेश में यदि कहीं और भी इस तरह की शिकायत आ रही है तो उन्हें दूर किया जाए, इसके लिए प्रदेश भर में अभियान चलाया जाए। मुख्यमंत्री इस दौरान स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी बातचीत की।

सीएस बर्द्धन ने देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में देहरादून शहर के यातायात संतुलन को लेकर देहरादून मोबिलिटी प्लान की बैठक ली।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर के बन जाने से सप्ताहांत एवं चारधाम यात्रा के कारण अत्यधिक यातायात दबाव रहेगा. इसके लिए उन्होंने लगातार देहरादून के यातायात को अपग्रेड किए जाने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने इकोनॉमिक कॉरिडोर के बाद बढ़ने वाले यातायात के प्रबंधन के लिए शीघ्र यातायात प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आढ़त बाज़ार की रजिस्ट्री एवं मुआवजा का कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने आढ़त बाज़ार के अंतर्गत हो भी ध्वस्तीकरण कार्य किया जाना है, उसे भी शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने 15 मई, 2026 तक रजिस्ट्री कार्य पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निरंजनपुर मंडी को भी शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने हेतु तत्काल एक साईट सिलेक्शन कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिवालय एवं परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग के लिए फीजीबिलिटी एवं डीपीआर को शीघ्र तैयार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने देहरादून के विभिन्न जंक्शनों के सुधारीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि कारगी चौक सुधारीकरण कार्य को तत्काल कराया जाए। बताया गया कि 4 जंक्शनों में कार्य प्रारम्भ हो गया है, 6 का प्रस्ताव गतिमान है। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने बताया किआढ़त बाज़ार की 52 रजिस्ट्री कम्पलीट हो चुकी है, बाकी का कार्य गतिमान है।

मुख्य सचिव ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को देहरादून के लिए बसों और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लगातार फॉलोअप करते हुए सितंबर तक देहरादून के रूट्स पर 100 बसें संचालित किए जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि नो पार्किंग में पार्किंग करने वाले लोगों पर चालान, लेफ्ट टर्न फ्री रखना जैसे छोटे छोटे परंतु महत्त्वपूर्ण कार्यों को लगातार प्रवर्तन कराया जाए। उन्होंने बड़े दिवसों पर शोभायात्रा एवं धरने प्रदर्शन आदि के दौरान ट्रैफिक प्लान का प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि टोइंग वैन्स की संख्या को बढ़ाया जाए। इसके लिए शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाए।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को रात को ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोके जाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए। स्पीडब्रेकर, साईनेज आदि के साथ ही एएनपीआर कैमरों के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग करायी जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि देहरादून के भीतर चिह्नित पार्किंग स्थलों, सरकारी एवं व्यावसायिक संस्थानों की पार्किंग कैपेसिटी को पूर्ण रूप से उपयोग किया जाए। उन्होंने यूपीसीएल द्वारा विद्युत के अंडरग्राउंड कार्य एवं गैस पाइप लाइन कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराया जाने सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर सचिव बृजेश कुमार संत, डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून परमेन्द्र डोभाल सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डेटा आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिकाः बर्द्धन

भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर ने अपने परिसर में एशियन लाइब्रेरीज़ के 9वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 16 से 18 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका आयोजन एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन, नई दिल्ली के सहयोग से “विकसित होती सूचना परिदृश्यरू पुस्तकालयों को भविष्य के लिए तैयार करना” विषय के अंतर्गत किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र में उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने मुख्य संबोधन में श्री आनंद बर्द्धन ने सूचना की प्रचुरता और डेटा-आधारित शासन के इस युग में पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत, जैसे तक्षशिला और नालंदा, का उल्लेख करते हुए उन्होंने पुस्तकालयों को गतिशील, सुलभ और प्रौद्योगिकी-सक्षम ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार द्वारा पुस्तकालय अवसंरचना को सुदृढ़ करने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।

आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी; कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत, ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया; वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एशियन लाइब्रेरी एसोसिएशन के अध्यक्ष आर. के. शर्मा; तथा आईआईएम काशीपुर की पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष प्रो. ए. वी. रमण भी उपस्थित रहे।

पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला, मुख्यमंत्री ने प्रेस क्लब रूद्रप्रयाग के 20 वर्ष पूर्ण होने पर दिया संबोधन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय दौरे पर जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने जिला प्रेस क्लब रुद्रप्रयाग के 20 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘ज्ञानदीप सम्मान समारोह 2026’ में प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रमेश पहाड़ी, चंद्रमोहन शुक्ला, लक्ष्मी प्रसाद डिमरी सहित अन्य पत्रकारों को सम्मानित किया गया। वहीं लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में सौरभ मैठाणी, हेमा नेगी करासी तथा साहित्य के क्षेत्र में मुकेश नौटियाल सहित भाषा, साहित्य, प्रशासन, पुलिस एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर जिला प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री धामी ने सभी सम्मानित पत्रकारों एवं प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बदलते समय में पत्रकारिता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण फेक न्यूज़ एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में पत्रकारों की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों की पुष्टि कर निष्पक्ष एवं विश्वसनीय समाचार आमजन तक पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है, जिसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है। पत्रकार समाज को जागरूक करने एवं जन सरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आधुनिक तकनीक के इस युग में भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना और सत्य एवं निष्पक्ष खबरों का संप्रेषण करना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष बृजेश भट्ट, महामंत्री बद्री नौटियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा के मद्देनजर ग्राउंड जीरो पर उतरे मुख्यमंत्री, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से किया यात्रा मार्ग का निरीक्षण

आस्था और श्रद्धा के महान पर्व के रूप में प्रतिष्ठित श्री केदारनाथ धाम के कपाट वर्ष 2026 की यात्रा हेतु आगामी 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान एवं सनातन परंपराओं के अनुरूप श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इसी क्रम में आज मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जनपद रुद्रप्रयाग पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक कार द्वारा निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा, कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क के पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर, सुरक्षा उपायों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पूर्व हर हाल में पूर्ण किया जाए।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री द्वारा गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर जनपदीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य व्यवहार रखने के निर्देश दिए। साथ ही हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के समीप पुलिस चौकियों में आवश्यक सुविधाएं जैसे दवाइयां, पेयजल एवं फूड पैकेट उपलब्ध रखने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान की जा सके।

मुख्यमंत्री ने यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष जोर देते हुए “ग्रीन यात्रा” के उद्देश्य को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

गैस आपूर्ति के विषय में मुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आपूर्ति की मांग की गई है, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ते हुए “वोकल फॉर लोकल” के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।

इसके अतिरिक्त पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में एआई, टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़े विविध विषयों पर विशेषज्ञ करेंगे विचार-विमर्श

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में “इंडिया डिजिटल इंपॉवरमेंट मीट एंड अवॉर्ड” समारोह के आयोजकों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन वर्तमान समय की आवश्यकता हैं, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), टेक्नोलॉजी और साइंस से जुड़े विविध विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कांफ्रेंस से प्राप्त निष्कर्ष और सुझाव भविष्य में सकारात्मक परिणाम देने के साथ-साथ राज्य और देश के डिजिटल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। इसके साथ ही राज्य पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष 06 करोड़ से अधिक श्रद्धालु एवं पर्यटक विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर आते हैं, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता के कारण अनेक आकर्षक डेस्टिनेशन उपलब्ध हैं। राज्य में फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल वातावरण है, जिससे फिल्म उद्योग के क्षेत्र में व्यापक बदलाव संभावनाएं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त औद्योगिक निवेश के लिए भी राज्य में बेहतर अवसर उपलब्ध हैं, जिन्हें और विकसित करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के सुरम्य स्थल और आधुनिक सुविधाएं इसे डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बनाती हैं। सरकार इस दिशा में आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

इस दौरान सचिव नितेश झा, अपर सचिव आलोक पांडे, एन.टी.टी. ग्लोबल डाटा सेंटर के इंडिया हेड निमेश कुमार, अडाणी कनेक्स के कन्ट्री हेड कपिल चुघ, यात्ता डाटा सेंटर की वाइस प्रेजीडेंट ज्योति माल्दे, नेटफॉर चाईस डाटा सेंटर के फाउण्डर समीर यादव एवं अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।