सीएम ने आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री आवास परिसर में इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौन पालन को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा तथा इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने इसे स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में वर्षभर शहद उत्पादन के लिए उपयुक्त पुष्पीय एवं परागयुक्त पौधों का रोपण किया जाए। साथ ही “थ्री-बी” (बर्ड फ्रेंडली, बी फ्रेंडली, बटरफ्लाई फ्रेंडली) गार्डन के निर्माण की दिशा में कार्य प्रारंभ किया जाए। मुख्यमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस और हरेला पर्व जैसे अवसरों पर “थ्री-बी” आधारित पौधारोपण अभियान चलाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, बल्कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन को भी स्थायी रूप से बढ़ावा देंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

फरियादियों की समस्या जानते हुए सीएम धामी ने अधिकांश का किया मौके पर निस्तारण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया तथा कई प्रकरणों का मौके पर ही समाधान किया।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आर्थिक सहायता से संबंधित विभिन्न मामलों पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य शासन-प्रशासन को आमजन के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है, ताकि जनता को त्वरित राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान होता है, बल्कि शासन की कार्यप्रणाली में भी निरंतर सुधार होता है।

इस अवसर पर उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य में प्रभावी एवं दूरदर्शी फिल्म नीति लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री को अभिनंदन पत्र सौंपते हुए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखंड फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों एवं युवाओं को नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

जन जागरण अभियान समिति के तत्वाधान में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने राज्य सरकार द्वारा संचालित 15 उत्कृष्ट योजनाओं पर आधारित आकर्षक पोस्टर तैयार कर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किए। छात्राओं ने इन योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को मिल रहे लाभ के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें समाज और शासन से जुड़े विषयों के प्रति संवेदनशील भी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है और भविष्य में भी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

इस अवसर पर आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी कांडपाल, अपर आयुक्त गढ़वाल उत्तम सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी मौजूद थे।

दूरभाष पर वार्ता कर सीएम धामी ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के मेधावियों का बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर (नैनीताल) द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले क्रमशः एम.पी. हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर (नैनीताल) के अक्षत गोपाल, एस.वी.एम. इंटर कॉलेज, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) के इशांत कोठारी, जी.बी. पंत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, खैरना (नैनीताल) की भूमिका तथा विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मंडलसेरा (बागेश्वर) के योगेश जोशी से फोन पर संवाद कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाली सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज बागेश्वर की गीतिका पंत, भंजूराम अमर इंटर कॉलेज, भूरारानी (उधमसिंह नगर) की सुशीला मेंदीरत्ता, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास ऋषिकेश के आर्यन तथा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, मायापुर (हरिद्वार) की वंशिका से भी दूरभाष पर वार्ता कर उन्हें बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों एवं शिक्षकों के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही छात्र-छात्राएं इस प्रकार की सफलता प्राप्त कर पाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर आगे बढ़ें तथा राज्य एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है तथा मेधावी विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

स्व. बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घंटाघर के निकट एमडीडीए कॉम्प्लेक्स में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की 107वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और अपने दूरदर्शी नेतृत्व से देश एवं समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि बहुगुणा केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति समर्पित एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे, जिन्होंने विशेष रूप से पर्वतीय अंचलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा ने पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल की। उनके प्रयासों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिली। उन्होंने कहा कि बहुगुणा का संपूर्ण जीवन जनकल्याण, सामाजिक समरसता और समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके आदर्श और विचार आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और हमें जनहित में कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहुगुणा जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा,खजान दास, विधायक दुर्गेश्वर लाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर गलत जानकारी फैलाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई

चारधाम यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचनाएं प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी है। पूर्व में दर्ज प्रकरणों के क्रम में आज जनपद रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान इंस्टाग्राम आईडी जीमबनतसलचवमज के माध्यम से प्रसारित एक वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक एवं निराधार दावे किए गए। वीडियो में यह गलत जानकारी दी गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु को स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद प्रशासन द्वारा सहायता नहीं दी गई तथा वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते सामान्य श्रद्धालुओं की अनदेखी की जा रही है।

जबकि वास्तविकता में दिनांक 22.04.2026 को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर प्रशासन द्वारा तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, केदारनाथ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। तत्पश्चात प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुए हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजा गया।

उक्त वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत कर आमजन को भ्रमित करने एवं प्रशासन की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया, जिस पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।

पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चार धाम यात्रा से जुड़ी किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, अन्य संदिग्ध वीडियो एवं सोशल मीडिया कंटेंट की भी सतत निगरानी की जा रही है और उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है। स्पष्ट किया जाता है कि चार धाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था एवं उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की यह प्रक्रिया लगातार, सख्ती और पूरी सतर्कता के साथ जारी रहेगी।

सचिव आवास व राज्य संपत्ति ने लिया अयोध्या अतिथि गृह निर्माण स्थल का किया विस्तृत जायजा

देश की धार्मिक राजधानी अयोध्या में उत्तराखंड सरकार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है। अयोध्या-फैजाबाद हाईवे पर प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह अब हकीकत का रूप लेता दिख रहा है। लगभग 54,000 (चव्वन हजार) वर्ग फीट क्षेत्र में बनने वाला यह विशाल परिसर उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना बनेगा। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के स्थल निरीक्षण के बाद परियोजना के क्रियान्वयन ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे साफ है कि सरकार इस योजना को लेकर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की स्पष्ट सोच और परिणामोन्मुख कार्यशैली दिखाई देती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धार्मिक पर्यटन को आर्थिक विकास से जोड़ने की जो रणनीति बनाई है, यह परियोजना उसी की एक मजबूत कड़ी है। चारधाम यात्रा को बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं से जोड़ने के बाद अब सरकार अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी उत्तराखंड की पहचान स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना गुणवत्ता, आधुनिकता और तय समयसीमा के मानकों पर खरी उतरे। सचिव आवास-राज्य संपित्त जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत कार्ययोजना रिपोर्ट सौंपेंगें। निरीक्षण के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम राकेश चन्द्र तिवारी, राज्य संपत्ति विभाग से डॉ विनीता सिंह, वरिष्ठ व्यवस्था अधिकारी मुन्ना सिंह सहित संबधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

रणनीतिक लोकेशन, आसान पहुंच
प्रस्तावित अतिथि गृह की लोकेशन इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। श्रीराम मंदिर से करीब 6.60 किलोमीटर और फैजाबाद शहर से 6.40 किलोमीटर की दूरी इसे अत्यंत सुविधाजनक बनाती है। अयोध्या एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी इसे देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए भी सुलभ बनाती है। वहीं लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों से सीधा संपर्क इसे धार्मिक पर्यटन का अहम केंद्र बना सकता है। देहरादून और नई दिल्ली से आने वाले यात्रियों के लिए भी यह एक प्रमुख पड़ाव होगा।

आम श्रद्धालुओं को बड़ी राहत
इस परियोजना की खासियत यह है कि इसे केवल वीआईपी सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। आम श्रद्धालुओं के लिए किफायती दरों पर ठहरने की व्यवस्था इस योजना को जन-हितैषी बनाती है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी उत्तराखंड के श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास मिलेगा। इससे अयोध्या यात्रा के दौरान ठहरने की समस्या काफी हद तक कम होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।

सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होगा परिसर
सरकार की योजना इस अतिथि गृह को केवल ठहरने तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसे उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित करने की है। यहां लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक उत्सव और सरस मेले जैसे आयोजन किए जाएंगे। इससे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिलेगा। साथ ही विवाह समारोह और अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए भी यह परिसर उपयोगी साबित होगा, जिससे राजस्व के नए अवसर भी बनेंगे।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
अयोध्या में तेजी से बढ़ते धार्मिक पर्यटन के बीच यह परियोजना उत्तराखंड के लिए आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी साबित हो सकती है। लाखों श्रद्धालुओं के बीच उत्तराखंड की मौजूदगी इस अतिथि गृह के माध्यम से और मजबूत होगी। यह पहल “धार्मिक पर्यटन” और “संस्कृति कनेक्ट” के मॉडल को आगे बढ़ाते हुए राज्य के पर्यटन उद्योग को अप्रत्यक्ष रूप से नई गति देगी।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
स्थल निरीक्षण के दौरान सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तराखंड की छवि से जुड़ी है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है।

ड्रीम प्रोजेक्ट से बनेगा सांस्कृतिक सेतु – डॉ. आर. राजेश कुमार
डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार अयोध्या में बनने वाला उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और प्रभावी कार्ययोजना का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि उत्तराखंड को देश के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करेगी। यह अतिथि गृह केवल एक इमारत नहीं बल्कि उत्तराखंड और अयोध्या के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम करेगा। यहां श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड की परंपराओं और संस्कृति को भी राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

सचिव, विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अपने लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर लेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में 25 बिंदु कार्यक्रम 2025-26 की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद के सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने 25 बिंदु कार्यक्रम के वर्ष 2026-27 के लिए शीघ्र लक्ष्य निर्धारित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए सभी जनपदों के लिए टारगेट अगले एक महीने में निर्धारित करते हुए पोर्टल में अपडेट कर लिए जाएँ। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों की अपनी जनपदों में अलग अलग समस्याएं हैं, चौलेंज हैं। जनपदों को अपने फोकस एरिया निर्धारित करते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित किए जायें।

मुख्य सचिव ने कहा कि सचिव, विभागाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अपने लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि सभी इंडिकेटर्स के वर्षभर के लक्ष्य निर्धारित करते हुए मासिक लक्ष्य निर्धारित करें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रत्येक माह इसकी समीक्षा की जाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग से सम्बन्धित लक्ष्यों को सभी जनपदों के लिए निर्धारित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देशी व विदेशी पर्यटकों की संख्या के लक्ष्य बढ़ाए जाने पर फोकस किया जाए। उन्होंने विभाग को ऐसे जनपदों, जहां ईको टूरिज्म की योजनाएं नहीं चल रही हैं, को भी ईको टूरिज्म योजनाओं में शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गवर्नेंस एंड जस्टिस के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है, परंतु अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस दिशा में कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं सचिव नितेश कुमार झा सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी एवं जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों से समन्वय और नीति निर्धारण परिषद की हुई बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में हिमालयी राज्यों के मध्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करने, साझा चुनौतियों के समाधान हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के लिए समेकित रणनीति तैयार करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्यों की भौगोलिक, पर्यावरणीय एवं सामाजिक परिस्थितियाँ समान होने के कारण आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान से प्रभावी नीति निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि जिन हिमालयी राज्यों में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छे कार्य हुए हैं, उन कार्यों का विस्तृत अध्ययन बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में राज्य में अपनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इकॉनोमी और ईकोलॉजी में समन्वय के साथ मानव जीवन स्तर को बेहतर बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्राकृति सम्पन्नता एवं जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। हिमालय और औषधियों के संरक्षण के क्षेत्र में राज्य में कार्य करने की अपार संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के दिशा में राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। जल स्रोंतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय और पर्यावरण सरंक्षण के क्षेत्र में जो संस्थान अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनका भी निरंतर सहयोग लिया जाए। हिमालयी राज्यों की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हिमालयी राज्यों के विशेषज्ञों के साथ बैठक समय-समय पर बैठकों और विचार गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाए। बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, जैव विविधता संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बैठक में जो भी सुझाव प्राप्त हुए हैं, उस दिशा में तेजी से काम आगे बढ़ाये जायेंगे।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि हिमालयी राज्यों की चुनौतियों को दूर करने के लिए हिमालयी राज्य कैसे एकीकृत रूप में कार्य कर सकते हैं, इस दिशा में प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी को हिमालय से फायदा होगा। हिमालय के संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में कार्य करने के लिए हमें इस क्षेत्र में कार्य करने वाले राष्ट्रीय संस्थानों का भी नियमित सहयोग लेना होगा।

हिमालयी राज्यों से समन्वय एवं नीति निर्धारण परिषद के सदस्य एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि हिमालय एवं मध्य हिमालय क्षेत्र की अद्यतन वैज्ञानिक एवं पारिस्थितिकि स्थिति का अध्ययन होना चाहिए। हिमालयी नदियों के जल स्तर और प्रवाह का आंकलन करना भी जरूरी है। सदस्य एवं पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने कहा कि हिमालयी राज्यों को संगठित रूप से कार्य कर हिमालयी से संबंधित सभी सम्पदाओं और लोगों की आजीविका को बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। आचार्य डॉ. प्रशांत ने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए ज्वाइंट टास्क फोर्स बननी चाहिए। हिमालयी राज्यों की चुनौतियां लगभग एक जैसे होती हैं, इनके लिए मिलकर बेहमर नीति निर्धारण की दिशा में कार्य होने चाहिए। डॉ. जी.एस. रावत ने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य होने चाहिए। पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि बुग्यालों का संरक्षण बहुत जरूरी है। जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में राज्य में अनेक संभावनाएं हैं।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर.मीनाक्षी सुदंरम, सचिव शैलेश बगौली, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने किया विफलः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउण्ड, देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री, हजारों की संख्या में मौजूद महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक जन आक्रोश पदयात्रा में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। परंतु लोकसभा में संख्या बल के कारण बिल पारित नहीं हो पाया। उन्होंने कहा विपक्ष ने षड्यंत्र करके नारी शक्ति का अधिकार छिनने का काम किया है। उन्होंने कहा देश की नारी, अन्याय के विरुद्ध अवश्य आवाज उठाएगी क्योंकि अब नारी अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री द्वारा देश की आधी आबादी को उसका हक दिलाने के प्रयास को लोकसभा में विपक्ष ने विफल करके देश के साथ महा पाप किया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति को नए भारत के निर्माण का आधार माना है। महिलाओं को सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं अभियान, उज्ज्वला योजना, एवं जन धन योजना द्वारा करोड़ों बहनों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, स्टार्टअप योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को सशक्त बनाने, लखपति दीदी योजना द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर महिलाओं को आगे बढ़ने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री की प्रेरणा से देश के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाएँ आगे आ रही हैं। आदिवासी समाज की बेटी, देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद तक पहुंची हैं। केंद्रिय मंत्री निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण मंत्रालय दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। राज्य में महिलाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है। इसके साथ राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन गई हैं।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, रुचि भट्ट, दीप्ति रावत, नेहा जोशी, हिमानी, रश्मि रस्तोगी एवं बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद थी।

आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।

उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।

किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।