धामी ने विभिन्न कार्यों के लिए 37 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री घोषणा के अधीन विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अंतर्गत विभिन्न 4 निर्माण कार्यों हेतु 24 करोड़ 62 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र कालाढूंगी के अंतर्गत विभिन्न 4 निर्माण कार्यों हेतु 7 करोड़ 53 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट में मोटर मार्ग का निर्माण कार्य हेतु 2 करोड़ 85 लाख रूपये, रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर तथा लालढांग के मध्य रवासन नदी पर 225 मी. स्पान झूला पुल के निर्माण हेतु 31.50 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर के अंतर्गत विभिन्न 2 निर्माण कार्य हेतु 91.65 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र प्रतापनगर में मदन नेगी मोटाना मोटर मार्ग का सुरक्षात्मक कार्य हेतु 83.51 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु प्रदान की 10 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के अंतर्गत चनबौड़ी मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण हेतु 1 करोड़ 8 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र बागेश्वर के विकासखण्ड गरूड़ के अंतर्गत डंगोली-पाखु-सतसिलिंग के डामरीकरण कार्य हेतु 2 करोड़ 13 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र-हरिद्वार ग्रामीण के अंतर्गत विभिन्न 13 निर्माण कार्यों हेतु 5 करोड़ 87 लाख रूपये, विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के अंतर्गत तिमली से खरकोटा होते हुए कालिंका मंदिर सुनार ढांढरी तक मोटर मार्ग का नवनिर्माण कार्य हेतु 47.77 लाख रूपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

सीएम के निर्देश पर अब जिला स्तर से ही मिलेगी 50 करोड़ तक के उद्योग प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिये वर्तमान में लागू व्यवस्था में प्राधिकृत समितियों की अधिकारिता के संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अंतर्गत उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिडकी सुगमता एवं अनुज्ञापन नियमावली में संशोधन करते हुए अब प्लांट एवं मशीनरी मद में रू0 10.00 करोड़ के स्थान पर रू0 50.00 करोड तक के प्रस्ताव जनपद स्तरीय प्राधिकृत समिति एवं रू0 10.00 करोड़ से अधिक के स्थान पर रू0 50.00 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव पर राज्य स्तरीय प्राधिकृत समिति को विचार कर अनुज्ञा/अनुमोदन प्रदान करने के लिये अधिकृत किये जाने की व्यवस्था की गई है। इस सम्बन्ध में सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम अमित नेगी द्वारा शासनादेश भी निर्गत कर दिया गया है। इससे प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

49 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा पहुंचकर हवालबाग में 2 दिवसीय आजीविका महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने हवालबाग में स्थित रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर का भी उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने एवं उद्यम स्थापना हेतु प्रारम्भ से अन्त तक उद्यमियों को सहयोग प्रदान करना है। इसके साथ-साथ युवाओं को रोजगार सृजन, व्यवसाय सहयोग, नये विचार व तकनीक को बढ़ावा देना आदि इसके उद्देश्य है। इसके उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अल्मोड़ा व पौङी में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर सेन्टर की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि इस सेन्टर से आम आदमी को जोड़ने का प्रयास किया जाय। उन्होंने कहा कि इससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी। इस दौरान उन्होंने जनपद के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से आये उद्यमियों के साथ संवाद किया और उनके उत्पादों की जानकारी व परिचय प्राप्त किया।
आजीविका महोत्सव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये गये महोत्सव के लिए प्रशासन को बधाई दी और कहा कि यह महोत्सव ग्रामीण युवाओं व महिलाओं के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा जिससे पलायन रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका की मजबूती हो और स्वरोजगार योजनाओं का सीधा फायदा आम जनता तक पहुॅचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वरोजगार से जुड़े हर व्यक्ति को इसमें सहभागी बनाया जाय ताकि पलायन को रोका जा सके और रोजगार की समस्या को दूर किया जा सके। उन्होंने कहा कि गॉव के विकास से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना आने वाले समय में पर्यटन व आर्थिकी का मुख्य आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि होम-स्टे योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 3600 होम-स्टे पंजीकृत है जिसमें 8 हजार लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इस तरह को महोत्सव मात्र औपचारिकता न रहे इसका उद्देश्य तभी सफल है जब इसका लाभ व सुविधा सामान्य व्यक्ति को मिल सके। सभी अधिकारी व जनप्रतिनिधि उत्तराखण्ड की प्रगति के लिए मिलकर कार्य करें। सभी विभागीय अधिकारियों को 10 वर्ष तक का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिये गये है जिससे आने वाले उत्तराखण्ड के विकास की नींव रखी जा सके। उन्होंने कहा कि सभी शहरों को हैली सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने अल्मोड़ा जनपद के महान विभूतियों को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनायें चलायी जा रही है जिससे लोग लाभान्वित हो रहे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा में पार्किग स्थल के निर्माण के लिए 7.74 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणायें की जिनमें चितई पंत तिराहे से हरिदत्त पेटशाली इण्टर कालेज पेटशाल तक लिंक मार्ग 3 कि0मी0, बसमांव-दरमाण मोटर मार्ग निर्माण 4 कि0मी0, कोसी दौलाघट मोटर मार्ग से धौलीगाड़-पंचगाव-स्यूरा लिंक मोटर मार्ग निर्माण 6 कि0मी0, अल्मोड़ा मे आयुष सुपर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल (50 बेड) की स्थापना, प्रसार प्रशिक्षण केन्द्र में एक्सीक्यूटिव हॉस्टल का निर्माण, प्रसार व रूरल बिजनेस इक्यूबेटर (द्वितीय चरण) के विस्तारीकरण कार्य शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 49.19 करोड़़ रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जिनमें 3.20 करोड़ रू0 लागत की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया इन योजनाओं में गैराड़ मंदिर में बारात घर का निर्माण लागत 40.00 लाख रू0, रूरल बिजनेस इन्वयूवेटर, राज्य पोषित हवालबाग लागत 117.11 लाख रू0, विकासखण्ड कार्यालय धौलादेवी का निर्माण कार्य लागत 163.87 लाख रू0 है। उन्होंने कुल 45.98 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया जिनमें राजकीय इण्टर कालेज पेटशाल में रसायन, फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज लोधिया में रसायन, फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में प्रशिक्षण हॉल का निर्माण कार्य लागत 27.4 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में एपोच रोड एवं गैराज का निर्माण कार्य लागत 19.19 लाख रू0, विकास भवन परिसर में कैंटिन का निर्माण कार्य लागत 48.37 लाख रू0, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा में प्राचार्य आवास का निर्माण लागत 45.57 रू0, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र हवालबाग का सुदृढ़ीकरण कार्य लागत 494.68 लाख रू0, अल्मोड़ा के चितई तिराहे से हरिदत्त पेटशाली इण्टर कालेज पेटशाल तक लिंग मार्ग लागत 200.16 लाख रू0, विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा के अन्तर्गत अल्मोड़ा के टैक्सी स्टैण्ड में बहुमंजिली पार्किंग का निर्माण लागत 770.32 लाख रू0, केन्द्रीय सड़़क अवसंरचना निधि के अन्तर्गत निर्माण खण्ड अल्मोड़ा के विभिन्न मोटर मार्गों में दुर्घटना सम्भावित संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य लागत 257.15 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज सत्यों में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज कनरा में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज बाराकूना में रसायन फिजिक्स एवं जीव विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण लागत 61.5 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज भनोली में आर्ट, कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय एवं दो अतिरिक्त कक्षा-कक्षों का निर्माण कार्य लागत 96.2 लाख रू0, कपकोट ग्राम समूह (पम्पिंग) पेयजल योजना लागत 403.66 लाख रू0, भागादेवली ग्राम समूह (पम्पिंग) 1083.28 लाख रू0, गैराड़ ग्राम समूह (पम्पिंग) पेयजल योजना लागत 844.95 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने 27 स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत चैक भी वितरित किये। आजीविका महोत्सव के दौरान उद्यान विभाग द्वारा यूरोपियन बेजिटेबल की खेती, पर्यटन विभाग द्वारा होम-स्टे योजना, पशुपालन विभाग द्वारा व्यवसायिक मुर्गी पालन, उद्योग विभाग द्वारा मार्केटिंक एवं पैकेजिंग, एनआरएलएम व आजीविका द्वारा वैल्यू चैन व कृषि विभाग द्वारा वृक्ष आयुर्वेद कृषि पर कार्यशालायें आयोजित की गयी। इसके साथ-साथ स्थानीय होटल एवं रेस्टोरेन्ट स्वामियों के द्वारा फूड फेस्टेबल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के दौरान कोसी संरक्षण की भी शपथ ली गयी। कार्यक्रम के दौरान माउन्टेन बाईक रैली को हरी झण्डी दिखाकर मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों द्वारा रवाना किया गया। इस रैली में कुल 30 प्रतिभागी शामिल थे जो रानीखेत तक की यात्रा करेंगे।
महोत्सव के दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने अपने विचार रखें और मुख्यमंत्री सहित अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी वन्दना सिंह ने आजीविका महोत्सव का संक्षिप्त परिचय देत हुए जानकारी दी कि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य अल्मोड़ा जनपद के अन्तर्गत आजीविका के क्षेत्र में युवाओं, ग्रामीण महिलाओं, बेराजगारों, कृषकों को बेहतर अवसर प्रदान करने के साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं व उद्योग स्थापित करने के सम्बन्ध में ऋण प्राप्त करने की जानकारी देना है।
उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों के माध्यम से कृषकों को प्रशिक्षण प्राप्त हो सके इसका भी प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चार मुख्य बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण का कार्य किया गया जिसमें 286 आवेदकां को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत 6.18 करोड़ का ऋण स्वीकृत व वितरित किया गया। जिसमें से 3.48 करोड़ रू0 के बैंक ऋण स्वीकृत व 2.70 करोड़ रू0 के बैंक लोन वितरित किये गये। उन्होंने कहा कि लगभग 1500 से अधिक महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न शासकीय योजनाओं के अन्तर्गत प्रशिक्षण व अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का मौका दिया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में क्रेता-विक्रेता सत्रों का आयोजन किया जा रहा है जिससे जो उत्पाद यहॉ बनते है उनको मार्केट उपलब्ध हो सके। उन्होंने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इस कार्यक्रम में भूटेखान पार्टी बाडमेर राजस्थान द्वारा राजस्थानी लोक नृत्य पेश किये। इस कार्यक्रम में उद्यान, कृषि, आजीविका, ग्राम्या विभाग, महेन्द्रा क्लब, मोक्सा रिटैट, सहकारिता, चाय विकास बोर्ड, राजकीय किशोरी गृह बख, आजीविका मिशन, नेशनल रूरल लाइवहुड मिशन के स्टॉल भी लगाये गये। इन स्टॉलों का भ्रमण मुख्यमंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने किया।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति शाह मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, भाजपा नगर अध्यक्ष कैलाश गुरूरानी, महामंत्री महेश नयाल, ग्राम्य विकास अपर सचिव बीना जोशी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

हिल पैट्रोलिंग और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए 21 वाहनों को सीएम ने किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर से हंस फाउण्डेशन द्वारा पुलिस विभाग को प्रदान किये गये वाहनों को फ्लैग ऑफ किया। हंस फाउण्डेशन द्वारा ये वाहन उत्तराखण्ड पुलिस को हिल पैट्रोलिंग व इमरजेंसी रिस्पॉन्स हेतु दिये जा रहे हैं। हंस फाउण्डेशन द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को 101 वाहन प्रदान किये जा रहे हैं। शुक्रवार को 21 वाहन प्रदान किये गये। इस अवसर पर हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज, माता मंगला, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस के लिए दिये गये इस सहयोग के लिए हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं माता मंगला का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के तकनीक युग में स्मार्ट पुलिस का होना आवश्यक है। उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा कोरोना काल में सराहनीय कार्य किया गया। लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस द्वारा हर संभव प्रयास किये गये। राज्य में स्मार्ट पुलिस हो, सीमित संसाधन होने के बावजूद भी इसके लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हंस फाउण्डेशन द्वारा पुलिस व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जो सहयोग दिया जा रहा है, यह जन सेवा करने में काफी कारगर साबित होगा। हंस फाउंडेशन द्वारा राज्य को हर क्षेत्र में सहयोग दिया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राज्य को हर संभव मदद हंस फाउण्डेशन द्वारा दी गई है। कोरोना काल में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही खाद्यान की उपलब्धता फाउण्डेशन द्वारा कराई गई।
माता मंगला ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड के लिए हर्ष का दिन है। उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग हैं। हिल पैट्रोलिंग व इमरजेंसी रिस्पॉन्स हेतु उत्तराखण्ड पुलिस को जो वाहन मिले हैं, इससे जन सेवा के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में आसानी होगी। उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की समस्याओं के समाधान के लिए हंस फाउण्डेशन द्वारा हर संभव सहयोग दिया जायेगा। आज पुलिस को 21 वाहन मिलने से राज्य के 21 क्षेत्रों के लिए सुरक्षा कवच मिल जायेगा।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने हिल पैट्रोलिंग व इमरजेंसी रिस्पॉन्स हेतु पुलिस को उपलब्ध कराये गये वाहनों के लिए हंस फाउण्डेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के आने से पुलिस को हिल पैट्रोलिंग व इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए काफी सुविधा होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मार्ट पुलिस की जो परिकल्पना की है, इस दिशा में यह एक अच्छा प्रयास है। इससे उत्तराखण्ड पुलिस को जन सेवा के करने में और सुगमता होगी। इस अवसर पर पुलिस विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

1 करोड़ 4 लाख रुपये से जगमग हुई रोड, पहले अंधेरे के कारण होती थी परेशानी

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हरिद्वार रोड पर आईडीपीएल गेट से श्यामपुर हाट तक निर्मित डिवाइडर पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा 1 करोड़ 4 लाख रुपए की लागत से निर्मित पथ प्रकाश व्यवस्था का आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पथ प्रकाश व्यवस्था की जगमगाहट से स्थानीय लोगों एवं बाहर से आने वाले सैलानियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
मुख्य हरिद्वार सड़क मार्ग पर लोकार्पण समारोह के अवसर पर अग्रवाल ने कहा कि एमडीडीए के माध्यम से ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आंतरिक मोटर मार्गों के निर्माण के साथ-साथ पथ प्रकाश व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा है कि हरिद्वार रोड पर चार धाम यात्रा की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं योग नगरी ऋषिकेश की तरफ प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है, इससे मोटर मार्ग पर पथ प्रकाश व्यवस्था का होना अति आवश्यक था। उन्होंने कहा है कि जिस शानदार तरीके से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा यह लाइट आधुनिक तकनीकी से लगाई गई है यह अपने आप में अभूतपूर्व है।
अग्रवाल ने कहा है कि जनप्रतिनिधि का कर्तव्य जनता की समस्या का समाधान करना होता है और इस ओर वह निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में आंतरिक मोटर मार्ग सभी क्षेत्रों में दुरुस्त हो चुके हैं, जहां दुरुस्त होने की संभावना है वह कार्य भी शीघ्र प्रारंभ होगा।
अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा है कि विकास कार्यों में हमेशा कार्य की गुणवत्ता व तय समय सीमा पर पूरा करने का उनका आग्रह रहता है तथा कार्य की गुणवत्ता के लिए स्थानीय लोग भी सजग प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करते हैं जो एक सजग नागरिक की भूमिका होती है। इसी वजह से क्षेत्र का विकास भी आगे बढ़ता है।
अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की चकाचौंध से हर व्यक्ति परिचित होगा जिससे ऋषिकेश की अच्छी छवि बाहर से आने वाले सैलानियों के मन में भी जाएगी। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा विकास के मापदंड पर खरी उतर रही है और आज आदर्श विधानसभा के रूप में स्थापित हो चुकी है।
अग्रवाल ने कहा कि चुनाव का समय नजदीक है ऐसे समय में अनेक लोग नकारात्मक वातावरण बनाने का भी प्रयास करेंगे, उन लोगों से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा है कि विकास के साथ-साथ वह हमेशा प्रत्येक नागरिक के साथ सुख-दुख में खड़े रहते हैं जो एक आदर्श जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।
कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन के दिनों को याद करते हुए अग्रवाल ने कहा कि जब जरूरतमंदों के सामने रोजी रोटी का संकट था ऐसे समय में 13 हजार से अधिक लोगों को राशन के पैकेट एवं हजारों लोगों को मास्क, सैनिटाइजर का वितरण किया ताकि ऋषिकेश विधानसभा का प्रत्येक नागरिक कोरोना के प्रभाव से बच सके। इस अवसर पर स्थानीय लोगों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर एमडीडीए के अधिशासी अभियंता श्याम मोहन शर्मा, राम रतन रतूड़ी, सदानंद भट्ट, रतन सिंह बिष्ट, किशन नेगी, नरेंद्र रावत, राजवीर रावत, रवि शर्मा, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रभाकर पैन्यूली, कमला नेगी, निर्मला उनियाल, रमेश चंद शर्मा, लक्ष्मी गुरुंग, रामेश्वर चंद्रियाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

विस अध्यक्ष ने एसबीएम इंटर कॉलेज में बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया

ऋषिकेश स्थित भरत मंदिर इंटर कॉलेज में डेढ़ लाख रुपए की लागत से निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने किया। इस दौरान विस अध्यक्ष अग्रवाल ने भरत मंदिर इंटर कॉलेज की चारदीवारी के निर्माण के लिए विधायक निधि से 6 लाख रूपए देने की घोषणा भी की।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने विधिवत दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
इस अवसर पर उपस्थिति को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि भरत मंदिर स्कूल सोसाइटी पिछले काफी समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है जिससे निकले हजारों बच्चे आज देश के सर्वाेच्च स्थानों पर कार्यरत हैं जिन्होंने स्कूल का ही नहीं अपितु ऋषिकेश शहर का भी गौरव बढ़ाया है।
अग्रवाल ने कहा कि खुद को फिट रखने के लिए खेलों का आयोजन बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि बैडमिंटन कोर्ट को आधुनिक ढंग से बनाया गया हैद्यइस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि खेल प्रतियोगिता सभी को अपने जीवन में विपरीत स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करती है और चुनौती और परिवर्तन की सूरत में डटकर मुकाबला करना सिखाती है। खेलकूद में जीत हार नहीं बल्कि प्रतिभाग करना महत्वपूर्ण है। जीतना और हारना जीवन का हिस्सा है खेल की इन गतिविधियों के माध्यम से खिलाड़ी भावना एवं प्रतियोगीता की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि खेलकूद में हमारे ऋषिकेश क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है। इन खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर उतराखंड का नाम रोशन किया है।
कार्यक्रम में भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा, महंत वत्सल प्रपंन शर्मा, वरुण शर्मा, अभिभावक संघ के अध्यक्ष रामकृपाल गौतम, स्कूल के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, शिव प्रसाद बहुगुणा, जितेंद्र बिष्ट, सुनील दत्त थपलियाल, सुशीला बड़थ्वाल, नीलम जोशी, ज्योतिर्मय शर्मा, नीलम मनुडी, सुनीता देवी, रंजना सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

बिजली-पानी और भवन कर में वृद्धि के खिलाफ धरना जारी रहा

पानी, बिजली मे अप्रत्याशित वृद्धि व नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संपत्ति कर में 50 प्रतिशत की छूट खत्म करने के विरोध में उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा।
प्रतिदिन के हिसाब से धरने को समर्थन देवभूमि ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ऋषिकेश द्वारा दिया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा व सचिव बेचन गुप्ता ने कहा कि बिजली पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि की जा रही है जो की कोविड-19 महामारी में प्रतिकूल आर्थिक संकट से पीड़ित जनता पर दोहरी मार है।
पूर्व सभासद रवि कुमार जैन व पूर्व सभासद हरीश आनंद ने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संपत्ति कर में जनता पर पड़ने वाले कर के प्रभाव के गुण-दोषों पर अध्ययन करे बगैर स्वनिर्धारित संपत्ति कर प्रणाली लागू करना बहुत ही तानाशाही पूर्ण रवैया है। हम सभी उत्तराखंड जन विकास मंच की मांगों का समर्थन करते है।
मंच के सचिव लेखराज भंडारी ने बताया कि हमारे आंदोलन के क्रम में कल धरना स्थल पर ही जन समस्याओं से संबंधित विभिन्न विभागों का बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया जाएगा।
इस अवसर पर धरने को समर्थन करने वालों में आशुतोष शर्मा, राजेंद्र पाल, जतिन जाटव, सतवीर पाल,, राजेश कुमार, तारकेश्वर, संजय कुमार, दिनेश कुमार, राकेश कलुड़ा, मनोज जाटव, कपूर चंद गुप्ता, बीपी भट्ट, जगदीश, भरत सिंह, गायत्री देवी, योगेश शर्मा, अमन अरोड़ा, राजू राजभर, सुशील पाल, विपिन शर्मा, आशुतोष डंगवाल, राजेश पांडे, प्रभुदयाल शर्मा, संजय शर्मा, राजेश शाह, मुन्ना रावत, कीमत गुप्ता, आशीष नौटियाल, भूपेंद्र सिंह, ओम प्रकाश राणा, घनश्याम झा, राजेश कुमार, रविंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

योग को शिक्षा से जोड़कर रोजगार सृजन करायेगी आप-राजे नेगी

योग की अंर्तराष्ट्रीय राजधानी के रूप में विख्यात तीर्थनगरी ऋषिकेश में ही योग की उपेक्षा किए जाने की जानकारी संज्ञान मे आई है। ऋषिकेश महाविद्यालय यानि श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में योग को लेकर चिराग तले अंधेरा की कहावत चरितार्थ होते हुए नजर आ रही है। उत्तराखंड में सर्वप्रथम ऋषिकेश के पंडित ललित मोहन शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सर्वप्रथम योग पाठ्यक्रम की शुरुआत हुई थी। लेकिन आज हालात यह है कि महज 2 योग कोर्स तक ही गढ़वाल का यह प्रतिष्ठित महाविद्यालय सिमटकर रह गया है। इस संदर्भ में आम आदमी पार्टी ने आवाज उठाई है।
आप के ऋषिकेश विधानसभा प्रभारी राजे सिंह नेगी ने नेपालिफार्म पार्टी कार्यालय से जारी बयान में बताया कि ऋषिकेश महाविद्यालय प्रदेश सरकार की योग के प्रति उदासीनता का शिकार हो रखा है। जबकि ऋषिकेश महाविद्यालय में ही योग पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई थी। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश महाविद्यालय में पीजी डिप्लोमा इन योग तथा एम ए योग का कोर्स ही संचालित हो रहा है वो भी स्ववित्तपोषित रूप में। आपके नेता नेगी के अनुसार एक ओर जहां दिल्ली में केजरीवाल सरकार फ्री योग की क्लासेज जगह जगह शुरू कराकर योग को बढ़ावा देने के साथ-साथ योग प्रशिक्षुओं को रोजगार के साधन मुहैया करा रही है वहीं दूसरी ओर योग नगरी ऋषिकेश ही देश की प्राचीनतम विधा योग उपेक्षा का दंश झेल रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो योग के उत्थान के लिए दिल्ली सरकार के मॉडल को उत्तराखंड में लागू कराया जाएगा। इस मौके पर दिनेश असवाल, चंद्रमोहन भट्ट, दिनेश कुलियाल, सुनील सेमवाल, विक्रांत भारद्वाज, राहुल थापा, अभिषेक थापा, नीरज कश्यप, कमलेश जखमोला, समीर, प्रभात झा, नरेन सिंह उपस्थित रहे।

धामी सरकार की इन योजनओं से मिल रहा स्वरोजगार और आर्थिक मदद भी

उत्तराखंड में होम स्टे के तहत प्रदेश में दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना, ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना चलाई जा रही है। दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत होमस्टे का पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लाभार्थी को 15 लाख रुपये तक पूंजी सहायता और डेढ़ लाख रुपये तक ब्याज सहायता दी गई है। पांच वर्षों के लिए राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की व्यवस्था भी सरकार ने की है। सीएम धामी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 3700 से अधिक होम स्टे पंजीकृत हैं, जिन्हें 14 करोड़ 53 लाख रुपये पूंजी सहायता वितरित की जा चुकी है। होम स्टे से प्रदेश में आठ हजार से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
सरकार, होम स्टे संचालकों को गांवों में पर्यटन के बुनियादी ढ़ाचे के विकास, निजी वेबसाईट पर होम स्टे विज्ञापित करने, सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन प्रचार, निशुल्क प्रशिक्षण, ट्रैवल मार्ट में निशुल्क भागीदारी और गुणवत्ता निर्धारण से ग्रेडिंग की सुविधाएं भी दे रही है। सीएम धामी ने बताया कि सीमांत क्षेत्रों से पलायन रोकने व पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही ट्रैकिंग ट्रेक्सन सेंटर होम स्टे अनुदान योजना के लिए भी अक्तूबर तक 120 लाभार्थियों को तीन करोड़ 20 लाख का अनुदान दिया जा चुका है।
आपको बता दें कि हाल ही में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुए सुशासन सम्मेलन (मुख्यमंत्री परिषद) में उत्तराखंड की होम स्टे योजना छा गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वरोजगार के लिए इस योजना का प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रभावी प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि किस तरह प्रदेश में स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने, नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने के मकसद से होम स्टे पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित कोविड राहत पैकेज के तहत अब तक जारी हुए 136 करोड़

अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा गुरूवार को सचिवालय में कोविड राहत पैकेज के तहत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की विभागवार समीक्षा की गई। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को अविलम्ब पूर्ण करने के भी निर्देश दिये।
कोविड राहत पैकेज के अन्तर्गत मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा के दौरान पर्यटन विभाग द्वारा बताया गया कि पर्यटन व्यवसाय की विभिन्न गति विधियों से सम्मिलित व्यक्तियों, टूर ऑपरेटर्स वोट संचालकों, आदि कुल 20810 लाभार्थियों को 13.39 करोड़ तथा वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीन दयाल होम स्टे योजना के अन्तर्गत 590 लाभार्थियों को व्याज की प्रतिपूर्ति के रूप में 1.33 करोड़ अवमुक्त की गई है। परिवहन विभाग के अन्तर्गत कुल 32486 सार्वजनिक सेवायानों के चालकों, परिचालक, क्लीनर को आर्थिक सहायता के रूप में 6.68 करोड़ की धनराशि संस्कृति विभाग के 1030 सांस्कृतिक दलों को 21 लाख शहरी विकास विभाग के अन्तर्गत नौकुचियाताल भीमताल, सातताल आदि में पंजीकृत 420 वोट संचालकों को 42 लाख, महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 2318 लाभार्थियों का 2.79 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है।
समीक्षा के दौरान ग्राम्य विकास विभाग द्वारा बताया गया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत 217526 स्वयं सहायता समूहों को ब्याज प्रतिपूर्ति के रूप में 20.58 करोड़, ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 65186 सीएलएफ को एक मुस्त अनुदान के रूप में 7.95 करोड़ तथा 459 ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारियों को रू. 10 हजार की प्रोत्साहन राशि के रूप में 45.90 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है।
इसी प्रकार महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की 33297 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों, मिनी कार्यकर्तियों एवं सहायिकाओं को एक हजार प्रति कार्मिक की दर से 3.33 करोड़, 33297 आंगनवाड़ी कार्यकर्ती एवं मिनी कार्यकर्ती एवं सहायिकाओं को दो हजार प्रति कार्मिक की दर से 6.66 करोड़ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत 12529 आशा वर्कर आदि को दो हजार प्रतिमाह की दर से 5 माह का 12.53 करोड़, रक्षा बंधन पर 11983 आशा कार्यकर्तियों को एक हजार की दर से 1.20 करोड़, युवा कल्याण विभाग के 1087 युवक मंगल दल, महिला मंगल दलों को 6 माह की आर्थिक सहायता के रूप में 1.55 करोड़ तथा राजस्व विभाग के अधीन 1347 पटवारी लेखपाल, राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार को दस हजार की एक मुस्त प्रोत्साहन राशि के रूप में 1.34 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है।
बैठक में सचिव एस.ए मुरूगेशन, रविनाथ रमन, विनोद कुमार सुमन, एस.एन. पांडे आदि उपस्थित रहे।