प्रधानमंत्री करेंगे 30 हजार करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार दिसंबर को प्रस्तावित रैली की तैयारियों का जायजा लिया। सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि उस दिन पीएम मोदी करीब 30 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा संगठन महामंत्री अजय कुमार, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, आईजी इंटेलीजेंस संजय गुंज्याल, जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

एक लाख लोगों की उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य
भाजपा का लक्ष्य है कि जनसभा में हरिद्वार, देहरादून और उसके आसपास के इलाकों से करीब एक लाख लोगों की भीड़ जुटाई जाए। पार्टी ने प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार को देहरादून, राजेंद्र भंडारी को हरिद्वार और सुरेश भट्ट को गढ़वाल और उसके आसपास के जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि पार्टी ने जनसभा में एक लाख लोगों की उपस्थिति दर्ज कराने का लक्ष्य बनाया है। इस लक्ष्य के हिसाब से पार्टी के जिलाध्यक्षों, चुनाव संयोजकों, चुनाव प्रभारियों, मंडल अध्यक्षों को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री जनसभा की तैयारी और प्रबंधन को लेकर बैठक में जुट गए हैं।

डीजीपी के निर्देश, सभी पुलिसकर्मियों का होगा कोविड एंटीजन टेस्ट

ऋषिकेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वीआईपी ड्यूटी में लगे सात पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी अशोक कुमार ने सोमवार को प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के कोविड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और 12 अन्य विभागों के कार्मिक पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी पुलिस कर्मियों के कोरोना टेस्ट कराए जाएंगे। डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि कोरोना को देखते हुए सभी लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार जो भी गाइड लाइन जारी करेगी उसे फॉलो किया जाएगा।
आपको बता दें डीजीपी अशोक कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सभी जनपद प्रभारियों एवं शाखा/इकाई प्रभारियों को उनके अधिनस्थ नियुक्त समस्त पुलिस कार्मिकों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराये जाने के निर्देश दिए। जिससे पॉजिटिव पाए जाने वाले कार्मिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही अन्य कार्मिकों/परिजनों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों का भी पता लगाया जा सके।

जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में संक्रमित की मौत
कु़माऊं के जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में भर्ती नैनीताल निवासी 70 वर्षीय एक कोविड संक्रमित मरीज की मौत हो गई। मरीज 15 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ अरुण जोशी के अनुसार, मरीज की भर्ती के समय से ही स्थिति गंभीर बनी हुई थी। निमोनिया, सांस व अन्य दिक्कतें भी थीं। अस्पताल में करीब तीन महीने बाद किसी की कोविड संक्रमित की मौत हुई है।

एफआरआई के सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षण लेने आए बिहार, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों के कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा। जिलाधिकारी डॉक्टर आर राजेश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में टीम ने रविवार को अकादमी में जाकर कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि फिलहाल सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लिहाजा उनके बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी अधिकारियों को 12 मंगलवार तक उनके मूल कैडर वाले राज्यों में भेजने की इजाजत दे दी है। एडीशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी के मुताबिक सभी आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा।
बता दें कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में देश के सभी राज्यों के 48 आईएफएस अधिकारी मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए आए थे। इन अधिकारियों को आईआईएम लखनऊ और नईदिल्ली में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। लेकिन जब नईदिल्ली में अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो 11 अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसमें से तीन कोरोना संक्रमित अधिकारी तो नईदिल्ली से ही अपनी मूल कैडर वाले वाले राज्यों में भेज दिए गए थे। जबकि आठ अधिकारियों को देहरादून भेजकर अकादमी में क्वारेंटीन कर दिया गया था।

ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

ई-टेंडर के विरोध में ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एकजुट हुए ठेकेदारों ने त्रिवेणीघाट पर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय में तालाबंदी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ई-टेंडर लागू कर छोटे ठेकेदारों को बेरोजगार बना दिया है।
सोमवार को ठेकेदार महासंघ ऋषिकेश के अध्यक्ष संजय पोखरियाल के नेतृत्व में तीर्थनगरी ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र के ठेकेदार लोनिवि तिराहा पर एकत्रित हुए। यहां से ई-टेंडर के विरोध में नारेबाजी करते हुए त्रिवेणीघाट परिसर स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे। यहां उग्र प्रदर्शन करते हुए कार्यालय से कर्मियों को बाहर किया और एसडीओ के कक्ष में ताला जड़ दिया। कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार छोटे ठेकेदारों का आर्थिक उत्पीड़न कर रही है। ई-टेंडर के लागू होने से छोटे ठेकेदार बेरोजगार हो गए हैं। बताया कि ई-टेंडर में 2 करोड़ से नीचे का काम नहीं है, ऐसे में डी श्रेणी के ठेकेदारों को विभागों में काम नहीं मिल रहा, इससे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कोरोना संकट में डी श्रेणी के ठेकेदार पहले ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब इस ई-टेंडर ने सब कुछ चौपट कर दिया है। एक स्वर में कहा कि ई-टेंडर प्रक्रिया को जल्द वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन भी प्रेषित किया। धरना प्रदर्शन में महासंघ सचिव भगवती सेमवाल, घृपाल सिंह बगियाल, महेश चौहान, नरेश बिष्ट, रमेश रांगड़, हर्षपति सेमवाल, कमलेश डंगवाल, विक्की पंवार, प्रताप सिंह पोखरियाल, खुशीराम रतूड़ी, सुखदेव शर्मा, बालेश्वर, देव सिंह दुमोगा, सर्वेश रावत आदि मौजूद रहे।

उद्योगों को आसानी से भूमि उपलब्ध कराने के लिए लैंड बैंक तैयारने करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पर्यटकों की सुविधा के लिए एक गाइडेंस ऐप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐप को यूजर फ्रेंडली होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टेट में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योगों को आसानी से भूमि उपलब्ध हो इसके लिए लैंड बैंक तैयार किया जाना चाहिए। पर्यटन विभाग को लैंड बैंक तैयार करने के लिए एक सेपरेट सेल बनाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस सेल का कार्य प्रदेश भर में लैंड बैंक चिन्हित करना हो। इससे पर्यटन से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने में भी काफी आसानी होगी। मुख्य सचिव ने एडवेंचर टूरिज्म के अंतर्गत बंजी जंपिंग, ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग आदि पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों को करने के लिए टाइम लाइन सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बंजी जंपिंग एवं पैराग्लाइडिंग के लिए उपयुक्त स्थानों की तलाश किए जाने के लिए स्टडी कराई जाए, ताकि इनके लिए नई जगहों को चिन्हित किया जा सके।
मुख्य सचिव ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही, हेल्पलाइन नंबर का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। एक ऐसा सिस्टम भी तैयार किया जाए कि उत्तराखंड में प्रवेश करते ही “वेलकम टू उत्तराखण्ड“ का संदेश राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों को मिले और इसमें साथ साथ टूरिज्म संबंधित जानकारियों वाला ऐप डाउनलोड करने का लिंक भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, जिसमें उत्तराखण्ड में पर्यटन से सम्बन्धित सभी जानकारियां उपलब्ध हों।
मुख्य सचिव ने माउंटेनियरिंग के लिए ट्रैकिंग डिवाइस को अनिवार्य किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे लापता माउंटेनियर आदि को ढूंढने के आसानी होगी। साथ ही माउंटेनियरिंग और ट्रैकिंग आदि के लिए ली जाने वाले शुल्क को भी कम किया जाए ताकि अधिक से अधिक माउंटेनियरिंग और ट्रैकिंग दलों को प्रोत्साहित किया जा सके। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्य सचिव ने सुलभ सुविधाओं की मॉनिटरिंग के लिए भी व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कैपेसिटी बिल्डिंग पर भी फोकस किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग उपलब्ध कराया जाना जरुरी है। इसके लिए होटल रेस्टोरेंट से जुड़े कर्मियों को 2 से 3 मिनट की वीडियो क्लिप्स के माध्यम से अलग अलग प्रकार की ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाए। यह सभी वीडियो पर्यटन विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया के अलग अलग प्लेटफार्म पर निशुल्क भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ताकि जिसको भी हॉस्पिटैलिटी आदि के बारे में जानकारी चाहिए, वेबसाइट आदि के माध्यम से मिल सके।
मुख्य सचिव ने नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि राज्य में हवाई सेवाओं को किफायती कीमत पर प्रदेश वासियों और पर्यटकों को उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रयास किए जाएं। इसके लिए अधिक से अधिक गंतव्यों को चिन्हित कर विकसित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाए जाने के लिए अधिक से अधिक हेलीपैड भी विकसित किए जाएं। हेलीपैड विकसित किए जाते समय ट्रांसपोर्टेशन, डिजास्टर मैनेजमेंट और मेडिकल इमरजेंसी जैसे पहलुओं पर ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों को भी चिन्हित किया जाए जो भले ही पर्यटन की दृष्टि से उपयोगी न हों परन्तु आपदा एवं मेडिकल इमरजेंसी की दृष्टि से उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हेलीपैड समय से तैयार हो सकें इसके लिए साप्ताहिक समीक्षा की जाए। प्रत्येक प्रोजेक्ट को ससमय पूर्ण करने के लिए प्रत्येक स्टेज एवं कार्य के पूर्ण होने की समय सीमा निर्धारित की जाएं।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव युगल किशोर पंत सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान

राज्य में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत स्वीप के अन्तर्गत वोटर कार्ड बनाने व मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने के लिए राज्य भर में विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा है।
अधिक से अधिक लोगों को मतदान प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि आगामी आने वाले विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक लोग अपने मत का प्रयोग करें। 1 नवम्बर से 30 नवम्बर तक राज्य के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या की उपस्थिति में 29 नवंबर, 2021 को लतिका रॉय फाउण्डेशन में दिव्यांगों के लिये कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सौजन्या द्वारा मतदान शपथ दिलवाकर किया गया, साथ ही स्वीप के विषय में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में निर्वाचन विभाग की टीम द्वारा पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप के माध्यम से वोटर कार्ड बनाने व वोटर कार्ड में किसी भी तरह के संशोधन करने के बारे में चर्चा की गई तथा दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाओं के बारे में भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित दिव्यांगों को निर्वाचन के विषय में बताया गया। विशेष तौर पर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950 आदि की जानकारी दी गई। ईवीएम मशीन का प्रदर्शन कर वोट देने की संपूर्ण प्रक्रिया के बारे में व्यवहारिक रूप से समझाया गया तथा मॉक पोल का भी आयोजन किया गया। उपस्थित दिव्यांगजनों से प्रश्न पूछकर जानकारी देते हुए सभी से वोट देने की अपील की गई। म्यूजिकल चेयर खेल के माध्यम से दिव्यांगजनों को मतदान के लाभ समझाये गये। शिविर में पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप के द्वारा 27 मतदाता पंजीकरण किये गये।
इस कार्यक्रम में जितेन्द्र कुमार उप निर्वाचन अधिकारी, सुजाता, स्वीप कॉर्डिनेटर, अनुराग गुप्ता स्वीप कन्सल्टेंट, हिमांशु नेगी के साथ ही जो. चोपड़ा निदेशक लतिका रॉय फाउंडेशन, एडवोकेट रिजवान अली, सुमिता नन्दा व डॉ. शुभा नागेश द्वारा प्रतिभाग किया गया।

शांतिकुंज पहुंचे राष्ट्रपति, कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं शांतिकुंज पहुंचे। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद थे। राष्ट्रपति के देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलपति शरद पारधी, कुलसचिव बलदाउ देवांगन ने राष्ट्रपति का पुष्प गुच्छ प्रदान कर स्वागत अभिनन्दन किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित मृत्युंजय सभागार में राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं उच्च शिक्षा मंत्री के साथ देसंविवि के प्रमुख पदाधिकारियों एवं आचार्यों का सामूहिक छायाचित्र का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने राष्ट्रपति को शांतिकुंज स्वर्ण जयंती वर्ष के गायत्री प्रतिमा स्मृति चिन्ह, गंगाजल, देसंविवि स्वावलंबन विभाग निर्मित जूट बैग एवं पंडित राम शर्मा आचार्य द्वारा प्रतिपादित सार्वभौम प्रज्ञा योग मार्गदर्शिका भेंट किया। तत्पश्चात् राष्ट्रपति ने देसंविवि के प्रांगण में स्मृति स्वरूप रुद्राक्ष के पौधे का भी रोपण किया। राष्ट्रपति ने प्रज्ञेश्वर महादेव मन्दिर में पूजा अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। यहां विद्यार्थियों द्वारा सामूहिक वैदिक मंत्रोच्चारण कर विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई।
राष्ट्रपति ने भारत एवं बाल्टिक देशों के संबंधों की मधुरता एवं मजबूती बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित एशिया का प्रथम बाल्टिक सांस्कृतिक अध्ययन केन्द्र का अवलोकन करते हुए इसके माध्यम से किये जा रहे प्रयासों और अनुसंधानों की प्रशंसा की। देव संस्कृति विश्वविद्यालय भ्रमण के दौरान यहां के मूल्यपरक शिक्षण प्रणाली, वैज्ञानिक अध्यात्मवाद, योग-आयुर्वेद, अनुसंधान, स्वावलंबन एवं विभिन्न रचनात्मक व शैक्षणिक गतिविधियों का राष्ट्रपति ने अवलोकन करते हुए विवि द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
राष्ट्रपति इसके बाद गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंचे। शांतिकुंज में उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं माता भगवती देवी शर्मा के पवित्र पावन कक्ष का दर्शन किया जहां आचार्य श्री ने विश्व मानवता के लिए साधना एवं साहित्य सृजन का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया था। युगऋषि द्वारा 1926 से प्रज्जवलित अखण्ड दीपक का दर्शन किए, जिसके समक्ष युगऋषि ने गायत्री महामंत्र के 24-24 लाख के 24 महापुरश्चरण 24 साल तक अनवरत सम्पन्न किये। यह अखण्ड दीपक गायत्री परिजनों के श्रद्धा का केन्द्र है।

सीएम ने कोरोना के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण के लिए बुलाई बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए समीक्षा की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोविड सैम्पलिंग को बढ़ाने और कान्टैक्ट ट्रेसिंग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कोविड के बढ़ते मामलों और कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के सम्भावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की।

हर घर दस्तक अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड वैक्सीन की पहली डोज शत प्रतिशत लगाई जा चुकी है, परंतु दूसरी डोज के लिए और अधिक तत्परता से काम किए जाने की आवश्यकता है। ‘हर घर दस्तक’ अभियान को पूरी क्षमता के साथ चलाया जाए। निश्चित समय में कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाना सुनिश्चित किया जाए।

लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन लोगों को भी वायरल के लक्षण हैं, उन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य रूप से करवाया जाए। उन्होंने कहा कि पेनिक की आवश्यकता नहीं है, परंतु पूरी सावधानी और पुख्ता तैयारियां सुनिश्चित करनी होंगी। एक बार फिर से लोगों को कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाया जाए। इसके लिए अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

किसी तरह की लापरवाही न हो
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को टेस्टिंग टार्गेट को पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही न हो। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के संबंध में भारत सरकार द्वारा जो एडवायजरी जारी की गई है, उसके प्रोटोकॉल का अक्षरक्षः पालन किया जाए।

भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेडम टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि कोरोना योद्धाओं का आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। इसके लिए सामान्य लोगों में भी जिनमें वायरल के लक्षण दिखते हैं, उनका आरटीपीसीआर टेस्ट करवाया जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों और राज्य की सीमाओं पर रेंडम टेस्ट करवाएं जाएं। आरटीपीसीआर टेस्ट पॉजिटिव आने पर उन्हे जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाए।

कान्टैक्ट ट्रेसिंग सुनिश्चित की जाए
मुख्यमंत्री ने कान्टैक्ट ट्रेसिंग पर बहुत बल देते हुए उन्होंने कोविड पॉजिटिव के सम्पर्क में आए सभी लोगों की आरटीपीसीआर टेस्टिंग सुनिश्चित करने और माइक्रो कन्टेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिये। इसमें कोई कोताही न की जाए। कोविड की पहली और दूसरी लहर के दौरान विकसित किए गए कोविड से संबंधित हेल्थ इन्फा्रस्ट्रक्चर जैसे कि आईसीयू, आक्सीजन, वेंटिलेटर आदि की जांच करवा ली जाए। जिलों मे कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया जाए। आवश्यक होने पर कोविड प्रबंधन से जुड़ी मेनपावर की ट्रेनिंग करवा ली जाए। दोनों मंडलायुक्त और सभी जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में कोविड की स्थिति और कोविड प्रबंधन की स्थिति को बारीकी से देख लें, एक सप्ताह बाद फिर से मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी।

सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज पाण्डेय ने राज्य में कोविड और टीकाकरण की वर्तमान स्थितिं और किसी सम्भावित स्थिति के लिए तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में कोरोना वायरस की जांच के लिए एक भी लैब नहीं थी, वर्तमान में 11 सरकारी और 26 प्राईवेट लैब हैं। वर्तमान में आईसोलेशन बैड 31 हजार से अधिक हैं जबकि आईसीयू की संख्या 1655 हो गई है। तीसरी लहर की सम्भावना को देखते हुए हैल्थ सिस्टम के अंतर्गत आईसीयू में 53 प्रतिशत वृद्धि की गई है। मार्च 2020 में 116 वैंटिलेटर थे जो कि अब बढ़कर 1016 हो गई है। आक्सीजन सिलेंडर 22420 हैं। आक्सीजन कन्सेंट्रेटर मार्च 2020 में 275 से बढ़कर से वर्तमान में 9838 हो गये हैं। इसी प्रकार पीएसए आक्सीजन जनरेशन प्लांट के मामले में 91 प्रतिशत वृद्धि हुई है। उत्तराखण्ड में कोविड जांच दर राष्ट्रीय औसत से अधिक रहा है। केविड के दौरान पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की गई है।

उत्तराखण्ड केविड वैक्सीनेशन अभियान में अग्रणी राज्य है। शत प्रतिशत पहली डोज लगाई जा चुकी है। 65 प्रतिशत से अधिक दूसरी डोज दी जा चुकी है। इसमें तेजी लाई जाने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। वैक्सीनेशन के लिए 331 मोबाईल टीमें बनायी गई हैं। केविड की सम्भावित तीसरी लहर से संबंधित सभी तैयारियां की गई हैं। सभी पीएचसी, सीएचसी और प्रमुख हेल्थ व वैलनेस सेंटरों पर आक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर की व्यवस्था कर दी गई है। 2097 आक्सीजन बेड, 475 एन.आईसीयू, 465 पी.आईसीयू बच्चों के लिए क्रियाशील बना दिये गये हैं। सम्भावित तीसरी लहर पर सघन निगरानी और नियंत्रण संबंधी तैयारियों व व्यवस्थाओं के लिए स्टेट टास्क फोर्स गठित की गई है। दून मेडिकल कालेज की लैब में प्रत्येक कोविड पॉजिटिव की जी-नॉम सिक्वेंसिंग किये जाने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत, मुख्य सचिव डा. एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन, अपर प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव अमित नेगी, एस ए मुरूगेशन, प्रभारी सचिव विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव सी रविशंकर, सूचना महानिदेशक डा. रणवीर सिंह चौहान, सहित शासन व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जबकि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।

गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सोमवार को सितारगंज में लम्बे समय से बन्द पड़ी किसान सहकारी चीनी मिल्स लि के पेराई सत्र का विधिवत पटला पूजन व कनवेयर में गन्ना डालकर शुभारम्भ किया गया। साथ ही सरकडा के गन्ना किसान प्रकट सिंह व तरसेम सिंह को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होने गन्ने की अगेती प्रजाति का मूल्य 355 रू प्रति कुन्तल तथा सामान्य प्रजाति का मूल्य 345 रू प्रति कुन्तल किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज सितारगंज के लिए ऐतिहासिक दिन है। सितारगंज किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र के शुभारम्भ से विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। भविष्य में इस चीनी मिल से बिजली व एथेनॉल का उत्पादन भी किया जायेगा। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार व केन्द्र सरकार हमेशा किसानों को आधुनिक व सम्पन्न बनाये जाने हेतु कार्यरत है। हम हमेशा किसानो के साथ थे और भविष्य में भी किसानो के साथ खडे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड की विशेष चिंता रहती है, जल्द ही उत्तराखण्ड में दूसरा एम्स खुलने जा रहा है ताकि लोगो एम्स की तरह सारी चिकित्सा सुविधाएं मिल सके। उन्होने कहा केन्द्र सरकार के सहयोग से किच्छा से खटीमा रेल लाईन व टनकपुर से बागेश्वर रेल लाईन की मंजूरी मिल गई है साथ ही जमरानी बांध परियोजना भी स्वीकृत हो चुकी है। उन्होने बताया कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पहाडी और मैदानी किसानों के लिए अलग-अलग कृषि योजनाएं बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा हर वर्ग, हर क्षेत्र के लिए योजनाएं बनाई जा रही है। 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाया जायेगा इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। अभी तक 400 से अधिक फैसले लिए है, जिनका शासनादेश भी जारी हो चुका है। उन्होने बताया आशा, आंगनबाडी, उपनल, राज्य आंदोलनकारी, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, भोजन माताओं, पी.आर.डी. जवानों आदि की मांगो पर विचार कर इनका मानदेय बढाया गया। उन्होने कहा जिनकी मांगे छूट गई है, उनको भी शीघ्र पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति के अन्तर्गत ऐसे खिलाडी जिसमे योग्यता और क्षमता है, उनका सारा खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होने बताया महामारी में जो बच्चे अनाथ हो चुक है उन्हे वात्सल्य योजना के अन्तर्गत 3000 रू प्रतिमाह की राशि दी जा रही है तथा शिक्षा का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। नवजात बच्चों की माताओं को जरूरी सामान की महालक्ष्मी किट दी जा रही है। रोजगार के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है तथा रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है ताकि बेरोजगारों को रोजगार के लिए भटकना न पडे। नई खनन नीति बनाने के लिए पब्लिक डोमेंन के माध्यम से लोगो के सुझाव मांगे गए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बंगाली समुदाय के नमो शुद्र के कारपस फंड तथा संत केसर सिंह छात्रवृति के कारपस फंड को 2 करोड से बढाकर 4 करोड किये जाने की भी घोषणा की।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने बताया कि लम्बे समय से बन्द पड़ी इस चीनी मिल को चलाने का संकल्प प्रदेश सरकार ने लिया था वो संकल्प आज पूरा हुआ। उन्होने कहा हमारी सरकार किसानों के साथ है। उन्होने बताया इस चीनी मिल के खुलने से सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्होने बताया प्रदेश सरकार ने गन्ना का भुगतान समय से किया है और आगे भी समय से किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 317 प्रति कुण्टल था तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 327 प्रति कुण्टल था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुसार अब सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू0 345 प्रति कुण्टल तथा अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य रू० 355 प्रति कुण्टल हो गया है, जो उत्तर प्रदेश की तुलना में 5/- रू० प्रति कुण्टल अधिक है। गत वर्षाे में क्रय केंद्रों से गन्ना खरीद पर 11 रुपये प्रति कुंटल का गन्ना भाड़ा किसानों को चुकाना पड़ता था जो आज की घोषणा के 9.50 रुपये मात्र प्रति कुंटल देना होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद करते हुए क्षेत्रीय विधायक सौरभ बहुगुणा ने किसानों को बधाई दी। उन्होने कहा सितारगंज, नानकमत्ता व खटीमा के लिए आज बहुत शुभ दिन है। उन्होने कहा इस चीनी मिल को भविष्य में और आधुनिक बनाये जाने के प्रयास किये जायेंगे।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने क्षेत्र के किसानो की भावनाओं का ख्याल रखा। उन्होने कहा जो भी कार्य सम्भव है वे कार्य किये जा रहे है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगाई, अपर जिलाधिकारी जयभारत सिंह, जीएम चीनी मिल आरके सेठ, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी आदि उपथित रहे।

ऋषिकेश में राष्ट्रपति ने परिवार सहित गंगा आरती की

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द रविवार सायं को भारत की पहली महिला सविता कोविंद तथा अपनी पुत्री के साथ परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचे। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के पावन सान्निध्य में ऋषिकुमारों और आचार्यों ने तिलक लगाकर, पुष्प वर्षा और शंख ध्वनि से सभी का दिव्य स्वागत किया।
स्वामी चिदानंद मुनि ने पवित्र रुद्राक्ष का पौधा और इलायची की माला से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत किया। आरती के पश्चात राष्ट्रपति और प्रथम महिला सविता कोविंद और उनकी बेटी ने गंगा में दीप प्रवाहित किये तत्पश्चात भारत के राष्ट्रगान के गायन के साथ गंगा आरती समारोह का समापन हुआ।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सायंकाल परमार्थ निकेतन की विश्व विख्यात मां गंगा जी की आरती में सहभाग कर वैश्विक परिवार को सम्बोधित किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि काफी वर्षों से उनकी काफी इच्छा थी कि वह गंगा आरती में शामिल हो सकें, फिर कोरोना महामारी के कारण भी कार्यक्रम टलता गया, आज उन्हें अपार खुशी है कि उनकी अधूरी इच्छा पूर्ण हुई है, यह हद्वय को स्पर्श करने वाला क्षण है। राष्ट्रपति ने कहा कि मां गंगा के बारे में जितना भी कहा जाए वह कम है, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मां गंगा भारत की अस्मिता है, गंगा मां के बिना भारत वर्ष अधूरा है व भारत के बिना मां गंगा अधुरी है। यह मिश्रण अथवा एक दूसरे के पूरक रूपी वरदान सृष्टि कर्ता ने केवल और केवल भारत मां को दिया है।
कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के साथ चर्चा करते हुये राष्ट्रपति ने स्वामी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में चलाए जा रहे विभिन्न सेवा कार्याे पर विस्तृत चर्चा की।
स्वामी मुनि ने माननीय राष्ट्रपति का स्वागत करते हुये उनके जीवन की अविश्वसनीय जीवन यात्रा, राष्ट्र की सेवा के लिए उनकी प्रतिबद्धता और उनके अद्भुत नेतृत्व के साथ कुम्भ मेला प्रयागराज यात्रा की स्मृतियों को ताजा किया। यह यात्रा स्वयं से वयं की यात्रा है, अनेकता से एकता की यात्रा है।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने बताया कि वर्ष 1953-54 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद और डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन के अभिनन्दन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वर्ष 2019 प्रयागराज कुम्भ मेला में परमार्थ निकेतन शिविर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिनन्दन और सान्निध्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।
आज के दिव्य कार्यक्रम में मां गंगा, सभी जल निकायों और हमारी प्रकृति, पर्यावरण के संरक्षण और संवर्द्धन हेतु पूज्य स्वामी से प्रेरित होकर विश्व प्रसिद्ध ग्रैमी पुरस्कार नामांकित, भक्ति गायिका स्नातम कौर द्वारा लिखित और उनके साथ ही ग्रैमी पुरस्कार नामांकित देवा प्रेमल और मितेन, कृष्णा दास, सीसी व्हाइट और अन्य साथियों द्वारा गाया गया एक दिव्य गान ‘गंगा गान’ (गंगा एंथम) गंगा आरती के दौरान प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री/सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पी रेणुका देवी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत आर्य, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव डॉ. साध्वी भगवती सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

पतंजलि के प्रथम दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति, छात्रों को दी उपाधि

राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने पतंजलि विश्वविद्यालय, हरिद्वार के प्रथम दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव, कुलपति आचार्य बालकृष्ण, संकाय अध्यक्षा डॉ. साध्वी देवप्रिया उपस्थित थे।
राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि आधुनिक विज्ञान के साथ हमारी परंपरा की प्रासंगिक ज्ञान-राशि को जोड़ते हुए भारत को नॉलेज सुपर पावर बनाने का जो लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने निर्धारित किया है उस मार्ग पर पतंजलि विश्वविद्यालय अग्रसर है। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं तथा स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हरिद्वार की पावन धरती पर रहने का और शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलना बड़े सौभाग्य की बात है। पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति स्वामी रामदेव जी ने योग की लोकप्रियता को बढ़ाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारत सरकार के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2015 में प्रतिवर्ष 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। ऐसे प्रयासों के परिणामस्वरूप सन 2016 में ‘योग’ को यूनेस्को द्वारा‘विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ की सूची में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति ने क्यूबा का उदाहरण देते हुए कहा कि योग को विश्व के हर क्षेत्र और विचारधारा के लोगों ने अपनाया है। राष्ट्रपति ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं उनसे भारतीय ज्ञान-विज्ञान, विशेषकर आयुर्वेद तथा योग को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में विश्व-पटल पर गौरवशाली स्थान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। मुझे यह देखकर प्रसन्नता होती है कि पतंजलि समूह के संस्थानों में भारतीयता पर आधारित उद्यमों और उद्यम पर आधारित भारतीयता का विकास हो रहा है।
राष्ट्रपति ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आलस्य और प्रमाद को त्याग कर आप सब योग-परंपरा में उल्लिखित ‘अन्नमय कोष’, ‘मनोमय कोश’ और‘प्राणमय कोश’ की शुचिता हेतु सचेत रहेंगे। और ‘विज्ञानमय कोश’ और ‘आनंदमय कोश’ तक की आंतरिक यात्रा पूरी करने की महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ेंगे। करुणा और सेवा के आदर्शों को आप अपने आचरण में ढाल कर समाज सेवा करते रहेंगे। करुणा और सेवा के अद्भुत उदाहरण हमारे देशवासियों ने कोरोना का सामना करने के दौरान प्रस्तुत किए हैं। आज हम गर्व के साथ यह कह सकते हैं कि हमारा देश विश्व के उन थोड़े से देशों में से है जिन्होंने न सिर्फ कोरोना के मरीजों की प्रभावी देखभाल की है अपितु इस बीमारी से बचाव हेतु वैक्सीन का भी उत्पादन किया है। हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। सृष्टि के साथ सामंजस्यपूर्ण जुड़ाव ही आयुर्वेद एवं योग-शास्त्र का लक्ष्य है। इस सामंजस्य के लिए यह भी आवश्यक है कि हम सभी प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली को अपनाएं तथा प्राकृतिक नियमों का उल्लंघन न करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब हम आज़ादी का अमृत महोत्सव बना रहे हैं, तब हमें अपने ऐसे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को और भी अधिक प्रोत्साहन देना चाहिए जो हमारी संस्कृति को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। यह विशेष रूप से उल्लेखनीय तथ्य है कि पतंजलि विश्वविद्यालय में छात्रों की अपेक्षा बेटियों की संख्या अधिक है। यह प्रसन्नता की बात है कि परंपरा पर आधारित आधुनिक शिक्षा का विस्तार करने में हमारी बेटियां अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी छात्राओं में से आधुनिक युग की गार्गी,मैत्रेयी, अपाला, रोमशा और लोपामुद्रा निकलेंगी जो भारतीय मनीषा और समाज की श्रेष्ठता को विश्व पटल पर स्थापित करेंगी।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) ने कहा कि आज हम सभी देवभूमि वासियों के लिये सौभाग्य और प्रसन्नता का क्षण है। महामहिम राष्ट्रपति जी की उपस्थिति से आज यह विद्या और ज्ञान का मन्दिर पंतजलि विश्वविद्यालय तथा हमारा पूरा उत्तराखण्ड परिवार गरिमामय हो गया है। देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती, यहां के सुन्दर पर्वत, नदियां और सभी लोग महामहिम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग एवं आयुर्वेद को दुनियाभर में एक नई पहचान दी है। वे बधाई के पात्र है। स्वामी रामदेव जी ने आयुर्वेद व योग का महत्व पूरी दुनिया को बताया। वे योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से हेल्थ सेक्टर में क्रांति लाए हैं। भविष्य में विश्व के 7 बिलियन लोग इसका लाभ उठाएंगे। उन्होंने इसे जन-जन तक पहुंचाने का महान कार्य किया है। आज बच्चे, बुजुर्गाे सहित सभी लोगों में योग लोकप्रिय हो चुका है। प्राणायाम और योगासनों की शक्तियों को पूरा विश्व पहचान चुका है। राज्यपाल ने कहा कि आयुर्वेद तथा योग ने भारत को कोविड काल की चुनौतियों के लिये भी तैयार किया। जहां पूरा विश्व कोविड के कारण बुरी तरह प्रभावित रहा। योग एवं आयुर्वेद के कारण भारत ने इस चुनौती का सामना बेहतर ढंग से किया। राज्यपाल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आज इस दीक्षांत समारोह में डिग्रीयां लेने वाले विद्यार्थी अपने राष्ट्र, प्रदेश और समाज की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे। आप अपनी शिक्षा, प्रतिभा एवं प्रशिक्षण का उपयोग मानव कल्याण के लिये करेंगे। आशा है कि हमारे यह स्वास्थ्य योद्धा आने वाली चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ शिक्षा की समाप्ति नही है। शिक्षा तो जीवनभर निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया है। आज पूरा विश्व असीमित संभावनाओं और अवसरो से युक्त है। युवा पीढ़ी से अपेक्षाएं है कि आउट ऑफ द बाक्स थिकिंग और अपनी नई कल्पनाओं के साथ प्रत्येक क्षेत्र में असीमित परिणाम देंगे। मुझे यह देखकर खुशी होती है कि आज बड़ी संख्या में युवा संस्कृत भाषा, योग, आयुर्वेद, नैचुरोपेथी तथा प्राचीन भारतीय विधाओं को पढ़ना और सीखना चाहते हैं। ऐसे युवा यदि इन्फोर्ममेशन टेक्नॉलॉजीए डिजिटिजेशन, सोशल मीडिया एवं मास मीडिया में भी विशेषज्ञता प्राप्त कर लेते हैं तो यह हमारी प्राचीन विधाओं को नई ऊंचाईयों तक ले जाएंगा। युवाओं के द्वारा सोशल मीडिया तथा मास मीडिया का सदुपयोग इन समृद्ध विधाओ के प्रचार प्रसार किया जा सकता है। मेरा मानना है कि योग और आयुर्वेद के विद्यार्थी हमारी सभ्यता, संस्कृति के ब्राण्ड अम्बेसडर भी हैं।
राज्यपाल ने कहा कि योग और आयुर्वेद हमारी सरल, सहज एव शाश्वत तथा सम्पूर्ण चिकित्सा विज्ञान है। हमे जन-जन तक इस बात को पहुंचाना है। योग और आयुर्वेद को विश्व की एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित करना है। यह महान उत्तरदायित्व भी आपके ऊपर ही है। राज्यपाल ने कहा कि आज हमारे समक्ष सतत विकास के साथ ही संतुलित विकास की भी चुनौती है। विद्यार्थियों से मेरा आग्रह है कि यदि आपकी शिक्षा, प्रतिभा और विजन का लाभ हमारे देश के पिछडे़ क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों, समाज के वंचित और निर्धन तबकों को मिले तो यह आपके जीवन को एक नया अर्थ देगा। विशेषकर उत्तराखण्ड के संदर्भ में यहां की शिक्षित युवाओं को स्थानीय उत्पादों, शिल्पों, संस्कृति और सोच विचार पर आधारित उद्यमों के लिये कार्य करना चाहिये। निश्चित ही आप राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का नया अध्याय लिखेंगे। राज्यपाल ने कहा कि आशा है कि भविष्य में आप अपने सेवा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, मानवीयता, विश्व कल्याण और सेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे। आप सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की सोच के साथ कार्य करेंगे। आप प्रोफेशनल एथिक्स के साथ ही अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट से उत्कृष्ट प्रयास करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का देवभूमि और गंगा नगरी में आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि हमारे महामहिम राष्ट्रपति जी का जीवन एक प्रेरणा पुंज के समान है। ये हमें बताता है कि व्यक्ति में यदि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास, साहस और इच्छाशक्ति हो तो वो बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम जहां एकत्रित हुए हैं ये वो स्थान है जिसने दुनिया भर योग के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम और एक नया विस्तार दिया है। जिस प्रकार महर्षि दधीचि के तप का उपयोग कर वज्र का निर्माण हुआ उसी प्रकार स्वामी रामदेव अपने संघर्ष और तप से योग, प्रणायाम, अध्यात्म और स्वदेशी चिंतन की पताका को पूरे विश्व में फहरा रहे हैं। साथ ही इस अवसर पर मैं आभार प्रकट करना चाहुंगा आचार्य बालकृष्ण का भी जो कि अपने प्रबंधन कौशल तथा आयुर्वेद के ज्ञान से इस भारतीय चिकित्सा पद्धति और योग क्रांति को पूरे विश्व में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज योग भारतीय संस्कृति के ध्वजारोहक के रूप दुनिया भर में इस सत्य को पुर्नःस्थापित कर चुका है कि भारतीय परम्पराएं, भारतीय दर्शन और हमारे ऋषि मुनियों द्वारा अपनाई और तय की गई जीवन पद्धति कितनी वैज्ञानिक और हितकारी थी। योग केवल शारीरिक ही नहीं मानसिक और भावनात्मक विकारों को भी दूर करता है। यूं तो योग सदियों से विश्व में अपना डंका बजा रहा है लेकिन जो ख्याति प्रधानमंत्री के प्रयासों से इसने हासिल की है वो अभूतपूर्व है। ये आदरणीय मोदी की ही पहल थी कि 21 जून 2015 को दुनिया में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। यशश्वी प्रधानमंत्री का कथन है कि हमें खुद भी योग का संकल्प लेना है और दूसरों को भी इस संकल्प से जोड़ना है। “योग से सहयोग“ तक का मंत्र हमें भविष्य का नया मार्ग दिखाएगा और मानवता को सशक्त करेगा। उत्तराखंड में हम लगातार उनके इस मंत्र पर चलने और इसे सिद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पथ प्रदर्शक दीनदयाल उपाध्याय जी ने जो ’अंत्योदय’ का जो मन्त्र हमें दिया है लगातार उसको अपना कर हम अपनी योजनाओं को आगे बढ़ा रहे हैं। इस दिशा में हमें सफलता भी मिली है और हमारी ये यात्रा निरंतर जारी है। उत्तराखंड उन सपनों को साकार करने की राह पर आगे बढ़ रहा है जो सपने इसके निर्माण के दौरान देखे गए थे। एक सैनिक पुत्र होने के नाते, मैं उत्तराखंड के सैनिक परिवारों की अपेक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने के लिए भी प्रयत्नशील हूँ। हम निरंतर उन कामों को कर रहे हैं जिनका सीधा सरोकार जनता से है, उनकी भलाई से है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि वर्ष 2025 में जब हम राज्य स्थापना के 25 वर्ष का जश्न मना रहे होंगे तब तक हम उत्तराखंड को हर क्षेत्र में नंबर वन बना लेंगे। प्रधानमंत्री ने भी कहा है और मैं भी उनके ही कथन को दोहरा रहा हूं कि आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा और इस दशक में हम आप सभी के सहयोग से नई बुलंदियों को छुएंगे। प्रदेश की जनता ने हमेशा हम पर विश्वास जताया है और मुझे पूरी आशा है कि उनका ये विश्वास हम पर आगे भी यूं बना रहेगा।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, विधायक आदेश चौहान, सुरेश राठौर, प्रदीप बत्रा, मेयर रूड़की गौरव गोयल, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, उपाधि प्राप्तकर्ता विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य मौजूद रहे।