बिरसा मुंडा और जगदीश चन्द्र बसु की जयन्ती मनाई

सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास में आज अभिभावक सम्मेलन का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, कंचन बंसल, खुशवंत सिंह नेगी और बर्थवाल ने मां सरस्वती और जगदीश चन्द्र बसु के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्वलित व पुष्पार्चन कर किया।
कार्यक्रम में बीएड छात्र शुभम ने कहा कि हिंदुस्तान की भूमि पर ऐसे कई क्रांतिकारियों और आंदोलनकारियों ने जन्म लिया है, जिन्होंने अपने बल पर अंग्रेजी हुकूमत को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया। ऐसे ही एक वीर थे बिरसा मुंडा। धर्मान्तरण, शोषण और अन्याय के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का संचालन करने वाले महान सेनानायक थे बिरसा मुंडा। उन्होंने वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु की जयंती पर उनके बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे व विद्यालय परिवार ने छात्र छात्राओं के शिक्षण को लेकर मन्थन किया। छात्र-छात्राओं के शिक्षण में आने वाली समस्याओं को अभिभावकों के माध्यम से गंभीरता पूर्वक समझा गया। साथ ही शिक्षण में आने वाली समस्याओं के निवारण के लिए अभिभावकों से सुझाव भी मांगे गये।
कार्यक्रम में बीएड छात्रा प्रगति गुलाटी व छात्रा साक्षी बर्थवाल ने भक्ति गीत की प्रस्तुति दी। कर्णपाल बिष्ट ने कार्यक्रम का संचालन किया।

देवस्थानम बोर्ड भंग करने से तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर

धामी सरकार के देवस्थानम बोर्ड भंग करने के साथ ही उत्तराखंड के समस्त मंदिरों के लिए अधिनियम को रद्द किए जाने की घोषणा से तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर है। चारधाम हक हकूक धारी महापंचायत तीर्थ पुरोहित समिति ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
मंगलवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे श्री केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती, सदस्य राजेश बागड़ी, किर्तेश्वर कपरूवाण का हरिद्वार रोड स्थित भगवान भवन आश्रम में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला और तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री ने फूलमाला से स्वागत किया। कांग्रेस नेता खरोला ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड भंग करने की घोषणा दर्शाती है कि सरकार की नीतियां गलत दिशा में जा रही थी। वहीं, पुराने बदरीनाथ मार्ग पर जयराम आश्रम में भी देवस्थानम बोर्ड भंग करने की घोषणा पर श्री केदार समिति के पदाधिकारियों का आश्रम के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने स्वागत किया। मौके पर पार्षद मनीष शर्मा, विनोद अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर विस अध्यक्ष ने लगाई फटकार

ऋषिकेश के देहात अ‌र्द्धनगरीय (पेरी अर्बन) क्षेत्र के लिए विश्व बैंक पोषित 67.28 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पेयजल योजना का आज विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुमानीवाला के अंतर्गत अमितग्राम में विभागीय अधिकारियों के संग स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने अमित ग्राम क्षेत्र में नई पाइप लाइन बिछाये जाने के कार्य में लापरवाही से पुरानी पाइप लाइन के जगह जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय लोगों को पेयजल आपूर्ति में हो रही परेशानी के चलते अधिकारियों को फटकार भी लगाईं।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने अमित ग्राम गली नंबर 27 एवं 31 में जल संस्थान के अधिकारियों के संग मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते नई पाइप लाइन बिछाये जाने के कारण पुरानी पाइप लाइन पूर्ण रूप से टूट जाने से लोगों के घरों में पेयजल व्यवस्था अवरुद्ध हुई है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अग्रवाल ने अधिकारियों से शीघ्र पुरानी पाइप लाइनों को ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहले पुरानी पाइप लाइनों को जोड़ कर स्थानीय लोगों पेयजल सुचारू रूप से प्रदान किया जाए, उसके पश्चात ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर ही जल संस्थान के प्रमुख अभियंता आरके शर्मा से वार्ता कर पेयजल योजना के निर्माण कार्यों में हो रही लापरवाही से अवगत कराया एवं पहले पुरानी पाइप लाइनों को दुरुस्त करवाने के लिए कहा। इस दौरान अग्रवाल ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं मानकों में किसी भी प्रकार की अनदेखी के लिए अधिकारियों को हिदायत दी। उन्होंने योजना में लगाए जा रहे पाइप की गुणवत्ता और अन्य निर्माण सामग्री की जांच की।
अवगत करा दें कि 67.28 करोड़ रुपये की लागत की यह योजना ऋषिकेश देहात अ‌र्द्धनगरीय (पेरी अर्बन) क्षेत्र के लिए तैयार की जा रही है। इस पेयजल योजना से देहात क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन-1 में इंदिरा नगर, नेहरू ग्राम, प्रगति विहार, शैल बिहार जोन-2 में मनसा देवी, गुर्जर प्लॉट, जोन-3 में अमित ग्राम (पूरब), अमित ग्राम (पश्चिम), 20 बीघा, मीरा नगर, बापू ग्राम, सुमन बिहार, गीता नगर, जोन-4 में मालवीय नगर एवं जोन-5 में शिवाजी नगर क्षेत्र को रखा गया है। जोन-1 में 550 किलोलीटर का जलाशय, एक नलकूप व 12.20 किमी पाइप लाइन, जोन-2 में 1000 किलो लीटर का जलाशय, दो नलकूप व 24.09 किमी पाइप लाइन, जोन-3 में 1000 किलो लीटर का जलाशय 12.98 किमी पाइपलाइन व तीन नलकूप, जोन-4 में 2100 किलोलीटर का जलाशय, तीन नलकूप, 37.11 किमी पाइप लाइन, जोन-5 में 800 किलोलीटर का जलाशय, एक नलकूप एवं 17.1 5 किमी पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया जाना है। इस योजना को पूरा करने के लिए करीब दो वर्ष का लक्ष्य रखा गया है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश देहात अ‌र्द्धनगरीय (पेरी अर्बन) पेयजल योजना के माध्यम से हजारों की जनसंख्या में लोग शुद्ध पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हर घर जल के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से आने वाले समय में नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता प्रशांत भारद्वाज, सहायक अभियंता अरुण विक्रम सिंह रावत, केएलसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर वीरभद्र, सहायक प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष सिन्हा, नगर निगम पार्षद वीरेंद्र रमोला, पार्षद विपिन पंत, महावीर प्रसाद अंथवाल, प्रदीप जोशी, दाता राम भट्ट, संगीता थपलियाल, अंजू गैरोला, एस के गुप्ता, धाम सिंह रावत, आशीष थपलियाल, अनूप बडोनी, राज कोठारी, गोपाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

साहस का परिचय दे रहे धामी ने दमदार फैसलों से अपने को औरों से अलग साबित किया

यूं तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने साढ़े चार महीने के कार्यकाल में 500 से अधिक फैसले ले चुके हैं पर देवस्थानम बोर्ड पर फैसला लेना उनके लिए आसान काम नहीं था। तमाम वजहों से यह मुद्दा धामी सरकार के लिए पेचीदा बना हुआ था। एक तो अपनी ही पार्टी की पूर्व सरकार के फैसले पर उन्हें पुनर्निर्णय करना था। दूसरा, यह निर्णय इतने सलीके से लिया जाना था जिससे पार्टी पर उसका नकारात्मक प्रभाव ना पड़े और नाराज वर्ग भी संतुष्ट हो जाए। धामी अपने व्यक्तित्व के अनुरूप सभी पक्षों से सहजता से मिले, सरलता से उनको सुना और फिर उन्होंने सूझबूझ के साथ कदम आगे बढ़ाए। अंततः युवा नेतृत्व ने जिस बुद्धिमत्ता के साथ निर्णय लिया उसकी चौतरफा न केवल चर्चा है बल्कि प्रशंसा भी हो रही है। यह फैसला उनकी सियासी परिपक्वता और दूरदर्शिता को भी दर्शाता है।
देवस्थानम बोर्ड का गठन जनवरी 2020 में तब के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया था। बोर्ड के गठन के जरिए 51 मंदिरों का नियंत्रण राज्य सरकार के पास आ गया था, जिनमें केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री चार धामों मंदिर भी शामिल थे। तब से ही तीर्थ-पुरोहित, हक-हकूकधारी और मंदिरों से जुड़ा हर पक्ष इस फैसले को वापस लेने की मांग पर अड़ा था। जुलाई 2021 में मुख्यमंत्री पद से त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अचानक विदाई में देवस्थानम बोर्ड के गठन को भी एक कारण माना गया। उनके बाद तीरथ सिंह रावत को प्रदेश की कमान सौंपी गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में पुर्नर्विचार किया जाएगा। सियासी परिस्थितियां बदलीं और इसी साल जुलाई में पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने तीर्थ-पुरोहितों की मांग पर एक कमेटी का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला लेने का टाइम बाउण्ड वादा किया। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी तो सीएम धामी ने फिर अपने सहयोगी मंत्रियों की एक कमेटी (पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई में) गठित कर रिपोर्ट का अध्ययन करने और उस पर अपना सुझाव देने को कहा। बीते सोमवार को मंत्रियों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट संस्तुति समेत मुख्यमंत्री को सौंपी। धामी ने बिना कोई देर किए 30 नवंबर की सुबह देवस्थानम बोर्ड को भंग करने और इस एक्ट को वापस लेने का फैसला सुना दिया।
दरअसल, देवस्थानम बोर्ड छोटा मुद्दा नहीं था। सनातनी संस्कृति और परम्पराओं से जुड़े होने के कारण यह बेहद संवेदनशील बन गया था। खासतौर से भाजपा के लिए जो खुद को सनातन संस्कृति और परम्पराओं का संवाहक मानती है। मामले को इसलिए भी व्यापकता मिली क्योंकि उत्तराखण्ड में स्थित चारधामों से देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। देवस्थानम बोर्ड के गठित होते ही श्रृद्धा के केन्द्र बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे मंदिरों की देखभाल, रखरखाव और उनकी व्यवस्थाओं के प्रबंधन से जुड़ी सदियों पुरानी परम्पराओं को बदलने के औचित्य पर चर्चा शुरू हो गई थी। एक पक्ष देवस्थानम बोर्ड की वकालत तो दूसरा इसके विरोध में खड़ा हो गया। मामला सिर्फ सोशल मीडिया में बहस तक सीमित नहीं रहा बल्कि हाईकोर्ट से होते हुए देश की सर्वाेच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। यही एकमात्र ऐसा मुद्दा था जिसे सुलझाने में धामी को अपनी सियासी परिपक्वता साबित करनी थी। चूंकि देवथानम बोर्ड का गठन भाजपा सरकार ने किया था लिहाजा दलगत मजबूरी के चलते धामी इसे एक झटके में वापस नहीं ले सकते थे, वरना इसके दुष्प्रभाव सामने आ जाते। बहुत ही समझदारी के साथ धामी ने स्वच्छ छवि के भाजपा नेता मनोहर कांत ध्यानी के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई। कमेटी ने चारधाम के तीर्थ पुरोहितों, विद्वान पण्डितों, हक-हकूकधारियों और मंदिरों से जुड़े भी वर्गों से सिलसिलेवार बात की। एक नहीं कई दौर की बातचीत में सबकी राय ली गई। तसल्ली के साथ सभी पक्षों को सुना गया। कमेटी ने जब अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी तो उस पर संस्तुति देने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने फिर एक और कमेटी गठित की जिसमें उन्होंने अपने तीन सहयोगी मंत्रियों सतपाल महाराज, अरविन्द पाण्डेय और सुबोध उनियाल को शामिल किया। मंत्रियों की कमेटी की रिपोर्ट मिलने पहले धामी ने दिल्ली जाकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर उनसे इस पर निर्णय को लेकर सहमति ले ली। फिर मंगलवार की सुबह उन्होंने देवस्थानम बोर्ड पर वो फैसला सुनाया जिसका सभी को इंतजार था। अपने इस फैसले से पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव से ऐन पहले एक तीर से कई निशाने साध दिए हैं। उन्होंने एक ऐसा विषय जो चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकता था उसे सुलझा लिया, साथ ही नाराज पंडा-पुरोहितों और हकदृहकूकधारियों को भी मना लिया। इस मुद्दे पर विपक्ष की हर रणनीति अब धरी की धरी रह गई है और पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर खुद को उत्तराखण्ड के भविष्य का नेता साबित कर दिया है।

धामी के निर्णय से हिन्दु धर्मगुरु गदगद, सीएम आवास में जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखण्ड देवस्थानम बोर्ड प्रबन्धन अधिनियम वापस लिये जाने की घोषणा के बाद चार धाम तीर्थ पुरोहितों, रावल समाज, पंडा समाज, हक हकूक धारियों के साथ ही अखाड़ा परिषद्, विश्व हिन्दु परिषद् आदि के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया है।
मंगलवार को देर सांय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष महंत रवीन्द्र पुरी, अखाड़ा परिषद् के महामंत्री मंहत हरिगिरी आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानन्द महाराज आदि ने भेंट कर देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड अधिनियम वापस लिये जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को सन्त समाज की ओर से भी धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री से चार धाम तीर्थ पुरोहित, हक हकूक धारी महापंचायत, रावल, पंडा समाज के साथ ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिर से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय सभागार में मुख्यमंत्री का परम्परागत ढ़ंग से स्वागत कर उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। सभी ने मुख्यमंत्री द्वारा लिये गये इस निर्णय को एतिहासिक एवं तीर्थ स्थलों के हित में बताया।
इस अवसर पर चारधाम तीर्थ पुरोहित, हक हकूक धारी महापंचायत समिति के महामंत्री हरीश डिमरी, चार धाम तीर्थ पुरोहित मुख्य प्रवक्ता डॉ. ब्रजेश सती, श्री केदारनाथ पंडा समाज के विनोद शुक्ला, रावल गंगोत्री हरीश सेमवाल, रावल यमनोत्री अनिरूद्ध उनियाल, सुरेश सेमवाल, विश्व हिन्दु परिषद् के वीरेन्द्र कृतिपाल, विपिन जोशी सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एवं सन्त समाज के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

देश, काल और परिस्थिति को देखकर लिया निर्णय-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सांय मुख्यमंत्री आवास में मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए उत्तराखण्ड देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड अधिनियम को वापस लिये जाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 जुलाई को प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात् देवस्थानम बोर्ड के सम्बन्ध में चारधाम से जुडे तीर्थ पुरोहित, रावल, पंडा समाज, हक हकूधारियों एवं जनप्रतिनिधियों के स्तर पर अलग अलग प्रकार की प्रतिक्रिया सामने आयी। इस सम्बन्ध में सभी तथ्यों पर विचार करने के पश्चात् राज्य सरकार द्वारा पूर्व सांसद मनोहर कान्त ध्यानी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया, समिति द्वारा तीन माह में अपनी अन्तरिम रिपोर्ट राज्य सरकार को उपलब्ध कराने के साथ ही अन्तिम प्रत्यावेदन भी राज्य सरकार को उपलब्ध कराया गया। राज्य सरकार द्वारा मंत्रिमण्डलीय उपसमिति का भी इसके लिये गठन किया गया। उच्च स्तरीय समिति एवं मंत्रिमण्डलीय उप समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात् राज्य सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में सम्यक विचारोपरान्त देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड अधिनियम को वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चार धामो सहित अन्य स्थानों में सभी सम्बन्धित लोगों से परामर्श कर इन स्थानों पर बेहतर व्यवस्था सम्पादित हो सके इसके प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ ही देश की सांस्कृतिक व आध्यात्मिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान बनाये इसके लिये राज्य सरकार सन्त समाज का भी सहयोग लेगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य की आर्थिकी का भी ध्यान रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के वीजन के अनुरूप उत्तराखण्ड को 2025 तक देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना हमारा उद्देश्य है। उन्होंने अधिनियम वापस लिये जाने की घोषणा के साथ चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत के साथ ही अन्य सम्बन्धित लोगों से अपना आन्दोलन वापस लेने का भी अनुरोध किया। उन्होंने सभी से चार धाम सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर बेहतर व्यवस्थायें सुनिश्चित किये जाने के लिये सहयोग की भी अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशकाल परिस्थिति के अनुसार सभी सम्बन्धित विषयों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से इन स्थानों पर बेहतर व्यवस्थायें बनाने का हमारा प्रयास रहेगा।

जसपुर में 16 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर स्थित मंडी परिसर पहुँचकर 1650.66 लाख रूपये की योजनाओं का लोकार्पण एंव शिलान्यास किया। जिसमें 61.43 लाख रुपए लागत की 3 योजनाओं का लोकार्पण व 1589.23 लाख रुपये लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उनमें नगर पंचायत महुआडाबरा में 19.85 लाख रुपये की लागत के मानसरोवर झील निर्माण कार्य, 35 लाख रुपये की लागत के वार्ड नम्बर 2 व 5 के निर्माण कार्य, 6.58 लाख रुपये लागत से शहीद स्थल पुनर्निर्माण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही 169.82 लाख रुपए लागत की गणेशपुर-केशपुरी ग्राम समूह पेयजल योजना, 199.40 लाख रुपये लागत की तलाबपुर ग्राम समूह पेयजल योजना, 444.67 लाख रूपये लागत की राजपुर ग्राम समूह पेयजल योजना, 445.18 लाख रूपये लागत की नारायणपुर ग्राम समूह पेयजल योजना, 49.20 लाख की लागत से विकास खण्ड जसपुर की ग्राम पंचायत गढ़ीहुसैन में हाईवे से टयुबवैल व नहर की पुलिया से होते हुए टांडा प्रभावपुर लिंक मार्ग की ओर सी.सी.मार्ग का निर्माण, 49.20 लाख की लागत के ग्राम पंचायत कलियावाला में ग्राम कल्याणपुर से नहर होते हुए कलियावाला तक सी.सी.मार्ग का निर्माण, 30 लाख की लागत से नगर क्षेत्र जसपुर के नत्था सिंह मोहल्ला (अनुसूचित जाति) में बारात घर का निर्माण, 30 लाख की लागत से विकास खण्ड जसपुर के ग्राम श्यामनगर में बारातघर का निर्माण कार्य, 175.76 लाख की लागत से नेहरू रा.इ.का. महुआडाबरा में 1 पुस्तकालय कक्ष, 1 कम्प्यूटर कक्ष, 4 ए.सी.आर. कक्ष, एंव 3 प्रयोगशाला (जीव विज्ञान प्रयोगशाला,रसायन विज्ञान प्रयोगशाला एवं भौतिक विज्ञान प्रयोशाला ) निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।
उन्होंने स्टेडियम बनाने एवं गढ़ीनेगी क्षेत्र को नगर पंचायत का दर्जा दिये जाने की घोषणा करते हुए कहा कि भोगुपुर क्षेत्र को राजस्व ग्राम बनाने की जो भी प्रक्रिया होगी, उसको मंत्रीमण्डल में लाकर उस प्रकिया को पूरा करेंगें। उन्होंने कहा कि राजनीति से हटकर काम किया है, राजनीति के नजरिये से विकास को नही देखते है। सतत् विकास चलते रहना चाहिए। नेपा की 1000 एकड भूमि पर सिडकुल स्थापना का सरकार प्रयास करेगी जिससे राजस्व, रोजगार के साथ ही व्यापार की प्राप्ति हो सके।
उन्होंने जसपुर की एतिहासिक भूमि को नमन करते हुए कहा कि जसपुर किसान बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र भी है, आस-पास की रोजगार की बहुत सारी चीजे़ यहॉ से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि सितारंगज की चीनी मिल को चलाने का संकल्प लिया था, 29 नवम्बर को सितारगंज चीनी मिल शुरू की है जोकि एतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण मजदूरो, उद्योग-धन्धों के साथ ही सरकार भी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भी एक-एक कर, सभी समस्याओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की सहयोगी के रूप में काम कर रही है। गन्ने के मूल्य निर्धारण हेतु यूपी का अध्ययन करते हुए गन्ने की अगेती प्रजाति के लिए 355 तथा सामान्य प्रजाति के लिए 345 रूपये निर्धारित किया है, जोकि 29.50 रूपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की है। भाड़ा 11 से घटा कर 9.50 रूपये किया है। किसाना भाईयों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, उसके लिए लगातार काम करेंगे। प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि किसान भाईयों का जीवन स्तर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि में 9.50 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का प्रदेश से विशेष लगाव है। सड़कों के क्षेत्र मे तेजी से काम हो रहा है। जसपुर, जाने वाली विभिन्न सड़कों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अफजलगढ़ से नजीबाबाद को सीधे सड़क निकलने वाली है, सड़क स्वीकृत है, शीघ्र ही प्रधानमंत्री जी शिलांयास करने वाले हैं। एम्स की दूसरी शाखा उधम सिंह नगर में खुलने जा रही है।
उन्होंने कहा कि 3.50 लाख से ज्यादा लोगो ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ अभी तक उठाया है। यह विश्व की सबसे बड़ी स्कीम है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि जिन चिन्ह्ति अस्पतालों में योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है या किसी भी प्रकार की शिकायत आने पर सम्बन्धित अस्पताल के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। योजना के क्रियान्वयन में कोताही नहीं होनी चाहिए, जो भी उत्तरदायी होगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने वालों के साथ सहयोगी एवं साझेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं। खेल नीति लाये हैं, जिनके अन्दर प्रतिभा, योग्यता, रूचि है उन्हें किसी की ओर हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा, नीति में सरकार ने सभी व्यवस्थाऐं की है। एक-एक पल, एक-एक क्षण प्रदेश की जनता के लिए लगाया जा रहा है। आज देव स्थानम बोर्ड को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार आम जन की सुविधाओं के लिए कार्य कर रही है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण के मंत्र पर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, क्षेत्रीय विधायक आदेश सिंह चौहान, हरभजन सिंह चीमा, अध्यक्ष एससी आयोग मुकेश कुमार, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग सायरा बानो, मेयर ऊषा चौधरी, पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल आदि उपस्थित रहे।

खटीमा में आयोजित शहीद सम्मान यात्रा में सीएम हुए शामिल

शहीदों के सम्मान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में शहीद सम्मान यात्रा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के 13 जनपदों के शहीदों के ऑगन की मिट्टी से उत्तराखण्ड का पांचवा धाम सैन्य धाम देहरादून में बनाया जायेगा। सैनिक पुत्र होने के नाते मुझे इस सम्मान यात्रा में सम्मिलत होने पर गर्व महसूस हो रहा है।
वीर सैंनिकों की धरती को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती के वीरों ने युद्धों में अपना कौशल दिखाकर दुश्मनों को नेस्तनाबूद किया है। हमारी सेना के जवान हमेशा भारत माता पर सर्वस्व अर्पित करने को तैयार रहते हैं। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड के सैनिकों ने हमेशा शौर्य व वीरता का प्रदर्शन किया है। इनके आंगन की पवित्र मिट्टी से सैन्य धाम इनके संघर्षाे की प्रेरणा देगा। इन शहीदों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी देशवासियों का कर्तव्य है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश मजबूत हाथों मे है, उन्होने हमारी सेना को निर्णय लेने की छूट दी है। प्रधानमंत्री हमेशा अपना जन्म दिन, होली, दिवाली सैनिकों के साथ ही मनाते हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत उसी दिशा मे बढ रहा है जिस भारत की हम कल्पना करते थे, उन्होने वन रैंक वन पेंशन लागू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक उत्तराखण्ड शहीदों के सपनां का उत्तराखण्ड नही बन जाता हम चौन से नही बैठेंगे। वर्ष 2025 तक उत्तराखण्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार ने भारतीय सेना के शहीदों के आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में सेवायोजन, सैनिक विधवाओं को मिलने वाली अनुदान राशि को 8 हजार से बढाकर 10 हजार किया, भूवपूर्व सैनिकों को नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्रों में भवन कर में छूट दी गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों के आश्रितों को शॉल उढाकर व ताम्र पत्र भेंटकर सम्मानित किया।
शहीदों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान का नारा लगाते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इन शहीदों की माताओं को मैं नमन करता हूं जिनके पुत्रों ने देश पर अपने आप को न्यौछावर कर दिया, अंग्रजों की धरती पर जनरल डायर को मारने वाले इस जनपद के शहीद उधमसिंह को मैं नमन करता हूं। उन्होने कहा कि देश का हर पांचवां सैनिक उत्तराखण्ड की धरती का है, प्रदेश की कमान भी सैनिक पुत्र के हाथों मे है। उन्होने कहा कि शहीदों का सम्मान करना हर देशवासी का कर्तव्य है। उन्होने बताया 1734 शहीदों के आंगन की मिट्टी से देहरादून में सैन्य धाम बनाया जा रहा है जिसमें अमर ज्योति तथा शहीदो के चित्र रखे जायेंगे। उन्होने कहा प्रदेश सरकार लगातार सैनिकों के कल्याण के लिये कार्य कर रही है।
जनपद के प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द महाराज ने बताया कि खटीमा के पवित्र प्रांगण में आज प्रदेश के शहीदो को सम्मान मिल रहा है, शहीदो का मान सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शहीदों के सम्मान को बढाया है। उन्होने कहा हमारी सेना की बदौलत आज हम चौन की नींद सोते हैं।
इस अवसर पर विधायक सौरभ बहुगुणा, डा. प्रेम सिंह राणा, आयुक्त कुमायूं सुशील कुमार, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, एसएसपी दलीप सिंह कुॅवर, अपर जिलाधिकारी ललित नारायण मिश्र, एसडीएम निर्मला बिष्ट, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रंजीत सिंह, सूबेदार खडक सिंह कार्की, कैप्टन गम्भीर सिंह धामी आदि उपथित रहे।

कर्मचारियों की मांगें मानने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे महाराज

प्रदेश के लोक निर्माण, मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर की लम्बित विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक बैठक की गयी।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय में बैठक कर उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन तथा उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ की वर्षों से लंबित समस्याओं का संज्ञान लेते हुए सचिव लोक निर्माण आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि 15 से 20 दिनों के बीच सभी समस्याओं का समाधान करें। उन्होने यह भी आदेश दिये कि तकनीकी मामलों में शीघ्र ही परीक्षण कराकर उसका निदान करें।
उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों और लोनिवि अधिकारियों के साथ बैठक कर लोक निर्माण मंत्री ने सतपाल महाराज ने कहा कि निर्माण खंड टिहरी को पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा विभागीय जूनियर इंजीनियर के स्थायीकरण के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित किये जाने के लिए भी आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के सापेक्ष अधिशासी अभियंता प्रभारी सहायक अभियंता बनाए जाएंगे। उन्होंने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुका है जिस पर कार्यवाही की जा रही है। डोबरा-चांठी पीआईयू को निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग सीधी में परिवर्तित किए जाने पर भी सहमति बनी है।
कार्यस्थल पर दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर रूप से घायल, दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार एवं अनुरोध के आधार पर अभियंताओं को सुगम स्थानों पर स्थानांतरित करने के भी लोनिवि मंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिए। कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नति के पश्चात उनकी नियुक्ति दुर्गम से दुर्गम में की गई है जबकि कुछ अभियंताओं की नियुक्तियां सुगम से सुगम में की गई इस बात का संज्ञान लेते हुए लोनिवि मंत्री ने इसके परीक्षण के आदेश दिए हैं।
बैठक के पश्चात लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर संघ के धरना स्थल पर भी पहुंचे। वहां उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उन्होने कहा कि वह कुछ समय उन्हें दें ताकि उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा सके। महाराज ने धरना स्थल पर बैठे कर्मचारियों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही है। हमने पूरे मनोयोग से उनकी समस्याएं सुनी और उन पर सरकार निर्णय लेकर समस्याओं के समाधान का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री को महाराज ने सौंपी उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट

उत्तराखंड के धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस मुलाकात में देवस्थानम बोर्ड को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। इसके साथ ही उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड पर पुनर्विचार हेतु मंत्री गणों की उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट परीक्षण एवं अध्ययन के पश्चात सतपाल महाराज ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी।
उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के परिपेक्ष में चारों धामों के हितधारकों पंडा, पुरोहितों और पुजारियों द्वारा समय-समय पर विरोध, आंदोलन के मध्येनजर वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत समाधान हेतु समिति की रिपोर्ट के सम्यक परीक्षणोंपरांत और सतपाल महाराज की अध्यक्षता में गठित मंत्री गणों की उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट को सतपाल महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया।