सीएम तीरथ सिंह रावत ने शाही स्नान पर पहुंचे श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, लिया संतो का आर्शीवाद

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज हरिद्वार में हर की पैड़ी पहुंचकर मां गंगा से प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर शाही स्नान के लिए मां गंगा के तट पर आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी साधु-संतों का आभार माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मां गंगा में शाही स्नान करने के लिए श्रद्धालु रात से ही जुटने लगे थे। जनता की सुविधा के लिए हमारी सरकार ने सभी इंतजाम कर रखे हैं। कई श्रद्धालुओं ने अलसुबह स्नान किया और वे सुरक्षित अपने घरों को लौटे। इसके पश्चात अखाड़े के साधु-संतों का स्नान शुरू हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से स्नान किया। सभी अखाड़े के साधु संतों का स्नान होने के पश्चात फिर जनता ने स्नान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में जनता के लिए कोई भी रोक-टोक नहीं है, किसी से भी सख्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से निवेदन किया कि कोविड-19 से बचाव की गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुंभ का प्रथम शाही स्नान है। इसे विशेष बनाने के लिए सभी साधु-संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि सभी साधु-संत काफी खुश नजर आ रहे हैं साथ ही प्रशासन भी जनता की समस्याएं दूर करने के लिए मुस्तैदी से लगा है। उन्होंने कहा कि दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

महाशिवरात्रि पर शाही स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षाः तीरथ सिंह रावत

हरिद्वार कुम्भ मेले में महाशिवरात्रि के अवसर पर पहले शाही स्नान में श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी सावधानियों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। आगंतुक श्रद्धालु गंगा जी में सुविधापूर्वक पवित्र स्नान कर सकें। संतों का सम्मान सबसे ऊपर है। कुम्भ की दिव्यता और भव्यता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर प्रदेश को विकास की ओर ले जाना है। इसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें। उत्तराखण्ड का विकास हम सभी का दायित्व है। सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बंशीधर भगत, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनंदवर्द्धन, आरके सुधांशु, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, सौजन्या आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ली पद व गोपनीयता की शपथ

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में तीरथ सिंह रावत ने पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई। तीरथ छात्र राजनीति से ही सक्रिय रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

एक नजर में तीरथ सिंह रावत

पिता का नामः कमल सिंह रावत
जन्मतिथिः नौ अप्रैल 1964
निवासीः ग्राम सीरों, पट्टी असवालस्यूं, पौड़ी गढ़वाल।
शिक्षाः हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र में परास्नातक।

राजनीतिक सफर

1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। उसके बाद अभाविप के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री, गढ़वाल विवि में छात्र संघ अध्यक्ष व छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। भाजयुमो (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे।

1997 में पहली बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित।
2000 में राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री का दायित्व।
2007 में भाजपा के प्रांतीय महामंत्री बने।
2012 के विस चुनाव में चैबट्टाखाल से जीत हासिल की।
2013 में उत्तराखंड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2013 में ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

मैंने कभी भी यहां पहुंचने की कल्पना नहीं की

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुझ पर भरोसा करने के लिए लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी चीफ का धन्यवाद करता हूं। मैं पार्टी का ऐसा कार्यकर्ता हूं जो एक छोटे गांव से आता है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां पहुंचूंगा। मैं जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करुंगा।

जानिए तीरथ सिंह रावत के बारे में खास बातें…
राज्य के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
वर्ष 1997 में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य के सदस्य निर्वाचित हुए।
इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे। उसके बाद वह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।
वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं।
पौड़ी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था।
तीरथ ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर से छात्र राजनीति शुरू की।
वर्ष 1992 में वह सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर श्रीनगर के छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और जीते।
इसके बाद वे अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री, भाजयुमो में प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे।
2019 के लोकसभा चुनाव में तीरथ ने गढ़वाल संसदीय सीट से संसदीय राजनीति में पहला कदम रखा था।
पौड़ी-गढ़वाल सीट पर भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को हराया था। तीरथ को 506980 और मनीष खंडूरी को 204311 वोट मिले थे।
वर्ष 2012 में विधानसभा चैबट्टाखाल से विधायक चुने जाने के बाद वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया।
वर्ष 2017 में सिटिंग विधायक होते हुए टिकट कटने के बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
वर्तमान में तीरथ हिमाचल प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। रामजन्मभूमि आंदोलन में दो माह तक जेल में रहे तीरथ ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
नवनिर्वाचित गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और प्रत्याशी के रुप में शत-प्रतिशत परिणाम दिए।
तीरथ को 2013 में भाजपा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में गईं।
लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने तीरथ को गढ़वाल सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के प्रभारी का दायित्व भी सौंपा।
उन्होंने अपनी जीत के साथ हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें जिताकर पार्टी में खुद के कद को और मजबूत किया।

अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर नगर उद्योग व्यापार महासंघ के चुनाव चार अप्रैल को घोषित

नगर उद्योग व्यापार महासंघ की कोर (संचालन) कमेटी की बैठक आयोजित हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।

कमेटी के राजीव मोहन अग्रवाल व प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल देहरादून के जिलाध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने बैठक में चुनाव को लेकर चर्चा आरंभ कराई। जिसमें सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि चार अप्रैल को महासंघ के चुनाव सम्पन्न किए जाएंगे। जल्द ही में वोटर लिस्ट तैयार कर सार्वजनिक कर दी जायेगी। साथ ही पाँच लोगों की चुनाव संचालन समिति बनेगी। इसमें चार बूथों के लिये 12 लोगों को चुनाव संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी।

बैठक में नवल कपूर, सूरज गुल्हाटी, सुभाष कोहली, श्रवण जैन, सुरेश सूरी, विशाल तायल, हरगोपाल अग्रवाल, विनोद शर्मा, राजेश भट्ट, राजेन्द्र सेठी व जयेन्द्र रमोला मौजूद थे।

राजनीतिः वार्ड व बूथ कमेटी की बैठक के लिए कांग्रेस ने तय किया महाशिवरात्रि का दिन

महानगर कॉंग्रेस कमेटी की मासिक बैठक कॉंग्रेस भवन रेलवे रोड और सम्पन्न हुई। नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व के पश्चात वार्ड व बूथ कमेटियों की बैठक आरम्भ की जा रही है। इन वार्ड व बूथ कमेटियों के प्रभारी पार्षद राकेश सिंह मियां होंगे।

महंत सारस्वत ने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियो के कारण देश में हाहाकार मचा हुआ है। जनता कॉंग्रेस की और आशा भरी निगाह से देख रही है। अब नेतृत्व परिवर्तन से भी भाजपा के अच्छे दिन उत्तराखंड में नही आने वाले है। महंत ने कहा कि जब बादल फटता है तो कोई भी दर्जी उसे सिल नहीं सकता।

इससे पूर्व महिला कॉंग्रेस की सचिव बनने पर कमलेश शर्मा व अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का प्रदेश सचिव बनने पर मिन्हाल हाशिम को व वैध राकेश मुड्गिल को कोरोना काल में सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रदेश सचिव विमला रावत, महिला कॉंग्रेस की अध्यक्ष सरोज देवराडी, जयेंद्र रमोला, मदन मोहन शर्मा, वेदप्रकाश शर्मा, विजय पाल सिंह रावत, अरविंद जैन, चंदन सिंह पंवार, नंदकिशोर जाटव, वीरेंद्र सजवाण, प्रदीप जैन, ललित मोहन मिश्र, रामकुमार भदौरिया, सिंहराज पॉशवाल, गौतम नौटियाल, सोनू पांडे, अधिवक्ता धीरज डोभाल, राजेश शाह, संदीप चंद्रा, रमेश गौंड, जितेन्द्र यादव, पुरन्जय राजभर, इमरान सैफी, हरिराम, अजय राजभर, इंद्रेश बड़थ्वाल, मालती तिवारी, मीना, मानसी, रोशनी आदि उपस्थित थे।

छात्रवृत्ति पाकर निर्धन मेधावी छात्रों के खिले चेहरे

श्री भरत मंदिर इण्टर कॉलेज में अध्ययनरत निर्धन मेधावी छात्रों के चेहरे छात्रवृत्ति मिलने पर खिल उठे। यह छात्रवृत्ति प्रतापनगर जलकुर घाटी महापंचायत के अध्यक्ष समाजसेवी गजेंद्र सिंह कंडियाल ने वितरित की।

मौके पर उन्होंने कहा कि हमारा सदैव यह प्रयास रहा है कि धन के आभाव से कोई भी विद्यार्थी शिक्षा व ज्ञान से वंचित न रह जाये। समिति के सचिव डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निर्धनता भले ही समाज का एक कोढ़ हो, लेकिन हम किसी के सुनहरे भविष्य व विकास के मार्ग को निर्धनता के कारण अवरुद्ध नहीं होने देंगे।

छात्रवृत्ति प्राप्त करने वालों में मेधावी छात्रा खुशी चैहान, सोनाक्षी, मानसी राणा, कंचन शुक्ला को एक-एक हजार तथा रिया पाठक, दिव्या गोला तथा अभिनव सोनी को पाँच-पाँच सौ रुपये की धनराशि प्रदान की गयी।

प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने सभी दानदाताओं एवं आगुन्तको का आभार प्रकट करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा की। समिति की उपाध्यक्ष उषा भंडारी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हुए उन्हें बधाई दी। समाजसेवी कंडियाल ने छठी, सातवी एवं आठवी कक्षा में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को इसी वर्ष से पाँच सौ रुपये छात्रवृत्ति देने की घोषणा की। कार्यक्रम में यतेन्द्र कंडियाल, शिव प्रसाद बहुगुणा, सुनील थपलियाल, नवीन मन्दोला, सुनीता, शकुंतला आदि उपस्थित थे।

गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत संभालेंगे उत्तराखंड के सीएम की कमान


उत्तराखंड की राजनीति में पौड़ी जिले की एक बार पुनः धमक रही। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रस्ताव पर पार्टी हाईकमान ने अपनी मंजूरी दी है। इसके अनुसार अब गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। तीरथ का राजनीति में बहुत ईमानदार, स्वच्छ और सभी वर्ग को साथ लेकर चलने वालों में होती है। देखना यह है कि तीरथ सिंह रावत एक वर्ष के कार्यकाल में क्या वह करिश्मा भाजपा के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में कर पाएंगे। जिसके लिए उनके कंधों पर हाईकमान ने जिम्मेदारी दी है।

भाजपा की विधानमंडल दल की बैठक आज भाजपा प्रदेश पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद के लिए गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को चुना गया। तीरथ सिंह रावत का नाम पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ही प्रस्तावित किया था।

जनपद पौड़ी से तीरथ सिंह रावत उत्तराखंड के पांचवें सीएम बने हैं। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पौड़ी जिले की धमक देखने को मिली है
तीरथ सिंह का राजनीतिक करियर
1. वर्ष 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
2. इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे।
3. यह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

मकान की छत गिरने से दो मजदूर दबे, एक की हुई मौत


थानाध्यक्ष रायवाला अमरजीत सिंह रावत के अनुसार, हरिपुरकलां में सप्तऋषि बाॅर्डर के पास एक मकान में निर्माण कार्य चल रहा था, अचानक उसकी छत नीचे गिर गई। पुलिस को यह सूचना प्राप्त हुई तो मौके पर वह स्वयं अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे और क्रेन की मदद से छत को उठाया। बताया कि उसके नीचे दबे दो मजदूरों को इमरजेंसी सेवा 108 के जरिए राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों ने एक मजदूर को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का भर्ती कर लिया है, उसका उपचार किया जा रहा है।

थानाध्यक्ष अमरजीत ने मृतक की पहचान राजू भाई (45) पुत्र खीमजी भाई निवासी पोरबंदर जिला पोरबंदर गुजरात के रूप में कराई है। पुलिस ने शव का पंचायतनामा कर लिया है। परिजनों को सूचना दे दी है। वहीं, घायल की पहचान सुभाष (35) पुत्र मदनलाल निवासी दिल्ली के रूप में कराई है। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

एनकाउंटर को झूठ बताने वाले क्या माफी मांगेंगेः नरेश बसंल

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने उत्तराखंड के लाल अमर शहीद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा व अन्य बाटला हाऊस इनकाउंटर मे शामिल पुलिस अधिकारीयो व जवानों की वीरता को सलाम व शहादत को शत-शत नमन किया और नमन् किया। बतादें कि 13 सितंबर 2008 में दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए थे, में 39 लोग निर्दोष मारे गए थे।

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाटला हाउस एनकाउंटर केस में शामिल आंतकी आरिज खान उर्फ जुनैद को दोषी करार दिया है इससे यह साफ हो गया है कि एनकाउन्टर फर्जी नही था तथा जुनैद व उसके साथी ही दोषी थे।

सासंद बंसल ने कहा कि आतंकवादियों से लोहा ले रहे उत्तराखंड के लाल अमर शहीद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा को आज इंसाफ मिला है। कोर्ट ने साफ कहा है,जुनैद दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा की शहादत का जिम्मेदार है।

उन्होंने उस समय एनकाउंटर को गलत तथा फर्जी बताने वाले,आतंकवादियों की मौत पर आंसू बहाने वालों से पुछा है कि क्या ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, दिग्विजय सिंह सहित जिन नेताओं ने एनकाउंटर को फर्जी बाताया था क्या वे सभी अब माफी मांगेंगे?

सासंद राज्य सभा नरेश बंसल जी ने सवाल किया है कि जो रोए थे आतंकवाद के जनाजे पर वो आतंकियो से क्या रिश्ता है बताएँ, यूँ ही देश को गुमराह करने का काम करतें रहें।

चार वर्ष पूर्ण होने से पूर्व उत्तराखंड सीएम ने दिया इस्तीफा, बोले मौका हर किसी को मिलना चाहिए

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज राज्यपाल बेबीरानी मौर्य को अपना मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद वह मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि सामूहिक से यह फैसला लिया गया कि अब सीएम के किसी ओर को भी मौका दिया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने भी सहमति दी।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि वह एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता सैनिक थे। उन्होंने आरएसएस ज्वाइन की। इसके बाद वह प्रदेश संगठन मंत्री के पद पर भी रहे। फिर केंद्रीय नेतृत्व में उत्तराखंड में उन्हें सीएम पद की कमान सौंपी। कहा कि यह उनके लिए गर्व व सौभाग्य की बात है। उन्होंने आगे कहा कि सभी के सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया कि सीएम पद पर किसी ओर को भी मौका मिलना चाहिए। इसके लिए उन्होंने भी सहमति दी है। इसके चलते उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है।

प्रेस वार्ता के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. धन सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वंशीधर भगत, दून मेयर सुनील उनियाल गामा, ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं आदि मौजूद रहे।