न्यूज पोर्टल्स के पत्रकारों के साथ अन्याय किसी सूरत में नहीं होगाः डीजी सूचना


देहरादून। सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग उत्तराखंड द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया के न्यूज पोर्टल्स की वित्तीय निविदा खोलने के बाद विज्ञापन दरों को देखकर हतप्रभ व आक्रोशित न्यूज पोर्टल्स पत्रकारों के प्रतिनिधियों द्वारा महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान से मुलाकात कर एक 10 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा गया । जिसमें पत्रकारों द्वारा न्यूज पोर्टल्स के समूह क, ख और ग में जारी की गई विज्ञापन दर को अब तक की सबसे कमतर दर बताते हुए अपनी शिकायत दर्ज की है।

महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चैहान ने तत्काल सभी बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए आश्चर्य व्यक्त करते हुए पत्रकारों को आश्वासन भरे शब्दों में कहा कि ष्मैं भी कभी यह नहीं चाहूंगा कि मैं डीजी सूचना रहते हुए इतिहास बन जाऊंष्। उन्होंने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग इस प्रकरण पर समीक्षा कर इन सारी जानकारियों पर बिंदुवार काम करेगा व जल्दी ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इसका समाधान किया जाएगा।

’मनोज इष्टवाल बोले यह एक सोची समझी साजिश’

इस दौरान उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष व हिमालयन डिस्कवर के सम्पादक मनोज इष्टवाल ने कहा कि चुनावी बर्ष होने के कारण व कोरोना संक्रमण के कारण सभी मीडिया संगठन यही सोच रहे थे कि इस बार सूचना विभाग हमारी रोजी रोटी की दिशा में कुछ बेहतर करेगा, लेकिन जो विज्ञापन दरें सामने आई हैं उससे स्पष्ट हो गया है कि कुछ न्यूज पोर्टल्स ने जानबूझकर ऐसे रेट डाले हैं ताकि सभी पत्रकार भड़क उठें व सरकार के विरूद्ध हल्ला बोल शुरू कर दें। यह सब एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया कार्य है।

’अविकल थपलियाल बोले पत्रकार हित में उठाए जाएं प्रभावी कदम’

वहीं वरिष्ठ पत्रकार ष्अविकल उत्तराखण्डष् के सम्पादक अविकल थपलियाल ने कहा कि हम इस रेट पर भी कार्य करने को तैयार हैं लेकिन क्या हम अपनी अन्तर्रात्मा से सरकार को कार्यों पर कलम चला पाएंगे। उन्होंने कहा कि इतनी कम दर एक साजिश के तहत किया गया कार्य हो सकता है। क्या विभाग के पास अगर यही दर लाखों में आई होती तब क्या विभाग हमें प्रति विज्ञापन पांच या तीन लाख दे पाता? ऐसे में महानिदेशक अपने अधिकारों का प्रयोग कर इस पर सामजंस्य बैठाते। हम उम्मीद करते हैं कि आप जरूर पत्रकार हित में कोई प्रभावी कदम उठाएंगे।

’पंकज पँवार बोले सरकार को अस्थिर करने के लिए जानबूझकर भरे गए कम रेट’

न्यूज हाइट के सम्पादक पंकज पंवार ने कहा कि यह खबर तो तभी से पत्रकारों के बीच कुछ पत्रकार मित्र बड़ी बेबाकी से रख रहे थे कि इस बार जो विज्ञापन दरें आएंगी वह सबको चैंका देंगी। तब हमें ऐसी उम्मीद नहीं थी हमें इस तरह चैंकाया जाएगा। इस से यह साफ जाहिर होता है कि ये विज्ञापन दरें वर्तमान सरकार को अस्थिर करने के लिए एक बिशेष योजना के तहत किया जा रहा कार्य है।

इस दौरान विचार एक नई सोच के सम्पादक राकेश बिजल्वाण, राज्य समीक्षा के सम्पादक शैलेश नौटियाल, हिंदी न्यूज के सम्पादक अजित काम्बोज ने बैठक में अपन्स महत्वपूर्ण विचार रखे।

आपको बता दें कि विभिन्न न्यूज पोर्टल संगठन ने बिंदुवार निम्न 10 बिंदु महानिदेशक सूचना के समक्ष रखें हैं।

’एक नजर न्यूज पोर्टल्स प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए 10 सूत्रीय मांग पत्र पर।’

1- महोदय, कोरोना काल में न्यूज पोर्टल पत्रकारों के आर्थिक संकट को देखते हुए इस पूरे वर्ष हर माह सम्मानजनक राशि (वर्ग क के लिए 50 हजार, वर्ग ख के लिए 35 हजार और वर्ग ग के लिए 20 हजार के विज्ञापन) जारी किए जायें। ताकि न्यूज पोटल्स की पूरी टीम पूरे मनोयोग व ईमानदारी से सरकार के विकास कार्यों से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता से लिखे व सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से उनका प्रचार-प्रसार कर सके।

2- समूह क, ख, ग की विगत बर्ष निर्धारित दरों से 20 प्रतिशत अधिक निर्धारित करने के लिए अपने सर्वाधिकार का प्रयोग करें।

3- समूह क और ख वर्ग के न्यूज पोर्टल्स की विज्ञापन दरों के रेट एक जैसे हैं। यह निर्धारित ई-टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, अतः अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए इसमें सुधार करने की कृपा करें।

4- समूह ग के न्यूज पोर्टल्स के रेट भी पिछले साल की तरह ही हैं। यह निर्धारित ई-टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है, अतः अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए इसमें सुधार करने की कृपा करें।

5- जिस भी न्यूज पोर्टल संस्थान द्वारा सबसे न्यूनतम दर डाली है, उन्हें चिन्हित कर अपना सर्वाधिकार का प्रयोग कर उन्हें मात्र उस राशि का विज्ञापन जारी हो, न कि उसे अन्य पत्रकारों की भांति अन्य लाभ श्रेणियों में रखा जाय।

6- महोदय, इस बांत की भी जांच कराई जाये कि क्या स्क्रूटनी करते समय राज्य से बाहर के न्यूज पोर्टल्स के दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई थी। अगर हां तो इस बात का ध्यान क्यों नहीं रखा गया कि कतिपय न्यूज पोर्टल प्रदेश से बाहर के हैं जबकि निविदा में यह नियम पहले से है कि बाहरी न्यूज पोर्टल्स का कार्यालय प्रदेश में होना चाहिये।

7-राज्य से बाहर के कुछ न्यूज पोर्टल्स को सूचीबद्व किया गया है, जिनका कार्य क्षेत्र उत्तराखंड नहीं है, और न ही उत्त्तराखण्ड से इनका कोई लेना देना है। इनके द्वारा दिए गये कार्यालयों के पतों पर हमें संदेह है। इसलिए राज्य से बाहर के पत्रकारों की एलआईयू जांच कराई जाए। इसमें इनके स्थानीय पते व आधार कार्ड समेत अन्यत दस्तावेजों का गहनता से अध्ययन किया जाये कि कहीं इनमें से कोई सरकार विरोधी गतिविधियों में संलिप्त तो नहीं है।

8- इस शर्त का कठोरता से पालन हो कि न्यूज पोर्टल्स चलाने वाले पत्रकार व उनके कार्यालय उत्तराखण्ड मूल के ही हों, क्योंकि अपुष्ट जानकारियों के हिसाब से पता चला है कि साजिश के तहत अन्य राज्यों से न्यूज पोर्टल्स की उत्तराखंड मीडिया में घूसपैठ करवाई जा रही है। इसमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनका पत्रकारिता से सीधा कोई वास्ता नहीं है, अपितु समय आने पर इन्हें राजनीतिक पार्टियां अपने निजी स्वार्थों के हिसाब से उत्तराखंड में इस्तेमाल करेंगी।

9- महोदय, सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि भविष्य में न्यूज पोर्टल्स सूचीबद्धता की ई टेंडर या टेंडर प्रक्रिया को समाप्त कर दिया जाये। इसकी जगह जल्द से जल्द नीति बनाकर न्यूज चैनल्स व अखबारों की भांति न्यूज पोर्टल्स को भी सूचीबद्ध किया जाये और विभाग द्वारा विज्ञापन की दरें तय की जायें। ऐसा करने से न्यूज पोर्टल्स की भेड़ चाल समाप्त हो सकती है।

10- महोदय, इस जून में सभी न्यूज पोर्टल्स को विज्ञापन जारी कर दिए जाएं। इसके साथ ही न्यूज पोर्टल्स सूचीबद्वता की प्रक्रिया के लिए भी नीति निर्धारण पर काम प्रारम्भ कर दिया जाए। नीति में उत्तराखंड में रहकर कार्य कर रहे स्थानीय न्यूज पोर्टल्स को ही विज्ञापन में प्राथमिकता दी जाये।

महानिदेशक सूचना एवं लोकसंपर्क विभाग रणवीर सिंह चैहान ने सभी बिंदुओं का संज्ञान लेते हुए कहा है कि मुझे कुछ समय दें। बहुत जल्दी ही आपको इस सब पर साकारात्मक परिणाम दिखने को मिलेंगे। वे कभी नहीं चाहेंगे कि वे सूचना विभाग में सबसे कम विज्ञापन रेट देने वाले महानिदेशक के रूप में गिने जाएं। बहरहाल महानिदेशक सूचना से हुई मुलाकात को सभी पत्रकारों ने बेहद साकारात्मक बताया व उनके द्वारा दिये गए आश्ववासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि महानिदेेेेशक चैहान ने हमारा विश्वास बढ़ाया है और हम सभी को उम्मीद है कि सभी 345 न्यूज पोर्टल्स केे हक में जल्दी ही फैसला आएगा

सभी राज्‍यों को फ्री वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराएगी केंद्र सरकार, पीएम मोदी का ऐलान


कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्‍होंने भारत के वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम की तारीफ की। साथ ही इसे और रफ्तार देने की बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्‍होंने कहा है कि देश के सभी नागरिकों को भारत सरकार मुफ्त वैक्‍सीन लगाएगी। 21 जून से इसकी शुरुआत होगी। इसके लिए राज्‍यों को फ्री वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराई जाएगी। सोमवार को देश को संबोधित करते हुए पीएम ने यह घोषणा की। कोरोना की दूसरी लहर के बीच पीएम ने यह संबोधन किया।

पीएम ने कहा कि भारत कोरोना की लहर के दौरान बहुत बड़ी पीड़ा से गुजरा है। कई लोगों ने अपनों को खोया है। ऐसे परिवारों के प्रति उन्‍होंने संवेदना जताई। पीएम ने बीते 100 सालों में इसे सबसे बड़ी महामारी बताया। उन्‍होंने कहा कि इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने कभी नहीं देखी थी।

पिछले सवा साल में नया हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड से लड़ने के लिए पिछले सवा साल में देश में नया हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया। दूसरी लहर में मेडिकल ऑक्सि‍जन की मांग बढ़ गई थी। इसे पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम हुआ। ऑक्सि‍जन सप्‍लाई को पूरा करने के लिए सरकार के सभी तंत्र काम में लग गए।

नेजल वैक्‍सीन पर रिसर्च जारी
उन्‍होंने बताया कि नेजल वैक्‍सीन पर भी रिसर्च हो रही है। इसके चलते वैक्‍सीन को सिरिंज से न लेकर नाक में स्प्रे किया जाएगा। अगर टेस्‍ट में कामयाबी मिली तो वैक्सीनेशन की मुह‍िम में और तेजी आएगी।

बंद शब्‍दों में कांग्रेस पर हमला

मोदी ने बंद शब्‍दों में कांग्रेस की पिछली सरकारों पर भी हमला किया। पीएम बोले कि कोरोना से लड़ाई में वैक्सीन हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह है। आज अगर हमारे पास वैक्सीन नहीं होती तो भारत जैसे विशाल देश की क्या स्थिति होती? कई दशक पहले भारत को विदेश से वैक्सीन लेने के लिए दशकों लग जाते थे। भारत ने आज एक साल के अंदर श्मेड इन इंडियाश् वैक्सीन लॉन्‍च कर दी।

23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज

पीएम ने कहा कि देश में अब तक 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। आने वाले दिनों में कोरोना वैक्सीन की सप्लाई बढ़ने वाली है। देश में 7 विभिन्न कंपनियां वैक्सीन का उत्पादन कर रही हैं। अन्य 3 वैक्सीन का ट्रायल भी चल रहा है। बच्चों के लिए भी दो वैक्सीन का ट्रायल जारी है।

फ्री वैक्‍सीनेशन करेगी केंद्र सरकार

पीएम ने कहा कि सरकार ने फैसला लिया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 फीसदी काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन 2 सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइन के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी। 21 जून से देश के हर राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों के लिए भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी।

केंद्र-राज्‍य की रस्‍साकशी खत्‍म
पीएम बोले कि वैक्सीन

निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 फीसदी हिस्सा भारत सरकार खुद खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी। देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब कई राज्‍य अपने-अपने यहां वैक्‍सीन की किल्‍लत की बात कह रहे हैं। इसके लिए वे केंद्र सरकार को दोषी ठहरा रहे हैं।

प्राइवेट अस्‍पताल खरीद सकेंगे 25ः वैक्‍सीन

अभी देश में बन रही वैक्सीन में से 25 फीसदी प्राइवेट हॉस्पिटल सीधे खरीद सकते हैं। यह व्यवस्था आगे भी जारी रहेगी। ऐसे अस्पताल वैक्सीन की तय कीमत के ऊपर एक डोज पर अधिकतम 150 रुपये ही सर्विस चार्ज ले सकेंगे। इसकी निगरानी करने का काम राज्य सरकारों के पास ही रहेगा।

दिवाली तक जारी रहेगी पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना

पीएम ने बताया कि सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। इस स्‍कीम के तहत नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने राशनकार्ड धारकों को मई और जून महीने में प्रति व्यक्ति 5 किलो अतिरिक्त अन्न (चावल/गेहूं) मुफ्त में उपलब्ध कराया। पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान मार्च में लॉकडाउन के वक्‍त इस योजना का ऐलान हुआ था।

आईडीपीएल आक्सीजन प्लांट तैयार करने का श्रेय सेना के जवानों कोः स्पीकर


स्पीकर उत्तराखंड प्रेमचंद अग्रवाल ने आईडीपीएल स्थित ऑक्सीजन प्लांट पहुंच कर सेना के इंजीनियरों की हौसला अफजाई की। उन्होंने जवानों का माल्यार्पण कर उन्हें सैल्यूट किया। साथ ही प्रतीक चिन्ह भेंट करते हुए कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर, मास्क एवं आयुर्वेदिक कोरोनिल किट भी वितरित की। स्पीकर को अपने बीच पाकर एवं सम्मानित होने पर सेना के इंजीनियरों में गजब का उत्साह देखने को मिला।

स्पीकर ने कहा कि देहरादून की “गोल्डन की ईगल्स” टीम के इंजीनियरों ने असंभव काम को संभव कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के शुरुआती दौर में सेना के इंजीनियरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने दृढ़ संकल्प से सेना के जवानों ने ऑक्सीजन प्लांट को दुरस्त कर दिखाया है।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सेना के जवान सरहद पर देश की रक्षा करते हैं उसी प्रकार से कोरोना जैसी महामारी के बीच जब देश को सेना की जरूरत पड़ी तो उन्होंने इस प्रकार के आंतरिक विषयों पर भी अपना पूरा सहयोग दिया है।

कहा कि सेना के 13 इंजीनियरों की टीम लगातार दिन-रात कार्य में जुटी रही, जिसका सफल परिणाम आज जनता के सामने है। उन्होंने कहा कि देश के वीर जवानों का हर क्षेत्र में जज्बे को देखकर दुश्मन भी आज उन से डरता है। उन्होंने आईडीपीएल प्रशासन द्वारा सेना की टीम को किए गए सहयोग के लिए उनका भी आभार व्यक्त किया।

मौके पर मौजूद सेना के कमांडिंग ऑफिसर अभिषेक पठानिया ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष जी द्वारा ऑक्सीजन प्लांट को शुरू करने के प्रयासों को ही सेना ने आगे बढ़ाते हुए टास्क को पूरा किया है।

इस अवसर पर सेना के कैप्टन अर्जुन सिंह राणा ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का इस मुहिम में लगातार सहयोग मिलता रहा एवं वह हमारी टीम को इस कार्य के लिए प्रेरित करते रहे हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सेना के कमांडिंग ऑफिसर अभिषेक पठानिया, कैप्टन अर्जुन सिंह राणा, सूबेदार सुधाकरन, सूबेदार सुरेश बापू, प्रभु जी, धर्मवीर, के. सिद्धांत, राजकुमार कुटुम, अम्बरीश सिंह, काकडी विजय, एच चवांग, बजरंग सिंह, आलोक यादव को सम्मानित किया।

इस मौके पर आईडीपीएल के डीजीएम गंगा प्रसाद अग्रहरि सहित कर्मचारी एवं वीरभद्र के मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी बिष्ट, महिला मोर्चा मंडल उपाध्यक्ष निर्मला उनियाल, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष विजय जुगरान, पूर्व मंडल अध्यक्ष रमेश शर्मा, सुनील यादव, अंकित नामदेव, पुनीता भंडारी, हर्षित चैधरी, महावीर चमोली उपस्थित थे।

कोरोना कारोबारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ किया ढोल-दमौं और घंटी बजाकर प्रदर्शन

परिवहन कारोबारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नगरभर में जुलूस निकालकर एआरटीओ परिसर में में ढोल और घंटी बजाकर अपना विरोध जताया। कारोबारियों ने परिवहन व्यवसाय को पुनर्जीवित करने के लिए आर्थिक पैकेज देने की मांग की। उन्होंने सीएम के नाम ज्ञापन भी एआरटीओ प्रवर्तन को सौंपा।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ के बैनर तले पांच सूत्रीय मांगों को लेकर परिवहन व्यवसायी संयुक्त यात्रा रोडवेज बस अड्डा परिसर पर एकत्रित हुए। यहां से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिवहन व्यवसायी जुलूस की शक्ल में देहरादून रोड, हरिद्वार बाईपास मार्ग से होते सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। एआरटीओ परिसर में परिवहन व्यवसायियों ने पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल-दमौं के साथ घंटी बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

परिवहन महासंघ अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि लगातार दो बार चारधाम यात्रा स्थगित होने से परिवहन व्यवसाय मंदी के दौर से गुजर रहा है। परिवहन व्यवसाय से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े चालक, परिचालक और बस मालिकों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। आर्थिक सहायता के साथ टैक्स आदि माफ करने के बाबत कई बार सरकार को मांगपत्र सौंप चुके हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। लगातार उपेक्षा के चलते परिवहन व्यवसायियों को मजबूरी में आंदोलन का रुख अख्तियार करना पड़ा है। टैक्सी चालक मालिक एसोसिएशन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, उत्तराखंड विक्रम-ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने सरकार से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में कमांडर यूनियन अध्यक्ष बलबीर सिंह नेगी, टीजीएमओ उपाध्यक्ष बलवीर रौतेला, यशपाल राणा, विनोद भट्ट ,दाताराम रतूड़ी, नवीन रमोला,प्यार सिंह गुनसोला, त्रिलोक भंडारी, योगेश उनियाल, राकेश सेमवाल, बालम मेहरा, मान सिंह पंवार, सुरेंद्र सेमवाल, हरि नौटियाल, हेमंत डंग, तनवीर सिंह, भगवान सिंह राणा, राधेश्याम व्यास, आशुतोष तिवारी, दलवीर कलूड़ा, विक्रम भंडारी, मदन कोठारी, बृजभानू प्रकाश गिरी, बृजेश उनियाल आदि शामिल रहे।

प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर व्यापारियों ने फूंका पुतला

प्रदेश सरकार की ओर से व्यापारियों को राहत न देने और उनकी मांगों को नजरअंदाज किए जाने पर व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में व्यापारीवर्ग त्रिवेणी घाट चैराहे पर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।

प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल सहित प्रदेश के तमाम व्यापारी संगठन करोना में कमी आने के पश्चात धीरे धीरे प्रदेश में अनलॉक की मांग कर रहे थे, किंतु सरकार अड़ियल रवैया अपनाते हुए बाजार को सिलसिलेवार नहीं खोल रही है। इस बार की गाइडलाइन में ऊंट के मुंह में जीरा जैसी छूट दी गई है जो नाकाफी है जैसे रेडीमेड गारमेंट, दर्जी, साइकिल स्टोर, मोटर पार्ट्स आदि की दुकान आदि मात्र एक दिन, राशन की दुकान मात्र 2 दिन जबकि सरकार द्वारा चलाई जा रही शराब की दुकानें सप्ताह में 3 दिन खुलेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि बाजार नहीं खुल जाता।

वहीं, महामंत्री प्रतीक कालिया ने कहा कि सरकार व्यापारियों हितो को लगातार नजर अंदाज कर रही है, व्यापारी लगातार सरकार से अनुनय विनय करता आ रहा है, किन्तु सरकार कोई ठोस निर्णय नही कर रही है। व्यापारियों के हालात दिन प्रति दिन खराब होते जा रहे है। अब आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इस अवसर पर देवभूमि व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल व पूर्व कबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण व प्रदेश उध्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नरेश अग्रवाल, जिला संयुक्त महामंत्री पवन शर्मा, राजेश अग्रवाल, रवि जैन, सुनील गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, सरदार बलवंत सिंह, परमजीत सिंह, अरविंद जैन, पंकज चावला, अभिषेक शर्मा, आशु डंग, पदम शर्मा, मनोज टुटेजा, शिवम टुटेजा, जगमीत सिंह, चंद्रिका त्रिपाठी, सरदार राजकुमार मारवाह, राहुल पाल, हर्षित, गुप्ता, संजय पवार, धीरज चतरथ, दिनेश अरोड़ा, आशु अरोड़ा, सुभाष टुटेजा, प्रतीक पुंडीर, प्रिंस मनचंदा, विजय मोहन, दीपक दरगन, सुरेंद्र मोहन पाहवा, गुड्डू सिंह, दीपक बंसल, विनीत गुलाटी, मनस्वी तलवार, कृष्ण कालरा, त्रिलोकीनाथ कक्कड़, बॉबी कक्कड़, सनी चड्ढा, जगदीश रस्तोगी, आशु चड्ढा आदि उपस्थित रहे।

कोविड केंयर सेंटर की स्थापना कराने को सीएम ने जताया राजनाथ सिंह का आभार

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में डीआरडीओ के माध्यम से एक-एक कोविड केयर सेंटर की स्थापना करवाने के लिए उन्होंने रक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा की इन कोविड केयर सेंटरों में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र यह उत्तराखंड के लिए एक बड़ी सौगात है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि और वीरभूमि है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सीमांत जिले सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य को हर संभव मदद दी जाएगी।

नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से मिले सीएम तीरथ सिंह रावत


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उनके आवास पर भेंट की। भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में 6 लाख 60 हजार से अधिक पेयजल के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। 15 अगस्त 2019 को जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की थी, तब राज्य में 08 प्रतिशत व्यक्तिगत घरेलू जल संजयोजन से आच्छादित था, जो अब बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया है। राज्य में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मात्र 01 रुपए में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों 96 प्रतिशत स्कूलों में पी. डबल्यू.एस के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसे जल्द ही शत प्रतिशत किया जाएगा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों 91 प्रतिशत आँगनबाड़ी/बालबाड़ी में पीडब्ल्यूएस के माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। शीघ्र ही शेष आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जलापूर्ति की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्राम पंचायत भवनों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीडल्ब्यूएस माध्यम से जलापूर्ति की व्यवस्था का कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से लखवाड़ परियोजना के लिए कैबिनेट कमेटी की अनुमति के लिए भी अनुरोध किया। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि केंद सरकार द्वारा राज्य सरकार को हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिले सीएम तीरथ, की एम्स की शाखा कुमाऊं में खोलने की मांग


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भेंट की। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से कुमाउं मण्डल में एम्स की शाखा की स्थापना के साथ ही कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज खोलने का अनुरोध किया। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस संबंध में उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

विज्ञापन दर की मार से जूझ रहे उत्तराखंड के न्यूज पोर्टल पत्रकार

देहरादून। उत्तराखंड न्यूज पोर्टल्स के विभिन्न संगठनों द्वारा उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन द्वारा आयोजित वर्चुअल बैठक में भागीदारी निभाते हुए कहा है कि वर्तमान में जो विज्ञापन दर ई टेंडर प्रक्रिया के बाद सामने आई है वह एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा है व यह विज्ञापन दर सीधे सीधे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की सरकार को फेल करने की साजिश का हिस्सा है। इस विज्ञापन प्रक्रिया को देखकर पत्रकार संगठन अपने को ठगा हुआ व अपमानित महसूस कर रहे हैं।

उत्तराखंड डिजिटल मीडिया संगठन के वरिष्ठ पत्रकार साथियों ने इस ई टेंडर प्रक्रिया की स्वीकार्यता पर कई प्रश्न चिह्न लगाए हैं व शंका जताई है कि यह प्रक्रिया बिना विभागीय मिलीभगत के हो ही नहीं सकती थी। सभी ने कहा कि जब सोशल मीडिया का प्लेट फॉर्म उत्तराखंड के पत्रकारों हेतु बिशेष रूप से तैयार किया गया था तब उसमें साफ-साफ शर्त लिखी गयी थी कि इसमें प्रदेश से बाहर के किसी भी न्यूज पोर्टल को स्थान नहीं दिया जाएगा, लेकिन पूर्व महानिदेशक सूचना पंकज पांडे के समय यह शर्त उससे बेहद सफाई से हटा दी गयी और इसमें अमेंडमेंट किया गया।

सोशल मीडिया से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा है कि बिना विभागीय मिली भगत के यह सम्भव हो ही नहीं सकता कि कोई ई टेंडर में ऐसे रेट दर्ज कर दे। उन्होंने कहा कि विभाग में ही कुछ भ्रष्ट व करप्ट अधिकारी हैं जो किसी भी हद तक जाकर यह चाहते हैं कि पत्रकार त्रस्त होकर मुख्यमंत्री तीरथ के पक्ष की जगह उनके विपक्ष में खबरें लगाए।

इस दौरान सभी ने अपने अपने पक्ष रखते हुए कहा है कि इस मामले को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, सचिव सूचना व महानिदेशक सूचना के समक्ष विभिन्न पक्षों को दृष्टिगत रखते हुए रखा जाय ताकि अग्रिम भविष्य में सूचना विभाग इस सब पर ठोस नीति बनाये व स्क्रीनिंग के समय ही यह अच्छी तरह जांच ले कि सरकार जिन्हें सरकारी विज्ञापनों में नामित कर उन्हें सूचीबद्ध कर रही है क्या उन्होंने प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को अपने न्यूज पोर्टल्स में प्रमुखता से स्थान दिया है।

चर्चा में ज्यादात्तर पत्रकारों का मानना था कि इस बार सूचीबद्ध न्यूज पोर्टल्स में कतिपय ऐसे भी हैं जिनके न्यूज पोर्टल्स में सरकार क्या पूरे प्रदेश भर की राजनैतिक, सामाजिक, सामाजिक, आर्थिक व अन्य विभिन्न गतिविधियों सम्बन्धी एक भी खबर नहीं है।

उत्तराखंड वेब मीडिया एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज इष्टवाल ने कहा कि यह वर्चुअल बैठक इसलिए आहूत की गई थी, क्योंकि इस बार 345 न्यूज पोर्टल्स सूचीबद्ध की श्रेणी में शामिल किए गए हैं व जिनमें से ज्यादात्तर न्यूज पोर्टल्स द्वारा वर्तमान में जारी विज्ञापन दर पर नाराजगी जाहिर करते हुए विरोध दर्ज करते हुए इसे इसे सरकार विरोधी करार दिया है व आशंका व्यक्त की है कि जिन्होंने भी ऐसे रेट डाले हैं यह पार्टी के अंदरूनी कलह या फिर उत्तराखंड में इस चुनाव में ताल ठोक रहे किसी बड़े राजनैतिक दल के इशारे पर किसी बड़ी साजिश के तहत किया गया कार्य बताया है।

इस वर्चुअल बैठक में गढ़वाल कुमाऊं से वरिष्ठ पत्रकार नागेंद्र उनियाल, अविकल थपलियाल, घनश्याम जोशी, हर्षबर्द्धन पांडे, विनोद भगत, पंकज पंवार, आलोक शर्मा, नवीन जोशी, चन्द्रशेखर जोशी, शैलेश नौटियाल इत्यादि ने शिरकत किया है।

प्रधान संगठन व जनप्रतिनिधियों ने जताया स्पीकर का आभार, टोल प्लाजा निरस्त होने की खुशी में की आतिशबाजी

हरिद्वार-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर नेपाली फॉर्म में प्रस्तावित टोल प्लाजा को निरस्त कराये जाने की घोषणा के बाद प्रधानसंगठन व जनप्रतिनिधियों ने आतिशबाजी कर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल का आभार व्यक्त किया। मौके पर स्पीकर को फूल माला व मिष्ठान भी खिलाया गया।

नेपाली फार्म पर टोल प्लाजा ना लगाए जाने के निर्णय पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। स्पीकर ने कहा कि जब से उन्हें इस बात का ज्ञात हुआ है कि नेपाली फार्म पर टोल प्लाजा लग रहा है तब से लगातार उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, लोक निर्माण विभाग के सचिव, एनएचएआई के अधिकारियों से वार्ता कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि चाहे प्रधान संगठन के प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलाने की बात हो या लोक निर्माण विभाग के सचिव एवं एनएचएआई के अधिकारियों से निरंतर चर्चा वार्ता करने की बात हो लगातार टोल प्लाजा न बनाए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज की है। कहा कि एक ही प्रोजेक्ट में इतने नजदीक टोल प्लाजा का कोई औचित्य नहीं था, ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों के समय व पैसे की बर्बादी होती। उन्होंने टोल प्लाजा न लगाए जाने को लेकर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सहित सभी का आभार व्यक्त किया।

कुल लोग केवल 2022 की तैयार कर रहेः भगवान सिंह
मौके पर डोईवाला के ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल ने कहा कि विधानसभा के अथक प्रयासों से टोल प्लाजा न लगने के निर्णय का क्षेत्रवासी स्वागत कर रहे हैंै, उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्पीकर की लोकप्रियता से दुखी हैं और केवल 2022 की तैयारी कर रहे हैं।

स्पीकर को ही जाता है श्रेयः सोवन सिंह
जिला प्रधान संगठन के अध्यक्ष सोवन सिंह कैंतूरा ने इसका श्रेय स्थानीय विधायक एवं स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान संगठन द्वारा धरना समाप्त करने की विधिवत घोषणा कर दी गई है।

टोल प्लाजा पर सिर्फ राजनीति कीः चमन पोखरियाल
इस अवसर पर प्रधान चमन पोखरीयाल ने संबोधन में कहा है कि टोल प्लाजा को लेकर कुछ लोग केवल राजनीति कर रहे हैं उनको जनता की समस्या एवं दुःखों से कोई भी सरोकार नहीं है।

जिला महामंत्री भाजपा सुदेश कंडवाल के संचालन में चले कार्यक्रम में रायवाला प्रधान सागर गिरी, चक जोगीवाला प्रधान भगवान सिंह महर, छिदरवाला प्रधान कमलजीत कौर, भट्टोंवाला प्रधान दीपा राणा, खैरी कला प्रधान चमन सिंह पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, जिला पंचायत सदस्य रीना रांगड, गुमानीवाला उप प्रधान राजेश व्यास, ऋषिकेश मंडल अध्यक्ष दिनेश सती,वीरभद्र मंडल अध्यक्ष अरविंद चैधरी,श्यामपुर मंडल अध्यक्ष गणेश रावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, नगर निगम पार्षद शिव कुमार गौतम, शौकत अली, राजू नरसिम्हा, कनिष्ठ प्रमुख विनोद रांगड, क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय शर्मा, पंकज पाल, मुकेश गोनियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, विजय शर्मा, पंकज पाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति जुगलान, गीता नेगी, विजय राम पेटवाल, मनजीत सिंह, नागेंद्र चैहान, सुमन चैहान, शैलेंद्र रांगड, हरीश पैन्यूली, अनीता राणा, शम्मा पवार, रजनी विष्ट, नीलम चमोली, कविता शाह, राजेश जुगलान, रमेश शर्मा, विजय जुगलान, बीमा बंगवाल, सतपाल सैनी, राम बहादुर क्षेत्री, राकेश चंद्र राय आदि उपस्थित थे।