मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों की पासिंग आउट परेड में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी एकेडमी, मसूरी में आईटीबीपी के 42 सहायक सेनानी (जी.डी.) एवं 11 सहायक सेनानी (अभियन्ता) की पासिंग आउट परेड समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी 53 प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आईटीबीपी जैसे उत्कृष्ट बल में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिसके हिमवीर लद्दाख के कराकोरम पास से अरुणाचल प्रदेश के जेचप ला तक 3488 कि०मी० की अति दुर्गम सीमा की सुरक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हर संघर्ष में अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने बल के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि शहीदों की शहादत के कारण ही आज हम सुरक्षित हैं।
“ये देश चैन से सोता है, वो पहरे पर जब होता है,
जो आँख उठाता है दुश्मन तो अपनी जान वो खोता है, उनकी वजह से आज सुरक्षित ये सारी आवाम है,
सरहद पर खड़े रखवालों को दिल से मेरा सलाम है।”

आईटीबीपी के हिमवीरों का सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक पूर्व सैनिक के पुत्र हैं और इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है, ’वीर भोग्या वसुन्धरा’। हमारे आईटीबीपी के हिमवीर हमेशा मातृभूमि की सुरक्षा, अपने ध्येय वाक्य “शौर्य दृढ़ता, कर्म निष्ठा के साथ करते है। हिमालय में माउन्टेन क्लाईमबिंग हो या रीवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेल-कूद या फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के लिये कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन, प्रत्येक क्षेत्र में इस बल ने न केवल अमिट छाप छोड़ी है, बल्कि अन्य बलों के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत किये है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में आपदा के दौरान सहायता के लिए आईटीबीपी का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि बल द्वारा आपदा प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। बल के हिमवीरों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं एवं दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को बेहद तत्परता एवं कुशलता के साथ किया है। 2013 की केदारनाथ आपदा तथा 2021 में तपोवन आपदा के समय आईटीबीपी के द्वारा आपदा प्रबंधन हेतु किये गये प्रयासों से जान माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सका। इस बल द्वारा हमारे राज्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा, चार धाम यात्रा तथा राज्य के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों एवं आम जनमानस को सुरक्षा एवं मेडिकल कवर प्रदान करवाने की जिम्मेदारी को लगातार कई वर्षों से सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य की समस्त जनता की ओर से बल कर्मियों के इस अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

सैनिकों के परिजनों के दर्द को महसूस किया है-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है पर उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। उस माँ बाप का दर्द देखा है जिसका बेटा सीमा पर देश की आन, बान शान के लिये लड़ रहा है। उस पत्नी के आँखों की विकलता देखी है जो पति के आने की बाट जोहते-जोहते कब बूढी व बीमार हो जाती है पता ही नही चलता। उन बच्चों की सिसकती हुई किलकारियों को सुना है जो अपने पिता से गले मिलने को व्याकुल हों। कितना संघर्ष है एक सैनिक के जीवन में परन्तु इसके बावजूद भी वो दृढता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिये हमेशा तत्पर रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरे समर्पण के साथ कार्य करेंगे और हमेशा अपने मातहतों के कल्याण को ध्यान में रखेंगे। एक कुशल और योग्य लीडर के रूप में अपने आपको साबित करेंगे। मुख्यमंत्री ने अकादमी के प्रशिक्षण स्टाफ को भी उत्कृष्ठ स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी प्रकार का बेहतरीन प्रशिक्षण प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, श्री सुरजीत सिंह देसवाल, महानिदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एडीजी अभिनव कुमार, दलजीत सिंह चौधरी, मनोज रावत एडीजी आईटीबीपी, निलाभ किशोर, महानिरीक्षक/निदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी, अजयपाल सिंह, ब्रिगेडियर डॉ रामनिवास सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे।

जब प्रीतम बोले-ऐसा लग रहा है जैसे विजय जुलूस निकल रहा हो

उत्तराखंड में कांग्रेस मिशन 2022 का आगाज कर चुकी है। कांग्रेस की नई टीम पूरी तरह जोश और जज्बे से लबरेज है। हर कोई अपनी-अपनी भूमिका का बखूबी निर्वाह कर रहा है। नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल जहां संगठन मजबूत कर रहे हैं। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह कार्यकर्ताओं का मनोबल बढाने में लगे हैं। संगठन की बारीकियों के जानकार प्रीतम अच्छे से जानते हैं कि बिना सेना के कोई भी युद्व नहीं जीता जा सकता है। अगर 2022 का रण जीतना है तो उसके लिए सेना पूरी तरह जोश, जज्बे, जुनून और नए-नए राजनीतिक हथियारों से लैस होनी चाहिए। सेना के तरकश में मुद्दों के ऐसे तीर होने चाहिए जो जनता के दिलों में जाकर परिवर्तन का तूफान लाने का काम कर सकें, क्यों प्रचंड बहुमत से सत्ता में बैठी भाजपा के खिलाफ इस बार लहर से काम नहीं चलने वाले।

इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रीतम ने राज्य में अपने दौरे की शुरूआत उस कुमांउ मंडल से की जिसको हरीश रावत अपना गढ़ कहते हैं और भाजपा ने सत्ता वापसी के लिए मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्रीय मंत्री तक कुमांउ मंडल से ही बनाया है। 2 दिवसीय दौरे में प्रीतम का काफिला जसपुर से होता हुआ काशीपुर, रूद्रपुर, गदरपुर, नानकमत्ता, किच्छा, सितारगंट होते हुआ खटीमा पहुंचा। जगह-जगह प्रीतम का भव्य स्वागत हुआ। हर जगह प्रीतम के पीछे कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। जो खटीमा में जाकर एक बड़े जनसैलाब में बदल गई। कार्यकर्ताओं के जोश से प्रीतम अभिभूत नजर आये। प्रीतम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सबकी मेहनत जरूर फलीभूत होगी। जनता भाजपा के झूठे वादों से तंग आ चुकी है। चार साल में 3 मुख्यमंत्री देने वाली भाजपा ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं से हमेशा खिलवाड़ किया है। दिल्ली में बैठे भाजपा नेताओं को प्रदेश की नहीं अपनी चिंता है। आज स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, जैसी सस्यायें पहले से ज्यादा बिकराल हो गई हैं। युवाओं के रोजगार के सपने दिखाकर भ्रमाया जा रहा है। जनता ने मन बना लिया है 2022 में कांग्रेस को लाना है भाजपा के गद्दी से हटाना है। मैं आपसे निवेदन और गुजारिश करने आया हूं कि आपने आज जो जज्बा दिखाया है, इस जज्बे को आप बरकरार रखें और 2022 में आप खटीमा में और संपूर्ण उत्तराखंड में कांग्रेस का परचम लहराने में अपना योगदान दें । आप सभी के इस समर्थन और सहयोग के लिए मैं सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं।

इस दौरान प्रीतम के साथ उपनेता प्रतिपक्ष करण माहरा, चारों कार्यकारी अध्यक्ष के साथ रहने से यह बात साफ हो गई है कि प्रीतम पहले के मुकाबले और ज्यादा मजबूत हुए हैं। कांग्रेस आलाकमान ने भले ही प्रदेश अध्यक्ष पद पर गणेश गोदियाल की ताजपोशी की हो लेकिन प्रीतम को पहले से और ज्यादा मजबूत करने का काम किया है। इस दौरान कांग्रेस के कई प्रदेश व जिला पादाधिकारी मौदूज रहे।

अगस्त क्रांति दिवस के दिन कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ छेड़ेगी अभियान

अगस्त क्रांति दिवस के दिन कांग्रेस उत्तराखंड सरकार के खिलाफ अभियान छेड़ेगी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सभी कांग्रेसजन को 9 अगस्त के दिन अपने अपने घरों पर कांग्रेस का झंडा लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 में 9 अगस्त के दिन ही देश में अंग्रेजों को देश से खदेड़ने के लिए भारत छोड़ो अभियान छेड़ा गया था। अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ पूरा देश एकजुट हो गया था। आज फिर वही वक्त आ चुका है। देश को अच्छे दिन दिखाने के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा ने देश को अब तक के सबसे बुरे दिन देखने को मजबूर कर दिया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा साढ़े चार साल में तीन तीन मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा अपनी नाकामी पर मुहर लगा चुकी है। सरकार की गलत नीतियों की वजह से हर वर्ग परेशान है। नौ अगस्त को घर घर ध्वजारोहण करते हुए भाजपा सत्ता छोड़ो अभियान छेड़ा जाएगा। अंग्रेजों की तर्ज पर भाजपा के नेता भी समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। भाजपा की नीतियां केवल केवल चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने तक सीमित है।कहा कि सरकार को आम आदमी को कोई परवाह नहीं। 9 अगस्त के दिन सभी कांग्रेसजन अपने घरों का ध्वज फहराते हुए भाजपा को बेदखल करने का संकल्प लेंगें। गोदियाल ने कार्यकर्ताओं को अपने घर के साथ ही अपने परिजनों, पास पड़ोसियों को भी ध्वजारोहण के लिए प्रेरित करने को कहा। दूसरी तरफ, कांग्रेस के प्रदेश सचिव महेश जोशी ने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में भाजपा ने प्रदेश के विकास को गर्त में पहुंचा दिया है।

नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा सरकार कैबिनेट में तो खूब लोकलुभावन फैसले लेती है, लेकिन उन पर अमल ही नही किया जाता। जनता भाजपा की हकीकत जान चुकी है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को उखाड़ फैंकेंगी। कांग्रेस प्रदेश को भाजपा के कुशासन से मुक्ति दिलाएगी। चिंता जताई कि प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बिजली, पानी,स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़कों आदि की हालत दयनीय है। इसके बावजूद भी उत्तराखंड सरकार इन चीजों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।

तीरथ सिंह रावत ने वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का किया आग्रह

गढ़वाल सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उन्हें प्रदान की गई वाई श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का आग्रह किया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा है। प्रदेश की भाजपा सरकार में मार्च में हुए पहले नेतृत्व परिवर्तन में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई थी।

राज्य में उपचुनाव के लिए संवैधानिक संकट खड़ा होने के चलते जुलाई में सरकार में फिर नेतृत्व परिवर्तन कर तीरथ की मुख्यमंत्री पद से विदाई कर दी गई थी। अब सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। पत्र में तीरथ ने कहा कि है कि देवभूमि उत्तराखंड में इसकी आवश्यकता नहीं है। लिहाजा इसे वापस ले लिया जाए।

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे पुरुषोत्तम को नई जिम्मेदारी
सरकार ने तीन आइएएस के दायित्वों में फेरबदल किया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वापस लौटे सचिव वीवीआरसी पुरुषोत्तम को नियोजन, तकनीकी शिक्षा, राजस्व और स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली का दायित्व सौंपा गया है। केंद्र में डा रमेश पोखरियाल निशंक के केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनने पर आइएएस वीवीआरसी पुरुषोत्तम प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली गए थे।

डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मौके पर मंत्री के समक्ष पदाधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगे रखी।
शनिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह ने कैबिनेट मंत्री से निदेशालय के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की मांग की। साथ ही वर्ष 2012 से उत्तीर्ण पशुधन प्रसार अधिकारी को डिप्लोमा वितरित करने, डिप्लोमा वेटनरी कॉउंसिल का गठन करने, मृत पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र उसी जगह में सम्बंधित अधिकारी द्वारा निर्गत करने, पशु सेवा केंद्र व पशु चिकित्सालय में एक-एक सहायक को नियुक्त करने की मांग की।
साथ ही सभी पशु सेवा केंद्रों का पशु चिकित्सालय द श्रेणी में संविलयन करने, पशुधन प्रसार अधिकारी की सीधी भर्ती लोक सेवा आयोग से करवाने सहित 11 मांगे रखी गयी। इस पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सभी मांगो को बारीकी से सुना। इस संबंध में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस मौके पर सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक डॉ प्रेम कुमार, संयुक्त निदेशक नीरज सिंघल, डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश महा सचिव जगमोहन नोटियाल, संघ के सचिव एस पी पैन्यूली, देहरादून जिला के अध्यक्ष रमेश चंद भट्ट आदि मौजूद रहे।

ओलंपिक में 13 साल बाद भारत को मिला गोल्ड

भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के जैवलिन थ्रो फाइनल में इतिहास रच दिया है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल किया है। नीरज ने 87.58 की सर्वश्रेष्ठ दूरी तय करते हुए गोल्ड पर कब्जा किया। क्वालिफिकेशन राउंड में भी नीरज अपने ग्रुप में टॉप पर रहे थे। बता दें कि 2008 बीजिंग ओलंपिक के बाद ये भारत का पहला गोल्ड मेडल है।

नीरज ने रचा इतिहास
जैवलिन थ्रो के फाइनल में नीरज चोपड़ा शुरुआत से ही सबसे आगे रहे। उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में 87.03 मीटर की दूरी तय की है। वहीं दूसरी बार में उन्होंने 87.58 की दूरी तय करी। इसी के साथ उन्होंने अपने क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड से भी ज्यादा दूर भाला फेंका है। जैवलिन थ्रो में ये भारत का अब तक का सबसे पहला मेडल है। इतना ही नहीं एथलेटिक्स में भी ये भारत का पहला ही मेडल है।

13 साल बाद मिला गोल्ड
ओलंपिक खेलों में ये भारत का 13 साल बाद पहला गोल्ड मेडल है। नीरज चोपड़ा से पहले बीजिंग ओलंपिक में शूटिंग में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था। ये ओलंपिक में भारत का कुल दूसरा व्यक्तिगत गोल्ड है। इससे पहले भारत ने हॉकी में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं।

पूरे देश को थी गोल्ड की उम्मीद
नीरज चोपड़ा से पूरे देश को आज गोल्ड मेडल की उम्मीद थी और वो सबकी उम्मीदों पर खरे उतरे। ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 86.65 की दूरी तय करते हुए पहला नंबर हासिल किया था। नीरज भारत को टोक्यो में पहला गोल्ड मेडल जितवाने के सबसे बड़े दावेदार थे।

अब तक भारत के 7 मेडल
टोक्यो ओलंपिक में भारत अब 1 गोल्ड 2 सिल्वर और 4 कांस्य सहित कुल 6 मेडल जीत चुका है। नीरज चोपड़ा के अलावा भारत की ओर से मीराबाई चानू (वेट लिफ्टिंग) और रवि दहिया (कुश्ती) ने सिल्वर मेडल जीता है। वहीं पीवी सिंधु, बजरंग पूनिया, लवलीना और भारतीय हॉकी टीम ने भारत के लिए ब्रॉन्ज जीता।

मेगा वैक्सीनैशन कैम्प का शुभारंभ, एक दिन में डेढ़ लाख वैक्सीन का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्यागी रोड स्थित संत निरंकारी भवन में मेगा कोविड वैक्सीनेशन कैम्प का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विश्व का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के दूरस्थ आर तक कैम्प लगाकर टीकाकरण किया जा रहा है। चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड-19 वैक्सीनेशन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने टीकाकरण के लिए आए लोगों से मिलकर उनका हालचाल पूछा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा की संत निरंकारी भवन में आज 1 हजार वैक्सीनेशन का लक्ष्य रखा गया है। आज प्रदेश में डेढ़ लाख कोविड वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 750 कैम्प लगाए गए हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

वंदना को राज्य सरकार देगी 25 लाख और तीलू रौतेली पुरस्कार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाली भारतीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया से बात कर शानदार प्रदर्शन के लिए वंदना एवं महिला हॉकी टीम में प्रतिभाग करने वाली सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को मनोबल बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदना कटारिया के शानदार प्रदर्शन से प्रदेश का मान सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने वंदना को टोक्यो से वापस आते ही मुख्यमंत्री आवास में मिलने हेतु आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में नई खेल नीति बनाई जा रही है। जिसमें विभिन्न खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाङी वंदना कटारिया को 25 लाख रुपए दिये जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वंदना कटारिया को तीलू रोतेली पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वंदना कटारिया के भाई सौरभ कटारिया से भी फोन से वार्ता कर वंदना के शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी।
भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया ने उनके उत्साह वर्धन पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सचिव हरि चंद्र सेमवाल भी उपस्थित थे।

स्थानीय जनप्रतिनिधि विकास योजनाओं को पूर्ण कराने में बने सहयोगी- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में विधायक रायपुर उमेश शर्मा काऊ के साथ बड़ी संख्या में आये ग्राम प्रधानों, पार्षदों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान एवं जोगीवाला सहस्त्रधारा रोड़ के चौड़ीकरण के लिये मुख्यमंत्री सहित केन्द्र सरकार का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित समाधान का उनका प्रयास है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की कि विभिन्न क्षेत्रों में जन सुविधाओं तथा क्षेत्रीय विकास से सम्बन्धित जो योजनायें संचालित हो रही हैं उन्हें पूर्ण कराने तथा जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम आदमी तक पहुंचाने में सहयोगी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रवासियों को केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रदेश के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे विज्ञ हैं। राज्य के विकास में उनका मार्गदर्शन निरन्तर हमें प्राप्त हो रहा है। पिछले सात साल में सड़क व रेल की अनेक महत्वपूर्ण योजनायें राज्य को मिली हैं। सड़कों का राज्य में काफी विस्तार हुआ है। दिल्ली देहरादून की यात्रा निकट भविष्य में और सुगम होने वाली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया 15 अगस्त से आरम्भ की जायेगी, जबकि लाखों लोगों को स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। कोरोना काल में बेसहारा हुए बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की गई है जिसमें डीबीटी द्वारा योजना में चिन्हित बच्चों के बैंक खातों में 3-3 हजार रूपए की सहायता राशि ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के तहत प्रथम दो बालिकाओं/जुड़वा बालिकाओं के जन्म पर माता और नवजात कन्या शिशु को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट उपलब्ध कराई जा रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना से प्रभावित चार धाम यात्रा व पर्यटन से जुड़े 1.64 लाख के लिए 200 करोड़ जबकि हेल्थ सेक्टर और हेल्थ सेक्टर में काम कर रहे कोरोना योद्धाओं के लिए 205 करोड़ रूपए का पैकेज स्वीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा एजेंडा सभी क्षेत्रों का समग्र विकास है। हमारा विश्वास कार्यों को उलझाने में नहीं सुलझाने में है। हम बोलेंगे कम और काम ज्यादा करेंगे। उन्होंने सभी से प्रदेश व क्षेत्र के विकास में सहयोगी बनने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास हम सबकी जिम्मेदारी है। सरकारी कार्यप्रणाली में हमने नो पेडेंसी की कार्य प्रणाली अपनाने पर ध्यान दिया है, इसके तहत फाइलों के निस्तारण में विलम्ब होने पर जिम्मेदारी तय की जायेगी। तहसीलदार से लेकर जिलाधिकारी तक को जनता की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिये गये हैं। जिलों के प्रकरण शासन को संदर्भित न हो इसके भी सख्त निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में टीकाकरण का व्यापक अभियान शुरू किया गया है। राज्य को 17 लाख वैक्सीन उपलब्ध हो रही है।
विधायक उमेश शर्मा काऊ ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र के विकास से सम्बंधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी, उन्होंने भी क्षेत्र के विकास के लिये मुख्यमंत्री द्वारा दिये जा रहे सहयोग के लिये आभार व्यक्त किया।

निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में जुटे आप कार्यकर्ता

‘आप ‘के नेता डॉ राजे सिंह नेगी ने बताया कि ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में ही करीब 5 हजार से अधिक गारंटी कार्ड लोगों को अब तक बांटे जा चुके हैं। इस कार्य में ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के कई कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं।

आम आदमी पार्टी के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी ने बताया कि हम लोग डोर टू डोर जाकर लोगों को गारंटी कार्ड दे रहें हैं। हर वर्ग के लोगों को यह गारंटी कार्ड दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि लोगों का रोजगार खत्म हो चुका है। ऐसे समय में राहत देने के बजाय उत्तराखंड सरकार ने बिजली के दामों को बढ़ा दिया है।नेगी ने कहा कि गारंटी कार्ड योजना के जरिए जनता आम आदमी पार्टी से लगातार जुड़ रही है।