कुंभ जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पर्व को विपक्ष ने किया बदनामः मदन कौशिक

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ऋषिकेश पहुंचे। यहां विपक्ष पर उन्होंने तीर चलाए तो पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरे। इस दौरान आगामी विस चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को एकजुट होने को भी कहा।

दून रोड स्थित एक होटल में मदन कौशिक ने कहा कि विपक्षी दल के लिए राजनीति ही प्राथमिकता में रही है। यही कारण है कि यह लोग प्रदेश सरकार को बदनाम करने के लिए प्रदर्शन और पुतला दहन करते रहे। इस दौरान टूलकिट जैसा घिनौना काम किया गया, कुंभ जैसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था के पर्व को बदनाम करने की कोशिश की गई।

इससे पूर्व नटराज चैक पर भाजपाइयों ने प्रदेश अध्यक्ष का फूल मालाओं से स्वागत किया। भाजपाइयों ने नटराज चैक से दून मार्ग स्थित एक होटल तक रैली निकाली। होटल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि भाजपा को बढ़ाने में कार्यकर्ताओं का खून पसीना लगा है। भाजपा में सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान होता है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें बेहतरीन कार्य कर रही हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सेवा ही संगठन कार्यक्रम के तहत कोरोना काल में संगठन कार्यकर्ताओं ने बूथ लेवल से लेकर प्रदेश स्तर तक सक्रिय भूमिका निभाई। उत्तराखंड में 15 कंट्रोल रूम बनाए गए। युवा मोर्चा, महिला मोर्चा के साथ अन्य सभी मोर्चा ने रक्तदान शिविर आयोजित किए।

इस दौरान मंडल अध्यक्ष ऋषिकेश दिनेश सती, प्रदेश उपाध्यक्ष कुसुम कंडवाल, अनुशासन समिति के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र दत्त सकलानी आदि उपस्थित रहे।

बीस बीघा में दुर्घटना का पर्याय बने ढलान को दुरस्त करने की मांग पार्षद ने स्पीकर के समक्ष रखी

वार्ड संख्या 30 मीरानगर के बीघा बीघा मार्ग पर एक ऐसा ढलान जो दुर्घटना के कारणों से चर्चा में है। इस ढलान में कई दफा बड़े व मालवाहक वाहन आवागमन करते है, जबकि यह मार्ग बड़े वाहनों के उपयुक्त नहीं है। इसके बावजूद यहां बड़े वाहनों का आवागमन होता है और ढलान पर यह पलट जाता है, यहीं नहीं कई बार ढलान पर स्थित मकान क्षतिग्रस्त हो चुके है। स्थानीय पार्षद सुंदरी कंडवाल ने अनेक बार नगर निगम, एसडीएम स्तर से इसके निराकरण का प्रयास किया। मगर, रंग न चढ़ सका।

आज पार्षद सुंदरी कंडवाल ने स्पीकर प्रेमंचद अग्रवाल के समक्ष क्षेत्र के लोगों के साथ जाकर समस्या रखी और इस बावत ज्ञापन भी सौंपा। बताया कि इस मार्ग पर ढलान होने से वाहन पलट जाते है, वहीं क्षतिगस्त मार्ग होने से दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। समस्या गंभीर पाते हुए स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने लोक निर्माण विभाग को त्वरित कार्रवाई करने के संबंध में निर्देश जारी किए।

इस मोके पर माया घले, आदित्य वर्मा, प्रमोद, राकेश बलोदी, अभिषेक आदि लोग मौजूद थे।

एम्स के विशेषज्ञों की राय, लाॅकडाउन में स्वास्थ्य के प्रति नहीं बरतें लापरवाही

यदि आप कई दिनों तक एक ही मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइये। आपकी यह लापरवाही म्यूकर माइकोसिस से ग्रसित होने की वजह बन सकती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश ने इस बाबत सलाह दी है कि कोविड19 से सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सूती कपड़े के मास्क को दोबारा पहनने से पहले दैनिकतौर से अवश्य धो लें, यह बेहद जरूरी है।

जून और जुलाई के महीने वातावरण में आर्द्रता बहुत कम हो जाती है। ऐसे में जब हम नाक से सांस लेते हैं तो उसके आगे मास्क लगे होने से मास्क के अन्दर की ओर नमी बनी रहती है। मास्क को लगातार पहने रहने से इस नमी में कीटाणु पनपने लगते हैं और जिससे फंगस के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो जाता है। फिर नाक और मुंह से होता हुआ यह फंगस धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों को संक्रमित कर देता है।

एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कान्त ने बताया कि सूती मास्क हमेशा धुले हुए और साफ-सुथरे पहनने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कोई जरूरी नहीं है कि जिसे कोविड नहीं हुआ हो उसे म्यूकर माइकोसिस नहीं हो सकता। नाॅन डिस्पोजल मास्क को दैनिकतौर से साफ नहीं करने वाले लोगों को भी इस बीमारी का खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कोविड और म्यूकर माइकोसिस दोनों ही बीमारियों से तभी बचाव संभव है, जब कोविड गाइडलाइनों का पूर्ण पालन करने के साथ साथ मास्क का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए। खासतौर से जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की नितांत आवश्यकता है।

कोविड के नोडल अधिकारी डाॅ. पीके पण्डा ने बताया कि लाॅकडाउन के कारण अधिकांश नाॅन कोविड रोगी अपने स्वास्थ्य संबंधी जांचों के प्रति लापरवाह बने हुए हैं। ऐसे में नियमित जांच नहीं कराए जाने से उन्हें अपनी इम्युनिटी और ब्लड में शुगर लेवल की मात्रा का पता नहीं चल पाता। उन्होंने कहा कि म्यूकर माइकोसिस से बचाव के लिए ब्लड में शुगर की मात्रा की रेगुलर जांच कराना जरुरी है। म्यूकर रोगियों के उपचार की सुविधा के बारे में उन्होंने बताया कि ऐसे रोगियों के लिए एम्स में 7 वार्ड बनाए गए हैं। इनमें कुल 185 बेड हैं, जिनमें 65 आईसीयू सुविधा वाले बेड हैं।

म्यूकर माइकोसिस फंगस अक्सर कोविड के लक्षण उभरने के 3 सप्ताह बाद से पनपना शुरू होता है। कमजोर इम्युनिटी और शुगर पेशेंट के लिए यह फंगस सबसे अधिक घातक है। म्यूकर माइकोसिस ट्रीटमेंट टीम के हेड और ईएनटी सर्जन डाॅ. अमित त्यागी का कहना है कि कोविड की दूसरी लहर का पीक टाईम मई का दूसरा सप्ताह था। इस लिहाज से मई अंतिम सप्ताह और जून के पहले सप्ताह तक म्यूकर के मरीजों का ग्राफ तेज गति से बढ़ा था। लेकिन अब इसमें कमी आनी शुरू हो गई है। मई महीने में एम्स में दैनिकतौर पर म्यूकर ग्रसित 7 से 12 पेशेंट आ रहे थे। जबकि अब यह संख्या 4 से 7 प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने बताया कि एम्स में अभी तक म्यूकर के कुल 208 पेशेंट आ चुके हैं।

700 करोड की धनराशि मसूरी टनल के लिए हुई स्वीकृत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मसूरी शहर की यातायात व्यवस्था की सुगमता एवं आवागमन की सुविधा के लिये माल रोड से लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के मध्य 2.74 कि0मी0 लम्बी टनल निर्माण के लिये 700 करोड़ की स्वीकृति के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी का आभार व्यक्त किया है।

केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी द्वारा इस सम्बन्ध में ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 707 ए पर मसूरी में माल रोड से लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी तक 2.74 कि0मी0 लम्बी सुरंग के निर्माण के लिये 700 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने भी ट्वीट के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री गड़करी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे मसूरी शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार तथा आवागमन में सुविधा होगी।

स्पीकर के कोष से कमजोर वर्ग को मिल रही मदद

कोरोना संक्रमण के कारण आर्थिक स्थिति से जूझ रहे कमजोर वर्ग के लिए विधानसभा अध्यक्ष का विवेकाधीन कोष राहत प्रदान कर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने आज 60 जरूरतमंद लोगों को 5 लाख की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए।

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष सरकार की योजना नहीं बल्कि विवेक के आधार पर जरूरतमंद, गरीब, उपेक्षित, वंचित, विधवा, विकलांग आदि लाभार्थियों के लिए यह धनराशि दी जाती है।

उन्होंने कहा है कि कोरोना काल के दौरान अनेक लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है ऐसे में यह धनराशि जरूरतमंदों को वरदान साबित हो रही है। कहा कि कुछ समय के लिए यह धनराशि राहत जरूर दे सकती है परंतु आत्मनिर्भरता के लिए स्वावलंबी होकर प्रत्येक व्यक्ति को खड़े होने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर स्वामी ईश्वर दास महाराज, महंत स्वरूपानंद, अमृतानंद महाराज, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र नेगी, रविंद्र राणा, प्रदीप कोहली आदि उपस्थित रहे।

मानव कंकाल मिलने से श्यामपुर में सनसनी, पुलिस तहकीकात में जुटी

कोतवाली ऋषिकेश की अंतर्गत श्यामपुर क्षेत्र में खंडहर में तब्दील एक मकान के अंदर से नर कंकाल मिला है। यह कंकाल पुरूष का है या महिला का। यह कह पाना अभी पुलिस के लिए भी मुश्किल है, पुलिस के मुताबिक कंकाल बक्से के अंदर मिला है, पुलिस की प्राथमिकता में कंकाल की शिनाख्त करना है। वहीं, देहरादून से पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। कंकाल कितना पुराना है, यह फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही पता लग सकेगा। कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार यह मकान बिल्डर गंगाराम आडवाणी का है। उधर, एसएसपी डा. योगेन्द्र रावत ने इस मामले में एसओजी देहात एवं थाना स्तर पर टीम का गठन कर लिया है।

पवन कुमार नरवानी पुत्र दीवान चंद नरवानी ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उनकी श्यामपुर बाईपास भट्टोवाला रोड पर मोबाइल की दुकान व रेस्टारेंट है। इसी के पीछे कई खाली कमरे है। बताया कि उनके यहां कार्यरत दो युवक को कमरों के अंदर से दुर्गंध आई। वहां जाकर देखा तो बक्सा पड़ा हुआ था। बक्से को खोलकर देखने पर उसके अंदर नर कंकाल मिला। इसके बाद वह घबरा गए। पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को जानकारी दी। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाएं।

पुलिस की प्राथमिकता शिनाख्त
कोतवाल शिशुपाल सिंह रावत ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता शव की शिनाख्त है, अभी यह कहा नहीं जा सकता है कि यह कंकाल पुरूष का है अथवा महिला का। बताया कि यह जानना सर्वप्रथम आवश्यक है। इसके बाद अन्य जानकारी जैसे यह कंकाल यहां तक कैसे पहुंचा और हत्या का एंगल भी देखा जाएगा। आसपास के सीसीटीवी रिकाॅर्ड भी खंगाले जाएंगे।

खंडहर में तब्दील व्यापारी का मकान
कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के अनुसार, व्यापारी गंगाराम अडवाणी का यह पुराना मकान है, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। पांच साल पूर्व तक उनका यहां निवास था। कुछ माह पूर्व तक यहां मजदूर रहा करते थे। मगर, वर्तमान में यह पूरी तरह से बंद था।

शासन से स्वीकृति के बाद नरेंद्रनगर विस के दुर्गम इलाकों को सड़कों से जोड़ा जाएगा

टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में दुर्गम इलाकों को मोटर मार्गो से जोड़ने की योजनाएं परवान चढ़ती दिख रही है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अथक प्रयासों के बाद यहां चार मोटर मार्गों के निर्माण को शासन की ओर से वित्तीय स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके तहत 18 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाना है। कैबिनेट मंत्री के इस प्रयास पर विधानसभा वासियों ने आभार व्यक्त किया है।

संयुक्त सचिव श्याम सिंह ने जारी पत्र में बताया कि राज्य योजना के अंतर्गत नरेंद्र नगर विधानसभा दोगी पट्टी क्षेत्र में चार किलोमीटर बेरनी-रौंदेली मोटर मार्ग के अंतिम बिंदु से शिवपुरी-जाजल मोटर मार्ग, चार किलोमीटर गूलर नाई मठियाणी मोटर मार्ग से भांगला मोटर मार्ग, चार किलोमीटर ग्रामसभा बांसकाटल मोटर मार्ग, छह किलोमीटर हिंडोला से मुंडाला भरवाणी मोटर मार्ग का नवनिर्माण किया जाना है। सभी कार्यों के प्रथम चरण की निर्माण धनराशि 98.84 लाख रुपए स्वीकृत किए जा चुके हैैं।

वहीं विधानसभा के लोगों ने कैबिनेट मंत्री के इस प्रयास की जमकर सराहना की है। मुनि की रेती पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री कि विकासपरक सोच से ही यह कार्य संभव हो पाया है। नरेंद्र नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार ने कहा कि कैबिनेट मंत्री के अथक प्रयासों से ही इस विधानसभा के अति दुर्गम इलाकों को सड़कों से जोड़ा जा सका है। ब्लाक प्रमुख राजेंद्र भंडारी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के प्रयासों से दिनों दिन नरेंद्र नगर विधानसभा में विकास कार्य हो रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश भट्ट महामंत्री भगवती काला, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश सेंगर, दोगी पट्टी के गजेंद्र राणा, विशाल राणा, केदार सिंह चैहान, कान सिंह ढिकोला, धीरेंद्र चैहान, सचेंद्र चैहान, रामेश्वरी चैहान, तेजपाल राणा, अर्जुन धवांण, रमेश पुंडीर आदि ने भी सड़क निर्माण कार्यों को स्वीकृति मिलने पर कैबिनेट मंत्री का आभार व्यक्त किया है।

व्यापारियों के प्रतिष्ठान में दीमक और चूहों ने मारी सेंध, सामान किया खराब

कोरोना महामारी के चलते सरकार की गाइडलाइन के अनुपालन में पिछले करीब डेढ़ माह से बंद दुकानों को आज व्यापारियों ने खोला। कई व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में दीमक, चूहे या अन्य किसी कारण से सामान खराब पाया गया। इनसे व्यापारियों का खर्चा और बढ़ा दिया है।

घाट रोड व्यापार सभा के अध्यक्ष पवन शर्मा की इसी मार्ग पर विमल गारमेंट्स के नाम से दुकान है। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह से व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद होने की घोषणा के बाद से ही इनकी की दुकान बंद रहीं। डेढ़ माह बाद जब सरकार ने व्यापारियों के लिए थोड़ी राहत दी तो आज से दुकानें खोली गई। व्यापारी नेता पवन शर्मा बताते हैं कि उनकी रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान है, आज सुबह जब दुकान को खोला गया। तो सकपका गए। दुकानों में गारमेंट्स को रखने के लिए जो लकड़ी के बाॅक्स बनाए गए थे। उनमें से अधिकांश को दीमक ने चटक लिया। यहीं नहीं, कई कपड़ों को चूहों ने खराब कर दिया है।

पवन शर्मा के अनुसार, दुकानें रोज खुलती तो यह हालत नहीं होती। उन्होंने बताया कि यही हाल फुटवियर की दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों का भी है। उन्होंने बताया कि करीब 80 हजार रूपये का नुकसान हुआ है, अभी सभी सामानों को चेक किया जा रहा है, नुकसान ज्यादा भी होने की संभावना है।

पीएम मोदी से मिले सीएम, ग्रामीण इलाकों में समय पर वैक्सीन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त कोटे की भी मांग


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की। आधा घंटे चली मुलाकात में मुख्यमंत्री ने देश में 18 वर्ष की आयु से ऊपर वाले समस्त भारतीयों का कोरोना टीकाकरण मुफ्त किए जाने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने के लिए भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया, राज्य को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल-लाईन की सौगात देने हेतु आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के अभूतपूर्व वीजन के तहत राज्य के चारधामों में सड़कों का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के वित्तीय संसाधन अत्यन्त सीमित है, इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कंडाली की जैकेट भी भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से लड़ने हेतु राज्य को भारत सरकार की ओर से हर प्रकार की सहायता मिली है, इसके तहत प्रधानमंत्री के निर्देशों के क्रम में डी0आर0डी0ओ0 के द्वारा निर्मित अस्पताल, जो क्रमशः ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में बनाये गये हैं, जिससे समस्त जनमानस को अत्यधिक लाभ मिला है, इसके लिए भी उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का नतीजा है कि श्री केदारनाथ धाम का भव्य रूप विकसित हो गया है एवं श्री बद्रीनाथ धाम के सम्बन्ध में भी रूपरेखा तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने पर प्रधानमंत्री को बद्री-केदार डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के लोकार्पण के लिए न्यौता दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य को भारत सरकार द्वारा तीन डॉप्लर रडार की स्वीकृति देने के प्रति आभार व्यक्त करते हुए वैली हेतु 10 छोटे डाप्लर रडार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य के कुमाऊँ क्षेत्र में ‘एम्स’ की स्थापना या ऋषिकेश ऐम्स की शाखा स्थापित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड एक हिमालयी पर्वतीय राज्य हैं। इसको सम्पूर्ण रूप से ऑर्गेनिक प्रदेश के रूप में विकसित किये जाने हेतु भारत सरकार से विशेष अनुदान का अनुरोध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का पर्यावरण अत्यन्त संवेदनशील है, अतः सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्र में हिमनद का अध्ययन तथा जल सो्रतों को किस प्रकार सुरक्षित रखना है, इसके सम्बन्ध में सम्पूर्ण अध्ययन करने हेतु उत्तराखण्ड में ‘हिमनद एवं जल संसाधन शोध केन्द्र’ की स्थापना की जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से राज्य में मानसून व आपदा के दौरान सड़के बंद होने की स्थिति में ग्रामीण इलाकों में समय पर वैक्सीन पहुंचाने के लिए अतिरिक्त कोटे की भी मांग की।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में की केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री से मुलाकात


केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 615.48 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी देने तथा राज्य के 06 राज्य मार्गों के साथ ही ऋषिकेश-भानियावाला राज्य मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने का अनुरोध किया।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नितिन गडकरी से भेंट की। भेंट के दौरान दोनों के मध्य राज्य के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गडकरी से केन्द्रीय सड़क अवस्थापना निधि (सी.आर.आई.एफ.) के अन्तर्गत भारत सरकार में लम्बित 615.48 करोड़ रुपए के 42 प्रस्तावों पर स्वीकृति का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 06 राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने की सैद्वान्तिक स्वीकृति प्रदान की गई है। भारत सरकार की अपेक्षानुसार राज्य सरकार द्वारा ससमय वांछित प्रस्ताव भारत सरकार को उपलब्ध करा दिया गया। उन्होंने इन 06 राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में जल्द अधिसूचित करने का अनुरोध किया। इनमें खैरना-रानीखेत, 34 किमी.,बुआखाल-देवप्रयाग, 49 किमी., देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, 70 किमी.पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-उफरीखाल-बैजरों, 64 किमी. बिहारीगढ़-रोशनाबाद, 33 किमी. लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-नैनीडांडा-मोहन-रानीखेत, 274 किमी. शामिल हैं।

सीएम ने कहा कि राज्य के विश्व प्रसिद्ध चार धामों (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री) तक जाने वाले श्रद्वालुओंध्पर्यटकों के लिए ऋषिकेश-भानियावाला, मोटर मार्ग शार्ट लिंक मार्ग होने के कारण महत्वपूर्ण है। राज्य का महत्वपूर्ण जौलीग्रांट एयरपोर्ट भी ऋषिकेश-भानियावाला के मध्य स्थित है। देहरादून-ऋषिकेश के मध्य राज्य मार्ग संख्या-24 के द्वारा आवागमन होता है। यह मार्ग 02 लेन का होने के कारण भारी यातायात घनत्व की दृष्टि से पर्याप्त नहीं है। इस भाग के चैड़ीकरण से चारों धामों की जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक पहुंच अत्यन्त सुगम हो जायेगी। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित न होने से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की योजनाओं में सम्मिलित नहीं हो पा रहा है। इसके व्यापक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए इसे राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किये जाने का उन्होंने केन्द्रीय मंत्री गडकरी से अनुरोध किया।

केन्द्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा की सभी मांगों पर गहनता से विचार कर उचित समाधान निकाला जाएगा। देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत केन्द्र सरकार द्वारा हर संभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन समस्याओं से अवगत किया गया, उनका राज्य हित में शीघ्र समाधान किया जाएगा।