आक्सीमीटर को ऊंचे दाम में बेच रहा था फिजियोथैरेपिस्ट, गिरफ्तार

ऋषिकेश पुलिस ने आक्सीमीटर, आक्सीजन फ्लोमीटर की कालाबाजारी कर महंगे दामों में बेचने वाले फिजियोथैरेपिस्ट को अरेस्ट किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सोशल मीडिया एवं मुख्बिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति दिल्ली से चोरी-छिपे मेडिकल उपकरण सस्ते दामों में लाकर, अपने होंडा अमेज गाड़ी में रखकर पीड़ित एवं गरीब व्यक्तियों को दोगुने तिगुने दामों में बेचकर महामारी का फायदा उठा रहा है और 6500 रूपये ले रहा है। जिसे आज अरेस्ट कर लिया गया है।
कोतवाल ने आरोपी की पहचान मुकेश कुमार पुत्र राजेंद्र यादव निवासी आवास विकास कॉलोनी आईडीपीएल ऋषिकेश के रूप में कराई है। बताया कि आरोपी से पांच ऑक्सीमीटर, 10 ऑक्सीजन फ्लोमीटर, छह हजार रूपए नगद, एक वाहन को सीज किया है।

एक साल से ऋषिकेश में कर रहा मेडिकल व्यापार
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 1993 से 1996 तक बिहार से फिजियोथैरेपिस्ट की है, तथा में कई वर्षों से मेडिकल से संबंधित सामान की बिक्री करता आ रहा हूं। पिछले 1 साल से ऋषिकेश में रहकर मेडिकल से संबंधित सामान का व्यापार कर रहा हूं। वर्तमान समय में कोविड-19 के चलते बाजारों में ऑक्सीजन फ्लोमीटर की बहुत ही ज्यादा कमी हो गई है। जिस कारण में जरूरतमंद लोगों को काफी ऊंचे दामों में बेचकर उनकी मजबूरी का फायदा उठा रहा हूं। मैंने उक्त सामान दिल्ली से चोरी-छिपे किसी के माध्यम से मंगवाया था। जिनमें से मैंने काफी सामान ऋषिकेश में जरूरतमंद लोगों को बेच दिया है, एवं कुछ सामान मेरे घर में रखा हुआ है।

वहीं, पुलिस टीम में कोतवाल रितेश शाह, एसएसआई ओमकातं भूषण, कांस्टेबल नवनीत नेगी, सोनी कुमार, अनित कुमार, सचिन कुमार, कमल जोशी, प्रवीण सिंधु आदि शामिल रहे।

सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने पर अनुज्ञापी सहित चार पर मुकदमा

थाना मुनिकीरेती क्षेत्र में कोरोना नियमों की अवहेलना करने पर कोतवाल कमल सिंह भंडारी के नेतृत्व में पुलिस ने ठेका संचालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कोतवाल कमल सिंह भंडारी ने बताया कि शासन की तरफ से कोविङ संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये हर सम्भव प्रयास कर रहा है और आये दिन लोग इस संक्रमण के कारण अपनो को लगातार खो रहे हैं, वहीं कुछ लोगों द्वारा अभी भी इसको गम्भीरता से न लेते हुये शासन द्वारा जारी कोविङ दिशा-निर्देशों को अनदेखा कर स्वयं के लिये भी और अन्य लोगों के लिये भी खतरे का कारण बनते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस एक्शन ले रही है। इसी क्रम में शिवपुरी स्थित शराब के ठेका संचालक सहित चार लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने, संक्रमण को फैलाने तथा सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

कोतवाल ने आरोपियों की पहचान केवल सिंह पुत्र मूर्ति सिंह निवासी ग्राम मठियाली पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल, विक्रम सिंह पुत्र सुन्दर सिंह निवासी, ग्राम मठियाली, पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल, गजेन्द्र सिंह पुत्र जोत सिंह निवासी ग्राम तिमली, पट्टी दोगी, थाना मुनिकीरेती, टिहरी गढवाल औीर अजय बेलवाल के रूप में कराई है।

हल्द्वानी पहुंच सीएम ने किया 500 बेड फ्रेबीकेटेड चिकित्सालय का निरीक्षण


मुख्यमंत्री तीरथ सिह रावत ने हल्द्वानी के एमबीपीजी काॅलेज में कोविड वैक्सीनेशन सेंटर का फीता काटर शुभारंभ किया। सीएम ने युवाओं से कहा कि शतप्रतिशत कोविड वैक्सीन लगायें तथा औरों को भी कोविड बचाव, वैक्सीनेशन आदि हेतु जागरूक करें। उन्होने कहा प्रदेश मे सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाई जा रही है। जिसमें 400 करोड से अधिक व्यय होगा, उन्होने कहा सरकार जनता के साथ खडी है सभी को स्वास्थ्य सुविधायें दी जायेंगी। उन्होने कहा कोविड से लडने के लिए सभी सुविधायें, उपकरण चिकित्सालयों में उपलब्ध कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा मीडिया को हमने फं्रट लाइन वकर्स घोषित किया है उन्हें प्राथमिकता से कोविड वैक्सीन लगाई जा रही है। उन्होने अपील करते हुये कहा कि सावधानी बरतें तथा सामाजिक दूरी का पालन करें तथा मास्क पहनें। उन्होने कहा प्रदेश में कोविड कर्फ्यू चल रहा है इसलिए बहुत जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकलें।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मिनी स्टेडियम हल्द्वानी में 150 बैड का संचालित कोविड चिकित्सालय की व्यवस्थाओं का मुआयना किया। उन्होने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊ का मुख्य द्वार है जहां पर पर्वतीय क्षेत्रों से कोरोना के मरीजो का दबाव है। कोविड संक्रमित लोगों को तत्परता से उपचार देने के लिए मिनी स्टेडियम में आक्सीजन युक्त चिकित्सालय लाभप्रद होगा। जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने मुख्यमंत्री को बताया कि मिनी स्टेडियम में आक्सीजन युक्त 150 बैड का चिकित्सालय बनाया गया है। सुशीला तिवारी चिकित्सालय में बैड न होने की दशा में मरीजों को यहां रखकर उनका उपचार किया जायेगा। उन्होने बताया कि निजी चिकित्सालयों को भी अधिग्रहण किया है साथ ही उन्हे भी बैड संख्या बढाने को कहा गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सुशीला तिवारी चिकित्सालय में चिकित्सालय स्टाफ की बैठक ली। बैठक मे उन्होने चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी लेते हुये चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोडा ने बताया कि सुशीला तिवारी कोविड चिकित्सालय में आक्सीजन युक्त बैड की संख्या 500 से बढाकर 600 कर दी गई है।

जिलाधिकारी धीराज सिह गर्ब्याल ने बताया कि सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 300 आक्सीजन सिलेन्डर सुशीला तिवारी अस्पताल को दिये जायेंगे। उन्होने बताया कि कुमाऊ का सबसे बडा चिकित्सालय होने की वजह से यहां बडी संख्या मे कोविड पॉजेटिव मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे मे आक्सीजन सिलेन्डरो की खपत भी यहां ज्यादा है। ऐसे मे सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 300 आक्सीजन सिलेन्डर सुशीला तिवारी चिकित्सालय को दिये जायेंगे जो कोविड मरीजों के काम आयेंगे। उन्होने बताया कि सांसद निधि से क्रय किये जाने वाले 2000 पल्स आक्सीमीटर जिले भर के सभी सरकारी चिकित्सालयों को वितरित किये जायेगे। उन्होने बताया कि 45 लाख की धनराशि से जिले में एक नया आक्सीजन प्लांट भी लगाया जायेगा।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजकीय मेडिकल कालेज परिसर में डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे 500 बैड के फ्रैब्रीकेटेड चिकित्सालय निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। डीआरडीओ के प्रोजेक्ट मैनेजर ने फैब्रीकेटेड चिकित्सालय लेआउट के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। उन्हांने बताया कि इस 500 बैड फैब्रीकेटेड कोविड चिकित्सालय में 100 बैड आक्सीजन युक्त तथा 125 आईसीयू बैड भी बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है इसलिए सभी सम्बन्धित अधिकारी चिकित्सालय निर्माण एवं व्यस्थाओं में प्राथमिकता से सहयोग करें तथा निरंतर आपसी समन्वय बनाकर कार्य को पूर्ण करें।

निरीक्षण के दौरान सांसद अजय भट्ट, शहरी विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत, कृषि एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, विधायक संजीव आर्य, रामसिंह कैडा, माहपौर डॉ. जोगेन्दर पाल सिह रौतेला, अध्यक्ष जिला पंचायत बेला तोलिया, उपाध्यक्ष जिला पंचायत आनन्द सिह दरम्वाल, जिलाध्यक्ष भाजपा प्रदीप बिष्ट, महामंत्री सुरेश भटट, पूर्व दर्जा मंत्री प्रकाश हरर्बोला, हेमन्त द्विवेदी, गजराज बिष्ट, सभासद प्रमोद तोलिया,उपाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, लक्ष्मण खाती, विनीत अग्रवाल, नवीन पंत, भूपेन्द्र क्वीरा, गणेश पंत, मुकेश बोरा सहित आईजी अजय रौतेला, मुख्य विकास अधिकारी नरेन्द्र सिह भण्डारी, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शनी, सीएमओ डॉ. भागीरथी जोशी, एसीएमओ डा0 रश्मि पंत, एसटीएच पीएमएस डा0 अरूण जोशी, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी विवेक राय आदि उपस्थित थे।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने किया 18 से 44 वर्ष के लोगों के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राजधानी देहरादून के हरिद्वार बायपास रोड स्थित राधा स्वामी सत्संग न्यास में 18 से 44 वर्ष के लोगों के टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टीकाकरण अभियान का तीसरा दौर शुरू हो गया है जिसके तहत प्रदेश के 50 लाख युवाओं का कोविड टीकाकरण होना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य जहां सबसे पहले 18 से 44 वर्ष के लोगों के मुफ्त टीकाकरण की घोषणा की गई, जिसके लिए राज्य सरकार 400 करोड़ का खर्चा वहन करेगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि आज से इस टीकाकरण अभियान की विधिवत शुरुआत हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोविड टीकाकरण अभियान को हर न्याय पंचायत स्तर तक भी ले जाया जाए, मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर कोविड-19 टीकाकरण हेतु कैंप लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि टीकाकरण हेतु बनाए गए सभी बूथों पर बुजुर्गों, दिव्यांगों हेतु अलग से व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा है टीकाकरण के बाद भी मास्क. सैनिटाइजर और कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, विधायक राजपुर खजान दास, विधायक धर्मपुर विनोद चमोली, मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार आरबीएस रावत जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंडः शव यात्रा में अब 20 लोगों को ही अनुमति

शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि शादी समारोह में केवल 20 लोगों की अनुमति दी गयी है। उन्होंने कहा कि हालातों को देखते हुए फिलहाल लोग शादी समारोह को स्थगित करने का निर्णय भी अपने स्तर पर ले सकते हैं। इसी तरह शव यात्रा में भी 20 लोगों को ही अनुमति होगी।

इंटर स्टेट मूवमेंट में भी 50 प्रतिशत यात्रियों को ले जाने की अनुमति होगी। वैक्सीनेशन के लिए अगर 18 से 45 वर्ष के व्यक्ति घरों के बाहर निकल रहे हैं तो उन्हें अपना पंजीकरण दिखाना होगा। इसी तरह 45 से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जाने की अनुमति होगी। ट्रेन या हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों को लोकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए टिकट दिखाना होगा।

इसके साथ ही 10 मई को 1 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके तत्काल बाद कर्फ्यू लागू होगा। अब केवल 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें (फल, सब्जी, दूध, मीट) खुलेंगी। इसके साथ ही साथ मंडियों में केवल किसान और रिटेलर को ही आने की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी और को अनुमति नहीं होगी। राज्य में सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। केवल एमबीबीएस व बीडीएस, नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष के लिए क्लास चलाई जा सकती हैं। निकाय निरंतर रूप से बस अड्डों, मंडियों आदि को सेनेटाईज करते रहेंगे। शराब की दुकानें और बार पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैंक, आईटी वेंडर, गैस एजेंसी को छूट दी गयी है। इसके अलावा ड्रग्स, क्लीनीक्स, पैथ लैब, रिसर्च लैब आदि को छूट दी गयी है।

’सोमवार से शुरू होगा वैक्सीनेशन अभियान’

18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने जो मुफ्त में वैक्सीनेशन का निर्णय लिया था। उसका सोमवार को प्रदेश में विधिवत तौर से उद्धघाटन होगा। देहरादून में राधा स्वामी सत्संग घर में मुख्यमंत्री उद्धघाटन करेंगे। इसके बाद एम. बी. डिग्री कालेज हल्द्वानी में भी 18-45 वर्ष के लोगों के टीकाकरण का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री हल्द्वानी में डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे अस्पताल के निरीक्षण के साथ साथ ऑक्सीजन निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण भी करेंगे।

उत्तराखंड में 11 से 18 मई तक सख्ती से लागू होगा कोविड कर्फ्यू

राज्य में कोविड के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर प्रदेश वासियों के हित में सरकार ने आगामी 11 से 18 मई तक प्रथम फेज में संपूर्ण राज्य में सख्त कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि 18 मई सुबह 6 बजे तक कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में केवल सुबह 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं जैसे फल, सब्जी, दूध, मीट आदि की दुकानें ही खुल सकेंगी। पूर्व में यह दुकानें 12 बजे तक खुल रही थी। राशन (परचून) की दुकानें केवल 14 मई को खोले जाने की अनुमति होगी।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग ही खुले रहेंगे। इसमें भी 50 प्रतिशत स्टाफ को ही बुलाया जा सकेगा। प्रेस के कर्मचारियों के लिए उनकी आईडी ही पास होगा। इंटर स्टेट यात्रियों को 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा देहरादून स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा।

आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लाने पर ही उन्हें राज्य में आने की अनुमति दी जाएगी। प्रवासियों को 7 दिन का आइसोलेशन अवधि अपनी-अपनी ग्राम सभाओं में बनाये गए स्थान में पूरी करनी होगी। जब उनमें लक्षण नहीं होंगे तब उन्हें घर भेजा जाएगा। इसका खर्च स्टेट फाइनेंस कमीशन की ग्रांट, एसडीआरएफ फण्ड से किया जाएगा।

बताया कि शादी समारोह में केवल 20 लोगों की अनुमति दी गयी है। उन्होंने कहा कि हालातों को देखते हुए फिलहाल लोग शादी समारोह को स्थगित करने का निर्णय भी अपने स्तर पर ले सकते हैं। इसी तरह शव यात्रा में भी 20 लोगों को ही अनुमति होगी।

इंटर स्टेट मूवमेंट में भी 50 प्रतिशत यात्रियों को ले जाने की अनुमति होगी। वैक्सीनेशन के लिए अगर 18 से 45 वर्ष के व्यक्ति घरों के बाहर निकल रहे हैं तो उन्हें अपना पंजीकरण दिखाना होगा। इसी तरह 45 से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जाने की अनुमति होगी। ट्रेन या हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों को लोकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए टिकट दिखाना होगा।

इसके साथ ही 10 मई को 1 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके तत्काल बाद कर्फ्यू लागू होगा। अब केवल 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें (फल, सब्जी, दूध, मीट) खुलेंगी। इसके साथ ही साथ मंडियों में केवल किसान और रिटेलर को ही आने की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी और को अनुमति नहीं होगी। राज्य में सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। केवल एमबीबीएस व बीडीएस, नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष के लिए क्लास चलाई जा सकती हैं। निकाय निरंतर रूप से बस अड्डों, मंडियों आदि को सेनेटाईज करते रहेंगे। शराब की दुकानें और बार पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैंक, आईटी वेंडर, गैस एजेंसी को छूट दी गयी है। इसके अलावा ड्रग्स, क्लीनीक्स, पैथ लैब, रिसर्च लैब आदि को छूट दी गयी है।

*सोमवार से शुरू होगा वैक्सीनेशन अभियान*

18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने जो मुफ्त में वैक्सीनेशन का निर्णय लिया था। उसका सोमवार को प्रदेश में विधिवत तौर से उद्धघाटन होगा। देहरादून में राधा स्वामी सत्संग घर में मुख्यमंत्री उद्धघाटन करेंगे। इसके बाद एम. बी. डिग्री कालेज हल्द्वानी में भी 18-45 वर्ष के लोगों के टीकाकरण का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री हल्द्वानी में डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे अस्पताल के निरीक्षण के साथ साथ ऑक्सीजन निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण भी करेंगे।

उत्तराखंडः यूपीइएस ने 50 और सेवा इंटरनेशनल ने 25 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स किए भेंट


यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून ने 50 और सेवा इंटरनेशनल ने 25 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स राज्य सरकार को भेंट किये हैं। इनका उपयोग उत्तराखण्ड के उन अस्पतालों में किया जाएगा जहां इसकी कमी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यूपीइएस और सेवा इंटरनेशनल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनमें से कुछ आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स गढ़वाल और कुमायूं के पहाङी जनपदों के अस्पतालों में भी भेजे जाएंगे। कोविड-19 से लङाई में हम अपने सभी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। इसमें धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमें विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, उद्योगों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। कोविड से एक प्रकार का युद्घ है जिसे सभी के सहयोग और समन्वित प्रयासों से ही जीता जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे फोन पर उत्तराखंड में कोविड की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने प्रदेश को हर सम्भव सहायता के लिए आश्वस्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और भारत सरकार का हमें कोविड के खिलाफ लङाई में पूरा सहयोग मिला है। कोविड से संबंधित हर जरूरत को भारत सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम कोविड से लङाई में अवश्य जीतेंगे।

इस अवसर पर डीजी हेल्थ डॉ तृप्ति बहुगुणा, यूपीइएस के वीसी डॉ सुनील राय, कुलसचिव डॉ वीणा दत्ता, लोकेन्द्र दत्त शर्मा, मनीष दुबे, मनीष याज्ञनिक, सेवा इंटरनेशनल के अशोक शर्मा, शशांक नेगी आदि उपस्थित थे।

कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करते 22 आटो को पुलिस ने किया सीज

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूमते और कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर पुलिस ने 22 आटो सीज किए है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोविड कर्फ्यू के दौरान सुबह 11 बजे तक नियमों का उल्लंघन कर अनावश्यक रूप से घूमने वाले 22 (बाईस) आटो चालकों के वाहनों को सीज किया गया है। समस्त चेकिंग पॉइंट पर सख्ताई से चेकिंग की जा रही है।

ऋषिकेश क्षेत्र में अलग-अलग जगह पर पॉइंट बनाकर सख्ती से चेकिंग की जा रही है। नियमों का पालन करवाया जा रहा है।

मिशन हौसला के जरिए पुलिस के जज्बे को सलाम, लोगों की मदद में अद्भुत योगदान

कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में तमाम लोगों के समक्ष कई परेशानियां देखने को मिल रही है, किसी परिवार में सभी संक्रमित है, तो दवाई कौन लाकर दें, तो कहीं आक्सीजन की कमी से जूझता परिवार, इसके अलावा राशन की समस्या। ऐसे में ऋषिकेश पुलिस मिशन हौसला अभियान के जरिए इन जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री पहुंचा रही है। ऋषिकेश पुलिस के लिए एक सलाम तो बनता है।
बीते रोज के कुछ मामले-

1. रेलवे रोड निवासी अशोक माथुर ने पुलिस को कॉल कर बताया कि आदर्शनगर निवासी 78 वर्षीय विनोद कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उनके साथ फिलहाल उनकी बहू रहती है। जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाने और ले जाने में असमर्थ है। पुलिस ने तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध कर बुजुर्ग के घर तक पहुंचाया।

2. गोविंदनगर निवासी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी 80 वर्षीय पत्नी को तेज बुखार आ रहा है। वे दोनों घर पर अकेले रहते हैं। अधिक उम्र होने के कारण दवाई लाने में असमर्थ है। पुलिस ने उनके घर पहुंचकर दवाई उपलब्ध कराई।
3. शांतिनगर निवासी सोनू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हैं। वे घर पर ही आइसोलेट हो गए है। रात को उनका ऑक्सीजन लेवल 70 तक गिर गया। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उन्हें ले जाया गया। लेकिन यहां अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया है। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस के जरिए बुजुर्ग को एम्स में पहुंचाया।
4. नजीबाबाद अदब सिटी हरिद्वार रोड जिला बिजनौर यूपी से काॅलर महबूब अहमद ने काॅल कर बताया कि उनकी पत्नी का इलाज एम्स से चल रहा है। मगर, प्रतिबंध के बीच वह दवाई लाने में असमर्थ है, ऐसे में पुलिस आरक्षी कमल जोशी ने हरिद्वार बस स्टाॅप पहुंचकर रोडवेज बस के जरिए दवाई पहुंचाई।
5. भट्टोवाला श्यामपुर निवासी राजेंद्र रावत ने काॅल कर ऋषिकेश कोतवाली में सूचना दी। बताया कि वह पांच दिन से पाॅजीटिव है, सांस लेने में तकलीफ है और आक्सीजन की आवश्यकता है, पुलिस ने तत्काल उन्हें आक्सीजन मुहैया करवाई।

कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें


कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का रक्त प्लाज्मा अन्य संक्रमित रोगियों के उपचार में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि यदि कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें, ताकि दूसरों की जान बचाई जा सके।

चिकित्सकों के अनुसार, रक्त प्लाज्मा का दान एक अत्यंत आसान प्रक्रिया है। 18 से 60 आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है और खास बात यह है कि प्लाज्मा दान करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि जब भी प्लाज्मा दान करें, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पिछले 14 दिनों से आपमें किसी भी प्रकार के कोविड के लक्षण तो नहीं। प्लाज्मा दान करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें और जरूरी सावधानियां बरतें।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि हिचकिचाएं नहीं, आगे आएं और रक्त प्लाज्मा का दान कर किसी कोरोना पीड़ित की जान बचाने में मदद कर अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।