पार्षद की गिरफ्तारी न होने पर हिंदू जागरण मंच ने पुलिस का फूंका पुतला

तीर्थनगरी में घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की कोशिश व भ्रूण हत्या के जैसे मामले में पार्षद शौकत अली व उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने पर हिंदू जागरण मंच ने पुलिस के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। पहले चरण के आंदोलन में हिजामं ने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर नारे लगाए। वहीं, पुलिस का पुतला बनाकर आग के हवाले भी किया।

हिजामं के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर तोमर के नेतृत्व में लोग दून तिराहे पर एकत्रित हुए। यहां हाथों में पुलिस का पुतला लेकर प्रदर्शन किया गया। ऋषिकेश पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसी बीच पुतले पर आग लगाई गई। सत्यवीर तोमर ने कहा कि पुलिस मामले में ढील दे रही है, आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई। जब भी पुलिस से वार्ता की गई, तो प्रयास की बात कहकर टाल दिया गया। कहा कि वहीं आरोपी चैकन्ने हो गए है।

नैनीताल हिजामं की टीम सक्रिय
हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर तोमर ने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने को नैनीताल का रूख कर रहे हैं। इसी को देखते हुए हिंदू जागरण मंच ने अपनी नैनीताल की टीम को सक्रिय कर दिया है। तोमर के अनुसार नैनीताल टीम को पार्षद व आरोपियों के फोटो उपलब्ध करवा दिए गए है। उनका दावा है कि नैनीताल पहुंचते ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

हक हकूकधारियों ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह के खिलाफ की बैठक, बयान को बताया बौखलाहट

चार धाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महा पंचायत समिति ने आज पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान का विरोध किया। महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया कि हक हकूकधारी किसी पार्टी विशेष के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह का यह बयान कि जो लोग देवस्थानम बोर्ड का विरोध कर रहे हैं कांग्रेसी हैं, सरासर गलत है। कहा कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र जब से कुर्सी से हाथ धो बैठे हैं गलत और बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। यह उनकी बौखलाहट है।

समिति के अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल और महामंत्री हरीश डिमरी ने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के बयान का भी विरोध किया है। बताया कि सतपाल महाराज द्वारा यह कहना कि देवस्थानम बोर्ड में सभी तीर्थ पुरोहितों के हक सुरक्षित हैं, यदि ऐसा होता तो तीर्थ पुरोहित सड़कों पर आंदोलन नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार आश्वासन दे रहे है कि बोर्ड का पुनर्विचार किया जाएगा। मगर बोर्ड को बनाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। इससे हक हकूक धारियों में आक्रोश है।

ऋषिकेश एम्स में नया आक्सीजन प्लांट हो रहा स्थापित, मिलेगा लाभ

एम्स ऋषिकेश में हवा से ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला ’पीएसए ऑक्सीजन प्लांट’ स्थापित किया जा रहा है। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर यह प्लांट कोविड मरीजों के उपचार में विशेष लाभकारी साबित होगा। काफी हद तक संभावना है कि एक माह के भीतर प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन होने लगेगा।

एम्स निदेशक प्रो. रविकांत की देखरेख में गंभीर किस्म के रोगियों के इलाज हेतु सुविधाओं में इजाफा करते हुए एम्स ऋषिकेश अब स्वयं ही मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा। इस सुविधा को शुरू करने के लिए डीआरडीओ की मदद से संस्थान में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। पीएसए ( प्रेशर स्विंग एडसॉर्प्शन ) तकनीक आधारित इस प्लांट से चैबीस घंटे प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन गैस का उत्पादन होगा।

ऑक्सीजन प्लांट प्रोजेक्ट के नोडल ऑफिसर डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर की चुनौतियों से निपटने में यह प्लांट विशेष लाभकारी साबित होगा। अभी तक एम्स में भर्ती मरीजों के उपचार के लिए बाह्य क्षेत्र से लिक्विड ऑक्सीजन मंगाकर उसे स्टोर करने की व्यवस्था है और फिर उसे गैस में परिवर्तित कर पाइपलाइन के माध्यम से अस्पताल के विभिन्न वार्डों तक पहुंचाया जाता है। बताया कि पीएम केअर फंड से तैयार हो रहे इस प्लांट से एक महीने के भीतर ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में मौजूदा समय में 30 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज प्लांट स्थापित है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को यहीं से ऑक्सीजन की सप्लाई की जाती है। नए ऑक्सीजन प्लांट के स्थापित होने से 15 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन सप्लाई पर एक ही समय में 64 वेन्टिलेटर अतिरिक्त तौर से संचालित किए जा सकेंगे और ऑक्सीजन सप्लाई की क्षमता पहले की अपेक्षा अब डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगी।

सीएम से मिले किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर, कई विषयों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किसान मौर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने भेंट की। उन्होंने किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण एवं उनकी समस्याओं के समाधान के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ सभी किसानों को समय पर मिले तथा उनकी कठिनाईयों का तत्परता से निराकरण हो इसके लिये भी प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, उपाध्यक्ष मुकेश मान, महामंत्री शंभु कुमार, प्रदेश अध्यक्ष किसान मौर्चा अनिल चैहान, देवी सिंह राणा, महेन्द्र सिंह नेगी आदि उपस्थित थे।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।

एसडीआरएफ बटालियन में सीएम ने किया पौधारोपण


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर एस.डी.आर.एफ बटालियन, जौलीग्रांट में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोक पर्व है। हमें व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। विज्ञान तेजी से तरक्की कर रहा है। इससे मानव जीवन में सुख सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण जरुरी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड को वजह से वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति चिंता बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया किया गया। मिशन हौंसला के तहत पुलिस द्वारा अनेक जरूरतमंदों की सेवा की गई।

स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड कि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। हरेला पर्व के अवसर पर प्रदेश में वृहद स्तर पर पौधारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एस.डी.आर.एफ द्वारा उत्तराखंड में सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस द्वारा प्रदेश में एक लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था। 5 जून से अभी तक पुलिस द्वारा 90 हजार से अधिक पौधारोपण किए जा चुके हैं।

इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पी.वी. के. प्रसाद, अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार आदि उपस्थित थे।

हरेला पर्व पर सीएम ने एमडीडीए सिटी पार्क में किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट एम.डी.डी.ए सिटी पार्क में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला सम्पन्नता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण का कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक ही सीमित न रहे। इसे जन -जन का कार्यक्रम बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण के साथ ही उनका संरक्षण हो इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से भेंट के लिए लोग बुके न दें। बुके की जगह पर पौधा भेंट करें। प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हो हरेला पर्व पर हमें यह संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। हमारी भावी पीढ़ी को हरा भरा उत्तराखंड मिले, इस दिशा में हमें लगातार प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के सूखने पर मुख्यमंत्री ने चिन्ता जताते हुए कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृति और प्रकृति का केंद्र भी है। उत्तराखंड की धरती से पर्यावरण संरक्षण का संदेश विश्वभर में जाए। पौधारोपण एवं अनेक सामाजिक कार्यों से हम सबको अपना योगदान देना होगा । उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यहां के धार्मिक परंपराएं, रीति रिवाज का व्यापक प्रसार हुआ है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड का संतुलित विकास हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य आत्म संतुष्टि के लिए भी होने चाहिए। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आज सबके सामने है। प्रकृति अनेक रूपों में बदला जरूर लेती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती लोगों की आस्था का केंद्र है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक ज्योत्सना सिथलिंग, डी.जी.के शर्मा, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

कर्णप्रयाण-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में सीएम से मिले राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य

देहरादून। भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने उत्तराखंड सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्णप्रयाग-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में चर्चा की और इस आशय का उन्हें पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे शीघ्र इन सड़कों का संज्ञान लेंगे।

सतीश लखेड़ा ने कहा कि अनेक सड़कों के लिए लंबे समय से जन आंदोलन चल रहे हैं और वे आज भी विकास से कोसों दूर हैं। कुछ सड़कें विभिन्न अनापत्तियों के कारण शासन में रुकी हुई हैं। कुछ सड़कों के लिए समस्त औपचारिकताएं तो हो गई है किंतु धन जारी नहीं हुआ है अतः प्राथमिकता से जनहित में इन सभी पर शीघ्र कार्य किया जाना आवश्यक है।

सतीश लखेड़ा ने कर्णप्रयाग विकासखंड के ग्वाड़ से धनपुर मोटर मार्ग, सिन्द्रवाणी से सकण्ड मोटर मार्ग तथा उमट्टा दृ बरसाली- मैखुरा मार्ग के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी का ध्यान दिलाया।

सतीश लखेड़ा ने कहा निरंतर जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं और मीडिया द्वारा भी इन मार्गों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है। उन्होंने गैरसैण विकासखण्ड के खेतगधेरा से केड़ा-पंडाव मार्ग, कण्ड से बूराखोली मार्ग, खेती- रंडोली- बेनीताल मार्ग के शीघ्र निर्माण का अनुरोध किया साथ ही मालकोट से सेरा तेवाखर्क मार्ग आंदोलन के बारे में बताया और इस मार्ग की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मैखोली- खिनसर- अक्षवाड़ा मोटर मार्ग, कोठा बैंड से दमदड़ मोटर मार्ग के शीघ्र निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी से अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर संपूर्ण औपचारिकताएं हो चुकी है उनका प्राथमिकता से निर्माण प्रारंभ किया जाए। जिनकी शासन में अनापत्तियों को लेकर फाइल रुकी है, इस हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं और नई सड़कों के लिए शीघ्र ही सर्वे करके धन आवंटित किया जाए।

हिजामं ने पुलिस के सामने जताई नाराजगी, पार्षद की अरेस्टिंग न होने पर दी आंदोलन शुरू करने की धमकी


हिंदू जागरण मंच शनिवार से पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करने जा रहा है। पार्षद शौकत अली व उसके साथियों की अरेस्टिंग न होने से आक्रोशित हिजामं कार्यकर्ताओं ने आज ऋषिकेश कोतवाली में अपनी नाराजगी जताई। साथ ही शनिवार से आंदोलन की शुरूआत करते हुए प्रथम चरण में पुलिस के खिलाफ पुतला दहन की घोषणा की।

हिजामं के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवीर तोमर ने कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी के सम्मुख अपनी बात रखी। कहा कि शुक्रवार तक पार्षद की गिरफ्तारी की बात पुलिस की ओर से कही गई। मगर, पुलिस एक भी आरोपी को नहीं पकड़ सकी। उन्होंने आईडीपीएल चैकी इंचार्ज कुलदीप पंत पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि कुलदीप पंत लगातार आरोपियों के संपर्क में है, मगर गिरफ्तार नहीं कर रहे। वहीं, कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने हिजामं कार्यकर्ताओं को काफी समझाने का प्रयास किया। मगर, हिजामं कार्यकर्ता नहीं माने। इसी बीच जय श्री राम के नारे भी कोतवाली परिसर में गूंजने लगे।

सत्यवीर तोमर ने कहा कि काफी इंतजार के बाद अब हिजामं शनिवार से पुलिस के खिलाफ आंदोलन शुरू कर रहा है, प्रथम चरण में पुलिस का पुतला दहन किया जाएगा। मौके पर पार्षद राजेंद्र बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।

नई दिल्ली में उत्तराखंड सदन में सीएम से मिले जनरल विपिन रावत

चीफ डिफेंस ऑफ स्टाफ जनरल बिपिन रावत व एनटीआरओ के चीफ अनिल धस्माना ने उत्तराखण्ड सदन, नई दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की।

जनरल बिपिन रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मध्य उत्तराखण्ड के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। विशेष तौर पर सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की सीमाएं चीन व नेपाल से लगने के कारण यहां के सामरिक महत्व को देखते हुए राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में बार्डर एरिया विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए। विशेष तौर पर सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकने की योजनाओं पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रणनीतिक महत्व को देखते हुए सड़कों व पुलों के निर्माण के लिए जरूरी औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है।

राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों के पुलिस सत्यापन पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से भी संवेदनशील राज्य है। आपदा की स्थिति में राहत व बचाव कार्यों में सेना ने सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार व सैन्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड के कारण नहीं हो पाई भर्ती रैलियों को दुबारा शुरू किये जाने का अनुरोध किया। सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

एनटीआरओ चीफ अनिल धस्माना ने कहा कि उत्तराखण्ड में ड्रोन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए पूरी सहायता दी जाएगी।