आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित अमृत महोत्सव कार्यक्रम का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पवेलियन ग्राउंड देहरादून में आजादी के 75वें वर्ष पर आयोजित अमृत महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने देश की आजादी से संबंधित विभिन्न स्मृतियों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी ने आत्मनिर्भर भारत की जो कल्पना की थी, उसे मोदी सरकार पूर्ण करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह ने कहा कि हम लोग सौभाग्यशाली हैं कि हमने आजाद भारत में जन्म लिया। लेकिन वे लोग जिन्होंने इस देश को आजादी दिलाई। उन महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को आजादी के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि आजादी के उन मतवालों का बस एक ही सपना था देश को आजाद कराना। उनके मन में एक ही पीड़ा थी, देश को आजाद करा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी के लिए आज ही के दिन नमक सत्याग्रह शुरू किया था। वीर सावरकर, भगत सिंह, चंद्रशेखर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस आदि अनेक क्रांतिकारियों के आजादी के लिए किए गए संघर्ष हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा में लाने का काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया। इसी तरह लॉर्ड मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा पद्वति को हम पर थोपा गया। अब तक वही सब चल रहा था। लेकिन आज इन सबसे निजात देने का काम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म करने की बात हो या तीन तलाक कानून से लेकर राम जन्म भूमि की। आज हम कह सकते हैं कि हम सही मायने में पूर्ण आजादी की ओर आगे बढ़े हैं।

इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक खजान दास, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव सूचना दिलीप जावलकर, अपर महानिदेशक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार नरेन्द्र कुमार कौशल आदि उपस्थित रहे।

तीरथ सरकार में बने 11 मंत्री, आज राज्यपाल ने दिलाई सभी को शपथ

राजभवन में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कैबिनेट मंत्रियों एवं राज्य मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में राज्यपाल ने मंत्री सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, अरविंद पाडेय, बंसीधर भगत, गणेश जोशी, बिशन सिंह चुफाल को कैबिनेट मंत्री एवं रेखा आर्य, धनसिंह रावत और स्वामी यतीश्वरानंद को राज्य मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी कैबिनेट एवं राज्य मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि मंत्रिमंडल के सभी सहयोगी आपसी समन्वय के साथ प्रदेश के विकास में प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे और एक नए उत्तराखंड का निर्माण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर बनाए रखने के लिए आपका सहयोग मिलता रहेगा, इसका मुझे पूरा विश्वास है। प्रदेश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता है। सकारात्मक ऊर्जा के साथ समन्वय और सहयोग से हम सभी प्रदेश के विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेंगे।

मुनिकीेरेती पुलिस का पसीजा दिल, पर्यटकों को घर लौटने के लिए दिए सात हजार रूपए

मुनिकीरेती पुलिस ने मध्य प्रदेश के नागरिकों को घर जाने के लिए सात हजार रूपए की मदद की है। उक्त नागरिकों का पर्स व आवश्यक दस्तोवज गंगा स्नान के दौरान गायब हो गए थे। इसके उनके समक्ष घर जाने तक के रूपए नहीं थे।

दरअसल, हरिद्वार कुंभ मेला स्नान के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर से घूमने पहुंचे रेखा बाई चैहान व उनके परिजन राहुल भूरी बाई, आलोक गंगाबाई, जिगर चैहान उस समय भारी मायूस हो गए। जब नाव घाट पर नहाते समय उनका पर्स कहीं गायब हो गया। पुलिस के अनुसार जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, एटीएम आदि थे। आज थाना प्रभारी राम किशोर सकलानी ने उन्हें घर उज्जैन तक जाने के लिए सात हजार रूपए की आर्थिक मदद प्रदान की। इसके लिए उक्त नागरिकों ने मुनिकीरेती पुलिस धन्यवाद अदा किया।

अखंड ज्ञान के लिए नई शिक्षा नीति हैं विशिष्टः प्रो. अन्न्पूर्णा

अखंड ज्ञान प्राप्ति हेतु सीमाएँ समाप्त करने के लिए नई शिक्षा नीति विशिष्ट है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 में परिकल्पनात्मक और लचीलेपन से युक्त बहुपक्षीय नवाचार प्रमुख है। भाषा समेकीकरण का एक बड़ा माध्यम है। जर्मनी, जापान, चीन, कोरिया और इजराइल आदि जैसे देश मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करते हैं। भारतवर्ष एक बहुभाषीय देश है इस दृष्टि से भारतवर्ष में मातृभाषा में शिक्षा एक चुनौती है। इसके लिए अलग-अलग भाषाओं में पाठ्यक्रम तैयार करना और उसके अनुसार शिक्षण पद्धति में परिवर्तन करने का एक बड़ा दायित्व आधुनिक युवा शिक्षाविदों पर है। यह बात प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल, कुलपति, हे.न.ब. गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढवाल, उत्तराखण्ड तथा सदस्या, न्यू एजुकेशन इम्प्लीमंेटेशन कमिटी द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में कही गयी।
उन्होंने यह भी कहा कि मल्टीडिसिप्लीनेरी रिसर्च यूनिवर्सिटी (मेरू) नवाचार युक्त शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने जा रही है। प्रो. नौटियाल भारत सरकार के पण्डित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एवं टीचिंग के अन्तर्गत परिचालित फेकल्टी डेवेलपमेंट सेंटर द्वारा दिनांक 12 से 25 मार्च, 2021 तक ‘पेडागॉजिकल टेक्निक्स एंड रिसर्च मैथोडोलॉजी‘ विषय पर चलने वाले रिफ्रैशर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थी।

डॉ विकास दवे, निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए कौशल विकास, रचनात्मकता और मनोवैज्ञानिक तैयारी नई शिक्षा नीति के सर्वाधिक प्रभावी कदम हैं। नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने शिक्षापद्धति के सम्बन्ध में जनसामान्य को भी चिंतन की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षा का मनोवैज्ञानिक विवेचन प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई शिक्षा नीति मंे ऐसी व्यवस्था की गयी है कि इससे बच्चों में निराशा नहीं आयेगी और वे जीवन की कठिन से कठिन परिस्थिति का सामना करते हुए स्वयं, देश और समाज की उन्नति में सहभागी बन सकें। उन्हांेने कहा कि नैतिक मूल्यों की गिरावट को रोकने और नैतिक उन्नयन हेतु अध्यापकों को ही प्रयास करना होगा।
शिक्षकों को लक्ष्य के प्रति एकाग्रता, समर्पण, टीमवर्क तथा अच्छे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। भारतवर्ष को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए भारतीय शिक्षा पद्धति महत्त्वपूर्ण है और इससे ही आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना चरितार्थ हो सकेगी।

फेकल्टी डेवेलपमेंट सेन्टर की निदेशक प्रो0 इन्दु पाण्डेय खण्डूड़ी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए इस रिफ्रैशर कोर्स की विषयवस्तु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘पेडागॉजी एण्ड रिसर्च मैथोडॉलॉजी‘ में समाहित शिक्षाशास्त्रीय पद्धतियों और शोध प्रविधियों के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर केन्द्रित होगा। पूरे देश के विभिन्न संस्थानों से लगभग 18 शिक्षाविद् इन प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देेंगे। प्रो खण्डूड़ी ने बताया कि दो सप्ताह तक ऑनलाइन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केरल, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखण्ड जैसे 7 राज्यों के विभिन्न उच्चशिक्षण संस्थानों के 51 शिक्षक प्रतिभागी ऑनलाइन प्रतिभाग कर रहे हैं।

सत्र का संचालन डॉ0 सोमेश थपलियाल, एसिस्टेंट डायरेक्टर, फेकल्टी डेवेलपमेंट संेटर ने किया। डॉ. कविता भट्ट, रिसर्च एसोसिएट ने अतिथियों का परिचय करवाया तथा डॉ. राहुलकुँवर सिंह, एसिस्टेंट डायरेक्टर ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियो का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान पारुल, बलवीर, जगदम्बा तथा रामेश्वरी इत्यादि भी उपस्थित रहे।

सत्यम शिवम सुंदरम वीडियों हुआ लोकार्पित

महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में रूपसा ऑफिसियल के बैनर तले सत्यम शिवम सुंदरम वीडियो गीत का लोकार्पण किया गया। नवरत्न डांस एकेडमी में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यातिथि अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी, पूर्व राज्यमंत्री उषा रावत एवं समाज सेवी हरिस्वरूप मेहरा ने किया।

गीत को अपनी मधुर आवाज युवा गायिका रूपांशा मेहरा ने दी है। युवा गायिका रूपांशा ने बताया कि अपने इस गीत के माध्यम से संदेश देने का प्रयास किया है कि समाज लड़कियों की सुंदरता को न जाने कितने पैमानों में तोलता है काली,गोरी, लम्बी छोटी और ना जाने क्या क्या ओर सुंदरता के कुछ पैमाने बना दिये गए है। लड़कियों को उनपर खरा उतरने के लिए अपने आप को बदलना पड़ता है। लेकिन सत्य ही यतार्थ ओर सुंदर होता है और वो जिस भी रूप में हो उसे स्वीकार करना चाहिए। डॉ राजे नेगी ने कहा कि समाज मे रहने वाले लोग जिस दिन सूरत से अधिक तव्वजों सीरत को देने लगेंगे उस दिन समाज मे महिलाओं का स्थान और अधिक ऊंचा उठने लगेगा। वीडियो गीत में अभिनय अरविंद पाल और रूपांशा मेहरा ने किया है।

फिल्माकंन एवं निर्देशन राहुल शास्त्री, रिकॉर्डिंग दीपक भारद्वाज, सिनेमेटोग्राफी विनोद भारद्वाज ने किया है। इस अवसर पर गंगोत्री देवी, पिंकी पैन्यूली, उर्मिला देवी, आशा लाल, सरोज देवी, मिथिलेश देवी, प्रवीन सिंह असवाल, प्रांजल, आशालाल, गंभीर सिंह असवाल, रजत कालरा, कुसुम देवी, रजनी, विनय कोठारी, जयराम कुशवाहा, गौतम कंडवाल, सुजीत यादव, विवेक शर्मा, सचिन, रिशु मेहरा, सोनू आदि उपस्थित रहे।

मेयर अनिता ने साईं भक्तों को दिया वाटर कूलर का तोहफा

आस्था पथ साईं मंदिर में साईं भक्तो द्वारा पेयजल की समस्या को देखते हुए मेयर अनिता ममगाईं से वाटर कूलर लगाने की फरियाद की गई थी। जिसे मेयर अनिता ममगाईं ने महाशिवरात्रि के मौके पर पूरा कर दिया है। इससे पूर्व मेयर पति डा. हेतराम ममगाई के साथ मंदिर पहुंची। यहां उन्होंने बाबा का अभिषेक कर तीर्थ नगरी की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

इस दौरान पार्षद कमलेश जैन, विजय बडोनी, पंकज शर्मा, पवन शर्मा, राजपाल ठाकुर, अक्षय खेरवाल, श्री साई गंगा सेवा समिति ट्रस्ट ऋषिकेश की सदस्य प्रकान्त कुमार, राहुल शर्मा, राहुल कुमार, अनुज कुमार, प्रदीप शर्मा, सागर शर्मा, विक्की जुनेजा, मुकेश पाल, ओम पाल, आनन्द शर्मा, युग जाटव, आदित्य किंगर, दीपक परुथी, विजय कुमार, संजय शैली, मनोज प्रजापति, मनोज कुमार, हरिओम तलरेजा, नवनीत नागलिया, अमित जैन, नवीन गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

परमार्थ निकेतन में निकली शिव बारात, प्रसिद्ध तालवादक शिवमणि के संगीत से भक्तिमय हुआ माहौल

परमार्थ निकेतन में उमंग, उत्साह और उल्लास के साथ शिवरात्रि महोत्सव मनाया गया। परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों ने ड्रम, ढोल-नगाड़े की ताल पर कीर्तन करते हुये भगवान शिव की बारात निकाली।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर रूद्राक्ष के पौधों का रोपण, पूजन और सिंचन कर भगवान शिव की स्तुति की। उन्होंने संदेश दिया कि जैवविविधता, जीव विविधता, जीवन में एकता तथा विभिन्नता में एकता यही भारत की विशेषता है और यही सत्य है, यही शिव है, यही सुन्दर है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दिव्य गंगा आरती के पश्चात सभी योग साधकों और श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध ड्रम व तालवादक शिवमणि के मंत्रमुग्ध करने वाले संगीत का आनन्द लिया। इसके बाद परमार्थ गंगा तट पर वैदिक मंत्रों एवं दिव्य शंख ध्वनि के साथ शिवाभिषेक किया गया। शिवमणि ने अपनी वर्चुअल परफारमेंस दी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवपरिवार का उदाहरण देते हुये कहा कि विविधता में एकता, समर्पण और प्रेम का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है भगवान शिव का परिवार। भगवान शिव के गले में सर्प, श्री गणेश का वाहन चूहा और श्री कार्तिकेय का वाहन मोर है, सर्प, चूहे का भक्षण करता है और मोर, सर्प का परन्तु परस्पर विरोधी स्वभाव होते हुये भी शिव परिवार में आपसी प्रेम है। अलग-अलग विचारों, प्रवृतियों, अभिरूचियों और अनेक विषमताओं के बावजूद प्रेम से मिलजुल कर रहना ही हमारी संस्कृति है और शिव परिवार हमें यही शिक्षा देता है।
डाॅ साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि शिवरात्रि महापर्व हमें अपनी अंतरचेतना से जुड़ने, सत्य को जनाने, स्व से जुड़़ने तथा शिवत्व को प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। जीवन में आये विषाद्, कड़वाहट और दुख को पी कर आनन्द से परमानन्द की ओर बढ़ने का संदेश देती है। महाशिवरात्रि पूर्ण सत्य और आनन्द की प्राप्ति का महामंत्र है।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने शाही स्नान पर पहुंचे श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर किया स्वागत, लिया संतो का आर्शीवाद

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आज हरिद्वार में हर की पैड़ी पहुंचकर मां गंगा से प्रदेशवासियों की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर शाही स्नान के लिए मां गंगा के तट पर आए साधु-संतों और श्रद्धालुओं का मुख्यमंत्री ने स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री का गंगाजली, प्रसाद और चुनरी भेंट कर स्वागत किया।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी साधु-संतों का आभार माना। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मां गंगा में शाही स्नान करने के लिए श्रद्धालु रात से ही जुटने लगे थे। जनता की सुविधा के लिए हमारी सरकार ने सभी इंतजाम कर रखे हैं। कई श्रद्धालुओं ने अलसुबह स्नान किया और वे सुरक्षित अपने घरों को लौटे। इसके पश्चात अखाड़े के साधु-संतों का स्नान शुरू हुआ और सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से स्नान किया। सभी अखाड़े के साधु संतों का स्नान होने के पश्चात फिर जनता ने स्नान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ में जनता के लिए कोई भी रोक-टोक नहीं है, किसी से भी सख्ती नहीं की जाएगी। उन्होंने जनता से निवेदन किया कि कोविड-19 से बचाव की गाइडलाइन का पालन करने के साथ ही मास्क पहनने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुंभ का प्रथम शाही स्नान है। इसे विशेष बनाने के लिए सभी साधु-संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि सभी साधु-संत काफी खुश नजर आ रहे हैं साथ ही प्रशासन भी जनता की समस्याएं दूर करने के लिए मुस्तैदी से लगा है। उन्होंने कहा कि दिव्य, भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।

महाशिवरात्रि पर शाही स्नान से पूर्व श्रद्धालुओं पर होगी पुष्प वर्षाः तीरथ सिंह रावत

हरिद्वार कुम्भ मेले में महाशिवरात्रि के अवसर पर पहले शाही स्नान में श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी सावधानियों का पालन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। आगंतुक श्रद्धालु गंगा जी में सुविधापूर्वक पवित्र स्नान कर सकें। संतों का सम्मान सबसे ऊपर है। कुम्भ की दिव्यता और भव्यता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को मिलकर प्रदेश को विकास की ओर ले जाना है। इसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारी अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें। उत्तराखण्ड का विकास हम सभी का दायित्व है। सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करें।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बंशीधर भगत, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव आनंदवर्द्धन, आरके सुधांशु, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, राधिका झा, दिलीप जावलकर, सौजन्या आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ली पद व गोपनीयता की शपथ

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में तीरथ सिंह रावत ने पद व गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई। तीरथ छात्र राजनीति से ही सक्रिय रहे हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

एक नजर में तीरथ सिंह रावत

पिता का नामः कमल सिंह रावत
जन्मतिथिः नौ अप्रैल 1964
निवासीः ग्राम सीरों, पट्टी असवालस्यूं, पौड़ी गढ़वाल।
शिक्षाः हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र में परास्नातक।

राजनीतिक सफर

1983 से 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। उसके बाद अभाविप के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री, गढ़वाल विवि में छात्र संघ अध्यक्ष व छात्र संघ मोर्चा (उत्तर प्रदेश) में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। भाजयुमो (उत्तर प्रदेश) के प्रदेश उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे।

1997 में पहली बाद उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित।
2000 में राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में शिक्षा राज्य मंत्री का दायित्व।
2007 में भाजपा के प्रांतीय महामंत्री बने।
2012 के विस चुनाव में चैबट्टाखाल से जीत हासिल की।
2013 में उत्तराखंड दैवीय आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष रहे।
वर्ष 2013 में ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद खंडूरी के सबसे करीबी लोगों में शामिल तीरथ सिंह को 2012 के विधानसभा में चुनाव में चैबट्टाखाल सीट से मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने जीत हासिल की। फरवरी 2013 में उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और 2015 में उन्हें प्रदेश की राजनीति से हटाकर राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व दे दिया गया।

मैंने कभी भी यहां पहुंचने की कल्पना नहीं की

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मुझ पर भरोसा करने के लिए लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी चीफ का धन्यवाद करता हूं। मैं पार्टी का ऐसा कार्यकर्ता हूं जो एक छोटे गांव से आता है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं यहां पहुंचूंगा। मैं जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश करुंगा।

जानिए तीरथ सिंह रावत के बारे में खास बातें…
राज्य के नए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत 2000 में उत्तराखण्ड के प्रथम शिक्षा मंत्री चुने गए थे।
वर्ष 1997 में वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य के सदस्य निर्वाचित हुए।
इसके बाद 2007 में उत्तराखण्ड के प्रदेश महामंत्री चुने गए थे। उसके बाद वह उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।
वर्तमान में तीरथ सिंह रावत भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के साथ साथ गढ़वाल लोकसभा से सांसद भी हैं।
पौड़ी सीट से भाजपा के उम्मीदवार के अतिरिक्त 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें हिमाचल प्रदेश का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया था।
तीरथ ने गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर श्रीनगर से छात्र राजनीति शुरू की।
वर्ष 1992 में वह सबसे पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से गढ़वाल विवि बिड़ला परिसर श्रीनगर के छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़े और जीते।
इसके बाद वे अभाविप के प्रदेश संगठन मंत्री, भाजयुमो में प्रदेश उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहे।
2019 के लोकसभा चुनाव में तीरथ ने गढ़वाल संसदीय सीट से संसदीय राजनीति में पहला कदम रखा था।
पौड़ी-गढ़वाल सीट पर भाजपा प्रत्याशी तीरथ सिंह रावत ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मनीष खंडूड़ी को हराया था। तीरथ को 506980 और मनीष खंडूरी को 204311 वोट मिले थे।
वर्ष 2012 में विधानसभा चैबट्टाखाल से विधायक चुने जाने के बाद वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया।
वर्ष 2017 में सिटिंग विधायक होते हुए टिकट कटने के बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
वर्तमान में तीरथ हिमाचल प्रदेश के प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। रामजन्मभूमि आंदोलन में दो माह तक जेल में रहे तीरथ ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
नवनिर्वाचित गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और प्रत्याशी के रुप में शत-प्रतिशत परिणाम दिए।
तीरथ को 2013 में भाजपा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटें भाजपा की झोली में गईं।
लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने तीरथ को गढ़वाल सीट से प्रत्याशी बनाए जाने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के प्रभारी का दायित्व भी सौंपा।
उन्होंने अपनी जीत के साथ हिमाचल प्रदेश की चारों सीटें जिताकर पार्टी में खुद के कद को और मजबूत किया।