उत्तराखंड में 11 से 18 मई तक सख्ती से लागू होगा कोविड कर्फ्यू

राज्य में कोविड के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर प्रदेश वासियों के हित में सरकार ने आगामी 11 से 18 मई तक प्रथम फेज में संपूर्ण राज्य में सख्त कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट मंत्री व शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने बताया कि 18 मई सुबह 6 बजे तक कोविड कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस अवधि में केवल सुबह 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं जैसे फल, सब्जी, दूध, मीट आदि की दुकानें ही खुल सकेंगी। पूर्व में यह दुकानें 12 बजे तक खुल रही थी। राशन (परचून) की दुकानें केवल 14 मई को खोले जाने की अनुमति होगी।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग ही खुले रहेंगे। इसमें भी 50 प्रतिशत स्टाफ को ही बुलाया जा सकेगा। प्रेस के कर्मचारियों के लिए उनकी आईडी ही पास होगा। इंटर स्टेट यात्रियों को 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा देहरादून स्मार्ट सिटी के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा।

आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट लाने पर ही उन्हें राज्य में आने की अनुमति दी जाएगी। प्रवासियों को 7 दिन का आइसोलेशन अवधि अपनी-अपनी ग्राम सभाओं में बनाये गए स्थान में पूरी करनी होगी। जब उनमें लक्षण नहीं होंगे तब उन्हें घर भेजा जाएगा। इसका खर्च स्टेट फाइनेंस कमीशन की ग्रांट, एसडीआरएफ फण्ड से किया जाएगा।

बताया कि शादी समारोह में केवल 20 लोगों की अनुमति दी गयी है। उन्होंने कहा कि हालातों को देखते हुए फिलहाल लोग शादी समारोह को स्थगित करने का निर्णय भी अपने स्तर पर ले सकते हैं। इसी तरह शव यात्रा में भी 20 लोगों को ही अनुमति होगी।

इंटर स्टेट मूवमेंट में भी 50 प्रतिशत यात्रियों को ले जाने की अनुमति होगी। वैक्सीनेशन के लिए अगर 18 से 45 वर्ष के व्यक्ति घरों के बाहर निकल रहे हैं तो उन्हें अपना पंजीकरण दिखाना होगा। इसी तरह 45 से ऊपर के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए जाने की अनुमति होगी। ट्रेन या हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों को लोकल ट्रांसपोर्टेशन के लिए टिकट दिखाना होगा।

इसके साथ ही 10 मई को 1 बजे तक दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके तत्काल बाद कर्फ्यू लागू होगा। अब केवल 7 से 10 बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें (फल, सब्जी, दूध, मीट) खुलेंगी। इसके साथ ही साथ मंडियों में केवल किसान और रिटेलर को ही आने की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी और को अनुमति नहीं होगी। राज्य में सभी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। केवल एमबीबीएस व बीडीएस, नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष के लिए क्लास चलाई जा सकती हैं। निकाय निरंतर रूप से बस अड्डों, मंडियों आदि को सेनेटाईज करते रहेंगे। शराब की दुकानें और बार पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैंक, आईटी वेंडर, गैस एजेंसी को छूट दी गयी है। इसके अलावा ड्रग्स, क्लीनीक्स, पैथ लैब, रिसर्च लैब आदि को छूट दी गयी है।

*सोमवार से शुरू होगा वैक्सीनेशन अभियान*

18 से 45 वर्ष के लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने जो मुफ्त में वैक्सीनेशन का निर्णय लिया था। उसका सोमवार को प्रदेश में विधिवत तौर से उद्धघाटन होगा। देहरादून में राधा स्वामी सत्संग घर में मुख्यमंत्री उद्धघाटन करेंगे। इसके बाद एम. बी. डिग्री कालेज हल्द्वानी में भी 18-45 वर्ष के लोगों के टीकाकरण का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री हल्द्वानी में डीआरडीओ द्वारा बनाये जा रहे अस्पताल के निरीक्षण के साथ साथ ऑक्सीजन निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण भी करेंगे।

उत्तराखंडः यूपीइएस ने 50 और सेवा इंटरनेशनल ने 25 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स किए भेंट


यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून ने 50 और सेवा इंटरनेशनल ने 25 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स राज्य सरकार को भेंट किये हैं। इनका उपयोग उत्तराखण्ड के उन अस्पतालों में किया जाएगा जहां इसकी कमी है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यूपीइएस और सेवा इंटरनेशनल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनमें से कुछ आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर्स गढ़वाल और कुमायूं के पहाङी जनपदों के अस्पतालों में भी भेजे जाएंगे। कोविड-19 से लङाई में हम अपने सभी संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। इसमें धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। हमें विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, उद्योगों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। कोविड से एक प्रकार का युद्घ है जिसे सभी के सहयोग और समन्वित प्रयासों से ही जीता जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनसे फोन पर उत्तराखंड में कोविड की स्थिति के बारे में जानकारी ली है। उन्होंने प्रदेश को हर सम्भव सहायता के लिए आश्वस्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और भारत सरकार का हमें कोविड के खिलाफ लङाई में पूरा सहयोग मिला है। कोविड से संबंधित हर जरूरत को भारत सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम कोविड से लङाई में अवश्य जीतेंगे।

इस अवसर पर डीजी हेल्थ डॉ तृप्ति बहुगुणा, यूपीइएस के वीसी डॉ सुनील राय, कुलसचिव डॉ वीणा दत्ता, लोकेन्द्र दत्त शर्मा, मनीष दुबे, मनीष याज्ञनिक, सेवा इंटरनेशनल के अशोक शर्मा, शशांक नेगी आदि उपस्थित थे।

कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करते 22 आटो को पुलिस ने किया सीज

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में अनावश्यक रूप से घूमते और कोविड कर्फ्यू का उल्लंघन करने पर पुलिस ने 22 आटो सीज किए है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोविड कर्फ्यू के दौरान सुबह 11 बजे तक नियमों का उल्लंघन कर अनावश्यक रूप से घूमने वाले 22 (बाईस) आटो चालकों के वाहनों को सीज किया गया है। समस्त चेकिंग पॉइंट पर सख्ताई से चेकिंग की जा रही है।

ऋषिकेश क्षेत्र में अलग-अलग जगह पर पॉइंट बनाकर सख्ती से चेकिंग की जा रही है। नियमों का पालन करवाया जा रहा है।

मिशन हौसला के जरिए पुलिस के जज्बे को सलाम, लोगों की मदद में अद्भुत योगदान

कोरोना महामारी की इस दूसरी लहर में तमाम लोगों के समक्ष कई परेशानियां देखने को मिल रही है, किसी परिवार में सभी संक्रमित है, तो दवाई कौन लाकर दें, तो कहीं आक्सीजन की कमी से जूझता परिवार, इसके अलावा राशन की समस्या। ऐसे में ऋषिकेश पुलिस मिशन हौसला अभियान के जरिए इन जरूरतमंदों को आवश्यक सामग्री पहुंचा रही है। ऋषिकेश पुलिस के लिए एक सलाम तो बनता है।
बीते रोज के कुछ मामले-

1. रेलवे रोड निवासी अशोक माथुर ने पुलिस को कॉल कर बताया कि आदर्शनगर निवासी 78 वर्षीय विनोद कुमार की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है। उनके साथ फिलहाल उनकी बहू रहती है। जो ऑक्सीजन सिलेंडर लाने और ले जाने में असमर्थ है। पुलिस ने तत्काल ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध कर बुजुर्ग के घर तक पहुंचाया।

2. गोविंदनगर निवासी देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनकी 80 वर्षीय पत्नी को तेज बुखार आ रहा है। वे दोनों घर पर अकेले रहते हैं। अधिक उम्र होने के कारण दवाई लाने में असमर्थ है। पुलिस ने उनके घर पहुंचकर दवाई उपलब्ध कराई।
3. शांतिनगर निवासी सोनू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि उनके 65 वर्षीय पिता कोरोना संक्रमित हैं। वे घर पर ही आइसोलेट हो गए है। रात को उनका ऑक्सीजन लेवल 70 तक गिर गया। इससे उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। एक प्राइवेट नर्सिंग होम में उन्हें ले जाया गया। लेकिन यहां अस्पताल ने भर्ती करने से मना कर दिया है। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस के जरिए बुजुर्ग को एम्स में पहुंचाया।
4. नजीबाबाद अदब सिटी हरिद्वार रोड जिला बिजनौर यूपी से काॅलर महबूब अहमद ने काॅल कर बताया कि उनकी पत्नी का इलाज एम्स से चल रहा है। मगर, प्रतिबंध के बीच वह दवाई लाने में असमर्थ है, ऐसे में पुलिस आरक्षी कमल जोशी ने हरिद्वार बस स्टाॅप पहुंचकर रोडवेज बस के जरिए दवाई पहुंचाई।
5. भट्टोवाला श्यामपुर निवासी राजेंद्र रावत ने काॅल कर ऋषिकेश कोतवाली में सूचना दी। बताया कि वह पांच दिन से पाॅजीटिव है, सांस लेने में तकलीफ है और आक्सीजन की आवश्यकता है, पुलिस ने तत्काल उन्हें आक्सीजन मुहैया करवाई।

कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें


कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों का रक्त प्लाज्मा अन्य संक्रमित रोगियों के उपचार में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि यदि कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं तो अपना रक्त प्लाज्मा अवश्य दान करें, ताकि दूसरों की जान बचाई जा सके।

चिकित्सकों के अनुसार, रक्त प्लाज्मा का दान एक अत्यंत आसान प्रक्रिया है। 18 से 60 आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है और खास बात यह है कि प्लाज्मा दान करने से स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि जब भी प्लाज्मा दान करें, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पिछले 14 दिनों से आपमें किसी भी प्रकार के कोविड के लक्षण तो नहीं। प्लाज्मा दान करने से पहले चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें और जरूरी सावधानियां बरतें।

मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि हिचकिचाएं नहीं, आगे आएं और रक्त प्लाज्मा का दान कर किसी कोरोना पीड़ित की जान बचाने में मदद कर अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाएं।

पत्रकारों को वैक्सीनेशन के लिए अलग से व्यवस्था बनाने के सीएम ने दिए निर्देश

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने सूचना विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि कोविड-19 के चुनौतीपूर्ण समय में जनता तक सही एवं समय पर सूचनाएं पहुंचे, इसमें सूचना विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पत्रकार बंधु भी कोविड पर जनजागरुकता के दृष्टिगत लगातार फील्ड में हैं। इस दौरान कई बार वे भी कोविड से संक्रमित हो रहे हैं। प्रदेश में कोई भी पत्रकार बंधु संक्रमित हो रहे हैं तो, उनको विभाग की ओर से हर संभव मदद देने के प्रयास किए जाय। मुख्यालय स्तर पर एवं सभी जनपदों में मीडिया से निरंतर संवाद स्थापित किया जाय। किसी भी मीडियाकर्मी की कोविड संक्रमित होने की सूचना पर प्रशासन से समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें हर संभव मदद दी जाय।

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के कोविड वैक्सीनैशन की अलग से व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। जिला सूचना अधिकारी इस संबंध मे भी जिलाधिकारी मार्गदर्शन में समन्वय करें।

सूचना महानिदेशक ने कहा कि नियमित निगरानी की जाय कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से कोई भ्रामक सूचनाएं न प्रसारित हो। कोविड के दृष्टिगत जनजागरूकता में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया से लगातार संपर्क स्थापित किए जाय। कोविड की इन विषम परिस्थितियों में हमारी भूमिका और बढ़ जाती है। सटीक और प्रमाणिक जानकारी जनता तक पहुंचे।

सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चैहान ने सभी जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपदों में जिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं पुलिस से निरंतर संपर्क स्थापित कर कोविड से बचाव के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं जन जागरूकता के लिए की जा रही पहलों को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाय। सूचनाओं के आदान – प्रदान में और तेजी लाई जाए। जनपदों में पत्रकार बंधुओं से समन्वय बना कर रखें।

बैठक में वर्चुअल माध्यम से अपर निदेशक सूचना डॉ. अनिल चंदोला, सयुक्त निदेशक आशीष त्रिपाठी, उपनिदेशक के. एस. चैहान, नितिन उपाध्याय, सहायक निदेशक मनोज श्रीवास्तव, रवि बिजारनियाँ आदि उपस्थित थे।

10 मई सोमवार से 18 प्लस को लगेगी कोरोना वैक्सीन

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर 18 से 44 आयु वर्ग के नागरिकों के लिए राज्य में 10 मई 2021 से टीकाकरण का कार्य आरम्भ किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा कोविड वैक्सीन का क्रय किया जा रहा है तथा कोविस 19 वैक्सीन की निर्माता कम्पनी द्वारा कोविड वैक्सीन की आशिक आपूर्ति कर दी गयी है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने वैक्सीन प्राप्त होने की जानकारी देते हुए बताया कि आज 08 मई 2021 को अपराह्न 420 बजे कोविशील्ड वैक्सीन की 1 लाख डोज इंडिगो एयरलाईन की उड़ान संख्या 68 953/04881236 से देहरादून जौलीग्रांट पहुंची, जहां से उसे प्राप्त कर राज्य औषधि भण्डार केन्द्र, चन्दरनगर के कोल्ड स्टोर / वॉक इन कूलर में रख दिया गया है और सभी जनपदों को आपूर्ति की जा रही है।

सचिव अमित नेगी ने बताया कि यह वैक्सीन 18 से 44 आयु वर्ग के नागरिकों के लिए है और अब राज्य में 10 मई 2021 से टीकाकरण का कार्य आरम्भ कर दिया जायेगा। अमित नेगी के अनुसार कोविड-19 टीकाकरण अभियान के इस आयु वर्ग के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के लगभग 50 लाख लोगों को निशुल्क वैक्सीन दी. जायेगी। यह टीकाकरण केन्द्रों पर होगा जिसकी जानकारी कोविन पोर्टल पर लाभार्थियों को मिलेगी। ज्ञातव्य है कि टीकाकरण के लिए 18 से 44 आयु वर्ग के लाभार्थियों हेतु 28 अप्रैल 2021 से कोदिन पोर्टल और आरोग्य सेतू पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा आरम्भ कर दी गयी थी जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाले साभार्थियों को टीकाकरण कराने से पूर्व ऑनलाईन अपॉइंटमेंट लेना अनिवार्य है। लाभार्थियों को अपॉइंटमेंट प्राप्त

होने के पश्चात् ही टीकाकरण केन्द्रों पर वैक्सीनेशन के लिए जाना होगा।

वैक्सीन केवल Colwin या आरोग्य सेतु के माध्यम से स्व पंजीकरण एवं अग्रिम अपॉइंटमेंट के बाद दी जायेगी। पंजीकरण के लिए selfregistration.cowin.gov.in पर लॉगइन करना आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कोविन पोर्टल पर उपलब्ध है।

मई और जून माह का पीएमजीकेएवाई के तहत निशुल्क राशन केंद्र से उत्तराखंड को हुआ प्राप्त

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई-3) के तीसरे फेज के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड को दो माह (मई और जून) हेतु आवंटन प्राप्त हो गया है। इस आवंटन के साथ ही राज्य सरकार द्वारा मई माह का वितरण प्रारम्भ हो गया है, जबकि जून माह का अगले महीने किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 13 लाख 84 हजार परिवारों के 61 लाख 94 हजार लोगों को निशुल्क राशन प्राप्त होगी। यह राशन प्रति यूनिट 5 किलो दी जाएगी, जिसमें 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल दिया जा रहा है।

खाद्य आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत अंत्योदय परिवार (गुलाबी कार्ड) व प्राथमिक परिवार (सफेद कार्ड) अपने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना एवं राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत नियमित खाद्यान्न भी राज्य सरकार द्वारा वितरित किया जा रहा है।

खाद्य और नागरिक आपूर्ति आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि ऐसे प्रवासी जो अन्य राज्यों से उत्तराखंड में कार्य हेतु प्रवास कर रहे हैं और जिनका अपने राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का राशन कार्ड है वह भी “वन नेशन वन राशन कार्ड योजना” के अंतर्गत उत्तराखंड में राशन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उत्तराखंड के निवासी अगर अन्य राज्य में काम कर रहे हैं तो वह भी “वन नेशन वन राशन कार्ड” के माध्यम से अन्य राज्यों में लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

कोविड डेथ को रोकने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरतः तीरथ सिंह रावत

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्देश दिये कि कोविड वैक्सीनैशन को और तेजी से करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उत्तराखंड में 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के लोगों के लिये कोविड वैक्सीन आते ही इनके वैक्सीनैशन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इसके लिये पहली खेप आज उत्तराखंड पहुँच जाएगी।

प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति और वैक्सीनैशन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हमें कोविड डेथ को रोकने के लिए सबसे ज्यादा ध्यान देना होगा। कोविड संक्रमित तुरंत जरूरी दवाइयां लें, इसके लिये हमें मेडिकल किट उपलब्ध कराने के लिए विकेंद्रीकृत व्यवस्था की ओर जाना होगा। ’मुख्यमंत्री ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न समारोहों और आयोजनों में निर्धारित सीमा से अधिक संख्या में लोगों के शामिल होने पर सख्त एक्शन लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटेनमेंट जोन पर विशेष फोकस किया जाए ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सेना के रिटायर्ड कर्मियों की भी मदद कोरोना के खिलाफ इस जंग में ली जाए।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनैशन सेंटरों में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए। जहाँ तक हो सके, बङी और खुली जगहों पर वैक्सीनैशन का प्रबंध किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि कालाबाजारी और ओवर रेटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। आक्सीजन के समुचित उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। अस्पतालों में आक्सीजन उपयोग की लगातार आडिटिंग की जाए। निर्माणाधीन आक्सीजन प्लांट का काम तेजी से पूरा किया जाए। आक्सीजन प्लांटों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि आगामी दिनों के लिए जरूरी आक्सीजन का आंकलन करते हुए उसी के अनुरूप आवश्यक संख्या में टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है। इसके साथ ही कोरोना के बदलते स्ट्रेन को देखते हुए आगे की तैयारियां भी की जाएँ।

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि प्रदेश में रेमडेसिविर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके लिए पूरी प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। कोविड की चेन को ब्रेक करने पर फोकस किया जा रहा है। जो भी टेस्ट कराने आता है, उसे तुरंत मेडिकल किट दी जा रही है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा थाना स्तर पर मिशन हौंसला शुरू किया गया है। इसमें आकस्मिक स्थिति में जरूरतमंदों तक दवाईयों की होम डिलीवरी, आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराना, कोविड संक्रमितों को घर पर भोजन पहुंचवाना, एम्बुलेंस उपलब्ध करवाई जा रही है।

सचिव डॉ पंकज कुमार पाण्डेय ने कोविड व वैक्सीनैशन की विस्तार से जानकारी दी। कोविड प्रबंधन के लिये नियुक्त किये गये विभिन्न नोडल अधिकारियों से भी जानकारी ली गयी।

वीडियो कांफ्रेंसिग में अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी उपस्थित थे।

कोरोना मरीजों को कैशलेश उपचार न देने पर राज्य सरकार ने शुरू किया शिकंजा कसना

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई), अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना (एएयूवाई) और स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (एसजीएचएस) के अन्तर्गत सूचीबद्ध होने के बावजूद कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने वाले अस्पतालों के खिलाफ राज्य सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक निजी अस्पताल को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में कोरोना मरीजों को निशुल्क (कैशलेस) उपचार न देने पर अस्पताल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर शास्त्रीनगर देहरादून के चिकित्सक डा. अभिषेक जैन को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के निदेशक (हास्पिटल मैंनेजमेंट) डॉ. ए.के. गोयल की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि कई लोगों की ओर से शिकायत मिली है कि अरिहन्त एडवांस सर्जरी एण्ड फर्टिलिटी सेंटर सरकार की विभिन्न योजनाओं पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस में सूचीबद्ध् होने के बावजूद कोरोना के मरीजों को निशुल्क कैशलेस उपचार मुहैया नहीं करवा रहा है जबकि राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश हैं कि इन योजनाओं के सूचीबद्ध अस्पतालों में कोरोना मरीजों का उपचार निशुल्क किया जाना है।

इतना ही नहीं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारी जब इस सम्बंध में अस्पताल प्रबंधन से मोबाइल फोन पर सम्पर्क करते हैं तो कोई प्रतिउत्तर नहीं दिया जाता। पत्र में कहा गया है कि यदि अस्पताल ने आगे पीएमजेएवाई, एएयूवाई और एसजीएचएस योजनाओं के तहत कोरोना मरीजों को उपचार निशुल्क नहीं किया तो अस्पताल की सूचीबद्धता समाप्त करने के साथ ही अस्पताल के खिलाफ क्लीनिकल इस्टेबलिश्मेंट एक्ट के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की होगी।