मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित गांव रैणी एवं लाता में स्थिति का जायजा लिया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आपदा प्रभावित सीमांत गांव रैणी एवं लाता जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को हर सम्भव सहायता के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि कनेक्टीवीटी से कट गए गांवों में आवश्यक वस्तुओं की कमी न रहे। रविवार को तपोवन क्षेत्र में हुई भीषण त्रासदी में जोशीमठ ब्लॉक के लगभग 1 दर्जन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया था।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आईटीबीपी अस्पताल में आपदा में घायल हुए लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के ईलाज के बारे में जानकारी प्राप्त की।

गौरतलब है कि सोमवार देर सांय मुख्यमंत्री तपोवन जोशीमठ पहुंचे थे। वहां उन्होंने आपदा राहत कार्यों का जायजा लिया और राहत कार्यों में लगे सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस के जवानों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही देर सांय विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे रेस्क्यू आपरेशन की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने तपोवन, जोशीमठ में ही रात्रि प्रवास किया था।

मंगलवार को भी सर्च व रेस्क्यू आपरेशन जारी रहा
चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के तीसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी (अपराह्न 12 बजे तक की रिपोर्ट) के अनुसार घटना के बाद 31 शव मिल गए हैं जबकि 175 लोग अभी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 190, एनडीआरएफ के 176, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 04 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 16 फायरमैन, लगाए गए हैं। राजस्व विभाग, पुलिस दूरसंचार और सिविल पुलिस के कार्मिक भी कार्यरत हैं। बीआरओ द्वारा 2 जेसीबी, 1 व्हील लोडर, 2 हाईड्रो एक्सकेवेटर, आदि मशीनें लगाई गई हैं। एक हेलीकाप्टर द्वारा एनडीआरएफ की टीम औश्र 03 वैज्ञानिकों को भेजा गया है। स्टैंडबाई के तौर पर आईबीपी के 400, आर्मी के 220 जवान, स्वास्थ्य विभाग की 4 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 39 फायरमैन रखे गए हैं। आर्मी के 03 हेलीकाप्टर जोशीमठ में रखे गए हैं।

आपदा से 05 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 13 गांवों में बिजली प्रभावित हुई थी, इनमें से 11 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। शेष 2 गांवों में अभी लाईन क्षतिग्रस्त है। इसी प्रकार 11 गांवों में पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई थीं, इनमें से 8 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। शेष 03 पर भी काम चल रहा है।

सीएम ने किया करोड़ो की लागत की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को करोड़ों लागत की विकास योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने 2.37 करोड़ लागत के बीरपुर पुल का लोकार्पण करने के साथ ही कुल 31 करोड़ लागत की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने जिन अन्य योजनाओं का शिलान्यास किया।

उनमें 4.13 करोड़ की लागत से गढी कैंट में ओवरहैड टैंक, राइजिंग मैन एवं सप्लाई लाईन योजना, 4.16 करोड़ से मसूरी के गाड़ीखाना में टै्रचिंग ग्राउंड का सौन्दर्यीकरण कार्य, 1.44 करोड़ से वार्ड 12 किशन नगर के सिरमौर मार्ग स्थित लोकायुक्त गली में नलकूप निर्माण, 92.03 लाख की लागत से न्यू मिठ्ठी बेहड़ी में नलकूप निर्माण, 1.07 करोड़ से मसूरी में मुस्लिम कब्रिस्तान की चाहरदीवारी निर्माण, 19.36 लाख से गढ़ी कैंट के हवाघर डाकरा लिंक मार्ग पर स्थित कैण्टोमेंट पार्क का सौन्दर्यीकरण कार्य, 5 करोड़ से देहरादून किमाड़ी कम्पनी गार्डन मोटर मार्ग में सतह सुधार एवं सड़क सुरक्षा कार्य, 4.54 करोड़ से राजपुर से कुठालगेट, हाथीबड़कला से मालसी, पुरुकुल से मालसी, झड़ीपानी से बार्लोगंज मोटर मार्ग में सतह सुधार एवं सड़क सुरक्षा कार्य, 4.71 करोड़ से दिलाराम चैक से कुठालगेट तक सतह सुधार कार्य, 86.91 लाख से गढ़ी कैंट से नींबूवाला, आईएचएम तथा धोरण आईटी पार्क मोटर मार्ग में सतह सुधार का कार्य शामिल है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद दुर्गामल्ल की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के लिये अनेक घोषणाये भी कि जिनमें गढ़ी कैंट क्षेत्र में सामुदायिक भवन का निर्माण, कुठालगांव पेयजल योजन का सुदृढ़ीकरण, अनारवाला पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण, सेरकी-सिल्ला मोटर मार्ग (13 कि0मी0) का सुधारीकरण, चामासारी-लुहारीगढ़ मोटर मार्ग (06 किमी) बनाये जाने के साथ ही कालीदास रोड़ पुर्नगठन सीवर योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत कितरली में 1.50 कि0मी0 सिंचाई गूल का निर्माण की भी घोषणा की।

गढ़ी कैंट स्थित शहीद दुर्गामल्ल योगा पार्क में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमारी सरकार विकास के लिये समर्पित है। राज्य के समग्र विकास के साथ ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का हमारा प्रयास है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाये में हमारी जरूरत है। सडकां के विकास के प्रति भी हमारा विशेष ध्यान है। सडकें विकास का मानक तय करती है। आज विकास योजनायें निर्धारित समय से पूर्व तैयार हो रही है जिनमें कराड़ों की बचत भी राज्य सरकार को हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों के विकास में राज्य सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इसके लिये राज्य को 17 अवार्ड प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि योजनायें समय पर पूर्ण हो इसके लिये शिलान्यास करते समय ही उनके लोकार्पण का भी समय निर्धारित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मसूरी विधायक गणेश जोशी को जन समस्यों के प्रति जागरूक बताते हुए कहा कि पिछले चार साल में मसूरी क्षेत्र में 500 करोड़ की योजनायें स्वीकृत हुई हैं।

विधायक गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके आर्शीवाद से मसूरी विधानसभा क्षेत्र में विकास ही विकास है। प्रेमनगर से बुरासखण्डा तथा सचिवालय से मसूरी तक कोई स्थान ऐसा नहीं है, जहां पर विकास कार्य न किये गये हों। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय गढ़ी कैंट की जनता द्वारा कहा जाता था कि हमें सिर्फ पानी चाहिए और मुख्यमंत्री रावत की स्वीकृति के बाद गढ़ी कैंट में नलकूप निर्माण हो चुका है और ओवरहैड टैंक का निर्माण होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि मसूरी में गाड़ीखाना का सौन्दर्यीकरण सहित मुस्लिम कब्रिस्तान की चाहरदीवारी का कार्य भी किया जा रहा है। राजेन्द्र नगर एवं मिठ्ठी बेहड़ी की पेयजल समस्या भी हल होने जा रही है तथा 17 करोड़ की लागत से कई सड़कों का डामरीकरण किया जा रहा है।

इस अवसर पर छावनी परिषद की सीईओ तनु जैन, राज्यमंत्री टीडी भूटिया, पूर्व उपाध्यक्ष विष्णु गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक पुण्डीर, मण्डल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, पूनम नौटियाल, महामंत्री सुरेन्द्र राणा, राहुल रावत, बेला गुप्ता सहित जलनिगम, जलसंस्थान, एमडीडीए, लघु सिंचाई, लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण तथा क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

16 जनवरी से अब तक एम्स ऋषिकेश में 3554 स्वास्थ्य कर्मियों को लगा कोरोना टीका

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में कोविड19 वैक्सीनेशन के तहत अब तक कुल 3,554 हैल्थ केयर वर्करों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के उद्देश्य से कोविड वैक्सीनेशन सेंटर में अलग-अलग 10 काउंटर स्थापित किए हैं।

गौरतलब है कि देशभर में कोविड वैक्सीन के टीकाकरण की शुरुआत बीते महीने 16 जनवरी से हुई थी। एम्स ऋषिकेश में चलाए जा रहे कोविड टीकाकरण अभियान के तहत फैकल्टी, नर्सिंग ऑफिसर्स, तकनीशियन, सपोर्टिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों, सफाई कर्मी और संस्थान के अन्य कर्मचारियों को टीके लगाए जा रहे हैं। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने टीकाकरण अभियान के बाबत बताया कि 16 जनवरी से अब तक संस्थान के 65 प्रतिशत से अधिक स्टाफ को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में कोविड एरिया में ड्यूटी दे रहे फ्रंट लाइन हैल्थ केयर वर्करों का प्राथमिकता से टीकाकरण किया गया था। जबकि इसके बाद अब एम्स में कार्यरत अन्य कार्मिकों को भी चरणबद्ध तरीके से टीके लगाए जा रहे हैं।
निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक हैल्थ केयर वर्कर को पहले टीके के ठीक 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाना है।

उल्लेखनीय है कि एम्स के आयुष भवन में बनाए गए कोविड टीकाकरण केंद्र में इस अभियान को सफल बनाने के लिए कम्युनिटी एंड फेमिली मेडिसिन विभाग विशेष भूमिका निभा रहा है। सीएफएम विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सैना जी दैनिक तौर पर स्वयं इस अभियान की माॅनिटरिंग कर रही हैं। प्रो. वर्तिका सक्सैना ने बताया कि संस्थान में कुल 5,632 लोगों का स्टाफ कार्यरत है। जिनमें से अब तक 3,554 लोगों को कोविड वैक्सीन लगाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के उद्देश्य से कोविड वैक्सीनेशन सेंटर में बीती 2 फरवरी से 10 अलग-अलग टीकाकरण काउंटरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिससे कोविड नियमों का पालन करते हुए कम समय में अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सके और टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
उन्होंने कोविड वैक्सीन को पूरी तरह से भरोसेमंद और सुरक्षित बताया। बताया कि सभी लोग स्वैच्छा से कोविड वैक्सीन लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। टीकाकरण अभियान के दौरान सीएफएम विभाग की डा. रंजीता कुमारी, डा. महेंद्र सिंह, डा. योगेश बहुरूपी, डा. अजीत भदौरिया आदि मौजूद थे।

शुद्ध पेयजल योजना से जुड़ेंगे ऋषिकेश से हरिद्वार के ग्रामीण इलाके


विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्रों में उत्तराखंड पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत मास्टर प्लान के अवलोकन, सुझाव एवं आपत्तियों हेतु ग्रामीणों के साथ राजकीय इंटर कॉलेज खदरी खड़कमाफ में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि विश्व बैंक के सहयोग से स्टेट वाटर सैनिटेशन मिशन के तहत 1150 करोड़ रुपये की लागत से ऋषिकेश-हरिद्वार के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा, पहले चरण में वाटर सप्लाई, दूसरे चरण में सैनिटेशन के तहत सीवरेज और तीसरे चरण में सॉलिड वेस्ट निस्तारण का कार्य किया जाएगा।

कहा कि प्रतीतनगर रायवाला क्षेत्र में 18 करोड़ रुपये लागत एवं खदरी खड़कमाफ में 10 करोड़ रुपये की लागत की पेयजल योजना से पेयजल लाइन बनकर तैयार हो चुकी है जिसका लाभ यहां के ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में प्राप्त होगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन योजना संचालित कर प्रत्येक परिवार को इससे जोड़ने की मुहिम चलाई है। जिससे ऋषिकेश सहित संपूर्ण उत्तराखंड में लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति प्राप्त होगी।

इस अवसर पर डोईवाला के ब्लॉक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, अधीक्षण अभियंता नमित रमोला, अधिशासी अभियंता एके सिंह, ग्राम प्रधान राजेश व्यास, कमला नेगी, कालेज के प्रधानाचार्य मेहताब सिंह, पद्मा नैथानी, टेक सिंह राणा, सुनीता बिष्ट, गौतम राणा, मोहर सिंह रावत आदि उपस्थित थे।

मेयर अनिता ने किया नगर निगम के स्मार्ट कंट्रोल रूम का उद्घाटन

हाइटेक तकनीक अपनाने के मामले में तमाम तरह के अभिनव प्रयोग करने के बाद अब नगर निगम ने अपने वाहनों को भी डिजिटल तकनीक से लैस कर दिया है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए यह तकलीक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

नगर निगम के ग्रामीण क्षेत्र स्थित बापू ग्राम कैंप कार्यालय में मेयर अनिता ममगाई ने स्मार्ट कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाकर ही व्यवस्थाओं सुधार किया जा सकता है। बताया कि निगम के वाहनों में जीपीएस सिस्टम स्टॉल कराया गया है जिससे रियल टाइम ट्रैकिंग हो जाए कि कौन सा वाहन किस वार्ड पर कौन से घर पर है। इसका कंट्रोल सेंटर नगर निगम के ग्रामीण क्षेत्र के बापू ग्राम के कार्यालय में बनाया गया है। मेयर के अनुसार इससे हर घर कूड़ा गाड़ी पहुंचाने का लक्ष्य नगर निगम पूरा करने में कामयाब हो जाएगा। अगर किसी को कूड़ा गाड़ी ना पहुंचने की शिकायत है तो वह नगर निगम के टोल फ्री नंबर में शिकायत कर सकते हैं या मेयर हेल्पलाइन के माध्यम से भी सूचित कर सकेंगे।ऐसा करने पर तुरंत उनके घर पर गाड़ी पहुंचा दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि वाहन ट्रैकिंग प्रणाली के जरिए स्वच्छ शहर सुंदर शहर का सपना साकार हो सकेगा।उसकी विशेषताओं की जानकारी देते हुए मेयर ने बताया कि इससे शहर भर में कचरा संग्रह स्थानों आवास और व्यापारिक स्थान पर कूड़ा वाहन निर्धारित समय और रूट प्लान के साथ संचालन किए जा सकेंगे।जिससे शहरवासियों के घर घर से समय पर कूड़ा का कलेक्शन संभव हो पायेगा। उन्होंने बताया कि कूड़ा कलेशन वाहन, ट्रक और जेसीबी में रियल-टाइम ट्रैकिंग, जीपीएस और कचरा निगरानी उपकरण लगाये गये हैं। इससे रीयल-टाइम ट्रैकिंग कचरे के समय पर उठाने और शहर भर में एकत्र किए गए डिब्बों की वास्तविक स्थिति भी सुनिश्चित होगी।

मेयर अनिता ममगाई के अनुसार इसके साथ ही निगम प्रशासन द्वारा यूजर चार्ज देना भी लोगों के लिए आसान बना दिया गया है अब वह ऑनलाइन पेमेंट के द्वारा भी अपने यूजर चार्ज का भुगतान कर सकेंगे।इसमेंअपने पते और स्थान के साथ एक उपयोगकर्ता के रूप में हर घर का एक व्यक्तिगत खाता होगा ।नगर निगम के उपयोगकर्ता शुल्क दिशानिर्देशों में सूचीबद्ध शुल्क के अनुसार व्यक्तिगत खाते का मासिक इनवॉइस मैन्युअल और स्वचालित रूप से जनरेट करेंगे।उपयोगकर्ता अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करते समय बिलिंग और खाता जानकारी ऑनलाइन भी देख सकते हैं। इसमें कई भुगतान विकल्प जैसे कि कैश, पेटीएम, यूपीआई – बीएचआईएम, नेटबैंकिंग आदि की सुविधाओं को भी जोड़ा गया है। किसी भी तरह की समस्या होने पर नगर निगम के टोल फ्री नम्बर 9118003135292 पर कभी भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती हैै।

मेयर ने बताया कि एक मोबाइल ऐप भी उपयोगकर्ताओं के लिए बनाया जा रहा है। इसमें उपयोगकर्ता अपने बिल और खाते की जानकारी ऑनलाइन कभी भी देख सकते हैं। इस अवसर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल, रमेश रावत, आनंद शशांक सिंह, पार्षद रश्मि देवी, लक्ष्मी रावत, विपिन पंत, गुरविंदर सिंह, विजय ,बडोनी, वीरेन्द्र रमोला, अनिता प्रधान, राजेन्द्र बिष्ट, सुभाष बाल्मीकि, सुनील उनियाल, ममता नेगी, रोमा सेहगल, रविन्द्र राणा, प्रकान्त कुमार, प्रदीप धस्माना, अक्षय खेरवाल, यसवंत रावत, मदन कोठरी, हेमलता चैहान, प्रमिला त्रिवेदी, बीना रावत, सरिता बिष्ट, परीक्षित मेहरा, गौरव कैंथोला, अमित सिंह, आशीष नेगी, धीरेंद्र आदि मौेजूद रहे।

तीर्थनगरी के मयंक ने नेशनल क्विज प्रतियोगिता में जीता प्रथम स्थान

तीर्थनगरी के मयंक रैवानी ने अंग्रेजी साहित्य की ऑनलाइन नेशनल क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कब्जाया है। प्रथम में स्थान में एक ओर छात्रा ने भी स्थान बनाया है।

बता दें कि गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज अबोहर द्वारा ऑनलाइन नेशनल क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के अंत मे गोपीचंद महिला आर्य महाविद्यालय की अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ आरती कपूर ने परिणामों की घोषणा की। जिनमें ऋषिकेश के मयंक रैवानी और गोपीचंद आर्य महिला कॉलेज की छात्रा आँचल बिशनोई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि द्वितीय स्थान पर हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविधालय में पीएचडी की छात्रा आकांक्षा नॉटियाल और तृतीय स्थान महाराजा रंजीत सिंह कॉलेज मलौट की छात्रा गीता कटारिया ने प्राप्त किया।

डॉ आरती कपूर द्वारा सभी विजेताओं को ट्रॉफी व प्रमाण पत्र देने की भी घोषणा की गई। प्रतियोगिता मे 50 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र दिए गए। ऑनलाइन प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए अमनदीप कौर, शिवांगी, विशाल प्रजापति आदि मौजूद रहे।

सरकारी अस्पताल में है सुविधाओं का अभावः राजकुमार अग्रवाल


राज्य आंदोलनकारी व देवभूमि उत्तरांचल उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन के जरिए उन्होंने राजकीय चिकित्सालय को एम्स ऋषिकेश से संचालित करने की मांग की है।

आज उन्होंने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को ज्ञापन देकर बताया कि ऋषिकेश तथा आसपास के पहाड़ी क्षेत्र की जनता बीमारी के इलाज के लिए राजकीय चिकित्सालय आते है। मगर अस्पताल में चिकित्सकों दवाओं व उपकरणों की कमी के चलते भारी समस्या उठानी पड़ रही है। साथ ही गंभीर रोगियों की देखभाल के लिए कर्मचारियों की नितांत आवश्यकता है, जो कि यहां नहीं है। बताया कि कुंभ, कावड़ यात्रा, चार धाम, हेमकुंड यात्रा जैसे कार्यक्रमों के दौरान बीमार होने पर मरीज इसी अस्पताल का रुख करते हैं उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस राजकीय चिकित्सालय का प्रबंध करें। जिससे जनता को इसका लाभ मिल सके। ज्ञापन देने वालों में कविता शाह, वेद प्रकाश धींगड़ा, मनीष अग्रवाल, शिव कुमार अग्रवाल, अमित कुमार, हरीश आनंद आदि शामिल रहे।

18 लाख रूपये की जमीन धोखाधड़ी मामले में एक गिरफ्तार

कोतवाली क्षेत्र में किसी ओर की जमीन को अपना बताकर दो लोगों से 18 लाख रूपए की धोखाधड़ी कर दी गई। जब दोनों पक्षों को धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो कोतवाली में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार पुत्र स्वर्गीय कैलाश चंद निवासी तुलसी विहार गुमानीवाला ऋषिकेश और पूजा पुत्री टीकम गुसाईं निवासी गली नंबर 12 अमित ग्राम गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश दोनों ने तहरीर दी। बताया कि पुरुषोत्तम थपलियाल नामक व्यक्ति ने किसी अन्य की जमीन को अपनी बताकर प्रवीण कुमार से 8 लाख 20 हजार और पूजा देवी से 10 लाख 72,500 रूपए ले लिए है। अब शिकायतकर्ता आरोपी से अपने रूपए वापस मांग रहे हैं तो वह देने से इंकार कर रहा है।

मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी में मुकदमा कायम किया और आरोपी की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की। आरोपी को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर चीनी गोदाम रोड तिराहा से गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाल रितेश शाह ने आरोपी की पहचान 50 वर्षीय पुरुषोत्तम थपलियाल पुत्र स्व. गोविंद राम निवासी शिव विहार गली नंबर 1 गुमानीवाला श्यामपुर ऋषिकेश के रूप में कराई।

केंद्रीय शिक्षा, ऊर्जा मंत्री, गढ़वाल सांसद सहित स्थानीय मंत्रियों ने तपोवन आदि क्षेत्रों का किया दौरा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, आपदा प्रबंधन, पुलिस, सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक कर जोशीमठ के रेणी क्षेत्र में आई आपदा में राहत एवं बचाव कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि क्षेत्र में खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को भी सभी आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध हो। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ मद से 20 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की गई है।

संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का समय-समय पर सर्वे कराया जाय। एसडीआरएफ की टीमें भी संवेदनशील स्थानों के निकट तैनात की जाय। आईआरएस के निदेशक डॉ. प्रकाश चैहान ने जानकारी दी कि ताजी बर्फ के स्खलन से आपदा की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह से नदी के जल स्तर में तेजी से वृद्धि हुई। अब स्थिति सामान्य है।

प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी की सुचारू आपूर्ति
बैठक में जानकारी दी गई प्रभावित क्षेत्र के आस-पास बिजली एवं पानी की आपूर्ति सुचारू हैं। तत्काल राहत के लिए एक हजार राशन के पैकेट एवं अन्य सामग्री भेजी गई है। रैस्क्यू का कार्य जारी है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सैन्य सलाहकार ले.ज.(रिटा.) जे.एस.नेगी, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगोली, दिलीप जावलकर, एस.ए. मुरूगेशन, सुशील कुमार, दीपेन्द्र चैधरी, कर्नल एस. शंकर, आईटीबीपी के कमाडेंट शेंदिल कुमार, आईजी संजय गुंज्याल, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

लापता लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता के लिए जारी होगी एसओपी
मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार की मंशा है कि लापता लोगों के परिजनों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसकी प्रक्रिया तय करने के लिए जल्द ही एक एसओपी जारी की जाएगी।

केंद्रीय मंत्रियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, सांसद तीरथ सिंह रावत, उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा मंत्री और चमोली जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी तपोवन आदि क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बात की। विधायक महेंद्र प्रसाद भट्ट, विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी तपोवन एवं रैणी मे आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।

सर्च व रेस्क्यू आपरेशन तेजी से जारी
चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के दूसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि जब तक यहां पर वैकल्पिक व्यवस्था या पुल तैयार नही हो जाता तब तक हैली से यहां पर रसद पहुंचाने का काम जारी रहेगा और जल्द से जल्द क्षेत्र के लोगो की परेशानियां दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 70, एनडीआरएफ के 129, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 02 मेडिकल टीमें लगी हुई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के बाद 18 शव मिल गए हैं जबकि 202 लोग लापता हैं। एनटीपीसी से 12 और ऋषिगंगा प्रोजेक्ट से 15 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

सीएम त्रिवेंद्र ने तमाम अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिह रावत ने सोमवार देर सांय तपोवन रितिक कंपनी के कार्यालय मे आईजी, डीआईजी, डीएम, एसपी, आर्मी, आईटीबीपी, बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारियों एवं एनटीपीसी के प्रोजेक्ट इनचार्ज अधिकारियों की बैठक लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यो की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बेहतर तालमेल के साथ रेस्कयू कार्य मे तेजी लाने के निर्देश दिए। सुनियोजित तरीके से आवश्यकता अनुसार संशाधनों का प्रयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने ने हर प्रभावित परिवार तक रसद पहुंचाने के भी निर्देश दिए। कहा कि राशन किट वितरण मे कोई भी अनियमितता न हो। इसका विशेष ध्यान रखा जाए। डीएम को समय समय पर मीडिया को ब्रीफिंग करने को कहा ताकि भ्रामक और गलत खबरें न फैले।

इस दौरान एनटीपीसी के प्रोजेक्ट इन्चार्ज ने टनल के बारे मे पूरी जानकारी दी।