कोरोना से जंग को वन मंत्री हरक सिंह ने दिए 25 करोड़ रूपए


वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोरोना से जंग लड़ने के लिए 25 करोड़ की धनराशि का योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। इस धनराशि का चेक उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को दिया। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आनंद वर्धन, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सुबुद्धि भी उपस्थित थे।

इसके बाद मीडिया सेन्टर में आयोजित पत्रकार वार्ता में वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदेश के सभी व्यक्तियों, संस्थाओं व संगठनों से आग्रह किया है कि वैश्विक महामारी की वजह से पैदा हुए इस संकट में अपना यथासंभव आर्थिक योगदान मुख्यमंत्री राहत कोष में दें ताकि सरकार इससे पर्याप्त संसाधन जुटाकर मजबूती के साथ कोरोना से लड़ाई लड़ सके। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 50 करोड़ की राशि कोरोना काल में मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की थी।

उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हर साल पर्यावरण शुल्क लेता है। इससे हुई आमदनी से बोर्ड हमेशा सामुदायिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निर्वहन करता है। बोर्ड का कार्मिकों के वेतन आदि समेत का खर्च 20 करोड़ रुपया है। इस व्यय के बाद शेष बची राशि का उपयोग जनहित में भी किया जाता है। इसी मद से आज मुख्यमंत्री राहत कोष में बोर्ड से 25 करोड़ की राशि का सहयोग प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास सीमित संसाधन हैं और कोरोना के खिलाफ लड़ाई लम्बी चल सकती है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दूसरी लहर के बाद कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। ऐसे में सरकार को दूसरी लहर से निपटने के साथ ही तीसरी लहर के लिए भी तैयार रहना है। एकजुट होकर और सामूहिक सहभागिता से ही यह लड़ाई जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को एक साल से अधिक का समय हो गया है। हमें खुद को संभालने के साथ ही इस लड़ाई को जीतने में यथासंभव योगदान देना होगा। पर्याप्त धनराशि होने पर ही सरकार और अधिक संसाधन जुटा सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में राज्य सरकार पूरे प्रदेश खासतैर पर पहाड़ी जिलों में ऑक्सीजन प्लांट लगा रही है। हर चिकित्सालय में ऑक्सीजन सिलेण्डर और कंसंट्रेटर मुहैया करवा रही है। आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों व दवाओं की खरीद बड़े पैमाने पर की जा रही है।

उत्तरांचल पंजाबी महासभा का फूटा गुस्सा, दिनेश मानसेरा की नियुक्ति रद्द होने पर जताया विरोध


उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश प्रभारी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष कोहली ने वरिष्ठ पत्रकार दिनेश मानसेरा की सीएम के मीडिया सलाहकार पद से नियुक्ति रद्द होने पर पंजाबी समुदाय का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा इसका घोर विरोध करती है।

सुभाष कोहली ने कहा कि दिनेश मानसेरा एक प्रतिभावान, अनुभवी और जनसेवा को समर्पित पत्रकार हैं उनकी प्रतिष्ठा को चंद चाटुकारों और राजनैतिक महत्वकांक्षाए रखने वाले व्यक्तियों के बहकावे में आकर धूल धसरित करने का काम किया गया है, इसे मुख्यमंत्री के कमजोर नेतृत्व और निर्णय क्षमता का अभाव ही माना जाएगा। कहा कि दिनेश मानसेरा की पत्रकारिता उत्तराखण्ड के विकास और सकारात्मक सोच वाली रही। जिसका लाभ मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को मिलना था, लेकिन कुछ लोग सफल मुख्यमंत्री के रूप में तीरथ सिंह रावत को स्थापित नहीं होने देना चाहते है। जिन्होंने ये षड्यंत्र रचकर ऐसी परिस्थिति पैदा कर दी कि दिनेश मानसेरा ने खुद ही पद भार ग्रहण करने से मना कर दिया।

उन्होंने आगे कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री की असफलता के साथ पूरे पंजाबी समाज का अपमान है। क्योंकि भाजपा सरकार ने 5 विधायक पंजाबी समाज से होते हुए भी उनमें से किसी को न तो मंत्रीमंडल में शामिल किया और न ही प्रतिष्ठित पंजाबी नेताओं या कार्यकर्ताओं को भाजपा संगठन या सरकार में उचित स्थान ही दिया है।

उन्होंने कहा कि पंजाबी महासभा दिनेश मानसेरा का यह अपमान कभी नहीं भूलेगा।

तीर्थनगरी में कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के जन्मदिन पर हुआ रक्तदान आयोजित


प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के जन्मदिन पर ऋषिकेश में ब्लड ह्यूमन की ओर से रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। इसमें करीब 15 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

ब्लड ह्यूमन ऋषिकेश ने शिक्षामंत्री अरविन्द पाण्डेय के जन्मदिन पर राजकीय चिकित्सालय में रक्तदान शिविर आयोजित किया। शिविर का उद्घाटन श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, व्यापार सभा के महामंत्री प्रतीक कालिया, पूर्व मंडी अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, जिपं सदस्य संजीव चैहान ने संयुक्त रूप से किया। प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि कोरोनाकाल में रक्त की कमी देखी जा रही है। ऐसे में रक्तदान किया जाना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। युवाओं को कोरोना का टीका लगवाने से पहले रक्तदान करना चाहिए। इस दौरान शिविर में आवश्यक जांच के बाद 15 युवाओं ने रक्तदान किया। मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, जनार्दन कैरवान, प्रवीण रावत, आयुष नेगी, आनंद यादव, सुभाष डोभाल, जितेन्द्र भट्ट, पुरुषोत्तम राणा, शिव प्रसाद सेमवाल, अभिषेक मैठाणी, नव किशोर, वीरेंद्र बार्थवाल आदि उपस्थित रहे।

ऋषिकेश पुलिस ने दवाओं की कालाबाजारी करने व आरटीपीसीआर टेस्ट में ज्यादा पैसे लेने पर लैब संचालक को पकड़ा


ऋषिकेश में एक ओर जहां पुलिस कर्मी अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की मदद कर रहे है, निशुल्क घर जाकर आक्सीजन उपलब्ध करवा रहे है, यही नहीं कुछ संस्थाएं भी लोगों की मदद कर रही हैं। वहीं, ऐसे लोग भी बेनकाब हो रहे है, जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जीवन रक्षक दवाओ, उपकरणों की ओवर रेटिंग व कालाबाजारी कर, आटीपीसीआर टैस्ट के एवज में ओवर रेटिंग कर रहे है। ऐसा ही एक वाक्या सामने आने पर पुलिस ने एक लैब संचालक को हरिद्वार रोड स्थित लैब से गिरफ्तार किया है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान एसएसपी देहरादून की ओर से ऐसे व्यक्तियो पर सर्तक दृष्टि रखने को कहा गया है, जो कालाबाजारी और ओवर रेटिंग कर रहे हैं। इसी क्रम में विगत 10 दिनो से ऋषिकेश क्षेत्र में ओवर रेटिंग व कालाबाजारी करने वाले व्यक्तियो के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही थी।

बताया कि बीते रोज कोतवाली ऋषिकेश पुलिस व एसओजी ग्रामीण की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर के संचालक द्वारा लोगो से आरटीपीसीआर टैस्ट के एंवज में 1200 से 1500 रूपये लेकर ओवर रेटिंग की जा रही है, जबकि शासन द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट का शुल्क 700 रुपये निर्धारित किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम को सादे वस्त्रो में आरटीपीसीआर टैस्ट कराने हेतु उक्त अलग-अलग लैबो में भेजा गया। उक्त कर्मचारियो से भी पैथोलोजी लैब संचालको द्वारा आरटीपीसीआर टैस्ट के एवज में 1200 रुपये शुल्क लिया गया, जिसका भुगतान उक्त कर्मचारियों द्वारा गूगल पे से किया गया।

इसके बाद पुलिस ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम व धारा 3 महामारी अधिनियम अधिनियम के तहत आरोपी व लैब संचालक (संचालक पुरुषोत्तम डाईग्नोस्टिक सेन्टर) डॉ. नवीन गोयल पुत्र पुरुषोत्तम दास निवासी अयोध्या गंज, दादरी, थाना दादरी जिला गौतम बुद्ध नगर, उ0प्र0 हाल किरायेदार म0न0 453 गली नंबर 06 हनुमंत पुरम गंगा नगर, ऋषिकेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक 01 रजिस्टर, 01 स्वैप मशीन, 02 मोबाइल फोन, गूगल पे क्यू0आर0 कोड स्लिप, 78400 रुपये नगद बरामद किए है।

वहीं पुलिस टीम में उप निरीक्षक ओमकान्त भूषण, नवनीत सिंह नेगी, कांस्टेबल सोनी कुमार, गौरव पाठक, सचिन कुमार, अनित शामिल रहे।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगाः सुबोध उनियाल

विकासखंड नरेंद्रनगर में कृषक सामग्री वितरण में लापरवाही बरतने की गाज नमामि गंगे की कार्यदायी संस्था बायोसर्ट इंटरनेशनल प्रा.लि. के एक अधिकारी के उपर गिरी है। इसके तहत उच्चाधिकारियों ने तत्काल कार्यवाही कर उक्त लापरवाह अधिकारी को कार्य से मुक्त कर दिया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा, जिसके तहत यह कार्यवाही की गई है।

बता दें कि विकासखंड नरेंद्रनगर दोगी पट्टी के ग्राम सभा कोटर में कृषक सामग्री(जैविक खाद एवं कीटनाशक) वितरण में लापरवाही का एक मामला सामने आया था। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से की थी। इस पर कैबिनेट मंत्री ने मुख्य कृषि अधिकारी, टिहरी गढ़वाल को मामले की जांच कर कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया था। जांच में पाया गया कि न्याय पंचायत बैराइ गांव के समस्त ग्राम सभाओं में कृषक सामग्री के वितरण कार्य का जिम्मा नमामि गंगे, टिहरी गढ़वाल बायोसर्ट इंटरनेशनल प्रा.लि. इंदौर, मध्यप्रदेश में कार्यरत फील्ड समन्वयक अरूण नेगी को सौंपा गया था। जिस पर उक्त कंपनी के जिला समन्वयक महादेव मिश्रा ने कृषक सामग्री वितरण कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में फील्ड समन्वयक अरूण नेगी को तत्काल कार्य से हटा दिया है। जिला समन्वयक ने बताया कि कृषक सामग्री वितरण में लापरवाही बरतने के मामले में कैबिनेट मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई है।

म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के निदान के लिए एम्स ऋषिकेश की नीतियां


अत्यधिक संक्रामक बीमारी म्यूकोर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के निदान के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, एम्स ऋषिकेश में अलग से एक विशेष वार्ड स्थापित किया गया है। जिसमें ब्लैक फंगस से ग्रसित रोगियों का उपचार विभिन्न विभागों के 15 विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जाएगा।

निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस एक घातक एंजियोइनवेसिव फंगल संक्रमण है, जो मुख्यरूप से नाक के माध्यम से हमारी श्वास नली में प्रवेश करता है। मगर इससे घबराने की नहीं बल्कि सही समय पर इलाज शुरू कराने की आवश्यकता है। संस्थान के नोडल ऑफिसर कोविड डाॅ. पी.के. पण्डा ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के उपचार के लिए गठित 15 सदस्यीय चिकित्सकीय दल इस बीमारी का इलाज, रोकथाम और आम लोगों को जागरुक करने का कार्य करेगी। टीम के हेड और ईएनटी के विशेषज्ञ सर्जन डा. अमित त्यागी जी ने बताया कि म्यूकोर माइकोसिस के रोगियों के इलाज के लिए अलग से एक म्यूकर वार्ड बनाया गया है। जिसमें सीसीयू बेड, एचडीयू बेड और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।

म्यूकोर के प्रमुख लक्षण-

तेज बुखार, नाक बंद होना, सिर दर्द, आंखों में दर्द, दृष्टि क्षमता क्षीण होना, आंखों के पास लालिमा होना, नाक से खून आना, नाक के भीतर कालापन आना, दांतों का ढीला होना, जबड़े में दिक्कत होना, छाती में दर्द होना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं। यह बीमारी उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है, जिन्हें डायबिटीज की समस्या है।

उच्च जोखिम के प्रमुख कारण-

1- कोविड-19 का वह मरीज जिसका पिछले 6 सप्ताह से उपचार चल रहा हो।
2- अनियंत्रित मधुमेह मेलिटस, क्रोनिक ग्रेनुलोमेटस रोग, एचआईवी, एड्स या प्राथमिक इम्युनोडेफिशिएंसी स्टेटस।
3. स्टेरॉयड द्वारा इम्यूनोसप्रेशन का उपयोग (किसी भी खुराक का उपयोग 3 सप्ताह या उच्च खुराक 1 सप्ताह के लिए ), अन्य इम्युनोमोड्यूलेटर या प्रत्यारोपण के साथ इस्तेमाल की जाने वाली चिकित्सा।
4. लंबे समय तक न्यूट्रोपेनिया।
5. ट्रॉमा, बर्न, ड्रग एब्यूजर्स।
6. लंबे समय तक आईसीयू में रहना।
7. घातक पोस्ट ट्रांसप्लांट ।
8. वोरिकोनाजोल थैरेपी, डेफेरोक्सामाइन या अन्य आयरन ओवरलोडिंग थैरेपी।
9. दूषित चिपकने वाली धूल, लकड़ी का बुरादा, भवन निर्माण और अस्पताल के लिनेन।
10. कम वजन वाले शिशुओं, बच्चों व वयस्कों में गुर्दे का काम नहीं करना और दस्त तथा कुपोषण।

बचाव एवं सावधानियां-

1- अपने आस-पास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए ब्रेड, फलों, सब्जियों, मिट्टी, खाद और मल जैसे सड़ने वाले कार्बनिक पदार्थों से दूर रहना।
2- हायपरग्लेमिया को नियं​त्रित रखना।
3- स्टेरॉयड थैरेपी की आवश्यकता वाले कोविड- 19 रोगियों में ग्लूकोज की निगरानी करना।
4- स्टेरॉयड के उपयोग के लिए सही समय, सही खुराक और सही अवधि का निर्धारण।
5- ऑक्सीजन थैरेपी के दौरान ह्यूमिडिफायर के लिए स्वच्छ व शुद्ध जल का उपयोग करें।
6- एंटीबायोटिक्स व एंटीफंगल का प्रयोग केवल तभी करें, जब चिकित्सक द्वारा परामर्श दिया गया हो।
7- बंद नाक वाले सभी मामलों को बैक्टीरियल साइनसिसिस के मामलों के रूप में नहीं मानें।
8- म्यूकोर के लक्षण महसूस होने पर मेडिसिन, ईएनटी और नेत्र विशेषज्ञों को दिखाना चाहिए।

कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग में ट्यूशन पढ़ा रहा टीचर अरेस्ट

तीर्थनगरी में कोविड कर्फ्यू के दौरान एक कोचिंग संस्थान में टीचर को बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना भारी पड़ गया। कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक बुधवार को कोविड कर्फ्यू के दौरान चेकिंग पर थे। इसी बीच श्यामपुर क्षेत्र में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट खुला मिला। इसमें 25 से 30 छात्र मौजूद थे। पुलिस ने कोचिंग संस्थान के टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि आशीष कुमार पुत्र स्व. राम लखन निवासी बंदरामऊ, राही थाना मिल एरिया, जिला बरेली, यूपी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

केंद्र व प्रदेश सरकार महामारी से निपटने में पूरी तरह फ्लॉपः प्रीतम सिंह

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आज कांग्रेस भवन ऋषिकेश में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने शिरकत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड नियंत्रण में नहीं है और इसकी जिम्मेदारी सरकार की है, इसी के चलते यहां ज्यादा मौते हो रही है।

नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत की अध्यक्षता में रेलवे रोड स्थित कांग्रेस भवन में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 59 लोगों द्वारा रक्तदान हेतु अपना पंजीकरण करवाया गया। जिसमें से 32 लोग रक्तदान हेतु योग्य पाया गए, जबकि अन्य रक्त देने में अयोग्य पाए गए।

कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार महामारी से निपटने में पूरी तरह फ्लॉप हो गई है। जिसके परिणाम स्वरूप इतनी अधिक मौतें हुई हैं। कहा कि पूरे भारत में कांग्रेस कमेटी अपने स्तर से कोविड-19 के मरीजों हेतु सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है इसी परिपेक्ष में प्रदेश कांग्रेस कमेटी उत्तराखंड भी पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे प्रदेश में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इसके अलावा जगह-जगह पर एंबुलेंस की फ्री सेवा दे रही है। जरूरतमंद लोगों को राशन व भोजन भी दिया जा रहा है। संकट की घड़ी में कांग्रेस हर प्रकार से लोगों का सहयोग कर रही है।

नगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने बताया रक्तदान शिविर में भारी बारिश के बावजूद तथा कोरोना महामारी के बीच युवाओं में जो आगे आकर रक्तदान किया है। उसके लिए वह उन सभी का धन्यवाद देते हैं सभी कांग्रेसियों से अपील की कि अपने-अपने स्तर से जरूरतमंदो की सेवा करते रहें। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने बताया कि पुण्यतिथि पर नगरभर में जरूरतमंदों को राशन, मास्क वितरित किए जाएंगे। जरूरतमंदों को इमरजेंसी सेवा एंबुलेंस भी दी जाएगी।

पुण्यतिथि पर नगरभर में सैनिटाइजेशन और निशुल्क एंबुलेंस सेवा होगी शुरू
कार्यक्रम संयोजक ललित मोहन मिश्र ने कहा कि 21 मई को पूर्व पीएम राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर सुबह नगर भर में सैनिटाइजर व मास्क वितरित किए जाएंगे। तत्पश्चात कोरोना के मरीजों की सुविधा हेतु एक निशुल्क एंबुलेंस आरंभ की जाएगी तथा शाम को गरीबो कों भोजन त्रिवेणी घाट पर करवाया जाएगा उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह सेवा कार्य लगातार जारी रहेगा और जनता को संभव सहयोग देने का प्रयास रहेगा।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवान, प्रदेश महामंत्री राजपाल खरोला, प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा, पार्षद दल के नेता मनीष शर्मा, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, पार्षद राधा रमोला, पार्षद बिजय लक्ष्मी शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज देवरानी, गौतम नौटियाल, मधु जोशी, पूर्व प्रधान वेद प्रकाश शर्मा, सेवादल के नगर अध्यक्ष राम कुमार, सुधीर राय, चंदन सिंह पवार, शैलेन्द्र बिष्ट, विक्रम भंडारी, रुक्कम पोखरियाल, अभिषेक शर्मा, संजय भारद्वाज, नंदकिशोर जाटव, राहुल पाण्डेय, राजेन्द्र जाटव, शुभम सारस्वत, अशोक शर्मा, पुरन्जय राजभर, मोहित शर्मा, राघव भटनागर, हर्ष शर्मा, राजेश गोयल, हरिराम वर्मा, जीतू मुखर्जी आदि उपस्थित थे।

व्यापारी नेता प्रतीक कालिया ने की शासन से अपील, श्रमिकों को टीकाकरण के पंजीकरण को सरल प्रक्रिया लाई जाएं

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महामंत्री प्रतीक कालिया ने नगर भर के श्रमिकों के टीकाकरण में पंजीकरण के लिए सरल प्रक्रिया अपनाने की अपील उप जिलाधिकारी ऋषिकेश से की है।

महामंत्री प्रतीक कालिया ने बताया कि आरोग्य सेतु और कोविन ऐप पर शासन की एसओपी के चलते श्रमिक अपना पंजीकरण नहीं करवा पा रहे हैं इसके चलते ऋषिकेश नगर के करीब 7000 से अधिक पंजीकृत मजदूर टीका लगाने से वंचित हो रहे हैं उन्होंने बताया कि इन श्रमिकों को टीका ना लगने के कारण हम कोरोना की दूसरी लहर को नगर भर में पूरी तरह से नहीं रोक सकेंगे।

महामंत्री प्रतीक कालिया ने उप जिलाधिकारी से मजदूरों एवं श्रमिकों के टीकाकरण के पंजीकरण के लिए नई एवं सरल प्रक्रिया को लाने की अपील की है।

सैनिटाइजेशन पर ताकत झौंक जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने मोर्चा संभाला

जिला पंचायत सदस्य हरिपुर कलां दिव्या बेलवाल की अगुवाई में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति की जिलाध्यक्ष चन्द्र कांता बेलवाल, समाजसेवी डा राजे सिंह नेगी, सुनील जुगरान, मनमोहन नेगी ऋषि राज कुकरेती, अजय रावत,ग्राम पंचायत सदस्य विनायक गिरी, अमृत सिसोदिया ने मोर्चा संभालते हुए कोराना के खिलाफ जंग मैं सैनिटाइजेशन को हथियार बनाकर एक्शन शुरू कर दिया है। प्रत्येक घर पर सैनेटाइजेशन के साथ ग्रामीणों को वैश्विक महामारी से बचने के तमाम आवश्यक उपाय भी बताए जा रहे हैं।

जिला पंचायत सदस्य दिव्या बैलवाल ने क्षेत्रवासियों से घरों से बाहर न निकलने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील भी की ।उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी को देखते हुए उनका फोकस सैनेटाइजेशन पर रहा है। अब जबकि कोरोना का विकराल रूप देखने को मिल रहा है तो लोगों को और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है।