उत्तराखंड की बेटी ने हॉकी में हैट्रिक लगाकर टीम इंडिया को दिलाई जीत

हरिद्वार के छोटे से गांव की वंदना कटारिया ने ओलंपिक में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में वंदना ने तीन गोल दागे और टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई।

वंदना ने ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी का यह खिताब भी अपने नाम कर लिया है। बता दें कि 1984 के बाद किसी भारतीय ने ओलंपिक में हैट्रिक नहीं लगाई थी।

वंदना ने ऐतिहासिक उपलब्धि से दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी है। अपनी तैयारी के चलते वह पिता के निधन पर भी गांव नहीं आ सकी थीं। वंदना की इस उपलब्धि पर परिजनों, ग्रामीणों और जिले के खेल अधिकारियों में जश्न का माहौल है। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव रोशनाबाद निवासी वंदना कटारिया ने पढ़ाई के साथ हॉकी को अपना कॅरियर बनाने के लिए जी जान से मेहनत की है।

वंदना कटारिया का जन्म 15 अप्रैल 1992 में रोशनाबाद में ही हुआ है। वंदना कटारिया ने पहली बार जूनियर अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में 2006 में प्रतिभाग किया। वर्ष 2013 में देश में सबसे अधिक गोल करने में सफल रहीं।

जर्मनी में हुए जूनियर महिला विश्वकप में वंदना कटारिया कांस्य पदक विजेता बनीं। वंदना ने हॉकी में फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं।

2021 मई में पिता नाहर सिंह का आकस्मिक निधन हो गया। तब गांव नहीं आ पाई थीं। तब ओलंपिक के लिए बेंगलुरु में चल रहे कैंप में तैयारी कर रही थीं। उसकी हैट्रिक लगाने से गांव में जश्न है।

ग्रामीण परिवार के लोगों को शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं। उप जिला खेल अधिकारी वरुण बेलवाल ने वंदना कटारिया को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि करोड़ों भारतीय की दुआओं से महिला हॉकी टीम जरूर ओलंपिक से मेडल लेकर आएगी।

मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना का लाभ दिलाये अधिकारी- रेखा आर्य

उन मातृ शक्तियों को मेरा अभिनंदन जिन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। आप बेटियों को भी समान अधिकार दे रही है। ये प्रदेश के लिए गर्व की बात है। आपके इस सार्थक प्रयास की बदौलत एक दिन उत्तराखंड देवी की भूमि के रूप में जाना जाएगा। यह बात महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कही।

शनिवार को नई टिहरी के बहु उद्देशीय भवन में मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया इस मौके पर करीब 30 महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। भाजपा जिला अध्यक्ष नई टिहरी विनोद रतूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच और मंत्री रेखा आर्य के सार्थक प्रयासों की बदौलत आज महिलाओ को इस योजना का लाभ मिल रहा है।

इस दौरान मंत्री रेखा आर्य ने अपने संबोधन की शुरुआत मातृ शक्तियों की जयकार से की। उन्होंने कहा कि आप की गोद मे जो महालक्ष्मी हैं। यही आगे चलकर उत्तराखंड संभालेंगी। कहा कि एक माँ की थकान अपनी बेटी की मुस्कान से दूर होती है, जबकि पुरुषों में ऐसा देखने को नहीं मिलता। कहा कि इन्हें समान अवसर दीजिये, ये भी हर क्षेत्र में बेहतर कर सकती हैं, ऐसी शक्ति ईश्वर ने इन्हें दी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रसव के बाद हर माँ को जिस जिस सामान की जरूरत पड़ती है, वह सभी इस महालक्ष्मी किट में दिया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी का इस योजना को स्वीकृति देने के लिए आभार जताया। इस मौके पर जिलाधिकारी टिहरी ईवा, आशीष श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष टिहरी विनोद रतूड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बबिता शाह, पूर्व दायित्व धारी बेबी असवाल, ब्लाक प्रमुख जाखणीधार श्रीमति सुनीता, ब्लाक प्रमुख चम्बा शिवानी बिष्ट, सीडीओ नमामि बंसल, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा रेखा राणा आदि मौजूद रहे।

मेहडकल काॅलेजों के सभी निर्माण कार्य 30 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश

चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को सभी निर्माण कार्यों को 30 अक्टूबर तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जिन संस्थाओं का कार्य गुणवत्तापूर्वक व अनुबंध के अनुसार समय पर पूरा नहीं होगा उन्हें बदल दिया जायेगा।

विधानसभा स्थिति सभागार में आयोजित स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक में राज्य के आधा दर्जन मेडिकल कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। जिसमें संबंधित मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। समीक्षा के उपरांत विभागीय मंत्री डा. धन िंसह रावत ने कहा कि जिन कॉलेजों में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं कार्यदायी संस्था उन योजनाओं को शीघ्र विभाग को हस्तांतरण करें ताकि माननीय मुख्यमंत्री के द्वारा उन योजनाओं का लोकार्पण करवा कर कार्य शुरू किया जा सके। जो निर्माण कार्य गतिमान है उनको 30 अक्टूबर तक पूर्ण करने की डेडलाइन नियत की गई है।

डा. रावत ने कहा कि 30 अक्टूबर को माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दून मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत निर्मित नई बिल्डिंग का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के पदाधिकारियों को कॉलेज में अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान शोध संस्थान में चले 331 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कर दो अक्टूबर को इसके लोकार्पण करने के निर्देश विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को दिये। इसके साथ ही उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में 5926 लाख धनराशि से पूरी हो चुकी विभिन्न परियोजना के शीघ्र हस्तांतरण के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के जल्द शिलान्यास के निर्देश देते हुए डा. रावत ने कहा कि कॉलेज के निर्माण कार्यों के लिए शासन ने 75 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी है। उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 2459 करोड़ की धनराशि से बनने वाले 1000 सीट की क्षमता के ऑडिटोरियम का निर्माण 31 दिसम्बर से पहले करने का निर्देश अधिकारियों को दिये साथ ही उन्होंने कॉलेज में 207 लाख से निर्मित बर्न यूनिट को अगस्त माह तक पूरा करने को कहा।

बैठक में अपर सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, अपर मिशन निदेशक डा. अभिषेक त्रिपाठी, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा, निदेशक स्वास्थ्य डा. विनीता शाह, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेल डा. आशुतोष सयाना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज श्रीनगर डा. सी.एम.एस. रावत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा डा. चन्द्र प्रकाश भैसोड़ा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी डा. अरूण जोशी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर प्रो.के.सी. पंत, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज हरिद्वार डा. प्रदीप भारती गुप्ता, डा. बी.एस.नेगी, डा. मयंक बडोला, डा. अमित, सीजीएम पेयजल निगम सुभाष चैहान, जीएम पेयजल निगम सी.एस. रजवार, जीएम ब्रिडकुल आर.पी.उनियाल, ईई आर.के. नेगी, नवनीत, एस.एच. जोशी, नवीन चन्द्रा, वी.वी. रावत, विनोद कुमार, अजय वशिष्ठ, सतीश चन्द्र सक्सेना सहित विभागीय अधिकारी तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आखिर किसे कहा, स्वास्थ्य मंत्री ने-नही सुधरे तो एक माह में अनुबंध खत्म

राज्यभर में पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पतालों की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अस्पतालों ने एक माह के भीतर जन अपेक्षाओं के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो सरकार ऐसे अस्पतालों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित आधा दर्जन विधायकों ने प्रतिभाग करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्रों में संचालित पीपीपी मोड़ अस्पतालों में क्षेत्रीय जनता को आ रही समस्याएं गिनाई। जिस पर विभागीय मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऐसे अस्पतालों की लगातार निगरानी करने तथा शासन को मासिक रिपोर्ट भेजने को कहा।

सूबे के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभागार में प्रदेश भर में पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पतालों के संचालकों एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित संबंधित क्षेत्रों के आधा दर्जन विधायकों ने प्रतिभाग किया। बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र में संचालित पीपीपी मोड़ अस्पतालों की समस्याएं रखी। विधायकों ने पीपीपी मोड़ में चल रहे अस्पतालों के गैरजिम्मेदाराना रवैये, डाक्टरों की कमी जैसे अन्य कई गंभीर मुद्दे बैठक में रखे। जिस पर विभागीय मंत्री डा. रावत ने पीपीपी मोड़ अस्पताल संचालकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित अस्पतालों ने एक माह के भीतर अपनी कार्यप्रणाली में जन अपेक्षाओं के अनुरूप सुधार नहीं लाया तो सरकार ऐसे अस्पतालों के विरूद्ध अनुबंध समाप्त करने की कार्यवाही से गुरेज नहीं करेगी। डा. रावत ने बताया कि सरकार का मकसद पीपीपी मोड़ के माध्यम से स्थानीय स्तर पर जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल संचालकों की जिम्मेदारी है कि वह अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को दूर करें। विधायकों एवं स्थानीय जनता के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए उन्होंने अस्पताल संचालकों को संपर्क अधिकारी नियुक्ति करने के निर्देश दिये। डा. रावत ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा वह पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पतालों की लगातार निगरानी कर प्रत्येक माह रिपोर्ट शासन को भेजें। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान क्षेत्रवासियों ने पीपीपी मोड़ में संचालित अस्पताल बीरोंखाल में अव्यवस्था की शिकायतें की तथा स्वयं उन्होंने पाया कि अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टर व टेक्निशियन गायब मिले। यही नहीं क्षेत्रवासियों ने बताया कि काफी दिनों तक अस्पताल की ओपीडी भी बंद रही जिस कारण क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक टिहरी धन सिंह नेगी, विधायक सल्ट महेश जीना, विधायक रामनगर दिवान सिंह बिष्ट, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, पूर्व विधायक एवं नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम, सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी, अपर सचिव स्वास्थ्य एवं मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा, सीएमओ टिहरी संजय जैन, डा. ए.एस. चैहान, डा. रमेश कुमार, डा. शैलेन्द्र सिंह, डा. रमेश सिंह राणा, डा. आशीष गुसांई, डा. एमबी पंत, डा. पीयूष, डा. संतोष कुंवर, डा. गौरव रतूड़ी, डा. प्रतिभा कोहली, दीपक गोयल, अभिषेक दुबे, अम्बेश बाजपेय सहित विभागीय अधिकारी एवं पीपीपी मोड़ अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थिति रहे।

विभाग की बेहत्तरी के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने पूर्व महानिदेशकों से लिये सुझाव

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहत्तर बनाने एवं आम जनमानस तक विभाग की पहुंच बनाने के उद्देश्य से सूबे के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विधानसभा में सूबे के पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशकों की बैठक बुलाई। डा. रावत ने कहा कि सूबे की स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए इस क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों से सुझाव एवं सलाह ली जायेगी। जिसके लिए उन्होंने 150 दिनों का लक्ष्य विभागीय अधिकारियों को दिया है। इस क्रम आज उत्तराखंड के प्रथम महानिदेशक स्वास्थ्य डा. आई.एस.पाल सहित आधा दर्जन पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशकों ने बैठक में प्रतिभाग कर अपने सुझाव रखे।

बैठक में अपने अनुभवों को साझा करते हुए डा. पाल ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य केन्द्रों के बेहत्तर संचालन के लिए मेडिकल उपकरणों के रख-रखाव के साथ ही पैरामेडिकल स्टॉफ एवं टेक्निशियन्स को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों का बेहत्तर उपचार किया जा सकेगा। डा. आर.पी. भट्ट ने कहा कि प्रदेशभर के अस्पतालों में फिजिशियन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती अति आवश्यक है। डा. डी.एस. रावत ने ब्लॉक एवं जिला अस्पतालों में आपसी समन्वय को जरूरी बताया। उन्होंने बच्चों में होने वाले गम्भीर रोगों की पहचान हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिये जाने पर बल दिया। डा. अमिता उप्रेति ने कहा कि आशा वर्कर्स को विशेष प्रशिक्षण देकर गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान में लगाया जा सकता है। डा. आशा माथुर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ ही चिकित्सालयों में प्रसव की सुविधाए बढ़ाई जानी चाहिए। इस मौके पर डा. आर.सी.एस. सयाना एवं डा. आर.सी. आर्य ने भी अपने सुझाव रखे।

सीएम धामी के जीवन के अनमोल पल जो याद दिलाते है उन्हें संघर्षों की दास्तां

हौसले बुलंद कर रास्तों पर चल दे, तुझे तेरा मुकाम मिल जाएगा
बढ़ कर अकेला तू पहल कर, देख कर तुझको काफिला खुद बन जाएगा

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीवनी हर उस व्यक्ति के लिए प्ररेणास्रोत है जो यह सोचता है कि अभावों में जीवन यापन करने वाला व्यक्ति सफलता की ईबारत नहीं लिख सकता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन की ही तरह उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री धामी का जीवन भी संघर्षों भरा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने अभावों में जीवन यापन करने के बावजूद मुश्किलों को कभी भी खुद पर हावी नहीं होने दिया। मन में विश्वास और मंजिल की तरफ सधे कदमों से चलते रहे।

इन दिनों सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक निजी चैनल पर साक्षात्कार के दौरान अपने जीवन के संघर्ष के दिनों को याद कर रहे हैं।
साधारण स्कूल में अध्ययन करने के बाद भी उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बल पर मैनेजमेंट और लॉ की डिग्री हासिल की और आज वे मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित कर रहे हैं।

जब उनसे पूछा गया कि जहां कई नेताओं के बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं, वहीं उनके बच्चे आज भी गांव में अध्ययन कर रहे हैं। क्या वे नहीं चाहते कि उनके बच्चे शहरों के बड़े स्कूलों में पढ़ें। इस सवाल के जवाब में सीएम धामी कहते हैं कि वे अपने बच्चों को सदैव जमीन से जुड़े रहने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि यह आवश्यक नहीं है कि जो व्यक्ति गांव में रहते हैं, वे उन्नति के सोपानों को नहीं छू सकते हैं। आज जितने भी सफल लोग हैं, वे कहीं न कहीं ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही जुड़े हैं और संघर्षपूर्ण जीवन जीकर आज देश-दुनिया में नाम कमा रहे हैं। उन्होंने साधारण से लेकर असाधारण तक की यात्रा की है और जमीन से आसमान को छूने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिन्होंने अपना जीवन गरीबी में बिताया और आज वे देश के उच्च पद पर हैं।

मुख्यमंत्री धामी बताते हैं कि उनके पिता जब सेना में पदस्थ थे तो वे गांव में रहते थे। पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में उनका जन्म हुआ। उस समय पहाड़ी क्षेत्रों में हालात इतने खराब थे कि उन्हें सरकारी प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए 5-6 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता था। आज की तरह तब वहां सड़कें और अन्य सुविधाएं नहीं थीं। स्कूल में लिखने के लिए वे तख्ती यानी स्लेट का इस्तेमाल करते थे, जिसे स्कूल जाने के पूर्व प्रतिदिन तैयार करना होता था। यहां तक कि बैठने के लिए भी उन्हें टाट की बोरी साथ में ले जानी पड़ती थी।

जिस व्यक्ति में आगे बढ़ने की ललक होती है, वह कठिन हालातों में भी अपनी राह बना ही लेता है। इस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में जीवन जीने के बाद भी मुख्यमंत्री धामी अपने हौसले के दम पर निरंतर उन्नति कर रहे हैं। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। युवाओं को उनसे सीख लेनी चाहिए कि चाहे जीवन में कितनी भी विपरीत परिस्थितियां हो, उनका हमेशा हिम्मत से सामना करना चाहिए।

काम करने वालों के लिए समय मायने नही रखता- पुष्कर सिंह धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है उसे जन अपेक्षाओं के अनुरूप पूरा करने का उनका सतत प्रयास है। उन्होंने कहा कि वे बोलने पर नहीं बल्कि कर्म में विश्वास करते हैं। कम बोलना और ज्यादा काम करना उनका ध्येय वाक्य है। राज्य हित में उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा फैसले लिये हैं। राज्य के हर क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हमारा एजेंडा है। उन्होंने कहा कि गैरसैंण जनभावनाओं का केन्द्र है। वहां पर ग्रीष्म कालीन राजधानी के अनुरूप सभी आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास किया जायेगा। देवस्थानम बोर्ड प्रदेश के पर्यटन, तीर्थाटन से जुड़ा विषय है, इसे लेकर सभी सम्बन्धित पक्षों से वार्ता कर निर्णय लिया जायेगा। इसमें किसी के भी हित प्रभावित न हों इसके लिये उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोडेंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जायेगी, जबकि 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरेजगार के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगीकरण में तेजी लाने के लिये उद्योगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा। इसके लिये अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही यदि आवश्यकता हुई तो नीतियों में भी संशोधन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भू-कानून, जनसंख्या कानून, नजूल भूमि से सम्बन्धित विषयों के समाधान के लिये कमेटी का गठन किया जायेगा।

जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका पूरा ध्यान राज्य के विकास पर है। जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जायेगा उनके लोकार्पण की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जवानी तथा पानी दोनों राज्य के काम आये इसके लिये प्रभावी ढंग से योजनायें बनाकर उनका क्रियान्वयन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान हो इसके लिये सभी अधिकारियों को सभी कार्य दिवसों पर पूर्वाहन 10ः00 बजे से 12ः00 बजे तक जन समस्यायें सुनने तथा उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिये गये हैं।

जीरो पेंडेंसी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो पेंडेंसी पर ध्यान देते हुए शासन से लेकर जिलों तक सुशासन पर ध्यान दिया जायेगा। जिलों के कार्य जिलों में ही हों तथा जिलों के कार्य अनावश्यक रूप से शासन को सन्दर्भित न किया जाये, इसके सख्त निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश के हर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी है। हर उत्तराखण्डी के चेहरे पर मुस्कान लाना उनका उद्देश्य रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का प्रदेश के प्रति भावनात्मक लगाव है। राज्य की समस्याओं से वे विज्ञ हैं। राज्य के विकास में उनका मार्गदर्शन निरन्तर हमें प्राप्त हो रहा है।

सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर होंगे प्रदेश के विकास कार्य- सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के अन्तर्गत निर्मित होने वाली सड़कों के निर्माण के लिये कुल रूपये 18 करोड़ 36 लाख की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के अन्तर्गत गंगसार गांव मोटर मार्ग के डामरीकरण हेतु रूपये 3.60 करोड़ तथा विधानसभा क्षेत्र विकासनगर के अन्तर्गत बाबूगढ़-नवाबगढ़-जीवनगढ़ एवं डाकपत्थर क्षेत्र के आंतरिक मार्गों एवं नाली निर्माण के लिये भी रूपये 2.37 करोड़ की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में ज्योली-बसर-खूँट मोटर मार्ग से बसगॉव-दडमाण मोटर मार्ग पर 18 मी0 स्पान सिंगल लेन सेतु निर्माण हेतु रूपये 1.66 करोड़, सहसपुर के ग्राम सभा अटक फार्म में हिमालयन स्कूल तक सड़क निर्माण हेतु रूपये 1.46 करोड़, चकराता के विकासखण्ड कालसी में गडोग से डियूडीलानी मोटर मार्ग निर्माण हेतु रूपये 1.19 करोड़, डीडीहाट के अन्तर्गत जौलजीवी-बगड़ीहाट-तीतरी-रणुआ-अमतड़ी मोटर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 1.24 करोड़, लक्सर के अंतर्गत ग्राम सीदडू में पथरी पुल होते हुए ग्राम स्थल बुजुर्ग तक सड़क पुनर्निर्माण हेतु रूपये 1.16 करोड़, थराली के विकासखण्ड देवाल में मानमती-चेटिंग -हरमल-झलिया मोटर मार्ग निर्माण हेतु रूपये 1.12 करोड़, लालकुऑ के अंतर्गत हल्दूचैड़-परमा मोटर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 96.69 लाख की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत सूलियाधार हडकी मोटर मार्ग के डौन्डा नामे तोक से चैराखेत तक मोटर मार्ग नवीनीकरण हेतु रूपये 87.66 लाख, थराली क्षेत्र के अंतर्गत आन्तरिक मार्गों के सुधारीकरण हेतु रूपये 69.88 लाख, सितारगंज में एन0एच0 125 से ग्राम बघौरी की ओर मार्ग सुधारीकरण हेतु रूपये 69.71 लाख, प्रतापनगर क्षेत्र में राजखेत घनसाली मोटर मार्ग से म्यूड़ा मय ललवाली मोटर मार्ग के नवीनीकरण हेतु रूपये 57.07 लाख, धर्मपुर के अन्तर्गत रेसकोर्स में दक्षिण वार्ड में आन्तरिक मार्गों के सुधारीकरण हेतु रूपये 55.69 लाख, विधानसभा गैरसैंण में झूलापुल निर्माण हेतु रूपये 6.30 लाख, मसूरी के अन्तर्गत सहस्त्रधारा रोड़ से कण्डोली-कैनाल रोड़ को जाने वाले मार्ग पर मन्दाकिनी विहार में ब्रहमावाला खाले के ऊपर 15 मी0 स्पान डब्ल लेन सेतु निर्माण हेतु प्रथम चरण के लिये रूपये 2.78 लाख के साथ ही विधानसभा क्षेत्र खटीमा के मोहम्मदपुर भुड़िया मोटर मार्ग एवं खटीमा-पीलीभीत में बनगांव से खकरा नदी तक मार्ग के डामरीकरण हेतु रूपये 1.78 लाख को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

केन्द्र सरकार की योजनाओं का उत्तराखंड को मिल रहा लाभ

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून विश्वविद्यालय, केदारपुरम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना उद्घाटन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी द्वारा लिखित पुस्तक ‘‘रीविजिटिंग डॉ. अम्बेडकर-थॉटस एण्ड फिलासफी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
शोध एवं नवाचार केन्द्र, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोक कला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सहित अनेक घोषणाएं
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दून विश्वविद्यालय में डॉ0 आम्बेड़कर फाउंडेशन, सामाजिक कल्याण एवं आधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषित डॉ0 आम्बेड़कर चेयर की स्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही राज्यपाल ने दून विश्वविद्यालय में मौलिक शोध एवं नवाचार को विकसित करने हेतु शोध एवं नवाचार केन्द्र की स्थापना करने, सत्र 2020-21 से दून विश्वविद्यालय में बी.एस.सी इन्टेग्रेटेड बॉयोलॉजिकल सांइसेस, गढ़वाली, कुमांउनी, जौनसारी भाषाओं में एक वर्षीय सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, उत्तराखण्ड की लोककला पर आधारित दो वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम (एम0ए0 थियेटर), एम0ए0,एम0एस0सी0 गृहविज्ञान, बी0ए0(ऑनर्स) मनोविज्ञान जैसे नये पाठ्यक्रमों के शुभारंभ की घोषणा की है।
कोविड-19 में अनाथ बच्चों के लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली वैश्विक महामारी कोविड-19 की त्रासदी में जो बच्चे अनाथ हुए हैं उनके लिए दून विश्वविद्यालय में संचालित प्रत्येक पाठ्यक्रम में एक सीट इस सत्र में आरक्षित की जायेगी। यह सीट पूर्व से आवंटित सीटों के अतिरिक्त होगी।
राज्यपाल ने कहा कि दून विश्वविद्यालय इस चेयर के माध्यम से राज्य में महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय, सामाजिक बदलाव, मानवाधिकार एवं जातिगत भेदभाव जैसे विषयों पर अनुसंधान एवं शिक्षण के लिए विशेष रूप से सक्रिय रहेगा।
राज्यपाल मौर्य ने कहा कि भारतीय समाज के ताने-बाने की गहरी समझ रखने वाले बाबा साहेब ने संविधान में विभिन्न कानूनों का समावेश किया ताकि देश की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज भी हम उस राष्ट्र के निर्माण में लगे हैं जिससे बाबा साहेब के सपनों का भारत बन सके। जहाँ लोग बिना छुआछूत, धर्म या जाति के भेदभाव के एक सम्मानित जीवन जी सकें। हमारे विश्वविद्यालयों का यह दायित्व है कि बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वद्यालयों को लोक कलाओं, लोक संगीत एवं लोक संस्कृति के संरक्षण के लिये कार्य करना चाहिये।

दून विवि में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दून विश्वविद्यालय को डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना का सौभाग्य प्राप्त हुआ, यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन संघर्ष एवं सामाजिक सरोकारों के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों से सभी परिचित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सराहनीय प्रयास किये जा रहे हैं। दून विश्वविद्यालय में पुस्तकालय भवन के लिए बजट की व्यवस्था जल्द की जायेगी।

राज्य सरकार क्वालिटी ऑफ वर्क के लिए संकल्पबद्ध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हर क्षेत्र में क्वालिटी ऑफ वर्क देने का प्रयास किया जायेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के समाधान एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के सुधार के लिए जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीमित आर्थिक संसाधन हैं, इसके बावजूद भी राज्य सरकार द्वारा जनहित में अनेक निर्णय लिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी घोषणाएं की जायेंगी, समयबद्धता के साथ वे पूर्ण भी की जायेंगी। सबको साथ लेकर राज्य को आगे बढ़ाया जायेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि 2027 तक उच्च शिक्षा, पर्यटन, कृषि एवं सड़कों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनायेंगे।

रोजगार के लिए रोडमैप
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अपनी पहली कैबिनेट में ही सरकार ने जनहित से संबंधित अनेक निर्णय लिये। राज्य में विभिन्न विभागों के अनेक रिक्त पदों पर भर्तियां करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रक्रिया भी तेज हो चुकी है। स्वरोजगार की दिशा में भी राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए रोडमैप बनाया जा रहा है। कोविड की वजह से भर्ती प्रक्रियाओं में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयुसीमा में एक साल की छूट प्रदान की गई है। एनडीए एवं सीडीएस की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए 50 हजार की वित्तीय सहायता एवं संघ लोक सेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले सभी अभ्यर्थियों एवं पीसीएस प्रारम्भिक परीक्षा पास करने वाले चयनित 100 अभ्यर्थियों को मेन्स एवं साक्षात्कार के लिए 50-50 हजार रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी।

कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन व स्वास्थ्य क्षेत्र के लिये पैकेज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की महत्वपूर्ण यात्रा है। उत्तराखण्ड के ये धाम लोगों के आस्था के प्रमुख केन्द्र हैं। अनेक लोगों की आजीविका चारधाम यात्रा से जुड़ी है। पर्यटन और चारधाम यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ का पैकेज दिया है। जिससे 01 लाख 65 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। कोविड -19 से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र एवं इससे जुड़े कार्मिकों के लिए 205 करोड़ रूपये का राहत पैकेज दिया जा रहा है। इससे राज्य में 03 लाख 73 हजार से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड से किसी के हक हकूक प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि दून विश्वविद्यालय में राज्य के पहले डॉ. भीमराव अम्बेडकर चेयर स्थापना हुई है। पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी दून विश्वविद्यालय में एक चेयर की स्थापना की जायेगी। दून विश्वविद्यालय में डॉ. नित्यानन्द हिमालयी शोध एवं अध्ययन संस्थान शीघ्र बनकर पूर्ण हो जायेगा।
विधायक विनोद चमोली ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने वंचित वर्गों के शोषण एवं रूढ़िवादिता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर फाउण्डेशन के निदेशक डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मांझी, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, कुलसचिव डॉ. एस.एस. मन्द्रवाल, विश्वविद्वालय के प्रोफेसर एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

अंतराष्ट्रीय टाइगर दिवसः टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी पर्यटन के लिय सुखदः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में अन्तराष्ट्रीय टाइगर दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में तराई क्षेत्र से उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक टाइगर की उपस्थिति स्थानीय निवासियों की टाइगर संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2006 में 178 बाघों की अपेक्षा वर्ष 2018 में 442 बाघों की उपस्थिति भी राज्य के निवासियों की टाइगर संरक्षण में निभाई जा रही भागीदारी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मानव वन्य-जीव संघर्ष को कम करने के लिये अन्य राज्यों द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं एवं उपायों का भी अध्ययन करने की अपेक्षा की ताकि राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने में मदद मिल सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पहले नर टाइगर जिसका कार्बेट से राजाजी में रि-इन्ट्रोडक्शन किया गया था, के चित्र का भी अनावरण किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य में टाइगरों की संख्या में बढ़ोत्तरी तथा टाइगर सफारी को पर्यटन के लिये भी सुखद बताया। इन क्षेत्रों में पर्यटकों का आवागमन प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान करेगा।

इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के तराई-भाबर क्षेत्र के टाइगर रिजर्व में टाइगर घनत्व देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टाइगरों की उपस्थिति तराई-भाबर के अलावा उच्च हिमालयी क्षेत्र, केदारनाथ एवं अस्कोट वन्य जीव विहार के इनकी कैमरा ट्रेप की गई है। यह टाइगरों के निवास स्थलों के बढ़ने के भी संकेत है। वन मंत्री ने कहा कि पारस्थितिकी तंत्र में वन्य जीवों के उच्च स्तर पर भोजन श्रृंखला निचले स्तर भोजन स्तर की सुदृढ़ता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि टाइगर सफारी पाखरो से भी आर्थिकी को बढ़ावा मिल सकेगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अनन्द बर्द्धन, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डा. पराग मधुकर धकाते, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अनूप मलिक आदि उपस्थित थे।

पालिका की टीम ने नौ चालान कर प्लास्टिक की जब्त

नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की ओर से पाॅलीथीन की रोकथाम हेतु छोपमारी अभियान चलाया गया। जिसमें नौ चालान किए गए, अचानक हुई कार्रवाई से फुटकर एवं रेहड़ी विक्रेताओं में अफरा-तफरी मची रही।

गौरतलब है कि बीते दिनों पालिका सभागार में हुई बैठक में अपर आयुक्त ने राजस्व, पुलिस और पालिका प्रशासन के आला अधिकारियों को क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री को रोकने हेतु निर्देश दिए थे। जिसके बाद बृहस्पतिवार को ईओ बीपी भट्ट के निर्देश पर कर निरीक्षक अनुराधा गोयल और सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार के नेतृत्व पालिका प्रशासन की टीम खाराश्रोत पार्किंग पहुंची। अचानक हुई छापेमारी की कार्रवाई से यहां दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पालिका की टीम जानकी पुल पहुंची। यहां भी कार्रवाई होते देख फुटकर एवं रेहड़ी विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

अधिशासी अधिकारी बीपी भटट ने बताया कि क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम हेतु पालिका की ओर अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी प्रकार के दुकानदारों से पाॅलिथीन का प्रयोग न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि पहले दिन पाॅलिथीन का प्रयोग किए जाने पर नौ चालान किए गए, जिनसे कुल 18 सौ रूपए का राजस्व वसूला गया। साथ ही पाॅलिथीन, प्लास्टिक सामग्री (दोने, पत्तल) भी जब्त की गई।