पीएमजीएसवाई में पिछले पौने चार साल में हुुआ तेजी से काम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रुद्रप्रयाग में प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने कनेक्टिविटी पर काफी काम किया है। हमारा मानना है कि सड़कें विकास की धुरी होती हैं। सड़कों से होकर ही विकास के रास्ते पर जा सकते हैं। गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सरकार ने पीएमजीएसवाई पर विशेष रूप से फोकस किया है।

पीएमजीएसवाई के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में पूर्व से निर्मित मार्गों में कई स्थानों पर सेतुओं का निर्माण न होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाई होती थी। इन सेतुओं की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्तिगत तौर और पत्राचार के द्वारा भी निरंतर भारत सरकार के ग्रामीण मंत्रालय और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत सरकार द्वारा इन स्थानों पर 127 सेतुओं के निर्माण और उन पर 330 करोड़ की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही पीएमजीएसवाई-1 के अंतर्गत पूर्व में निर्मित 121 कच्चे मार्गों के डामरीकरण के लिए 530 करोड़ की भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस तरह से स्टेज-2 के तहत 860 करोड़ की लागत के कुल 248 कार्यों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति भारत सरकार से प्राप्त होने से उक्त मार्गों पर पूर्व में किया गया खर्च भी सार्थक होगा और ये सड़कें पक्की बन जाएंगी। इससे ग्रामीण लोगों का आवागमन सरल होगा। मुख्यमंत्री ने इन स्वीकृतियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर और ग्रामीण विकास मंत्रालय के समस्त अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में हमें 15 वें वित्त आयोग से पीएमजीएसवाई के तहत 2322 करोड़ रूपए की की संस्तुति की गई है। आसाम के बाद पीएमजीएसवाई में उत्तराखण्ड को सर्वाधिक राशि स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वर्ष 2000 में शुरू की गई थी। अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो स्पष्ट होता है कि पीएमजीएसवाई में पहले की तुलना में हमारी सरकार के कार्य काल में कही ज्यादा काम हुआ है।

वर्ष 2000 से लेकर मार्च 2017 तक राज्य में पीएमजीएसवाई के तहत 10,263 किलोमीटर लंबाई के संपर्क मार्गों की स्वीकृति मिली, इसके लिए 4001 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई थी। इसके सापेक्ष 7,529 किलोमीटर लंबाई की सड़क मार्ग का कार्य पूरा किया गया। इस पर 2810 करोड़ की राशि खर्च हुई। जबकि स्वीकृत 1299 बसावटों के सापेक्ष 955 बसावटों को संपर्क मार्ग से जोड़ा गया। हमारी सरकार में मार्च, 2017 से 31 दिसंबर, 2020 तक कुल 8892 किलोमीटर लंबाई की सड़क स्वीकृत हुई। इसके लिए 5308 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली। इसके सापेक्ष लगभग पौने चार साल में 7431 किलोमीटर लंबाई की सड़क बन चुकी है। इस पर 3209 करोड़ की धनराशि व्यय की गई। कुल स्वीकृत 573 बसावटों के सापेक्ष लक्ष्य से ज्यादा 645 बसावटों को सड़क मार्ग से जोड़ा गया।

इसी वित्तीय वर्ष 2020-21 में आज की तिथि तक पीएमजीएसवाई के तहत बनने वाली सड़कों पर 822 करोड़ की राशि खर्च कर 1800 किलोमीटर लंबाई में मार्गों का निर्माण किया गया है।

यूजेवीएन लिमिटेड की रुद्रप्रयाग में प्रथम लघु जल विद्युत परियोजना का हुआ लोकार्पण

जनपद रुद्रप्रयाग में स्थित यूजेवीएन लिमिटेड की काली गंगा प्रथम लघु जल विद्युत परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। काली गंगा प्रथम लघु जल विद्युत परियोजना जिला रुद्रप्रयाग के उखीमठ विकासखंड में काली गंगा नदी पर कालीमठ कोटमा मार्ग पर स्थित है। उक्त परियोजना दिनांक 15-16 जून, 2013 में आई अतिवृष्टि एवं बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गई थी एवं विद्युत गृह बह जाने के कारण परियोजना से उत्पादन बंद हो चुका था।

सुदूरवर्ती क्षेत्र के लिए परियोजना के महत्व को देखते हुए वर्ष 2016 में परियोजना के पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ किए गए। सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण परियोजना के निर्माण कार्य में कई बाधाओं का सामना भी करना पड़ा। अंततः परियोजना को जुलाई 2020 में सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज कर 33ाअ वितरण लाइन से जोड़ दिया गया था।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा परियोजना स्थल पर परियोजना का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक केदारनाथ मनोज रावत द्वारा की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए समर्पित है एवं विद्युत ऊर्जा हर घर तक पहुंचाने हेतु प्रतिबद्ध है।

परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया की परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 26.18 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से उत्पादित विद्युत द्वारा आसपास के जालतल्ला, खुन्नु, कोटमा, कबील्ठा, चैमासी सहित लगभग 25 गांव की विद्युत आपूर्ति में सुधार होगा। लोकार्पण कार्यक्रम में यूजीवीएन लिमिटेड के निदेशक वित्त सुधाकर बडोनी, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चंद्र बलूनी तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता उपस्थित रहे।

जीएमवीएन तिलवाडा में हिलांस के आउटलेट का सीएम ने किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने तिलवाड़ा स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) परिसर में हिलांस के आउटलेट का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि काश्तकारों के स्थानीय उत्पादों को वैल्यू एडेड करके हिलांस उन्हें अच्छा बाजार उपलब्ध करवा रहा है। राज्य सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विकासखंडों में ’ग्रोथ सेंटर्स’ की स्थापना की है। बताते चलें कि उत्तराखंड में किसानों को बाजार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी एकीकृत आजीविका परियोजना (आईएलएसपी) ने अपनी ’हिलांस’ नाम का ब्रांड बनाया है। ’हिलांस’ को एक किसान हितैषी पहल के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है।

जानिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय वित्त मंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया

केंद्रीय बजट में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में वर्ष 2021-22 के लिये 4200 करोङ रूपए का परिव्यय प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड में इन वर्षों में कनेक्टीवीटी के क्षेत्र में बहुत तेजी से काम हुआ है। पहाड़ में रेल का सपना जल्द ही साकार होने जा रहा है। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में न्यू ऋषिकेश स्टेशन तैयार हो चुका है और यहां से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो चुका है। बाकी जगहों पर भी तेजी से काम चल रहा है। इस वर्ष के लिये बजट में प्रस्तावित 4200 करोङ रूपए से परियोजना टाईमफ्रेम में पूरा की जा सकेगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सीधी मानिटरिंग कर रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर से आवश्यक औपचारिकताओं को समय पर पूरा कराया गया है।

रेल विकास निगम के अधिकारियों के साथ ही रेलवे लाइन निर्माण हेतु विभिन्न पैकेजों में कार्य करने वाली कार्यदायी संस्थाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया गया है। वीरभद्र-न्यू ऋषिकेश ब्लॉक सेक्शन का काम पूर्ण हो चुका है। ऋषिकेश में एक आरओबी तथा एक आरयूवी भी तैयार हो चुका है। परियोजना के तहत 17 टनल के कार्यों को 10 पैकेज में बांटा गया है। लछमोली व श्रीनगर में अलकनंदा नदी पर आर.ओ.बी. का कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। श्रीनगर, गौचर व सिवाइ में रोड ब्रिज का कार्य भी प्रगति पर है। ऋषिकेश-देवप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2023-24 और देवप्रयाग-कर्णप्रयाग ब्लॉक सेक्शन का कार्य 2024-25 तक पूर्ण किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उत्तराखण्ड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, श्री केदारनाथ व श्री बद्रीनाथ को रेलवे सेवा से जोड़ने के लिए लगभग 327 किलोमीटर की कुल लम्बाई की 4 रेलवे लाईन अलाईनमेंट पर भी कार्य किया किया जा रहा है।

नगर क्षेत्र में निकली स्वामी रामानंदाचार्य की जयंती पर शोभायात्रा

जगतगुरु स्वामी रामानंन्दा चार्य महाराज की 721 वी जयंती महोत्सव माघ कृष्ण सप्तमी संवत 2077 कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए बड़ी प्रेम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। विरक्त श्री वैष्णव मंडल समिति के तत्वाधान में स्वामी रामानंद संत आश्रम मायाकुंड रामानंद घाट से संत बैरागी एवं विरक्त वैष्णव मंडल के सभी संत महात्माओं की अगुवाई में आज जगतगुरु रामानंन्दाचार्य महाराज की शोभायात्रा नगर भ्रमण के लिए सूक्ष्म रूप में निकाली गई। शोभायात्रा में मेयर अनिता मंमगाई में भी सम्मिलित होकर सभी संतों का आशीर्वाद लिया।

मेयर अनिता ने कहा कि संत समागम से ही हम अपने जीवन को बदल सकते हैं जिस प्रकार आज का युवा कल का भविष्य कहा जाता है उसी प्रकार संतों के आशीर्वाद से हम अपने जीवन में अनेकानेक बदलाव ला सकते हैं उन्हीं के आशीर्वाद के फल स्वरुप हम अपने जीवन में आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना जगाकर जनमानस में वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ आगे बढ़ कर कार्य कर सकते हैं उन्होंने सभी को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए सभी संत महात्माओं का आभार प्रकट करते हुए कहा कि संतों का जन्म नहीं अवतार होता है समाज को एक दिशा दिखा कर वह अपनी दिव्य लोग में चले जाते हैं

शोभा यात्रा नगर भ्रमण करने के पश्चात पुनः रामानंन्द संत आश्रम मायाकुंड में पहुंचकर संत महात्माओं द्वारा संत सम्मेलन मैं सभी आए हुए संत महामंडलेश्वर ने अपने-अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर कार्याध्यक्ष महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज, महामंत्री महामंडलेश्वर महंत ईश्वर दास महाराज ईश्वर आश्रम, कोषाध्यक्ष महंत डॉ नारायण दास महाराज, महंत जय राम महाराज महंत प्रभु दास महाराज, महंत हरी चरण दास महाराज, मुरारी दास महाराज, संचालन एवं व्यवस्था पुजारी वृन्दावन दास महाराज, रामानुजाचार्य गोपालचार्य महाराज, शंकराचार्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, संगठन मंत्री महंत सुरेश दास महाराज, महंत निर्मल दास महाराज, महंत भारत भूषण दास महाराज, महंत सीताराम दास महाराज, महंत कृष्ण मुरारी दास महाराज, महंत ह्रयग्रिवाचार्य महाराज, महंत शांताराम दास, मौनी बाबा, चेतन शर्मा, विनोद शर्मा, पंकज शर्मा, संजय भट्ट, घनश्याम भट्ट, पूर्व राज्य मंत्री संदीप गुप्ता, विवेक गोस्वामी, अभिषेक शर्मा, राम चैबे, रमाकांत भारद्वाज, रामकृपाल गौतम, महंत दीपक दास महाराज, महावीर दास परमानंद महाराज आदि उपस्थित रहे।

विश्व कैंसर दिवस पर एम्स ऋषिकेश में हुआ जनजागरूकता कार्यक्रम


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में विश्व कैंसर दिवस पर जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कैंसर के कारक, बचाव एवं सावधानियों पर व्याख्यानमाला प्रस्तुत की। कैंसर प्रवेंशन इन इंडियन कंटैक्स्ट विषय पर विशेषज्ञों की सामुहिक चर्चा में लोगों को कैंसर के निदान संबंधी जानकारियां दी गई। उधर राज्य सरकार की ओर से विश्व कैंसर दिवस पर आयोजित जनजागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत एम्स ऋषिकेश की ओर से आयोजित साइकिल जनजागरण रैली को एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में संस्थान के फैकल्टी मेंबर्स, चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के प्रतिनिधियों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

उन्होंने बताया कि जीवनशैली में परिवर्तन से किस तरह से विभिन्न प्रकार के कैंसर की बीमारी से बचाव किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कैंसर वैक्सीन द्वारा भी रोके जा सकते हैं जिनमें प्रमुख रूप से बच्चेदानी के कैंसर हैं। ​

डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने बताया कि तम्बाकू व धूम्रपान भारत में होने वाले कैंसर का प्रमुख कारण है और इन पदार्थों का सेवन नहीं करने से भारत में होने वाले एक तिहाई कैंसर को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कैंसर का इलाज संभव है, किसी भी बड़ी मेडिकल संस्थान जहां कैंसर उपचार उपलब्ध है वहां समय पर इलाज कराने से मरीज रोगमुक्त हो सकता है।
वर्ल्ड कैंसर डे के अवसर पर एम्स के कैंसर विभाग की ओर से संयुक्तरूप से कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें कैंसर से बचाव पर विशेषज्ञों संस्थान की वरिष्ठ सर्जन व आईबीसीसी प्रमुख प्रोफेसर बीना रवि, डा. राजेश पसरीचा, डा. अमित सहरावत, डा. प्रदीप कुमार गर्ग, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डा. वसंता कल्याणी, डा. अनु अग्रवाल आदि ने विमर्श किया।

इस दौरान भारत में प्रतिवर्ष सामने आने वाले कैंसर के मामलों, महिलाओं व पुरुषों में पाए जाने वाले पांच प्रकार के कॉमन कैंसर, कैंसर की बीमारी का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाने व उसके निदान आदि बिंदुओं पर विशेषज्ञों द्वारा गहन चर्चा की गई। उन्होंने कहा ​कि वर्तमान जीवनशैली में बदलाव से काफी हद तक कैंसर की बीमारी से बचाव संभव है। साथ ही उन्होंने लोगों से कैंसर से सुरक्षा के लिए शराब, धूम्रपान, गुटखा, तम्बाकू आदि नशीले पदार्थों का कदापि सेवन नहीं करने की अपील भी की। विशेषज्ञों की सामुहिक चर्चा के दौरान लोगों ने उनसे कैंसर से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका एक्सपर्ट द्वारा समाधान किया गया।

इस अवसर पर डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा, प्रोफेसर एसके अग्रवाल, प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, प्रो. वीके बस्तिया, प्रो. एनके बट्ट, रूचिका रानी, डा. रचित आहुजा,सुरेश गाजी, डा.अंकित अग्रवाल आदि मौजूद थे।

नेशनल हाईवे से जोड़ी जाए क्षेत्र की कनेक्टिविटी

हरिपुर कलां, मोतीचूर, भारत विहार कॉलोनी, हिमालय कॉलोनी, सप्त ऋषि देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज क्षेत्र का एक प्रतिनिधिमंडल हरिपुर कला की ग्राम प्रधान गीतांजलि जखमोला के नेतृत्व में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल को अवगत कराया है कि इस क्षेत्र की 40 हजार से अधिक आबादी जो नेशनल हाईवे से प्रभावित हो रही है उसका समाधान किया जाए।

गीतांजलि जखमोला ने कहा कि नेशनल हाईवे से क्षेत्र की कनेक्टिविटी जोड़ी जाए,ं ताकि आबादी वाले क्षेत्र से आम आदमी को यातायात के आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो।

प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराते हुए कहा है कि रायवाला से आते समय फ्लाईओवर के समीप एक सर्विस रोड की कनेक्टिविटी दी जाए ताकि हरिपुर कलां की पुरानी सर्विस रोड बंद न हो, साथ ही फ्लाईओवर से उतरते हुए फ्लाईओवर हरिपुर कलां सप्तऋषि चेक पोस्ट के पास जो नेशनल हाईवे द्वारा कनेक्टिविटी दी है वह भविष्य में यथावत रहे।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा है कि मोतीचूर, भगत सिंह कॉलोनी एवं प्राइमरी स्कूल के पास सीढ़ियां भी बनाई जाएं ताकि ग्रामीणों को यातायात के आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के परियोजना निदेशक एके मित्तल को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए कहा है कि ग्रामीणों के समस्या का समाधान किसी भी हालत में होना चाहिए ताकि उनके यातायात के आवागमन में कोई परेशानी न हो ! उन्होंने कहा है कि राष्ट्र राजमार्ग के निर्माण से ग्रामीणों की समस्या का निदान होना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज जखमोला, गोकुल डबराल, मुरली मनोहर कंडवाल, अशोक रयाल, सुंदरलाल गौड, मधुर शर्मा, योगेंद्र भटट, सुरेंद्र दयाल, रोहित क्षेत्री, दिनेश थपलियाल, राजेश भारद्वाज, धर्मेंद्र ग्वाड़ी, राजन बडोनी, आनंद कुमार रणाकोटी, डॉ राजे सिंह नेगी, विष्णु गोस्वामी आदि उपस्थित थे।

दर्जाधारी राज्यमंत्री की सूचना पर गंगा पार फंसे बछड़े की बची जान

ऋषिकेश।त्रिवेणीघाट पर गंगा पार गाय का एक बछड़ा फंस गया। वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम रेस्क्यू में जुटी। काफी मशक्कत के बाद बछड़े को पानी से बचाकर सुरक्षित बाहर ले आए।
वन विभाग के मुताबिक आज गाय का एक बछड़ा भटककर गंगा के पार चला गया। वापस आते समय वह पानी से भरे एक गड्ढे में फंस गया। इसी बीच उसे पानी में फंसा देख पशु प्रेमी चारू कोठारी ने दर्जा धारी राज्य मंत्री पति भगतराम कोठारी सूचना दी।

कोठारी मौके पर पहुंचे और प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून को सूचित किया। सूचना के करीब एक घंटे बाद देहरादून से वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम त्रिवेणीघाट पहुंची और राफ्ट लेकर गंगा पार गई। जहां पानी से भरे गड्ढे में फंसे गाय के बछड़े को निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया।

वनक्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद क्विक रिस्पांस टीम बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाल ले आयी। दर्जाधारी राज्य मंत्री और उनकी पत्नी ने रेस्क्यू टीम का आभार जताया व 5100 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मौके पर रवि जोशी, जीत सिंह, अजय त्यागी मौजूद थे।

जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रेरणा कोचिंग सेंटर में सीएम ने किया युवाओं से किया संवाद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गोपेश्वर में जिला प्रशासन द्वारा संचालित निशुल्क प्रेरणा कोचिंग सेंटर में युवाओं से संवाद किया। प्रतिभाशाली और निर्धन बच्चों के लिए कोचिंग सेंटर की शुरूआत करने पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें उपयुक्त अवसर दिए जाने की जरूरत है।

पूर्व राष्ट्रपति डा.एपीजे अब्दुल कलाम का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खुली आंखों से सपने देखने वाले ही जीवन में आगे बढ़ पाते हैं। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जागो, उठो और जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो, रूको नही। ऐसी सोच रखने पर ही सफलता मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज और देश की प्रगति तभी सम्भव है जब सभी लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। कमजोर तबके पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। हमारी सरकार की सोच भी यही है। इसी सोच के साथ हम काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि हर साल इस कोचिंग सेंटर से विभिन्न परिक्षाओं में चयनित होने वाली बालिकाओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी कोई वनस्पति नहीं है जिसमें कोई औषधीय गुण न हो, इसी प्रकार ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जिसमें कोई गुण न हो। व्यक्तियों में छुपे गुणों को पहचानने की जरूरत है। बच्चों को उनकी योग्यता और रूचि के अनुसार प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बताया गया कि दिसम्बर 2018 में जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया द्वारा गरीब और मेधावी बच्चों को प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कराने के लिए प्रेरणा कोचिंग सेंटर की स्थापना की गई थी। अभी तक यहां से कुल 29 बच्चे विभिन्न स्थानों पर चयनित किए जा चुके हैं। कोचिंग सेंटर में प्रवेश के लिए मेरिट आधार पर बच्चों का चयन किया जाता है।

छात्रा कविता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले प्रतियोगी परिक्षाओं की स्तरीय तैयारी के लिए देहरादून आदि जगहों पर जाना पड़ता था। आर्थिक रूप से कमजोर युवा तैयारी नहीं कर पाते थे। अब गोपेश्वर में निशुल्क प्रेरणा कोचिंग सेंटर संचालित होने से क्षेत्र के युवाओं को बहुत सहूलियत हुई है। इसका परिणाम भी मिलने लगा है।

इस अवसर पर विधायक महेन्द्र भट्ट, मुन्नी देवी शाह, सुरेंद्र सिंह नेगी सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त बने पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी


मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने आज सचिवालय में उत्तराखण्ड सेवा का अधिकार आयोग के नवनियुक्त आयुक्त अनिल कुमार रतूड़ी को कार्यभार ग्रहण करने की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव ने नवनियुक्त आयुक्त रतूड़ी को उनके नए कार्यभार के लिए बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की कामना की।