416.06 लाख की लागत से सीएम त्रिवेंद्र ने बद्रीपुर में किया योजनाओं का लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बद्रीपुर देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने 508.75 लाख की लागत की योजनाओं का शिलान्यास व 416.06 लाख की लागत की योजनाओं का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में जिन योजनाओं का शिलान्यास किया गया उनमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अन्तर्गत 151.13 लाख की लागत की बद्रीपुर पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण कार्य (भाग 3), बद्रीपुर समीप तुलिप फार्म में 160.27 लाख की लागत का 1000 कि0ली0 क्षमता के ऊर्ध्व जलाशय का निर्माण कार्य, वैभव विहार नवादा में 99.75 लाख की लागत से 600 कि0ली0 क्षमता के ऊर्ध्व जलाशय का निर्माण कार्य, 97.60 लाख की लागत से हरिपुर नवादा ग्राम सभाओं में क्षतिग्रस्त पाईप लाइनों को बदलने का कार्य का शिलान्यास शामिल है।

इसके साथ ही, लोकार्पण की गई योजनाओं में विधानसभा क्षेत्र डोईवाला के अन्तर्गत हरिपुर नवादा वैभव विहार में नाले पर 9.21 लाख की लागत से पुलिया व सी0सी0 मार्ग निर्माण, बद्रीपुर तिलवाड़ी में 12 लाख की लागत से अम्बेड़कर भवन का निर्माण, 105.22 लाख की लागत से हरिपुर नवादा पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण कार्य, 96.34 लाख की लागत से हरिपुर नवादा ग्राम सभाओं में क्षतिग्रस्त पाईप लाईनों को बदलने का कार्य (भाग 1), 97.17 लाख की लागत से बद्रीपुर पेयजल योजना का सुदृढ़ीकरण कार्य (भाग 2), 96.12 लाख की लागत से बद्रीपुर पेयजल योजना (भाग 3) का सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिन कार्यों का आज शिलान्यास हुआ है, उन्हें गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किया जाए। जनता को पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति हो, यह हमारा प्रयास है। 18 मार्च को राज्य सरकार के 04 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं, हमने इन चार वर्षो में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। सड़को के क्षेत्र में राज्य में काफी कार्य हुआ है। चिकित्सा के क्षेत्र में हमारे संस्थानों को कई जगह सम्मानित किया जा चुका है। हमने जनभावनाओं के अनुरूप भराड़ीसैण (गैरसैण) को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित की है। भराड़ीसैण को आदर्श पर्वतीय राजधानी का रूप दिया जाएगा। जीरो टॉलरेंस की नीति ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। ई-कैबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम डैश बोर्ड उत्कर्ष, सीएम हेल्पलाईन 1905, सेवा का अधिकार और ट्रांसफर एक्ट की पारदर्शी व्यवस्था के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना लाई है जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सिर से घास का बोझ खत्म करना है। अभी हमने बहुत बड़ा निर्णय लिया है प्रदेश में महिलायें अब पैतृक सम्पति में सह खातेदार होंगी जिससे उनको ऋण प्राप्ति में सुविधा होगी, इससे हमारी महिला शक्ति मजबुत होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सभी के सहयोग से कोविड-19 से लड़ाई लड़ी जा रही है। परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले रहे हैं। वैक्सीनेशन का कार्य जारी है परन्तु अभी भी कोरोना गया नही है इसलिए ढ़ीलाई नही बरतनी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में कोरोना से लड़ने मे जो एकरूपता दिखाई है उसी का परिणाम है कि आज भारत वैक्सीन बनाने में न केवल कामयाब हुआ है बल्कि कई अन्य देशो को आपूर्ति भी कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के वोकल फार लोकल व आत्मनिर्भर भारत के नारे ने देश में नई क्रान्ति पैदा की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में सीपैट की स्थापना गयी की है, जिसमें 100 प्रतिशत रोजगार की गारन्टी है। उन्होंने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड के अस्पताल का कार्य चल रहा है। शीघ्र ही, सहसपुर में साईन्स सिटी की स्थापना होने जा रही है, यह देश की पांचवी साईन्स सिटी होगी, जिसका एमओयू साईन हो गया है। यह तीन वर्ष मे पूर्ण हो जायेगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए हम बालावाला मण्डल में जल्द ही लगभग 400 करोड़ की लागत से एक साईन्स कॉलेज की स्थापना करने जा रहे हैं। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाला गामा एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी धीरेन्द्र पंवार आदि उपस्थित थे।

संत रविदास जयंती पर उनके विचारों को अपनाने पर दिया जोर

सरस्वती विद्या मंदिर आवास विकास में संत रविदास जयंती कार्यक्रम बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्णकांत कोटियाल (नगर पालिका अध्यक्ष देवप्रयाग), दिलीप मिश्रा (प्रान्त सहमंत्री विश्वहिंदू परिषद), विनय (जिला उपाध्यक्ष विश्वहिंदू परिषद), श्याम पंचोली एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यक्रम में कृष्णकांत कोटियाल ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार संत शिरोमणि दास कहते थे। मन चंगा तो कटौती विच गंगा… उसी प्रकार हमें साफ व स्वच्छ मन से काफी समय बाद जो गम्भीर परिस्थितियों के पश्चात हम शिक्षण कार्य करने विद्यालय में आ रहे है, हमें सभी गुरुजनों द्वारा दी जा रही शिक्षा को अच्छे मन से ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे ने कृष्णकांत कोटियाल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया एवं सभी अतिथियों को आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में सतीश चैहान, नंदकिशोर भट्ट, कर्णपाल बिष्ट, नरेन्द्र खुराना, रामगोपाल रतूड़ी, रजनी गर्ग आदि उपस्थित रहे।

व्यापारियों ने जीएसटी के नियम में बदलाव की निंदा कर दिया धरना

जीएसटी के नियमों में बदलाव को लेकर कैट के बंद के आह्वान पर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने ऋषिकेश में एक घंटे का धरना दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
आज गांधी स्तंभ पर एक घंटे के सांकेतिक धरने के दौरान जीएसटी में किए गए बदलाव की निंदा की गई। प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ऋषिकेश के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि 1 जुलाई वर्ष 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद से देश में करोड़ों व्यापारियों पर जो गलत प्रभाव पड़ा है, उसे अब तक व्यापारी भुगत रहे हैं जटिल और विसंगति पूर्ण जीएसटी को बिना व्यापारियों से सलाह कर लागू कर दिया गया। इसका व्यापारी लगातार विरोध करते चले आ रहे हैं। प्रतिदिन एक नया प्रावधान लागू कर दिया जाता है जिसका क्रियान्वयन करना व्यापारियों के लिए बेहद मुश्किल भरा है।

उन्होंने आरोप लगाया केंद्र सरकार ने जल्दबाजी में बगैर तैयारी जीएसटी को लागू करके करोड़ों व्यापारियों को बर्बाद किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन के जरिए यह मांग की व्यापार प्रतिनिधियों से सलाह के बाद ही उचित बदलाव करके नया कानून बनाया जाए।

इस मौके पर संरक्षक केवल कृष्ण लांबा, कपिल गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुमार कश्यप, उपाध्यक्ष सौरभ गर्ग, महामंत्री हर्षित गुप्ता, अध्यक्ष युवा व्यापार मंडल सुमित बाली, नगर मंत्री हरिमोहन गुप्ता, हैप्पी गावड़ी, अनुज सक्सेना, रजनीश अग्रवाल, पार्षद प्रदीप कोहली, कृपाल सिंह चैहान, अमित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, प्रतीक बैग, शिवांश त्यागी, सैल्यूट तिरंगा से शरद तायल, राज, मीडिया प्रभारी नारायण कक्कड़, अखिलेश दीवान आदि मौजूद रहे।

देशभर में चेक बाउंस के 25 फीसदी मामले, विशेष कोर्ट की उठी मांग

केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चेक इस ओनर मामले का नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1807 सी की धारा 138 के तहत ट्रायल करने के लिए अतिरिक्त कोर्ट बनाने पर विचार करें मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे ने कहा कि देशभर में कोर्ट चेक बाउंसिंग मामले से अटे पड़े हैं। साढ़े तीन करोड़ लंबित केसों में चेक बाउंसिंग के केसों का लगभग 25 फीसदी हिस्सा है, सरकार को इस पर जल्द विचार करना होगा।

सोशल मीडिया की कमान अब केंद्र सरकार से संभाली, बनाए सख्त नियम

केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए सख्त नियमों से सोशल मीडिया में सुधार होगा। इस दिशानिर्देश का सबसे बड़ा फायदा ऐसे उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है जिनकी सोशल मीडिया या ओटीपी के खिलाफ शिकायतें अब तक नहीं सुनी जाती थी। सख्त लहजे में सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को कहा है कि भारत में उनका कारोबार का स्वागत है, मगर भारत का संविधान और कानून इन सोशल मीडिया कंपनियों को मानना होगा।

केंद्रीय कानून व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावेडकर ने नए दिशानिर्देशों की घोषणा की है। दोनों ही मंत्रियों ने कहा है कि नए दिशा-निर्देश के तहत संबंधित कंपनियों के लिए शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करना शरारत पूर्व सूचना की शुरुआत करने वाले प्रथम व्यक्ति का खुलासा करने और अश्लील सामग्री तथा महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ जैसी सामग्री को 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। कहां कि सोशल मीडिया को दो श्रेणियों में बांटा गया है एक इंटरमीडियरी और दूसरा सिग्निफिकेंट सोशल मीडिया इंटरमीडियरी।

इस तरह होगी निगरानी
– सरकार के बनाए कानूनों और नियमों का अमल सुनिश्चित करने के लिए सोशल मीडिया कंपनियों को चीफ एंपलॉयर्स ऑफिसर नियुक्त करना होगा या ऑफिसर भारत में रहने वाला व्यक्ति होना चाहिए।
– एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा जिससे सरकारी एजेंसियां कभी भी संपर्क कर सकें या नोडल ऑफिसर भी भारत में रहने वाले व्यक्ति होना चाहिए।
– बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को हर महीने कंप्लायंस रिपोर्ट जारी करनी होगी की कितनी शिकायतें आई और उन पर क्या कदम उठाए गए।

आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड करने वाले की होगी पहचान
– सोशल मीडिया कंपनियों को सख्त शब्दों में कहा गया है कि आपत्तिजनक पोस्ट के फर्स्ट ओरिजिन को ट्रेस करना होगा यदि भारत के बाहर से इसका ओरिजिन है तो यह पता लगाना कंपनियों को होगा कि यहां सर्वप्रथम सर्कुलेट किसने किया है।

पीएनबी बैंक का आरोपी नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता साफ

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के बाद भगोड़ा घोषित हुए हीरा कारोबारी नीरव मोदी को अब भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी को भारत भेजने की मंजूरी दी है।

लंदन की कोर्ट के जज सैमुअल गुजी ने कहा कि मामला रुपये की देनदारी में धोखाधड़ी का है, लिहाजा ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी, ऐसा संकेत नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि नीरव के खिलाफ पर्याप्त सबूत है और उन्हें भारत जाकर ही इसका जवाब देना होगा।

इस मामले में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ब्रिटेन की कोर्ट से फैसला आने के बाद उसके प्रत्यर्पण को जल्द संपर्क किया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक हुई संपन्न, सात प्रस्ताव हुए पास

त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल की ओर से कैबिनेट बैठक आज आयोजित की गई। इसमें सात प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

1. मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना को मंजूरी, योजना के तहत टोटल मिक्स्ड एनिमल राशन को लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा। एक लाख से अधिक लाभार्थियों को रियायती दरों पर सायलेज और टोटल मिक्स्ड एनिमल राशन के ब्लॉक उपलब्ध कराया जाएगा।
2. जल जीवन मिशन कार्यक्रम के संरचनात्मक ढांचे में अपर परियोजना निदेशक एवं अधीक्षण अभियंता के दो पदों को मंजूरी मिलीष
3. महाकुंभ के मद्देनजर हजार बेड के हॉस्पिटल के बजाए अब 600 बेड का 50 आईसीयू बेड युक्त अस्पताल बनेगा।
4. पुलिस दूरसंचार सेवा नियमावली में प्रमोशन को लेकर संशोधन हुआ है। अब 2 साल की जगह 10 साल के बाद प्रमोशन होगा।
5. संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत ऐसे 57 शिक्षकों को जो विद्यालय में सृजित पदों के सापेक्ष कार्यरत नहीं थे लेकिन पाठ्यक्रम में निर्धारित विषयों को पढ़ा रहे थे, को भी 155 शिक्षकों की भांति बढ़ा हुआ वेतन देने को मंजूरी मिली है।
6. वन भूमि पर दी गई लीज के वार्षिक लीज रेंट के निर्धारण में बदलाव किया गया है।
7. उत्तराखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन प्रोत्साहन एवं सुविधा अधिनियम में संशोधन किया गया३मंडी अध्यक्ष का पद नॉमिनेट करने के लिए किया गया संशोधन अब एक बार के लिए सरकार मंडी अध्यक्ष को नामित कर सकेगी।

वनाग्नि रोकने के लिये किए जाएं समेकित प्रयासः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड कैम्पा की बैठक आयोजित हुयी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वनों के विकास के लिए वनाग्नि रोकने के लिये प्रभावी प्रयास किये जायें। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाय।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वन प्रहरियों की व्यवस्था, स्वयं सेवी संस्थाओं, वन पंचायतों तथा इको डेवलपमेंट कमेटी के माध्यम से की जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि वन रक्षक चैकियों, रेस्क्यू सेन्टरों के निर्माण तथा अन्य अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण कार्यों में आरईएस तथा आरडब्लूडी को कार्यदायी संस्था नामित किया जाय ताकि निर्माण कार्यों में तेजी लायी जा सके। उन्होंने हाथियों के आवागमन के रास्तों पर विद्युत तारों को अण्डर ग्राउण्ड करने अथवा उनकी ऊंचाई बढ़ाये जाने पर बल दिया ताकि बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं से उनका बचाव हो सके।

उन्होंने कहा कि कैम्पा के तह सृजित कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार सृजन के क्षेत्र में प्रभावी पहल की जाय। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु जल संरक्षण, पौधारोपण, नर्सरी विकास एवं वन सम्पत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में रोजगार सृजित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भेला, ढेला, सुसवा, पिलखर, नन्धौर तथा कल्याणी नदियों में अग्रिम मृदा कार्य के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन से सम्बन्धित कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लायी जाय। मुख्यमंत्री ने बुग्यालों के संवर्द्धन के लिए कॉयर नेट और पिरूल चेकडैम के साथ ही भीमल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन्य पशुओं से सुरक्षा के लिए सोलर फेंसिंग बहुत ही कारगर है परन्तु सोलर फेंसिंग की सुरक्षा के लिए लोगों को भी जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग द्वारा वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कैम्पा के तहत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने के लिये भी उन्होंने निर्देश दिये।

कैम्पा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जे.एस.सुहाग ने बताया कि कैम्पा के तहत इस वर्ष की कार्य योजना में 225 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करायी गई है। जबकि अगले वर्ष के लिये कैम्पा के तहत 675 करोड़ प्राविधानित है।

इस अवसर पर पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एवं सलाहकार मुख्यमंत्री एस.एस.नेगी, प्रमुख सचिव वन आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी एवं वन विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

देशभर से कुंभ में पहुंचेंगे लोग, किसी की जिंदगी के साथ रिस्क नहीं लेना होगा

मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में कोविड-19 वैक्सिनेशन हेतु स्पेशल टास्क फोर्स की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी हरिद्वार को सख्त निर्देश दिए कि कुम्भ ड्यूटी में लगे लोगों का 100 प्रतिशत वैक्सिनेशन करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर अन्य रिफ्यूजल पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश से कुम्भ में लोग आएंगे, उनकी जिंदगी के साथ किसी भी प्रकार का रिस्क नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिला सहित कोन्ट्राइन्डिकेशन के मामलों को छोड़कर जो अधिकारी कर्मचारी वैक्सिनेशन नहीं करवा रहे हैं, उन्हें हरिद्वार कुम्भ क्षेत्र में न रखा जाए। कुम्भ को देखते हुए उनका स्थानान्तरण किया जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले पुलिस और पैरामिलिट्री कार्मिकों का भी तुरंत वैक्सिनेशन किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 मार्च तक उत्तर प्रदेश से भी 100 डॉक्टर्स एवं 148 पैरामेडिकल स्टाफ पहुंच जाएगा, उनके रहने की व्यवस्था भी अस्पतालों के आसपास सुनिश्चित की जाए। दुधाधारी आश्रम में बनाए जाने वाले अस्पताल को 15 मार्च तक फंक्शनल किया जाए। उन्होंने हरिद्वार में अन्य जनपदों से आने वाले कार्मिकों के वैक्सिनेशन स्टेटस का पता कर उनका भी वैक्सिनेशन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने देहरादून में प्राईवेट सेक्टर के हेल्थ वर्कर्स के वैक्सीनेशन में गति लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर सचिव अमित नेगी, पंकज कुमार पाण्डेय एवं महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमिता उप्रेती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

18 मार्च को सभी विधान सभा क्षेत्रों में एक साथ आयोजित होंगे कार्यक्रम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आगामी 18 मार्च 2021 को राज्य सरकार के 4 वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर ‘विकास के चार साल रू बातें कम काम ज्यादा’ कार्यक्रम के आयोजन से सम्बन्धित बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी मंत्रीगण विधायक, शासन के उच्चाधिकारी, सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आगामी 18 मार्च को राज्य सरकार के चार साल पूर्ण होने के अवसर पर सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के लच्छीवाला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री द्वारा सभी विधान सभा क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों को वर्चुवली सम्बोधित किया जायेगा। इसके लिये विधायकों की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जायेगा। दायित्वधारी कार्यक्रम आयोजन समिति के उपाध्यक्ष होंगे। इस अवसर पर विधान सभा वार विकास पुस्तिकाओं का भी प्रकाशन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों में जानकारी 28 फरवरी तक महानिदेशक सूचना को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कार्यक्रम हेतु स्थल का निर्धारण तथा आयोजन समिति गठित कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कार्यक्रम की रूपरेखा का निर्धारण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा डोईवाला क्षेत्र से लगभग अपराह्न 12ः30 बजे सजीव प्रसारण के द्वारा समस्त विधानसभा क्षेत्रों को संबोधित किया जायेगा। सजीव प्रसारण के लिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में एलईडी/डिश आदि की व्यवस्था सूचना विभाग के माध्यम से की जाएगी और इसके अनुश्रवण के लिए प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एनआईसी तथा अन्य तकनीकी स्टॉफ की तैनाती की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक कार्यक्रम स्थल में परम्परागत वाद्य यंत्रों की रैली निकाली जाने तथा कार्यक्रम में लगभग 100 वाद्ययंत्रों को बजाने वाले कलाकारों को शामिल किये जाने के निर्देश दिये। इस पर होने वाले व्यय हेतु धनराशि सूचना विभाग द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जायेगी। कार्यक्रम के समन्वय के लिए प्रत्येक जनपद के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से भी एक समन्वयक नामित किया जायेगा।

कार्यक्रम में जन-सामान्य की जानकारी के लिए सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री भी सूचना विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में स्थानीय जन-प्रतिनिधियों व सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आमंत्रित किया जायेगा। संबंधित विधानसभा क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतो का कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व हो। इसके साथ ही जिन लोगोंध्स्वयं सहायता समूह ने कोई विशिष्ट कार्य किया हो, उन्हें भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जायेगा। विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का पूर्व में व्यापक प्रचार – प्रसार भी सुनिश्चित कराये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

सचिव सूचना दिलीप जावलकर ने ’बातें कम काम ज्यादा“ कार्यक्रम के आयोजन के सम्बन्ध में सूचना विभाग के स्तर पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के साथ ही विधान सभा वार प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम 18 मार्च, 2021 को राज्य के समस्त 70 विधानसभा क्षेत्रों में एक ही समय पर आयोजित किया जाएगा। सम्पूर्ण कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपादित कराने के लिए आयोजन समिति के अध्यक्ष संबंधित क्षेत्र के विधायक होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र हेतु आयोजन समिति गठित की जायेगी, जिसमें उपजिलाधिकारी को सदस्य सचिव नामित किया जायेगा। सदस्य सचिव का नाम, पदनाम व मोबाईल नं. सूचना विभाग की ई-मेल infodirector.uk@gmail.com पर प्रेषित किये जाने की उन्होंने अपेक्षा की, ताकि तद्नुसार आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने में सुविधा हो सके।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, राज्य मंत्री रेखा आर्या, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, आर्थिक सलाहकार आलोक भट्ट, विशेष सचिव मुख्यमंत्री पराग मधुकर धकाते, मुख्य सचिव ओमप्रकाश, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अन्य लोग जुड़े थे।