एमडीडीए अधिकारियों के साथ स्पीकर ने प्रस्तावित कार्यों को लेकर की समीक्षा


ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एमडीडीए के माध्यम से किए जा रहे विभिन्न निर्माण एवं प्रस्तावित कार्यों को लेकर स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने एमडीडीए के अधिकारियों के संग समीक्षा बैठक की।

स्पीकर ने बैठक के दौरान एमडीडीए के माध्यम से क्षेत्र के अंतर्गत हरिपुर कला, गुमानीवाला, श्यामपुर, मोतीचूर, गढ़ी मयचक सहित अन्य क्षेत्रों की प्रस्तावित 32 से अधिक आंतरिक सड़क मार्गो की प्रगति के संबंध में समीक्षा की

स्पीकर ने इस दौरान त्रिवेणी घाट के सौंदर्यकरण कार्य एवं आईडीपीएल से श्यामपुर क्रॉसिंग तक प्रकाश पथ व्यवस्था कार्य की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से समीक्षा की।

इस अवसर पर स्पीकर ने एक ओर पूर्व में प्रस्तावित क्षेत्र के आवास विकास, गंगानगर, आईएसबीटी, ऋषिलोक कॉलोनी के पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किए जाने के संबंध में विभाग द्वारा अभी तक की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी ली। इस सम्बंध में एमडीडीए के सचिव हरजीत सिंह ने अवगत किया कि पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए नगर निगम, ऋषिकेश को एनओसी हेतु एमडीडीए द्वारा पत्र भेजा गया है जिसपर अभी तक नगर निगम से एनओसी नहीं प्राप्त हुई हैं। सचिव ने कहा कि एनओसी मिलने के बाद ही पार्कों का सौन्दर्यीकरण कार्य प्रारम्भ हो पायेगा।

स्पीकर ने निर्माण कार्यों में हो रही लेटलतीफी के लिए एमडीडीए के अधिकारियों पर नाराजगी भी व्यक्त की। कहा कि सभी स्वीकृत आंतरिक सड़क निर्माण कार्य, विभिन्न पार्को एवं चैराहों के सौंदर्यीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य संबंधित कार्यवाही एवं टेंडर प्रक्रिया को पूर्ण कर निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ कराये जाए, वहीं विभिन्न प्रस्तावित सड़कों के लिए आगणन तैयार कर स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित की जाए।

इस अवसर पर एमडीडीए के सचिव हरवीर सिंह, अधिशासी अभियंता श्याम शर्मा, सहायक अभियंता पीएन बहुगुणा एवं अवर अभियंता प्रमोद मेहरा उपस्थित थे।

प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन को लेकर सीएम धामी ने की समीक्षा बैठक, सभी अधिकारियों को अल्र्ट मोड में करने के निर्देश


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में अतिवृष्टि और आपदा प्रबंधन की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए हमेशा अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिये। किसी भी घटना की स्थिति में जल्द से जल्द राहत व बचाव कार्य संचालित हो। रेस्पोंस टाईम को कम से कम किया जाए। कहीं कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जनता को महसूस होना चाहिए कि शासन प्रशासन को उनकी चिंता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पङे। यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि तहसील स्तर की समस्याओं का समाधान तहसील स्तर पर और जिला स्तर की समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो जाए। किसी भी स्तर पर कोई पेनडेंसी न रहे। जीरो पेंडेंसी कार्यप्रणाली का मूलमंत्र हो। फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया में सुधार लाया जाए। जनहित के कामों में शिथिलता न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों में पूरा समन्वय हो। किसी तरह का कम्यूनिकेशन गैप न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन में मॉक ड्रिल का बहुत महत्व है। समय समय पर मॉक ड्रिल अवश्य की जाए। आपदा कंट्रोल रूम निरंतर एक्टिव रहे। अवरूद्ध मार्गों, क्षतिग्रस्त बिजली और पेयजल लाईनों को जल्द से जल्द बहाल करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि आपदा प्रभावितो को मुआवजे की राशि तुरंत मिले और उन्हें सुरक्षित आवास, भोजन, पेयजल, दवाईयों की उपलब्धता हो। संचार की सुचारू व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने पूर्व में आई आपदाओं में किये गये राहत व बचाव कार्यों की भी जानकारी लेते हुए कहा कि इनकी भी लगातार मानिटरिंग की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों का सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन किया जाना है, उनमें प्रक्रियाओं में किसी तरह का विलम्ब न हो। रैणी में आपदा की जद में आए परिवारों का विस्थापन कराया जाना है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को आराकोट जाकर वहां के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिये। प्रदेश में स्वीकृत डाप्लर राडार की स्थापना में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को हाल ही में स्वीकृत राहत राशि का वितरण तत्काल करवाने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक संख्या में जिओलाजिस्ट की नियुक्ति कर ली जाए। आपदा राहत कार्यों के लिए तैनात हेलीकाप्टरो का उपयोग करें ताकि आम लोगों तक राहत जल्द से जल्द पहुंच सके। इनका उपयोग मेडिकल इमरजेन्सी व अन्य आपदा संबंधित कामों में किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी से हाल ही में देवप्रयाग क्षेत्र में सक्रिय हुए बाघ के बारे में भी जानकारी ली।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ एस एस संधु, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव नितेश झा, सचिव दिलीप जावलकर, एसए मुरूगेशन, सहित शासन, आर्मी, एनडीआरएफ, बीआरओ, आईटीबीपी, आईएमडी के वरिष्ठ अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे।

रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी की ओपीडी एम्स ऋषिकेश में शुरू

विश्व की पहली रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी की डिवीजन जो कि एम्स ऋषिकेश में स्थापित है ने हर सप्ताह सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक अपनी ओपीडी शुरू की है। पूर्व में विभाग की ओपीडी सेवाएं कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण भारत सरकार के नियमानुसार स्थगित की गई थी।
रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन के प्रमुख डा. नवनीत मग्गो ने बताया कि अपनी ओपीडी सेवाओं के माध्यम से नारी सेवा करना उनके लिए बहुत गौरव की बात है। गौरतलब है कि डा. मग्गो एक सुप्रसिद्ध अंतराष्ट्रीय कॉस्मेटिक शल्य चिकित्सक हैं, जो कि अमेरिका और यूरोप से इस चिकित्सा में प्रशिक्षित हैं, लिहाजा उन्होंने अपना जीवन महिलाओं की निजी चिकित्सकीय समस्याओं के मद्देनजर नारी कल्याण के लिए समर्पित किया है।
उन्होंने जुलाई सन 2019 में निदेशक प्रो. रविकांत के मागर्दशन में संस्थान में रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन की स्थापना की थी। यह डिवीजन एक सुपर स्पेशलिटी डिवीजन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की निजी स्वास्थ्य समस्याओं का निवारण करना है। ऐसी समस्याओं में स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस, संबंध बनाने में परेशानी, योनि के रास्ते से शरीर के हिस्से का बाहर आना, फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन आदि मुख्यरूप से शामिल हैं।

निदेशक ने बताया कि रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन की ओपीडी सेवाएं महिलाओं के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऋषिकेश एम्स में दुनियाभर में अपनी तरह की इस पहली चिकित्सा ओपीडी में इस तरह की समस्याओं से पीड़ित महिलाएं आएंगी और विशेषज्ञों को अपनी निजी परेशानियों से अवगत कराकर इन सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का लाभ लेंगी। यह सेवाएं ग्रसित महिलाओं को नवजीवन प्रदान करेंगी।
जानें, कब कौन सी ओपीडी होगी संचालित

इस सुपरस्पेशलिटी विभाग की पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स क्लिनिक सोमवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलेगा। बताया गया कि उत्तराखंड में बहुत सी महिलाएं बच्चेदानी के बाहर निकलने की समस्या से पीड़ित हैं, क्योंकि यह पहाड़ी क्षेत्र है। लिहाजा इस तकलीफ का सबसे आधुनिक उपचार उत्तराखंड में पहली बार एम्स ऋषिकेश द्वारा स्थापित रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी डिवीजन में उपलब्ध कराया गया है, जिसे साइट स्पेसिफिक रिपेयर कहते हैं, इसमें चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा अमेरिका से दक्षता हासिल की गई है।
फीमेल जेनिटल म्यूटिलेशन क्लिनिक, मंगलवार दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक चलेगा। बताया गया कि समाज के कुछ समुदाय इस समस्या से ग्रसित हैं, जिसमें एक महिला के बाहरी यौन अंग नष्ट करके उसका जीवन नष्ट कर दिया जाता है। डॉक्टर नवनीत मग्गो अंतराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या का उपचार करने के लिए दक्षता हासिल हैं, जो कि इस तरह की समस्या से पीड़ित महिलाओं के लिए वरदान है।

फीमेल सेक्सुअल डिस्फंक्शन क्लिनिक, बुधवार को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी विभाग की ओपीडी में संचालित किया जाएगा। बताया गया है कि समाज में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं वैवाहिक परस्पर संबंध बनाने की परेशानी से ग्रस्त हैं, मगर वह चुप्पी साधे रहती हैं। जिसका दुष्प्रभाव अमूमन पारिवारिक ढांचे पर पड़ता है और परिवार टूट जाते हैं। विभाग के चिकित्सकों का इस समस्या से ग्रसित महिलाओं से अनुरोध किया है कि वह अपनी समस्या का समय रहते संपूर्ण इलाज कराएं।

वजाइनल रिजूवनेशन क्लिनिक, शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक संचालित होगा। जिन महिलाओं की योनि का रास्ता बच्चा होने या उम्र के साथ साथ ढीला हो जाता है, वह रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी के इस क्लिनिक का लाभ उठा सकती हैं। बताया गया कि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा रेडियोफ्रीक्वेंसी और लेजर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके महिलाओं की इस समस्या का स्थायी निवारण किया जाएगा।
स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटिनेंस क्लिनिक, शुक्रवार दोपहर 2 से 4 बजे तक शुरू किया जा रहा है। चिकित्सकों ने बताया कि स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस की समस्या में महिलाओं के खांसने, छींकने, हंसने, वजन उठाने पर पेशाब स्वतरू छूट जाता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक तीन में से एक महिला इस परेशानी से पीड़ित है और विज्ञान के अनुसार, इसका सबसे आधुनिक इलाज रिकंस्ट्रक्टिव एवं कॉस्मेटिक गायनेकोलॉजी में उपलब्ध है। डॉ. नवनीत मग्गो के द्वारा इस विषय में लिखे गए विज्ञान पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स और पुस्तकों में प्रकाशित हुए हैं।

ऊर्जा निगम के एसडीओं द्वारा दर्ज कराए मुकदमें को कांग्रेस ने बताया एक पक्षीय कार्रवाई

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सचिव विजयपाल सिंह रावत के नेतृत्व में विद्युत उपखंड कार्यालय श्यामपुर में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए काले झंडे भी दिखाए। साथ ही कांग्रेस नेता पर दर्ज मुकदमें को राजनीतिक द्वेष भावना से जुड़ा होना बताया।

प्रदेश सचिव विजयपाल सिंह रावत ने कहा कि संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में विद्युत पोलों पर क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के अवैध होल्डिंग लगे है। विद्युत पोलों से केवल तारें संचालित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाकर कहा कि इन केवल तारों के जरिए ऊर्जा निगम के एसडीओ अवैध वसूली करते हैं। कहा कि जिन धाराओं में जयेंद्र रमोला के ऊपर मुकदमा कायम किया गया है। उन्हीं धाराओं में ऊर्जा निगम के एसडीओ को क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ भी तहरीर देनी चाहिए।

मौके पर काले झंडे लहराए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्युत पोलों पर अपना प्रचार प्रसार करने वाले क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के खिलाफ ऊर्जा निगम मुकदमा नहीं कराता है तो विद्युत उपखंड कार्यालय में तालाबंदी की जाएगी। इस दौरान पूर्व प्रदेश सचिव भगवती प्रसाद सेमवाल, मंडी समिति के पूर्व सभापति जय सिंह रावत, मनोज गुसाईं, पूर्व प्रधान सतीश रावत, सोहन सिंह रौतेला, देवी प्रसाद व्यास, डॉक्टर कृपाल सिंह रावत सरोज, प्रेम लाल शर्मा, पूर्व प्रधान सविता शर्मा, एडवोकेट राणा सुरेंद्र सिंह, अलका क्षेत्री, दीपा चमोली, सोशल मीडिया प्रभारी संदीप बस्नेत, राजेंद्र गैरोला, एडवोकेट राकेश मियां, विजय पाल सिंह पवार, दीपक नेगी, रवि राणा आदि शामिल रहे।

देवस्थानम बोर्ड खत्म करने की मांग कर रहे तीर्थ पुरोहितों को पुरोहित महासभा और विहिप ने किया समर्थन

चारधाम तीर्थ पुरोहित हक हकूकधारी महापंचायत समिति ने देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग की। समिति के महामंत्री हरीश डिमरी ने कहा कि बोर्ड को भंग करने की मुहिम में पूरे देश से समर्थन मिल रहा है।

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा एवं विश्व हिन्दु परिषद का खुला समर्थन मिला है। पुरोहित महासभा के अध्यक्ष महेश पाठक ने सीएम उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिख कर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग की है। यही मांग विश्व हिन्दु परिषद के स्तर से भी की गई है। हरीश डिमरी ने कहा कि सरकार इस मामले में अब बिल्कुल भी देर न करे। बल्कि जल्द पूर्व की स्थिति बहाल करे। उन्होंने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के देवस्थानम बोर्ड के समर्थन में दिए गए बयान का भी विरोध किया।

ऋषिकेश में एआईसीसी सदस्य सहित दो पर मुकदमा दर्ज


कोतवाली ऋषिकेश में एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला और कनक धनई पर मुकदमा दर्ज किया गया है, पुलिस ने दोनों नेताओं पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। दोनों नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने अपने प्रचार के लिए ऊर्जा निगम के विद्युत पोल का उपयोग किया है। वहीं, रायवाला पुलिस भी मामले में मुकदमा दर्ज करने के मूड में है।

बता दें कि ऊर्जा निगम के एसडीओ प्रवीण कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि रायवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में जयेंद्र रमोला और कनक धनई ने मुखर्जी मार्ग, क्षेत्र रोड, आवास विकास, एम्स रोड, सुमन विहार, बापूग्राम, सर्वहारानगर, काले की ढाल, आईडीपीएल, वीरभद्र, श्यामपुर तक सड़क के किनारे लगे विद्युत पोलों पर विद्युत सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन किया है। उन्होंने इन पर पेंट से अपना नाम और पार्टी का नाम लिख दिया है। ऐसे में विद्युत लाइन के अनुरक्षण कार्य के चलते विद्युत पोल में चढ़ने पर लाइनमैन को असुविधा होती है। दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पेंट से पोल के जीपीएस में पिन कोडिंग भी कई जगह से मिट चुके है।

उधर, श्यामपुर ग्रामीण क्षेत्र के एसडीओ राजीव कुमार ने भी रायवाला थाने में इसी तरह की शिकायत की थी।

मामले में आज कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि जयेंद्र रमोला और कनक धनई पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि रायवाला थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि अभी जांच कर रही है, जांच सही पाए जाने पर मुदकमा दर्ज किया जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष के इशारों में यह कृत्य किया गया है, यदि विद्युत पोलों में मेरा नाम लिखा जाना जुर्म है, तो मुख्यमंत्री से लेकर विधानसभा अध्यक्ष के कट आउट लगना भी जुर्म है, उन पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। मेरे द्वारा विस अध्यक्ष के कई झूठे वादों की परत खोली गई है, इसलिए राजनीतिक रंजिश निकाली जा रही है।
– जयेंद्र रमोला, एआईसीसी सदस्य

प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की सीएम ने जुटाई जानकारी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कार्मिकों को राज्य में आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये। आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए। आपदा की स्थिति में क्विक रेस्पोंस सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कोर्ट के आदेश पर दो व्यक्तियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज


तीर्थनगरी में न्यायालय के आदेश के बाद कोतवाली ऋषिकेश में दो व्यक्तियों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मन मोहन सिंह की अदालत ने दिया है।

अधिवक्ता संजीव पांडे और कुलदीप रावत ने बताया कि ललित चैधरी व दीपक बंसल ने अपनी कॉलोनी के बुजुर्ग अशोक वाजपेई और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी मारपीट तथा गाली गलौज की। बताया कि बीते 11 अप्रैल को अशोक वाजपेई का बेटा कॉलोनी में अपने पालतू जानवर को टहला रहा था, तभी कॉलोनी के ही ललित चैधरी ने कहा कि वह इस पालतू जानवर को लेकर यहां ना आए, जब अशोक वाजपेई ने इस मामले में उन्हें रोका, तो ललित चैधरी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। साथ ही मारपीट व गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

अधिवक्ता ने बताया कि बीते 18 अप्रैल को ललित चैधरी अपने साथी दीपक बंसल के साथ उनके अशोक वाजपेई के घर आया और गाली गलौज करते हुए उनकी पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किया। इस मामले में ऋषिकेश पुलिस को शिकायती पत्र दिया गया। मगर कार्यवाही ना होने पर एसएसपी देहरादून को भी पत्र के जरिए जानकारी दी। अधिवक्ता ने बताया कि जब दोनों ही जगहों से कोई कार्यवाही नहीं की गई, तो न्यायालय की शरण ली गई। अधिवक्ता ने बताया कि न्यायाधीश ने मामले को सही पाते हुए कोतवाली ऋषिकेश को यह आदेश दिया है कि वह संबंधित धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करें।

अखिल भारतीय सर्वजन श्रमिक कल्याण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने स्पीकर के समक्ष रखी अपनी समस्याएं


स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल से अखिल भारतीय सर्वजन श्रमिक कल्याण समिति के प्रतिनिधि मंडल ने भेंटकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, ऋषिकेश में श्रमिकों की 10 सूत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए अवगत कराया गया।

समिति अध्यक्ष प्रेमनाथ राव ने कहा कि श्रम कल्याण विभाग के माध्यम से श्रमिकों की सहायता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जाती है परंतु श्रमिक अनेक योजनाओं से लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के लिए श्रमिक कार्ड का नवीनीकरण शीघ्र किया जाए और नवीनीकरण कार्य ठेके पर न कराकर श्रम विभाग कार्यालय में करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों को शीघ्र ऑनलाइन किया जाए।
महिला श्रमिकों के लिए सिलाई प्रशिक्षण का मानदेय अभी तक न मिलने से मानदेय दिलवाले के लिए भी स्पीकर से आग्रह किया गया। समिति ने 10 सूत्रीय मांग पत्र स्पीकर को सौंप कर आवश्यक कार्यवाही करने की बात कही।
स्पीकर ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों का जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है उनके रोजगार के साधन भी पूर्णता समाप्त हुए हैं। उन्होंने कहा है कि अखिल भारतीय सर्वजन श्रमिक कल्याण समिति द्वारा दिए गए ज्ञापन में जिन समस्याओं का उल्लेख किया गया है उन्हें गंभीरता पूर्वक विचार होगा और सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए जो योजनाएं संचालित की जा रही है उन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अवश्य मिलेगा । उन्होंने कहा है कि श्रमिकों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सरकार के माध्यम से समाधान किया जाएगा।

इस अवसर पर गोपाल राम, अशोक, महेंद्र गुप्ता, शशीकरण, उमेश, रामअवतार, सरस्वती, उर्मिला, कंचन, कमला देवी, चिंता देवी, संतोष कुमार, मंजू देवी, गीता देवी, उर्मिला देवी, इंद्रजीत राव, शशि शरण, मीरा देवी, सुमन देवी, लतिका मंडल आदि उपस्थित थे।

रायवाला में सामान बेचने के बहाने घर को बनाया निशाना, चोरी के सामान के साथ दो अरेस्ट

रायवाला क्षेत्र में गुब्बारे, खिलौने और पुराने कपड़े आदि बेचने के बहाने दो लोगों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। मामले की जानकारी पुलिस को हुई तो दो शातिरों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों पारदी गैंग के सदस्य है, जो पूरे भारतवर्ष में चोरी की घटना को अंजाम देते हैं।

थाना प्रभारी अमरजीत सिंह रावत ने बताया कि मनीषा गुरू रजनी रावत निवासी खैरी खुर्द रायवाला ने तहरीर देकर बताया कि अज्ञांत चोरो के द्वारा मकान के पीछे से बन्द कमरे की खिड़की की ग्रिल उखाड़कर कमरें के अन्दर रखी आलमारी के अन्दर से 50 हजार रूपये व एक घड़ी चोरी कर ली है। साथ ही बगल के घर को भी निशाना बनाया है। प्रभारी ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर टीमें तैनात की गई। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले के बाद पुलिस ने दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने कई ठिकानों में दबिश देने के बाद दोनों को सर्वानन्द घाट हरिद्वार से पकड़ लिया। इनके पास से पुलिस को तीनो घरों से चोरी हुआ शत प्रतिशत सामान भी बरामद हुआ है।

थाना प्रभारी ने आरोपियों की पहचान जाया उर्फ डोकरा जाति पारदी मूल निवासी ग्राम कनारीचक, थाना धरनावदा जिला गुना मध्यप्रदेश वर्तमान पता कच्ची बस्ती शंकरपुर थाना चिमनगंज जिला उज्जैन मध्यप्रदेश और शंकर नाथ निवासी निवासी झुग्गी झोपड़ी निकट चैपाटी, फूलबाग, थाना पड़ाव जिला ग्वालियर मध्यप्रदेश के रूप में कराई है।