देवभूमि में प्राचीन समय से ही योगाभ्यास किए जाते रहे हैंः तीरथ सिंह रावत


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को अपने भागीरथीपुरम स्थित आवास से सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय वेबिनार को शुभारम्भ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय द्वारा वेबिनार के माध्यम से योग को आम जन तक ले जाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में ऋषि, मुनियों एवं योग साधकों द्वारा प्राचीन समय से ही योगाभ्यास किये जाते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया। 2015 से प्रत्येक 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग मनुष्य को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है। योग को अपनी नियमित दिनचर्या में लाना जरूरी है। योग की वजह से भारत की विश्व स्तर पर अलग पहचान है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से मुख्य वक्ता डॉ. एच.आर. नागेन्द्र, कुलपति सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रो. एन.एस. भण्डारी, डॉ. नवीन भट्ट, सुश्री मोनिका बंसल आदि उपस्थित थे।

वर्चुअल तरीके से सीएम ने आक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से राज्य के 05 अस्पतालों में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण एवं एक ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने जिन पांच ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण किया। उनमें जिला चिकित्सालय बागेश्वर में 250 एल.पी.एम., जिला चिकित्सालय चम्पावत में 100 एल.पी.एम., जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में 200 एल.पी.एम., हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट एवं कोरोनेशन अस्पताल देहरादून में 1000-1000 एल.पी.एम.के प्लांट शामिल हैं। इन पांच संयत्रों द्वारा प्रतिदिन 4.76 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। पिथौरागढ़ में अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन की मदद से 600 एल.पी.एम. का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया जा रहा है, जिसका मुख्यमंत्री ने वर्चुअल शुभारम्भ किया। उन्होंने अजीम प्रेमजी का आभार भी व्यक्त किया।

बागेश्वर में स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए समाजसेवी गोपाल गोस्वामी ने सी.एस.आर के तहत प्रदान किया है। चम्पावत, पिथौरागढ़ एवं देहरादून में स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भारत सरकार द्वारा पीएम केयर फण्ड के तहत राज्य को मिले हैं।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि पिछले तीन माह में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य हुआ है। कोविड की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी तैयारियां की गई है। आईसीयू, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन बेड की संख्या में काफी वृद्धि की गई है। सीएचसी स्तर तक भी कोविड केयर सेंटर बनाये जा रहे हैं। केन्द्र सरकार के सहयोग से ऋषिकेश एवं हल्द्वानी में 500-500 बेड के आधुनिक कोविड केयर सेंटर बनाये गये हैं। इनमें सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन कोविड केयर सेंटरों में बच्चों के वार्ड के सामने उनके माता और पिता के लिए भी रहने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएचसी स्तर तक ऑक्सीजन प्लांट लगाये जा रहे हैं। अभी राज्य में 17 ऑक्सीजन प्लांट कार्यशील हैं, जबकि 17 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य चल रहा है। इसके अलावा 11 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट के लिए भारत सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है। राज्य के अस्पतालों में 5675 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर तथा 14349 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। 2494 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर तथा 6231 ऑक्सीजन सिलेंडर जल्द राज्य को मिलने वाले हैं।

शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। इन ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट की स्थापना से कोविड की संभावित तीसरी लहर में लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण एवं सवंर्द्धन के लिए हम सबको अपना योगदान देना होगा। उन्होंने अपील की कि हरेला पर्व पर अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें।

इस अवसर पर बागेश्वर विधायक चन्दन राम दास, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव सोनिका, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, सबंधित जनपदों के जिलाधिकारी, सीएमओ एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

एम्स में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के मौके पर नशावृत्ति के प्रति जागरूक किया

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफकिंग) मनाया गया, इस अवसर पर संस्थान में मरीजों एवं उनके परिजनों, तीमारदारों को विभिन्न पब्लिक एरियाज में सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करते हुए नशावृत्ति को लेकर जागरुक किया गया।

निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान में संचालित एटीएफ के तहत ओपीडी और एडमिशन, दोनों तरह से उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो कि मरीजों को निशुल्क दी जा रही हैं। लिहाजा सभी को अपने परिवार या आसपास रहने वाले नशाग्रस्त लोगों को संस्थान में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाना चाहिए और ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में योगदान देना चाहिए।
एम्स ऋषिकेश में वर्ल्ड ड्रग दिवस पर आयोजित जनजागरुकता कार्यक्रम में एटीएफ (एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी) से डॉ. तन्मय जोशी ने विभिन्न तरह के नशीले पदार्थों व दृव्यों को लेकर कई तत्थ्य एवं मिथकों के बारे में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में कैनाबिस (यानी भांग, गांजा, चरस आदि ) के साथ साथ शामक दवाइयों का गैर चिकित्सकीय उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। दक्षिण एशियाई देशों के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019 में हर 100 में से लगभग 3 व्यक्तियों ने कैनाबिस का उपयोग किया था। एटीएफ काउंसलर तेजस्वी ने मरीजों के परिजनों को बताया कि किशोर वर्ग में इन्हेलन्ट्स का प्रयोग पाया जाना बेहद चिंताजनक है।

संस्थान के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं ए.टी.एफ प्रोजेक्ट के नोडल ऑफिसर डॉ. विशाल धीमान ने बताया कि उत्तराखंड परिक्षेत्र में लगभग 38 फीसदी लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान लोगों में बढ़ते तनाव व अन्य कारणों के चलते सभी नशीले पदार्थ का सेवन बढ़ा है, जिससे कई अन्य तरह की परेशानियों में भी इजाफा हुआ है।

मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डा. रवि गुप्ता एवं फैकल्टी मेंबर डॉ. विक्रम रावत ने लोगों को बताया कि आमतौर पर नशा शराब से शुरू होता है और समय के साथ साथ निकोटीन और गांजा की ओर बढ़ता है, यह प्रवृत्ति व्यक्ति को धीरे धीरे हार्ड ड्रग्स की ओर ले जाती है। लिहाजा नशा मनुष्य शरीर के लिए बेहद खतरनाक है, इसीलिए वर्ल्ड ड्रग डे पर लोगों से नशे से जुड़े सभी तथ्यों को साझा करना जरुरी था,जिसे कई परिवारों का जीवन बचाने की ओर एक सार्थक कदम माना जा सकता है।

कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को सभी नशीली वस्तुओं से होने वाले व्यस्न एवं व्यस्न उपचार संबंधी मिथकों के बाबत भी अवगत कराया गया।
उदाहरण- मिथक 1 – नशीली वस्तुओं का व्यस्न स्वैच्छिक होता है। तत्थ्य रू नशीली वस्तुओं का सेवन आमतौर पर मनोरंजन या नवीनता के अनुभव करने के साथ शुरू होता है, मगर यह पदार्थ दिमाग को निरंतर बदलता रहता है जो एक समय के बाद व्यक्ति को नशा लेने के लिए मजबूर कर देता है और उसके बाद कोई भी व्यक्ति उसे लिए बिना नहीं रह सकता। मिथक 2- नशीली वस्तुओं का व्यस्न चरिता या नैतिकता का दोष है। तत्थ्य रू हर नशीली वस्तु एक- दूसरे से अलग होते हुए भी कहीं न कहीं दिमाग के कुछ खास हिस्सों पर समान दुष्प्रभाव डालते हैं, जो उनके मूड अथवा चाल-ढाल में बदलाव ले आता है। यह उस एक या अनेक नशे का सेवन करने का सबसे बड़ा प्रेरक होता है और वह व्यक्ति को इस प्रेरणा के आगे बेबस और लाचार बना देता है।
मिथक 3- सब नशीली वस्तुओं से छुटकारा पाने की एक ही दवा होनी चाहिए। तत्थ्यः हर व्यक्ति अद्वितीय होता है। यदि किन्ही भी दो व्यक्तियों को एक ही बीमारी की वही दवा भी दी जाए जो पहले व्यक्ति को दी गई है, तब भी दोनों में एक सामान फर्क नहीं आता है। हर नशे की अपनी अलग पहचान होती है और इसलिए उसकी उपचार पद्धति भी अलग अलग ही होती है। हर दूसरे व्यक्ति को एक ही नशीली वस्तु अलग-अलग तरह की शारीरिक व मानसिक दिक्कतें देती है। लिहाजा एक ही तरह व दवाओं से सभी मरीजों का उपचार नहीं किया जाता। मिथक 4- व्यस्न का उपचार एक बार में हो जाना चाहिए। तत्थ्यः जब व्यस्न की बीमारी दीर्घकालीन है, तो उपचार में सततरूप से बने रहना उत्तम है। यदि ऐसा नही किया जाता है तो इलाज दोबारा से शुरू करना पड़ेगा। मिथक 5- महज उपचार शुरू कर देने से ही नशे से दूर हो जाएंगे । तत्थ्यः किसी भी नशा ग्रसित रोगी का इलाज शुरू करना पहली सीढ़ी है। मगर आपका और विशेषज्ञों का परस्पर साथ आना आवश्यक है। इलाज में बने रहना सबसे मुख्य बिंदु है, जिससे आप इलाज का अधिक से अधिक फायदा उठा पाएंगे। मिथक 6- शराब पीकर भी काबू में रहा जा सकता है । तत्थ्यः शराब का सेवन करते ही वह आपकी निर्णायक क्षमताओं में सेंध लगा देती है। इसके चलते आप कई ऐसे निर्णय ले सकते हैं, जिनका बाद में खेद हो। अक्सर यह निर्णय आपको गैरकानूनी गतिविधियों में भी सम्मिलित कर सकते हैं। मिथक 7 – गुटका, खैनी, जर्दा, चबाने वाला तम्बाकू शरीर को नुकसान नहीं देता। तत्थ्यः इन सभी वस्तुओं में मनुष्य के शरीर में कर्क रोग उत्पन्न करने वाले केमिकल मिले होते हैं । इनका सेवन करने से मुंह में होने वाली कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है, जिनमें मुंह का कैंसर भी शामिल है।

कांग्रेस विस चुनाव को तैयार, भाजपा सरकार के घोटाले जनता के बीच लेकर जाएं कार्यकर्ताः लोकेश वशिष्ठ


एआईसीसी के पर्यवेक्षक लोकेश वशिष्ठ आज ऋषिकेश पहुंचे। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की न सिर्फ नब्ज टटोली, बल्कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का कार्यकर्ताओं को मंत्र तक दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अनेक घोटाले सामने आए, जिनमें कोविड काल में आरटीपीसीआर घोटाला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का मदन कौशिक का लाइब्रेरी घोटाला प्रमुख है। कहा कि इन घोटालों की सूची तैयार कर कार्यकर्ता जनता के बीच जाएं और भाजना की जनविरोधी नीतियों को रखें।

इससे पूर्व कांग्रेस भवन में एआईसीसी पर्यवेक्षक लोकेश वशिष्ठ का स्वागत किया गया। महानगर अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत सहित, एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला, प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, प्रदेश सचिव मदन मोहन शर्मा ने उनका आदर सत्कार किया।

मौके पर जिलाध्यक्ष गौरव चैधरी, पूर्व कबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, पार्षद मनीष शर्मा, सरोज देवराडी, विजयपाल सिंह रावत, ललित मोहन मिश्र, पार्षद राकेश सिंह, देवेंद्र प्रजापति, लल्लन राजभर, राधा रमोला, विजय लक्ष्मी शर्मा, भगवान सिंह पंवार, शिवा सिंह, रुकम सिंह पोखरियाल, विवेक तिवारी, देवेंद्र पाल सिंह रावत, भगवती प्रसाद सेमवाल, सुधीर राय, राम कुमार भर्तौलिया, संजय भारद्वाज, सोनू पाण्डे, अभिषेक शर्मा, संजय भट्ट, पुरँजय राजभर, जितेंद्र यादव, नंद किशोर जाटव, परमेश्वर राजभर, अजय धीमान, मनोज गुसाईं अशोक शर्मा, चन्द्र कांता जोशी, विक्रम भंडारी, गजेन्द्र विक्रम शाही आदि उपस्थित रहे।

कोविड नियंत्रण व टीकाकरण प्रगति को लेकर सीएम ने जिलाधिकारियों से ली जानकारी


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड-19 महामारी के नियंत्रण एवं कोविड वैक्सीनेशन की प्रगति के सम्बन्ध में सभी जनपदों को वीडियो कांन्फ्रेस के माध्यम से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों से कोविड महामारी के नियंत्रण एवं टीकाकरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्भावित तीसरी लहर के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं पूर्ण हों। उन्होंने समस्त जनपदों की चिकित्सा ईकाइयों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैड, आई.सी.यू बैड्स की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड की थर्ड वेब से पहले तैयारी का जो समय मिला है, इस दौरान सभी व्यवस्थाएं मजबूत की जाय। वर्षाकाल के दृष्टिगत आपदा की दृष्टि से चिन्हित संवेदनशील स्थानों के बीच भी एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाय। सीएचसी स्तर पर भी कोविड केयर सेंटर बनाए जाय। देहरादून एवं हल्द्वानी में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की सुविधा को और बढ़ाना होगा। देहरादून और हल्द्वानी में कोविड के पीक पर मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के अनुरूप मेडिसिन एवं मास्क एवं उपकरणों आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आशाओं के माध्यम से सप्लीमेंट न्यूट्रीशन आदि का वितरण शीघ्र सुनिश्चित किया जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी टेस्टिंग की व्यवस्था की जाए। माईक्रो कन्टेनमेंट जोन एवं कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को लगातार जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन को और अधिक गति देने के लिए लगातार लोगों को प्रेरित किया जाए। जिन दिव्यांगों एवं बुजुर्गों का अभी टीकाकरण पूर्ण नहीं हुआ है उनको चिन्हित किया जाए। जिलाधिकारियों द्वारा इनके लिए कैंप लगवाकर टीकाकरण किया जाय। कोविड पर नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान लगातार चलाये जाए। लोकल सैलीब्रिटीज एवं महानुभावों को इसमें शामिल करते हुए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राज्य को केन्द्र सरकार से हर सम्भव मदद मिल रही है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने भविष्य में लॉकडाउन खुलने के दृष्टिगत भीड़ बढ़ने की सम्भावना को देखते हुए बॉर्डर पर टेस्टिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। एंट्री प्वाइंट में टेस्टिंग आदि की व्यवस्था की अद्यतन जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का अनुपालन की व्यवस्था चाक चैबन्द की जाए। उन्होंने कहा कि आइवरमैक्टिन का डिस्ट्रीब्यूशन 30 जून तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाय। सोशल डिस्टेन्सिग का पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि टीकाकरण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार शत्रुघ्न सिंह, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी जे. सुन्द्रियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर अरविन्द सिंह ह्यांकी, गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, सभी जिलाधिकारी, एसएसपी एवं सीएमओ उपस्थित थे।

जनता दरबार में सीएम ने समस्याओं को मौके पर ही निपटाया

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता दर्शन हॉल में जन समस्याओं एवं जन शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। मुख्यमंत्री के समक्ष सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, आर्थिक सहायता, समाज कल्याण से संबधित पेंशन आदि अनेक समस्याएं लोगों ने रखी। मुख्यमंत्री ने समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जन समस्याओं की समय-समय पर नियमित रूप से सुनवाई की जायेगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से पूरा फीडबैक लिया जायेगा। निर्धारित समयावधि में अधिकारियों को जन समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं। जिन समस्याओं को त्वरित समाधान हो सकता, उनका मौके पर अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिये गये हैं।

विकास कार्यों के लिए सीएम ने जारी की वित्तीय व प्रशासकीय स्वीकृति


मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विभिन्न विकास कार्यों हेतु वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने राजकीय चिकित्सालय, खटीमा के आवसीय भवनों के निर्माण हेतु रूपये 2 करोड़, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में वायरोलॉजी लैब की स्थापना हेतु रूपये 03 करोड़ 59 लाख, पिथौरागढ़ में टकाना टाउनशिप की भूमि पर विकास भवन के सामने निर्माण भवन के निर्माण कार्य हेतु रूपये 37 लाख , काण्डा में मिनी स्टेडियम हेतु रूपये रूपये 49 लाख, विकासखण्ड रायपुर में टिहरी नगर स्थित दून यूनिवर्सिटी रोड़ में छूटे हुए क्षेत्र में सीवर लाईन बिछाये जाने हेतु रूपये 47 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के विकासखण्ड थलीसैंण के अंतर्गत थलीसैंण-पीठसैंण मोटर मार्ग से घूरी मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 30 लाख, विधानसभा क्षेत्र रामनगर के अंतर्गत आनन्द नगर पीपलपड़ाव में सड़क निर्माण कार्य हेतु रूपये 01 करोड़ 06 लाख, जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र-बद्रीनाथ के विकासखण्ड दशोली के बम्बूधार से मूल गांव छिनका होते हुए मल्ला नौरी तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 01 करोड़ 41 लाख, जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के विकासखण्ड थलीसैंण के अंतर्गत खण्डगांव से सौलासैंण तक मोटर मार्ग के नवनिर्माण कार्य हेतु रूपये 42 लाख, जनपद टिहरी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर में तैला कोटेश्वर मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण के कार्य हेतु रूपये 2 करोड़ 02 लाख, जनपद ऊधमसिंहनगर के विधानसभा क्षेत्र रूद्रपुर के अन्तर्गत 05 मार्गों का पुनः निर्माण कार्य हेतु रूपये 94 लाख, विधानसभा क्षेत्र रूद्र्रप्रयाग के अंतर्गत विभिन्न पांच कार्यों हेतु रूपये 1 करोड़ 17 लाख, जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र चकराता के अंतर्गत विभिन्न 02 निर्माण कार्यों हेतु रूपये 1 करोड़ 86 लाख तथा जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र घनसाली के विकासखण्ड भिलंगना में 3 मोटर मार्गो के निर्माण कार्य हेतु रूपये 72 लाख की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु रूपये 131.75 करोड़ की धनराशि
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जनपद पिथौरागढ़ के तहसील मुनस्यारी के ग्राम सेनर के 20 आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु रूपये 85 लाख, तहसील धारचूला के ग्राम कनार तोक जिमतड़ा के 07 परिवारों के पुनर्वास हेतु रूपये 29.75 लाख के साथ ही जनपद बागेश्वर के तहसील काण्डा के ग्राम सेरी के 04 आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु रूपये 17 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

तीरथ बैठक में हुए अहम निर्णय, जानिए किन-किन विषयों पर हुआ फैसला


देहरादून । कैबिनेट में तीरथ सरकार ने कई महत्वपूर्ण फ़ैसलो पर अपनी मुहर लगाई है शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट में उत्तराखण्ड विधानसभा नेता प्रतिपक्ष एवं हल्द्वानी से विधानसभा सदस्य डा0(श्रीमती) इन्दिरा हृदयेश के आकस्मिक निधन पर श्रद्वांजलि व्यक्त किया गया।

एक नज़र महत्वपूर्ण फैसलों पर…..

1 :- चारधाम यात्रा को व्यवस्थित करने के लिये देवस्थानम बोर्ड और जिला प्रशासन से समन्वय करने के लिये वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जिसके द्वारा कोविड से संबंधित एस.ओ.पी. को लागू करने के लिए निगरानी का कार्य करेगा। सभी तीर्थ पुरोहितों को वैक्सीन लगाई जाएगी। एक जुलाई से चमोली जनपद में बद्रीनाथ, रूद्रप्रयाग जनपद में केदारनाथ और उत्तरकाशी जनपद में गंगोत्री-यमुनोत्री दर्शन के स्थानीय नागरिकों को दर्शन की आर.टी.पी.सी.आर. अथवा रैपिड एंटीजन टेस्ट के साथ अनुमति प्रदान की जाएगी।

2 :- उत्तराखण्ड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम 2012 के प्राविधानों के अनुसार जनपद टिहरी, उत्तरकाशी एवं चमोली के बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण की अधिसूचना के संबंध में निर्णय लिया गया।

3 :- कोविड-19 महामारी की द्वितीय लहर के दौरान कारखानों में ओवरटाईम कार्य की छूट दी गई। छूट के अंतर्गत 12-12 घण्टे दो पाली में चार घण्टे ओवरटाईम किया जा सकता है। इसमें अधिकतम 06 दिन और अधिकतम 24 घण्टे शामिल है। इस बीच 06 घण्टे के बाद 30 मिनट का विश्राम होगा। छंटनी की अनुमति नहीं होगी।

4 :- उत्तराखण्ड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिपिक वर्गीय सेवा नियमावली 2021 को प्रख्यापित किया गया।

5 :- ऊधमसिंहनगर में राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास निगम लि0 द्वारा निर्मित लोक निर्माण विभग के गदरपुर-दिनेशपुर-मटकोटा मोटर मार्ग को जहां है जैसा है के आधार पर लोक निर्माण विभाग को हस्तान्तरित करने क निर्णय लिया गया।

6 :- मै0 लिण्डे सेलाकुई को आक्सीजन उत्पादन हेतु निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए समस्याग्रस्त क्षेत्र में भूमिगत लाईन के निर्माण के संबंध में अधिप्राप्ति नियमावली में छूट दी गई।

7 :- वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु हथकरघा कताई-बुनाई महिला कर्मकारों को सहायता योजना अन्तर्गत महिला बुनकर अंशदान को 10 प्रतिशत से 5 प्रतिशत किये जाने का निर्णय लिया गया।

8 :- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा संचालित महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना की अवधि दिनांक 31 मार्च, 2023 तक विस्तारीकरण की अनुमति दी गई।

9 :- उत्तराखण्ड मूल्य वर्धित(वैट) कर अधिनियम की धारा 32 की उपधारा (12) के अंतर्गत वर्ष 2017-18 के कर निर्धारण या पुनः कर निर्धारण के वादों के निस्तारण की समय-सीमा 23 अप्रैल से बढ़ाकर 29 सितंबर तक करने की अनुमति दी गई।

10 :- कोविड में एम्बुलेंस की कमी की पूर्ति के लिए टाटा मोटर्स पंतनगर की मांग पर टाटा मैजिक को एम्बुलेंस के रूप में संचालित करने के लिए ट्रेंड लेबर की जगह संविदा श्रमिकों के माध्यम से कोविड अवधि तक संचालित करने की अनुमति 09 माह दी गई। इन संविधा श्रमिकों को नियमित कार्मिक की भांति सभी लाभ देय होगा।

नगर निगम ऋषिकेश के बाहर सड़क हादसा, युवक की मौत

ऋषिकेश में नगर निगक के सामने एक तेज गति से चल रहे ट्रक की चपेट में आकर चमोली मूल के युवक की मौत हो गई। हादसे में युवक की घटनास्थल पर मौत हो गई। चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया है, जबकि परिचालक को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि आज सुबह करीब 8 बजे तेज गति से चल रहे ट्रक ने नगर निगम के सामने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटर सवार के सिर पर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर एंबुलेंस से राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया है। कोतवाल ने मृतक की पहचान 20 वर्षीय चंदन पुत्र मोहनराम, निवासी नटराज चैक, ऋषिकेश, मूल निवासी मंडोली चमोली के रूप में कराई है।

कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया की मृतक बैराज रोड स्थित गंगा किनारे होटल में कार्यरत था। सुबह वह ड्यूटी पर ही जा रहा था। फिलहाल ट्रक संख्या यूपी 24 टी 0667 को कब्जे लेकर आईडीपीएल चैकी में खड़ा दिया है।

ऋषिकेश पहुंचे मुरारी बापू का विरक्त वैष्णव मंडल ने किया भव्य स्वागत

अखिल भारतीय संत समिति विरक्त वैष्णव मंडल के सभी महामंडलेश्वर महंतो ने मुरारी बापू का स्वागत किया।

राम तपस्थली आश्रम के संस्थापक अध्यक्ष महामंडलेश्वर दयाराम दास महाराज की अध्यक्षता में वैदिक मंत्रोचार के साथ ऋषि कुमारों ने मुरारी बापू का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। महामंडलेश्वर दया रामदास महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने समस्त संत समाज की ओर से मुरारी बापू को उत्तरीय उड़ा कर उनका अभिवादन किया। सभी संत समाज ने मिलकर मुरारी बापू को तुलसी का पौधा भेंट किया। इस अवसर पर मुरारी बापू ने ब्रह्मपुरी में आधा घंटा बैठकर गंगा तट के किनारे मां गंगा की पूजा अर्चना, दूधाभिषेक व मां गंगा की आरती की।

मुरारी बापू ने कहा कि संत समागम, हरि कथा, मिले ना बारंबार, संतों का जहां भी सत्संग हो जहां भी संतों का दर्शन हो, वह स्थान कभी भी किसी मानव को छोड़ना नहीं चाहिए। तुरंत संतो के दर्शन कर लेनी चाहिए। यह बड़े भाग्य से प्राप्त होते हैं क्योंकि संतों का ह्रदय गंगा के जैसे पवित्र निर्मल व सरल सदा रहता है। बापू की रामकथा देवप्रयाग जाने से पूर्व ब्रह्मपुरी में सभी संतो के साथ बैठकर राम नाम संकीर्तन व सभी संतो से संत मिलन बापू श्री के द्वारा किया गया।

महामंडलेश्वर अभिराम दास महाराज ने सभी संतो के प्रतिनिधि के रूप में बापू श्री का अभिनंदन किया। मौके पर महामंडलेश्वर दया रामदास महाराज, महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज, महंत महावीर दास, महंत सुरेश दास, महंत चक्रपाणि दास, महंत लोकेश दास, तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष पंडित रवि शास्त्री, दीपक दास, महंत सतुआ बाबा वाराणसी, अभिषेक शर्मा ‌आदि मौजूद थे।