श्री केदारनाथ धाम के खुले कपाट, पीएम ने नाम से किया गया रूद्राभिषेक

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान पूर्वक मंत्रोचारण के साथ आज सोमवार मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में प्रातरू पांच बजे खुल गये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया प्रातरू तीन बजे से शुरू हो गयी थी। रावल भीमाशंकर एवं मुख्य पुजारी बागेश लिंग तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग मनुज गोयल ने पूरब द्वार से मंदिर मुख्य प्रांगण में प्रवेश किया।

मुख्य द्वार पर पूजा अर्चना की मंत्रोचार के पश्चात ठीक पांच बजे भगवान केदारनाथ मंदिर के कपाट खोल दिये गये। मंदिर के कपाट खुलने के पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्यंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रूद्राभिषेक पूजाएं की गयी। श्री केदारनाथ धाम में भी प्रथम रूद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से की गयी तथा जनकल्याण की कामना की गयी। कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर स्थगित है धामों में केवल पूजापाठ संपन्न हो रही है यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। केदारनाथ के कपाट खुलते समय पूजापाठ से जुड़े चुंनिंदा लोग मौजूद रहे। धाम में मौसम सर्द है मंदिर के कुछ दूरी पर बर्फ मौजूद है। तथा रास्ते में कहीं- कहीं हिमखंड नजर आ रहे है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता ब्यक्त की है तथा भी के आरोग्यता की कामना की है। कहा है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थाई तौर पर यात्रा स्थगित है सभी लोग वर्चुअली दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें।

पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि कोरोना महामारी समाप्त होगी तथा शीघ्र चारधाम यात्रा शुरू होगी। उल्लेखनीय है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से जनकल्याण की भावना के साथ सभी धामों में प्रथम पूजा संपन्न करवायी जा रही है।

श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाता सौरभ कालड़ा ग्रुप द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर रावल भीमाशंकर लिंग, केदार लिंग, मुख्य पुजारी बागेश लिंग, देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह, जिलाधिकारी मनुज गोयल, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल मनराल बीकेटीसी पूर्व सदस्य शिवसिंह रावत, एसडीएम रवीन्द्र वर्मा, तहसीलदार जयराम बधाड़ी, धर्माधिकारी आचार्य औंकार शुक्ला, मंदिर प्रशासनिक अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, प्रबंधक अरविंद शुक्ला एवं प्रदीप सेमवाल, पारेश्वर त्रिवेदी, महावीर तिवारी,मृत्युंजय हीरेमठ, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया की श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पश्चात केदारनाथ मास्टर प्लान कार्यों में अधिक गति आयेगी।

कपाट खुलने के दौरान कोरोना बचाव मानकों का पालन किया गया। मास्क, सेनिटाईजर, थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कपाट खुलने के लिए एसओपी द्वारा ब्यापक दिशा निर्देश जारी किये हैं। केदारनाथ में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग, विद्युत, जल संस्थान की टीम अपना कार्य कर रही हैं।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खुल रहे है। आज श्री योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर से आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी के साथ उद्धव, कुबेर तथा तेलकलश (गाडू घड़ा) श्री बदरीनाथ धाम पहुंचेगा। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट आज दोपहर में खुल रहे है जबकि चतुर्थ केदार रूद्रनाथ के कपाट भी आज खुल रहे हैं। द्वितीय केदार मदमहेश्वर के कपाट 24 मई को खुल रहे हैं। जबकि गुरूद्वारा श्री हेमकुंड साहिब एवं श्री लक्ष्मण मंदिर के कपाट खुलने की तिथि अभी निश्चित नहीं है।

सीएम तीरथ सिंह रावत ने एम्स की गरूड़ टेलीमेडिसिन सेवा का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एम्स ऋषिकेश की ओर से शुरू की गई टेलीमेडिसिन सेवा “गरुड़” का उद्घाटन किया। इस टेलीमेडिसिन सेवा के जरिए प्रदेश के सभी 110 तहसीलों में देशभर के 898 ट्रेंड मेडिकल और पेरामेडिकल छात्रों द्वारा मेडिकल सम्बन्धी जानकारी और परामर्श दिया जाएगा। इस सेवा के जरिए प्रदेश की जनता को फोन के माध्यम से ही एक्सपर्ट डॉक्टरों के चिकित्सीय परामर्श मिल सकेगा।

एम्स ऋषिकेश में गरुड़ टेली मेडीसिन सेवा के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि मेडिकल और पैरामेडिकल के नौजवानों द्वारा एम्स ऋषिकेश की पहल पर यह सराहनीय प्रयास है। कहा कि सरकार लगातार प्रयासरत है कि ज्यादा से ज््यादा चिकित्सकों की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सीमांत क्षेत्रों तक कनेक्टिविटि के साथ हेल्थ सिस्टम मजबूत करना सबसे बड़ी चुनौती है। कहा कि पिछले कुछ दिनों से यह देखने में आया है कि शहरी इलाकों में कोविड की स्थिति स्थिर बनी हुई है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राफ बढ़ रहा है, जिसको लेकर सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि हर ब्लॉक स्तर तक कंट्रोल रूम बनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व जिला स्तर तक कंट्रोल रूम बनाए जा रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार टेस्टिंग के आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से सामने रख रही है। टेस्टिंग नेशनल एवरेज से अधिक है, इससे साफ है कि उत्तराखंड में ज्यादा टेस्टिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि तीसरी लहर के आने से पहले ही जरूरी तैयारी पूरी कर ली जाए, जिसको लेकर पहाड़ के छोटे-छोटे सेंटर पर भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है।

एम्स के निदेशक प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि एम्स ऋषिकेश द्वारा प्रोजेक्ट गरुड़ के लिए देशभर से मेडिकल और पैरामेडिकल के छात्रों के आवेदन माँगे गए थे, इस प्रोजेक्ट में कुल 1621 छात्रों ने पंजीकरण किया। जिसमें से 898 मेडिकल और पैरामेडिकल के छात्रों को इस प्रोजेक्ट हेतु चयनित किया गया। प्रो. रविकांत ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एमबीबीएस और बीडीएस के 621 डॉक्टर जबकि पैरामेडिकल कोर्सेज से संबंधित 277 छात्रों को शामिल किया गया है।

इस दौरान स्पीकर प्रेमचंद्र अग्रवाल, विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश, कुसुम कंडवाल, एम्स ऋषिकेश के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।

सीएम तीरथ बोले, आक्सीजन प्लांटों से उनके क्षमता के अनुरूप पूर्ण उत्पादन को सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में बढती आक्सीजन की माँग को देखते हुए मै. लिण्डे इण्डिया के लिक्विड आक्सीजन प्लांट के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए रिकार्ड समय में अंडरग्राउंड कैबलिंग पूर्ण करने पर ऊर्जा विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी जज्बे के साथ काम करते हुए हम कोविड के खिलाफ लङाई में अवश्य जीत हासिल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कोविड महामारी के कारण देश में ऑक्सीजन की कमी की समस्या के दृष्टिगत ऑक्सीजन प्लांटों से उनके क्षमता के अनुरूप पूर्ण उत्पादन सम्भव हो सके, इसके लिये राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि देहरादून स्थित सेलाकुई क्षेत्र में मै. लिण्डे इण्डिया द्वारा वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 160 टन लिक्विड ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा रहा है जो कि वर्तमान में कोविड की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की माँग के दृष्टिगत अत्यन्त महत्वपूर्ण है। दिनांक 23.04.2021 के पश्चात् दिनांक 08.05.2021 के मध्य मै. लिण्डे को पोषित करने वाली 33 के०वी० लाइन में 5 ट्रिपिंग व 1 मौके पर अन्डर वोल्टेज के कारण प्लान्ट में उत्पादन बाधित होने की सूचना प्राप्त हुई। ट्रिपिंग के कारणों की समीक्षा में पाया गया कि 33 के०वी० लाईन का लगभग 3.00 कि०मी० भाग ऐसे क्षेत्र से गुजरता है जहाँ garbage/animal waste फेंके जाने के कारण बड़ी संख्या में पक्षी क्षेत्र में आकर्षित होते हैं एवं मुख्यतः बर्डफाल्ट के कारण 33 के०वी० लाईन पर ट्रिपिंग दर्ज की जा रही थीं।

वर्तमान समय में एक-एक लीटर ऑक्सीजन की महत्ता के दृष्टिगत मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उक्त समस्या का समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। सचिव (ऊर्जा), उत्तराखण्ड शासन, राधिका झा द्वारा दिनांक 08.05.2021 को सेलाकुई में ऑक्सीजन प्लांट एवं 33 के०वी० लाईन का स्थलीय निरीक्षण / समीक्षा की गयी। तथा आच्छादित क्षेत्र में garbage/animal waste तत्काल हटाने के निर्देश दिये गये। जिला प्रशासन को यह भी निर्देशित किया गया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उक्त क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति नया कूडा इत्यादि न डाले। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया कि मै. लिण्डे को पोषित करने वाली इस समस्या से आच्छादित 3 कि०मी० की लाईन को भूमिगत किया जाये जिसके लिये लगभग 5 कि०मी० भूमिगत केबिल डाली जानी आवश्यक थी। भूमिगत केबल डाले जाने के कार्य का व्यय लगभग रु. 3.2 करोड़ की स्वीकृति ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत करायी गई एवं इस कार्य को पूर्ण किये जाने हेतु 7 दिनों का समय निर्धारित किया गया जब तक भूमिगत केबल का कार्य पूर्ण हो लाईन पर ट्रिपिंग रोकने के लिये स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लाईन के प्रत्येक विद्युत पोल पर मानवशक्ति कार्योजित करते हुये पक्षियों को लाईन के निकट न आने से रोका गया।

दिनांक 09.05.2021 को भूमिगत केबल डाले जाने का कार्य प्रारम्भ करते हुए लगभग 5 कि०मी० भूमिगत केबिल डाली गई और दिनांक 15.05.2021 को रिकार्ड 7 दिन के समय में यह कार्य पूर्ण कर लाईन ऊर्जीकृत की गई। कोविड के कारण उत्पन्न विपरीत परिस्थितियों में भी भूमिगत केबिल डाले जाने हेतु केबल अलवर तथा दिल्ली, एच०डी०पी० पाईप गाजियाबाद, ज्वाईटिंग किट लखनऊ तथा मानव शक्ति सहारनपुर से मंगायी गयी। रात-दिन युद्धस्तर पर कार्य सम्पादित कर यह कार्य एक सप्ताह के अल्प समय में पूर्ण कराया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य को अल्प समय में पूर्ण किये जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री द्वारा सभी कार्यों को कराये जाने हेतु विशेष स्वीकृति प्रदान की जिससे कोविड माहमारी के दृष्टिगत एक भी लीटर ऑक्सीजन की हानि न हो।

ऊर्जा मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आक्सीजन प्लान्ट को होने वाली एक भी ट्रिपिंग की समीक्षा की जा रही है तथा उनके द्वारा टास्क फोर्स का गठन करते हुये केन्द्र से पी०जी०सी०आई०एल० एवं टाटा पावर के अधिकारियों को इस हेतु समीक्षा व सहयोग हेतु देहरादून भेजा गया। इस टास्क फोर्स द्वारा भी उत्तराखण्ड में किये गये निर्णयों व कार्यों सही पाया। उक्त कार्य बिना किसी शटडाउन के पूर्ण कराया गया। मात्र 3.5 घण्टे का शटडाउन केबल को जोड़ने के लिये लिया गया तथा इस 3.5 घण्टे में भी 10 कि०मी० की ओवरहेड लाईन में यथाआवश्यक कार्य पूर्ण किये गये जिससे विद्युत आपूर्ति में निरन्तरता सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही साथ मै. लिण्डे के प्लान्ट में वोल्टेज डिप के कारण ट्रिपिंग न हो इस हेतु रिले की सैटिंग पिटकुल, पी.जी.सी.आई.एल. व टाटा पावर के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से की गयी।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिए गए निर्देशों के क्रम में अत्यंत अल्प समय में यह कार्य पूर्ण किये जाने पर सचिव (ऊर्जा), राधिका झा, प्रबन्ध निदेशक यू०पी०सी०एल० डा० नीरज खैरवाल, निदेशक (परियोजना), जगमोहन सिंह स्थाण, निदेशक (परिचालन) अतुल कुमार अग्रवाल तथा अन्य समस्त अधिकारियों की सराहना की। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय द्वारा रिकार्ड समय में भूमिगत केबल का कार्य पूर्ण किये जाने पर ऊर्जा विभाग, उत्तराखण्ड की सराहना की गई।

17 मई को श्री केदारनाथ धाम के खुलेंगे कपाट

श्री केदारनाथ धाम के कपाट सोमवार 17 मई को प्रातः 5 बजे खुलेंगे। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रद्धालुओं को शुभकामनायें दीं हैं। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अपने घरों में रहकर पूजा- अर्चना करें।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड एंव मंदिर समितियों द्वारा चारों धामों में पहली पूजाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से जनकल्याण हेतु की जा रही हैं। बीते कल शाम श्री केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली केदारनाथ धाम पहुंची। कल सोमवार को प्रात: 5 बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंंगे। जबकि श्री यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई तथा श्री गंगोत्री धाम के कपाट 15 मई को खुल चुके है।

श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई को प्रात: 4 बजकर 15 बजे खुल रहे है। श्री नृसिंह मंदिर से आदि गुरू शंकराचार्य जी की गद्दी, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी के साथ योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंच गयी है। कल शाम उद्धव एवं कुबेर के साथ ही आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी श्री बदरीनाथ धाम पहुंच जायेगी।

कोविड के दृष्टिगत चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया जा चुका है। नित्यनियम से पूजा – अर्चना चलेगी। धामों में पूजपाठ से जुड़े लोगों को जाने की अनुमति है तथा कोरोना बचाव मानकों का पालन हो रहा है।

देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा.हरीश गौड़ ने बताया कि श्री बदरीनाथ धाम तथा श्री केदारनाथ धाम में देवस्थानम बोर्ड ने कपाट खुलने की तैयारियां पूरी कर ली है। सेनिटाईजेशन, साफ-सफाई, बिजली-पानी की आपूर्ति, रावल, पुजारियों, वेदपाठियों हेतु आवास ब्यवस्था की गयी है। मास्क पहनना, सोशियल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया गया है।

देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी सिंह केदारनाथ धाम में ब्यवस्थाओं का अवलोकन कर रहे है। गढ़वाल आयुक्त/ उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने चारधाम के कपाट खुलने के अवसर पर कोविड गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

मुनिकीरेती में निरंतर जारी है सेनिटाइजेशन अभियान, नगर को साफ बना रहे पालिकाकर्मी

नगर पालिका मुनिकीरेती प्रशासन कोविड की रोकथाम व बचाव के प्रयास में जुटी है। पालिका की टीम ने सभी वार्डों में सेनेटाइजेशन अभियान चलाया। लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन करने की अपील भी की गई।

रविवार को सफाई निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में पालिका की टीम प्रत्येक वार्ड में पहुंची। इस दौरान टीम ने कैलासगेट, भजनगढ़, रामझूला, शीशमझाड़ी, चौदहबीघा, राजीव ग्राम, आनंद विहार, ढालवाला, दून विहार आदि इलाकों में सेनेटाइजेशन किया। सफाई निरीक्षक भूपेंद्र पंवार ने लोगों से सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से बेवजह घर से न निकलने की अपील की। साथ ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा। मौके पर सभासद विनोद सकलानी, वंदना थलवाल, बबीता रमोला, स्वास्थ्य लिपिक दीपक कुमार, सफाई नायक देवेंद्र, मायाराम, राजू, महिपाल, सतेंद्र, महेश कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।

देशभर के बुद्धिजीवियों ने लाइव जुड़कर किया कोविड से निराश लोगों में जोश भरने का काम


“इंटरनेशनल डे ऑफ लिविंग टुगेदर इन पीस” के अवसर पर कोविड-19 के पश्चात समाज से डर, निराशा, लाचारी और नकारात्मकता को दूर करने के लिए आत्मविश्वास पैदा करने के उद्देश्य से स्पीकर के बेटे पीयूष अग्रवाल ने लाइव वेबीनार के माध्यम से एक मुहिम की शुरुआत की है। लाइव वेबीनार के माध्यम से कई बुद्धिजीवियों ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव एवं इस चुनौतीपूर्ण समय से उबरने के लिए अपने विचार रखे।

इस दौरान महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल, पतंजलि के महासचिव आचार्य बालकृष्ण, एम्स झारखंड के निदेशक सौरव वर्शनि, उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार, सूफी गायक कैलाश खेर, इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शौर्य डोभाल, भारतीय बास्केटबॉल के पूर्व कैप्टन तृदीप राय, आयुर्वेद लिमिटेड के अध्यक्ष सुनील रेखी, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ अरविंद यादव, हिमालयन अस्पताल के कैंसर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर सुनील सैनी सहित अन्य नामचीन लोगों ने कार्यक्रम के साथ लाइव जुड़कर अपने वक्तव्य से समाज को प्रेरित करने का काम किया। इस लाइव वेबीनार के कार्यक्रम में देश के 400 से अधिक छात्रों एवं लोगों ने प्रतिभाग किया।

इस दौरान महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि वायरस से हमें डरने की नहीं, बल्कि इससे लड़ने की आवश्यकता है। डर हर वक्त सिर्फ कमजोर करता है। अगर हम सकारात्मक सोच और पूरी हिम्मत एवं आत्मविश्वास के साथ इसका मुकाबला करें तो यह डर हम पर हावी हो ही नहीं सकता।

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि यह एक-दूसरे पर अंगुली उठाने का समय नहीं है। यह एक साथ मिलकर खड़े होने का समय है-एक राष्ट्र के रूप में ही नहीं, बल्कि पूरे मानव समाज के रूप में। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से आध्यात्मिक, धार्मिक गुरु-संस्थाएं, सामाजिक व उद्यमी संस्थाओं समेत समाज के अन्य समुदाय से मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में समाज व सरकार की मदद करने का अनुरोध किया।

पतंजलि के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संयम, अनुशासन एवं कोरोना मुक्ति के नीति-नियमों से समृद्ध होकर कोरोना व्याधि एवं संकट के बीच भी जीवन को आनंदित बना सकते हैं, समाज और राष्ट्र के लिए भी ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सदा उत्साहित रहकर खुद को ऊर्जा से भरपूर रखें, इससे व्यक्तित्व को नई पहचान एवं आत्मविश्वास मिलेगा।

इस अवसर पर सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि हमें अब प्रकृति का संरक्षण करना ही होगा एवं कोरोना की इस लड़ाई में जुनून के साथ काम करना होगा।इस दौरान कैलाश खेर ने अपने एक गाने “इश्क जुनून हद से बढ़ जाए” को गुनगुना कर प्रेरित करने का काम किया।

डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि हमें वर्ल्ड शांति की ओर जाना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मिशन हौसला शुरू कर लोगों को उत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजक पीयूष अग्रवाल ने कहा कि लाइव वेबीनार के माध्यम से कोविड-19 के कारण समस्या का सामना कर रहे भारत सरकार, कोरोना योद्धाओं और अन्य लोगों के प्रयास को सुनने, पहचानने, सम्मान और सराहना करने की सोच के साथ समाज के बुद्धिजीवियों को जोड़कर समाज में सकारात्मकता फैलाने एवं शांति का संदेश देने का काम किया गया है।

सीएम की छवि बिगाड़ने का आरोप लगाकर युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने पुलिस को दी तहरीर


भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की वीडियों को एडिट कर गलत तरीके से सोशल मीडियों में अपलोड करने वालों पर कार्रवाई की मांग पुलिस से की है। युवा मार्चो के कार्यकताओं ने इस बावत कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर भी दी है।

युवा मोर्चा के प्रदेश सह-संयोजक लीगल सेल व अधिवक्ता विकास नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत बीती 15 मई को गढ़वाल के दौरे पर थे, जहां उन्होंने तीन जिलों का भ्रमण कर वहां वैक्सीनेशन को लेकर निरीक्षण किया। वहां सीएम द्वारा पत्रकारों से वार्ता भी की गई। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके बयान को एडिट कर सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है। इससे सीएम की छवि को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने वाले इन असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। मौके पर मंडल अध्यक्ष नितिन सक्सेना, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नितेश चैहान, मंडल महामंत्री अंकित चैहान आदि मौजूद रहे।

राज्य में 25 मई तक कर्फ्यू बढ़ा, कई ओर नियम किए लागू

उत्तराखंड के आज की बड़ी खबर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए तीरथ सरकार प्रदेश में जारी सख्त कोरोना कर्फ्यू को एक हफ्ता और बढ़ाने जा रही है। जी हां अभी तक 18 मई तक प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू है इसको बढ़ाकर 25 मई तक किया जा रहा है इसके अलावा शादियों में सभी के लिए आरटी पीसीआर टेस्ट नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की जाएगी।

सरकार के प्रवक्ता सुबोध उनियाल के अनुसार सीएम से चर्चा हो चुकी है और सैद्धांतिक सहमति भी मिल चुकी है अभी सरकार की कोशिश करो ना की चेन तोड़ना है जिसके लिए कम से कम एक हफ्ता और कर्फ्यू चाहिए मौजूदा कर्फ्यू 18 मई की सुबह तक का है मंत्री सुबोध ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू के आदेश को सिलसिलेवार आगे बढ़ाने का फैसला हो चुका है एक साथ लंबा कर्फ्यू लोगों को मानसिक तौर पर बेचैन करता है इसलिए इसको हफ्ता बार बढ़ाने का फैसला किया गया है इस बीच यह भी देखा जाता रहेगा कि हालात कर्फ्यू हटाने लायक हुए कि नहीं मौजूदा कर्फ्यू और शक्ति के नतीजे 22-23 मई के बाद दिखाई देने शुरू होंगे इसके बाद अगले हफ्ते भी कर्फ्यू और प्रतिबंध और रियायत को लेकर सरकार फिर बैठेगी हालांकि अभी के हालात फिलहाल ऐसे नहीं है कि कर्फ्यू को आगे ना बढ़ाने का फैसला करना पड़े इस बारे में मुख्यमंत्री के साथ उनकी बातचीत हो चुकी है वह भी इस बात को मानते हैं कि सख्ती हो और कर्फ्यू में फिलहाल ढील न दी जाए वहीं सरकार ने उन कोविड-19 अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं जो कोरोना से हुई मौतें छुपा रहे हैं साथ ही आयुष्मान और अन्य योजनाओं से आच्छादित लोगों और कर्मचारियों को या तो अपने यहां भर्ती नहीं कर रहे हैं या फिर कैशलेस के बजाय कैश लेकर इलाज कर रहे हैं इन अस्पतालों को नहीं बख्शा जाएगा।

रायवाला थाने में पुलिसकर्मियों के खुला आइसोलेशन बैरिक


कोरोना संक्रमण से कोई भी अछूता नहीं है, ऐसे में कोरोना वारियर्स हमारे पुलिसकर्मियों को भी इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में थाना रायवाला प्रभारी अमरजीत सिंह रावत ने थाना परिसर में ही आइसोलेशन बैरिक की स्थापना की है। इसका लाभ ऐसे पुलिस कर्मी व उनके परिजनों को मिलेगा, जो कोरोना संक्रमित हुए हो।

आज थाना रायवाला में बने इस आइसोलेशन बैरिक का एसएसपी देहरादून डा. वाईएस रावत ने पहुंचकर उद्धाटन किया। साथ ही बैरिक का निरीक्षण कर वहाँ लगाये गए उपकरणों व संक्रमित पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य की देखरेख हेतु नियुक्त की गई मेडिकल टीम के संबंध में जानकारियां हासिल की। इसके अलावा कोरोना संक्रमण के बनाए गए कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने इस मौके पर थानाध्यक्ष की प्रशंसा भी की।

बता दें कि थाना रायवाला में स्थापित आइसोलेशन बैरिक में संक्रमित पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों के लिए 08 बेड लगाते हुए उनमे पल्स ऑक्सीमीटर, ई0सी0जी0 मशीन व आवश्यक उपकरण लगाए गए हैं। आइसोलेशन बैरिक में संक्रमित पुलिसकर्मियों व उनके परिजनों की देख रेख व मेडिकल सहायता को स्थानीय डॉक्टर हिमांशु के नेतृत्व में मेडिकल टीम नियुक्त की गई है, जिनके द्वारा आइसोलेशन अवधि के दौरान संक्रमित पुलिसकर्मी व उनके परिजनों के स्वास्थ्य की नियमित रूप से निगरानी रखी जायेगी।

इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. वाईएस रावत ने थाना रायवाला की सीमा में स्थापित अंतर्जनपदीय बैरियर का निरीक्षण कर बाहर से आने वाले लोगों की चेकिंग व कोरोना एंटीजन टेस्ट की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई, साथ ही थानाध्यक्ष रायवाला को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी दशा में निर्धारित मानकों को पूर्ण न करने वाले अथवा बिना रैपिड एंटीजन टेस्ट के किसी व्यक्ति को जनपद की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए।

आईडीपीएल में सेना के इंजीनियर आक्सीजन गैस प्लांट को पुनर्जीवित करने में जुटे, 90 प्रतिशत हो चुका काम

कोरोना संक्रमण की वर्तमान परिस्थिति में ऑक्सीजन की किल्लत को पूरा करने के लिए आईडीपीएल के ऑक्सीजन गैस प्लांट को पुनर्जीवित करने में सेना के इंजीनियरों ने मोर्चा संभाला है। इस संबंध में आज उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया एवं सेना के इंजीनियरों का उत्साहवर्धन किया। स्पीकर ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट को पुनर्जीवित करने के लिए सेना के इंजीनियरों द्वारा 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली गई है।

आईडीपीएल में बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट को फिर से पुनर्जीवित करने की कवायद में सेना के इंजीनियरों की टीम पिछले 12 दिनों से ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत कर रही है साथ ही आईडीपीएल के मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक विभाग की टीमें भी इंजीनियरों की मदद कर रही है।इंजीनियरों के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट बीते कई वर्षों से बंद पड़ा है ऐसे में मशीनों की कई पार्ट खराब हो चुके हैं, जिनको बदलकर नये पार्ट्स लगवाए जाने का कार्य किया जा रहा है एवं सप्लाई लाइन की भी जाँच की जा रही है।

इस अवसर पर स्पीकर ने सेना के इंजीनियरों द्वारा मुस्तैदी से कार्य किए जाने पर उनका धन्यवाद एवं अभिनंदन किया। स्पीकर ने कहा कि पिछले दिनों उनके द्वारा प्लांट का निरीक्षण किया गया था जिसमें उन्हें आईडीपीएल प्रशासन द्वारा अवगत किया गया था कि 15 साल पहले तक प्लांट चलता था लेकिन अब मशीनें जंग खा गई है एवं कोई भी पुर्जा यदि आवश्यक हो तो उसका मिलना भी मुश्किल है।श्री अग्रवाल ने कहा कि इसके बावजूद भी सेना के इंजीनियरों ने लगातार दिन-रात कार्य कर 90 प्रतिशत सफलता हासिल कर ली है। स्पीकर ने कहा कि सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इंजीनियरों द्वारा एयर सेपरेटर पर कार्य चल रहा है जिसमें एयर से ऑक्सीजन को सेपरेट किया जाएगा, जिस पर सफलता मिलने के बाद इस ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू किया जा सकता है।

स्पीकर ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत एवं प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके द्वारा आग्रह किये जाने पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से सेना के माध्यम से आईडीपीएल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की कार्यवाही करी,जिस पर आज सेना के जवान सफलता हासिल करते हुए दिख रहे हैं।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संक्रमण की इस महामारी में जहां पूरा देश चुनौतियों से जूझ रहा है वहीं इस ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने से बहुत से लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे बड़ी आवश्यकता जीवन रक्षक दवाइयों एवं ऑक्सीजन की ही है।

इस अवसर पर सेना के कैप्टन अर्जुन राणा, आईडीपीएल के उप महाप्रबंधक गंगा प्रसाद अग्रहरि, इंचार्ज डी एस राणा, रमेश शर्मा, रविंद्र कश्यप, सुभाष वाल्मीकि, महावीर चमोली, पार्षद सुंदरी कंडवाल, निर्मला उनियाल, सुनील शर्मा, अजीत वशिष्ठ, सुमित सेठी आदि उपस्थित थे।