दिव्यांग कार्मिकों को त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा तोहफा


सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत किया गया

राज्य के सरकारी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। त्रिवेंद्र सरकार ने सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से जाहिर तौर पर दिव्यांग कार्मिकों को अब पहले से ज्यादा संख्या में सरकारी आवास मिल सकेंगे।

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार द्वारा लगातार जनहित में लोकप्रिय निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब त्रिवेंद्र सरकार ने दिव्यांग कार्मिकों की समस्या को समझते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। दीगर है कि पूर्व में दिव्यांग कार्मिकों को सरकारी आवास पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार पात्र दिव्यांग कार्मिक सरकारी आवास पाने से वंचित रह जाते थे क्योंकि उस समय दिव्यांग कार्मिकों को केवल 3 प्रतिशत आरक्षण ही सरकारी आवासों के आवंटन में मिल पा रहा था लेकिन अब राज्य सरकार ने उनकी इस पीड़ा को समझते हुए इसे दूर करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मार्ग-दर्शन में राज्य के समाज कल्याण विभाग ने सरकारी आवासों, भवनों के आवंटन में समस्त श्रेणी के दिव्यांग कार्मिकों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत के आरक्षण को बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इस संबंध में राज्य संपत्ति विभाग ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद समस्त विभागों को आवास आवंटन के लिए जारी किए जाने वाले निर्देश का आलेख्य भी तैयार कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने लिया बेरोजगारों के ज्ञापन का संज्ञान, संसोधन के साथ होगी नर्सिंग भर्ती

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नर्सिंग की भर्ती में मानकों में संशोधन के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के ज्ञापन का संज्ञान लेकर सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र आगामी कैबिनेट में लाया जाए। जिससे नर्सिंग की भर्ती में मानकों में आवश्यक संशोधन किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा नर्सिंग प्रशिक्षित युवा उसमें शामिल हो सकें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश के बाद राज्य में 1200 से ज्यादा पदों पर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती होने जा रही है। लेकिन भर्ती के लिए 30 बेड के अस्पताल से एक साल के अनुभव और फार्म 16 की अनिवार्यता के कारण कई नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इस भाग लेने से वंचित हो रहे थे। इस पर नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन देकर मानकों में ढील देने की मांग की थी। जिससे अधिक से अधिक नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इसमें भाग ले सकें।

कोरोना को हराकर आज से काम काज शुरू करते ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहला निर्णय नर्सिंग भर्ती के मानकों में संशोधन का लिया। नर्सिंग बेरोजगार संगठन की ओर से दिए ज्ञापन का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटा दिया जाए। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार नर्सिंग भर्ती के लिए अब 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सम्मुख रखेंगे। इस संशोधन के बाद फार्म 16 की अनिवार्यता भी स्वत ही खत्म हो जाएगी। साथ ही 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त भी हट जाएगी। कैबिनेट निर्णय के बाद नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार इसके लिए नर्सिंग भर्ती के लिए पात्र हो जाएंगे।

बागी होकर जंगली बनी गाय में खेत में दिया बच्चा


ग्राम सभा खदरी खड़क माफ के खादर क्षेत्र में निराश्रित पशुओं की आमद थामे नहीं थम रही। पालतू से बागी होकर जँगली बने हुए इन मवेशियों ने खादर के खेतों को अपना किस कदर ठिकाना बना लिया है, इस बात का प्रमाण एक बार फिर पक्का हो गया।

बीते रोज एक पिछले पाँच साल से स्थानीय कृषक की बागी हुई गाय सहित निराश्रित मवेशियों का झुण्ड मोहर सिंह के खेत धर्म सिंह के खेत में घुस गया। जिसमें एक गाय खेतों में ही ब्याह गयी। सुबह जब स्थानीय खेतों की ओर घूमने निकले तो उन्होंने नवजात गौ वंश को देखा। जो कि अत्यधिक ठण्ड और पाला पड़ने के कारण अर्ध मूर्छित अवस्था में था, जबकि गाय लोगों को देखकर पहले ही भाग खड़ी हुई। बाद में पूर्व सैनिक सुरेंद्र प्रसाद रयाल ने स्थानीयों की मदद से नवजात गौवंश शिशु को उठाकर खेतों घर के पास बने घर में रखकर अलाव जलाते हुए गर्मी दी और घर से लाकर दूध पिलाया। जिला गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य पर्यावरणविद विनोद जुगलान ने बताया कि बाद में भवन स्वामी गौ सेवक देव दत्त रयाल ने उस गौ वंश को अपनाने का निर्णय लिया और पालन पोषण हेतु साथ ले गए। मौके पर स्वामी भवात्मा नंद, देवेंद्र प्रसाद, मदनलाल, राय सिंह भण्डारी आदि मौजूद रहे।

टीजीएमओं के डायरेक्टर बोर्ड चुनाव में नौ संचालक निर्वाचित हुए

टिहरी गढ़वाल मोटर ऑनर्स कंपनी के पंचवर्षीय डायरेक्टर बोर्ड के  संचालक पद पर सभी टाॅप नौ विजेताओं को विजेता घोषित किया गया है। वहीं, विजेताओं का जोरदार स्वागत किया गया है। 

परिवहन कंपनी कार्यालय में बस मालिक और चालकों के मध्य टीजीएमओ डायरेक्टर बोर्ड चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल का माहौल बना रहा। इसमें 17 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की कुल 484 बस मालिक और चालक मतदाताओं में से 435 ने मतदान किया। देर रात टॉप नौ प्रत्याशियों रामचंद्र सुयाल 251, कुंवर सिंह नेगी 247, प्रेमपाल बिष्ट 236, यशपाल राणा 232, जसपाल रौतेला 224, दयाल सिंह पयाल 219, गजपाल रावत 209, मेघ सिंह चैहान 194, राजपाल 188 को विजेता घोषित किया गया। चुनाव अधिकारी एचएस रावत की देखरेख में समस्त प्रक्रिया संपन्न हुई।
मौके पर टीजीएमओ के पूर्व संचालक एंव अंश धारक जयेंद्र रमोला, बलवीर रौतेला, जितेंद्र नेगी, मदन सिंह पंवार, भानु रांगड़, खिलानंद बेलवाल आदि मौजूद थे।

उत्तराखंड में जरूरतमंदों को मिल रहा सीएम क्यूआरटी का फायदा

देहरादूनः सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए माह अक्टूबर में शुरू किया गया मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम यानि सीएम क्यूआरटी (क्विक रेस्पॉन्स टीम) तेजी से अपने लक्ष्यों को हासिल करने की ओर अग्रसर है। बीते तीन माह में इस सेवा के जरिए 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। जबकि शेष शिकायतों पर भी कार्यवाही गतिमान है।

उत्तराखंड सरकार की दूरगामी नीति के अंतर्गत जरूरतमंदों की बुनियादी समस्याओं के निदान की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें और कोशिश है कि सबकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर सुनिश्चित हो सके। यदि कहीं पर किसी की कोई शिकायत हो तो उसका तत्काल निदान किया जाए।

इसी उद्देश्य के साथ अक्टूबर माह में प्रदेश के सात जिलों में मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन जिलाधिकारी-सीडीओ के स्तर से किया जा रहा है। यूं तो 21 सितंबर को इस सेवा को शुरू किया गया लेकिन आधिकारिक रूप से जिलों में इस सेवा ने 1 अक्टूबर 2020 से कार्य करना प्रारंभ किया। तब से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक इस शिविरों के जरिए प्रदेशभर में लोगों की कुल 4025 शिकायतें विभिन्न विभागों को प्राप्त हुई जिनमें से 2904 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। यानि अब तक 70 प्रतिशत शिकायतों का निस्तरण किया जा चुका है।

इस विभागों की शिकायतों का हो रहा निदान

बिजली, सड़क, सिंचाई, वन, जलसंस्थान, पेयजल निगम, जल संस्थान, स्वजल, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, समाज कल्याण, उरेडा, जिला पंचायत, दूरसंचार, मंडी समिति, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि एवं भूमि संरक्षण, पर्यटन विभाग, पुलिस, पीएमजीएवाई, नलकूप विभाग, खाद्य आपूर्ति, उपकोषागार, ग्रामीण निर्माण विभाग, नगर पालिका आदि

अक्टूबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 542 475
रूद्रप्रयाग 120 90
टिहरी 220 168
उत्तरकाशी 112 87
चमोली 167 100

नवंबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 430 400
रूद्रप्रयाग 110 78
टिहरी 195 108
देहरादून 330 225
उत्तरकाशी 167 98
चमोली 221 178

दिसंबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 697 500
रूद्रप्रयाग 157 90
टिहरी 282 147
देहरादून 275 160
उत्तरकाशी 267 179

मास्टर ट्रेनरों ने वैक्सिनेशन सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम की दी जानकारी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में कोविड19 वैक्सिनेशन सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मास्टर ट्रेनर द्वारा एम्स के चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसरों व अन्य स्टाफ को कोविड19 टीकाकरण के बाबत प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही इस दौरान वैक्सिनेशन सेंटर में रखी जाने वाली जरुरी सावधानियों को लेकर जानकारी दी गई।
इस अवसर पर अपने संदेश में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से जनसामान्य की सुरक्षा के मद्देनजर कोविड टीकाकरण भारत सरकार की उच्च प्राथमिकता में है। जिसके लिए एम्स ऋषिकेश की ओर से कोविड वैक्सिनेशन सेंटर की स्थापना के साथ ही अन्य जरुरी तैयारियां की जा रही हैं। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि कोविड टीकाकरण की तमाम तैयारियों के साथ साथ संस्थान इस बाबत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा रखे गए सुझावों का भी ध्यान रखेगा,जिससे टीकाकरण के कार्य को बखूबी अंजाम दिया जा सके।


संस्थान में सोमवार को आयोजित कोविड19 वैक्सिनेशन सेंसिटाइजेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम का डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता ने विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन के लांच होने से आम आदमी के जेहन में इसको लेकर बना भय समाप्त होगा और लोग टीकाकरण के बाद कोरोना संक्रमण के साथ साथ कई तरह की वंदिशों से निजात पा सकेंगे। मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. लतिका मोहन ने कहा कि वृहद स्तर पर आयोजित होने वाले कोविड वैक्सिनेशन कार्य के लिए विशेष तैयारियों के साथ साथ कुशल प्रशिक्षण की जरुरत है, जिससे टीकाकरण कार्य को सही तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि कोविड19 वैक्सिनेशन कार्य के लिए एम्स ऋषिकेश राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग देने को तत्पर है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डब्ल्यूएचओ देहरादून के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डा. विकास शर्मा ने बतौर मास्टर ट्रेनर एम्स के चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, नर्सिंग ऑफिसरों व अन्य स्टाफ को कोविड टीकाकरण का प्रशिक्षण दिया। इस दौरान उन्होंने कोविड वैक्सिनेशन सेंटर के प्रारूप के बाबत जानकारी दी, साथ ही वैक्सिनेशन के तहत पंजीकरण, टीकाकरण आदि प्रक्रिया के बाबत विस्तारपूर्वक बताया। इस दौरान एम्स की वैक्सिनेशन टीम के सदस्यों ने उनसे कई सवाल भी पूछे। संस्थान की ओर से संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. मनोज गुप्ता व चिकित्सा अधीक्षक प्रो. लतिका मोहन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रशिक्षक डा. विकास शर्मा को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। प्रशिक्षण में कम्यूनिटी मेडिसिन, सिक्योरिटी व क्रिटिकल केयर विभाग के सदस्य शामिल हुए।
इस अवसर पर कोविड वैक्सिनेशन कमेटी की चेयरपर्सन प्रो. वर्तिका सक्सैना, एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रो. ब्रिजेंद्र सिंह, डा. बलरामजी ओमर, कोविड टीकाकरण प्रशिक्षण के नोडल ऑफिसर डा. अजीत सिंह भदौरिया, कमेटी के सदस्य सचिव डा. योगेश बहुरुपी, डा. अंकित अग्रवाल, डा. प्रदीप अग्रवाल, डा. संतोष कुमार, डा. महेंद्र सिंह, डा. मीनाक्षी खापरे, डा. स्मिता सिन्हा आदि मौजूद थे।

वादों को पूरा करने के लिए काम पर रहा है फोकसः मेयर अनिता

नूतन वर्ष के प्रथम सप्ताह में ही नगर निगम प्रशासन ने ट्रेचिंग ग्राऊंड को शिफ्ट कराने के लिए डीएफओ द्वारा डिमांड नोट जारी करने पर एक करोड़ अठारह लाख सात हजार चार सौ अड़तालीस रुपये की राशि जमा करा दी है। इसके साथ ही जनपद के जिलाधिकारी द्वारा किए जाने वाली म्यूटेशन की प्रकिया का रास्ता साफ हो गया है।

उत्तराखंड का ऋषिकेश नगर निगम नूतन वर्ष में स्वच्छता के दृष्टिकोण से एक नजीर पेश करने की ओर कदम बढ़ा चुका है। ऋषिकेश में पिछले चार दशक से गोविंद नगर स्थित जिस खाली भूखंड में पिछले चार दशक से गिराए जा रहे कूड़े की वजह से लाखों मैट्रिक टन कूड़े का पहाड़ बन गया था अब उसे हटाने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई। हालांकि इसके लिए निगम को पिछले 2 वर्ष से लगातार जद्दोजहद करनी पड़ी। विभिन्न तकनीकी पहलूओं और तमाम अड़चनों को दूर करने के लिए निगम महापौर अनिता ममगाई डटी रही। इस दौरान विभिन्न विभागों के जियो अनुसार निगम प्रशासन को कार्रवाई पूर्ण करने के लिए तमाम मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को नगर निगम प्रशासन द्वारा डीएफओ के डिमांड नोट जारी करने पर लैंड ट्रासफर फीस के रूप में एक करोड़ अठारह लाख सात हजार चार सौ अड़तालीस रूपये की भारी भरकम राशि की फीस जमा करा दी गई। मेयर ने बताया कि ट्रेचिंग ग्राउंड को शिफ्ट किए बगैर ठोस अपशिष्ट के निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट की योजना को साकार नही किया जा सकता था। हांलाकि इसके लिए तमाम प्रयास और लम्बी मशक्कत करनी पड़ी।महापौर के अनुसारअंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में लाल पानी कक्ष संख्या 1 में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण एवं प्रोसेसिंग प्लांट लगाने हेतु भारत सरकार द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद भी विभिन्न तकनीकी पेंच थे। जिसके लिए आवश्यक कदम उठाए गये।उन्होंने कहा कि ऋषिकेश नगर निगम की उक्त महत्वकांक्षी योजना अब जल्द साकार रूप लेती हुई नजर आयेेगी।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड शासन के अपर सचिव (वन) को इस बाबत एक पत्र प्रेषित कर उन्हें देहरादून अंतर्गत ऋषिकेश के लाल पानी के कक्ष संख्या एक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं प्रोसेसिंग प्लांट हेतु 10 हेक्टेयर वन भूमि गैर वानिकी कार्यो हेतु नगर निगम को प्रत्यावर्तन करने की विभिन्न शर्तों के साथ सैद्धांतिक सहमति दे दी गई थी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 29 सितंबर को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा भी उक्त प्लांट के लिए नगर निगम को एनओसी मिल चुकी है। भारत सरकार के आदेश के बाद सैद्धांतिक स्वीकृति के आधार पर प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के उपरांत डीएफओ द्वारा डिमांड नोट जारी करने पर निगम को ट्रांसफर की फीस जमा करनी थी। उस प्रक्रिया को भी आज पूर्ण कर लिया गया है।उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना में किए गए पूर्ण सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।

शराब का तस्कर स्कूटी छोड़ फरार, साढ़े तीन लाख की शराब जब्त

कोतवाली पुलिस ऋषिकेश ने अवैध नशे के विरुद्ध अभियान के अंतर्गत, सीमेंट के कट्टो में छुपा कर रखी गई 80 (अस्सी) पेटी देसी शराब जाफरान बरामद की है। कोतवाल रितेश शाह के मुताबिक शराब की अनुमानित कीमत साढ़े तीन लाख रूपए है। वहीं पुलिस ने स्कूटी सीज की है।

कोतवाल ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आशुतोष नगर तिराहे के पास एक खाली प्लॉट पर संदिग्ध अवस्था में रखे हुए सीमेंट के कट्टों को चेक किया तो उसके अंदर देसी शराब जाफरान की 80 पेटियां बरामद हुई, व मौके से एक आरोपी अपनी स्कूटी छोड़कर फरार हो गया।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़े जारी कर कहा बेरोजगारों के हाथों को दिया काम

देहरादून। भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवा बेरोजगारो के हाथो को काम दिया है नौकरियो की बंदरबांट नही की है। उन्होंने कहा कि वह अपने दावे पर कायम है कि सरकार ने 4 साल में सरकारी, गैर सरकारी में स्थाई और अस्थाई रूप से 7 लाख से अधिक लोगो को रोजगार दिया है। इसके लिए उन्होंने आंकड़े भी जारी किये।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रोजगार सम्बन्धी बयान पर चुटकी लेते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नौकरियो की बंदरबांट के आरोप भी सामने आये थे। तब चहेतो को रेवड़ियों की तरह सरकारी नौकरियों के बंटने के भी आरोप लगे हैं। तब पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों पर हंगामा भी हुआ था।

भगत ने कांग्रेस शासनकाल मे बेरोजगारों के साथ छलावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने बेरोजगारों को नही अपने चहेतों को सरकारी नौकरियां दी है। इसमें विधान सभा में 158 नियुक्तियों सहित अन्य कई विभागों में कई ऐसे मामले सामने आये जिसमे कहा गया कि मनमाफिक चहेतो को रोजगार दिया।

भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत की सरकार पूर्ण पारदर्शिता से सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है। भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अभी रोजगार का यह आंकड़ा और बढ़ेगा,क्योकि सरकार ने युवाओ को रोजगार देने के लिए वृहद रोड मैप बनाया है।

सरकार के बेहतर कामकाज पर कटाक्ष के बजाय विपक्ष रचनात्मक रूप से सुझाव दे और आगे आये। उन्होंने रोजगार और विकास के नजरिये से कांग्रेस को आइना दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस के सामने आत्ममंथन का समय है कि आज के मुकाबले उसके कार्यकाल में रोजगार और विकास की क्या स्थिति थी।

भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भाजपा सरकार के बेरोजगारों को दिए गए वर्षवार आंकड़े देते हुए कहा कि 2017 से 2020 तक युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत ने सभी विभागों में नए पदों का सृजन कर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है ।

उन्होंने सृजित पदों के आंकड़ों का ब्यौरा भी दिया। जिनमें प्रमुख रूप से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 562 पद, चिकित्सा में 1473 पद, उद्योग विभाग में 160675 पद, ग्रामीण विकास विभाग में 153360 पद, वन विभाग में 89280 पद, लोक निर्माण विभाग में 58163 पद, परिवहन विभाग में 58078 पद, पेयजल विभाग में 41630 पद, पर्यटन विभाग में 41630 पद, कौशल विकास एवं सेवायोजना में 30102 पद, माध्यमिक शिक्षा में 8611पद, सिंचाई विभाग में 8170 पद, शहरी विकास विभाग में 7630 पद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग में 6509 पद, आबकारी विभाग में 6043 पद, सैनिक कल्याण विभाग में 5509 पद, लघु सिंचाई में 4656 पद, ऊर्जा विभाग में 4289 पद, गन्ना किसान एवं चीनी उद्योग में 2847 पद, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति में 2703 पद, महिला सशक्तिकरण में 2596 पद, स्वास्थ्य विभाग में 2585 पद, डेरी विकास विभाग में 2481पद, सहकारिता में 2276 पद, मत्स्य विभाग में 2016 पद,

इसी कड़ी में भगत ने कहा उनकी सरकार द्वारा अन्य कई प्रशासनिक विभागों में पद सृजित हुए बेरोजगारों को रोजगार देने का कार्य किया गया है।

भगत ने नए सृजित पदों के भी आंकड़े साझा किये जिसके अंतर्गत 2017 से 2020 चिकित्सा क्षेत्र में 1810 पद, वित्त विभाग में 1583 पद, उच्च शिक्षा विभाग में 1247 पद, संस्कृत शिक्षा विभाग में 75 पद, गृह विभाग आयुष विभाग में 75 पद, सूचना प्रौद्योगिकी में 485 पद, तकनीकी शिक्षा में 473 पद, रेशम विकास विभाग में 426 पद, पशुपालन विभाग में 421पद, उद्यान विभाग में 318 पद, निर्वाचन विभाग में 272 पद, महिला कल्याण विभाग में 254 पद, जलागम प्रबंधन में 174 पद, सचिवालय प्रशासन में 138 पद, राज्य संपत्ति विभाग में 136 पद, ग्रामीण निर्माण विभाग में 110 पद, समाज कल्याण विभाग में 96 पद, सूचना विभाग में 33 पद, आवास विभाग में 27 पद, नागरिक उड्डयन में 24 पद, संस्कृत विभाग में 14 पद, कृषि विभाग में 12365 पद, वन एवं पर्यावरण विभाग में 45 पद, सचिवालय प्रशासन (अधिष्ठान अनुभाग) में 122 पद, उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज में 28 पद, अर्थ एवं संख्याधिकारी में 14 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय में 877 पद।

भगत ने कहा कोविड के दौरान मनरेगा में पिछले साल की तुलना में 84000 अतिरिक्त परिवारों (200000 अतिरिक्त श्रमिकों) को रोजगार दिया गया। पिछले वर्ष की तुलना में 170 का अतिरिक्त व्यय भी त्रिवेंद्र सरकार द्वारा किया गया है ।

कहा कि त्रिवेंद्र सरकार सरकार ने कैंपा के माध्यम से 40000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। कहा की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 2014 से 2017 तक केवल 8 परीक्षाएं आयोजित हुई जिनमें 801 पदों पर चयन हुआ, वहीं साल 2017 से 2020 तक 59 परीक्षाएं आयोजित की गई जिनमें 6000 पदों का चयन हुआ वर्तमान में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 7300 पदों पर अधियाचन और भर्ती प्रक्रिया जारी है। भगत ने आंकड़े के साथ रोजगार देने का दावा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 4 सालों में 712837 रोजगार सृजित कर बेरोजगारों को रोजगार दिया है।

मै़त्री स्वयं सेवी संस्था ने काॅकटेल मुक्त शादी के लिए लांच की वेबसाइट

काॅकटेल मुक्त शादी अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता और अपनी संस्कृति को जोड़े रखने के लिए तत्पर मै़त्री स्वयं सेवी संस्था ने अब अपनी वेबसाइट लांच की है, इस वेबसाइट का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य को काॅकटेल मुक्त बनाना है।

संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी का कहना है कि उत्तराखंड में बढ़ता नशे का चलन समाज के लिए शुभ नहीं है। पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ता शराब का चलन पूरे समाज के लिये चिंता का विषय होना चाहिए। विगत कई वर्षों शराब के विरुद्ध एक जोत प्रज्वलित कर रही कुमुम जोशी ने इस बुराइ को अंत करने की ठानी है। इसके लिए आज संस्था की वेबसाइट लांच की है। संस्था अध्यक्ष कुसुम जोशी ने लोगों से एक बार वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटमैत्रीडाटइन का विजीट करने की अपील की है।