रायवाला में क्षतिग्रस्त सड़क से मशीनों द्वारा हटेगा कीचड़, नालियां भी होंगी साफ

आखिरकार कांग्रेस पार्टी का रायवाला प्रतीतनगर में खस्ताहाल सड़क मार्ग को लेकर किया गया आंदोलन जनता के काम आ गया। एआईसीसी सदस्य जयेंद्र रमोला ने खस्ताहाल सड़क पर ही प्रेसवार्ता कर खुले मंच से दो फरवरी के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। इसका असर आज देखने को मिला। मौके पर लोनिवि के सहायक अभियंता राकेश कैलकुरा, अवर अभियंता लक्ष्मीकांत गुप्ता व ठेकेदार हरि अग्रवाल मौके पर पहुंचे।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने कहा कि पिछले कोई वर्षों से रोड की हालत दयनीय बनी है लोग परेशान हैं परन्तु विधायक जी चादर ओढ़कर सोये हैं लेकिन अब ग्रामीण जाग गये हैं। इसलिये कार्य की गति के साथ साथ गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। इसलिये अगर शीघ्र कार्य की गति नहीं बढ़ाई गई तो तीन फरवरी से हम सड़क पर ही आशियाना बनायेगें जब तक कार्य की प्रगति नहीं हुई।

सहायक अभियंता राकेश कैलकुरा ने कहा कि रोड़ का कार्य शुरू हो गया है जल्द ही तीव्र गति से किया जायेगा साथ ही रोड पर जमें पानी को भी शनिवार से ठेकेदार द्वारा पम्प मशीनों द्वारा निकलवा कर रोड़ के कीचड़ को जल्द खत्म किया जायेगा और जो नाली के गंदे पानी से नालियों का निर्माण किया जा रहा था, उसे रूकवाकर साफ पानी का टैंकर मँगवाकर निर्माण कार्य सुचारू करवाया गया है।

मौके पर स्थानीय निवासी सतीश रावत, अलका क्षेत्री, दीपा चमोली, रविन्द्र बिजल्वाण, शांति सेमवाल, आर्यन गिरी राकेश पोखरियाल, दीपक व महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष अंशुल त्यागी व जितेन्द्र त्यागी मौजूद रहे।

पौड़ी में विकास कार्यो की सीएम त्रिवेंद्र ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विकास भवन सभागार पौड़ी में अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यो की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सरकारी योजनाओं से जनमानस को अधिकाधिक लाभ दिलाने हेतु मैकेनिजम बनाने के निर्देश दिये। साथ ही कोविड के दौरान कार्यो की भरपाई हेतु विकास कार्यो में तेजी के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि शीघ्र ही बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन की शुरूआत की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने जनपद पौड़ी में जिला योजना के तहत स्वरोजगार के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्यो को बेहतर बताया। जबकि राज्य योजना, केन्द्र पोषित में और सुधार लाने हेतु मण्डलायुक्त रविनाथ रमन एवं जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल को मानीटरिंग करने के निर्देश दिये। क्यूआरटी में 75 प्रतिशत समाधान को अच्छा कार्य बताया। उन्होने समूहों के लिए निर्धारित मानक बनाने को कहा, जिसके आधार पर समूहों के उत्पादों का आकलन कर, उनकी कार्य प्रगति की समीक्षा की जा सकें। उद्यान विभाग के समीक्षा के दौरान मौनपालन कार्य को बढ़ाने के निर्देश दिये। कहा कि मधु न्याय पंचायतों को हब बनाने की परिकल्पना है, ताकि खरीददार वहीं पर मिल सके। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना बहु लाभदायक योजना है। इसमें लोगों की भागीदारी बढ़ने के लिए पंचायती राज विभाग को अपनी भूमिका निभाने के निर्देश दिये। जनपद में स्थापित पिरूल प्लान्ट की जानकारी लेते हुए कहा कि पिरूल की योजना से गरीब वर्ग के लोगों को आय प्राप्ति के अवसर देता है। कृषि विभाग को जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु घेरबाड कार्य को बेहतर बताया तथा और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिये। ताकि लोगों की फसलों की सुरक्षा के साथ साथ क्षेत्र में पैदावार को बढा़वा मिल सकें। उन्होने पशुपालन विभाग द्वारा की जा रही कड़कनाथ पॉट्री पालन एवं पशुओं की कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी ली। जिस पर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में तीन लाख के करीब कड़क नाथ मुर्गी का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाधिकारी धीरज सिंह गब्र्याल ने बताया कि जनपद में 20 हेक्टेअर पर कीवी प्लांटेंसन का कार्य चल रहा है, जिसमें पहली बार बजट का प्रोविजन किया गया है तथा हिमाचल, बागेश्वर से प्लांट मंगाये गये हैं। मुख्य विकास अधिकारी आशीष भटगांई ने विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि जिला योजना में 7986.00 लाख अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष क्रमिक व्यय 6369.05 अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष ब्यय 88.66 प्रतिशत है। बीस सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जनपद की प्रगति 86.11 के साथ पहला स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्राइमरी सेक्टर विभाग यथा कृषि, पशुपालन, उद्यानीकरण, पर्यटन, दुग्ध, मत्स्य, मौन पालन, सहकारिता आदि क्षेत्रों पर फोकस किया गया, जिसमें अनुमोदित परिव्यय 13.40 करोड़ था। बताया कि 702 पॉलीहाउस को एनआरएलएम एवं आईएलएसपी के समूहों को दिये गये हैं तथा 90 प्रतिशत सब्सिडी दे रहे हैं। जनपद के सभी विकास खण्डों में करीब 300 न्यूट्री गार्डन बना रहे है। जिनमें से 105 बनकर तैयार हो गये है, जिनकी रख रखाव महिला समूह आदि किया जा रहा है।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिह रावत, विधायक पौड़ी मुकेश सिह कोली, विधायक लैंसडोन दिलीप रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, नगर पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम, बहुउद्देशीय सहकारिता समिति अध्यक्ष संपत सिह रावत आदि उपस्थित थे।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऐंपण कला से जुड़ी बेटियों से किया संवाद

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सर्किट हाउस में पारम्परिक एैंपण कला से जुड़ी बेटियों से संवाद करते हुए कहा कि जिस खोई विरासत को एैंपण के माध्यम से बेटियों द्वारा संजोने का कार्य किया जा रहा है वह अपने आप में सराहनीय है। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि एैंपण प्राचीन कला है वर्तमान पीढ़ी की बच्चियों को इससे जुड़ते देखकर बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज हम देश-प्रदेश में राज्य की पहचान इस कला के माध्यम से संजोने का कार्य कर रहे जो एक गर्व की बात है। इस बात का गर्व है कि बहनें इस एैंपण कला को जीवंत कर रहीं है साथ ही इससे आर्थिकी में भी सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के क्षेत्रीय व्यंजनों को विशेष खान-पान की पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है पहाड़ी व्यंजनों को प्रोत्साहन देते हुए विशेष श्रेणी में लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिल्पकला को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के कुशल कारीगरों को आधुनिक श्रेणी की कारीगरी सिखाने में कारगर हुए है। उन्होंने कहा कि इसी कुशलता को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखण्ड में आवास नीति लागू की गयी है जिसमें उत्तराखण्ड के शिल्प नीति से जो अपने भवनों का निर्माण करेगा उसे एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक पहचान समाप्त होती जा रही जिसे हम अपने कुशल शिल्पियों के माध्यम से धरातल पर लाने का प्रयास कर रहे है। शिल्पियों के कुशल प्रदर्शन से ही प्रदेश में बेरोजगारी दर कम हो रही है जिससे क्षेत्रीय कारीगरो को इससे प्रोत्साहन मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भर हो रहे है।

इस संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिला उद्यमियों को सम्मानित करते हुए उन्हें महिला सशक्तिकरण की ओर अग्रसर होने की बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पारम्परिक एैंपण से जुड़ी बेटियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, होम-स्टे योजना के लाभार्थियों, पीएम स्वनिधि से लाभार्थियों और जनपद के चयनित किसानों को किसान पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरित करते हुए सभी को स्वरोजगार क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा एैंपण स्टॉल का अवलोकन कर बेटियों से चर्चा की गयी और एैंपण को प्रोत्साहित करने के लिए उनसे सुझाव प्राप्त किये। इस दौरान राजकीय बाल किशोरी गृह की बच्चियों द्वारा बनाये गये एैंपण की मुख्यमंत्री द्वारा बेहद प्रशंसा की गयी। कार्यक्रम में एकीकृत आजीविका परियोजना, उद्योग विभाग, कृषि, उद्यान आदि विभागों के स्टॉल लगाये गये थे। जिनका अवलोकन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया और स्टॉलों की सराहना की गयी।

इस दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत, बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, विधायक महेश नेगी आदि उपस्थित थे।

सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने को डबल लेन से जुडे़ंगे विकासखंडः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में विकास खण्ड स्तर तक बेहतर सड़क सुविधाओं के विकास एवं सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये विकास खण्ड मुख्यालयों को डबल लेन सड़क से जोड़ा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास खण्ड मुख्यालयों को जोड़ने वाली अधिकांश सड़कें कम चैड़ी होने के कारण यातायात की सुगमता के लिये कम आबादी वाले विकास खण्डों को जोड़ने वाली सड़कों को डेढ़ लेन तथा अधिक आबादी वाले विकास खण्डों को डबल लेन सड़क से जोड़ा जायेगा। डबल लेन सडक से इन क्षेत्रों में अवागमन और अधिक सुरक्षित तथा सुविधापूर्ण हो सकेगा। यातायात नियंत्रण एवं सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में भी इससे मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास खण्डों को जोड़ने वाली सड़कों के चैड़ीकरण से राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक आवागमन सुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी गांवों को सडक से जोड़ने का लक्ष्य भी पूर्ण होने वाला है। इससे विकास खण्डों तक ग्रामीण क्षेत्र वासियों को आवगमन में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सडकों का सुदृढ़ीकरण क्षेत्रीय विकास की राह भी प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की राजधानी से राज्य को जोड़ने वाली सड़कों के और अधिक सुदृढ़ीकरण एवं चारधाम तथा भारतमाला सड़क परियोजनाओं से राज्य के सभी लोग बेहतर सड़कों से जुड़ जायेंगे। कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचने से राज्य वासियों को तो सुविधा होगी ही, चार धाम यात्रा को भी नये आयाम प्राप्त होंगे।

आम आदमी पार्टी में स्थानीय लोगों ने ली सदस्यता

आम आदमी पार्टी ऋषिकेश विधानसभा में कई स्थानीय लोगों ने दिल्ली में आप पार्टी द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्यों एवं दिल्ली मॉडल से प्रभावित होकर विधानसभा संगठन मंत्री दिनेश असवाल संगठन मंत्री एवं पूर्व विधानसभा प्रभारी अमित बिश्नोई की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।

मौके पर संगठन मंत्री दिनेश असवाल ने दिनों दिन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य के विषय पर सरकार को घेरा। कहा कि वो अब नए विकल्प के रूप में आप पार्टी जैसी ईमानदार सरकार चुनना चाहता है जिसके कारण अब आमजन के झुकाव लगातार आप पार्टी की और बढ़ता जा रहा है।

इन्होंने ली सदस्यता
अंजू धीमान, मंजू देवी, सत्येंद्र सिंह, रामचंद्र रमोला, विनोद कुमार, राहुल यादव, अनूप चमोली, प्रवीण रागढ़, योगेश जख्मोला, रणवीर सिंह जेठुड़ी, जय वीर सिंह, महेश चंद्र संजय पाल, मदन मोहन ने पार्टी की सदस्यता ली। इस अवसर पर धनपाल सिंह रावत, प्रवीण असवाल, जगदीश कोहली, अमित बिश्नोई, दिनेश कुलियाल, अमन नौटियाल, सुनील दत्त सेमवाल, जय प्रकाश भट्ट, सुभाष बगियाल, शुभम रावत, शिवा डिसूजा उपस्थित थे।

एम्स ऋषिकेश में अब कराएं बिना सर्जरी के पथरी का उपचार

पथरी स्टोन की समस्या से जूझ रहे रोगियों के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से अच्छी खबर है। संस्थान में अब बिना सर्जरी के भी गुर्दे की पथरी का इलाज संभव हो सकेगा। एम्स में अति अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित इस सुविधा का विस्तार करते हुए एडवांस यूरोलाॅजी सेंटर स्थापित कर सेवाओं की शुरुआत कर दी गई है। बताया गया है कि यह उपचार आयुष्मान भारत योजना में शामिल है।

लगातार आधुनिकतम तकनीकियों और मेडिकल सुविधाओं में इजाफा कर रहे एम्स ऋषिकेश ने यूरोलाॅजी विभाग में अति आधुनिक मशीनों को स्थापित कर मरीजों की सुविधा के मद्देनजर यूरोलाॅजिकल सेवाओं में विस्तार किया है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना एम्स की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि एडवांस यूरोलाॅजी सेंटर में बिना सर्जरी किए अथवा बिना चीरा लगाए गुर्दे की पथरी के उपचार की सुविधा शुरू कर दी गई है। लिहाजा अब एम्स अस्पताल में उपलब्ध नई तकनीक और सुविधाओं से पथरी तोड़ने के लिए मरीज को बेहोश करने की आवश्यकता नहीं होगी। बताया कि उच्च तकनीक आधारित इस नई सुविधा के शुरू होने से गुर्दे की पथरी का इलाज कराने वाले मरीज को उसी दिन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सेंटर के वीडियो यूरोडायनेमिक यूनिट में यूरिन की रुकावट संबंधी सभी तरह के परीक्षण आसानी से हो सकेंगे और इस प्रक्रिया में मरीज को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

संस्थान के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डाॅ. अंकुर मित्तल ने इस बाबत बताया कि एडवांस यूरोलाॅजी सेन्टर एक समर्पित केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस केंद्र में यूरोलाॅजी से संबंधित सभी तरह की अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और सर्जिकल की सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस नए केंद्र में अतिरिक्त काॅर्पोरल शाॅक वेव लिथोट्रिप्सी सुविधा उपलब्ध है। जिससे किडनी में स्थित अधिकतम डेढ़ सेमी. आकार की पथरी को बिना ऑपरेशन के तोड़ा जा सकता है। यह तकनीक बहुत ही सटीक और सुविधाजनक है।
डा. मित्तल ने बताया कि इससे मूत्र की पथरी को भी आसानी से हटाया जा सकता है। इस तकनीक से रोगी को बेहोश करने के लिए एनेस्थीसिया देने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। ईएसडब्ल्यूएल शाॅक वेव उत्पन्न करके मूत्र में स्थित पथरी को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है जो मूत्र मार्ग से आसानी से बाहर निकल जाते हैं। उन्होंने बताया कि एडवांस यूरोलाॅजी सेंटर में आधुनिक व नवीनतम उच्च तकनीक वाली डोर्नियर डेल्टा-2 मशीन लगाई गई है। साथ ही यहां मूत्र पथ की बीमारियों की जांच के लिए यूरोडायनेमिक्स परीक्षण की सुविधा के अलावा एडवांस वीडियो और एंबुलेटरी यूरोडायनामिक्स सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर डीन एकेडेमिक प्रोफेसद मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. लतिका मोहन,डीन हॉस्पिटल अफेयर्स प्रो. यूबी मिश्रा, आईबीसीसी की प्रमुख वरिष्ठ सर्जन डा. बीना रवि, डा. मधुर उनियाल, यूरोलाॅजी विभाग के प्रोफेसर एके मंडल, डा. विकास पंवार, डा. सुनील कुमार, डा. शेंकी सिंह, डा. रूद्रा आदि मौजूद थे।

यह हैं एडवांस यूरोलाॅजी सेंटर की विशेषताएं
सेंटर में एक्स-रे, मिक्ट्युरेटिंग सिस्टोयूरेथोग्राम (एमसीयूजी), रेट्रोग्रेड यूरेथ्रोग्राम (आरयूजी), नेफ्रोस्टोग्राम, अल्ट्रासाउंड, ट्रांस-रेक्टल अल्ट्रासाउंड (टीआरयूएस) गाइडेड प्रोस्टेट बायोप्सी तथा इमेज गाइडेड थैराप्यूटिक प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए यहां नवीनतम इमेजिंग उपकरण, अल्ट्रासाउंड मशीन व सी-आर्म फ्लोरोस्कोपी मशीनें स्थापित की गई हैं।

इस तरह होगा उपचार आसान
यह मशीनें गुर्दे, मूत्राशय, मूत्रमार्ग और प्रोस्टेट में किसी भी मूत्र संबंधी विकार का पता लगा सकती हैं। जिससे उपचार करने में आसानी होती है और मरीज को आईपीडी में भर्ती किए बिना सभी आपातकालीन प्रक्रियाओं को डे-केयर में ही किया जा सकता है। इस सेंटर में एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों की दिक्कतें कम होंगी और उनका समय भी बचेगा। निकट भविष्य में यह केंद्र यूरोलॉजी के लिए नैदानिक सेवाएं प्रदान करने में सहायक होगा। एडवांस यूरोलाॅजी सेंटर में सेवाएं शुरू होने से मूत्र संबंधी विकारों के इलाज के लिए किसी भी मरीज को उत्तराखंड से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

स्पीकर के कैंप कार्यालय का घेराव करने पहुंचे जन एकता पार्टी के 33 अरेस्ट

बैराज रोड स्थित स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल के कैंप कार्यालय का घेराव करने जा रहे उत्तराखंड जन एकता पार्टी के नेता कनई धनाई सहित 33 समर्थकों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। सभी को आईडीपीएल चैकी लाया गया। अरेस्ट लोगों में 11 महिलाएं भी शामिल रहीं। बता दें कि पिछले 14 दिनों से नेपाली फार्म तिराहा पर कनई धनई विधानसभा अध्यक्ष व स्थानीय विधायक पर 14 सवालों को लेकर धरना दे रहे थे।

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार, आज कनक धनाई अपने समर्थकों के साथ कैंप कार्यालय विस अध्यक्ष पहुंचे। कोतवाली पुलिस की ओर से इन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। साथ ही भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। आंदोलन कर रहे सभी लोगों ने स्पीकर के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद बैरिकेडिंग तोड़ने का असफल प्रयास किया। तभी पुलिस ने कनक धनाई सहित 33 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

इनकी हुई अरेस्टिंग
सोम अरोड़ा, गुरमुख सिंह, राजेश कुमार सोनी, दीपक चैहान, मोहन सिंह सती, संदीप, मनीष रावत, विकास सिंह असवाल, नरेंद्र गुसाई, राम सिंह, कपूर सिंह धनाई, विशाल वर्मा, सूरज यादव, किशन सिंह, अरविंद भट्ट, धीरज सिंह, अमित रावत, शान सिंह रागढ़, हिमांशु पंवार, अंकित बिश्नोई, नितिन पोखरियाल, रोशनी धनाई, हीमा देवी, विमला देवी, रेखा देवी, स्वाति नेगी, सुमित्रा राणा, निर्मला देवी, सावित्री देवी, सुनैना कंडियाल, मनु रावत, पुष्पा देवी।

राजपथ पर केदारखंड झांकी ने बनाया देश में तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की ’केदारखण्ड’ झांकी को तीसरे स्थान के लिये पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड के प्रतिनिधि और टीम लीडर केएस चैहान ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड द्वारा अनेक बार प्रतिभाग किया गया परंतु यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चैहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

गौरतलब है कि राजपथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई थी।

उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक-झांकी के टीम लीडर केएस चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग “जय जय केदारा” था।

गणतंत्र दिवस परेड-2021 समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी में सम्मिलित होने वाले कलाकारों में झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पन्त, वरूण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे।

अल्मोड़ा को सीएम त्रिवेंद्र ने दी सौगात, करोड़ों की योजनाओं का हुआ शिलान्यास व लोकार्पण

अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज अल्मोड़ा पहुॅचकर जनपद को अनेक सौगातें दी। उन्होंने कुल 150.31 करोड़ रूपए की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 67.95 करोड़ रू0 की योजनाओं का लोकार्पण एवं 82.36 करोड़ रू0 की योजनाओं का शिलान्यास किया।
विधानसभा क्षेत्र अल्मोडा के अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकापर्ण किया। उसमें रमसा में रा0इ0का0 बाड़ेछीना भवन निर्माण लागत 46.48 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत रा0इ0का0 डीनापानी भवन निर्माण लागत 59.85 लाख रू0, जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में आक्सीजन सप्लाई पाईप लाईन निर्माण कार्य लागत 36.89 लाख रू0, टैक्सी स्टैण्ड कम शापिंग काम्पलैक्स में लिफ्ट व फायर फाईटिंग इक्यूपमैन्ट लगाने का कार्य लागत 52.36 लाख रू0, हेमवती नन्दन बहुगुणा र्स्पोटस स्टेडियम अल्मोड़ा में जिम हाल व बॉक्सिंग रिंग का निर्माण लागत 60.47 लाख रू0, अल्मोड़ा पिथौरागढ़ मुख्य मोटर मार्ग से बाडेछीना से ग्राम कुमौली तक ग्रामीण मार्ग का निर्माण लागत 484.60 लाख रू0, रीवर व्यू फैक्ट्री अल्मोड़ा मुख्य भवन का मरम्मत कार्य लागत 25.59 लाख रू0, लाट लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 82.72 लाख रू0, राजकीय प्राथिमक विद्यालय बौड़ा में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.130 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय पलना में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.280 लाख रू0, माडल कैरियर सेन्टर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय अल्मोड़ा लागत 15.100 लाख रू0, रतखान से चैमू मोटर मार्ग लागत 152.26 लाख रू0, सुपई खान बमनतिलाड़ी मोटर मार्ग के किमी0 03 से 24 मी0 स्पान स्टील गार्डर ब्रिज का निर्माण लागत 131.48 लाख रू0, हिलांस किसान आउटलेट चैघानपाटा अल्मोड़ा लागत 4.87 लाख रू0, कृषि प्रसंस्करण इकाई ग्रोथ सेन्टरध्गुणवत्ता नियन्त्रण प्रयोगशाला हवालबाग लागत 42.38 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र प्रगति आजीविका स्वायत्त सहकारिता पातलीबगड़ लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र शीतला आजीविका सहकारिता शीतलाखेत लागत 12.50 लाख रू0 है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर में रमसा के अन्तर्गत अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकापर्ण किया उसमें रा0इ0का भेटा बडोली भवन निर्माण लागत 47.28 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कालेज बमनस्वाल भवन निर्माण लागत 49.65 लाख रू0, रमसा के अन्तर्गत राजकीय इण्टर कालेज चमतोला भवन निर्माण लागत 50.28 लाख रू0, सामु0 स्वास्थ्य केन्द्र धौलछीना में चिकित्साधिकारी के लिए ट्रांजिट हास्टल का निर्माण कार्य लागत 242.86 लाख रू0, पशु सेवा केन्द्र धन्यान का निर्माण लागत 28.53 लाख रू0, जैंती पिपली मुख्य मोटर मार्ग से ग्राम तल्ला भटयाड़ा तक मोटर मार्ग का निर्माण लागत 223.60 लाख रू0, आटी डसीली मुख्य मोटर मार्ग से ग्राम डसीली तक ग्रामीण मोटर मार्ग का निर्माण लागत 211.77 लाख रू0, रा0इ0का0 चैड अनुली में 04 कक्षा कक्ष, 02 प्रयोगशाला, प्रधानाचार्य एवं कार्यालय कक्ष, 02 शौचालय एवं 01 कम्प्यूटर कक्ष का निर्माण लागत 18.63 लाख रू0, वृद्ध जागेश्वर मंदिर अल्मोड़ा का जीणोद्धार कार्य लागत 20.00 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कनरा में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.380 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज दन्या में कक्षा-कक्ष का निर्माण लागत 30.360 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीमादेवी में भवन निर्माण लागत 35.250 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज चैसाला में 02 कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 39.970 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय बानठौक में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण लागत 17.170 लाख रू0, कुशल बैण्ड से रूल डूॅगरा मोटर मार्ग के किमी0 02 से 24 मी0 स्पान स्टील गर्डर ब्रिज का निर्माण लागत 117.01 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र झारसैम आजीविका स्वायत्त सहकारिता गुरूड़ाबाज धौलादेवी लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र प्रगति आजीविका स्वायत्त सहकारिता मोतियापाथर लागत 12.50 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विधानसभा क्षेत्र द्वाराहाट अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण किया उसमें सलना तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3. किमी0 लागत 187.86 लाख रू0, विकासखण्ड भिकियासैंण के अन्तर्गत तकुल्टी-सुन्दरखाल मोटर मार्ग का डामरीकरण का कार्य ल0 4 किमी0 लागत 258.36 लाख रू0, कोटिला-ग्वाड़ मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3 किमी0 लागत 127.12 लाख रू0, विजयपुर-धनखलगॉव मोटर मार्ग में सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 3 किमी0 लागत 140.78 लाख रू0, बमनपुरी पम्पिंग पेयजल योजना लागत 82.38 लाख रू0, चॉदीखेत ग्राम समूह पेयजल योजना लागत 103943 लाख रू0, बिजयपुर ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना लागत 367.86 लाख रू0, छाना भेट ग्राम समूह पम्पिंग योजना लागत 673.84 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र रामगंगा आजीविका स्वायत्त सहकारिता दूनागिरी लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र रामगंगा आजीविका स्वायत्त सहकारिता खीड़ाताल चैखुटिया लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र उगतासूरज आजीविका स्वायत्त सहकारिता काम लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र हिमदृश्य आजीविका स्वायत्त सहकारिता मजखाली लागत 12.50 लाख रू0, तडागताल खोला प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क मार्ग से ग्राम न्योली मोटर मार्ग लागत 146.51 लाख रू0, गैरसैण विकास परिषद के अन्तर्गत विभिन्न कार्य लागत 112.50 लाख रू0 है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधानसभा क्षेत्र रानीखेत अर्न्तगत जिन विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। उसमें राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में आक्सीजन सप्लाई पाईप लाइन एवं आई0सी0यू0 की स्थापना लागत 343.19 लाख रू0, राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में चिकित्साधिकारियों के लिए ट्राजिंट हास्टल का निर्माण लागत 242.78 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय हरनौली में कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 35.270 लाख रू0, राजकीय कन्या इण्टर कालेज रानीखेत में प्रयोगशाला का निर्माण लागत 30.140 लाख रू0, राजकीय इण्टर कालेज रघुलीपीपली में 02 कक्षा-कक्षों का निर्माण लागत 30.050 लाख रू0, गोविन्द सिंह मेहरा राजकीय चिकित्सालय रानीखेत में चिकित्साधिकारियों के लिए ट्रान्जिट हास्टल का निर्माण लागत 242.780 लाख रू0, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मनिहार मटेला में भवन निर्माण लागत 35.250 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई क्रान्ति आजीविका स्वायत्त सहकारिता मल्ला विश्वा ताड़ीखेत लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र फल्दाकोट आजीविका स्वायत्त सहकारिता जैनोली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई शक्ति आजीविका स्वायत्त सहकारिता पंतकोटली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र नई उड़ान आजीविका स्वायत्त सहकारिता पीपली लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र शेर चैगॉव स्वायत्त सहकारिता बमस्यूॅ लागत 12.50 लाख रू0, संग्रहण केन्द्र अनमोल आजीविका स्वायत्त सहकारिता आजीविका स्वायत्त सहकारिता विल्लेख लागत 12.50 लाख रू0, चापड-हिडाम-विल्लेख मोटर मार्ग के लोधियाखान से थलाड़ तक ग्रामीण मोटर मार्ग लागत 142.86 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा क्षेत्र अल्मोड़ा में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा में आक्सीजन प्लान्ट का निर्माण लागत 99.66 लाख रू0, अल्मोड़ा बेरीनाग अस्कोट मोटर मार्ग के किमी0 31 से 42 में बी0एम0 द्वारा सुधारीकण लागत 245.57 लाख रू0, एनटीडी कफड़खान मोटर मार्ग के कि0मी0 02 से ग्राम भुल्यूड़ा सब्जी उत्पादन क्षेत्र हेतु मोटर मार्ग का नव निर्माण कार्य लागत 188.06 लाख रू0, विकासखण्ड हवालबाग में खूॅट-महारूद्रेश्वर मोटर मार्ग के किमी0 01 से 3.00 में डामरीकरण का कार्य ल0 03 किमी0 लागत 125.54 लाख रू0, राज्य योजना के अन्तर्गत कठपुड़िया-बंगसर मोटर मार्ग का निर्माण ल0 03 किमी0 लागत 105.00 लाख रू0, विकासखण्ड हवालबाग के अन्तर्गत करबला से ग्राम माल को जोड़ने हेतु लिंक मोटर मार्ग का निर्माण ल0 04 किमी0 लागत 237.99 लाख रू0, ईवीएम वीवीपैट के गोदाम का निर्माण लागत 334.41 लाख रू0, डाईट अल्मोड़ा में चाहरदीवारी का निर्माण कार्य लागत 158.23 लाख रू0, रूरल बिजनेस इन्यक्यूवेटर की स्थापना कार्य लागत 86.69 लाख रू0, विकासखण्ड भैसियाछाना में जिंगल में लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 71.87 लाख रू0, पशु चिकित्सालय एनटीडी अल्मोडा में चारागाह का निर्माण लागत 14.31 लाख रू0, श्रा0प्रा0वि0 बमौरी तरोला में भवन निर्माण लागत 35.50 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा जागेश्वर में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत मोरनौला से खॉकर मोटर मार्ग ल0 4.400 किमी0 लागत 287.14 लाख रू0, जैंती से नया सिंगरोली मोटर मार्ग ल0 7.075 किमी0 लागत 385.04 लाख रू0, चनोली से नगरधारा तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य लागत 273.06 लाख रू0, विकासखण्ड लमगड़ा मे चैमू से कलसीमा तक मोटर मार्ग का निव निर्माण कार्य ल0 3 किमी0 लागत 24.70 लाख रू0, विकासखण्ड धौलादेवी का निर्माण लागत 163.87 लाख रू0, धौलानेली में पशु चिकित्सालय का निर्माण लागत 36.64 लाख रू0, नैनी पारकोट में पशुचिकित्सालय का निर्माण लागत 36.13 लाख रू0, रा0 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जलना में कक्षा कक्षों का निर्माण लागत 30.25 लाख रू0, चलमोड़ी गाड़ा से कलौटा मोटर मार्ग लागत 1550.71 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 चगेठी में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 नैनीचैगर्खा में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 झालडुंगरा में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0 , रा0उ0मा0वि0 जसकोट में कला, शिल्प एवं कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 77.965 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने विधानसभा द्वाराहाट में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत कोटिला-ग्वाड़ मोटर मार्ग का सुरईखत तक मिलान ल0 15 किमी0 लागत 598.30 लाख रू0, कुनीगाड़-हिरूली बजार मोटर मार्ग का रामपुर चैखुटिया तक लागत 177.55 लाख रू0, नौबाड़ा से नैथाना देवी मोटर मार्ग का डामरीकरण एवं सुधारीकरण लागत 135.71 लाख रू0, जालली-तकुल्टी-भन्टी-पटास-उत्तमछानी मोटर मार्ग का नव निर्माण लम्बाई 05 किमी0 लागत 139.00 लाख रू0, असगोली-चमीनी-कुनस्यारी मोटर मार्ग लागत 330.85 लाख रू0, बकरीगाड़-गोदी-मोहणी-तल्ला बिठौली बयेडा मोटर मार्ग का नव निर्माण ल0 10 किमी0 लागत 499.65 लाख रू0, दुधोली बैण्ड से पंचायत घर तक मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण लागत 134.31 लाख रू0, द्वाराहाट सुरईखेत मोटर मार्ग से बयेला-नाड मोटर मार्ग का निर्माण लम्बाई 4.00 किमी0 लागत 111.20 लाख रू0 गनाई-अखेती मोटर मार्ग का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य ल0 03 किमी0 लागत 103.16 लाख रू0, गनाई-जौरासी मोटर मार्ग से आगर मनराल तक मोटर मार्ग ल0 4.50 किमी0 लागत 125.10 लाख रू0, ग्राम सभा ईडा में जमीनीवार से सेल्टा बाखली चैधार तक मोटर मार्ग का नव निर्माण लागत 135.93 लाख रू0, बरल में लिफ्ट सिंचाई योजना का निर्माण लागत 60.12 लाख रू0, शक्रेश्वर महादेव मन्दिर साकुनी का जीर्णोद्धार लागत 125.00 लाख रू0, रा0इ0का0 योगसैण रामपुर में दो कक्षा कक्ष निर्माण लागत 30.28 लाख रू0, रा0प्रा0वि0 मुझोली में भवन निर्माण लागत 56.18 लाख रू0, मिनी स्टेडियम विन्ता का निर्माण लागत 96.04 लाख रू0, रा0इ0का0 महतगॉव में कला, शिल्प, प्रयोगशाला, पुस्तकालय भवन का निर्माण लागत 58.42 लाख रू0 है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा रानीखेत के में किये जाने वाले शिलान्यास के अन्तर्गत स्वास्थ्य उपकेन्द्र सूरी विकासखण्ड ताड़ीखेत का निर्माण लागत 45.00 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 सौनी में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 3030 लाख रू0, रा0उ0मा0वि0 सरमोली में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 30.29 लाख रू0, रा0इ0का0 शेर में 02 कक्षा कक्ष निर्माण लागत 40.91 लाख रू0, विकासखण्ड भिकियासैंण में कार्यालय व सभागार का पुर्ननिर्माण लागत 14.85 लाख रू0, विकासखण्ड ताड़ीखेत अन्तर्गत चमड़खान में आयुर्वेदिक चिकित्सालय निर्माण लागत 59.97 लाख रू0, रा0इ0का0 जमोली में कला, शिल्प, पुस्तकालय, कम्प्यूटर कक्ष निर्माण लागत 58.39 लाख रू0 है।
इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चैहान, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा0 धन सिंह रावत, बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, सहकारी बैंक अध्यक्ष ललित लटवाल, उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग ज्योति साह , मुख्यमंत्री के जनसर्म्पक अधिकारी विजय बिष्ट, जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, महामंत्री महेश नयाल, आयुक्त कुमाऊ मण्डल अरविन्द सिंह हयांकी, पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत पाण्डे, उपजिलाधिकारी सीमा विश्वकर्मा, मोनिका आदि उपस्थित रहे।

पीएम भारतीय जन औषधि केंद्र को धरातल पर लाया जाएः पीएम मोदी

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रगति पोर्टल के अंतर्गत प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र एवं अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के संबंध में राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ बैठक में प्रतिभाग किया।

मुख्य सचिव ने बताया कि 65 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र राज्य में संचालित हो रहे हैं। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को लगातार जेनेरिक दवाओं की सलाह देने हेतु निर्देशित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, आईईसी अधिकारियों एवं डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर को जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता हेतु भी लगातार निर्देशित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों के माध्यम से मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के सम्बन्ध में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर हेतु खुरपिया, उधमसिंह नगर में 1002.15 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। एन्वायरमेंट क्लियरेंस का कार्य जारी है।