राजस्व से ज्यादा मुझे प्रदेश की जनता की चिंताः मुख्यमंत्री तीरथ

कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। उसके तहत अब शराब की दुकानें भी बाजार की अन्य दुकानों की तरह ही 2ः00 बजे दोपहर में बंद हो जायेंगी। आज मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि उन्हें राजस्व से कहीं अधिक राज्य के वासियों के स्वास्थ्य की चिंता है। संक्रमण को रोकने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे वह उठाए जायेंगे।

जब से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण में तेजी आई है सरकार ने भी रोकथाम के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसमें खासतौर कोविड की चेन तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई के क्रम में बाजार के प्रतिष्ठनों को दोपहर 2 बजे ही बंद करने के निर्देश दिए।

आज मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया कि प्रदेश में संचालित शराब की दुकानें भी बाजार के अन्य प्रतिष्ठानों के साथ ही दोपहर दो बजे में बंद हो जायेंगी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शराब की दुकानें जल्दी बंद किए जाने से राजस्व का नुकसान होना तो स्वाभाविक है। लेकिन मुझे अपने प्रदेश की जनता की चिंता है। हर हाल में प्रदेश को संक्रमण के प्रभाव से बचाना है। इसके लिए जो भी कदम उठाने जरूरी होंगे वह उठाए जायेंगे।

कोविड-19 को लेकर सीएम ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से किया विचार-विमर्श

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा की है। वर्चुअल माध्यम से आयोजित सर्वदलीय बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझाव पर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वैश्विक महामारी से निजात पाने में भविष्य में भी समय-समय पर सभी दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर उनका सहयोग लेंगे।

सर्वदलीय बैठक में जिन्होंने अपने सुझाव रखे उनमें कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष डाॅ. इंदिरा हृदयेश, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रीतम सिंह पंवार, दिवाकर भट्ट, भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक तथा महामंत्री कुलदीप कुमार शामिल रहे।

मुख्यमंत्री तीरथ ने सभी के सुझाव को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्राप्त सुझाव पर अमल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर किस प्रकार इस महामारी का सामना कर सके इसके लिए आपसी विचार-विमर्श, चिंतन एवं समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी का मत है कि कोरोना वायरस के चैन को कैसे प्रभावी ढ़ंग से तोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों द्वारा इस संबंध में उनके द्वारा दिए गए सहयोग के आश्वासन के लिए भी आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। स्पोर्ट्स कॉलेज कोविड सेंटर में 500 बेड और बढ़ाए गए हैं। कोरोनेशन मे भी 100 बेड की व्यवस्था की गई है। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के अलावा पांच निजी अस्पतालों में भी 75 प्रतिशत बेड आरक्षित करने की व्यवस्था की गई है। होटलों को भी अधिकृत किया जा रहा है। रुद्रपुर, सेलाकुई, रुड़की आदि स्थानों पर ऑक्सीजन की उपलब्धता के साथ बाहर से भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश में टेस्टिंग बढ़ाई गई है, अन्य राज्यों की अपेक्षा राज्य में ज्यादा टेस्टिंग प्रतिदिन की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की चैन तोड़ने के लिए भी कारगर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी दफ्तरों को तीन दिन के लिए बंद किया गया है, आगे भी तीन दिन इन्हें बंद रखे जाने की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर शेष प्रतिष्ठान अपराह्न दो बजे के बाद बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मास्क सभी लोग पहने इसके लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता से हम इस पर नियंत्रण पा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना रोकथाम में प्रयुक्त होने वाली दवा व इंजेक्शन आदि की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। कोई भी व्यक्ति यदि इसमें शामिल पाया गया तो उसके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी को कैसे बेहतर इलाज मिल सके इसकी भी व्यवस्था की गई है। आयुष्मान भारत कार्ड की सीमा तक अस्पतालों में इलाज की सुविधा है। इसके अलावा गरीबों के इलाज में यदि कोई अन्य व्यवस्था की जानी होगी तो वह भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना कि बीमारी के इलाज के लिए अस्पतालों में दरों का भी निर्धारण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वैक्सीनेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है अब 18 से अधिक उम्र वालों का भी वैक्सीनेशन निशुल्क किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में क्वारंटीन सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। कोविड-19 के इस दौर में प्रवासी प्रदेशवासियों को भी आवश्यक मदद सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है।

सभी दल के नेताओं ने मुख्यमंत्री द्वारा १८-४५ वर्ष तक के लोगों को निशुल्क वैक्सीनेशन कराने के निर्णय के लिए आभार जताया। सब ने कहा कि मुख्यमंत्री कोविड की रोकथाम हेतु जो भी कदम उठाएँगे उसमें सभी नेताओं का पूर्ण सहयोग मिलेगा।

सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में कोरोना की गति पिछले वर्ष की अपेक्षा तीन गुना बढ़ी है। पहले की अपेक्षा इसमें तेजी आई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में टेस्ट, ट्रेस और ट्रीट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहले 10-12 हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहे थे, अब यह संख्या 25 हजार प्रतिदिन हो गई है। राज्य में लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध हो इसके प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमेटी भी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के चार मैदानी जनपदों में समस्या अधिक है। इसके लिए भी ऑक्सीजन व वेंटिलेटर बेड की व्यवस्था की गई है। निजी अस्पतालों में भी 75 प्रतिशत बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। राज्य में आर्थिक गतिविधियां अधिक प्रभावित ना हो इसके लिए मिनी लॉकडाउन पर ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चैन को तोड़ने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना कि दवाई व इंजेक्शन की सप्लाई चैन को बढ़ाया जा रहा है, अभी प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है।

दूरदर्शन में दिखेंगे ऋषिकेश के प्रभु, पूर्व सीएम बहुगुणा का निभा रहे हैं रोल

ऋषिकेश बाल कलाकार प्रभु भट्ट जल्द ही पर्दे पर दिखाई देंगें। जी हां, दूरदर्शन पर यूपी के पूर्व सीएम व उत्तराखंड के मूल निवासी स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा के जीवन पर आधारित फिल्म में वह दिखाई देंगे। इस फिल्म में प्रभु भट्ट ने स्व. बहुगुणा के बचपन का किरदान निभाया है।

आईडीपीएल निवासी बाल कलाकार प्रभु भट्ट के किरदार की यह फिल्म दुरदर्शन में रविवार को प्रसारित की जाएगी। बता दें कि इससे पहले प्रभु भट्ट जेएसआर प्रोडक्शन की 72 आवर्स में भी अभिनय कर चुके है और इसी वर्ष उनकी दो फिल्म सौम्या गणेश जो पद्माँ सिद्धि फिल्म्स के बैनर तले बनी है और बधाई दो रिलीज होने वाली है। बधाई दो, बधाई हो का सीक्वल है और जंगली प्रोडक्शन की फिल्म है। इसमें प्रभु अभिनेता राजकुमार राव और अभिनेत्री भूमि पेडनेकर के भांजे का किरदार निभाते दिखाई देंगे। प्रभु भट्ट 9 वर्ष के है और निर्मल दीपमाला पब्लिक स्कूल श्यामपुर में कक्षा 4 के विद्यार्थी है। प्रभु के पिता ऋषि राज भट्ट भी फिल्मों से जुडे है वह अभिनय के साथ साथ फिल्मों में राइटर का कार्य भी करते हैं।

कोविड स्थिति को लेकर सीएम की बैठक, लिये गये निर्णयों की तुरंत अनुपालन करने के निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने प्रदेश में कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि कालाबाजारी की शिकायतों पर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसमें किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठकों में जो निर्णय एक बार ले लिया जाता है, उसकी अनुपालना सुनिश्चित की जानी चाहिए। मई से राज्यव्यापी टीकाकरण अभियान संचालित किया जाना है। इसकी पुख्ता तैयारियों कर ली जाएं। कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए कैम्प एप्रोच पर टीकाकरण की व्यवस्था की जाए। औद्योगिक संस्थानों, कालेजों, सहित ग्राम स्तर तक करना है। नगर निकायों की भांति ही पंचायतों में भी सेनेटाइजेशन कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बोर्डर पर बाहर से आने वालों की सख्त चैकिंग हो। बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के न आने दिया जाए। राज्य के प्रवासी लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी हो। उन्हें सीधे उनके घर भेजकर होम आइसोलेशन में रखा जाए। ये लोग होम आइसोलेशन का पालन करें इसके लिए ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जाए। इसके लिए ग्राम प्रधानों को समुचित धनराशि उपलब्ध करानी होगी। पुलिस का प्रधानों को सहयोग दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों को उपलब्ध कराई गई रेमडेसिवर की मात्रा और तय दर सार्वजनिक करने के निर्देश दिये। आगे के 15 दिनों के अनुसार कोविड को लेकर प्लान हो। उसी के अनुरूप आक्सीजन, आईसीयू, जरूरी दवाएं आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। आक्सीजन सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर सर्वाधिक ध्यान देना होगे। जनजागरूकता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। होम आइसोलेशन में किन किन बातों का ध्यान रखा जाना है, लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। एक प्रभावी सेंट्रल कंट्रोल रूम हो, जहां लोगों को विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बेड की जानकारी मिल सके और जरूरी होने पर व्यक्ति को किस अस्पताल जाना चाहिए, इसके बारे में बताया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दून अस्पताल की व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जाए। टेस्ट के लिये सेम्पल लेते ही दवाई भी उपलब्ध करा दी जाए। अस्पतालों में पुलिस व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली जाए।

वीडियो कांफ्रेंसिग में आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी, डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, डॉ पंकज कुमार पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।

रेमडिसिविर दवा के 3 हजार इंजेक्शन केंद्र ने उत्तराखंड को सौंपे

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कुछ हद तक राहत पहुंचाने वाली खबर है। उत्तराखंड को केंद्र से रेमडिसिविर दवा के 3 हजार इंजेक्शन मिल गए हैं। जिन्हें कल देर रात ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देहरादून के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को बांटा गया है। कुछ अस्पतालों की मांग को देखते हुए दून अस्पताल ने अपना कोटा कम कर उनको अतिरिक्त दिए हैं।

ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के अनुसार जल्द ही इंजेक्शन की नई खेप भी आने वाली है। सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है। अगर अब भी कोई अस्पताल आपको रेमडिसिविर इंजेक्शन को लेकर परेशान करे तो उसकी शिकायत करें। कालाबाजारी करने वालों को बढ़ावा न दें। कोई भी मेडिकल स्टोर प्रिंट रेट से ज्यादा पर दवाई देता है तो उसकी शिकायत करें।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुईं उत्तराखंड की 10 पंचायतें

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर प्रदेश की 10 पंचायतों को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पूरे देश भर से कुल अलग-अलग श्रेणियों में 224 पंचायतों को “दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार” से पुरस्कृत किया गया। इसमें उत्तराखंड की देहरादून जिले की 4, उत्तरकाशी की 3 और रुद्रप्रयाग, पौड़ी और पिथोरागढ़ एक-एक पंचायत शामिल है।

इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से प्रधानमंत्री द्वारा इन पुरस्कारों को वर्चुअल तरीके से वितरित किए गए। इतना ही नहीं पुरस्कार पाने वाले इन पंचायतों को 5 लाख से 50 लाख तक की पुरस्कार राशि भी हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पुरस्कार पाने वाले सभी पंचायत प्रतिनिधियों को शुभकामना दी है, मुख्यमंत्री के कहा कि पंचायतों के विकास लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।

सचिव पंचायती राज हरीश सेमवाल ने बताया कि “दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार” के तहत जिला पंचायत पिथौरागढ़, क्षेत्र पंचायत जखोली-रुद्रप्रयाग, क्षेत्र पंचायत द्वारीखाल-पौड़ी, ग्राम पंचायत सिमलास ग्रांट -डोईवाला देहरादून, ग्राम पंचायत मथ, पुरोला उत्तरकाशी, ग्राम पंचायत देवजनि मोरी उत्तरकाशी एवं ग्राम पंचायत पुरोहित वाला सहसपुर देहरादून को पुरस्कृत किया गया। जबकि नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा का पुरस्कार ग्राम पंचायत दिवाडी नौगांव उत्तरकाशी, ग्राम पंचायत विकास योजना का पुरस्कार ग्राम पंचायत अटक फॉर्म सहसपुर देहरादून एवं बाल हितैषी ग्राम पंचायत पुरस्कार बादाम वाला सहसपुर देहरादून को दिया गया है।

224 पंचायतों को दिया गया ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार’
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 प्रदान किए। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2021 कई श्रेणियों के अंतर्गत दिए गए। 224 पंचायतों को ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार’ से पुरस्कृत किया गया। 30 ग्राम पंचायतों को ‘नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा पुरस्कार’ दिया गया। 29 ग्राम पंचायतों को ‘ग्राम पंचायत विकास योजना पुरस्कार’ दिया गया। 30 ग्राम पंचायतों को ‘बच्चों के अनुकूल ग्राम पंचायत’ पुरस्कार मिला। ग्रामों के अलावा 12 राज्यों को ‘ई-पंचायत पुरस्कार’ भी प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री अनुदान सहायता के रूप में 5 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक की पुरस्कार धनराशि हस्तांतरित की गई। यह राशि रियल टाइम आधार पर पंचायतों के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की गई। देश में ऐसा पहली बार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने किया सुमना हादसा इलाके का हवाई सर्वेक्षण

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने जोशीमठ के सुमना में ग्लेशियर टूटने वाले क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हवाई सर्वेक्षण व सेना के अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने चमोली में मीडियाकर्मियों से बातचीत भी की।

बताया कि सुमना में जहां पर ग्लेशियर टूटा वहां पर बीआरओ के लगभग 400 मजदूर काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें से कुल 391 लोग सेना व आईटीबीपी के कैम्पों तक पहुँच गए हैं और पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस हादसे में छह मजदूरों के मारे जाने की जानकारी मिली है जबकि 4 लोग घायल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौके पर सेना, आईटीबीपी की टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। एसडीआरएफ वहां पर आगे बढ़ी है और एनडीआरएफ की कुछ टीमें भी आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन भी शुक्रवार से ही पूरी मुस्तैदी से राहत-बचाव में जुट है। गाजियाबाद में भी एनडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

जरूरतमंदों को स्पीकर ने बांटे तीन लाख 50 हजार रूपए की चेक


कोरोना संक्रमण के बीच स्पीकर उत्तराखंड प्रेमचंद अग्रवाल ने जरूरतमंदों की मदद को कदम बढ़ाया। उन्होंने आज करीब 60 जरूरतमंदों की आर्थिक मदद की। उन्होंने विवेकाधीन कोष से 3 लाख 50 हजार रुपये के चेक वितरित किए। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचने के लिए जागरूक भी किया।

स्पीकर ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विधवा, विकलांग आदि जरूरतमंद लाभार्थियों को विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से राहत राशि का वितरण किया जाता है। कहा कि न केवल ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र बल्कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में विधानसभा अध्यक्ष विवेकाधीन कोष के माध्यम से गरीब, जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कहा कि यह सरकार द्वारा संचालित योजना का हिस्सा नहीं है, बल्कि विधानसभा अध्यक्ष विवेक के आधार पर इस धनराशि का वितरण करते हैं। कोरोना महामारी के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। इसलिए त्वरित सहयोग के रूप में यह राशि उनके कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वह राज्य छोड़कर पलायन ना करें। उन्होंने विशेष तौर पर युवाओं से आह्वान किया है कि घर से बाहर निकलने पर दिशा निर्देशों का पालन करें खुद को सुरक्षित रखें एवं घर पर बच्चों एवं बुजुर्गों को भी सुरक्षित रखें।

इस अवसर पर नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल, खैरी कला के प्रधान चमन पोखरियाल, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता कमला नेगी, शोभा चैहान, वीरभद्र ओबीसी मोर्चा की महामंत्री माया घले, ऋषिकेश मंडल के युवा मोर्चा अध्यक्ष नितिन सक्सेना, विकास तोमर, मस्तु बडोनी, राकेश अग्रवाल आदि उपस्थित थे।

निजी परिवहन व्यवसाईयों की हुई बैठक, बोले यात्रा नहीं चली तो भुखमरी की स्थिति

उत्तराखंड परिवहन महासंघ की एक आवश्यक बैठक ऋषिकेश में आयोजित हुई। जिसमें आगामी चार धाम यात्रा के संबंध में सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। व्यवसाईयों ने कहा कि गत वर्ष की तरह ही इस वर्ष भी कोरोना के कारण यात्रा प्रभावित होने के आसार नजर आ रहे हैं। यदि इस वर्ष भी यात्रा का संचालन नहीं हो सका, तो परिवहन व्यवसाईयों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा होने वाली है। इसलिए जरूरी है कि सरकार को यात्रा के संबंध में ऐसी कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए जिससे प्रदेश का परिवहन व्यवसाय पटरी पर आ सके।

महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण परिवहन व्यवसायी पिछले वर्ष ही टूट चुका है यदि इस वर्ष भी यात्रा संचालित नहीं हो पाती है। तो परिवहन व्यवसाई आत्महत्या के कगार पर आ जाएगा। सरकार परिवहन व्यवसाई को जिंदगी पटरी पर लाने के लिए आर्थिक मदद करनी चाहिए। वाहन स्वामियों को कम से कम 2 वर्ष का टैक्स, परमिट फीस आदि को माफ कर देना चाहिए। टीजीएमओ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी और यातायात के उपाध्यक्ष नवीन चंद्र मौला ने कहा कि हमारी वाहनों के चालक व परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा देना चाहिए।

गत वर्ष भी हमारे चालक भाइयों को कोरोना वारियर नहीं माना। जो करोना काल में यात्रियों को लाने ले जाने में लगे थे सरकार ने परिवहन निगम के चालक व परिचालकों को तो कोरोना वारियर माना परंतु निजी परिवहन व्यवसायियों को चालक परिचालकों को कोरोना वारियर का दर्जा नहीं दिया। टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजय पाल सिंह रावत द्वारा यह कहा गया कि अब समय आ गया है सरकार तक अपनी बातों को मजबूती से पंहुचाया जाए। इसके लिए संगठित तौर पर एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया जाए और भविष्य में यदि आंदोलन की जरूरत पड़ती है, तो संगठित तौर पर एक वृहद आंदोलन भी चलाया जाएगा।

बैठक में रूपकुंड परिवहन के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, ऑटो महासंघ के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत, जीप कमांडर यूनियन के अध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, बलबीर सिंह रोतेला, इनोवा टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष हेमंत डंग, यातायात के संचालक दाताराम रतूड़ी, खिलानंद बेलवाल, दयाल सिंह भंडारी, परशुराम गौड़, हरीश नौटियाल, देवभूमि ऑटो यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा, प्रेमपाल सिंह बिष्ट, इनोवा टैक्सी मैक्सी के अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण, पंकज वर्मा, योगेश उनियाल, जितेंद्र चैधरी, बेचान गुप्ता, मुकेश नेगी आदि शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने किया छावनी परिषद अस्पताल का निरीक्षण, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कैंट स्थित छावनी परिषद जनरल अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने छावनी परिषद की सी.ई.ओ. सुश्री तनु जैन को अस्पताल में कोविड-19 के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून डॉ आशीष श्रीवास्तव को भी इस संबंध में आवश्यक सहयोग प्रदान करने को कहा, मुख्यमंत्री ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व शौचालय आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित थे।

छावनी परिषद की सीईओ तनु जैन ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर इस अस्पताल परिसर में 130 बेड की व्यवस्था कोविड-19 के दृष्टिगत कर दी जाएगी। इससे यहां पर भी पीड़ितों को उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।