बारिश के चलते तालुका मार्ग बंद

उत्तराकशी के मोरी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हालरा गदेरा उफान पर आ गया। खड्ड उफान पर होने से सांकरी तालुका मोटर मार्ग बंद हो गया। इससे क्षेत्र के चार गांव की आवाजाही पूर्ण रूप से ठप हो गई। ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं।
जनपद मुख्यालय के सीमांत विकासखंड मोरी में बारिश ने लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जहां कई गांव के संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं मंगलवार देर रात को हुई भारी बारिश के चलते सांकरी-तालुका मोटर मार्ग पर हालरा खड्ड उफान पर आने से मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
गदेरे के उफान पर आने से सड़क पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। इससे ओसला, पंवाड़ी, गंगाड़, ढाटमीर, तालुका आदि गांव का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया। ग्रामीण उमराव सिंह चौहान, बचन सिंह पंवार ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण वह अपने दैनिक कार्यों को नहीं कर पा रहे हैं। वहीं क्षेत्र की नगदी फसलों को बाजार तक नही पहुंचा पा रहे हैं। जिससे उनको काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

भाजपा की बढ़ी परेशानी, कैसे एडजस्ट होंगे भाजपा विधायक

राज्य सरकारों की ओर से संसदीय सचिवों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से प्रदेश भाजपा सरकार के साथ ही पार्टी विधायकों की चिंताएं भी बढ़ने लगी हैं। इस निर्णय से सरकार के सामने अब विधायकों को सत्ता में एडजस्ट करने की चुनौती आ खड़ी हुई है तो सरकार में ओहदा पाने के अरमान पाले विधायकों को भी झटका लगा है।
प्रदेश में भाजपा भारी बहुमत से सत्ता में आई है। इस बहुमत के साथ ही भाजपा के सामने कई चुनौतियां भी आई हैं। इसमें सबसे बड़ी चुनौती सभी पार्टी विधायकों को उचित सम्मान और सत्ता में हिस्सेदारी देने की भी है। प्रदेश में सरकार बनाने के बाद भाजपा ने क्षेत्रीय व जातीय संतुलन साधते हुए मंत्रिमंडल की संख्या अभी फिलहाल दस तक ही सीमित रखी है।
मंत्रिमंडल में अभी दो पद रिक्त चल रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक उत्तराखंड में अधिकतम बारह सदस्यीय मंत्रिमंडल हो सकता है। मंत्रिमंडल के इन दो रिक्त पदों पर कई वरिष्ठ विधायकों को दावा है। इनमें लगभग आधा दर्जन विधायक ऐसे भी हैं जो पूर्व में मंत्री रह चुके हैं। गाहे-बगाहे ये विधायक अप्रत्यक्ष तौर पर वरिष्ठता के नाते रिक्त मंत्री पदों पर अपना दावा जताने से चूकते भी नहीं हैं।
विधायकों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण फिलहाल सरकार और मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल के दो पदों को भरने के मामले में चुप्पी ही साधे हुए हैं। हालांकि, निकट भविष्य में इन पदों का भरना तय है। माना जा रहा था कि मंत्रिमंडल के रिक्त पदों को भरने के बाद भाजपा बड़ी संख्या में वरिष्ठ विधायकों का मान सम्मान रखने के लिए उनकी संसदीय सचिवों के रूप में तैनाती कर सकती है।
दरअसल, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भी इस परिपाटी के मुताबिक संसदीय सचिवों की तैनाती की थी। कांग्रेस ने सरकार में उठ रहे विरोधी स्वरों को शांत करने के लिए सात विधायकों को संसदीय सचिव का दायित्व दिया था। इन्हें कैबिनेट मंत्रियों जैसे अधिकार तो नहीं थे लेकिन इन्हें सभी सुविधाएं कैबिनेट मंत्रियों समान दी गई थी।
मौजूदा सरकार में भी माना जा रहा था कि आने वाले समय में भाजपा इसी परिपाटी को आगे बढ़ा सकती है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई व्यवस्था के बाद संसदीय सचिव बनाने की परंपरा भी समाप्त हो गई है। इससे सरकार के सामने विधायकों को एडजस्ट करने की चुनौती बढ़ गई है।

एनआरआइ कोटे से पुराने नोट बदल रहे दो लोग गिरफ्तार

एनआरआइ कोटे से पुरानी करेंसी बदलने की फिराक में घूम रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 79 लाख 45 हजार रुपये की पुरानी करेंसी के नोट बरामद हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया।
आज एएसपी आफिस पर बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि बीते शाम पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक पंत पार्क में पुरानी करेंसी को नई करेंसी से बदलने के लिए किसी का इंतजार कर रहे हैं। इस पर पुलिस ने एक टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ने के लिए लग गई।
सूचना पर पुलिस ने पंत पार्क से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से बैग में 79 लाख 45 हजार रुपये की पुरानी करेंसी के नोट बरामद हुए। बरामद हुई रकम में 55 लाख रुपये पांच सौ के नोट व 24 लाख 45 हजार रुपये एक हजार के नोट थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम जसविंदर सिंह उर्फ पप्पू पुत्र जोरा सिंह निवासी ग्राम गिरधई आइटीआइ व परमजीत सिंह उर्फ सोनू पुत्र गुरमीत सिंह निवासी मालवा फार्म जसपुर-खुर्द, आइटीआइ बताया। आरोपियों ने बताया कि नोटबंदी के समय उन्होंने कमीशन पर पुराने नोट बदले थे।

साइबर ठगी के मामले में महिला साथी गिरफ्तार

97 दूनवासियों के बैंक खातों में सेंध लगाकर की गई लाखों रुपये की साइबर ठगी में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने आरोपी साइबर ठगों की महिला साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी गैंग में अहम भूमिका थी। गिरोह के लिए रुपयों से लेकर गाड़ी तक का इंतजाम यही महिला करती थी। उसके कब्जे से पुलिस ने 2.32 लाख रुपये, चार एटीएम कार्ड, दो चेक बुक, एक पासबुक और हरियाणा नंबर की स्कॉपियो के कागजात बरामद किए हैं।
इस प्रकरण में यह पहली गिरफ्तारी है। आरोपी महिला की पहचान अनिल कुमारी पुत्री दया सिंह निवासी सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई। उसे सेक्टर तीन रोहतक स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया। महिला के साथियों की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है। एसएसपी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि देहरादून में जुलाई के पहले सप्ताह में साइबर ठगी की घटना सामने आई थी। शातिर ठगों ने एसबीआइ के एटीएम में स्कीमर डिवाइस लगाकर विभिन्न बैंकों के खाताधारकों के एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार किए और इसके बाद इन खातों से करीब तीस लाख रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर रुपये निकासी का मैसेज आने पर खाताधारकों को इसका पता चला। 14 जुलाई से ये मामले सामने आने लगे। अभी तक 97 लोग इस संबंध में मामला दर्ज करा चुके हैं और करीब 30 लाख रुपये निकाले जाने का पता चला है। ठगों ने एक से आठ जुलाई के बीच एटीएम कार्डों की क्लोनिंग की थी।

काफी पहले हो गई थी आरोपियों की पहचान
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित की थी, जिसके निर्देशन में एसटीएफ और विभिन्न थानों की पुलिस ठगों तक पहुंचने की कड़ियां जोड़ रही थी। दून-दिल्ली से लेकर जयपुर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण कड़ियां हाथ लगी। इसके बाद दून के होटलों और धर्मशालाओं में इस दौरान रुके लोगों के बारे में जानकारी जुटाकर आरोपी साइबर ठगों की पहचान की गई। 10 दिन की मैराथन कसरत के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों झज्जर (हरियाणा) निवासी रामबीर, सुदेश और जगमोहन की पहचान कर ली थी। हालांकि, इनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। वहीं सोमवार तक पुलिस ने खातों से उड़ाई रकम का भी पता लगा लिया। शातिरों ने रकम झज्जर में कैलाशो देवी नामक महिला के खाते में जमा कराई थी। इस खाते में 34 लाख रुपये जमा हैं। पुलिस ने इस खाते को 24 जुलाई को फ्रीज करा दिया था।
पुलिस ने बताया कि अनिल कुमारी, रामबीर की बेहद करीबी है। वह दोनों दिल्ली में लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे। रामबीर के साथ अनिल कई बार दिल्ली, जयपुर और हिमाचल प्रदेश गई। बाद में रामबीर ने उसे गैंग में शामिल कर लिया और कुछ दिनों में ही वह गैंग की अहम सदस्य बन गई। वह गैंग के सदस्यों के लिए गाड़ी, रहने की व्यवस्था, सिम कार्ड आदि सभी जरूरी चीजें और सामान उपलब्ध कराती थी। ठगी के रुपयों का सेटेलमेंट भी अनिल ही करती थी।

अन्य राज्यों में भी दे चुके हैं घटना को अंजाम
पुलिस ने बताया कि यह गैंग दून ही नहीं बल्कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, जयपुर समेत कई स्थानों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। गैंग के सदस्य ऐसी एटीएम मशीनों को निशाना बनाते हैं, जहां गार्ड न हो। एटीएम में घुसते ही यह कैमरा खराब करते और फिर स्कीमिंग डिवाइस (स्कीमर) लगा देते थे। इससे पहले वह आसपास के एटीएम को ग्लू या अन्य तरीकों से खराब कर देते, जिससे लोग डिवाइस लगे एटीएम से निकासी करें। एटीएम की क्लोनिंग करने के बाद यह गिरोह अन्य राज्यों में जाकर रुपये निकालता था। ठगी के रुपयों से ये लोग या तो जमीन खरीदते या गाड़ियां और फ्लैट।

भद्रा काल और चन्द्र ग्रहण में न बांधे राखी

रक्षा बंधन का यह पवित्र पर्व इस बार सिर्फ पौने तीन घंटे तक ही मनाया जा सकता है। यानी आप पौने तीन घंटे के बीच ही अपने भाई की कलाई को अपनी प्यारी-प्यारी राखियों से सजा सकते हैं। सुबह भद्रा और फिर चंद्रगहण का सूतक लगने से यह स्थिति बन रही है।
दरअसल इस बार रक्षा बंधन का यह त्योहार सात अगस्त को पड़ रहा है और इसी दिन चंद्रगहण भी है। सुबह भद्रा होने और इसके बाद चंद्र ग्रहण का सूतक लगने से रक्षाबंधन पर यह स्थिति बन रही है। चंद्र ग्रहण लगभग एक घंटे 57 मिनट रहेगा। आचार्य डॉ. नवीन चंद्र जोशी बताते हैं कि रक्षाबंधन के लिए सुबह 11.05 बजे तक भद्रा है। भद्रा में भाई को राखी नहीं बांधी जाती है।
दोपहर 1.52 बजे चंद्र ग्रहण का सूतक चल रहा है और सूतक में भी रक्षाबंधन पर्व नहीं मनाया जा सकता। इसलिए सुबह 11.05 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक यानी लगभग पौने तीन घंटे ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकेगा।
वहीं माना जा रहा है कि इस ग्रहण के चलते समुद्र में भी उथल-पुथल आदि के योग बन रहे हैं, जिससे समुद्री इलाकों में जन-धन की हानि हो सकती है। इसका असर ग्रहण के दिन या उसके एक-दो दिन में देखने को मिल सकता है।

ग्रहण में क्या करें
ज्योतिष गणित के मुताबिक ग्रहण काल के दौरान ईष्ट देवता की आराधना, जप, धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन, भजन-कीर्तन, आदि कार्य करना चाहिए। इनका विशेष फल प्राप्त होता है। ग्रह पीड़ा होने पर इसके निवारण के लिए जप, दान आदि करें।

किस राशि के लिए शुभ, किस राशि के लिए अशुभ
इसबार पड़ने वाला चंद्र ग्रहण मेष, सिंह, वृश्चिक, मीन राशि वालों के लिए शुभ है, जबकि वृष, कर्क, कन्या और धनु के लिए सामान्य और मिथुन, तुला, मकर, कुंभ राशि वालों के लिए अशुभ है। उनका कहना है कि जिनके लिए यह अशुभ है वह ग्रहण ना देखें, वैसे तो ग्रहण देखने से सभी को बचना चाहिए।

क्या ना करें, क्या करें
गर्भवती स्त्री ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलें। बुजुर्ग, बच्चे और रोगी को छोड़ ग्रहण काल के दौरान भोजन न करें। मन में किसी प्रकार का दुर्विचार न आने दें साथ ही रात्रि में भ्रमण ना करें।

आधार लिंक नही कराने पर एक अगस्त ने राशन नही

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की नई व्यवस्था के तहत एक अगस्त से सिर्फ उन्हीं उपभोक्ताओं को खाद्यान्न आवंटित किया जाएगा, जिन्होंने अपना आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक करा लिया है। फिलहाल विभाग आधार न देने वाले उपभोक्ताओं का राशन अपने पास रखेगा और यदि उपभोक्ता जल्द आधार कार्ड जमा कराते हैं तो उन्हें राशन आवंटित कर दिया जाएगा।
आपूर्ति विभाग पिछले दो साल से राशन कार्ड को आधार से लिंक करने की तैयारी कर रहा है। अब शासन से निर्देश जारी होने के बाद विभाग ने इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। उपभोक्ताओं को अपने आधार कार्ड जमा करने के लिए जुलाई तक का समय दिया गया है। देहरादून जिले में कुल चार लाख राशन कार्ड हैं। इनमें से 2.60 लाख कार्डधारक आधार कार्ड से लिंक हो चुके हैं। जबकि 1.40 लाख कार्ड ऐसे हैं जिसमें या तो सिर्फ मुखिया का ही कार्ड जमा हो पाया है या किसी ने भी जमा नहीं किया।

16 तारीख तक राशन अनिवार्य
जिला आपूर्ति विभाग ने खाद्यान्न आवंटन के लिए समय सीमा तय कर दी है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर हाल में माह की 16 तारीख तक पूरा खाद्यान्न आवंटित कर दिया जाएगा। यदि कोई डीलर तय समय में राशन नहीं बांटता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह की 23 तारीख से अगले माह 10 तारीख तक राशन डीलर गोदाम से गेहूं, चावल सहित पूरे खाद्यान्न का उठान करेगा।

मोबाइल नंबर पर करें शिकायत
आपूर्ति विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण करने के लिए शीघ्र नया टोल फ्री नंबर जारी करने की तैयारी कर ली है। तब तक विभाग ने कलक्ट्रेट का मोबाइल नंबर व ई-मेल अगले 10 दिन में सभी दुकानों पर दर्ज करने के निर्देश दिए। ताकि लोग अपनी शिकायतें दर्ज कर सकें।

हाईकोर्ट के आदेश, सार्वजनिक स्थानों में नही ले जा सकेंगे हथियार

हर्ष फायरिंग मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए राज्य में शादी समारोह, धार्मिक आयोजन, सार्वजनिक सभाओं व शैक्षिक संस्थानों में हथियार ले जाने पर पाबंदी लगा दी है। इतना ही नहीं, अदालत ने शस्त्र लाइसेंस जारी करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए हैं। इनका अनुपालन कराने के लिए जिला पुलिस प्रमुखों को जवाबदेह बनाया गया है।
हर्ष फायरिंग में दो लोगों की मौत के मामले में निचली अदालत से हुई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ दोषी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिए। बागेश्वर निवासी धर्म सिंह ने गांव के ही भगवान सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसके शादी समारोह में हर्ष फायरिंग के दौरान चार लोगों को गोली लग गई थी। इनमें से दो की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
इस मामले में निचली अदालत ने 12 जुलाई, 2013 को भगवान सिंह को हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि शस्त्र अधिनियम में बरी कर दिया था। भगवान सिंह ने सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा व न्यायाधीश शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने इस पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त की अपील को गुणदोष के आधार पर खारिज कर दिया, साथ ही हर्ष फायरिंग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए।
अदालत ने अपने आदेशों में कहा है कि 21 साल से कम आयु वालों को शस्त्र लाइसेंस जारी न किए जाएं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को हिंसा व अन्य मामलों में सजा हो चुकी हो, उसे पांच साल तक शस्त्र लाइसेंस देने पर विचार ही न किया जाए। अदालत ने शांति व्यवस्था के दौरान पुलिस की ओर से पाबंद किए गए व्यक्तियों को भी लाइसेंस जारी न करने को कहा है।

सीएम के प्रयासों से गढ़वाली व कुमाऊंनी बोली को मिलेगा बढ़ावा

गढ़वाली व कुमाऊंनी बोली के प्रचार-प्रसार के लिए एक अनूठी पहल की गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गढ़वाली व कुमाऊंनी बोली को संविधान की 8 वीं अनुसूची में शामिल किए जाने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली व कुमाऊंनी बोली को दर्जा दिलाने की मांग पहले भी संसद में भी उठाई जा चुकी है और यह प्रयास जारी है।
उत्तराखंड की लोक भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र द्वारा सोशल मीडिया में भी गढ़वाली, कुमाऊंनी व उत्तराखंड की अन्य बोली भाषा में आम-जन से संवाद स्थापित किया जा रहा है। जिसकी शुरूआत आज मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीटर अकाउंट में गढ़वाली व कुमाऊंनी बोली में ट्वीट कर की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सदैव अपनी संस्कृति, बोली भाषा से जुड़ाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा सोशल मीडिया में अधिक सक्रिय है। सोशल मीडिया में अपनी लोक भाषा गढ़वाली, कुमाऊंनी व उत्तराखंड की अन्य बोली भाषा में संवाद करने से युवा पीढ़ी के साथ-साथ भावी पीढ़ी को भी अपनी बोली व संस्कृति से जुड़ने का मौका मिलेगा। सीएम ने लोगों से अपेक्षा की है कि वे समय-समय पर सोशल मीडिया पर गढ़वाली, कुमाऊंनी व उत्तराखंड की अन्य बोली भाषा में भी उनसे संवाद स्थापित करेंगे।

आग लगने से मकान राख, मवेशी की मौत

तहसील क्षेत्र के मगर डोर गांव में आग लगने से एक दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। अग्निकांड के समय घर में मौजूद पांच लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इस हादसे में एक क मवेशी की जलकर मौत गई। बुधवार देर रात करीब 12.15 बजे मगर डोर गांव निवासी भवान सिंह के रसोई घर में आग लग गई। रसोई घर की आग ने दो मंजिले मकान को पूरी तरह से अपने आगोश में ले लिया। लकड़ी के बने इस मकान में तेजी से आग भड़क गई। घर में सो रहे पांच लोगों को जैसे ही तेज धुएं के कमरों में भर जाने का ऐहसास हुआ उन्होंने तत्परता से भागकर अपनी जान बचाई । घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक दीन दयाल वर्मा व ग्रामीणों की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इसमें वे विफल रहे। इस घटना के बाद भवान सिंह का परिवार सड़क पर आ गया है। फिलहाल परिवार ने गांव में दूसरे व्यक्ति के मकान में शरण ली है।

भूस्खलन से दस दुकानें हुई मलबे में ध्वस्त

भारी बारिश से चमियाला बाजार में भूस्खलन से दस निर्माणाधीन दुकानें मलबे में दब गईं। यहां सड़क पर खड़ा डंपर भी मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया।
चमियाला-बूढ़ाकेदार सड़क पर मलबा आने से दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। भूस्खलन से आसपास की दुकान और भवनों को भी खतरा बना हुआ है।
चमियाला क्षेत्र में बुधवार शाम से ही भारी बारिश शुरू हो गई थी, जिससे रात को चमियाला बाजार में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन से चमियाला निवासी सोहन लाल पुत्र रैठू लाल की निर्माणाधीन दुकानें मलबे में दब गईं।
दुकानों पर एक सप्ताह पूर्व छत डाली गयी थी, लेकिन भूस्खलन से आठ दुकानें पूरी तरह मलबे में दब गई। जबकि दो दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आसपास के भवन और दुकानों को भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। भूस्खलन के मलबे से चमियाला-बूढ़ाकेदार मार्ग पर गुरुवार सुबह दो घंटे तक यातायात बाधित रहा।