राज्य अतिथि गृह और मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं को मिली रफ्तार, मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में राज्य के पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में दो अहम परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठकों में रुद्रप्रयाग जनपद के रतूड़ा गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह तथा चमोली जिले के जोशीमठ के रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने और आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

रतूड़ा में बनेगा आधुनिक पहाड़ी शैली का राज्य अतिथि गृह
बैठक में रुद्रप्रयाग जनपद के ग्राम रतूड़ा में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विचार-विमर्श किया गया। करीब 34.29 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना को मुख्यमंत्री घोषणा से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताया गया। प्रस्तुतीकरण के दौरान सचिव राज्य संपत्ति डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन का डिजाइन पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय दिखाई दे। उन्होंने कहा कि अतिथि गृह में 20 आधुनिक कक्षों के साथ दो वीवीआईपी सुइट और आवश्यक घरेलू सुविधाओं का समुचित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा परियोजना को अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक संशोधन किए जाएं। बैठक में विद्युत कार्यों की अलग डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने तथा सभी आवश्यक सुविधाओं को शामिल करते हुए संशोधित आगणन शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

केदारनाथ यात्रा क्षेत्र को मिलेगा नया लाभ
रतूड़ा क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त राज्य अतिथि गृह बनने से केदारनाथ यात्रा मार्ग और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले विशिष्ट अतिथियों, अधिकारियों तथा पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। राज्य सरकार इस परियोजना को पर्यटन अवसंरचना के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मान रही है।

जोशीमठ में पार्किंग संकट दूर करने की तैयारी
दूसरी बैठक में चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की समीक्षा की गई। औली देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण केंद्र है और वर्षभर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण जोशीमठ और औली क्षेत्र में यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए लगभग 5.69 करोड़ रुपये लागत से मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना के तहत लोअर ग्राउंड स्तर पर 51 तथा ग्राउंड फ्लोर पर 46 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 97 कारों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। पार्किंग परिसर तक पहुंचने के लिए सात मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित किया गया है। चयनित भूमि राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन है तथा उसे जिला विकास प्राधिकरण के पक्ष में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है।

सुरक्षा और सुगमता पर विशेष जोर
परियोजना पर विस्तृत चर्चा के बाद सचिव आवास विभाग डॉ. राजेश कुमार ने पार्किंग परिसर तक पहुंचने वाले मार्ग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग की चौड़ाई एक से दो मीटर तक बढ़ाने और प्रवेश तथा निकास मार्गों को अलग-अलग करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था विकसित करने को कहा। इससे यातायात संचालन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा। साथ ही जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया कि चयनित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया एक माह के भीतर पूरी कर शासन को अवगत कराया जाए।

पर्यटन और विकास को मिलेगी नई गति
सचिव आवास एंव राज्य संपत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि इन दोनों परियोजनाओं को उत्तराखंड में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक आधारभूत ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। एक ओर रुद्रप्रयाग में अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण से केदारघाटी में सरकारी एवं पर्यटन सुविधाओं को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर जोशीमठ में मल्टीलेवल पार्किंग बनने से औली आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप शासन इन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिल सके।

पर्यटन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रू डॉ. आर. राजेश कुमार
सचिव आवास एंव राज्य संपत्ति डॉ आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार राज्य में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। आज रुद्रप्रयाग के रडुआ गांव में प्रस्तावित राज्य अतिथि गृह तथा चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना की विस्तार से समीक्षा की गई। हमारा उद्देश्य है कि विकास कार्य स्थानीय जरूरतों, पहाड़ी भूगोल और पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप हों, ताकि सुविधाओं के साथ-साथ क्षेत्रीय पहचान भी बनी रहे। रडुआ में बनने वाला आधुनिक राज्य अतिथि गृह केदारघाटी आने वाले अतिथियों और पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। वहीं, जोशीमठ की मल्टीलेवल पार्किंग औली और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तकनीकी सुधारों के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में मां नंदा राजजात यात्रा और 2027 कुंभ मेले के सफल आयोजन पर हुई चर्चा

बस्तर, छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, आधारभूत संरचनाओं के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि राज्यों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और समन्वय से ही देश के समग्र एवं संतुलित विकास को नई गति प्रदान की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सहकारी एवं समन्वित संघीय व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान उत्तराखंड में वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली विश्वप्रसिद्ध मां नंदा राजजात यात्रा एवं दिव्य और भव्य कुंभ मेले की तैयारियों से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि ये दोनों आयोजन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन हैं। इन आयोजनों में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए केंद्र एवं राज्यों के समन्वित सहयोग की आवश्यकता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विरासत और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्यों के सहयोग से मां नंदा राजजात यात्रा और कुंभ मेले का आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, सुरक्षित और ऐतिहासिक रूप से सफल होगा।

बैठक में आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के मध्य समन्वय बढ़ाने, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्यों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं संयुक्त प्रयासों को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जनकल्याण, सुशासन, आधारभूत विकास, पर्यटन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा युवाओं एवं महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न राज्यों के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने पूर्व सीएम के निवास पहुंचकर खण्डूरी परिवार को दी सांत्वना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित बसंत विहार में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के आवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

छत्तीसगढ़ प्रवास से देहरादून पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री धामी सीधे स्वर्गीय खण्डूरी के निवास पहुंचे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें विनम्र नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूरी का जीवन अनुशासन, राष्ट्रसेवा, ईमानदारी और जनकल्याण के मूल्यों का प्रेरणादायी उदाहरण रहा है। भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाएं देने के पश्चात उन्होंने राजनीति और सार्वजनिक जीवन में भी उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूत आधार प्रदान करने में स्वर्गीय खण्डूरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने अपने कार्यकाल में जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यहित में अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए, जिनका लाभ आज भी प्रदेशवासियों को प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय खण्डूरी की पुत्री व विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी सहित अन्य परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह क्षति केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश की अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री धामी ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार एवं समर्थकों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

उत्तराखंड की बोली-भाषा का संवर्द्धन और बच्चों को नैतिक संस्कार देने जरूरीः बंशीधर तिवारी

देहरादून। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राज्य का चहुंमुखी विकास है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के विकास की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। पिछले चार साल के दौरान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, संचार और संसाधनों में तेजी से सुधार हुआ है। प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और साथ ही आर्थिक विकास की गति भी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की किरणें सीमांत गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी पहुंचे।

आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर राजेश कुमार एक निजी होटल में मासिक पत्रिका उत्तरजन टुडे के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सम्मान समोराह और मंथन ‘उत्तराखंड का दशकः चुनौतियां और संभावनाएं‘ विषय पर सरकार की विकास योजनाओं का खाका पेश कर रहे थे।‘ उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बुनियादी समस्याओं से निजात दिलाना है और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, संसाधन और रोजगारपरक विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि यह दशक उत्तराखंड का बने और प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो सके। इस मौके पर उन्होंने 1962 में बाक्सिंग में पहली बार देश को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल और प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया।

वहीं, इस मौके पर अति विशिष्ट अतिथि और मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज समाज में जीवन मूल्यों का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक संस्कार जरूर दें। इस मौके पर उन्होंने आम जनता से अपील की कि अपने बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाएं। बच्चे यदि नैतिक तौर पर संस्कारवान होंगे तो वह भविष्य में समाज के अच्छे नागरिक साबित होंगे। उन्होंने अपनी बोली-भाषा के संवर्द्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बोली-भाषाओं का संरक्षण और संवर्द्धन के लिए भी जागरूकता की जरूरत है। प्रदेश सरकार इस दिशा में काम कर रही है और साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

टिहरी गढ़वाल के अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने सरकार द्वारा जनहित में किये जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत चार-पांच साल के दौरान बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। सरकार आम जनता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का उनके दरवाजे पर समाधान मिल सके।

श्रीनगर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने मेडिकल चिकित्सा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज भी शुरू होंगे। इससे रोजगार सृजन होगा और प्रदेश में और अधिक भावी डाक्टरों के लिए दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।

इस मौके पर उत्तरजन की एक्सीक्यूटिव एडिटर रंजना रावत ने महिलाओं के सशक्तीकरण पर किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और उन्हें अधिक स्किल्ड बनाने पर जोर दिया। उत्तरजन के संपादक पीसी थपलियाल ने पत्रिका के विगत दस वर्षों की यात्रा और भविष्य का रोडमैप बताया। मंच संचालन योगाम्बर पॉली और मोनिका बिष्ट ने किया।

इस मौके पर समाज के विभिन्न वर्गों के 20 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव पुरस्कार दिये गये और 35 अन्य लोगों को उल्लेखनीय कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस मौके पर पूर्व आईजी सत्यशरण कोठियाल, पूर्व सूचना आयुक्त जेपी ममगाई, ललित जोशी, पूर्व कर्नल यदुवीर रावत, पूर्व कर्नल उमेश रावत, कर्नल राकेश कुकरेती, शिक्षाविद कमला पंत, इरा कुकरेती, सुरेश डंडरियाल, उद्यमी सुशील सिंह, वैभव गोयल, आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।

बाक्स

1- पदम बहादुर मल्ल, अर्जुन अवार्डी बाक्सिंग
2- डा. जयंत नवानी, आर्थाेपेडिक सर्जन

उत्तराखंड गौरव से सम्मानित व्यक्ति
1- डा. हेमंत पांडे वेज्ञानिक
2- डा0 सन्तन बड़थ्वाल और शैलेष पांडे, वैज्ञानिक एफआरआई
3- डा. एमपीएस बिष्ट भू- वैज्ञानिक
4 – डा. महेश कुड़ियाल, न्यूरो सर्जन
ब्रेक संस्कृति विभाग की टीम की प्रस्तुुति
5 – डॉली डबराल, साहित्यकार
6- अभिलाषा भारद्वाज, शिक्षाविद्
7- शकुंतला इष्टवाल, साहित्यकार
8- जयदीप रावत, असिस्टेंट डायरेक्ट, वाणिज्य कर विभाग
9- कर्नल रि. यशपाल नेगी, रिवर्स माइग्रेशन
10- डा. उदय बलूनी, सर्जन, बलूनी अस्पताल..
11- डा. रमेश कुंवर, डिप्टी सीएमओ हरिद्वार
12- सौरभ मैठाणी, लोक गायक, गाने के लिए अनुरोध
13- एडवोकेट नलिन सौन, हाईकोर्ट
14 -सतीश धौलाखंडी, सोशल एक्टिविस्ट टीम के साथ एक जनगीत
15- डा. अजय ढौंडियाल, पत्रकार
16 – श्याम सिंह चौहान, गीतकार
17 – आशीष ध्यानी, पत्रकार
18 – दीपक पोखरियाल, कैप्टन मर्चेंट नेवी
19 -संजय पालीवाल, होटल व्यवसायी
20 – राकेश चौहान, एक्सीक्यूटिव शेफ

मुख्यमंत्री धामी के निर्देशों पर आवास विभाग ने तेज की कार्रवाई, पार्किंग परियोजनाओं को मिली सैद्धान्तिक सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात और पार्किंग की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जनपद चमोली के गैरसैंण और जनपद बागेश्वर के काण्डा में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण परियोजनाओं को लेकर आवास विभाग ने विभागीय व्यय समिति की बैठकों में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में दोनों परियोजनाओं के विस्तृत आगणनों पर चर्चा करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए अग्रेतर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठकों में आवास विभाग, वित्त विभाग, नियोजन विभाग, संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से पर्वतीय नगरों में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के साथ स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।

गैरसैंण में 91 वाहनों की आधुनिक पार्किंग का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गैरसैंण में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण हेतु पेयजल निगम द्वारा ₹1504.35 लाख लागत का विस्तृत आगणन प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के अनुसार भू-तल पर 36 कार पार्किंग, 7 दुकानें और 2 कार लिफ्ट का प्रावधान किया गया है, जबकि टेरेस पर 55 कार पार्किंग और 1 अतिरिक्त कार लिफ्ट प्रस्तावित है। इस प्रकार कुल 91 वाहनों की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रस्ताव में बीआरसी/सीआरसी फैकल्टी हॉल और तीन क्लास रूम का भी प्रावधान रखा गया था। इस पर सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवास विभाग की जिम्मेदारी केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित है और अन्य अतिरिक्त निर्माण प्रस्तावों को हटाकर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संशोधित प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को व्यवहारिक और जनहितकारी स्वरूप में तेजी से आगे बढ़ाया जाए।

काण्डा में 53 वाहनों की पार्किंग सुविधा
बागेश्वर जनपद के काण्डा में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजना के संशोधित आगणन पर भी विभागीय व्यय समिति ने विस्तार से विचार किया। ₹540.85 लाख लागत की इस परियोजना में भूतल पर 7 दुकानें और 26 कार पार्किंग तथा प्रथम तल पर 27 कार पार्किंग प्रस्तावित की गई हैं। इसके अलावा शौचालय सुविधा का भी प्रावधान रखा गया है। इस प्रकार कुल 53 वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी। बैठक में सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि पार्किंग का संचालन जिला विकास प्राधिकरण, बागेश्वर द्वारा किया जाए और दुकानों का आवंटन जिला स्तरीय समिति के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। विभागीय व्यय समिति ने परियोजना की अनुमोदित लागत पर सैद्धान्तिक सहमति प्रदान करते हुए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

पर्वतीय शहरों को मिलेगी राहत – डॉ आ राजेश कुमार
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ आ राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाएं केवल वाहन खड़े करने की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि यह स्थानीय बाजारों को व्यवस्थित करने, यातायात दबाव कम करने और पर्यटन गतिविधियों को गति देने का माध्यम भी बनेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।

दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के लिये रवाना हुई चार अत्याधुनिक एम्बुलेंस, सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से एचडीएफसी बैंक की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के अंतर्गत जनहित के लिए प्रदान की गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का फ्लैग ऑफ किया। यह पहल राज्य के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। निजी संस्थाओं द्वारा जनहित में किया जा रहा सहयोग सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। एचडीएफसी बैंक द्वारा ब्ैत् के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं ये एम्बुलेंस जरूरतमंद लोगों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। राज्य सरकार जनभागीदारी एवं संस्थागत सहयोग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने एचडीएफसी बैंक की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बड़े धार्मिक आयोजनों, आपदा की स्थितियों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों और आगामी हरिद्वार कुंभ के लिए भी एचडीएफसी बैंक से सीएसआर के माध्यम से और एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है।

बैंक अधिकारियों ने अवगत कराया कि इन एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एवं आवश्यक आपातकालीन उपकरण उपलब्ध हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही आगामी तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में चिकित्सक, नर्स, अटेंडेंट एवं चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

प्रारंभिक चरण में ये एम्बुलेंस चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ एवं रुद्रप्रयाग जनपदों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी तथा भविष्य में राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों एवं आपदा प्रबंधन कार्यों में भी इनका उपयोग किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, विनोद कंडारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली, एचडीएफसी बैंक के से मुस्कान सिंह (ब्रांच बैंकिंग हेड- नॉर्थ 3), संजीव कौशिक (रीजनल हेड- नॉर्थ 3), जोनल हेड उत्तराखंड बकुल सिक्का, स्टेट हेड उत्तराखंड गौरव जैन एवं आयुष सिंघल मौजूद थे।

मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों को पत्र लिखकर दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार साल में सरकारी सेवा में चयनित हुए कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर, उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं प्रेषित की है।

मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में कहा है कि उत्तराखण्ड की जनता द्वारा उन्हें वर्ष 2022 में दूसरी बार मुख्य मुख्य सेवक का दायित्व सौंपा गया था। इस जनादेश की भावना के अनुसार कार्यभार ग्रहण करने के दिन से ही प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या को समाप्त करने के लिए, सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का व्यापक अभियान शुरु किया गया। इसके बाद बीते चार साल में राज्य सरकार द्वारा लगभग 30 हजार से अधिक युवाओं को राजकीय सेवक के रूप में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, यह अभियान आगे भी जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्र में कहा है कि अब युवा अपनी शानदार प्रतिभा और कठोर मेहनत के आधार पर राजकीय सेवा में चयनित हो रहे हैं। इस योग्यतम चयन में जहाँ एक ओर युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का योगदान है, वहीं राज्य सरकार के कठोर नकल विरोधी कानून के साथ ही निष्पक्ष, ईमानदार और पारदर्शी चयन प्रक्रिया ने भी युवा प्रतिभा को उचित सम्मान मिलना सुनिश्चित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि उत्तराखण्ड राज्य के राजकीय सेवक के रूप में चयन होना सभी कार्मिकों के परिवार के साथ ही राज्य सरकार के लिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने चयनित कार्मिकों से निष्पक्ष एवं ईमानदार रहकर अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन करने की अपील करते हुए कहा है कि राजकीय सेवक के रूप में वो मानवीय मूल्यों के साथ आमजन की सेवा में हमेशा तत्पर रहें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई चयनित युवाओं से दूरभाष पर बात कर, उन्हें उत्साह पूर्वक जनसेवा में योगदान देने की भी अपील की है।

सीएम ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में अमर उजाला द्वारा आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं तथा देश और प्रदेश का भविष्य उनकी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प पर निर्भर करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर उजाला द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जो युवा प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने इस वर्ष उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के उत्कृष्ट परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विशेष रूप से बेटियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को आकार देने में गुरुजनों एवं माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं और विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्य भी प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार, नवाचार, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प की पूर्ति में शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड परिक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 प्रतिशत विद्यार्थी हैं, जबकि 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12 प्रतिशत विद्यार्थी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष 10 राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। इस अवसर पर अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, अमर उजाला के संपादक श्री अनूप बाजपेयी मौजूद थे।

राज्य आन्दोलनकारियों की जगी उम्मीद, डीएम ने तहसीलों से 7 दिन के भीतर समस्त लंबित सूचियों पर की रिपोर्ट तलब

जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार कलेक्टेªट में राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित एक-एक आंदोलनकारियों के बारी-बारी से सुझाव सुने तथा उनकी शंकाओं का भी समाधान किया।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपनी-अपनी तहसीलों में लंबित समस्त चिन्हीकरण प्रकरणों एवं सूचियों पर गंभीरता से कार्यवाही करते हुए 07 दिवस के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक प्रकरण का पारदर्शी एवं तथ्यपरक परीक्षण किया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चिन्हीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाने के लिए संबंधित क्षेत्रीय आन्दोलनकारी समिति के सदस्यों को भी प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाए, जिससे वास्तविक आन्दोलनकारियों के मामलों का निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर लंबित मामलों से संबंधित आख्या एवं अभिलेख 07 दिवस के भीतर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञातब्य है कि शासन द्वारा राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए 06 माह का समय विस्तार प्रदान किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवधि के भीतर सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं न्यायसंगत निस्तारण हेतु गंभीरता से कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई है। जिन आंदोलनकारियों के रिकार्ड नहीं मिल रहे है ऐसे आंनदोलनकारियों को चिन्हित करने हेतु वरिष्ठ आंदोलनकारियों एवं समिति के सदस्यों द्वारा दिए गए शपथपत्र के माध्यम से चिन्हीकरण किए जाने हेतु जिला प्रशासन द्वारा शासन को अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया है, जिस पर शासन स्तर से निर्णय होना है।

बैठक में उपस्थित राज्य आन्दोलनकारियों ने चिन्हीकरण प्रक्रिया को गति देने एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। आन्दोलनकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि जिलाधिकारी के कार्यकाल में लंबे समय से लंबित मामलों का समाधान होगा तथा पात्र आन्दोलनकारियों को न्याय मिल सकेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आंनद, पुलिस अधीक्षक जया बलूनी, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, राज्य आंदोलनकारी सरोज डिमरी, उर्मिला शर्मा, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, जयप्रकाश उत्तराखण्डी, योगेश भट्ट, ओपी उनियाल, देवी गोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूरी आदि उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने सितारगंज में सीसी पुल का किया शिलान्यास, 150 मीटर लंबे पुल बनने से 50 हजार की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सितारगंज के शक्तिफार्म को सिडकुल क्षेत्र से जोड़ने हेतु सिसौना नदी पर लगभग 11 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 150 मीटर स्पान सीसी पुल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 50 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलेगा तथा सिडकुल सितारगंज एवं विकासखंड कार्यालय सिसौना तक पहुंचने के लिए लगभग 9 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पुल क्षेत्र में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर जनपद एवं शक्तिफार्म-सितारगंज क्षेत्र के विकास हेतु अनेक महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शक्तिफार्म में पीपीपी मॉडल के माध्यम से मिल्क पाउडर, आइसक्रीम एवं चीज निर्माण से संबंधित आधुनिक डेयरी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है। इसके साथ ही प्रह्लाद पलसिया में लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसका लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचसी को 30 बेड के सीएचसी में उच्चीकृत किया गया है। साथ ही सितारगंज-टनकपुर फोरलेन सड़क, आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली, विभिन्न मोटर मार्गों और मल्टी स्टोरी पार्किंग के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद ऊधमसिंह नगर में किच्छा में लगभग 351 करोड़ रुपये की लागत से 100 एकड़ भूमि पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पंतनगर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के हवाईअड्डे के निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गदरपुर एवं खटीमा बाईपास, खटीमा और किच्छा बस अड्डों, खेल स्टेडियमों, साइकिलिंग ट्रैक, एथलेटिक्स ट्रैक तथा औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना को पुनः प्रारंभ कर तराई क्षेत्र की पेयजल एवं सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। किसानों के हित में गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जो भी विकास कार्य प्रारंभ करती है, उसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जनता को समर्पित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और पारदर्शी प्रशासन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु किए जा रहे कार्य ऐतिहासिक हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख उपकार सिंह बल, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।