मुख्यमंत्री ने करोड़ो रुपये के बाढ़ सुरक्षा और नहर कार्यों का किया लोकार्पण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कालूवाला देहरादून में सिंचाई विभाग की कुल 7 करोड़ 64 लाख 20 हजार की दो योजनाओं का लोकार्पण किया। जिसमें 4 करोड़ 94 लाख 58 हजार की लागत के बड़ोवाला नहर का पुनरोद्धार एवं 02 करोड़ 69 लाख 63 हजार की लागत का जौलीग्रांट नहर के हेड का विस्तारिकरण व पुनरोद्धार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नथुवावाला-बालावाला-मियांवाला नहर सेवा मार्ग का जीर्णोद्धार, सांकरी नहर का पुनरोद्धार, धूड़ वाला नहर का पुनरोद्धार, राजीव नगर केशवपुरी बस्ती, सौंग नदी से बाढ़ सुरक्षा का कार्य, सीपैट संस्थान की सुरक्षा का कार्य, कालूवाला क्षेत्र में सिंचाई के लिए नलकूप निर्माण, कालूवाला में आंतरिक सड़कों के निर्माण, कालूवाला मंदिर के समीप खाली जमीन पार्क के निर्माण व कालूवाला क्षेत्र के लिए प्रवेश स्थल पर वीर शहीदों की स्मृति में शहीद द्वार बनाने की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हैल्पलाईन 1905 बनाया गया है। किसी भी समस्या के लिए इस हैल्पलाईन पर कॉल किया जा सकता है। इसमें समाधान तब माना जायेगा, जब शिकायतकर्ता संतुष्ट हो जायेगा उनका समाधान हो चुका है। अभी तक सीएम हैल्पलाईन पर 23 फरवरी को शुरूआत होने से अब तक 14 हजार शिकायतें आयी हैं, जिनमें से 7 हजार शिकायतों का समाधान हो चुका है। सीएम हैल्पनाईन पर सुझाव भी प्राप्त हो रहे हैं, महत्वपूर्ण सुझावों को योजनाओं में सम्मिलित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फेसबुक, ट्वीटर, इंस्ट्राग्राम व यूट्यूब पर जेतंूंजइरच आईडी पर अपने सुझाव दे सकते हैं। जनता से कई ऐसे सुझाव मिलते हैं जो विकास व कई योजनाओं को बनाने में बहुत उपयोगी सिद्ध होते हैं। जन सुझावों के आधार पर राज्य में थानो के लिए निधि बनाने का सुझाव आया। थानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए थाना विविध निधि बनाई गई जो काफी कारगर साबित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढ़ाई साल में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार ने हर संभव प्रयास किये हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाये और इसके सकारात्मक परिणाम आज हमारे सामने हैं। हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा-बच्चा हॉस्पिटल खोला जा रहा है, जो लगभग 2 वर्ष में बनकर तैयार हो जायेगा। रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी बन रही है। जौलाग्रांट एयरपोर्ट का विस्तार किया जा रहा है। कुंआवाला (हर्रावाला) में कोस्ट गार्ड भर्ती सेंटर खोला जा रहा। इसमें प्रतिवर्ष 1500 भर्तियां होंगी। उत्तराखण्ड फिल्म की शूटिंग के लिए डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। पिछले ढ़ाई साल में उत्तराखण्ड में 200 से अधिक छोटी व बड़ी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी। सूर्यधार, सौंग व मलढ़ूग परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से देहरादून को पूर्ण ग्रेविटी का पानी उपलब्ध होगा। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 600 करोड़ रूपये का इन्वेस्टमेंट सोलर पैनल के माध्यम से सोलर इनर्जी के लिए योजना लाई गई है। इस और आगे बढ़ाया जायेगा। पांच मेगावाट तक के प्रोजक्ट चाहे वे सोलर के हों या हाइड्रो के हों उत्तराखण्ड के निवासियों के लिए रिजर्व किये गये हैं, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार मिले व उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो।

’’चैंपियन के जवाब देने पर कार्रवाई करने का’’ नया बयान आने से भाजपा की फजीहत

उत्तराखंड भाजपा ने खानपुर विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के निष्कासन के संबंध में अपने ही प्रभारी का बयान पलट दिया है। पार्टी ने कहा कि चैंपियन को अभी निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें निष्कासन का नोटिस दिया गया है। उन्हें 10 दिन में नोटिस का जवाब देना है।
जवाब प्राप्त होने के बाद केंद्रीय नेतृत्व कार्रवाई तय करेगा। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रभारी श्याम जाजू ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व से चैंपियन के निष्कासन की सिफारिश की थी, जिसे मान लिया गया। उन्होंने दावा किया था कि चैंपियन को निष्कासित कर दिया गया है। हालांकि पार्टी ने अपना बयान बदला है। लेकिन कई बड़े नेता दबी जुबान से चैंपियन की पार्टी से बर्खास्तगी तय मान रहे हैं।
शुक्रवार को भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने प्रदेश पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चैंपियन के निष्कासन से इनकार किया। उन्होंने दोहराया कि चैंपियन के नए वीडियो के संबंध में पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।

जवाब मिलने के बाद संगठन लेगा निर्णय
नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वीडियो के संदर्भ में क्यों न पार्टी से निष्कासित कर दिया जाए। नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है। जवाब प्राप्त होने या न प्राप्त होने की दशा में संगठन अपना निर्णय लेगा। कार्रवाई की जो भी स्थिति बनेगी, उसे केंद्रीय नेतृत्व को संस्तुति भेजेगा। विधायक चैंपियन का तीन माह का निलंबन अनिश्चितकाल के लिए कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने भी अपने स्तर पर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए केंद्रीय नेतृत्व से विधायक चैंपियन के निष्कासन की सिफारिश की है। किसी विधायक या सांसद को पार्टी से निष्कासित करने का अंतिम अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को है। इसीलिए पार्टी केंद्रीय नेतृत्व से कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

चैंपियन का निष्कासन तय …
सूत्रों की मानें तो भाजपा से चैंपियन का निष्कासन तय है। यही वजह है कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने उनके निष्कासन की घोषणा करने में कोई संकोच नहीं किया। लेकिन संगठन स्तर पर किसी जनप्रतिनिधि के निष्कासन की एक प्रक्रिया है। पार्टी अपनी इस संविधानिक प्रक्रिया से बंधी है। इसके अनुसार, किसी सांसद या विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पार्टी को उसे 10 दिन का नोटिस देना आवश्यक है। जवाब प्राप्त होने के बाद पार्टी एक्शन ले सकती है।

भाजपा ने निष्कासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उन्हें समय दिया गया है। उन्हें जवाब देना है। लेकिन ये स्पष्ट है कि इस तरह की भाषा बोलने वाले और उत्तराखंड को गाली देने वाले के लिए भाजपा में कोई जगह नहीं है।
– अनिल बलूनी, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व राज्यसभा सांसद

जानिए किसने कहा-बीजेपी उत्तराखंड बहुत चतुराई से कौवे को भी तीतर बताकर खा जाती है

देवप्रयाग में शराब के बॉटलिंग प्लांट को लेकर सियासी हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ई-पत्र लिखा है। चुटीले अंदाज में लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि उनके कार्यकाल में देवप्रयाग क्षेत्र में पानी व फ्रूटी बॉटलिंग प्लांट लगा। मेरा लगाया पौधा, पानी व फ्रूटी बॉटलिंग प्लांट का था। आपने कुशल माली के तौर पर उस पर अन्य कलम लगा दी। मेरे कार्यकाल में केवल लाइसेंस दिया गया, जिस पर आगे की कार्रवाई आपकी पार्टी सहित स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए रोक दी गई। यदि आप शराब बनाने का लाइसेंस नहीं देना चाहते तो आपकी सरकार रिन्युअल नहीं करती। बीजेपी उत्तराखंड बहुत चतुराई से कौवे को भी तीतर बताकर खा जाती है।
दरअसल, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीते रोज उक्त बॉटलिंग प्लांट को अनुमति देने को पूर्व सीएम हरीश रावत पर यह कहते हुए हमला बोला था कि वह पहले पौधा लगाते हैं, फिर उसे उखाड़ने में लग जाते हैं। इस पर प्रतिक्रिया में पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि हमने मैदानों में डिस्टलरीज, फुटहिल्स में वाइनरीज व रागी बियर प्लांट व मध्य हिमालय में फ्रूट वाइन्स व वाटर व ऑयल बॉटलिंग प्लांट लगाने की नीति पर काम किया। समय कम मिला, हम इन नीतियों को पूरी तरह धरातल पर नहीं उतार पाए।

पूर्व मंत्री नैथानी ने बोला भाजपा सरकार पर हमला
पूर्व शिक्षा मंत्री एवं देवप्रयाग क्षेत्र के पूर्व विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी ने एनसीसी ट्रेनिंग एकेडमी श्रीकोट माल्दा (टिहरी) से हटाकर देवाल गांव (पौड़ी) ले जाने के मौजूदा भाजपा सरकार के फैसले पर सख्त आपत्ति की है। उन्होंने टिहरी जिलाधिकारी के श्रीकोट माल्दा के ग्रामीणों के सशर्त भूमि देने के कथन को झूठा करार दिया। उनके क्षेत्र में शराब के बॉटलिंग प्लांट लगाने के सरकार के फैसले को जनविरोधी करार देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में कांग्रेस, उन्हें और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
देवप्रयाग क्षेत्र से एनसीसी एकेडमी हटाने और शराब के बॉटलिंग प्लांट मामले में पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी खुलकर सामने आए। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवनों में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दोनों मुद्दों पर भाजपा सरकार पर हमला बोला। साथ ही इस मामले में पिछली कांग्रेस सरकार का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी एकेडमी की श्रीकोट माल्दा में स्थापना को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पांच दिसंबर, 2016 को शिलान्यास किया था। एकेडमी के लिए श्रीकोट माल्दा के किसानों ने 200 नाली भूमि दान स्वरूप दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी एकेडमी बचाओ संघर्ष समिति देवप्रयाग विकासखंड मुख्यालय हिंडोलाखाल में आंदोलन जारी रखेगी। सरकार को अपना फैसला वापस लेना चाहिए।

गैरसैंण में भूमि खरीद पर रोक हटाने के विरोध में उतरी प्रदेश कांग्रेस
कांग्रेस प्रदेश में सरकार के फैसलों के खिलाफ जन आक्रोश को भुनाने में जुट गई है। राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं से जुड़े गैरसैंण समेत आसपास के 27 गांवों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर लगी पाबंदी हटाने के त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन को तेज करने की ठान ली है। गैरसैंण में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी अपनी दिल्ली यात्रा के बीच से ही वापस गैरसैंण लौटने और शुक्रवार को वहां गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी कहा कि गैरसैण में पूर्व में लागू भू कानून को यथावत रखा जाए अन्यथा पार्टी पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतर कर इसका विरोध करेगी।
गैरसैंण को लेकर एक बार फिर सरकार व सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस फिर आमने-सामने हो गई हैं। मंत्रिमंडल ने बीते रोज चमोली जिले के गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद पर पाबंदी खत्म करने का फैसला लिया है। पिछली कांग्रेस सरकार ने 16 नवंबर, 2012 को आदेश जारी कर गैरसैंण व आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद चमोली के तत्कालीन जिलाधिकारी ने 23 नवंबर, 2012 को आदेश जारी कर गैरसैंण तहसील के 27 गांवों में भूमि की खरीद-बिक्री पर रोल लगा दी थी। अब भाजपा सरकार ने गैरसैंण व आसपास के क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री का बैनामा या रजिस्ट्री न होने और 10 रुपये के स्टांप पेपर पर भूमि की खरीद किए जाने से मालिकाना हक को लेकर विवाद को आधार बनाकर उक्त रोक हटाने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले का विरोध करने का निर्णय लिया है। गैरसैंण में इस मामले पर हो रहे प्रदर्शन को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने समर्थन तो दिया ही, साथ में खुद भी गैरसैंण पहुंचकर गिरफ्तारी देने की घोषणा की है। कांग्रेस इस मुद्दे को तूल देने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य की प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में जमीनों की खरीद फरोख्त पर लगाई गई रोक हटाने का फैसला राज्य निर्माण आंदोलन की भावना के विपरीत है। इस मामले में भाजपा सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए प्रीतम ने कहा कि इस निर्णय से राज्य निर्माण की भावनाएं आहत हुई हैं। गैरसैंण को राजधानी बनाने के सपने को ग्रहण लगा है। राज्य सरकार खनन माफिया, भू-माफिया और शराब माफिया के हाथों की कठपुतली बन गई हैं।

गैरसैंण तहसील के इन क्षेत्रों में भूमि खरीद पर लगी रोक हटाई
आदि बदरी के हालीसेरा एफ आदि बदरी, खेती व मालसी गांव
गैरसैंण के मरोड़ा, कुनेली लग्गा मरोड़ा, सलियाणा, ग्वाड, जैंतोली ग्वाड, पटौडी लग्गा गैड़, गैड, कोलियाणा, गडोली, धार गैड़, सौनियाणा, रीठिया व निगालसैंण गांव
सिलपाटा के सारकोट व परवाड़ी गांव
पंचाली के सिंलगी, बौसाड व सैंजी गांव
महलचैरी के आगर लग्गा गांवली, फरसौं, विसराखेत, भनोट ग्वाड, मैहलचैरी व रंगचैड़ा गांव।

शिकायत मिलने के एक सप्ताह में कुछ न करने पर होगी कार्यवाही

जो अधिकारी सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत प्राप्त होने के एक सप्ताह में कोई भी कार्यवाही नहीं करते हैं और बिना समाधान के शिकायत अगले स्तर पर चली जाती है तो ऐसे लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध शासकीय कार्यवाही की जाएगी। शिकायत निस्तारण की केवल खानापूर्ति करने या गलत तरीके से निस्तारण करने वाले अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर सीएम हेल्प लाईन पर प्राप्त जन शिकायतों व जन समस्याओं पर समयबद्ध रूप से कार्यवाही कर रिपोर्ट सीएम हेल्पलाईन पर ऑनलाईन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सीएम हेल्पलाईन पर एल-3 एल-4 स्तर के अधिकारी, शिकायतों को फोर्स क्लोज या स्पेशल क्लोज तभी करें जब बहुत आवश्यक हो, विभागीय कार्यवाही की जा चुकी हो और शिकायतकर्ता से अधिकारियों और कॉल सेंटर द्वारा सम्पर्क किया जा चुका हो। मांग जैसी प्रतीत होने वाली शिकायतों को फोर्स क्लोज करने की बजाय मांग के रूप में परिवर्तित किया जाए, जिसे भविष्य में आवश्यकतानुसार घोषणाओं के लिए चिन्हित या सम्मिलित किया जा सके।
अधिकारियों की सुविधा के लिए सीएम हेल्पलाईन एप भी उपलब्ध है। कम्प्यूटर के अतिरिक्त स्मार्ट फोन पर भी सीएम हेल्पलाईन एप पर लॉगइन कर सकते हैं। प्रत्येक माह सभी एल 1, एल 2, एल 3 व एल 4 स्तर के अधिकारियों का शिकायतों के निस्तारण के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। हर महीने मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव या अपर मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा बैठक की जाएगी।

आखिरकार भाजपा ने लिया निर्णय, बर्खास्त हुए कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन

आखिरकार भाजपा ने खानपुर (हरिद्वार) के विवादित विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी से बर्खास्त कर दिया। बुधवार को प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। गुरुवार को प्रदेश भाजपा की ओर से चैंपियन को बर्खास्तगी का नोटिस भी भेजा गया। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने चैंपियन के पार्टी से निष्कासन की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि हालिया वायरल वीडियो में उन्होंने जो और जिस तरह की हरकत की है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उनकी इन्हीं हरकतों का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व से उनके निष्कासन की सिफारिश की गई थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है।
विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का विवादों से पुराना नाता रहा है। मार्च 2016 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने के बाद भी वह लगातार विवादों में रहे। लोकसभा चुनाव के दौरान विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल के मध्य छिड़ी रही जुबानी जंग ने पार्टी को असहज कर दिया था। प्रकरण की जांच हुई लेकिन जब तक इस पर कोई कार्रवाई होती विधायक चैंपियन ने दिल्ली में पत्रकारों संग बदसलूकी कर डाली। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में खूब उछला। इस पर पार्टी ने उन्हें तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। इस प्रकरण को हुए अब कुछ ही समय बीता था कि सोशल मीडिया पर चैंपियन का एक और वीडियो वायरल हुआ।
इसमें वह एक पार्टी के दौरान शराब पीते व हथियार लहराते नजर आए। वीडियो में वह उत्तराखंड को लेकर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी भी कर रहे थे। इस प्रकरण से असहज हुई भाजपा ने बीते रोज ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दे दिए थे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने इस मामले में सबसे पहले कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मामले को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष उठाने की बात कही थी।
गुरुवार शाम प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने बताया कि राज्य नेतृत्व की निष्कासन की सिफारिश पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने अपने मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि लोक प्रतिनिधि का क्या और किस तरह का व्यवहार होना चाहिए, पार्टी में इसके मापदंड तय हैं। इसके आधार पर पार्टी सभी लोक प्रतिनिधियों के आचार-विचार का संज्ञान ले निर्णय करती है। उन्होंने कहा कि कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी ने तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था मगर उन्होंने अपने आचरण में कोई सुधार नहीं किया।
इससे पहले गुरुवार को भाजपा प्रदेश महामंत्री अनिल गोयल ने विधायक कुंवर प्रणव को नोटिस भेजा, जिसमें यह कहा गया कि क्यों न उनका निष्कासन कर दिया जाए। वहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी विधायक चैंपियन के बयान को अत्यंत लज्जाप्रद बताया। गुरुवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सामान्य व्यक्ति से भी इस तरह की अपेक्षा नहीं की जाती। इसे बिल्कुल उचित नहीं ठहराया जा सकता।

विधायक के उत्तराखंड अपमान के बाद बैकफुट पर भाजपा

हाथों में बंदूक और तमंचा लहरा कर नाचने का वीडियो वायरल होने के कारण चर्चा में हुए उत्तराखंड के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भाजपा से निष्कासित होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संसद भवन में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि विधायक को पार्टी पहले ही अनुशासनहीनता के आरोप में तीन महीने के लिए निलंबित कर चुकी है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने बुधवार को इस मामले को अध्यक्ष अमित शाह के संज्ञान में लाया। बलूनी ने चैंपियन की कई अन्य करतूतों के बारे में शाह को अवगत कराया। इसके बाद संसद भवन में ही शाह ने प्रदेश अध्यक्ष भट्ट और बलूनी के साथ चर्चा की। इस दौरान पूरे मामले की शाह ने विस्तृत जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि विधायक बनने के बाद से ही चैंपियन लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पत्नी के लिए टिकट मांग रहे चैंपियन ने वर्तमान मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को प्रवासी पक्षी बताया था। इसी बैठक में शाह ने चैंपियन को पार्टी से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।

निष्कासित हुए तो बढ़ेंगी मुश्किलें
विधायक चैंपियन की असली मुश्किलें पार्टी से निष्काषण के बाद शुरू होगी। वायरल वीडियो की जांच होगी। इस दौरान पता लगाया जाएगा कि जिस बंदूक और तमंचे को लहराते हुए विधायक ने नृत्य किया था वह लाइसेंसी है या नहीं।
इसके अलावा उनके द्वारा सरकारी संपत्ति पर नियम विरुद्ध कब्जा करने की भी जांच होगी। दरअसल शाह ने निष्कासन का आदेश देने के साथ ही उनसे जुड़े मामलों की जांच केभी आदेश दिए हैं।

पहले भी हो चुके हैं निलंबित
भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि विधायक के खिलाफ इससे पहले भी कई गंभीर और अस्वीकार्य शिकायतें आ चुकी हैं। वीडियो अत्यंत आपत्तिजनक है। ऐसी शिकायतों के करण ही उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित किया गया था। अब इस मामले में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ई वाहन और स्टार्ट अप पर फोकस, आयकर में कोई बदलाव नही

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया। बजट में उन्होंने गरीबों को काफी तोहफे दिए। वहीं अमीरों पर टैक्स की दर बढ़ा दी है। इसके अलावा मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि मध्यम वर्ग के घर खरीदने के सपने को सरकार पूरा करेगी। घर खरीदने के लिए कर्ज पर मिलने वाली छूट को दो लाख से बढ़ाकर साढ़े तीन लाख कर दिया गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा होगा क्योंकि अब इस पर एक-एक रुपये का सेस लगेगा।

सोना, तंबाकू, पेट्रोल-डीजल महंगा
बजट में सोने पर लगे शुल्क को 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया गया है। तंबाकू पर अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। वहीं पेट्रोल-डीजल पर एक-एक रुपये का अतिरिक्त सेस लगाया गया है। जिससे अब वाहन चालकों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।

जितनी कमाई, उतना टैक्स
मोदी सरकार ने ज्यादा कमाई करने वालों को झटका दिया है। दो करोड़ तक के टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं किया है लेकिन सालाना दो से पांच करोड़ रुपये कमाने वालों को तीन फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा। वहीं पांच करोड़ से ज्यादा की कमाई वालों पर सात प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है।

ज्यादा पैसे निकालने पर लगेगा टैक्स
यदि कोई शख्स बैंक से एक साल में एक करोड़ से ज्यादा की राशि निकालता है तो उसे दो फीसदी का टीडीएस देना होगा। मतलब एक करोड़ से ज्यादा की राशि निकालने पर आपके खाते से दो लाख रुपये टैक्स के तौर कट जाएंगे।

आधार के जरिए भी दे सकते हैं टैक्स
मोदी सरकार ने आयकर रिटर्न को लेकर बड़ा एलान किया है। रिटर्न भरने के लिए अब पैन कार्ड जरूरी नहीं है। करदाता आधार कार्ड के जरिए भी टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। वित्तमंत्री ने ईमानदार करदाताओं को धन्यवाद दिया।

मध्यम वर्ग को हाउसिंग लोन पर छूट
मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग के अपना घर खरीदने के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा एलान किया है। अब 45 लाख रुपये तक का घर खरीदने पर अतिरिक्त डेढ़ लाख रुपये की छूट मिलेगी। यानी घर के लिए यदि आपने कर्ज लिया है तो आपको साढ़े तीन लाख रुपये की छूट मिलेगी जो पहले दो लाख थी। वहीं इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ढाई लाख की छूट दी जाएगी।

सरकार लाएगी नए सिक्कों की सीरिज
वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की कि विनिवेश के जरिए एक लाख करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। एयर इंडिया में भी विनिवेश किया जाएगा। कर्ज देने वाली कंपनियों को अब सीधे रिजर्व बैंक नियंत्रित करेगा। सरकार एक से 20 रुपये के सिक्कों की नई सीरिज जारी करेगी।

नारी तू नारायणी
वित्त मंत्री ने महिलाओं को नारी तू नारायणी बताते हुए कहा कि उसके बिना देश का विकास नहीं हो सकता है। जनधन महिला खाताधारकों को पांच हजार रुपये ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। महिलाओं के अलग से एक लाख रुपये का मुद्रा लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 36 करोड़ एलईडी बल्ब बांटे हैं जिसके जरिए देश के सालाना 18431 करोड़ रुपये बचते हैं। रेलवे स्टेशनों का बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

कंपनियों को देना होगा 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स
वित्त मंत्री ने कहा कि 400 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा। देश की 99 फीसदी कंपनियां इसके अंतर्गत आ जाएंगी। ईलेक्ट्रिक वाहनों पर लगने वाली जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर पांच किया जाएगा। स्टार्टअप्स के लिए बड़ी छूट का एलान किया गया है। स्टार्टअप्स को एंजल टैक्स नहीं देना होगा। आयकर विभाग इनकी जांच नहीं करेगा।

एफडीआई को लेकर एलान
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि मीडिया, एविएशन, एनिमेशन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। बीमा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई पर भी विचार किया जा रहा है। अतंरिक्ष के क्षेत्र में भारत एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है। हमारी सरकार इस ताकत को और बढ़ाना चाहती है। सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

छोटे दुकानदारों को मिलेगी पेंशन
मोदी सरकार छोटे दुकानदारों को 60 साल की आयु के बाद पेंशन देगा। वहीं उनके कर्ज को 59 मिनट में मंजूरी देनी होगी। इस योजना का लाभ तीन करोड़ से ज्यादा दुकानदारों को मिलेगा। सरकार सभी को 2022 तक घर देने की योजना बना रही है।

सभी को मिलेगा स्टैंडअप इंडिया का लाभ
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को लाभ मिलेगा। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए दूरदर्शन पर कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

पांच ट्रिलियन डॉलर की होगी इकोनॉमी
वित्त मंत्री का कहना है कि आगामी पांच सालों में भारत की इकोनॉमी पांच ट्रिलियन डॉलर की होगी। वहीं इसी साल भारत तीन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगी। आगामी वर्षों में सरकार द्वारा और फेसिलिटेशन सेंटर खोले जाएंगे।

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार है। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के लिए कई प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। बजट में वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार जल्द ही नई शिक्षा नीति लाएगी। देश में शोध की गुणवत्ता सुधारने और प्रौद्योगिकी समेत अन्य क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन बनाया जाएगा।

खेल में करियर
सरकार राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का गठन करेगी। ताकि जो बच्चे, युवा खेल में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें मदद मिल सके। उच्च शिक्षा और शीर्ष संस्थानों के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये खर्च किये जाने का प्रावधान किया गया है। देश में स्किल्ड मैनपावर बढ़ाने के लिए एक करोड़ युवाओं को कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जाएगी। विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन कोर्स चलाने पर फोकस किया जाएगा। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने या किसी अन्य कारण से किसी की पढ़ाई न रुके। स्टडी इंडिया रू स्टडी इंडिया प्रोग्राम चलाया जाएगा। ताकि ज्यादा से ज्यादा विदेशी छात्र-छात्राओं को भारत में पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके।

रेल इंफ्रा के लिए सरकार खर्च करेगी 50 लाख करोड़ रुपये
भारतीय रेलवे के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पीपीपी मॉडल लाया जाएगा। 12 साल में सरकार रेल इंफ्रा के लिए 50 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। 2019 में मेट्रो की लंबाई बढ़ेगी।

किसान को क्या मिला
10 हजार नए किसान उत्पादक संगठनों का अगले पांच साल में निर्माण किया जाएगा। जीरो बजट खेती पर जोर दिया जाएगा। खेती के बुनियादी तरीकों पर लौटना इसका उद्देश्य है। इसी से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पूरा होगा।

सफाई और गांवों पर सरकार का जोर
साल 2014 के बाद 9.6 करोड़ शौचालय का निर्माण किया गया है। 5.6 लाख गांव आज देश में खुले से शौच से मुक्त हो गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

तो हरीश ने अपने चहेते को कमान देने के लिए इस्तीफे का दाव चला

लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रीय महासचिव और असम प्रभारी के पदभार से इस्तीफा देकर हरीश रावत ने प्रदेश में कांग्रेस की सियासत को गर्मा दिया है। रावत के इस्तीफे के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत प्रदेश पदाधिकारियों पर भी इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ गया है।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद जिस तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पद छोड़ा है, उससे कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में हलचल और असमंजस बढ़ गया है। अपने इस्तीफे के बाद राहुल गांधी पार्टी के अन्य पदाधिकारियों को भी निशाने पर ले चुके हैं। इस बीच राष्ट्रीय महासचिव और असम प्रभारी के पद से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस्तीफा दे दिया है। यह दीगर बात है कि इसकी जानकारी उन्होंने फेसबुक पोस्ट पर दी। हरीश रावत उत्तराखंड की सियासत से गहरे जुड़े रहे हैं। उत्तराखंड में भी कांग्रेस को लोकसभा की पांचों सीटों पर हार मिली। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नैनीताल संसदीय सीट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह टिहरी संसदीय सीट और राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा अल्मोड़ा संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी थे।
इन तीनों दिग्गजों को भी हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और असम के प्रभारी के तौर पर हरीश रावत ने इस्तीफा तो दिया ही, साथ ही लोकसभा चुनाव में हार के लिए पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी के लिए भी पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। असम में पार्टी का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहने के लिए भी बतौर प्रभारी उन्होंने खुद को उत्तरदायी ठहराने से गुरेज नहीं किया।
रावत के इस स्टैंड को प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। हालांकि इससे प्रदेश में पार्टी के भीतर गुटबंदी तेज होने के आसार हैं। प्रदेश में कांग्रेस के भीतर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश की सियासी जुगलबंदी को हरीश रावत खेमे से गाहे-बगाहे चुनौती मिलती रहती है। हालांकि श्रीनगर और बाजपुर में आठ जुलाई को होने वाले नगर निकाय चुनाव में पार्टी को कामयाबी दिलाने को पार्टी के सभी दिग्गज नेता एकजुट दिख रहे हैं। पहले बाजपुर और फिर गुरुवार को श्रीनगर नगरपालिका परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में सभी दिग्गजों ने एक साथ प्रचार भी किया। फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश में कांग्रेस के भीतर किसी तरह की गुटबाजी होने से साफ इन्कार किया है।

उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती दाल, सरकार ने लिया फैसला

राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत केन्द्र सरकार के सहयोग से उपभोक्ताओं को सब्सिडाइज्ड दरों पर दाल उपलब्ध कराई जाएगी। मिड-डे-मील, एकीकृत बाल विकास परियोजना में भी दाल दी जाएगी। बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को पीएसएस (प्राईस सपोर्ट स्कीम) के तहत सब्सिडाईज्ड दरों पर दाल प्राप्त करने के लिए केन्द्र सरकार को राज्य की आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कम दर पर दाल मिलने से खास तौर पर निर्धन वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे मिड-डे-मील व आईसीडीएस के माध्यम से बच्चों को पोष्टिक आहार भी मिलेगा।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार नैफेड के माध्यम से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र व कर्नाटक राज्यों में उपलब्ध दाल के स्टॉक से राज्य सरकार की मांग पर चना, तूअर व मसूर दालें उपलब्ध कराई जाएंगी। नोडल एजेंसी द्वारा जो भी निर्गमन मूल्य निर्धारित किया जाएगा उस पर 15 रूपए प्रति किलोग्राम की सब्सिडी केंद्र द्वारा राज्य सरकार को दी जाएगी। इन दालों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मिड-डे-मील, एकीकृत बाल विकास परियोजना में वितरित किया जाएगा। जिन राज्यों में दालें संग्रहित हैं उन राज्यों से दालों का क्रय कर उसकी हलिंग कराकर राज्य के बेस गोदामों पर व वहां से आंतरिक गोदामों व उचित दर विक्रेता की दुकान तक परिवहन करना होगा।
बैठक में सचिव एलआर फैनई, आर.मीनाक्षी सुन्दरम, राधिका झा, सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

विजयवर्गीय की मौजूदगी में पीएम ने दुव्र्यवहार बर्दाश्त नही करने की चेतावनी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता पुत्रों के दुर्व्यवहार पर मंगलवार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो भी हो, चाहे वह किसी का भी बेटा हो, मनमानी नहीं चलेगी। इस तरह का अक्खड़पन, दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे लोगों और उनका समर्थन करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र आकाश विजयवर्गीय ने बीते दिनों इंदौर में नगर निगम के एक अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटा था। इस पर कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
सत्रहवीं लोकसभा में संसदीय दल की पहली बैठक के बाद भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है। चाहे वह किसी का बेटा हो, सांसद हो अहंकार नहीं होना चाहिए। ठीक से व्यवहार करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका सीधा इशारा आकाश विजयवर्गीय की घटना की तरफ था। बैठक में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद थे।
सदस्यता मुहिम का जिक्र करते हुए मोदी ने सांसदों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने को कहा। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर पांच पेड़ लगाएं। उन्होंने इसे पंचवटी अभियान का नाम दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह जुलाई को वाराणसी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तेलंगाना से इसकी शुरुआत करेंगे।
मोदी ने कहा कि सांसद का चुनाव आसान नहीं होता है। जीत के बाद जवाबदेही बनती है। नए सांसदों के लिए संसद सीखने का सबसे बड़ा मंच है। उन्हें सदन में रहकर चर्चा में सक्रियता से हिस्सा लेना चाहिए। प्रधानमंत्री ने तीन तलाक विधेयक के मौके पर लोकसभा में सांसदों की कम उपस्थिति पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, उपस्थिति को लेकर सतर्क रहें।