आर्थिक आरक्षण पर केंद्र के फैसले को चुनौती नहीं

उच्चतम न्यायालय ने सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केन्द्र के निर्णय को चुनौती देने वाली एक नई याचिका पर केन्द्र से शुक्रवार को जवाब मांगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट किया कि सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों और दाखिले में आरक्षण देने के केन्द्र के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। उच्चतम न्यायालय इससे पहले इसी प्रकार की याचिकाओं पर केन्द्र को नोटिस जारी कर चुका है। उसने तहसीन पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका को लंबित याचिकाओं में जोड़ने का शुक्रवार को आदेश दिया।
केन्द्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं ‘जनहित अभियान’ और एनजीओ ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी’ सहित अनेक पक्षकारों ने दाखिल की हैं। यूथ फॉर इक्वेलिटी ने अपनी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग की है। एनजीओ के अध्यक्ष कौशल कांत मिश्रा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि आरक्षण के लिए केवल आर्थिक कसौटी ही आधार नहीं हो सकता और यह विधेयक संविधान के बुनियादी नियमों का उल्लंघन करता है।
क्योंकि आर्थिक आधार पर आरक्षण को सामान्य वर्ग तक ही सीमित नहीं किया जा सकता और कुल 50 प्रतिशत की सीमा को भी पार नहीं किया जा सकता। वहीं व्यावसायी पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया है कि आरक्षण के लिए पिछड़ेपन को केवल ‘‘आर्थिक स्थिति से’’ परिभाषित नहीं किया जा सकता।

अब उत्तराखंड में भी सवर्णों को मिलेगा आरक्षण

अपर मुख्य सचिव,कार्मिक एवं सतर्कता, राधा रतूड़ी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संविधान संशोधन के उपरान्त आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भी 5 फरवरी, 2019 को ‘‘उत्तराखण्ड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये आरक्षण) अध्यादेश 2019’’ लागू कर दिया गया है।
इस प्रकार केन्द्र सरकार तथा गुजरात सरकार के बाद उत्तराखण्ड देश में दूसरा राज्य है, जहां उक्त आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिये यह अच्छी खबर है, जिसके अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश समस्त विभागों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया गया है, ताकि इस पर तत्काल अधियाचन एवं विज्ञप्ति जारी की जाये तथा अधिक से अधिक बेरोजगार नौजवानों को शीघ्र रोजगार प्राप्त हो सके।
इसके तहत लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के पक्ष में उत्तराखण्ड राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना के अन्तर्गत सम्मिलित नहीं है।
ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के व्यक्ति जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय रु 8 लाख से कम हो आरक्षण के इस प्रयोजन के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो में चिन्हित हैं। परिवार, की आय में सभी स्रोतों से अर्थात् वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशा आदि से प्राप्त आय सम्मिलित होगी। उक्त आय लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए आय होगी।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में बलूनी ने दी एक और सौगात

उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने आज उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश व सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी में रोगियों के परिजनों के रुकने तथा रात्रि प्रवास हेतु दो आरोग्य सदनों (रैन-बसेरों) के निर्माण की सौगात देने जा रहे है। गढ़वाल और कुमाऊ मंडल में बनने वाले इन आरोग्य-सदनों से पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र के गरीब रोगियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद बलूनी ने आज इस संबंध में देहरादून व नैनीताल के जिलाधिकारियों, ऋषिकेश तथा हल्द्वानी के मेयर से इन आरोग्य-सदनों हेतु शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने हेतु वार्ता की। बलूनी ने कहा कि वे अपनी सांसद निधि एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से इन सदनों का निर्माण करेंगे।

सांसद बलूनी ने कहा कि सुदूर से आने वाले रोगियों एवं उनके परिजनों को उपचार के अलावा भोजन, परिवहन और प्रवास में काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। अस्पताल के निकट बनने वाले आरोग्य-सदन उनका परिवहन एवं प्रवास खर्चा तो बचायेंगे ही साथ ही उन्हें लागत मूल्य पर भोजन उपलब्ध कराने हेतु कैंटीन का भी निर्माण कराया जाएगा।
बलूनी ने कहा कि प्रथम चरण में इन सदनों में 100 से अधिक व्यक्तियों के रुकने हेतु कक्षों के साथ-साथ दो डोरमेट्री हॉल (पुरुष-महिला) व कैंटीन का निर्माण किया जायेगा। सुदूर के रोगी सम्पूर्ण जांच व उपचार होने तक यहाँ रुक सकेंगे ताकि होटल के महंगे रहने-खाने के खर्च से उन्हें राहत मिल सके।

अमित शाह ने उत्तराखंड में कार्यकर्ताओं को दिए चुनावी टिप्स

उत्तराखंड राज्य का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ रहा है। लोग बदलाव महसूस करने लगे हैं। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। आम जन की बेहतरी को अच्छी योजनाएं बनाई गई हैं। ये कहना है भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का। शाह शनिवार को टिहरी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के संयुक्त त्रिशक्ति सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की टोह ली और 2019 के आम चुनाव की तैयारियों में जुटने का आहवान किया।
इस मौके पर उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत की पीठ थपथपाई। कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चल रही हैं। विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। राज्य सरकार ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजना शुरू की है। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उत्तराखंड को मॉडल राज्य बना रही है। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को भी रखा। केदारनाथ धाम की कायकल्प के बारे में बताया। ऑल वेदर रोड का जिक्र किया। कहा कि उत्तराखंड का विकास फास्ट ट्रेक पर दौड़ने लगा है।

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय बजट के बाद सबके चेहरों की हवा उड़ी हुई है। बजट में किसान, मजदूर, नौकरीपेंशा, सेना के लिए बेहतर किया गया है। भाजपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं का आहवान किया कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अजय भटट, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, थावरचंद गहलौत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक, माला राज्यलक्ष्मी, तीरथ सिंह रावत आदि मौजूद थे।

22 माह की सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हाॅल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पिछले 22 माह में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश हित में अनेक नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के अर्थिक विकास एवं पिछड़ेपन को दूर करने तथा उद्योगों को बढावा देकर निवेश की व्यापक संभावनाएं तलाशी है।
निवेश से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन कर 1 लाख 24 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गये। इसमें से रू0 40 हजार करोड़ के निवेश पहाड़ी क्षेत्रों के लिए किए गए हैं। पहाड़ों पर लघु उद्योगों का विकास किया जा रहा है। बागेश्वर में पहली लीसा फैक्ट्री की शुरुआत हुई है। इसमें से लगभग रू0 10 हजार 300 सौ करोड़ के प्रोजेक्ट जल्द धरातल पर उतरने लगेंगे। इससे 20 हजार रोजगार सृजित होंगे। मार्च तक यह लगभग 13 हजार करोड होने का अनुमान है। आने वाले 3 चार महीनों में 30 हजार करोड़ रुपए के अन्य प्रोजेक्ट भी धरातल पर दिखाई देने लगेंगे।
विकास दर और प्रति व्यक्ति आय बढ़ी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में बढोतरी हुई है। वर्ष 2018-19 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 2,14,993 करोड़ अनुमानित है। राज्य में अनुमानित आर्थिक विकास दर 2017-18 में 6.82 फीसद थी जो 2018-19 में बढ़कर 7.03 प्रतिशत हो गई है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत दर 7.2 प्रतिशत है। वर्ष 2018-19 में उत्तराखंड में प्रति व्यक्ति आय यानि एक आदमी की सालाना कमाई 1,90.284 रुपये है जबकि देश की प्रति व्यक्ति आय 1,25,397 है। हालांकि विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में मैदानी जिलों और पहाड़ी जिलों में बहुत फर्क है। हमारी कोशिश इसी फर्क को पाटने की है। हम पहाड़ों को ध्यान मे रखकर योजनाएं बना रहे हैं।
अटल आयुष्मान योजना बनी लोगों का कवच
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना लोगों का रक्षा कवच बनी है। प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को निशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा सालाना 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।
इस योजना में अब तक 11 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाये जा चुके है। करीब 3 हजार लोगों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 तक जहां राज्य में 17 साल में केवल 1123 डॉक्टर तैनात थे, वहीं हमने 17 महीनों में 1137 नए डॉक्टरों की भर्तियां की है। 26 जनवरी से निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा शुरू कर रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों के लिए यह वरदान साबित होगी। अल्मोड़ा में डायलिसिस सेवा शुरू की गई है, पिथौरागढ़, श्रीनगर, कोटद्वार में जल्द शुरू करने वाले हैं। पहली बार राज्य में टेलीमेडिसिन और टेलीरेडियोलॉजी जैसी आधुनिक तकनीकें लाई गई हैं। आशा कार्यकत्रियों के बकाया भुगतान के लिए रू0 33 करोड़ जारी किए हैं। एएनएम और आशाओं के लिए दुर्घटना बीमा योजना शुरू की है।

स्वतंत्रता संग्राम में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका: टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने गुरूवार को थानों में स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आजादी के आन्दोलन में प्रतिभाग करने वाले 12 सैनानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। जिन लोगों को सम्मानित किया गया उनमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हरि सिंह सोलंकी, किशन सिंह, भूरिया सिंह, बुद्वि प्रकाश, पंचम सिंह कृषाली, देव नारायण, सैनपाल सिंह भिडोला, पदम सिंह सौलंकी, सूरत सिंह चैहान, गौरीश वर्मा, बांकेलाल गर्ग, मदन सिंह रावत के आश्रित शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। जिन्होंने देश की आजादी में अहम योगदान दिया। स्वतंत्रा संग्राम सेनानी हमारी प्रेरणा के स्रोत हैं। देश की आजादी के लिए दिया गया उनका बलिदान एवं योगदान हमारी नई पीढ़ियों को प्रेरणा प्रदान करेगी और देश की रक्षा के लिए हमें जब भी जरूरत पड़ेगी इन स्वतंत्रता संग्राम सैनानियो के साहस से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रा संग्राम सैनानियों की स्मृतियों को संजोने के लिए थानों में पानी की टंकी एवं विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि थानों एवं रायपुर अस्पताल को एम्स को दिया है। इन अस्पतालों में एम्स ऋषिकेश द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी। इन अस्पतालों में सेवाएं शुरू करने के लिए एम्स ऋषिकेश को प्रस्ताव भेजा गया है। एम्स में जल्द ही दो सहायकों की नियुक्ति की जा रही है, जो मरीजों को स्वास्थ्य सम्बधी सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में विकास से संबधित प्रमुख कार्यों बिजली, पानी, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के लिए क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रस्ताव भेजे जाए, उनका जल्द समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर्रावाला में 300 बैड का जच्चा बच्चा अस्पताल खोला जायेगा। जिसका जल्द ही शिलान्यास किया जायेगा।
विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दिया है, उनके परिजनों की समस्याओं का निराकरण करना हम सबका दायित्व है। विधान सभा अध्यक्ष ने वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हे साहस एवं पराक्रम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अपने इन वीर सेनानियों का सम्मान करना भी हम सबका दायित्व है, इन वीर सैनानियों के सिद्वांत एवं कर्तव्य निष्ठा सदैव हमें प्ररेणादायी रहेगी।

उत्तराखंड भाजपा ने लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू की

लोकसभा चुनाव का एलान होने में भले ही थोड़ा वक्त हो, लेकिन राज्य में भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। इस कड़ी में लोकसभा क्षेत्रवार होने वाले त्रिशक्ति सम्मेलनों में पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को लाने की कवायद चल रही है, ताकि पार्टी के पक्ष में माहौल बन सके। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिनेश मुंडा ने इन सम्मेलनों में भाग लेने की स्वीकृति दे दी है।
यही नहीं, पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 17 कार्यक्रमों के लिए प्रदेश में संयोजकों की नियुक्तियां भी कर दी गई हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिव प्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा की लोकसभा चुनाव संचालन समिति की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उक्त जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उप्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अलग-अलग लोस क्षेत्रों में आएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लोस क्षेत्रों में त्रिशक्ति सम्मेलन, प्रबुद्ध सम्मेलन और युवा संसद के आयोजन होंगे।
त्रिशक्ति सम्मेलनों के लिए संयोजक नियुक्त कर दिए गए हैं। इनमें नरेश बंसल (टिहरी-हरिद्वार), गजराज बिष्ट (अल्मोड़ा व नैनीताल) व खजानदास (पौड़ी) शामिल हैं। पार्टी ने हर लोस क्षेत्र में एक चुनाव कार्यालय खोलने का निश्चय भी किया है। प्रति मंडल दो लाख का लक्ष्य भट्ट के अनुसार बैठक में 11 फरवरी को होने वाले समर्पण कार्यक्रम के संबंध में चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि पार्टी की प्रत्येक मंडल इकाई को दो लाख का लक्ष्य दिया गया, जिसे केवल कार्यकर्ता पार्टी को देंगे। राज्य में पार्टी की मंडल इकाइयों की संख्या 228 है। सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम एक हजार रुपये की राशि नियत की गई है। सांसदों व विधायकों से एक या दो माह की तनख्वाह पार्टी फंड में देने को कहा गया है।
बताया कि पार्टी को पांच से लेकर दो हजार रुपये तक की राशि मोदी एप के जरिये भी दी जा सकती है। इससे ऊपर की राशि चेक के जरिये ली जाएगी। प्रदेश संयोजकों की नियुक्ति भाजपा ने राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित कार्यक्रमों के मद्देनजर राज्य स्तर पर 17 संयोजकों की नियुक्ति कर दी है।
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को संकल्प समिति का संयोजक बनाया गया है। मेरा परिवार भाजपा परिवार के लिए कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत व मीडिया प्रमुख डॉ.देवेंद्र भसीन के साथ ही महामंत्री गजराज बिष्ट (कुमाऊं) व खजानदास (गढ़वाल), लाभार्थी संपर्क कार्यक्रम के लिए राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत, सामाजिक संस्था संपर्क के लिए दायित्वधारी डॉ.आरके जैन व सुरेश परिहार, मीडिया के लिए डॉ. देवेंद्र भसीन, केंद्रीय नेतृत्व प्रवास समिति के लिए उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, प्रचार-प्रसार को अभिमन्यु कुमार, सोशल मीडिया के लिए अजेंद्र अजय व राजीव तलवार को जिम्मेदारी दी गई।
साहित्य निर्माण समिति के लिए प्रकाश पंत व लक्ष्मी प्रसाद, कमल दीप के लिए डॉ.धन सिंह रावत, प्रबुद्ध सम्मेलन को डॉ.अशोक सक्सेना व डॉ.पाटनी, कार्यालय प्रमुख को पुष्कर काला, चुनाव आयोग समिति को पुनीत मित्तल, यातायात एवं विमानन को बलजीत सोनी व कुलदीप नेगी, साहित्य वितरण को राजेंद्र ढिल्लों, बाइक रैली को डॉ.धन सिंह रावत, नवीन ठाकुर व सौरभ थपलियाल और मन की बात कार्यक्रम के लिए बलवंत सिंह भौंर्याल व कुलदीप कुमार को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

रुड़की की जनसभा में किसानों को नई सौगात दे गए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार जनपद में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना की शुरूआत रूड़की नगर से की। रूड़की के नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के बीपीएल परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए भारत सरकार द्वारा आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया गया। उत्तराखण्ड में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का लाभ प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को दिया जायेगा। प्रत्येक परिवार चाहे वो किसी भी वर्ग से आता हो सभी को 5 लाख रूपये तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। प्रदेश में अभी तक कुल 6 लाख 21 हजार 822 गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।
प्रदेश में अभी तक 2266 मरीजों का इस योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। हरिद्वार जनपद के 1 लाख 54 हजार परिवारों को सुविधा के लिए गोल्डन कार्ड के रूप में पंजीकृत कर लिया गया है और यह पंजीकरण प्रक्रिया निरंतर चलती रहेगी। हरिद्वार जिले में अभी तक 454 मरीजों को अटल आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज हो चुका है। इसके लिए सरकार से कोई अंतिम समय सीमा निर्धारित नहीं की गयी है। समाज के प्रत्येक वर्ग को सुलभ इलाज दिये जाने के लिए योजना को पूर्णतः कैशलेस व पेपर लेस बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार और उधमसिंह नगर के किसानों का सरचार्ज माफ किये जाने, रूड़की नगर के लिए मंच से घोषणा करते हुए कहा कि रूड़की नगर निगम सभागार के जीर्णोद्धार तथा निगम के संसाधनों से आॅडिटोरियम, रूड़की राजकीय इण्टर काॅलेज के जीर्णोद्धार, रूड़की गंगनहर के दोनो ओर सौंदर्यीकरण, रूड़की बस अड्डा का परिवहन निगम के संसाधनों से जीर्णोद्धार, गणेशपुर पुल के दोनों ओर घाटों का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, गणेशपुर से रामपुर चुंगी तक पथ प्रकाश व्यवस्था तथा दोनों ओर आरएम पुल का निर्माण तथा रूड़की के लिए 18 करोड़ रूपये लागत की सड़कों के निर्माण की घोषणा की।
इस दौरान खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, रूडकी विधायक श्री प्रदीप बत्रा, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, राज्यमंत्री विनोद आर्य आदि उपस्थित थे।

मन की बात कार्यक्रम में सीएम ने सुनी जन समस्याएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन के द्वार जाना होगा न कि जनता को सरकार के पास आना पड़े। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को दूरदराज क्षेत्रों में जाकर कैम्प लगाकर अटल आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी, एसडीएम, वीडीओं को क्षेत्रवार व्यवस्थित रूप से सभी लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेकनाॅलाॅजी व नेटवर्किंग के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक आमजन को योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि डोईवाला में आरम्भ हुआ सीपैट क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। लगभग चार हजार छात्र-छात्राएं हर साल यहां से पढ़ कर निकलेगे। डोइवाला क्षेत्र में तहसील के लिए भी भूमि आंवटित कर दी गई है। जल्द ही एनआईआरडी का रीजनल सेन्टर भी डोइवाला में खुलेगा। 300 बेड का जच्चा-बच्चा हाॅस्पिटल का शिलान्यास जनवरी माह में डोईवाला में किया जाएगा। थानौ हाॅस्पिटल को एम्स ऋषिकेश को सौंपा जा रहा है। यहां पर एम्स ऋषिकेश के डाॅक्टर्स अपनी सेवाएं देंगे। डोईवाला क्षेत्र में ही कोस्टगार्ड का भर्ती केन्द्र खोलने पर कार्य किया जा रहा है। डोईवाला के सौन्दर्यीकरण के लिए स्पेशल प्रोजक्ट पर काम किया जा रहा है। माधुरी नहर के दोनों और सौन्दर्यीकरण व आस-पास पार्क विकसित करने पर काम किया जाएगा। जल्द ही डोईवाला के बाजार क्षेत्र के सौन्दर्यीकरण पर काम शुरू किया जाना है।
ख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को डोइवाला स्थित लच्छीवाला अतिथि गृह में आयोजित ‘‘जनता दरबार’’ में बड़ी संख्या में आए स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना व उन पर उचित कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष डा0 आर के जैन को बधाई दी जिन्होंने सीएमआई अस्पताल में अपनी कन्सलटेन्सी सेवाएं निःशुल्क देने तथा डोईवाला क्षेत्र के लोगों को दवाइयों व पूरे इलाज में बीस प्रतिशत छूट देने की घोषणा की। नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि क्षेत्र में विकास के सभी कामों को पूरा किया जाएगा। जनता दरबार में प्राप्त सभी समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। राज्य में गत 25 दिसम्बर को श्रद्धेय स्व0 अटल जी के जन्मदिन पर अटल उत्तराखण्ड आयुष्मान योजना का शुभारम्भ किया। उत्तराखण्ड देश में पहला राज्य है जिसने अपने पूरे राज्य के सभी नागरिकों व हर परिवार को आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने का साहस किया है। इस योजना का लाभ राज्य के सभी 23 लाख परिवारों को मिलेगा। यह किसी वर्ग विशेष के लिए नही है बल्कि सभी के लिए है।
जनता दरबार के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा स्थानीय पुलों के निर्माण की प्रगति को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों से चांदीपुर पुल, झबरावाला, खैरीवाला, बुल्लावाला पुल के निर्माण कार्यो की प्रगति के बारे में पूछा। अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रगति कार्य तीव्र गति से चल रहा है। उन्होंने लच्छीवाला पुल के कार्यो की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने क्षेत्र के सामाजिक पेंशन सम्बन्धित प्रकरणों के जल्द निपटान हेतु समाज कल्याण अधिकारी को सख्त निर्देश दिए। डोईवाला नगर क्षेत्र में शौचालयों के भुगतान न होने की शिकायतों के निपटान हेतु मुख्य विकास अधिकारी व नगर पालिका अध्यक्ष को निर्देश दिए गए। क्षेत्र के एक दिव्यांग बालक अंकित यादव जो छः दिन से लापता है की तीव्र पुलिस इन्वेस्टिगेशन कराने के निर्देश भी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पुलिस विभाग को जारी किए। पशु चिकित्सालय धारकोट में चिकित्सकों की नियुक्ति की समस्या पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही चिकित्सक नियुक्त किए जाएगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र में आरक्षण केन्द्र खुलवाने, ब्लाइण्ड टर्न को जल्द ठीक करने को कहा। दशहरा ग्राउण्ड में पानी की समस्या के निपटान हेतु टयूबवैल स्वीकृत कर दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान डोईवाला बार ऐसोसिएशन, जाॅलीग्राण्ट एयरपोर्ट टैक्सी यूनियन, गन्ना किसानों के पूर्ण भुगतान के लिए डोईवाला गन्ना समिति ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र का आभार व्यक्त किया। पूर्व सैनिक संगठन ने समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को डोइवाला स्थित लच्छीवाला अतिथि गृह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘‘मन की बात’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

स्वामी नित्यानंद की तरह मेरी सरकार भी राजनीति में शुचिता बनाने को कर रही कामः सीएम

राजनीति के क्षेत्र में शुचिता के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को गुरूवार को नित्यानन्द स्वामी जनसेवा समिति ने प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री स्व. नित्यानन्द स्वामी के 90वीं जयन्ती के अवसर पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में ‘‘स्वच्छ राजनीतिज्ञ सम्मान’’ से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि यदि हम वास्तव में स्वच्छता चाहते है व भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ना चाहते है तो यह धर्मयुद्ध की तरह है। यदि धर्मयुद्ध की तरह लड़ सके तो जीत मिल सकती है। सरकार को भ्रष्टाचार के विरूद्ध धर्मयुद्ध में सबका सहयोग चाहिए। राजनीति और स्वच्छता दोनांे में काफी दुश्मनी मानी जाती है। क्योंकि यहां मोह व लोभ होता है तथा लालच व दबाव देने वाले भी होते है। सरकार में जिम्मेदार लोग भी जनता के बीच से आते है। राजनीति से साफ निकल जाना जैसे काजल की कोठरी में से साफ निकल जाना माना जाता है। प्रबुद्ध लोग भी ऐसा मानते है कि यह वास्तव में काफी कठिन काम है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. नित्यानन्द स्वामी ने राजनीति में शुचिता कायम रखने की भरपूर कोशिश की। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि राजनीति में शुचिता बनी रहे तथा राजनीति में शुचिता तभी बनी रह सकती है जब पारदर्शिता हो। अधिकाधिक पारदर्शिता से हम अधिक से अधिक शुचिता ला सकते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने गत बीस महीनों को पारदर्शिता लाने की भरसक कोशिश की। हमने टेन्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया। बायोमेट्रिक हाजिरी की शुरूआत की। जो लोग अच्छा काम करते है उनके लिए इस वर्ष स्व. अटल की जयन्ती पर मुख्यमंत्री सुशासन और स्वच्छता पुरस्कार की शुरूआत की है।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि स्वामी नित्यानंद सरल, निश्छल, व्यवहार कुशल, व्यक्तित्व के धनी, बहुप्रतिभावान व मधुरभाषी व्यक्ति थे। उन्होंने उत्तराखण्ड के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। उनके कन्धों पर नये राज्य को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी थी। उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता आन्दोलन में भी स्वामी नित्यानंद सरस्वती ने अमूल्य योगदान दिया था। उन्होंने भारत छोड़ो आन्दोलन में भी भाग लिया और इसके लिए जेल भी गए। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का उद्देश्य केवल न्याय और जनहित रहा। उनके जन्मदिन के अवसर पर निस्वार्थ भाव से सेवा करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए यह सराहनीय कदम है।