पदमावत के विरोध में औवेसी का नाम भी जुड़ा

पदमावती से हुयी पदमावत संजय लीला भंसाली की फिल्म को भले ही सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिल गई हो, लेकिन फिल्म का विरोध जारी है। विरोध करने की सूची में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के लीडर असदुद्दीन ओवैसी का नाम भी जुड़ गया है। ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को राजपूतों से सीख लेने की सलाह दी है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भंसाली की फिल्म को बकवास बता मुसलमानों को राजपूतों से सीख लेने की नसीहत दी है। वहीं ओवैसी ने अपने समर्थकों से फिल्म न देखने की बात कही है।

एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुये महाकाल सेनाध्यक्ष संजय सिंह राठौर ने कहा कि डेढ़ साल से आंदोलन चल रहा है। किसी भी हालत पर ये फिल्म को गुजरात में प्रदर्शित नहीं होने देंगे। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संजय सिंह ने सवाल उठाते हुये कहा कि खिलजी को चित्तौड़ जीतने में छह माह लगे थे। आखिर छह दिन में सुप्रीम कोर्ट कैसे अपना फैसला सुना सकता है। उन्होंने कहा कि मेरी गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री से विनती है कि लुका-छिपी के खेल से हमें हथियार पकड़ने कि लिए मजबूर न करें।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा वो पद्मावत बैन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मशविरा कर रहे हैं। शिवराज ने कहा, हमने अपने एडवोकेट जनरल को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की स्टडी करने को कहा है। मैंने इसे अभी तक नहीं देखा है।


प्रसून जोशी को धमकी

गुरुवार को देश के कुछ हिस्सों में उग्र प्रदर्शन के बाद करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के चीफ प्रसून जोशी को धमकी दी है। सुखदेव सिंह ने कहा कि वह प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे।

1826 महिलाओं की जौहर की धमकी
गुरुवार को करणी सेना के प्रमुख महिपाल मकराना ने कहा था कि 24 जनवरी को राजपूत महिलाएं चित्तौड़गढ़ में जौहर करेंगी। अभी तक जौहर के लिए 1826 महिलाएं राजी हुई हैं। ये जौहर फिल्म के विरोध में चित्तौड़गढ़ की सर्व समाज समिति और श्रीराजपूत करणी सेना कराएगी। दूसरी ओर करणी सेना ने लोगों से सिनेमाघरों पर कर्फ्यू लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में ये फिल्म रिलीज नहीं हो सकती। राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाने जा रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी पर लगा साजिश का आरोप

विहिप के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने एक बार फिर से अपने खिलाफ साजिश किए जाने का आरोप लगाया है। इस बार उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर उनपर हमला बोला है।

तोगड़िया ने अस्पताल से रिहा होने के बाद कहा कि अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच के जॉइंट कमिश्नर जेके भट्ट उनके खिलाफ हो रही साजिश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिले हुए हैं। तोगड़िया का आरोप है कि पीएम और जेके भट्ट पिछले 15 दिनों से आपस में फोन से संपर्क में थे। विहिप नेता ने कहा है कि उनके दावे की पुष्टि के लिए जेके भट्ट के पिछले दो हफ्तों के फोन कॉल रिकॉर्ड खंगाले जाने चाहिए। तोगड़िया ने कहा कि भट्ट की इनकमिंग और आउटगोइंग कॉल की जांच होनी चाहिए। तोगड़िया ने अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच को कॉन्सपिरेसी ब्रांच करार दिया। उनका आरोप है कि क्राइम ब्रांच ने उनके बारे में चुनिंदा वीडियो टीवी चैनल्स को दिए। उन्होंने कहा कि वह क्राइम ब्रांच पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

संजय जोशी की सीडी का सच बताऊंगा

मोदी विरोधी माने जाने वाले बीजेपी नेता संजय जोशी की कथित सेक्स सीडी सामने आने के बाद उनका राजनीतिक करियर चौपट हो गया था। तोगड़िया ने इस मामले का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें सब मालूम है कि यह सीडी किसने और कहां पर बनाई थी। उन्होंने कहा है कि वह इस सीडी की जांच करने वालों में थे। वह आने वाले दिनों में इस सीडी के राज दुनिया के सामने रखेंगे। उन्होंने एक बार फिर से आरोप लगाया कि उन्हें और उनके करीबियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

यह है पूरा मामला

राजस्थान की एक अदालत से गिरफ्तारी का वारंट सामने आने के बाद प्रवीण तोगड़िया रहस्यमयी अंदाज में गायब हो गए थे। वह करीब 11 घंटे बाद बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन अस्पताल से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि उनके एनकाउंटर की साजिश हो रही है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अहमदाबाद पुलिस पर अपने खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया।

भारत के आक्रामक होने से पाक ने अमेरिका से दखल की लगाई गुहार

सीमा पर आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है। पाकिस्तान ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया था। साथ ही नेशनल असेंबली में भी भारत के रुख पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अमेरिका से दखल की गुहार लगाई है।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहा है कि भारत उसके लिए खतरा नहीं है और इस्लामाबाद को नई दिल्ली के प्रति अपने रणनीतिक रूख में बदलाव लाना चाहिए।

यूएस से गलतफहमी हों दूर

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ सौहार्दपूर्ण लेकिन पूरी तरह बिना छलावे की बातचीत की जरूरत है जिसमें हर चीज सामने हो. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य इस्लामाबाद और वॉशिंगटन के बीच गलतफहमियों को दूर करना है।

डॉन अखबार ने खबर दी है कि नेशनल असेंबली में सोमवार को सरकार की विदेश नीति और पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति की जानकारी देते हुए उन्होंने दुख जताया कि नियंत्रण रेखा और अस्थायी सीमा पर भारत के आक्रामक रूख को अमेरिका तवज्जो नहीं दे रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच मूल अंतर भारत के बारे में विचार को लेकर है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘वक्त आ गया है कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सौहार्द्रपूर्ण लेकिन पूरी तरह से निष्कपट वार्ता हो और हर चीज वार्ता की मेज पर हो।’

भारत को बताया दुश्मन
खान ने कहा कि वॉशिंगटन पाकिस्तान को विश्वास दिलाने का प्रयास कर रहा है कि भारत खतरा नहीं है और इसलिए इस्लामाबाद को अपने रणनीतिक रूख में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, ‘लेकिन हकीकत हकीकत है, भारत की क्षमता और मंशा दोनों पाकिस्तान के प्रति शत्रुतापूर्ण हैं।’

खान ने आरोप लगाए कि भारत ने ‘पाकिस्तान की सीमा के साथ सेना, साजो-सामान और हथियार सब कुछ इकट्ठा कर रखा है।’ उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर उल्लंघन और नागरिकों की हत्या के मामले में 2017 सबसे खतरनाक वर्ष रहा।

चीन ने सेना प्रमुख के बयान को बताया तनावपूर्ण

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान से चीन बौखलाया हुआ है। बतौर चीन, जनरल का बयान दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाएगा। चीन ने आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से सीमा पर हालात और तनावपूर्ण होंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीते एक साल में भारत और चीन के संबंधों में काफी उथल-पुथल रही है। पिछले साल भारत-चीन के रिश्तों ने कुछ उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन पिछले साल सितंबर में ब्रिक्स सम्मेलन के इतर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात में रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उनमें आम राय बनी थी।

लू कांग ने कहा कि ऐसी बयानबाजी दोनों देशों के संबंधों को बेहतर करने के प्रयासों पर विपरीत असर डालेगी। इससे सीमा पर शांति बनाए रखने की प्रक्रिया पर भी असर पड़ सकता है। लू ने कहा कि चीन और भारत अहम पड़ोसी हैं। वे राष्ट्रीय विकास एवं उत्थान के निर्णायक चरण में हैं। दोनों देशों को सामरिक संवाद बढ़ाना चाहिए, सामरिक संदेह दूर करना चाहिए और सामरिक सहयोग संचालित करना चाहिए।

डोकलाम पर फिर चीन ने जताया अपना हक

प्रवक्ता ने कहा कि हम भारतीय पक्ष से अपील करते हैं कि वह दोनों नेताओं की ओर से बनी आम राय के बाद के कदमों पर काम करे ताकि सीमाई इलाकों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के उपाय किए जा सकें और ऐसी चीजों से परहेज किया जाए, जिससे हालात जटिल होते हों। जरूरी मामलों को रचनात्मक तरीके से संभाला जाए और द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास को बढ़ावा दिया जाए। इससे समूचे क्षेत्र एवं भारतीय पक्ष के साझा हित सधेंगे। एक सवाल के जवाब में लू कांग ने जनरल बिपिन रावत के बयान का हवाला देते हुए कहा कि डोकलाम पर हमारा रुख साफ है। डोकलाम चीन का हिस्सा है और हमेशा चीन के अधिकार क्षेत्र में रहा है।

गौरतलब है, बिपिन रावत ने कहा था चीन मजबूत तो भारत भी कमजोर नहीं। भारत को पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के साथ-साथ पूर्वी सीमा पर भी ध्यान देने की जरूरत है। भारत अपनी सीमा पर किसी भी देश को अतिक्रमण नहीं करने देगा। अब हालात 1962 जैसे नहीं है, हर क्षेत्र में भारतीय सेना की ताकत बढ़ी है। रावत ने यह भी कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास बीजिंग की ओर से दबाव बनाया जा रहा है।

इजरायली पीएम से मोदी बोले, मेरे दोस्त भारत में आपका स्वागत है

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत दौरे पर पहुंच गए हैं। दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक यात्रा पर उनका स्वागत किया है। भारत यात्रा के दौरान नेतन्याहू कड़ी सुरक्षा घेरे के बीच रहेंगे।

तीन मूर्ति स्मारक पर बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ पीएम मोदी और सारा नेतन्याहू भी मौजूद रहे। दरअसल, तीन मूर्ति स्मारक का इजरायल से गहरा संबंध है। यही वजह है कि इसका नाम बदलकर तीन मूर्ति हाइफा चौक कर दिया गया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने तीन मूर्ति हाइफा चौक पर विजिटर्स बुक में लिखा कि तीन मूर्ति चौक के नाम के साथ हाइफा जोड़ना एक ऐतिहासिक घटना है। इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने कहा कि हम अपने बहादुर जवानों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। भारत के स्वार्थरहित बलिदान की भावना को सलाम करते हैं। पहले और दूसरे विश्व युद्ध के इतिहास की किताब का एक पन्ना 100 साल पहले लिखा गया था, जब हाइफा युद्ध में भारतीय जवानों ने बलिदान दिया था। यह प्रथम विश्व युद्ध के खत्म होने की 100वीं वर्षगांठ है। दोनों विश्व युद्ध के इतिहास की किताब में ऐसे कई सुनहरे पन्ने हैं, जिनमें भारत के बहादुरों के त्याग की कहानियां लिखी हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नेतन्याहू का स्वागत किया। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, मेरे दोस्त पीएम नेतन्याहू भारत में आपका स्वागत है। आपकी भारत यात्रा ऐतिहासिक और विशेष है। ये दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी।

क्यों बदला गया चौक का नाम

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गई थी। इस वक्त देश में अंग्रेजों का राज था और अंग्रजों ने जोधपुर, हैदराबाद, मैसूर रियासत की सेना को हाइफा पर कब्जा करने के आदेश दिए और उसके बाद भारतीय सैनिकों ने हाइफा में तुर्की की सेना का सामना किया।

यह लड़ाई उस वक्त हुई, जब जर्मनी के साथ संबद्ध शक्तियों और तुर्क साम्राज्य के बीच एक के बाद एक लड़ाई हो रही थी, जिसे सिनाई और फिलिस्तीन अभियान कहा जाता था।

लालू को मिली साढ़े तीन साल की सजा, चारा घोटाला मामला

चारा घोटाला के देवघर कोषागार मामले में दोषी करार दिए गए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई गई है। साथ ही लालू को 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है, जबकि जगदीश शर्मा समेत छह को सात साल की सजा सुनाई गई है और 10 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
सजा सुनाये जाने के बाद लालू यादव के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया है जिसमें उन्होंने खुद बेगुनाह साबित करने की कोशिश की है, लालू की मानें तो वो सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं, जिसकी सजा उन्हें ये मिल रही है।
रांची की सीबीआई अदालत से लालू यादव समेत सभी 16 दोषियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए फैसला सुनाया गया। लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं, जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
बता दें कि देवघर कोषागार आरसी 64ए/96 से 89 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकाले जाने के मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 16 आरोपी दोषी करार हैं। कोर्ट ने उन्हें 23 दिसंबर को दोषी पाया था, जिसके बाद लालू रांची की बिरसा मुंडा जेल में बंद है। 3 जनवरी से मामले के दोषियों की सजा पर सुनवाई चल रही है।
सुनवाई में लालू रहे थे खामोश
शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद पूरी तरह चुप रहे थे। उनके अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने न्यायाधीश से आग्रह किया कि लालू की उम्र 70 वर्ष हो गई हैं। वह शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, उन्हें हाईपर टेंशन और डायबिटीज हैं। 21 सालों से केस लड़ रहे हैं। इसलिए इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद को कम से कम सजा दी जाए।
वहीं सीबीआई के अधिवक्ता ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि लालू राजनीति में सक्रिय हैं। रैलियां और भाषण कर रहे हैं, इसलिए नहीं लगता कि बहुत बीमार हैं। जेल में भी मेडिकल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। वह मुख्य आरोपी हैं। इसलिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए।
बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत ने 23 दिसंबर को चारा घोटाले के एक मामले में लालू यादव को दोषी ठहराया था। वकीलों के अनुसार, लालू प्रसाद को तीन से सात वर्षो की सजा सुनाई जा सकती है, लेकिन उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है।

केजरीवाल का कद आप में सबसे बड़ा

आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा चुनाव के लिए जिन तीन लोगों के नाम तय किए गए हैं, उससे साफ है कि पार्टी में केजरीवाल का कद सबसे बड़ा है। पार्टी में केजरीवाल का साफ हस्तक्षेप है। 
आम आदमी पार्टी के ये तीन उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से और स्पष्ट हो गया है। यही नहीं इससे इस तथ्य पर भी मुहर लगती है कि जिस-जिस ने भी केजरीवाल से असहमति दिखाई और उनके काम करने के तौर तरीकों पर सवाल उठाए आम आदमी पार्टी के संरक्षक ने उसको निपटा दिया। ऐसे लोगों की काफी लंबी लिस्ट है।
आम आदमी पार्टी के मंचीय कवि कुमार विश्वास केजरीवाल से असहमति रखने के ताजा शिकार हैं। विश्वास और केजरीवाल के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग राय देखने को मिली है। चाहे वो मामला कपिल मिश्रा का हो या अमानतुल्लाह खान का।
केजरीवाल के गुट में कुमार विश्वास को राष्ट्रवादी और बीजेपी से हमदर्दी रखने वाले व्यक्ति के तौर देखा जाता है, जबकि केजरीवाल के राजनीति इसके विरोध में है। हाल के दिनों में विश्वास आप में ढांचागत बदलाव की बात करते रहे हैं। जाहिर है पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को ये बर्दाश्त नहीं होता।कुल मिलाकर आम आदमी पार्टी में कुमार का विश्वास सिमटता दिख रहा है। हालांकि उनके पास राजस्थान का प्रभार है।

कभी केजरीवाल के पुराने और मजबूत रणनीतिकार रहे योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की आम आदमी पार्टी से विदाई बड़ी हृदय विदारक रही। 2015 के विधानसभा चुनावों के बाद योगेंद्र यादव-प्रशांत भूषण और केजरीवाल के बीच जबरदस्त मतभेद उभरकर सामने आए। हालात ये बन गए कि पार्टियों की बैठकों में नेताओं के बीच गाली गलौज और हाथापाई की नौबत आ गई।
योगेंद्र और प्रशांत भूषण पार्टी से अलग हो गए। दोनों नेता आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से थे, लेकिन केजरीवाल ने दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया। योगेंद्र और प्रशांत ने स्वराज अभियान नाम से एक दल बनाया और दिल्ली में अपनी लड़ाई लड़ने की ठानी।
योगेंद्र यादव की अगुवाई में स्वराज अभियान ने एमसीडी चुनावों में भी हिस्सा लिया, लेकिन उन्हें आशातीत सफलता नहीं मिली। राज्यसभा के उम्मीदवारों के ऐलान के बाद योगेंद्र और प्रशांत ने ट्वीट कर इसे पार्टी का घोर पतन करार दिया।
कभी दिल्ली में सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर दो करोड़ घूस लेने का सनसनीखेज आरोप लगाया था। 2017 की गर्मियों में कपिल मिश्रा और केजरीवाल टीम के बीच जबरदस्त जंग चलती रही। कपिल को कुमार विश्वास का समर्थन हासिल था और संघर्ष धीरे-धीरे बढ़ता गया। बाद में कपिल मिश्रा बीजेपी की ओर खिसकते गए और विवाद मंद पड़ता गया, लेकिन पूरे मामले में चुप्पी साधे केजरीवाल कपिल मिश्रा के लिए सियासी तौर पर साइलेंट किलर साबित हुए।
केजरीवाल के खिलाफ सबसे पहले बगावती सुर छेड़ने वाले विनोद कुमार बिन्नी ने आम आदमी पार्टी के सर्वेसर्वा के खिलाफ सबसे आवाज उठाई और चुनावी मैदान में भी उन्हें चुनौती दी।
कभी दिल्ली में केजरीवाल के साथ मिलकर राजनीति करने वाले बिन्नी ने केजरीवाल की पहली सरकार में मंत्री पद न मिलने के बाद बगावती सुर अपना लिए थे।
इसके बाद अगले चुनाव के लिए पार्टी की ओर से टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बाद में बिन्नी को पार्टी से निलंबित कर दिया।

तलाक, तलाक, तलाक पर होगी सजा, जाने कौन से है प्रावधान?

तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट से बैन किए जाने के बाद मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून वाले बिल को कैबिनेट की मंजूरी शुक्रवार को मिल गई। इस बिल के तहत अगर कोई शख्स एक समय में अपनी पत्नी को तीन तलाक देता है, तो वह गैरजमानती अपराध माना जाएगा और उसे तीन साल की सजा भी हो सकती है।

बता दें कि मोदी सरकार ने इस बिल को लाने का तर्क दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के बैन किए जाने के बाद भी लगातार तीन तलाक के मामले हो रहे हैं। कानून में तीन तलाक को लेकर सजा का कोई प्रावधान नहीं था। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने तीन तलाक के खिलाफ सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाया है।

मोदी सरकार द्वारा लाए जा रहे बिल के प्रारुप को सभी राज्य सरकारों भेजा गया था और राज्यों की राय मांगी गई थी। इसमें बीजेपी शासित ज्यादातर राज्यों ने इस पर मंजूरी दे दी है। इनमें असम, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने मंजूरी दे दी हैं।

तीन तलाक के खिलाफ बिल में यह प्रावधान है कि एक वक्त में तीन तलाक (बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से) गैरकानूनी होगा।

दूसरा यह कि एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी और शून्य होगा। ऐसा करने वाले पति को तीन साल के कारावास की सजा हो सकती है। यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आएगा।

तीसरा यह कि ड्रॉफ्ट बिल के मुताबिक एक बार में तीन तलाक या तलाक ए बिद्दत पर लागू होगा और यह पीड़िता को अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से गुहार लगाने की शक्ति देगा।

चौथा यह कि पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है। मजिस्ट्रेट इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेंगे।
यह प्रस्तावित कानून जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में लागू होगा।

भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टोलरेंस हर परिस्थिति में लागूः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में कहा कि स्थानान्तरण अधिनियम(ट्रांसफर एक्ट) को लाकर सरकार ने जनता की आशाओं को विश्वास में बदला है। इससे राज्य की सरकारी मशीनरी को एक नई ऊर्जा मिलेगी।
बहुत दिनों से तमाम कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही पारदर्शी सुदृृढ़ स्थानान्तरण अधिनियम की मांग को सरकार ने पूरा किया है। अल्मोड़ा आवासीय विश्वविद्यालय विधेयक-2017 भी पारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधानसभा सत्र में रूपये 3015 करोड का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया गया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन के लिए रू. 107 करोड का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए रू. 08 करोड़, प्लास्टिक इंजीनियरिंग संस्थान (सीपैट) के लिए रू. 09 करोड़, आशा कार्यकत्रियों के लिए रू. 33 करोड़, औली में इंटरनेशनल स्कींइग प्रतियोगिता के लिए रू. 12 करोड़ एवं मुजफ्फरनगर-रूड़की रेल लाइन के लिए रू. 120 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी, 2018 से सीपैट की कक्षाएं संचालित होने लगेंगी। उत्तर प्रदेश के साथ प्रस्तावित जमरानी बांध एवं परिवहन विभाग से संबंधित एम.ओ.यू. तैयार कर लिया गया है, शीघ्र ही इस पर कार्यवाही की जायेगी। केदारनाथ उत्थान चौरिटेबिल ट्रस्ट का गठन और चतुर्थ वित्त आयोग की संस्तुति पर ग्राम पंचायतों को 2.5 प्रतिशत का अधिक अनुदान का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। मुुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्री केदारनाथ के भव्यतम स्वरूप को स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्री केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए सीएसआर में योगदान देने हेतु कॉरपोरेट घरानों का आह्वान किया है। ट्रस्ट के माध्यम से श्री केदारनाथ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास में गति आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम ऑल वेदर रोड के लिए मुआवजा वितरण कार्य सहित अन्य कार्य तेजी से किये जा रहे है। मुजफ्फरनगर-रूड़की रेलवे लाइन सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है।
लोकायुक्त एक्ट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की इच्छा और भावना के अनुरूप राज्य में भ्रष्टाचार को कोई स्थान नहीं मिलेगा। सरकार का भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरोटोलरेंस का सिद्धांत हर परिस्थिति में लागू किया जा रहा है। एन.एच.74 मुआवजा वितरण प्रकरण पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। कोई कितना भी बड़ा हो उसे छोडा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नौ माह के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट के तहत प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अभी तक दो प्रशिक्षण केन्द्र प्रारम्भ हो चुके है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में एक लाख युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाए। किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से कृषकों को दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने हेतु दीन दयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना चालू की गई है। ग्रामीण विकास एवं पलायन आयोग का गठन करने के बाद पौड़ी को इसका मुख्यालय बनाया गया है। देहरादून की ऋषिपर्णा (रिस्पना) नदी एवं अल्मोडा की कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण का अभियान शुरू किया गया है। रिस्पना नदी के लिए एक ही दिन में उद्गम से संगम तक पौधरोपण और साफ-सफाई अभियान का लक्ष्य रखा गया है।

राहुल की अगुवाई को कांग्रेसी उत्साहित

आखिरकार वह पल आ ही गया है, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पिछले काफी अरसे से इंतजार था। राहुल गांधी ने चार दिसम्बर पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है। इस दौरान उनके साथ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित, ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने प्रेस कॉन्फ्रेेंस कर बताया कि राहुल गांधी के अलावा किसी और ने नामांकन नहीं भरा है। एक से ज्यादा नामांकन होने पर ही चुनाव होगा। कांग्रेस नेता मधुसूदन मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के समर्थन में 89 नामांकन भरे गए हैं। राहुल गांधी के समर्थन में कुल 890 प्रस्तावक हैं।
राहुल की अगुवाई में बढ़ेंगे आगे

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने नॉमिनेशन फाइल कर दिया है, लोगों की सेवा करने की ओर एक और कदम है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अध्यक्ष पद की भूमिका शानदार तरीके से निभाई है, अब राहुल भी उसी को आगे बढ़ाएंगे। राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस आगे बढ़ेगी।
राहुल के साथ है पार्टी

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सर्वसम्मति से राहुल को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव पास हुए हैैं कांग्रेस हमेशा सोच समझकर निर्णय करती हैै। उन्होंने कहा कि ये फैसला हमने चार साल पहले ही कर लिया था, जब जयपुर में उन्हें उपाध्यक्ष चुना गया था। कांग्रेस एकजुट होकर राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को जवाब देना चाहिए कि क्या उनकी पार्टी में लोकतंत्र है। सोनिया जी ने ही पहले प्रस्ताव पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी को गुजरात चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, पीएम की रैलियों में कुर्सियां खाली हैं। बीजेपी का तो अध्यक्ष भी आरएसएस तय करता है।

नामांकन करने से पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की। गुजरात विधानसभा में कांग्रेस की वापसी की राह देख रहे कार्यकर्ताओं में वोटिंग से ठीक पहले नया जोश भर सकता है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राहुल को तिलक भी लगाया।
यह लगभग दो दशक बाद है, जब कांग्रेस पार्टी को उसका नया पार्टी अध्यक्ष बनेगा। मौजूदा अध्यक्ष सोनिया गांधी 1998 से पार्टी की कमान संभाल रही हैं।
पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकार अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन के अनुसार किसी अन्य ने अभी तक पर्चा दाखिल नहीं किया है। चुनाव मैदान में राहुल गांधी के एकमात्र उम्मीदवार रहने की संभावना है और कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव के लिए सभी रास्ते खुल गए हैं।