अब सीएम हेल्पलाइन 1905 पर 24 घंटे रहेगी शिकायत दर्ज करने की सुविधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 के नये प्रारूप का शुभारंभ किया। सीएम हैल्प लाईन 1905 के नये वर्जन में 1905 डायल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल एप एवं ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग फीचर की सुविधा भी दी गई है। अब 24 घंटे सीएम हेल्पलाइन 1905 पर मदद लिये जाने के साथ शिकायत भी दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाइन 1905 की विभागों द्वारा माह में दो बार समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री प्रत्येक माह के अन्तिम सप्ताह में इसकी स्वयं समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि जन समस्याओं एवं शिकायतों के निस्तारण के लिए बनाये गये इस हेल्पलाईन का लाभ आमजन को मिले। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस हमारा उत्तरदायित्व है। सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि का जो सरकार का उद्देश्य है, उसमें सीएम हेल्पलाइन 1905 महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए जन समस्याओं का जिस स्तर पर समाधान होना है, उस स्तर पर ही समाधान हो जाए। तहसील स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान हो सकता है, वे अनावश्यक जिलाधिकारी तक न आये और जिन समस्याओं का समाधान जनपद स्तर पर वो शासन स्तर तक न आये। जिस स्तर पर समस्याओं का समाधान होना है, यदि नहीं हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाय। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त एप 1064 को और सशक्त बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं तहसील दिवसों का नियमित आयोजन किया जाय। जनपद स्तर पर भी जिलाधिकारी प्रतिमाह जनसुनवाई करें। उन्होंने ने निर्देश दिये कि प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को तहसील जन समर्पण दिवस का आयोजन किया जाए एवं चौथे मंगलवार को जनपद में जिलाधिकारी जन समर्पण दिवस लगाकर जन समस्याओं का समाधान करें। सभी जन समस्याओं एवं जन शिकायतों को ऑनलाईन रजिस्टर किया जाए। जिन लोगों की समस्याओं का समाधान तहसील एवं जनपद स्तर पर नहीं हो पायेगा, उन समस्याओं को ही मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित किया जायेगा।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, अरविन्द सिंह ह्यांकी, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम, विनोद रतूड़ी, निदेशक आईडीटीए नितिका खण्डेलवाल एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे, सभी जिलाधिकारी वर्चुवल माध्यम से बैठक से जुड़े थे।

कैंपा के तहत शोध कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु ने सोमवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को उत्तराखण्ड कैंपा के अन्तर्गत शोध कार्यों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा प्रदेश से सम्बन्धित विषयों और मुद्दों पर शोध किए जाने की आवश्यकता है जिससे प्रदेश और प्रदेशवासियों को लाभ मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लिए वनाग्नि एक बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि को किस प्रकार से काबू किया जा सकता है, इस पर शोध किया जाए। इसी प्रकार फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए शोध किए जा सकते हैं। जंगली सूअर, हाथी और बंदरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए किस प्रकार से बायो फेंसिंग कारगर साबित हो सकती है, इन विषयों पर शोध हमारी उच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को बायो फेंसिंग सेल गठित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी को इसका दायित्व दिया जाए।
मुख्य सचिव ने कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) को दिसंबर माह तक केंद्र सरकार को भिजवा दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए। समस्त कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण कर लिया जाए।
बैठक के दौरान बताया गया कि कार्यक्रम संचालन की वार्षिक योजना (एपीओ) के लिए 411.88 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। बैठक में उत्तराखण्ड कैंपा की संचालन समिति द्वारा संस्तुति प्रदान की गयी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, पीसीसीएफ (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

रामनगर में रोडवेज की बस पुल से नीचे गिरी, चालक की मौत

हल्द्वानी से रामनगर आ रही रोडवेज बस बाइपास पुल पर सामने से आ रहे टाटा 407 से टकराने के बाद पुल से नीचे गिर गई। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि परिचालक समेत छह यात्री घायल हो गए। बस में चालक परिचालक समेत 18 यात्री सवार थे।
शुक्रवार को रामनगर रोडवेज की बस संख्या यूके 07 पीए 2487 हल्द्वानी से रामनगर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रामनगर से दो किलोमीटर पहले ही बाइपास पुल पर चढ़ते समय सामने से आ रहे टाटा 407 वाहन से टकराने के बाद बस अनियंत्रित होकर पुल से 10 फीट नीचे जाकर पलट गई।
दुर्घटना के दौरान टाटा 407 वाहन भी सड़क पर ही पलट गया और चालक मौके से फरार हो गया। जबकि हादसे में रोडवेज के बस चालक कालागढ़ निवासी गुलवदन सिंह 40 पुत्र सरबजीत की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सीओ बलजीत भाकुनी, कोतवाल अरुण सैनी, एसएसआइ अनीस अहमद ने टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की मदद से बस सवार लोगों को बाहर निकाला। दुर्घटना में जिला पौड़ी कालागढ़ निवासी परिचालक करमपाल पुत्र बलदेव सिंह, मोहल्ला भरतपुरी निवासी मुस्कान (19) पुत्री भगत सिंह, प्रिया (21) पुत्री जीवन सिंह, काजल (19) पुत्री मोहन चंद, कौशल्या (52) पत्नी सुरेंद्र बिष्ट एवं भगवान कौर (52) पत्नी कश्मीर सिंह घायल हो गए। भगवान कौर व परिचालक करमपाल सरकारी अस्पताल में भर्ती है।

निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं का निर्माण हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में राज्य स्तर पर निराश्रित गोवंश के रहने के लिए गौशालाओं की उचित व्यवस्था के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने शहरों में निराश्रित गौवंश के लिए गौशालाओं के निर्माण किए जाने हेतु जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना से पूरे प्रदेश को आच्छादित करना है। उन्होंने विशेषकर चारधाम यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों में घूम रहे गौवंशों को गौशालाओं में रखे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग, नगर निगम और पशुपालन विभाग इस सम्बन्ध में अपने अपने निर्धारित कार्य करें, ताकि किसी प्रकार का संशय न हो।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं का संचालन एनजीओ के माध्यम से कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जानवरों को उठाने के लिए हाइड्रोलिक वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कहा कि इससे जानवरों को लिफ्ट करने में घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी, नगर निगम, नगर पालिकाएं और नगर पंचायतें इस कार्य के लिए एनजीओ सहित भूमि की तलाश शुरू करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि गौशालाओं के लिए भूमि लीज पर दिए जाने का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया जाएगा। पुरानी गौशालाओं के विस्तारीकरण और नई गौशालाओं के निर्माण के लिए जिलाधिकारी निर्णय ले सकेंगे। जिलाधिकारी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नगर निगम, नगर पालिकाएं एवं नगर पंचायतें पूरी तरह से आच्छादित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान जहां बायोगैस बनाई जा सकती है, उन स्थानों में बायो गैस योजनाएं शुरू की जाएं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम एवं अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डेय सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की निष्पक्ष जांच के आदेश के बाद भी कांग्रेस कर रही नौटंकी-महेन्द्र भट्ट

ऋषिकेश मे मंत्री के स्टाफ और एक युवक के बीच हुए विवाद के बाद कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन को भाजपा ने अवसरवादी राजनीति करार दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि मामले मे तस्वीर शीशे की तरह साफ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना के तत्काल बाद मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिये। हालांकि मामले मे पुलिस ने दोनों ही पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है लेकिन कांग्रेस को विरोध की राजनीति कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी है।
भट्ट ने कहा कि किसी के साथ अन्याय न हो यह भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति का हिस्सा है। इससे पहले भर्ती से संबंधित घपलों मे भाजपा ने नैतिक साहस का परिचय दिया और आज युवाओं का रोजगार सुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल मे तमाम घपले और घोटालों से लेकर वीआईपी या वीवीआईपी क्राइम की पड़ताल तो दूर रिपोर्ट की हिम्मत तक कोई नही कर सकता था। ऐसे उदाहरण भरे पड़े है, लेकिन भाजपा के काल मे वीआईपी कल्चर समाप्त होकर आम जन का राज स्थापित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस तरह के भ्रम से बाहर आने की जरूरत है, क्योकि जनता सीएम द्वारा अब तक की गयी निष्पक्ष कार्यवाही के निर्णय को देख चुकी है और वह इस तरह की राजनैतिक नौटंकी को बर्दाश्त करने के मूड मे नही है। कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप शो ही साबित हुआ है।

राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित हो-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि फायर अलर्ट पर तुरंत रिस्पांस दिया जाए उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए राज्य स्तरीय वनाग्नि संकट प्रबंधन सेल की बैठक हर वर्ष फरवरी माह में आयोजित कर ली जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसे बहुत ही गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लगी आग को रोकने के लिए स्थानीय लोगों का अधिक से अधिक सहयोग लिया जाए, इसके लिए उन्हें किसी प्रकार का प्रोत्साहन भी दिया जा सकता है। उन्होंने इसमें गैर सरकारी सामाजिक संस्थानों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने आग बुझाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वनों में आग लगने के कारणों में पिरुल महत्वपूर्ण है इसके लिए जंगलों से पिरूल के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पिरुल से पैलेट्स तैयार कर खाना बनाने के ईंधन के रूप में प्रयोग करने को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमजन इसका प्रयोग कर सकें इसके लिए अधिक से अधिक उद्यमियों को इसके पैलेट्स तैयार किए जाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा, ताकि पिरुल के पैलेट्स की उपलब्धता सालभर रहे। साथ ही मिड डे मील में बनने वाले भोजन के लिए इसे चूल्हे के ईंधन के तौर पर इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, वन विभाग प्रमुख (हॉफ) अनूप मलिक एवं सचिव विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

आपरेशन कावेरी के तहत उत्तराखंड के 11 और लोगों ने की वापसी

सूडान में फंसे भारतीय नागरिकों को “आपरेशन कावेरी” के तहत भारत लाए जा रहे निकासी अभियान में शुक्रवार को भारतीय वायुसेना के विमान में उत्तराखंड के 11 लोग भी वापस नई दिल्ली पालम एयरपोर्ट पहुंचे। नई दिल्ली पहुंचने पर इन 11 लोगों का उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा और सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी मनोज जोशी, अमर बिष्ट ने स्वागत किया।
इस ग्रुप में गिरीश गरकोटी, अब्बल सिंह, भोला सिंह पंवार, अरविंद प्रसाद गैरोला, विनोद रावत, कुलदीप सिंह, गणेश सिंह, राजेश सिंह, बॉबी सिंह, नरेश कुमार और बिनोद कुमार सिंह शमिल हैं। इसके अलावा 3 और उत्तराखंडवासियों को कल देर रात्रि मुंबई एयरपोर्ट में उत्तराखंड के प्रतिनिधि चंद्रशेखर लिंगवाल द्वारा उत्तम सिंह रौतेला, प्रशांत कुमार चौधरी और योगेश को रिसीव किया गया। अभी तक “आपरेशन कावेरी” के तहत उत्तराखण्ड राज्य के कुल 24 लोगों को वापस लाया जा चुका है।

मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री ने सुनी जन समस्याए

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में जन ससमयाओं को सुना। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये लोगों ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। लोगों ने स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, जमीन से संबंधित एवं अन्य समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी समस्याएं लोगों द्वारा रखी गई है, उनका शीघ्र समाधान किया जायेगा। अधिकांश जन समस्याओं एवं शिकायतों का उन्होंने मौके पर ही समाधान किया।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिये कि आज जो भी जन शिकायतें एवं समस्याओं के लिए पत्र प्राप्त हुए हैं उनको समाधान के लिए शीघ्र संबंधित अधिकारियों को भेजा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी समस्याओं एवं शिकायतों पर हुई कार्यवाही का वे स्वयं भी फीडबैक लेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अनावश्यक रूप से लोगों के कार्यों को अटकाया जा रहा है या विलंब किया जा रहा है, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारियों को प्रत्येक कार्य दिवस में दो घंटे जन समस्याओं को सुनने के निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री जनपदों के भ्रमण के दौरान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लगातार फीडबैक ले रहे हैं। जिलाधिकारियों को जनपदों में जनता दरबार, तहसील दिवस एवं बीडीसी की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिये गये हैं।
इस अवसर पर हरिद्वार जनपद के खेड़ी शिकोहपुर के एक व्यक्ति ने शिकायत की कि लेखपाल द्वारा उनकी वास्तविक जमीन को फरद में कम दिखाया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि इसकी जांच कराई जाए, यदि शिकायत सत्य पाई जाती है, तो संबंधित पर सख्त कार्रवाई की जाए। एक व्यक्ति द्वारा अपने कमर का इलाज करवाने के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनका इलाज एम्स ऋषिकेश में करवाने का निर्देश दिया। एक व्यक्ति द्वारा देहरादून से रसिया महादेव तक बस सेवा शुरू करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका परीक्षण कराकर उचित कार्यवाही की जायेगी।
इस अवसर पर एडीजी वी. मुरूगेशन, अपर सचिव जगदीश चन्द्र काण्डपाल एवं मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जल निकासी व्यवस्था मानसून सीजन से पहले पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित अधिकारियों को देहरादून की सड़कों से जल निकासी व्यवस्था मानसून सीजन से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे कार्यों, जिन से आमजन को असुविधा हो, को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण किए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि नाईट शिफ्ट में श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्य पूर्ण कराए जाएं। मुख्य सचिव ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी सोनिका को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में सड़कों के क्रॉस कनेक्शन सम्बन्धी कार्य पूर्ण कराए जाने हेतु सभी सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों की डामरीकरण के बाद पुनः खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत जो कार्य पूर्ण होने की कगार पर हैं उनको शीघ्र समाप्त कर जारी परियोजनाओं पर फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सड़क, स्मार्ट पोल और एकीकृत जल निकासी प्रणाली सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करते हुए निर्धारित समय में करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी सोनिका ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत कुल 22 प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से 14 पूर्ण किए जा चुके हैं और 8 प्रोजेक्ट्स पर कार्य गतिमान है। उन्होंने कहा ऑनगोईंग प्रोजेक्ट्स पर निर्धारित समयसीमा के अंदर पूर्ण कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, एसपी ट्रेफिक अक्षय प्रह्नाद कोण्डे सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मंगलवार को सचिवालय में वाह्य सहायतित परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अन्तर्गत चल रही 13 और 11 पाइपलाईन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने परियोजनाओं की गति बढाने हेतु जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को इन योजनाओं में शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों द्वारा इन योजनाओं की मासिक समीक्षा की जाए। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारियों को परियोजनाओं के चयन में भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने विभागों में आईटी सम्बन्धित उपकरणों की खरीद हेतु आईटी विभाग की बैठक प्रत्येक 15 दिन में आयोजित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समिति की बैठक के लिए दिवस निर्धारित कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष कम है उन्हें लगातार परियोजनाओं का अनुश्रवण कर तेजी लायी जाए।
इस अवसर पर सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव रंजना राजगुर, विनीत कुमार एवं उदयराज सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।