पानी, बिजली के बिलों में वृद्धि को लेकर मंच का धरना 12वें दिन भी रहा जारी


उत्तराखंड जन विकास मंच ने पानी, बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि व नगर निगम ऋषिकेश द्वारा अतार्किक रूप से संपत्ति कर लगाए जाने के विरोध स्वरूप धरना 12 दिन भी लगातार जारी है

विभिन्न क्षेत्रों से समर्थन के क्रम में आज सोमेश्वर नगर के लोगों ने अपना समर्थन दिया इसके साथ ही मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा विद्युत उपखंड अधिकारी ऋषिकेश के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया जिसमें बिजली के बिलों में गैर जरूरी कर व चार्ज वापिस लेने का निवेदन किया गया

सोमेश्वर नगर क्षेत्र से समर्थन देने वाले पूर्ण सिंह पवार व शैलेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में बढ़ोतरी ऋषिकेश की जनता के साथ अन्याय है कोई भी कर तार्किक दृष्टि से उचित होना चाहिए अतः संपत्ति कर कि दरों को संशोधित करके नए सिरे से लागू करना चाहिए
धरने को समर्थन देने वालों में आशुतोष शर्मा, विपिन शर्मा, प्रिंस सक्सेना, कुंवर सिंह, तनुज कुमार सिंह, धर्मपाल सिंह, विक्रम सिंह, अशोक कुमार सिंह, जगदीश प्रसाद गुप्ता, राहुल वर्मा, बेचन गुप्ता, राजेंद्र लांबा, दीपक कुमार, राहुल पांडे, दीपक तिवारी, प्रिंस तिवारी, आशीष कुमार शर्मा, रामकृपाल गौतम, आदेश कुमार आदि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में अगले पांच दिन और बढ़ेगा ठंड का प्रकोप

मौसम विभाग केंद्र देहरादून ने शीतलहर की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। केंद्र के अनुसार अगले चार पांच दिन शीतलहर और पाला गिरने से कड़ाके की ठंड रहने के आसार हैं। वहीं, मौसम विभाग ने आज अधिकतम तापमान 20 और न्यूनतम तापमान तीन डिग्री के आसपास रहने का अनुमान जताया है।
पहाड़ों से चल रही ठंड़ी बर्फीली हवाओं से शनिवार को राजधानी दून और आसपास के इलाकों में पारा गिर गया। इसके कारण लोगों को भीषण ठंड़ और शीतलहर झेलनी पड़ी। दिन में धूप होने के बावजूद तापमान काफी कम रहा। वहीं, रात को पारा करीब 14 डिग्री गिर गया। राजधानी में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री तक कम बना हुआ है। शनिवार को सुबह सामान्य समय पर धूप निकल आई लेकिन इसमें चमक और गर्मी काफी कम थी। पूरे दिन इसी तरह हल्की धूप लगी रही। इसके कारण दिन के तापमान में भी कमी दर्ज की गई। लोगों को दिन में भी गर्म कपड़े, मफलर, दस्ताने पहनने पड़े। शाम के समय तेज-तेज ठंड़ी हवाएं चलने से ठंड़ और ज्यादा बढ़ गई। मौसम केंद्र ने रविवार को भी कई इलाकों में शीतलहर रहने और पाला गिरने का अनुमान जताया है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा रहने से शीतदिवस की स्थिति रह सकती है। शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान 17.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से चार डिग्री कम तापमान रहा। वहीं, रात को न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। यह सामान्य से तीन डिग्री कम तापमान दर्ज किया गया। 
तीर्थनगरी ऋषिकेश शीतलहर की चपेट में आ गई है। अब ठिठुरन भरी ठंड में अलाव ही लोगों का एकमात्र सहारा है, लेकिन नगर निकायों की ओर से आधी अधूरी तैयारियों से लोग परेशान हैं। नगर निगम ऋषिकेश के 40 वार्डों में से मात्र छह जगह ही अलाव जलाए जा रहे हैं। 
समूचे कुमाऊं में शनिवार को शीतलहर का प्रकोप रहा। लोग आग सेंकते नजर आए। तराई-भाबर में कोहरे के साथ ही शीतलहर चलने से जनजीवन ठहर सा गया।
ऊधमसिंह नगर न्यूनतम तापमान के करीब पांच डिग्री सेल्सियस पहुंचने से शुरू हुई शीतलहर के चलते दिल्ली, पंजाब और देहरादून आदि रूटों की बसों का संचालन प्रभावित रहा। कुछ बसें एक से डेढ़ घंटे विलंब से पहुंचीं। काशीपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पंतनगर विवि के मौसम विज्ञानी डॉ. आरके सिंह के मुताबिक ऊधमसिंह नगर जिले में कड़ाके की ठंड के बीच शीतलहर शुरू हो गई है। चार से पांच दिनों तक इसी तरह शीतलहर जारी रहेगी। 
मुनस्यारी में रात के समय माइनस चार डिग्री तापमान होने से कई जगह पानी जमने लगा है। लोग अलाव के सहारे रात गुजार रहे हैं। पिथौरागढ़ में रात के समय अधिकतम तापमान आठ तो दिन का 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।

बिजली-पानी और भवन कर में वृद्धि के खिलाफ धरना जारी रहा

पानी, बिजली मे अप्रत्याशित वृद्धि व नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संपत्ति कर में 50 प्रतिशत की छूट खत्म करने के विरोध में उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा।
प्रतिदिन के हिसाब से धरने को समर्थन देवभूमि ऑटो रिक्शा एसोसिएशन ऋषिकेश द्वारा दिया गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र लांबा व सचिव बेचन गुप्ता ने कहा कि बिजली पानी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि की जा रही है जो की कोविड-19 महामारी में प्रतिकूल आर्थिक संकट से पीड़ित जनता पर दोहरी मार है।
पूर्व सभासद रवि कुमार जैन व पूर्व सभासद हरीश आनंद ने कहा कि नगर निगम ऋषिकेश द्वारा संपत्ति कर में जनता पर पड़ने वाले कर के प्रभाव के गुण-दोषों पर अध्ययन करे बगैर स्वनिर्धारित संपत्ति कर प्रणाली लागू करना बहुत ही तानाशाही पूर्ण रवैया है। हम सभी उत्तराखंड जन विकास मंच की मांगों का समर्थन करते है।
मंच के सचिव लेखराज भंडारी ने बताया कि हमारे आंदोलन के क्रम में कल धरना स्थल पर ही जन समस्याओं से संबंधित विभिन्न विभागों का बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया जाएगा।
इस अवसर पर धरने को समर्थन करने वालों में आशुतोष शर्मा, राजेंद्र पाल, जतिन जाटव, सतवीर पाल,, राजेश कुमार, तारकेश्वर, संजय कुमार, दिनेश कुमार, राकेश कलुड़ा, मनोज जाटव, कपूर चंद गुप्ता, बीपी भट्ट, जगदीश, भरत सिंह, गायत्री देवी, योगेश शर्मा, अमन अरोड़ा, राजू राजभर, सुशील पाल, विपिन शर्मा, आशुतोष डंगवाल, राजेश पांडे, प्रभुदयाल शर्मा, संजय शर्मा, राजेश शाह, मुन्ना रावत, कीमत गुप्ता, आशीष नौटियाल, भूपेंद्र सिंह, ओम प्रकाश राणा, घनश्याम झा, राजेश कुमार, रविंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

जनहित के मुद्दों को लेकर उत्तराखंड जन विकास मंच का धरना शुरु

पानी और बिजली के बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि समेत हाउस टैक्स दोगुना करने के विरोध में उत्तराखंड जन विकास मंच ने हरिद्वार रोड पर धरना प्रदर्शन किया। चेताया कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक धरना जारी रहेगा।
सोमवार को हरिद्वार रोड पर लोनिवि गेस्ट हाउस के सामने एकत्रित हुए उत्तराखंड जन विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। मंच अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से विकास मंच स्व निर्धारित संपत्ति कर प्रणाली के संबंध में नगर निगम प्रशासन से पत्राचार के माध्यम से हाउस टैक्स की दर कम करने की मांग उठा रहा है, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
मंच संरक्षक रामकृपाल गौतम ने बताया कि हाउस टैक्स दर कम करने की जगह 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया था, लेकिन उसका भी लाभ नहीं मिल रहा है। इसका खामियाजा आर्थिक रूप से कमजोर संपत्ति स्वामी से लेकर रेस्टोरेंट संचालक, दुकानदार, पर्यटन व होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार से हाउस रेंट अलाउंस के अनुसार संपत्ति कर की दर को संशोधित कर एक तिहाई करने की मांग उठाई। संरक्षक हरि सिंह भंडारी ने पानी और बिजली के बिलों में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत वृद्धि पर आक्रोश जताया।
धरना प्रदर्शन में हिकमत नेगी, गजेंद्र सजवाण, राजे नेगी, गंगाशरण यादव, योगेश शर्मा, विपिन शर्मा, राजेंद्र पाल, विनोद सजवाण, राजू गुप्ता, राहुल वर्मा, आकाश सिंह, सुधीर गुप्ता, सोनी पाल, सतेंद्र, जितेंद्र, जीएस भंडारी, मृत्युंजय गुप्ता, राकेश कंडवाल, राजेश राजभर, उमेश शर्मा, राजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे।

मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे युवक का शव मिला, पहचान नही हो सकी

हरिद्वार हाईवे पर मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे एक युवक का शव मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक की पहचान के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने शव को राजकीय चिकित्सालय हरिद्वार की मोर्चरी में शिनाख्त के लिए रखवा दिया है।
रायवाला थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का शव मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे लहूलुहान हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। आसपास के लोगों से मृतक की पहचान के प्रयास किए गए, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 28 साल की होगी। उसके माथे, नाक और चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। संभावना जताई कि वह खुद फ्लाईओवर से नीचे गिरा होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल 72 घंटे के लिए अस्पताल की मोर्चरी में शिनाख्त के लिए शव रखवा दिया गया है। आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस को सूचना प्रेषित कर दी गई है।

पुलिस की जांच में मृतका के परिवार का पता चला, आगे की कार्रवाई जारी

बीते रोज जिस युवती का शव पुलिस ने बरामद किया था। युवती के पिता से पुलिस की बातचीत में पता चला कि दो वर्ष पूर्व बिना बताए युवती प्रेम विवाह कर घर से चली गयी थी। मृतका के पिता को इस बात की जानकारी नहीं है कि विवाह किसके साथ किया था। पुलिस के लिए यह अभी भी एक पहेली ही है कि आखिर ऋषिकेश से मृतका का क्या कनेक्शन है।
पुलिस के मुताबिक बीते रोज कोतवाली पर नागेंद्र पुत्र रामहित मोर्य निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी आईडीपीएल ऋषिकेश के द्वारा सूचना सूचना दी गई कि लेबर कॉलोनी तिराहे से बाई ओर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास स्थित नाले से लगभग 100 मीटर अंदर जंगल में झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि जंगल में एक अज्ञात महिला का शव पड़ा हैद्य जिसकी उम्र लगभग 28 वर्ष है।
कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि शव के पास से बरामद सामान को चेक करने पर एक कागज पर लिखा एक फोन नंबर प्राप्त हुआ। उक्त फोन नंबर कमलाकांत मोहित का है जिनसे जानकारी करने पर ज्ञात हुआ उक्त शव आरती भुई का है जिनके पिताजी रविंद्र भुई निवासी ग्राम अड़क्का थाना बिरडी जिला जगतसिंहपुर उड़ीसा मेरे यहां काम करते हैं।
मृतका के पिता रविंद्र भुई ने बताया कि उक्त शव उनकी पुत्री आरती भुई का है जोकि लगभग 2 साल पूर्व प्रेम विवाह कर घर से चली गई थी जिस व्यक्ति से प्रेम विवाह किया गया। उसके एवं उसके परिजनों के संबंध में हम लोगों को कोई जानकारी नहीं है। मृतका के पिता रविंद्र भुई के द्वारा बताया गया कि हमें सिर्फ इतनी जानकारी थी कि हमारी पुत्री आरती भुई हरिद्वार किसी फैक्ट्री में काम करती है।
शव की पहचान आरती भुई पुत्री रविंद्र भुई निवासी ग्राम अड़क्का थाना बिरनी जिला जगतसिंहपुर उड़ीसा के रूप में हुई है। मौके पर पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम के द्वारा फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी की गयी। पुलिस ने शव का पंचायतनामा कर पोस्टमार्टम के लिए एम्स हॉस्पिटल ऋषिकेश भेजा गया है। कोतवाल ने बताया कि शव के पास से बरामद सामान को कब्जे लेकर सील किया गया है। मृतका के परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। मृत महिला के संबंध में जांच जारी है।

सीवर का टैंक खाली करने के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक दाम वसूले तो होगी कार्रवाई

सीवर का टैंक खाली करने के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक दाम वसूलने पर प्राइवेट ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई होगी। शुक्रवार को सेप्टेज प्रोटोकॉल मैनेजमेंट की तीसरी बैठक मुनिकीरेती में हुई।
शुक्रवार को नगर पालिका सभागार में सेप्टेज प्रोटोकॉज कमेटी की बैठक में एसडीएम नरेंद्रनगर देवेंद्र सिंह नेगी ने कहा घरों के सीवर टैंक को खाली करने के लिए निर्धारित शुल्क तय किया गया है। टैंक खाली करने के लिए अधिक दाम वसूलने वाले प्राइवेट ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हिसार हरियाणा की पैकल इंफोटक कंपनी की ओर से पालिका क्षेत्र में घरों में सीवर व्यवस्थाओं की सर्वे रिपोर्ट पेश की गई। कंपनी प्रबंधक सुनील कुमार ने रिपोर्ट के आधार पर बताया कि निकाय क्षेत्र के 4791 घर से सर्वे किया गया है। इस बीच सर्वे के आधार सीवर लाइन की व्यवस्था एवं सेप्टेज प्रोटोकॉज मैनेजमेंट के अंतर्गत विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट, सहायक अभियंता अनुरक्षण एवं इकाई गंगा रविंद्र सिंह, सहायक अभियंता जलसंस्थान हरीश बंसल, अरविंद शाह, योगेशवर प्रसाद मिश्रा, दीपक कुमार मौजूद रहे।

हाईकोर्ट ने कहा-अपने बच्चों को 24 घंटे इस हालत में रखकर देखें अधिकारी

हाईकोर्ट ने जेलों की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के संबंध में दिशा निर्देश दिए। बुधवार को कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी अपने बच्चों को 24 घंटे ऐसे हालत में वहां रखकर देखें। अभी हम 21वीं सदी में हैं, लेकिन जेलों की दशा देखकर ऐसा नहीं लगता। जेलों की हालत सेलुलर या अहमदनगर जेल से कम नहीं है। नैनीताल जेल व सब जेल हल्द्वानी हाईकोर्ट की नाक के नीचे हैं, वहां की स्थिति भी वैसी ही है। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ ने चेरापल्ली तेलगांना जेल का उदाहरण भी दिया, जहां सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
खंडपीठ ने कहा कि छोटे अपराध में शामिल कैदियों को पैरोल पर क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है? जिनकी सजा आधी से अधिक हो चुकी है व जिनका आचरण अच्छा है उन्हें भी पैरोल पर छोड़ने का विचार करें। हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों में सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बातें कहीं। सुनवाई में गृह सचिव रंजीत सिन्हा व जेल महानिदेशक पुष्कर ज्योति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए कि जेलों की सुविधाओं को लेकर एक कमेटी का गठन कर सुझावों पर अमल करें। इसकी रिपोर्ट हर महीने के तीसरे सप्ताह में कोर्ट में पेश करें।
इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट ने जेल महानिदेशक व गृह सचिव को निर्देश दिए थे कि वे सभी जेलों का दौरा करें और उसकी रिपोर्ट मय फोटोग्राफ कोर्ट में पेश करें। बुधवार को उनके द्वारा कोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया। जिस पर कोर्ट सन्तुष्ट नहीं हुई। शपथपत्र व फ़ोटो देखने पर कोर्ट के समक्ष चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हरिद्वार जेल की क्षमता 870 कैदियों की है जबकि वहां वर्तमान कैदी 1400 थे। इनके रहने के लिए 23 बैरक हैं। प्रति बैरक 65 कैदी रह रहे हैं। 65 महिला कैदियों के लिए एक ही बैरक है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर डॉक्टर को फोन कर बुलाने की व्यवस्था, लकड़ियों पर खाना बनाना जाता है। सब जेल रुड़की में 200 की क्षमता है, वहां वर्तमान में 625 कैदी 8 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 75 पुरुष और 18 महिला कैदी हैं। देहरादून जेल की क्षमता 518 है वहां वर्तमान में 1491 कैदी 26 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 54 कैदी हैं।
वहीं 87 महिला कैदियों के लिए 2 बैरक हैं। सब जेल हल्द्वानी की क्षमता 535 है। यहां वर्तमान में 1736 कैदी 9 बैरक में रह रहे हैं। यहां प्रति बैरक 180 कैदी। रोटियां फर्श पर बनाई जाती हैं। नैनीताल जेल की क्षमता 70 है। यहां वर्तमान में 174 कैदी बिना किसी बैरक के रहते हैं और जमीन पर सोते हैं। अल्मोड़ा जेल की क्षमता 102 है जहां 325 कैदी 6 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 52 कैदी रह रहे हैं। यहां 11 महिला कैदी हैं। जिला जेल चमोली में 114 कैदी बिना बैरक टिन सेड में सोते हैं। पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चम्पावत की अपनी जिला जेल ही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि लोहाघाट की जेल में कैदियों को जानवरों की तरह ठूंसकर रखा है। खाना बाथरूम में बन रहा है। कोर्ट ने जिला जज को निर्देश दिए कि इसका मौका मुयाना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।

कोर्ट दिए निर्देश दिए
कोर्ट ने जेलों में सुविधाओं को लेकर सरकार को अहम दिशा निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि नई जेलों का निर्माण करें, गढ़वाल मंडल में ओपन जेल, जेलों की मरम्मत के लिए बजट, कैदियों के रोजगार के लिए फैक्ट्रियां, बच्चों के लिए स्कूल, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती, परमानेंट मेडिकल स्टाफ, साफ-सुधरे किचन व बाथरूम की व्यवस्था करें।

ये है याचिका
सन्तोष उपाध्याय व अन्य ने मामले में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इनमें कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में एक आदेश जारी कर सभी राज्यों से कहा था कि वे अपने राज्य की जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने खाली पड़े राज्य मानवाधिकार आयोग के पदों को भरने के आदेश जारी किए थे। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश का पालन करे।

अपनी मांगों को लेकर कॉलोनीवासियों ने तहसील में प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा

आईडीपीएल कॉलोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल करने की मांग को लेकर कॉलोनीवासियों ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है।
मंगलवार को आवासीय कल्याण समिति आईडीपीएल, वीरभद्र के बैनर तले कॉलोनी के लोग हरिद्वार रोड स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। यहां से रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित तहसील कार्यालय पहुंचे। रैली में शामिल लोगों ने प्रदेश सरकार पर आईडीपीएल कॉलोनीवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आईडीपीएल संस्थान बंद होने के कारण यहां निवास कर रहे पूर्व कर्मचारियों और उनके आश्रितों पर बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है। यही नहीं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा। इसका समाधान आईडीपीएल कॉलोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल करने पर ही हो सकता है। एक स्वर में आईडीपीएल कॉलोनी के साथ कृष्णानगर कॉलोनी और खांडगांव को नगर निगम में मर्ज करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस एआईसीसी मेंबर जयेंद्र रमोला, समिति सचिव सुनील कुटलैहड़िया, सूरज कुकरेती, मोहन असवाल, रामेश्वरी चौहान, अनीता, कुंती गुसाईं, भगवती चमोली, सरोजिनी लखेडा, नंदिनी भंडारी, सुधा गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, कृष्णा राजभर, रघु उनियाल, आदित्य डंगवाल, शीला देवी, आलोक, सागर, संजय पोखरियाल आदि मौजूद रहे।

साढ़े चार लाख की स्मैक के साथ धर दबोचा

मंगलवार को थाना मुनिकीरेती में पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर रविंद्र कुमार चमोली ने बताया कि सोमवार रात मुनिकीरेती पुलिस और एसओजी की ने मुखबिर की सूचना पर खारास्त्रोत के पास एक स्कूटर सवार को रोका। उसके पास से साढ़े चार लाख की स्मैक बरामद की गई। हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान कमल वाधवा पुत्र सुरेंद्र कुमार बाधवा निवासी गली नंबर, 2 गंगानगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी चमोली ने बताया कि यह आरोपी ऋषिकेश, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में स्मैक को बेचने का काम कर रहा था। उसके बारे में काफी से पुलिस डिटेल खंगाल कर रही थी, सोमवार रात को आरोपी को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली। बताया की आरोपी मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा गया है।