हाईकोर्ट ने कहा-अपने बच्चों को 24 घंटे इस हालत में रखकर देखें अधिकारी

हाईकोर्ट ने जेलों की दुर्दशा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के संबंध में दिशा निर्देश दिए। बुधवार को कोर्ट ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी अपने बच्चों को 24 घंटे ऐसे हालत में वहां रखकर देखें। अभी हम 21वीं सदी में हैं, लेकिन जेलों की दशा देखकर ऐसा नहीं लगता। जेलों की हालत सेलुलर या अहमदनगर जेल से कम नहीं है। नैनीताल जेल व सब जेल हल्द्वानी हाईकोर्ट की नाक के नीचे हैं, वहां की स्थिति भी वैसी ही है। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान व न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खण्डपीठ ने चेरापल्ली तेलगांना जेल का उदाहरण भी दिया, जहां सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
खंडपीठ ने कहा कि छोटे अपराध में शामिल कैदियों को पैरोल पर क्यों नहीं छोड़ा जा रहा है? जिनकी सजा आधी से अधिक हो चुकी है व जिनका आचरण अच्छा है उन्हें भी पैरोल पर छोड़ने का विचार करें। हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों में सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बातें कहीं। सुनवाई में गृह सचिव रंजीत सिन्हा व जेल महानिदेशक पुष्कर ज्योति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। खंडपीठ ने सरकार को निर्देश दिए कि जेलों की सुविधाओं को लेकर एक कमेटी का गठन कर सुझावों पर अमल करें। इसकी रिपोर्ट हर महीने के तीसरे सप्ताह में कोर्ट में पेश करें।
इस मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट ने जेल महानिदेशक व गृह सचिव को निर्देश दिए थे कि वे सभी जेलों का दौरा करें और उसकी रिपोर्ट मय फोटोग्राफ कोर्ट में पेश करें। बुधवार को उनके द्वारा कोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया। जिस पर कोर्ट सन्तुष्ट नहीं हुई। शपथपत्र व फ़ोटो देखने पर कोर्ट के समक्ष चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। हरिद्वार जेल की क्षमता 870 कैदियों की है जबकि वहां वर्तमान कैदी 1400 थे। इनके रहने के लिए 23 बैरक हैं। प्रति बैरक 65 कैदी रह रहे हैं। 65 महिला कैदियों के लिए एक ही बैरक है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर डॉक्टर को फोन कर बुलाने की व्यवस्था, लकड़ियों पर खाना बनाना जाता है। सब जेल रुड़की में 200 की क्षमता है, वहां वर्तमान में 625 कैदी 8 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 75 पुरुष और 18 महिला कैदी हैं। देहरादून जेल की क्षमता 518 है वहां वर्तमान में 1491 कैदी 26 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 54 कैदी हैं।
वहीं 87 महिला कैदियों के लिए 2 बैरक हैं। सब जेल हल्द्वानी की क्षमता 535 है। यहां वर्तमान में 1736 कैदी 9 बैरक में रह रहे हैं। यहां प्रति बैरक 180 कैदी। रोटियां फर्श पर बनाई जाती हैं। नैनीताल जेल की क्षमता 70 है। यहां वर्तमान में 174 कैदी बिना किसी बैरक के रहते हैं और जमीन पर सोते हैं। अल्मोड़ा जेल की क्षमता 102 है जहां 325 कैदी 6 बैरक में रह रहे हैं। प्रति बैरक 52 कैदी रह रहे हैं। यहां 11 महिला कैदी हैं। जिला जेल चमोली में 114 कैदी बिना बैरक टिन सेड में सोते हैं। पिथौरागढ़, बागेश्वर, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चम्पावत की अपनी जिला जेल ही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि लोहाघाट की जेल में कैदियों को जानवरों की तरह ठूंसकर रखा है। खाना बाथरूम में बन रहा है। कोर्ट ने जिला जज को निर्देश दिए कि इसका मौका मुयाना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।

कोर्ट दिए निर्देश दिए
कोर्ट ने जेलों में सुविधाओं को लेकर सरकार को अहम दिशा निर्देश दिए हैं। इसमें कहा है कि नई जेलों का निर्माण करें, गढ़वाल मंडल में ओपन जेल, जेलों की मरम्मत के लिए बजट, कैदियों के रोजगार के लिए फैक्ट्रियां, बच्चों के लिए स्कूल, पर्याप्त स्टाफ की भर्ती, परमानेंट मेडिकल स्टाफ, साफ-सुधरे किचन व बाथरूम की व्यवस्था करें।

ये है याचिका
सन्तोष उपाध्याय व अन्य ने मामले में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। इनमें कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में एक आदेश जारी कर सभी राज्यों से कहा था कि वे अपने राज्य की जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाएं और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। कोर्ट ने खाली पड़े राज्य मानवाधिकार आयोग के पदों को भरने के आदेश जारी किए थे। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश का पालन करे।

अपनी मांगों को लेकर कॉलोनीवासियों ने तहसील में प्रदर्शन कर सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा

आईडीपीएल कॉलोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल करने की मांग को लेकर कॉलोनीवासियों ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी है।
मंगलवार को आवासीय कल्याण समिति आईडीपीएल, वीरभद्र के बैनर तले कॉलोनी के लोग हरिद्वार रोड स्थित नगर निगम कार्यालय परिसर में एकत्रित हुए। यहां से रैली की शक्ल में नारेबाजी करते हुए हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित तहसील कार्यालय पहुंचे। रैली में शामिल लोगों ने प्रदेश सरकार पर आईडीपीएल कॉलोनीवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आईडीपीएल संस्थान बंद होने के कारण यहां निवास कर रहे पूर्व कर्मचारियों और उनके आश्रितों पर बेघर होने का खतरा मंडराने लगा है। यही नहीं सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा। इसका समाधान आईडीपीएल कॉलोनी को नगर निगम ऋषिकेश में शामिल करने पर ही हो सकता है। एक स्वर में आईडीपीएल कॉलोनी के साथ कृष्णानगर कॉलोनी और खांडगांव को नगर निगम में मर्ज करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में कांग्रेस एआईसीसी मेंबर जयेंद्र रमोला, समिति सचिव सुनील कुटलैहड़िया, सूरज कुकरेती, मोहन असवाल, रामेश्वरी चौहान, अनीता, कुंती गुसाईं, भगवती चमोली, सरोजिनी लखेडा, नंदिनी भंडारी, सुधा गुप्ता, उर्मिला गुप्ता, कृष्णा राजभर, रघु उनियाल, आदित्य डंगवाल, शीला देवी, आलोक, सागर, संजय पोखरियाल आदि मौजूद रहे।

साढ़े चार लाख की स्मैक के साथ धर दबोचा

मंगलवार को थाना मुनिकीरेती में पुलिस क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर रविंद्र कुमार चमोली ने बताया कि सोमवार रात मुनिकीरेती पुलिस और एसओजी की ने मुखबिर की सूचना पर खारास्त्रोत के पास एक स्कूटर सवार को रोका। उसके पास से साढ़े चार लाख की स्मैक बरामद की गई। हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान कमल वाधवा पुत्र सुरेंद्र कुमार बाधवा निवासी गली नंबर, 2 गंगानगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी चमोली ने बताया कि यह आरोपी ऋषिकेश, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में स्मैक को बेचने का काम कर रहा था। उसके बारे में काफी से पुलिस डिटेल खंगाल कर रही थी, सोमवार रात को आरोपी को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली। बताया की आरोपी मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेजा गया है।

भारी वाहनों को लेकर कोतवाल ने दिए निर्देश

शहर के अंदर सुबह आठ से रात नौ बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। नो पार्किंग क्षेत्रों में तिपहिया वाहन सवारियों का उतार और बैठा नहीं सकेंगे। नियमों के उल्लंघन पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
सोमवार को कोतवाल रवि सैनी ने बस, ऑटो-विक्रम, ट्रक संचालक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए अहम सुझाव मांगे। कोतवाल ने बताया कि सुबह आठ से रात नौ बजे तक भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा गढ़वाल मोटर परिवहन की आने-जाने वाली बसों की आईएसबीटी से बाईपास मुनिकीरेती से आवाजाही होगी। त्रिवेणीघाट चौक के पास विक्रम और ऑटो स्टैंड पर एक समय में दो-दो विक्रम और ऑटो रहेंगे। नटराज चौक से चलने वाले ऑटो रेलवे रोड होकर घाट चौक, दून तिराहा होते वापस नटराज चौक पर रुकेंगे। घाट चौक से लक्ष्मणझूला रोड स्थित गुरुद्वारा तक तिपहिया वाहन बीच मार्ग पर नहीं रुकेंगे। नो पार्किंग क्षेत्र में सवारियां उतारने और चढ़ाने पर सख्त कार्रवाई होगी। जयराम आश्रम के पास टैक्सी स्टैंड पर गाड़ियां दीवार से सटाकर खड़ी की जायेगी। ई-रिक्शा पुरानी चुंगी के कोहली मार्केट से बाहर आयेंगे। बैठक में टैक्सी एसोसिएशन अध्यक्ष विजयपाल रावत, विजेन्द्र कंडारी, रमेश सिंह, उमेश चौहान, अनुपम भाटिया, अशोक ग्रोवर आदि शामिल रहे।

स्थानीय लोगों ने कूड़े के ढे़र को हटाने की मांग की

जहां एक तरफ भारत में स्वच्छता अभियान जोरो से चलाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर कूड़े का ढेर राहगीरों का मुसीबत बना हुआ है। यह कहना है स्थानीय लोागों का।
उन्होंने बताया कि टिहरी विस्थापित कॉलोनी के निकटतम क्षेत्र कृष्णा नगर कॉलोनी की ओर जाते हुए मार्ग पर कई वर्षों से कूड़ा का जमा हो रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों के लिए बीमारी जैसे समस्या उत्पन्न हो रही है। बड़े ही चिन्तनीय विषय है कि जिस मार्ग पर कूड़े के ढेर पड़े हुए हैं यह मार्ग ’अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ को जोड़ते हुए कोयल घाटी ऋषिकेश के लिए निकलता है। लगभग प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग इस मार्ग पर आवागमन करते रहते है, जो ग्रामीणों के लिए एक मुसीबत बना हुआ है, जिससे अनेकों प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो रही है।
समाजसेवी नवीन नेगी ने बताया कूड़े का ढेर विगत वर्षों से जमा हो रहा हैं, जिसकी ओर प्रशासन का ध्यान बिल्कुल नहीं जा रहा है, जो राहगीरों के लिए बड़ी समस्या का कारण बना हुआ है। कूड़े का ढेर कृष्ण नगर कॉलोनी के 350 मीटर के दायरे में पड़े हुए हैं।
समाजसेवी अनिल रावत ने बताया ग्रामीणों को इस मार्ग पर चलना मतलब बीमारी को निमंत्रण जैसा प्रतीत हो गया है, जो राहगीरों के लिए बडी समस्या हो रही है, सड़क पर लबालब कूड़े के ढेर ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो रहा है।

सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर सीएस सख्त, दिए ये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यावरण के लिए प्लास्टिक बहुत की घातक है, इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक सबसे अधिक हानिकारक है। इसके प्रयोग को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने इसके लिए आमजन में जागरूकता फैलाने के साथ ही कुछ विशेष कदम उठाए जाने की बात भी कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों में सिंगल यूज प्लास्टिक की जानकारी की कमी होने के कारण इसको रोकने के प्रयास कम सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कौन सा प्लास्टिक बैन है, कौन सा नहीं इस पर एक छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी का संचार किया जाए। साथ ही, व्यापारियों एवं आमजन को फोटो और वीडियो के माध्यम से बैन और अधिक नुकसानदेह प्लास्टिक की जानकारी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए। इससे होने वाले दुष्प्रभावों को भी फोटो-वीडियो के माध्यम से दिखाया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर एक अध्ययन कराया जाए, ताकि इसके विकल्पों के लिए सब्सिडी देकर बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिए जाने हेतु एक योजना तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना में सब्सिडी के माध्यम से बढ़ावा दिया जाए, ताकि इसके विकल्प के व्यवसाय से जुड़ने को प्रोत्साहित हो सकें, और प्लास्टिक के व्यापार से जुड़े लोगों के रोजगार पर इसका प्रभाव न पड़े। उन्होंने वन विभाग की नर्सरी में भी पौधों के लिए जूट के बैग के प्रयोग की संभावनाओं को भी तलाशा जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन एवं सचिव अमित नेगी सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में गुलदार की आमद से लोगों में भय का माहौल

न्याय पंचायत श्यामपुर की ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ के चोपड़ा फार्म गली नंबर 6 वीर चंद्र गढ़वाली नगर मोटा प्लॉट में आज सुबह प्रातः 6ः30 बजे गुलदार पिंजरे में कैद हुआ।
पिछले विगत माह से ग्राम सभा खदरी खड़क माफ में सक्रिय गुलदार की आमद बनी हुई थी 2 माह के बाद यह तीसरा गुलदार क्षेत्र में कैद हुआ। क्षेत्र में विगत दिनों से गुलदार की आमद देखने को मिल रही थी जिसके बाद वन विभाग ने यहां पर पिंजरा लगाया।
बुधवार की प्रातः आखिरकार गुलदार पिंजरे में कैद हुआ। क्षेत्र में गुलदार की आमद को देखते हुए क्षेत्र के युवा आशीष राणाकोटी जी ने 24 नवंबर 2021 को वन विभाग के कार्यालय में जाकर पिंजर लगाने की मांग के लिए ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में पिंजर लगाया था। जिसका परिणाम चंद दिनों में ही नजर आ गया है और गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।
क्षेत्र के सक्रिय युवा आशीष राणा कोटी का कहना है कि गुलदार की इस तरह की दहशत से ग्रामीणों में है भय जैसा माहौल बना हुआ है ग्रामीणों की गुहार वन विभाग से निरंतर लगाई जा रही है। अभी भी क्षेत्र में ग्रामीणों के द्वारा दो गुलदार होने की आशंका जताई जा रही।
ग्रामीणों ने वन विभाग से गुहार लगाई दो गुलदार को पकड़ने के लिए भी पिंजर लगाए जाए।
मौके पर उपस्थित वन विभाग के ऋषिकेश की रेंज महेंद्र सिंह रावत, कमल राजपूत, राजेश बहुगुणा, भोला, समाजसेवी नवीन नेगी, अनिल रावत, विनोद चौहान, नरेश पुंडीर, पर्यावरणविद विनोद जुगलान, पिंटू, आशीष राणाकोटी कुलदीप रावत अखिल भंडारी आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

सीएस का फिर अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के आदेश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने प्रदेश में खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने हेतु अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक, महानिदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म इकाई और समस्त जिलाधिकारियों को जारी अपने आदेश में मुख्य सचिव ने खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की प्रभावी रोकथाम एवं पूर्ण रूप से अंकुश लगाए जाने हेतु पूर्व में जारी आदेश पर की गई कार्रवाई और क्रियान्वयन आख्या अविलंब उपलब्ध कराए जाने हेतु आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि खनिजों के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की प्रभावी रोकथाम एवं पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

कर्मचारियों की मांगें मानने के लिए धरनास्थल पर पहुंचे महाराज

प्रदेश के लोक निर्माण, मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर की लम्बित विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एक बैठक की गयी।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय में बैठक कर उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन तथा उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ की वर्षों से लंबित समस्याओं का संज्ञान लेते हुए सचिव लोक निर्माण आर.के. सुधांशु को निर्देश दिये कि 15 से 20 दिनों के बीच सभी समस्याओं का समाधान करें। उन्होने यह भी आदेश दिये कि तकनीकी मामलों में शीघ्र ही परीक्षण कराकर उसका निदान करें।
उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों और लोनिवि अधिकारियों के साथ बैठक कर लोक निर्माण मंत्री ने सतपाल महाराज ने कहा कि निर्माण खंड टिहरी को पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा। इसके अलावा विभागीय जूनियर इंजीनियर के स्थायीकरण के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित किये जाने के लिए भी आदेश दे दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों के सापेक्ष अधिशासी अभियंता प्रभारी सहायक अभियंता बनाए जाएंगे। उन्होंने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय पुनर्गठन का प्रस्ताव शासन को प्राप्त हो चुका है जिस पर कार्यवाही की जा रही है। डोबरा-चांठी पीआईयू को निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग सीधी में परिवर्तित किए जाने पर भी सहमति बनी है।
कार्यस्थल पर दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर रूप से घायल, दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार एवं अनुरोध के आधार पर अभियंताओं को सुगम स्थानों पर स्थानांतरित करने के भी लोनिवि मंत्री ने विभागीय सचिव को निर्देश दिए। कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर प्रोन्नति के पश्चात उनकी नियुक्ति दुर्गम से दुर्गम में की गई है जबकि कुछ अभियंताओं की नियुक्तियां सुगम से सुगम में की गई इस बात का संज्ञान लेते हुए लोनिवि मंत्री ने इसके परीक्षण के आदेश दिए हैं।
बैठक के पश्चात लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठे उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर संघ के धरना स्थल पर भी पहुंचे। वहां उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उन्होने कहा कि वह कुछ समय उन्हें दें ताकि उनकी सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा सके। महाराज ने धरना स्थल पर बैठे कर्मचारियों को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन एवं उत्तराखंड डिप्लोमा इंजिनियर्स संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक काफी सकारात्मक रही है। हमने पूरे मनोयोग से उनकी समस्याएं सुनी और उन पर सरकार निर्णय लेकर समस्याओं के समाधान का आदेश दिया है।

डीजीपी के निर्देश, सभी पुलिसकर्मियों का होगा कोविड एंटीजन टेस्ट

ऋषिकेश में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की वीआईपी ड्यूटी में लगे सात पुलिसकर्मियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। डीजीपी अशोक कुमार ने सोमवार को प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के कोविड एंटीजन टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में एक बार फिर से कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी और 12 अन्य विभागों के कार्मिक पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि प्रदेश के सभी पुलिस कर्मियों के कोरोना टेस्ट कराए जाएंगे। डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि कोरोना को देखते हुए सभी लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है। राज्य सरकार जो भी गाइड लाइन जारी करेगी उसे फॉलो किया जाएगा।
आपको बता दें डीजीपी अशोक कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सभी जनपद प्रभारियों एवं शाखा/इकाई प्रभारियों को उनके अधिनस्थ नियुक्त समस्त पुलिस कार्मिकों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराये जाने के निर्देश दिए। जिससे पॉजिटिव पाए जाने वाले कार्मिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। साथ ही अन्य कार्मिकों/परिजनों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और कोरोना संक्रमित क्षेत्रों का भी पता लगाया जा सके।

जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में संक्रमित की मौत
कु़माऊं के जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल में भर्ती नैनीताल निवासी 70 वर्षीय एक कोविड संक्रमित मरीज की मौत हो गई। मरीज 15 नवंबर को अस्पताल में भर्ती हुआ था। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ अरुण जोशी के अनुसार, मरीज की भर्ती के समय से ही स्थिति गंभीर बनी हुई थी। निमोनिया, सांस व अन्य दिक्कतें भी थीं। अस्पताल में करीब तीन महीने बाद किसी की कोविड संक्रमित की मौत हुई है।

एफआरआई के सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में प्रशिक्षण लेने आए बिहार, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों के कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा। जिलाधिकारी डॉक्टर आर राजेश कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अगुवाई में टीम ने रविवार को अकादमी में जाकर कोरोना संक्रमित आईएफएस अधिकारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि फिलहाल सभी अधिकारी पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। लिहाजा उनके बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी अधिकारियों को 12 मंगलवार तक उनके मूल कैडर वाले राज्यों में भेजने की इजाजत दे दी है। एडीशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी के मुताबिक सभी आईएफएस अधिकारियों को मंगलवार को उनके मूल कैडर वाले राज्यों को भेज दिया जाएगा।
बता दें कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में देश के सभी राज्यों के 48 आईएफएस अधिकारी मिड टर्म प्रशिक्षण के लिए आए थे। इन अधिकारियों को आईआईएम लखनऊ और नईदिल्ली में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। लेकिन जब नईदिल्ली में अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया तो 11 अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसमें से तीन कोरोना संक्रमित अधिकारी तो नईदिल्ली से ही अपनी मूल कैडर वाले वाले राज्यों में भेज दिए गए थे। जबकि आठ अधिकारियों को देहरादून भेजकर अकादमी में क्वारेंटीन कर दिया गया था।