मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में एलपीजी गैस वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग एवं तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयक को लगातार गैस एजेंसियों और वितरकों पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैकलॉग खत्म करने के लिए आपूर्ति बढ़ाये आने पर भी जोर दिया। उन्होंने चारधाम यात्रा के लिए कमर्शियल गैस आपूर्ति बढ़ाये जाने हेतु केंद्र सरकार से बात किये जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने खतौनी में अंश निर्धारण के कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार नैनीताल एवं कुछ और मैदानी जनपदों को अंश निर्धारण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अंश निर्धारण के लिए साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सभी जिलाधिकारियों को तेजी लाए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कुंभ – 2027 की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सभी आवश्यक जीओ शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की टीएसी एवं ईएफसी होनी हैं, शीघ्र करवा ली जाए। उन्होंने कह कि कार्यों में डुप्लीकेसी ना हो इसका विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फेनाई, आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, बृजेश कुमार संत, विनोद कुमार सुमन एवं श्री आनन्द स्वरूप, मंडलायुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, मंडलायुक्त कुमाऊं दीपक रावत सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

पुत्र की मृत्यु उपरान्त 2023 से न्याय को भटकती मां को मिला डीएम का सहारा, नियोक्ता फर्म पर मुकदमा व लेबर कोर्ट में वाद दर्ज

जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनता दर्शन में आज 212 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम संग जनमानस की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छबीलबाग कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई की उनका पुत्र 12-13 वर्षों से लापता है तथा 02 पोतों की जिम्मेदारी उनपर है घर के पानी का बिल 31657 बिल आया है उन्होंने जिलाधिकारी से बिल माफी की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जल संस्थान द्वारा ब्याज की धनराशि रू0 11487, वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए शेष धनराशि 20170 रू0 रायफल फंड से जिला प्रशासन जल संस्थान के खाते में जमा कराई जा रही है।
विकासनगर निवासी मीना बंसल ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनके पुत्र वर्ष 2023 में डिक्शन होटल में दुर्घटना में गंभीर घायल होने पर उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी कम्पनी द्वारा कोई मुआवजा नही दिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने एएलसी को एफआईआर दर्ज कराने तथा लेबरकोर्ट में मामला दर्ज करते हुए 02 माह के भीतर प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए।
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग दम्पति नीलम अरोड़ा व उनके पति ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी पुत्रवधु द्वारा उनके घर में रहते हुये प्रार्थिनी एवं उसके पति के साथ अनावश्यक मारपीट करने, प्रताडित करने, गाली गलौज करने एवं जान से मारने की धमकी देते हैं जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम कोर्ट ऋषिकेश में वाद भरणपोषण एक्ट में वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी रोशनी रावत ने जिलाधिकारी ने गुहार लगाई कि उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति उनकी 02 पुत्रियां है जिनकी शिक्षा-दीक्षा एवं लानपोषण में समस्या आ रही है जिस पर जिलाधिकारी ने रोशनी की दोनों पुत्रियों की शिक्षा प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
हर्रावाला निवासी बाबूराम मौर्य ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उनकी भूमि से लगती हुई लघु सिंचाई विभाग की सरकारी नहर कुछ व्यक्तियों द्वारा बंद कर दी गई है जिससे भूमिधरों की गेंहू की फसल में पानी नही लग पाने से फसल खराब हो रही है, नहर को जेसीबी लगाकर पूर्णतः क्षतिग्रस्त कर दिया है। जिस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी, एसडीएम डोईवाला, अधि.अभि लघु सिंचाई को तत्काल कार्यवाही कराते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन में अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व के.के मिश्रा, संयुक्त मजिस्टेªट राहुल आनंद, पुलिस अधीक्षक यातायात लोकजित सिंह, उप नगर आयुक्त नगर निगम संतोष पाण्डेय, उप जिलाधिकारी मुख्यालय कुमकुम जोशी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास विभाग जितेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित समस्त विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित: अग्रवाल

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर रायवाला में आयोजित कार्यक्रम में ऋषिकेश विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल का पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साह एवं उल्लास के साथ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने स्थापना दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

डॉ अग्रवाल ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्व अटल बिहारी बाजपेई एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर व भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एंव वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर कार्यक्रम के शुरुआत की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक विशाल परिवार है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित हो चुकी है, जो अपने कार्यकर्ताओं के समर्पण और सेवा भाव के कारण संभव हुआ है।

डॉ. अग्रवाल ने पार्टी के संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1980 में स्थापना के बाद 1984 में एक समय ऐसा भी आया जब भाजपा के मात्र दो सांसद थे, लेकिन कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और संगठन की मजबूती के बल पर आज देश के अनेक राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के साथ उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की साख को और सशक्त किया है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अग्रवाल ने संगठन को मजबूत बनाने वाले सभी वरिष्ठ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

इस अवसर पर दर्जाधारी श्यामवीर सैनी जी, भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सतपाल सैनी, रायवाला मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट, प्रतीत नगर ग्राम प्रधान राजेश जुगलान, पंचायत सदस्य गीता थापा, लक्ष्मी गुरुंग, गणेश रावत, चित्रवीर छेत्री, अजय साहू,शिवकुमार पाल, नीतू सैनी, अनु सैनी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और स्थानीय जनता मौजूद रही

पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में प्रशिक्षण ले रहे पुलिस कांस्टेबलों को संबोधित किया। उन्होंने युवा कांस्टेबलों का उत्साहवर्धन करते हुए राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, आपदा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए पुलिसकर्मियों को आपदा प्रबंधन में निपुण बनना आवश्यक है। उन्होंने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए जनता के साथ समन्वय बनाए रखने तथा अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने तथा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कांस्टेबलों को आधुनिक प्रशिक्षण ग्रहण कर जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

चारधाम यात्रा मार्ग होगा और सुरक्षित, NH-134 पर व्यापक कार्यों को मंजूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत कार्यों के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी एवं केंद्र सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश की सड़क अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस स्वीकृति के अंतर्गत उत्तरकाशी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 पर भूस्खलन से प्रभावित 17 स्थलों के उपचार के लिए ₹233 करोड़ तथा पिथौरागढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-09 के तवाघाट-घटियाबागड़ खंड पर 3 संवेदनशील स्थलों के लिए ₹228 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। यह पहल न केवल आपदा जोखिम को कम करने में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के दुर्गम एवं सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को भी सुगम बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-134, जो चारधाम यात्रा का एक प्रमुख मार्ग है, उत्तराखंड में धरासू एवं कुठनोरी से यमुनोत्री धाम को जोड़ता है। यह मार्ग भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील रहा है, जिसके कारण कई बार यातायात बाधित होता है और यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने से इस मार्ग की स्थिरता बढ़ेगी, जिससे चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुगम हो सकेगी। साथ ही धार्मिक पर्यटकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर तवाघाट-घटियाबागड़ खंड में भूस्खलन संभावित स्थलों के उपचार से सीमांत क्षेत्रों तक निर्बाध संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह स्वीकृति प्रदेश के समग्र विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*……

*“उत्तराखंड में भूस्खलन प्रभावित स्थलों के उपचार एवं मरम्मत के लिए ₹461 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किए जाने पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। यह निर्णय राज्य में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, चारधाम यात्रा को सुगम बनाने तथा सीमांत क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा। हमारी सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं नागरिकों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है।”

सीएम ने केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से हरिद्वार शहर में गंगा कॉरिडोर क्षेत्र से संबंधित लगभग ₹325 करोड़ की परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृति का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ-2027 के दृष्टिगत इस परियोजना के अंतर्गत विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण एवं प्रणाली के स्वचालन हेतु भी प्रथम चरण में ₹325 करोड़ की धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का अनुरोध किया, साथ ही द्वितीय चरण के अंतर्गत शेष लगभग ₹425 करोड़ की धनराशि भी अनुमोदित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार एवं ऋषिकेश में आगामी कुंभ-2027 की तैयारियों के संदर्भ में हरिद्वार में घाटों के सौंदर्यीकरण, आवासीय सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शहरी अवसंरचना के विकास हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय यातायात को सुदृढ़ करने के हेतु रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को मेरठ से हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक विस्तारित करने के साथ ही देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश मेट्रो कॉरिडोर के विकास का भी अनुरोध किया, ताकि इन शहरों के मध्य आवागमन को सुगम बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में सड़क यातायात पर निर्भरता कम होगी, यातायात जाम की समस्या में कमी आएगी तथा पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड के प्रमुख तीर्थस्थलों को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ते हुए क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन एवं समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगी।

केन्द्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

मुख्य सचिव ने की कुंभ मेला 2027 की तैयारियों की समीक्षा

कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव एवं सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। हरिद्वार में सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। अपर रोड का कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा शेष कार्य 30 जून तक समाप्त करने के निर्देश दिए गए। सीवर कार्यों की दैनिक निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक की समिति को प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार अपर रोड को सही करने के संबंध में निरीक्षण कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य सचिव ने गंगा नदी की स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर गंगा में न जाने पाए। उन्होंने सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने तथा आज ही निरीक्षण कर वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए ।

मुख्य सचिव ने कुकिंग गैस की समस्या के समाधान के लिए पीएनजी कनेक्शन वितरण हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त किए जाँय। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने भूमिगत लाइनों में खराबी आने पर त्वरित सुधार, खंभों को हटाने तथा वितरण बॉक्स को उपयुक्त स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।

घाटों की सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों की स्थापना पर बल दिया। साथ ही मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने तथा इसकी अवस्थापना सुविधाओं को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों के भीतर तीन मेगावाट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नई लाइन के निर्माण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुंभ मेले के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक एवं पार्किंग योजना पर सभी हितधारकों से सुझाव लेने तथा मंडलायुक्त स्तर पर अंतिम रूप देकर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगमता का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अब तक 36 स्थायी एवं 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 32 सेक्टरों का विस्तृत सेक्टर प्लान तैयार किया गया है। सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने हेतु विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, उप मेलाधिकारी श्री आकाश जोशी एवं श्री मनजीत सिंह, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व मुख्य सचिव ने श्री गंगा सभा, व्यापार मंडल, आश्रम-होटल-धर्मशाला संचालकों, टैक्सी एवं ऑटो यूनियन तथा सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुंभ मेला व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा उनके सुझाव एवं समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी से कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने का आह्वान किया।

ऋषिकेश महायोजना 2031 में समाधान का रोडमैप तैयार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत ऋषिकेश महायोजना–2031 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीन जनपदों—टिहरी, पौड़ी और देहरादून—से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। सरकार का उद्देश्य इस महायोजना के माध्यम से ऋषिकेश को एक सुनियोजित, व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, जहां पर्यटन और शहरी विकास में संतुलन बना रहे।

*तपोवन बना चर्चा का केंद्र, अवैध निर्माण बड़ी चुनौती*
बैठक के दौरान सबसे अधिक फोकस तपोवन क्षेत्र पर रहा, जो टिहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आता है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2011 की पूर्व महायोजना के बाद इस क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं। होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के अनियंत्रित विस्तार ने न केवल क्षेत्र की भौगोलिक संरचना को प्रभावित किया है, बल्कि यातायात, पार्किंग और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ाया है। इसके चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक द्वारा प्रस्तुत किए गए प्लान में इन समस्याओं के समाधान के लिए कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पहले से होटल और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो चुकी हैं, उन्हें ‘पर्यटन उपयोग क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इससे न केवल मौजूदा ढांचे को वैधता और संरचना मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भविष्य में अनियोजित निर्माण पर रोक लगाने के लिए सख्त नियामक प्रावधान भी जोड़े गए हैं।

*जनसुनवाई के बाद संशोधन, अब अंतिम चरण में योजना*
अधिकारियों ने जानकारी दी कि महायोजना को पहले संबंधित प्राधिकरण बोर्डों से अनुमोदन मिल चुका है और इसके बाद इसे जनसुनवाई एवं प्रदर्शनी की प्रक्रिया से भी गुजारा गया। जनसुझावों के आधार पर इसमें संशोधन किए गए और फिर इसे शासन स्तर पर भेजा गया। शासन द्वारा पुनर्विचार के बाद इसे एक बार फिर संबंधित बोर्डों को भेजा गया, जहां से इसे अनुमन्य कर दिया गया है। अब योजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

*तीन जिलों का समन्वय, 15 दिन में सुझाव होंगे एकत्र*
ऋषिकेश महायोजना–2031 तीन जनपदों में फैली हुई है—टिहरी, पौड़ी और देहरादून। इनमें से दो जिलों ने योजना को स्वीकृति दे दी है, जबकि पौड़ी जनपद ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन्हीं सुझावों पर विचार करने के लिए सचिव स्तर पर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को 15 दिनों के भीतर समेकित कर शासन को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि महायोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जा सके।

*पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल*
इस महायोजना के लागू होने से ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सुनियोजित विकास के माध्यम से जहां एक ओर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का मानना है कि यह योजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक के अंत में यह विश्वास व्यक्त किया गया कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से ऋषिकेश महायोजना–2031 को शीघ्र लागू किया जाएगा। इसके लागू होने से न केवल शहर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि ऋषिकेश को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा।

सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि ऋषिकेश महायोजना–2031 राज्य के लिए एक दूरदर्शी योजना है, जो आने वाले वर्षों में विकास की दिशा तय करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों और सुझावों का शीघ्र निस्तारण करते हुए महायोजना को अंतिम रूप दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि तपोवन जैसे क्षेत्रों में जो अव्यवस्थित विकास हुआ है, उसे सुधारने के लिए इस बार ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे भविष्य में संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

चारधाम यात्रा को और सशक्त बनाने पर दिया जा रहा है ध्यान: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यहां उपस्थित प्रत्येक श्रद्धालु पर बजरंगबली की विशेष कृपा है, क्योंकि उनकी इच्छा के बिना कोई भी उनके दरबार तक नहीं पहुंच सकता।

मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार उन्होंने यहां आने का प्रयास किया, लेकिन कार्यक्रम नहीं बन पाया। इस बार बजरंगबली की कृपा से अचानक कार्यक्रम तय हुआ और उन्हें दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना करते हुए ईश्वर से सभी पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हुआ है। वहीं काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं को अभूतपूर्व सुविधाएं प्राप्त हुई हैं। साथ ही केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम में भी व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की पहचान और अधिक सशक्त हुई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं तथा धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य पूर्ण होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों केदारखंड और मानसखंड सहित अन्य स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत संरचना विकास के कार्य लगातार जारी हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में हर वर्ष श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी कुंभ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का विषय है, वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। प्रदेश में शीतकालीन यात्रा भी निरंतर संचालित हो रही है और चारधाम के कपाट खुलने तक जारी रहेगी। अब तक लगभग एक लाख साठ हजार श्रद्धालु शीतकालीन यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। आगामी चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी व्यापक तैयारियां आरम्भ की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में पर्यटक एवं श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो राज्य में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य धार्मिक पर्यटन को और अधिक सशक्त करना है, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “बजरंगबली की कृपा हम सभी पर बनी रहे और हमारा उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, महापौर हल्द्वानी गजराज बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्या, शंकर कोरंगा, शांति मेहरा, कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, श्री हनुमान धाम ट्रस्ट के आचार्य विजय एवं ट्रस्ट प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने संत समागम और हरि कथा को जीवन का सर्वोच्च सौभाग्य बताया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून स्थित रेंजर्स ग्राउंड में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित संतजनों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की गरिमा को नमन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों में सम्मिलित होना जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण क्षण होता है। उन्होंने संतों के सानिध्य और उनके मार्गदर्शन को जीवन के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति की ओर अग्रसर करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कथा व्यास ‘धर्मरत्न’ परमपूज्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन को भक्ति, साधना और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराज जी ने अल्पायु में ही श्रीमद्भागवत महापुराण को कंठस्थ कर समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य प्रारंभ कर दिया था, जो अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महाराज जी का अनुशासन और तपस्या समाज के लिए अनुकरणीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य मानवता के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से “प्रियाकांत जू विद्या धन योजना” के माध्यम से बेटियों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं और समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण को आध्यात्मिक चेतना का आधार बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और धर्म का समन्वय प्रस्तुत करता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उपदेशों के माध्यम से जीवन के गूढ़ रहस्यों का सरल समाधान मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब भौतिकता की दौड़ में मनुष्य मानसिक रूप से अशांत है, ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण आंतरिक शांति और आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करता है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों का पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर तथा महाकाल लोक जैसी परियोजनाएं भारत की सांस्कृतिक चेतना को पुनर्स्थापित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड और मानसखंड के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना कर भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसी क्रम में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही समानता और न्याय की स्थापना हेतु समान नागरिक संहिता लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।

उन्होंने अंत में कहा कि सरकार समाज में समरसता, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर विभिन्न संत-महात्मा, विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।