मुख्यमंत्री ने आपदा राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों एवं खतरे की संभावना वाले क्षेत्रों में जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाने और आपदा प्रभावितों को तत्परता से हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र निरंतर तैयार रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में उत्तराखंड आपदा परिचालन केंद्र से जुड़े शासन के उच्चाधिकारियों और सभी जिलों के जिलाधिकारियों से आपदा प्रभावित इलाकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आपदा पर किसी का जोर नहीं है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमें तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर सराहनीय कार्य कर रही हैं। सभी विभाग निरंतर इसी तरह की तत्परता एवं बेहतर समन्वय के साथ प्रभावितों की मदद में जुटे रहें।

उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी क्षेत्र की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मलवे के कारण वहां नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। नदी के प्रवाह को बनाए रखने के लिए निकाले गए मलवे को नदी किनारे से हटाकर अन्यत्र कहीं सुरक्षित स्थान में डंप किया जाए। ताकि बारिश होने पर यह मलवा पुनः नदी में जाकर अवरोध न पैदा कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश कम होने के बाद चार धाम यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी। साथ ही त्योहारों का मौसम भी आ रहा है। इसे देखते हुए सड़कों के सुधार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जाने पर विशेष ध्यान दिया जाय। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए की सड़कों की मरम्मत हेतु टेंडर सहित अन्य औपचारिकताएं तुरंत पूरा कर समय से आवश्यक कार्य संपन्न करा लिए जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों ने विगत दिनों में घटित आपदा में क्षति की जानकारी ली। उन्होंने अवरुद्ध सड़कों को जल्द खोलने, पानी तथा विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विगत दिवस घटित आपदा में घायल पशुओं के उपचार के लिए पशुपालन विभाग को सभी गांव में डॉक्टरों की टीम भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहत व बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए शासन स्तर से अपेक्षित किसी भी प्रकार के सहयोग की शासन से बेझिझक मांग करें। मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास को निर्देश दिए कि आपदा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जनपदों से की जाने मांग पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यक धनराशि जारी कर दें।

मुख्यमंत्री ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नदियों के जल स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए। खतरे की आशंका होने पर नदी के आसपास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी-नालों के किनारों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में स्थित बांधों पर हर समय सिंचाई विभाग के अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित किए जाने के देते हुए कहा कि बांध से यदि पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना नियमित तौर पर जिला प्रशासन को दी जाए। अपरिहार्य परिस्थिति में बांध से अधिक पानी छोड़े जाने की दशा में जान-माल की सुरक्षा के लिए समय रहते इंतजाम कर लिए जाएं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव गृह शैलेश बगौली, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव डॉ.पंकज पांडे, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत के साथ ही सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षकों ने बैठक में प्रतिभाग किया।

दून पुस्तकालय में नियमित रूप से विदेशी भाषा सीखने को संभावनाएं तलाशेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की चतुर्थ जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित हुयी। बैठक के दौरान दून पुस्तकालय से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि रविवार को दून पुस्तकालय खुला रखा जा सकता है जिससे अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि दून पुस्तकालय में नियमित रूप से विदेशी भाषा सीखने हेतु कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सम्भावनाएं तलाशे जाने की बात कही। कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दून पुस्तकालय द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं को सिखाने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने दून पुस्तकालय में प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 9 नवम्बर तक रजत जयंती सप्ताह के दौरान विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही।

बैठक के दौरान बताया गया कि बाल वर्ग के लिए भाषा ज्ञान, नाटक, कहानी, पर्यावरण, संस्कृति जैसे विषयों पर एवं युवाओं के लिए पर्यावरण, साहित्य, भाषा, इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही, आम जनता के लिए समाज और मानसिक स्थिति, महिला सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण और कानून, वास्तुकला और परिवर्तन, पहाड़ों में खेती का उजाड़ होना आदि विषयों पर भी कार्यक्रम आयोति किए गए हैं।

इस अवसर पर प्रो. बी. के. जोशी, सुभाष कुमार, एस. के. मट्टू एवं एन. रविशंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर सीएम ने 3,900 खिलाड़ियों के खाते में डीबीटी से डोले 1500 रूपये

मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस 2025, समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने हिटलर तक को ये बता दिया कि देश भक्ति आखिर क्या होती है। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भी एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है, इसमें उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कमर कस चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं। आज हमारे खिलाड़ी केवल किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ही नहीं खेलते बल्कि जीतने और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं। हाल के वर्षों के उदाहरण देखें तो जहां, 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा वहीं पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, मनु भाकर ने दो कांस्य पदक, स्वप्निल कुसले व अमन सेहरावत ने एक- एक कांस्य पदक जीतकर और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार अपना दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चौम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम बुलंद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बजट तीन गुना बढ़ा दिया है।

देवभूमि बनी खेलभूमि

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने का कार्य किया।

अब राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बना है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णाेद्धार किया गया है। जिसके फलस्वरूप इस आइस रिंक में इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है, जो न केवल हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का सूत्रपात करने में भी मील का पत्थर सिद्ध हुई है।

आठ शहरों में बनेगी खेल अकादमियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और इंटरनेशनल स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं शिक्षा, तथा प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।

राज्य सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का भी काम कर रही है।

खिलाड़ियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए, मख्यमंत्री ने कहा कि खेल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कुल 250 से अधिक खिलाड़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। सम्मानित हो रहे खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 3,900 खिलाड़ियों तथा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2,199 खिलाड़ियों को प्रतिमाह मिलने वाली उनकी छात्रवृत्ति की लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।

दो घोषणाएं की
सीएम ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, इसलिए खेल विभाग और युवा खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारियों में जुटना होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक बनाने और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों

मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में
आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विकास करने में कामयाब रही है, इससे आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेगा।

समारोह को सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान एवं खेल विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

सीएम धामी ने की घोषणा, धराली, थराली की तर्ज पर पौड़ी को भी राहत पैकेज

पौड़ी में दिनांक 06 अगस्त को घटित आपदा के प्रभावितों को धराली और थराली की तर्ज पर ही राहत पैकेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पौड़ी में घटित आपदा में जिन लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को भी पांच-पांच लाख रुपये का आर्थिक सहयोग सरकार की तरफ से प्रदान किया जाएगा। इसमें से जो धनराशि एसडीआरएफ के मानकों के तहत प्रदान की जाती है, उसे एसडीआरएफ मद से दिया जाएगा तथा शेष धनराशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को जल्द इस संबंध में कार्यवाही करते हुए आपदा प्रभावितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस विपदा की घड़ी में प्रभावितों के साथ हर प्रकार के सहयोग के साथ खड़ी है।

आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिए। गौरतलब है कि दिनांक 06 अगस्त को पौड़ी तहसील के अंतर्गत ग्राम सैंजी, पट्टी बाली कण्डारस्यूं तथा ग्राम रैदुल, पट्टी पैडुलस्यूं में अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन से काफी नुकसान हुआ। आवासीय भवनों, कृषि भूमि को व्यापक क्षति पहुंची। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया तथा उनके रहने, भोजन तथा अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की गई।

मुख्यमंत्री ने संपन्न बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़ी है। चाहे धराली हो, थराली हो स्यानाचट्टी या पौड़ी हो, सभी जगह राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया गया। रिस्पांस टाइम सराहनीय रहा है। उन्होंने उत्तरकाशी, चमोली तथा पौड़ी के जिलाधिकारियों द्वारा आपदा के दौरान किए जा रहे कार्यों को लेकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों का बेहतर से बेहतर पुनर्वास किया जाएगा। सरकार के स्तर पर कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आपदा प्रभावित हमारे अपने लोग हैं, उनके साथ न सिर्फ राज्य सरकार बल्कि केंद्र सरकार भी मजबूती से खड़ी है।

धराली की तरह थराली व पौड़ी जाएगी विशेषज्ञों की टीम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थराली में 22 अगस्त को घटित आपदा के कारणों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों के दल को थराली भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धराली की तरह ही थराली में घटित आपदा का व्यापक सर्वेक्षण करते हुए यह पता लगाया जाना जरूरी है कि हिमालयी क्षेत्र में इस तरह ही घटनाएं क्यों घटित हो रही हैं। इतना मलबा क्यों और कैसे पानी के साथ बहकर नीचे आ रहा है।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान, राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान, रुड़की, उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबन्धन केन्द्र, केन्द्रीय जल आयोग तथा सिंचाई विभाग के विशेषज्ञ जल्द थराली का दौरा करेंगे। इस संबंध में अपर सचिव/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप की ओर से सभी संस्थानों को मंगलवार को पत्र भी भेज दिया गया है।

विशेषज्ञ नगर पंचायत थराली के राडीबगड में तहसील कार्यालय, तहसील के आवासीय परिसर, कोटडीप, थराली बाजार तथा चौपडों एवं सगवाडा में बाढ़, भूस्खलन के कारणों का अध्ययन करेंगे तथा न्यूनीकरण के उपाय सुझाएंगे। उपरोक्त संस्थानों को अपने संस्थान से एक-एक विषय विशेषज्ञ को नामित करते हुये जिलाधिकारी चमोली को तत्काल रिपोर्ट करने को कहा गया है।

पलटन बाजार से शुरू की सीएम धामी ने स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून के पलटन बाजार में आयोजित ‘स्वदेशी अपनाओ, राष्ट्र को आगे बढ़ाओ’ जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों को स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि जब हम अपने देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तो देश की आर्थिक स्थिति और स्थानीय रोजगार दोनों को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ के मंत्र को अपनाकर हम न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को भी आत्मनिर्भर बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों पर स्वदेशी नाम पटिकाएं अवश्य लगाएं, ताकि उपभोक्ताओं में स्वदेशी के प्रति विश्वास और गर्व की भावना उत्पन्न हो। उन्होंने यह भी कहा कि “स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग से न केवल हमारे देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि भारत वैश्विक मंच पर और अधिक सशक्त बनकर उभरेगा।”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पलटन बाजार की दुकानों का भ्रमण किया तथा स्वदेशी अपनाओ राष्ट्र को मजबूत बनाये के स्टीकर लगाए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि त्योहारों, उपहारों एवं दैनिक उपयोग में स्वदेशी विकल्पों को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न केवल एक प्रेरणादायक पहल होगी, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी सुदृढ़ करेगी।

इस अवसर पर भारी संख्या में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संघों के पदाधिकारी, स्वयंसेवी संगठन और नागरिकों ने मिलकर स्वदेशी को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प लिया तथा मुख्यमंत्री को अपना समर्थन दिया। कार्यक्रम में स्थानीय युवाओं, व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय सहभागिता रही। उपस्थित जनसमूह ने स्वदेशी अपनाओ – देश बचाओ के नारे के साथ अभियान को समर्थन दिया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी व व्यवसायी उपस्थित थे।

विधानसभा पहुंचे सीएम धामी, विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा देहरादून में स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधानसभा सचिवालय, मंत्रीगणों के कक्षों तथा अन्य प्रशासनिक कार्यालयों का अवलोकन करते हुए कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पारदर्शिता, त्वरित कार्य निष्पादन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप सेवा भाव से कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेख प्रबंधन, डिजिटलीकरण की स्थिति तथा आमजन व जनप्रतिनिधियों के कार्यों से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में विधानसभा के कार्यकलापों को भी तकनीकी दृष्टि से और अधिक सक्षम तथा आधुनिक बनाने की दिशा में कार्य किए गए हैं।

निरीक्षण के अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

आपदा प्रभावित मृतकों को पांच लाख रूपये का मुआवजा तत्काल देने के निर्देश

सीएम धामी ने शनिवार रात्रि आपदा परिचालन केंद्र देहरादून में थराली (चमोली) आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि क्षतिग्रस्त मकानों हेतु ₹ 5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रभावितों को जारी की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को भी ₹5 लाख की सहायता राशि तत्काल प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्याना चट्टी से पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द से जल्द की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि थराली में जो लोग बेघर हुए हैं तात्कालिक रूप से उनके लिए बेहतरीन व्यवस्था की जाए तथा इसके साथ ही पुनर्वास का काम भी तेजी से आरंभ किया जाए। प्रभावितों को राहत सामग्री तत्परता से मिल जाए और सभी आवश्यक सामान एक साथ दिया जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं थराली आपदा प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क नेटवर्क सहित सभी मूलभूत जरूरत को जल्द से जल्द बाहर किया जाए द्य प्रभावितों को बांटी जाने वाली राशन सहित सभी प्रकार की राहत सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।
थराली आपदा के दौरान जिलाधिकारी चमोली की तत्काल मौके पर पहुंचने, प्रभावितों को तत्परता से राहत पहुंचाने एवं बेहतरीन प्रबंधन हेतु सराहना करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में भी इसी प्रकार प्रभावी समन्वय के साथ तत्परता से राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने थराली आपदा में प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ तथा एनडीआरएफ की भी प्रशंसा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट के दृष्टिगत सभी जिलाधिकारियों को तैयारी पूरी रखने व आपदा प्रबंधन सामग्री उपकरण आदि संवेदनशील स्थानों पर रखने के निर्देश दिए है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में धराली, सैजी (पौड़ी) एवं धराली में आई आपदाओं की पैटर्न के अध्ययन के लिए विभिन्न प्रतिष्ठित एजेंसियों के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की एक कमेटी गठित कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगौली सहित सभी संबंधित अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी चमोली तथा उत्तरकाशी सहित सभी डीएम मौजूद थे।

सरकार ने राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कियाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्री आइस रिंक रजत जयंती खेल परिसर रायपुर, देहरादून में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2025 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने थाईलैंड को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग चौंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से आए खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह अत्यंत गर्व का विषय है कि भारत में प्रथम बार आयोजित हो रही शीतकालीन खेलों की इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन की मेजबानी का सुअवसर देवभूमि उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के 11 देशों से 200 से अधिक खिलाड़ियों ने 9 अलग-अलग प्रतिस्पर्धाओं में प्रतिभाग कर अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन द्वारा दर्शकों को रोमांचित करने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए 4 स्वर्ण पदक सहित अनेकों पदक प्राप्त किए हैं। पूर्ण विश्वास है कि यह प्रतियोगिता भारत में शीतकालीन खेलों के नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगी और हमारे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा वैश्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। उनके मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष हमारे राज्य में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7 वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 517 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने के साथ ही लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण लाकर उत्तराखंड में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तराखंड केवल राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बन रहा है। इसके साथ ही, आज ये विश्व स्तरीय स्टेडियम और खेल सुविधाएँ प्रदेश के खिलाड़ियों की ट्रेनिंग का एक मजबूत आधार बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ही वर्षों से बंद पड़ी इस हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णाेद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है। यह देश की एकमात्र ओलिंपिक स्टैण्डर्ड आइस रिंक है, जिसमें खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ की गई हैं। आज 14 वर्षों के बाद पुनः इस रिंक पर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन होना उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। हम राज्य में प्रथम खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने एक नवीन खेल नीति लागू की है। इस नीति के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही, हमारी सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का काम कर रही है। हम ‘उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार’ और ‘हिमालय खेल रत्न पुरस्कार’ प्रदान कर खिलाड़ियों की योग्यता को भी सम्मानित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हमने राज्य की राजकीय सेवाओं में खिलाड़ियों के लिए 4 प्रतिशत खेल कोटे को पुनः लागू कर दिया है, जिससे हमारे खिलाड़ियों के परिश्रम और उत्कृष्टता को उचित अवसर और सम्मान मिल सके।

इस अवसर पर विशेष सचिव अमित सिन्हा, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा व अन्य पदाधिकारी, एशियन स्केटिंग यूनियन, उत्तराखंड आइस स्केटिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी,आयोजक और खेल विभाग के अधिकारी, खिलाड़ी व प्रशिक्षक सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

थराली आपदा के छह गंभीर घायलों को हेलीकॉप्टर से एम्स ऋषिकेश किया रेफर

थराली में आई आपदा के बाद प्रदेश सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को पूर्ण अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ है और उनके उपचार एवं राहत कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं चमोली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता से आपदा प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर न केवल घायलों का उपचार किया, बल्कि मानसिक रूप से आहत पीड़ितों की काउंसलिंग भी की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सक दल एवं संसाधन तुरंत भेजे जाएंगे। साथ ही, सीएमओ चमोली को निर्देश दिए गए हैं कि स्थिति सामान्य होने तक ग्राउंड जीरो पर रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि वर्तमान में थराली सीएचसी में 04 चिकित्सा अधिकारी, 06 स्टाफ नर्स, 01 फार्मासिस्ट, 01 ड्राइवर एवं एम्बुलेंस सहित जीवनरक्षक दवाओं के साथ टीम सक्रिय रूप से तैनात है। इसके अतिरिक्त, एसडीएच कर्णप्रयाग से 02 विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं 02 अतिरिक्त 108 एम्बुलेंस को आपदा क्षेत्र में तैनात किया गया है। वहीं पीएचसी देवाल से एक अतिरिक्त चिकित्साधिकारी को भी मौके पर भेजा गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद से 06 घायलों को एम्स ऋषिकेश भेजा गया है, जबकि अन्य दो दर्जन से अधिक घायलों का मौके पर उपचार किया गया।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी और सभी चिकित्सा इकाइयों को उच्चतम सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

धराली में सड़कों व पुलों के नुकसान का उल्लेख कर शीघ्र मरम्मत व पुनर्निर्माण को केंद्र से मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र सहित राज्य के विभिन्न भागों में हाल ही में आई आपदा व अतिवृष्टि के कारण सड़कों और पुलों को हुए भारी नुकसान की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से धराली क्षेत्र में सड़कों और पुलों को हुए व्यापक नुकसान का उल्लेख करते हुए इनके शीघ्र मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए केंद्रीय सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि से प्रभावित सड़कों व पुलों की जानकारी साझा करते हुए इनके लिए भी केंद्र सरकार से शीघ्र सहायता प्रदान किए जाने की आवश्यकता जताई।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री को सभी आवश्यक सहायता का सकारात्मक आश्वासन दिया।