यूकेएसएसएससी के अधिकारी सरकार के रडार पर, विजिलेंस जांच के आदेश

सतर्कता विभाग ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व सचिव संतोष बडोनी, पूर्व परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी, आयोग के तीन अनुभाग अधिकारियों और आरएमएस कंपनी के मालिक सहित कुल छह के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए हैं। विजिलेंस इनके खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज कर सकती है।
आयोग की एक के बाद एक कई परीक्षाओं पर सवाल उठने के बाद, सरकार ने एसटीएफ से इस मामले में आयोग के अधिकारियों की भूमिका पर रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें सामने आया कि परीक्षा आयोजित करवाने वाली कंपनी आरएमएस टैक्नोसॉल्यूशन का अनुबंध, अक्तूबर 2019 में ही समाप्त हो गया था। इसके बावजूद कंपनी से ना सिर्फ काम लिया गया बल्कि भुगतान भी किया गया। एसटीएफ ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की थी। अब शनिवार को इसी रिपोर्ट के आधार पर सीएम से अनुमोदन लेने के बाद सतर्कता विभाग ने आयोग के तत्कालीन सचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित छह के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
आयोग के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक नारायण सिंह डांगी के साथ ही संतोष बडोनी को भी बतौर परीक्षा नियंत्रक इसके लिए जिम्मेदार माना गया है। डांगी इसी साल जनवरी में रिटायर हो गए थे, इसके बाद परीक्षा नियंत्रक की भूमिका भी बडोनी के पास थी। इसके साथ ही आयोग में गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी बृजलाल बहुगुणा, दीपा जोशी, कैलाश नैनवाल भी जांच के दायरे में आए हैं। कंपनी को किए गए भुगतान की फाइल में इन सभी के हस्ताक्षर हैं। इसके साथ ही आरएमएस टैक्नोसॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान की भी विजिलेंस जांच होगी। इसमें से संतोष बडोनी को आयोग से हटाने के बाद सरकार निलंबित भी कर चुकी है। जबकि पीसीएस अधिकारी डांगी अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बहुगुणा और दीपा जोशी की नियुक्ति मूल रूप से दूसरे विभागों में है, दो साल पहले ही उनका कैडर मर्जर किया गया।
भर्ती घपले में गिरफ्तार आरोपियों की कमाई अवैध संपत्तियों की जब्ती की कार्रवाई जल्द हो सकती है। एसटीएफ की टीमें सरगना सैयद सादिक मूसा समेत जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत, लखनऊ की निजी कंपनी के मालिक राजेश चौहान, धामपुर के माफिया केंद्रपाल, रामनगर के चंदन मनराल समेत तमाम आरोपियों की अवैध संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही है।
वन दरोगा भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में नकल माफिया के गठजोड़ का पर्दाफाश करने में एसटीएफ को समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि एसटीएफ दिल्ली की भर्ती एजेंसी, परीक्षा सेंटरों और निरीक्षकों की सीडीआर का इंतजार कर रही है, जिससे पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के साथ आयोग का अनुबंध अक्तूबर 2019 में समाप्त हो गया था। इसके बावजूद कंपनी से दो दर्जन परीक्षाएं आयोजित करवाई गईं। जिसके लिए 22 करोड़ रुपये का भुगतान अलग-अलग चरणों में किया गया। इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के आदेश दिए गए हैं। नियमानुसार सरकारी कार्मिकों के खिलाफ जांच के लिए कार्मिक विभाग से अनुमति ली जाती है, अब अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस मुकदमा दर्ज करते हुए, जांच शुरू करेगी।

हरिद्वार घटना पर सख्त कार्रवाई, 9 कार्मिकों पर गिरी गाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में शराब के सेवन से हुई मृत्यु पर आबकारी निरीक्षक सहित आबकारी विभाग के नौ कार्मिकों को निलम्बित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस घटना में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को निर्देश दिये कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसमें जो भी दोषी या लापरवाह पाया जाए उस पर कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आबकारी आयुक्त हरि चंद्र सेमवाल ने आबकारी विभाग के नौ कार्मिकों को निलम्बित करने का आदेश जारी कर दिया है।
आदेश मे कहा गया है कि दिनांक 09.09.2022 को जनपद हरिद्वार के क्षेत्र-3 लक्सर के अन्तर्गत ग्राम फूलगढ़ एवं शिवगढ़ थाना-पथरी में मंदिरा के सेवन से हुई जनहानि होना ज्ञात हुआ। इस सम्बन्ध में अपर आबकारी आयुक्त (ई०आई०बी०) मुख्यालय की प्राथमिक आख्या दिनांक 10.09.2022 में मृत व्यक्तियों द्वारा शराब सेवन की पुष्टि की गयी। उपरोक्त आख्या में क्षेत्र 3 लक्सर हरिद्वार एवं जनपदीय प्रवर्तन, हरिद्वार के स्टॉफ की लापरवाही एवं गम्भीर शिथिलता परिलक्षित हुई है। तदकम में क्षेत्र-3 लक्सर हरिद्वार एवं जनपदीय प्रवर्तन हरिद्वार में तैनात आबकारी निरीक्षक, उप आबकारी निरीक्षक, प्रधान आबकारी सिपाही एवं आबकारी सिपाहियों को उत्तराखण्ड कर्मचारी आचरण नियमावली-2002 के नियम-3 का व 2 में दिये गये प्राविधानों का स्पष्ट उल्लंघन का दोषी पाते हुए नौ कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए संयुक्त आबकारी गढ़वाल मण्डल, देहरादून के कार्यालय से सम्बद्ध किया गया है।

बैटरियों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

रायवाला थाना पुलिस के मुताबिक इंद्रमणि कंडवाल, निवासी राणा कॉलोनी मोतीचूर, हरिपुरकलां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 4 सितंबर को उनके घर पर लगी सौर ऊर्जा लाइट की बैटरी सहित दो बैटरियां चोरी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मुखबिर की सूचना पर हरिपुरकलां में स्कूटर सवार तीन युवकों को पकड़ा गया। उनके पास से चोरी की बैटरियां भी बरामद हुई। रायवाला थानाध्यक्ष भुवनचंद्र पुजारी ने बताया की आरोपियों की पहचान केशव, विकास और शैलेंद्र तीनों निवासी हरिपुरकलां के रूप में हुई। बताया केशव और शैलेंद्र पहले भी चोरी के मामले जेल जा चुके हैं।

देहरादूनः भ्रष्टाचारियों पर धामी सरकार सख्त, एआरटीओ अरेस्ट

2009 बैच के पीसीएस अधिकारी और एआरटीओ आनंद जायसवाल को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार,

चालान के जुर्माने को अधिक वसूल ना और राजस्व कोष में कम पैसा दर्शाने के गंभीर आरोप के चलते विजिलेंस की बड़ी कार्यवाही एआरटीओ आनंद जायसवाल को किया गया गिरफ्तार,

चालान के जुर्माने को अधिक वसूलने साथ-साथ दस्तावेजों के साथ छेड़खानी करने के मामले में विजिलेंस ने एआरटीओ आनंद जायसवाल को किया गिरफ्तार।

भ्रष्टाचार के मामले को लेकर 2017 में विजिलेंस ने किया था मुकदमा दर्ज,

420,467, 468, 471, 409 आईपीसी एवं 13 ( 1) 13 (2) पीसी एक्ट के तहत की गई कार्यवाही,

एआरटीओ आनंद जायसवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप,

ऋषिकेश में तैनाती के दौरान किए गया भ्रष्टाचार,

वर्तमान में देहरादून परिवहन मुख्यालय में तैनात थे एआरटीओ आनंद जायसवाल,

पूर्व आईएएस रामविलास यादव पूर्व आईएफएस किशन चंद के बाद विजिलेंस ने एआरटीओ आनंद जायसवाल को किया गिरफ्तार,

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने की 35वीं गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह के सख्त निर्देशों के क्रम में यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में स्पेशल टास्क फ़ोर्स उत्तराखण्ड की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में आज एसटीएफ ने 35वीं गिरफ़्तारी कर ली है।

इसके साथ ही यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में पूर्व में गिरफ्तार चार अभियुक्तों की जुडिशल रिमांड की कार्यवाही भी सचिवालय रक्षक परीक्षा लीक मुकदमे में की गई है।

वन दरोगा ऑनलाइन परीक्षा मामले में भी 2 अभियुक्त पहले गिरफ्तार हो चुके हैं

पिछले कुछ दिनों में इस प्रकार अलग-अलग दर्ज तीन मुकदमों में कुल 38 लोग की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मुख्यमंत्री उत्तराखंड के सख्त निर्देश के क्रम में कि किसी भी दोषी को बख्शा न जाए इसलिए पेपर लीक मामले में फरार दो अपराधी क्रमशः सादिक मूसा निवासी अंबेडकरनगर उत्तर प्रदेश पर दो लाख का ईनाम और योगेश्वर राव निवासी गाजीपुर उत्तर प्रदेश पर गिरफ्तारी पर एक लाख का ईनाम पुलिस महानिदेशक द्वारा घोषित किया गया है

उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा पेपर लीक मामले में गिरफ़्तार अभियुक्त संदीप शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा निवासी जुल्हान मोहल्ला जसपुर जनपद उधम सिंह नगर अभियुक्त ने अन्य अभियुक्त के साथ मिलकर गाजियाबाद एक फ्लैट में जनपद उधम सिंह नगर एवं जनपद हरिद्वार के कई अभ्यर्थियों को ले जाकर प्रश्न पत्र हल कराया गया था।

गिरफ्तार अभियुक्त के जसपुर और ठाकुरद्वारा में आयुर्वेदिक और पैरा मेडिकल सहित तीन कॉलेज हैं। अभियुक्त से पूछताछ और अन्य जानकारी के आधार पर दो दर्जन के करीब छात्रों को चिन्हित किया गया है। उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा गवाहों के बयान एवं तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को अरेस्ट किया गया। इस गिरफ्तारी से उत्तर प्रदेश में नकल माफियाओं के धामपुर के बाद गाजियाबाद में हुई नकल के सेंटर का पर्दाफाश करने में सफलता मिली है।

शव निकालने गये दो लोग भी नदी के बहाव में फंसे, एसडीआरएफ ने बचाया

एसडीआरएफ को चीला चौकी से सूचना मिली कि नदी में एक शव दिखाई दे रहा है और साथ मे 2 लोग भी नदी में फंसे हैं। टीम ने तुरंत ही राफ्ट की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया। मौके पर पहुंचकर शव और दोनों ब्यक्तयों को राफ्ट से किनारे लाये। टीम ने शव को लक्ष्मणझूला पुलिस को सुपर्द किया। जिसकी पहचान पृथ्वीधर कोटनाला उम्र 62 डिफेंस कॉलोनी देहरादून के रुप में हुई। जानकारी के अनुसार वे 3 सितम्बर को अपने बड़े भाई से मिलने गीता नगर ऋषिकेश आये थे। लेकिन वापस घर देहरादून नही पहुंचे।
बताया कि काफी खोजबीन करने पर पता लगा कि इनकी स्कूटी चीला बैराज की तरफ देखी गयी। जिस पर परिजनों ने नदी में देखा कि शव जैसा कुछ दिखाई दे रहा है। जिस पर 2 ब्यक्ति शव तक पहुंचे ही थे कि नहर का जलस्तर बढ़ने लगे गया जिससे वे वही फंस गये और अंधेरा हो गया। रेस्क्यू टीम में निरीक्षक कवीन्द्र सजवाण, चौकी प्रभारी श्रद्धानंद सेमवाल, जितेंद्र सिंह, मातबर सिंह, अनूप सिंह, शिवम सिंह, सुमित नेगी, अमित कुमार शामिल रहे।

निर्माणाधीन इमारत में शव मिलने से मचा हड़कंप

पुराना रोडवेज बस अड्डा मार्ग स्थित एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत में संदिग्ध परिस्थितियों में एक मजदूर फांसी के फंदे से लटका मिला। इससे साथी मजदूरों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक आज सुबह पुलिस को सूचना मिली कि पुराना रोडवेज बस अड्डा स्थित बंगाली मंदिर रोड पर एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की पहली मंजिल में एक मजदूर का शव दुपट्टे से लटका पड़ा है। सूचना मिलने पर सीओ डीसी ढौंडियाल पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव कब्जे में लिया। निर्माणाधीन इमारत में काम करने वाले साथी मजदूरों से मामले में पूछताछ की गई। पुलिस ने मृतक की पहचान रबिन टुडू (19( पुत्र बिमल टुडू निवासी बादलपुर, जिला दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल के रूप में कराई है। सीओ डीसी ढौंडियाल ने बताया कि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण पता चल पायेगा।

यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट लगाया

यूकेएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। नकल माफिया जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह, उसके करीबी धामपुर के केंद्रपाल, लखनऊ स्थित कंपनी मालिक राजेश चौहान समेत 21 आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने गैंगस्टर लगा दिया है। यूपी के सादिक मूसा को गैंग का लीडर बताते हुए रायपुर थाने में गैंगस्टर ऐक्ट में केस दर्ज कराया गया है।
मूसा व दूसरा साथी योगेश्वर राव अभी फरार हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और डीजीपी अशोक कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अब इन आरोपियों की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने रविवार रात बताया कि सीएम और डीजीपी ने एसटीएफ को नकल माफियों पर नकेल कसने व गैंग बनाकर सदस्यों द्वारा अर्जित अवैध संपत्ति पर एक्शन लेने के आदेश दिए गए।
इसके बाद एसटीएफ की विस्तृत रिपोर्ट पर गैंगस्टर ऐक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। गैंगस्टर ऐक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों की अवैध चल-अचल संपत्ति जब्त करने की विधिवत कार्रवाई जल्द शुरू की जाएगी। सभी आरोपियों की अवैध संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है।
मिस्टर डोंगल है मूसा, करता है सिर्फ व्हाट्सएप कॉल सैयद सादिक मूसा पेपर लीक मामले का सरगना बताया गया है। वह अपने साथ डोंगल लेकर चलता है इसलिए उसे मिस्टर डोंगल कहते हैं। वह फोन पर बात नहीं करता है सिर्फ व्हाट्सएप कॉल करता है। इसके चलते उसको पकड़ पाना एसटीएफ के लिए चुनौती बना है।

पुलिस गिरफ्त में नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाला गिरोह

कोतवाली पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक गली नंबर 2, गुमानीवाला निवासी चंद्र मोहन पांडे पुत्र स्व. दिवाकर दत्त पांडेय ने पुलिस को एक तहरीर दी। इसमें उन्होंने बताया श्यामपुर बाईपास गुमानीवाला में उनकी परचून की दुकान है। बीती 28 अगस्त की शाम को एक व्यक्ति उनकी दुकान से सामान लेने आया था। उसने सामान खरीदने के बाद बदले में दो हजार रुपये का नोट उन्हें थमाया। दो हजार का नोट नकली निकला। पुलिस ने दुकान स्वामी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर की मदद से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सोमवार को जंगलात चौकी गुमानीवाला के पास से एक आरोपी को धर दबोचा।
पूछताछ में उसने अपनी पहचान नीरज पुत्र सुखबीर सिंह निवासी मोहल्ला माता गढ़, थाना मंडी जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में कराई। पुलिस हिरासत में उसने बताया कि वे तीन दोस्त हैं। उनमें से सुनील और रोशन जोशी देहरादून स्थित वसुंधरा विहार निरंजनपुर, पटेलनगर में रहते है। वहां पर एक कमरे में रोशन जोशी के पास नकली नोट छापने के स्नैकर, लैपटॉप और प्रिंटर मशीन है। वे नकली नोट छापने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में नोट देकर सामान खरीदते हैं। पुलिस ने इसके बाद आरोपी रोशन जोशी पुत्र लक्ष्मण जोशी निवासी ग्राम सुना पोस्ट व थाना थराली जनपद चमोली हाल निवासी लेन नंबर 2 वसुंधरा विहार पटेल नगर देहरादून और सुनील पुत्र संजय निवासी ग्राम शाहजहांपुर थाना सरसावा जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश को देहरादून से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो हजार रुपये के चार नकली नोट, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य सामान भी बरामद किया। कोतवाल रवि सैनी ने बताया की आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया है।

मनमाने पैसे नही देने पर किन्नर ने प्रसूता के पेट में मारी लात

कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बनखंडी में सोमवार की दोपहर बधाई के बदले इनाम ना देने पर एक किन्नर ने प्रसूता के पेट में लात मार दी। गुस्साए स्थानीय नागरिकों ने किन्नर की जमकर धुनाई की। मामला कोतवाली पहुंचा, जहां किन्नरों की ओर से माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ।
बनखंडी कुएं वाली गली ऋषिकेश निवासी विपिन सैनी ने बताया कि उनकी पत्नी ने शिशु को जन्म दिया है। आपरेशन के बाद वह अपनी पति पत्नी और नवजात को बीते रोज घर लेकर आए थे। सोमवार की सुबह वह अपने काम पर चले गए। दोपहर करीब 12 बजे किन्नरों की टोली उनके घर पहुंची और बधाई के बदले 51 हजार रुपए मांगे।
विपिन सैनी के मुताबिक चिकित्सालय में पहले ही काफी खर्च हो चुका था। इसलिए उनकी पत्नी ने इतनी बड़ी धनराशि देने में असमर्थता जताई। जिस पर वहां मौजूद किन्नर विवाद करने लगे। विवाद के दौरान ही एक किन्नर ने उनकी पत्नी के पेट पर लात मार दी। पत्नी ने फोन करके उन्हें मामले की जानकारी दी, जिस पर वह घर पहुंचे। वह इनाम के तौर पर 51 सौ रुपया देने को तैयार थे। इस बीच वहां मौजूद गुस्साए लोग ने महिला के पेट में लात मारने वाले किन्नर की जमकर धुनाई कर दी और इन सभी को लेकर कोतवाली पहुंच गए।
कोतवाली में किन्नरों की ओर से विपिन सैनी और महिला से माफी मांगी गई। जिसके बाद मामला शांत हुआ। कोतवाली में दिवस अधिकारी उप निरीक्षक शिव प्रसाद डबराल ने बताया कि दोनों पक्ष कोतवाली आए थे। मामले की लिखित शिकायत नहीं दी गई। कोतवाली के बाहर ही दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।