अलग-अलग मामलों में पुलिस ने की 3 गिरफ्तारियां, 2 वाहनों को किया सीज

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा थाना चौकी के समस्त अधिकारी व कर्मचारी गणों को उचित दिशा निर्देश देते हुए उपरोक्त क्रम में कार्यवाही करने हेतु ब्रीफ किया गया। उक्त क्रम में 11 अगस्त को काले की ढाल के पास दो पक्षों के 3 व्यक्तियों को लड़ाई झगड़ा कर शांति व्यवस्था भंग करने पर गिरफ्तार किया गया। तीनों अभियुक्तों को न्यायालय पेश किया गया। पूछताछ में अभियुक्तों का नाम और पता नाम पता हेमंत सिंह पुत्र गुमान सिंह निवासी मनसा देवी विस्थापित गुमानीवाला, दिशांत पुत्र नासिर निवासी गुर्जर प्लॉट गली नंबर 10 गुमानीवाला, नितिन पुत्र बलबीर निवासी गुर्जर प्लॉट गली नंबर 10 गुमानीवाला।
इसके साथ ही हरिद्वार रोड पर चेकिंग के दौरान राकेश बिष्ट पुत्र चरण सिंह बिष्ट निवासी 34 वीर गब्बर सिंह बस्ती किशनपुर राजपुर रोड थाना राजपुर जनपद देहरादून को मोटरसाइकिल के साथ, अशोक यादव पुत्र रमाकांत यादव निवासी टीएचडीसी कालोनी निवासी इंदिरा नगर ऋषिकेश को स्कॉर्पियो कार पर रोक कर चेक किया गया तो दोनों व्यक्तियों के द्वारा शराब पी हुई है। दोनों व्यक्तियों का मेडिकल परीक्षण कराकर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान कर दोनों वाहनों को सीज किया गया।

डाक नही बांट रहे पोस्टमैन को किया सस्पेंड

ऋषिकेश के मुख्य डाकघर में तैनात एक पोस्टमैन को लोगों की डाक नहीं बांटने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। मामले में पोस्टमैन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।
ऋषिकेश मुख्य डाकघर में तैनात पोस्टमैन पर लोगों की डाक नहीं बांटने का आरोप लगा है। बीते रोज कुछ लोगों की शिकायत मिलने पर डाक विभाग ने आरोप सही पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। ऋषिकेश मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर आरडी रतूड़ी ने बताया अनुदीप पुत्र सीताराम, निवासी नेपाली फार्म यहां पर पोस्टमैन के पद पर कार्यरत है। बीते रोज कुछ लोगों ने अनुदीप पर डाक नहीं बांटने का आरोप लगाया। शिकायत की जांच पड़ताल करने पर मामला सही पाया गया। पोस्टमैन डाक पर ग्राहकों की जगह खुद ही साइन कर स्लीप पोस्ट ऑफिस में जमा कर देता था। बताया कि बीते गुरुवार से वह अनुपस्थित चल रहा था। उसके घर के कमरे से 92 डाक भी रिकवर किए गए हैं। मामले में पोस्टमैन को सस्पेंड करने को आदेश कर दिए गए है। इसके बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने आवास-विकास कॉलोनी स्थित नशामुक्ति केंद्र में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस गुरुवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक एक युवती ने तहरीर देकर प्रभजीत सिंह उर्फ हनी पुत्र स्वर्गीय भगवान सिंह निवासी मकतूलपुरी, रुड़की थाना गंगनहर जिला हरिद्वार और दो अन्य मित्रों सहित नशामुक्ति केंद्र कि संचालिका के साथ मिलकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता का आरोप था कि उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसके बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर गाली गलौज कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी। बुधवार को प्रभजीत सिंह उर्फ हनी को ऋषिकेश के तहसील रोड स्थित गौरा देवी चौक से गिरफ्तार किया गया। कोतवाल रवि सैनी बताया कि आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं, पीड़िता का भी मेडिकल करवाया गया है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

चोरी की बाइक के साथ बागपत से एक आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ एक आरोपी को यूपी के बागपत से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी डीसी ढौंडियाल ने बताया कि एक माह पहले वाल्मीकि नगर ऋषिकेश निवासी नीरज पुत्र स्व. राजू ने एक तहरीर दी थी। जिसमें पुलिस को बताया गया था कि छह जून को जयराम आश्रम के पास से उसकी बाइक चोरी हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद एक संदिग्ध व्यक्ति का नाम प्रकाश में आया। खुलासे को पुलिस टीम यूपी के जिला बागपत रवाना हुई। वहां पर स्थानीय पुलिस की मदद से नीतीश पुत्र कृष्ण पाल निवासी आजाद नगर, थाना बड़ौत, बागपत, यूपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से चोरी की बाइक भी बरामद की गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे जेल भेज दिया गया है।

अंतिम संस्कार को रोकने व मारपीट करने पर पार्षद पति सहित अन्य पर मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र के अंतर्गत जलती चिता को बुझाने और उस पर पत्थर बरसाने के आरोप में पुलिस ने पार्षद पति सहित अन्य लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

चंद्रेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी भवानी चंद कालोनी की माता का देहांत हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार चंद्रेश्वर स्थित श्मशान घाट पर किया जा रहा था। कोतवाली में पंडित लल्लन झा पुत्र स्व. बच्ची झाा निवासी बीस बीघा और प्रवीण कुमार खंडूरी पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासी बीस बीघा ने तहरीर दी। बताया कि पंडित भवानी जी की माता के अंतिम संस्कार में गंगा किनारे गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के पार्षद पति किशन मंडल अपने अन्य साथियों के साथ वहां आ धमके और अंतिम संस्कार करने से मना करने लगे। साथ ही चिता को बुझाने का प्रयास करने लगे। जब विरोध किया तो पत्थर से चिता को बुझाने लगे। आरोप लगाया कि इसी बीच किशन मंडल ने धारदार हथियार लेकर आया और लोहे से पंडितों पर वार किया। जिसके चलते वह बेहोश हो गए।

बताया कि अस्पताल में उन्हें होश आया। उन्होंने पुलिस ने जान से मारने के इरादे से हमला करने का आरोप लगाया। कठोर कार्रवाई की मांग की।

इस मामले में कोतवाल रवि सैनी ने बताया कि आरोपी पार्षद पति किशन मंडल सहित अन्य लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

इस मामले में आरोपियों के पक्ष जानने का प्रयास किया गया, मगर संपर्क न हो सका। उनका पक्ष आने के बाद प्रकाशित किया जाएगा।

बंद घर से चोरी के आरोप में पुलिस ने किया एक को गिरफ्तार


शांतिनगर में एक बंद मकान से आभूषण चोरी के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक शांतिनगर, ऋषिकेश निवासी विजयपाल पुत्र श्यामलाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनके बंद मकान से चांदी के आभूषण चोरी हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही सर्विलांस की मदद भी ली गई। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को एआरटीओ ऑफिस के पास एक आरोपी को पकड़ा। उसके पास से चोरी किए चांदी के आभूषण बरामद हुए। कोतवाली के एसएसआई डीपी काला ने बताया आरोपी की पहचान अंकित कुमार पुत्र अनिल कुमार निवासी इंदिरानगर, थाना वंसत विहार,देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल योगेंद्र दत्त, कांस्टेबल सचिन राणा, युवराज शामिल रहे।

अनियंत्रित होकर बस दुर्घटनाग्रस्त, एक महिला यात्री की मौत

वित्त व संसदीय कार्य मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने भद्रकाली से नीचे आ रही एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से एक महिला यात्री की मृत्यु होने पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने सीएमओ देहरादून से दूरभाष पर वार्ता कर घायलों को शीघ्र उपचार देने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के श्रद्धालुओं से भरी यूपी नंबर की एक डबल डेकर की बस भद्रकाली से खारा स्रोत की ओर आ रही थी। जो अनियंत्रित होकर पीडब्ल्यूडी तिराहे निकट खारा स्रोत पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

स्थानीय प्रशासन के अनुसार दुर्घटना के वक्त बस में करीब 65 श्रद्धालु मौजूद थे। जो नीलकंठ की ओर जा रहे थे। मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस दुर्घटना में एक महिला की मृत्यु होने की जानकारी भी मिली है जिस पर डॉ अग्रवाल द्वारा दुख जताते हुए मृतक की आत्म शांति की प्रार्थना की है।

डॉ अग्रवाल ने सीएमओ देहरादून से दूरभाष पर वार्ता की और घायलों को समुचित उपचार देने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को हायर सेंटर (ऐम्स) रेफर किया जाए।

सड़क हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत


रायवाला थाना पुलिस ने बताया कि बीती रात को सूचना मिली कि एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इसमें बाइक सवार युवक जख्मी हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तब तक युवक की मौत चुकी थी।

मृतक के पास से पहचान पत्र बरामद हुआ। इस आधार पर उसकी पहचान दिवाकर पांडे (28) पुत्र दशरथ पांडे निवसी चंद्रेश्वरनगर, ऋषिकेश के रूप में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए हरिद्वार के सरकारी अस्पताल में भेज दिया है।

थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि वाहन चालक मौके से फरार हो गया। युवक रात को ऋषिकेश की तरफ जा रहा था।

स्पेशल टास्क फोर्स को पेपर धांधली मामले में मिली बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड राज्य में अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड देहरादून द्वारा वर्ष 2021 में स्नातक स्तरीय परीक्षाऐं संचालित कराई गई थी। परीक्षा में राज्य के करीब 1.60 लाख युवाओं द्वारा बढ चढ कर भाग लिया गया था। परीक्षा परिणाम के बाद कई छात्र संगठनों द्वारा उक्त परीक्षा के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को लेकर मुलाकात की और ज्ञापन प्रेषित किया गया था।
मुख्यमंत्री द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित निर्णय लेते हुए उक्त परीक्षा की अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए जिस पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 289/2022 धारा 420 भा0द0वि0 पंजीकृत किया गया।
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार थाना रायपुर से उक्त विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड पुलिस को त्वरित कार्यवाही हेतू स्थानान्तरित की हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक एसटीएफ के मार्गदर्शन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर परीक्षा अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में गोपनीय जानकारी कर गिरफ्तारी हेतु बताया गया जिस पर टीमों द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वर्ष 2021 अधीनस्थ चयन सेवा आयोग उत्तराखण्ड द्वारा संचालित की गई परीक्षा में अनियमित्ताओं के सम्बन्ध में जांच कर साक्ष्य संकलन करते हुए अभी तक कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गहनतापूर्वक पूछताछ करने पर अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया कि मनोज जोशी पुत्र श्री बालकिशन जोशी निवासी ग्राम मयोली, थाना दनिया, जिला अल्मोडा वर्ष 2014-2015 से वर्ष 2018 तक रायपुर स्थित अधीनस्थ चयन सेवा आयोग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (पीआरडी) के रूप में तैनात था। वर्ष 2018 में विभागीय शिकायत पर उक्त कर्मचारी को आयोग से हटा दिया गया। इससे पूर्व यह कर्मचारी 12 वर्ष तक लखनऊ सूर्या प्रिंटिंग प्रेस में कार्य कर चुका था। जयजीत दास पुत्र विमल दास निवासी पण्डितवाडी, थाना कैण्ट, देहरादून आउटसोर्स कम्पनी आर0एम0एस0 टेक्नोसोल्यूसन इण्डिया प्रा0लि0 के माध्यम से कम्पयूटर प्रोग्रामर के रूप में वर्ष 2015 से कार्यरत् था तथा उक्त कम्पनी द्वारा अधीनस्थ चयन सेवा आयोग के गोपनीय कार्य किये जाते थे जिस कारण जयजीत दास की जान पहचान मनोज जोशी उपरोक्त से हुई थी। उक्त एसएससी आयोग कार्यालय में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी निवासी ग्राम पाटी, जिला चम्पावत का भी परीक्षाओं के कार्यक्रम के सम्बन्ध में जानकारी हेतु आना जाना लगा रहता था जिस कारण उक्त की पहचान मनोज जोशी पुत्र बालकृष्ण जोशी उपरोक्त से हो गई थी।
मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी के द्वारा भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी की जा रही थी जिस कारण उसका अभियुक्त कुलवीर सिंह चौहान पुत्र सुखवीर सिंह निवासी चांदपुर बिजनौर उ0प्र0 द्वारा करनपुर डालनवाला में संचालित डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कोंचिग ली जा रही थी और बाद में वहा पढ़ाने का कार्य भी किया गया था। डेल्टा डिफेन्स कोचिंग इन्स्टीटयूट/एकेडमी सेन्टर में कुलबीर डायरेक्टर के पद पर था।
डायरेक्टर कुलवीर के माध्यम से शूरवीर सिंह चौहान पुत्र अतर सिंह चौहान नि0 कालसी, देहरादून की पहचान मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई। सितारगंज में गौरव नेगी पुत्र गोपाल सिंह निवासी नजीमाबाद किच्छा, ऊधमसिंह नगर की मुलाकात मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी से हुई थी जो कि किच्छा में ही प्राईवेट स्कूल में शिक्षक था तथा ग्रुप सी में स्नातक स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शूरवीर व कुलवीर द्वारा अपने जान पहचान के परीक्षार्थियों के सम्बन्ध में मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी को बताया था जिसपर मनोज जोशी उपरोक्त द्वारा मनोज जोशी पुत्र बालकिशन जोशी के साथ मिलकर कम्पयूटर प्रोग्रामर जयजीत दास उपरोक्त से पेपर लीक कराने के सम्बन्ध में बताकर जयजीत दास को मनोज के माध्यम से 60 लाख रूपये दिये थे।
जयजीत दास द्वारा यूकेएसएससी में जाकर पेपरों की सेटिंग और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण परीक्षा के प्रश्न एक्सट्रैक्ट कर लेता था फिर उन प्रश्नों को मनोज जोशी पुत्र बालकिशन उपरोक्त के माध्यम से मनोज जोशी पुत्र रमेश जोशी, कोचिंग डायरेक्टर कुलवीर सिंह चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, गौरव आदि के माध्यम से परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों को परीक्षा की तिथि से 1 दिन पहले रामनगर स्थित एक रिसोर्ट में मनोज के नाम से 3 कमरे बुक कराकर उक्त रिसोर्ट में उक्त लीक प्रश्नों को याद कराकर छात्रों को अगली सुबह एग्जाम सेंटर तक छोड़ दिया जाता था।
अभियुक्त जयदीप की निशानदेही पर उनके कब्जे से लगभग 37.10 लाख रूपये कैश बरामद हुआ जो उनके द्वारा विभिन्न छात्रों से लिया गया था।

नाबालिग जच्चा बच्चा की मौत मामले में जांच बैठाई

रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय में एक नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और कुछ ही समय में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नाबालिग को पेट दर्द की शिकायत पर उसकी मां जिला अस्पताल लाई थी। जहां दोनों की मौत हो गई। हैरानी बात है कि न तो नाबालिग की मां ने अस्पताल को पूरा मामला बताया और न ही चिकित्सालय प्रशासन नाबालिग के गर्भवती होने की जानकारी ले सका।
जानकारी के अनुसार मुख्यालय के नजदीकी क्षेत्र की एक नाबालिग को पेट में दर्द होने पर उसकी मां उसे जिला चिकित्सालय लाई। यहां डॉक्टरों को दिखाने पर हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई। डॉक्टर ने जांच के लिए लिखा। जब हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया तो डॉक्टर ने अन्यत्र रेफर करने की सलाह दी। बताया जा रहा है कि मां ने अस्पताल में ही इलाज करने को कहा, किंतु रात में जब नाबालिग को प्रसव का दर्द हुआ तो वह जिला अस्पताल के शौचालय में गई और यहां बच्चे को जन्म देकर वापस वार्ड में आ गई।
इस बीच उन्हें काफी खून बहने लगा। नाबालिग की स्थिति सुबह आने तक बिगड़ती गई और उसने दम तोड़ दिया। वहीं जब सुबह सफाईकर्मी शौचालय में गए तो उन्हें यहां मृत नवजात मिला। इसके बाद अस्पताल में सनसनी फैल गई। बताया जा रहा है कि यदि नाबालिग की मां पूरी सच्चाई डॉक्टरों को बता देती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
इधर, मामले में अस्पताल प्रशासन ने जांच बैठा दी है। जिला चिकित्सालय में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राजीव सिंह पाल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर के समय एक नाबालिग लकड़ी को लेकर उसकी मां जिला चिकित्सालय पहुंची थी। जांच करने पर पता चला कि उसमें हिमोग्लोबिन की कमी है। चिकित्सक उसे आगे के लिए रेफर कर रहे थे, किंतु नाबालिग की मां ने मना कर दिया और लिखित रूप में यह कहकर दिया कि उसका उपचार यहीं किया जाए।
रात के समय नाबालिग ने बच्चे को जन्म दिया और प्रसव के बाद उपचार न मिलने के कारण नाबालिग की भी मौत हो गई। पूरी घटना में नाबालिग के परिजनों की गलती सामने आ रही है। पूरे मामले की पुलिस और अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। कोतवाली निरीक्षक जयपाल नेगी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम करा दिया गया है।