शराब के नशे में धुत युवक ने ठेली से उठाए फल, रूपए मांगने पर कर दी धुनाई

मुनिकीरेती क्षेत्र के शीशमझाड़ी वार्ड संख्या दो निवासी सुभाष कुमार पुत्र रामकिशन ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि बीते आठ अगस्त की रात करीब 10 बजे वह ठेली लेकर अपनी दुकान पहुंचे थे। वहां कुछ लोग शराब पी रहे थे। इनमें से आशीष गौड़ नामक युवक को छोड़कर बाकी सभी चले गए। आशीष गौड़ ने अत्यधिक शराब पी हुई थी और उसने अपनी मर्जी से ठेली से फल उठा लिए।

उसने जब रुपये मांगे तो आशीष ने मारपीट कर ठेली पलट दी। इसके बाद वह पुलिस चौकी शिकायत दर्ज कराने आ रहे थे। तभी उनके मोबाइल पर एक फोन आया कि आशीष गौड़ दोबारा उनकी दुकान पर आ गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह फिर अपनी दुकान पहुंचे तो वहां आशीष गौड़ ने कहा कि अगर पुलिस चौकी गया तो जान से मार दूंगा। नौ अगस्त को वह अपनी दुकान में बैठे थे। तभी आशीष गौड़ अपने साथी मोहित के साथ दुकान पर पहुंचा और दुकान बंद कर उसे दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

शिकायतकर्ता ने बताया कि आशीष गौड़ पूर्व में भी कई बार उनकी दुकान से फल लेकर जाता रहा है। इसके रुपये भी नहीं देता है। फल के बदले में रुपये मांगने मार पिटाई करता है। उन्होंने अपनी जान माल की गुहार लगाई है। साथ ही दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि मामला संज्ञान में है, फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

दिनदहाड़े युवक को बदमाशों ने मारी गोली, दशहत

मंगलवार को पौड़ी जनपद के कोटद्वार थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिनदहाड़े बदमाशों ने एक युवक पर गोली चला दी। आननफानन में युवक को बेस अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक बदमाश फरार हो चुके थे।

सिमलचौड़ में एएसपी आवास और एआरटीओ कार्यालय के पीछे शिव केबल नेटवर्क का मुख्यालय है। यहीं पर केबल संचालक अजय सिंह रावत का आवास भी है। दो महीने से यहां पर शिमला बाईपास देहरादून निवासी शेखर चंद्र ढौंडियाल (43) पुत्र रमेश चंद्र रह रहा था। मंगलवार शाम करीब साढ़े तीन बजे शेखर केबल मुख्यालय के बाहर बरामदे में मोबाइल से बात करते हुए टहल रहा था। इसी बीच सड़क की ओर से पड़ने वाले छोटे गेट से बदमाशों ने उस पर फायर झोंक दिया। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया। गोली की आवाज सुनकर केबल कंट्रोल रूम से दूसरे लोग बाहर निकले। तभी केबल संचालक अजय रावत भी बाहर आया और आनन-फानन में शेखर को कार में डालकर बेस अस्पताल ले गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। यूपी से सटे मार्गों की नाकेबंदी कर दी गई। यूपी बार्डर से लेकर चिलरखाल फारेस्ट चौकी बैरियर पर आने जाने वाले हर वाहन और दो पहिया वाहन की सघन चेकिंग की गई, लेकिन बदमाश हत्थे नहीं चढ़ सके। एएसपी प्रदीप राय और कोतवाल मनोज रतूड़ी की अगुवाई में पुलिस ने केबल कंट्रोल रूम और आसपास के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस का मानना है कि रंजिश की वजह देहरादून से जुड़ी हुई है। हत्या को शार्प शूटर ने अंजाम दिया है।

महिला से घर में घुसकर की मारपीट फाड़े कपड़े, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

कोतवाली ऋषिकेश क्षेत्र में दो सगे भाइयों पर महिला के घर में घुसकर गाली गलौच, मारपीट और गलत नियत से कपड़े फाड़ने का आरोप लगा है। महिला की तहरीर पर पुलिस ने सगे भाइयों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने भी शिकायतकर्ता पर नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक बीती 11 जुलाई को बनखंडी रामलीला ग्राउंड निवासी बसंती देवी पत्नी लाल बहादुर अपने कमरे में अकेली थी और उनके पति और बेटा दूसरे कमरे में थे। शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि मंशा देवी निवासी राजेंद्र और राजकुमार दोनों पुत्र सत्यदेव करीब एक दर्जन लोगों को लेकर उनके घर में रात 10 बजे घुस आए थे। इसके बाद पति और बेटे को कमरे में बंद कर दिया और उनके कमरेे में घुसकर गाली गलौच की। विरोध करने पर उक्त लोगों ने मारपीट की और मेरे कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां आ गए। लोगों के आने पर सभी आरोपी भाग निकले। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों राजेंद्र और राजकुमार के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है।

रुपयों के लेन-देन का है मामला
बसंती देवी के अनुसार लाल बहादुर ने बीते वर्ष 2018 में दोनों आरोपियों के घर पर लोहे की ग्रिल, रेलिंग और दरवाजा लगाया था। इसकी कीमत 20 हजार रुपये थी। इसके अलावा लाल बहादुर ने आरोपियों को पूर्व में 20 हजार रुपये उधार दिए थे। कुल 40 हजार राशि को जब उनके पति बार-बार मांगने लगे तो 11 जुलाई की रात को आरोपी अपने साथ दर्जनों लोगों को लेकर उनके घर आए और गालीगलौच, मारपीट कर बदनीयत से कपड़े तक फाड़ दिए।

नकली नोट रखने और चलाने के आरोप में कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा

नकली नोट रखने तथा उन्हें चलन में लाने के मामले में प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को चार साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। बीते वर्ष 30 नवंबर 2018 को रायवाला स्थित एक होटल के समीप एक स्थानीय दुकानदार महेंद्र सिंह ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी थी कि एक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया और 200 रुपये लेकर चला गया। व्यक्ति ने सामान लेने के बदले जो 100 रुपये के दो नोट उन्हें दिए, वह नकली हैं। सूचना पाकर रायवाला पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ ही दूरी पर अजय पुत्र सूरजभान निवासी ग्राम नेहरड़ा पोस्ट व थाना जुलाना जिला जींद हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास कुल 2900 रुपये बरामद किए गए। इनमें 500 रुपये का एक नोट, जबकि 100 रुपये के 24 नोट नकली पाए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नकली नोट रखने तथा उन्हें चलाने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान वर्दी में रहेंगेः एसएसपी

देहरादून जिले का चार्ज संभालते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने थाना और चौकी प्रभारियों के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो थाना और चौकी प्रभारी घर बैठे ही काम कर रहा है, वह दूसरी जगह पोस्टिंग तलाश लें। इसके अलावा तिराहे, चौराहे से लेकर भीड़ वाले इलाकों में हर वक्त पुलिस फोर्स को तैनाती के निर्देश दिए।

राजधानी के एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कार्यभार ग्रहण करने के दूसरे दिन थानेदारों के पेंच कसने शुरू कर दिए। रविवार को सभी थानेदारों को लिखित और मौखिक रूप से आदेश जारी किए गए कि घर से थाना-चौकी नहीं चल सकती है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान वर्दी के साथ तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि राजधानी के कुछ थाना-चौकी इंचार्ज आरामतलब नौकरी कर रहे हैं। इनकी सूचना उनके पास पहले से मौजूद है। उन्होंने सभी इंचार्ज को थाना-चौकी से बाहर निकलकर गश्त, चेकिंग पर रहने के निर्देश दिए। शहर में पुलिस की मौजूदगी शत फीसद हो, इसके लिए ट्रैफिक और थाना पुलिस को समन्वय बनाकर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

थानेदारों और चौकी इंचार्ज की जीपीएस लोकेशन को भी अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी एसपी सिटी श्वेता चौबे को सौंपी गई है। एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों और औचक निरीक्षण से भी मॉनिटरिग करने की बात कही। ताकि ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण लग सके।

हत्या मामले में आरोपी पति और ससुर को कोर्ट ने माना दोषी, मिली आजीवन कारावास की सजा

नवविवाहिता की हत्या मामले में न्यायालय ने पति और ससुर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर दस-दस हजार रूपए का अर्थदंड भी लगाया है। जिसे न चुकाने पर दोनों आरोपियों को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। वहीं, अदालत ने दोनों आरोपियों को हत्या का कारण दहेज नहीं पाया है। लिहाजा दहेज के आरोपों से दोनों को बरी किया गया है।

थाना रायवाला में पंकज शर्मा ने तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन मंजू तिवारी का विवाह हरिपुर कलां निवासी रोहित तिवारी पुत्र ओम प्रकाश तिवारी के साथ नौ फरवरी 2018 को हुआ था। एक जुलाई 2018 को रोहित ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनकी बहन ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद वह दो जुलाई को बहन के ससुराल पहुंचे। उन्हें बहन की आत्महत्या वाले पहलू पर आशंका हुई और थाना रायवाला में लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की।

थाना रायवाला ने जांच कर आरोपी पति और ससुर पर हत्या का मामला दर्ज करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में दोनों पक्षों की अंतिम बहस हुई। इसमें शासन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (दाण्डिक) राजेश पैंयूली ने ठोस पैरवी की। इसके आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों रोहित तिवारी पुत्र ओम प्रकाश तिवारी तथा ओम प्रकाश तिवारी पुत्र गंगाराम निवासीगण ग्राम सुरजीपुर, थाना गोकुल बहेटा हरदोई उत्तर प्रदेश, हाल किराएदार श्रीबालाजी धाम गली नंबर 03, हरिपुरकलां थाना रायवाला देहरादून को मंजू तिवारी की हत्या का दोषी पाया।

माल्या को सुप्रीम कोर्ट से चाहिए राहत, अर्जी दाखिल की

भारतीय बैंकों का कर्जदार और देश छोड़कर भागे कारोबारी विजय माल्या ने अपने और अपने रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली संपत्तियों को कुर्क किए जाने पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। माल्या ने अपनी याचिका में कहा कि सिर्फ किंगफिशर कंपनी से संबंधित संपत्ति ही कुर्क की जाए। सुप्रीम कोर्ट 29 जुलाई यानी कि सोमवार को इस मामले की सुनवाई करेगा। अपनी दलील में माल्या ने कहा है कि उसकी निजी संपत्ति और परिवार के अन्य सदस्यों क संपत्ति जब्त नहीं की जाए।

माल्या पर भारतीय बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये लोन लेने और बिना चुकाए फरार होने का आरोप है। शराब कारोबारी विजय माल्या को 11 जुलाई को झटका लगा था। बंबई हाई कोर्ट ने इससे पहले विजय माल्या की इसी याचिका को खारिज कर दिया था। इस याचिका के जरिए माल्या ने सरकारी एजेंसियों द्वारा उसकी संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की थी।

गन प्वाइंट पर चेन लुटने वालों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, एक हुआ फरार

बीती 15 जुलाई को कोतवाली क्षेत्र में दिनदहाड़े पिस्तौल की नोक पर चेन लुटने वालों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घटना में शामिल एक अन्य आरोपी को पुलिस पकड़ने में नाकाम रही। पुलिस का दावा है कि दोनों लुटेरे दिल्ली के कोबरा गैंग के है, इनके कब्जे से पुलिस ने छह सोने की चौन, दो दोपहिया वाहन सहित दो तमंचे भी बरामद किए है।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि बीती 15 जुलाई को आरपीएस स्कूल बालाजी बगीचे के समीप से एक महिला से बाइक सवार दो बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर सोने की चेन लूट ली थी। इसी तरह ऋषिलोक कॉलोनी स्थित बालाजी बगीचे के समीप से भी एक छात्रा से पिस्तौल की नोक पर सोने की चेन लूट कर बाइक सवार दोनों बदमाश फरार हो गए थे। कोतवाल ने बताया कि दोनों की मामले गंभीर पाते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान को तीर्थनगरी तथा आसपास क्षेत्र के करीब 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तथा मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया। इसके आधार पर तीन आरोपियों की पुष्टि हुई। इनमें से दो आरोपियों को रूड़की कलियर से गिरफ्तार किया गया है।

कोतवाल ने आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद लिंटोन उर्फ हंसमुख पुत्र मोहम्मद शमीम निवासी ग्राम मकुवा, पोस्ट मोईरापुर, थाना मुरारोई, जिला बीरभम पश्चिम बंगाल हाल निवासी शमशाद का किराएदार, नेहरूल बस्ती, मिंटो रोड, थाना आईपी एस्टेट नई दिल्ली तथा 24 वर्षीय मोहम्मद अनवर उर्फ बिहारी पुत्र मोहम्मद कलीम निवासी महाराणा प्रताप चौक, जिला सहरसा, बिहार हाल निवासी किराएदार समसुदीन निवासी गली नंबर जीरो, अली मस्जिद के बराबर में, वजीराबाद, थाना तिमारपुर, नई दिल्ली के रूप में कराई। कोतवाल ने बताया कि घटना में शामिल तीसरा आरोपी मोहम्मद अरशद पुत्र जाकिर अहमद निवासी मकान नंबर 69, गली नंबर दो वजीराबाद, दिल्ली फरार चल रहा है। कोतवाल ने बताया कि दोनों आरोपी दिल्ली के प्रसिद्घ कोबरा गैंग के सदस्य है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो दुपहिया वाहन, छह सोने की चेन, दो तमंचे भी बरामद किए है।

लूटी गई चेन को बेचने रूड़की कलियार आ रहे थे आरोपी
कोतवाल ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली कि चौन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपी सामान बेचने कलियर क्षेत्र (निकट रुड़की) में आ रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस टीम ने तय स्थान से पहले मेवड़ पुल के पास जाकर चेकिंग अभियान चलाया गया, तो रुड़की की ओर से कलियर आने वाले रास्ते पर बिना नंबर की मोटर साइकिल व जूपिटर स्कूटी को रूकने का इशारा किया। इसी दौरान दो वाहन चालक गाड़ी मोड़ कर भागने लगे तथा हड़बड़ाहट में वहीं गिर गए। इस पर टीम ने दोनों को मौके से पकड़ लिया, जबकि एक अन्य भागने में सफल रहा।

दोनों की आरोपियों का है आपराधिक रिकॉर्ड
कोतवाली पुलिस के मुताबिक आरोपी लिंटोन उर्फ हंसमुख वर्ष 2012 में दिल्ली से चोरी के आरोप में जेल जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2016 में थाना दरियागंज नई दिल्ली से दस लाख रुपए की लूट, वर्ष 2017 में दिल्ली रेलवे स्टेशन से पाँच लाख रुपये की लूट में जेल जा चुका है। वहीं, दूसरा आरोपी अनवर उर्फ बिहारी भी वर्ष 2016 में जयपुर (राजस्थान) से
चांदी के व्यापारी से रुपये बीस लाख रुपए लूटने के आरोप में जेल की हवा खा चुका है।

अपराध करने का तरीका
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना करने से पूर्व वह अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट निकाल देते हैं। यदि कहीं चेकिंग होती है, तो अपने गाड़ियों में फर्जी नंबर प्लेट लगा देते हैं। पूछताछ में बताया कि घटना के दौरान स्कूटी की डिग्गी में वह एक जोड़ी कपड़े रखते हैं तथा घटना के बाद पहचान छुपाने को कपड़े बदल लेते है।

कबाड़ से नहीं चला खर्चा तो कर डाली चोरी
पूछताछ में आरोपी मौहम्मद लिटोन उर्फ हसमुख ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2008 में पश्चिम बंगाल से कबाड़ी का काम करने दिल्ली आया था। यहां एक वर्ष कबाड़ी का काम करने के बाद नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में वार्ड ब्वॉय का काम किया। जब खर्चा नहीं चला तो मैने नौकरी छोड़कर चोरी करनी शुरू कर दी तथा दिल्ली में कई स्थानों पर चोरी व लूट की घटना की करीब एक माह उसकी मुलाकात मौहम्मद अनवर उर्फ बिहारी व अरशद से हुई थी। वह भी पूर्व में लूट और चोरी की घटना में जेल जा चुके हैं।

फोन में हासिल की खाते की डिटेल, निकाले सवा लाख

स्वयं को बैंक का कर्मचारी बताकर फोन में ही खाते संबंधी सारी डिटेल पता कर सवा लाख रूपए ठगने का मामला प्रकाश में आया है। महिला के खाते से सात चरणों में रूपए निकाले गए है। महिला जब बैंक पहुंची तो बैंक अधिकारी इसे बैंक की कोई गलती न होना बताकर महिला की ही गलती निकाल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार मंशा देवी गुमानीवाला निवासी संजना बिष्ट पत्नी राकेश सिंह बिष्ट का आईडीपीएल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता है। बीती 13 जुलाई को महिला अपने बेटे की दवाई लेने ऋषिकेश बाजार पहुंची थी। मगर, दवाई लेने के लिए रुपए की कमी पड़ी तो त्रिवेणी घाट स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के एटीएम बूथ का प्रयोग कर तीन हजार रुपए निकालने का प्रयास किया। मगर, रुपए एटीएम बूथ से नहीं निकले और खाते से तीन हजार रुपए निकलने का संदेश आ गया। इसकी शिकायत महिला ने 15 जुलाई को संबंधित बैंक को दी। इसके अलावा महिला ने टोल फ्री नंबर 18001802222 पर भी शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद 17 जुलाई को महिला के खाते में तीन हजार रुपए आ गए।

हर गतिविधि पर ठग रख रहे थे नजर
पीड़ित महिला को 21 जुलाई की दोपहर 12 बजे 6289930758 नंबर सेफोन आया। कॉलर ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताया और तीन हजार रुपए उसकेखाते में डाल दिए जाने की जानकारी दी। कॉलर ने महिला को अपनी शिकायत वापस लेने की सलाह भी दी। इसके साथ ही खाता संबंधी अन्य जानकारी झांसा देकरजुटा ली। महिला ने अनजान व्यक्ति को बैंक कर्मी समझ खाता संबंधी सभी जानकारी दे डाली। सारी जानकारी हासिल करने के बाद कॉलर ने फोन काट दिया। कुछ ही देर बाद महिला मोबाइल पर धड़ाधड़ पैसे निकासी के मैसेज आने शुरू हो गए। वहीं, महिला का रो-रो कर बुरा हाल है।

अधिकारी का तर्क
इसमें बैंक की किसी भी प्रकार की गलती नहीं है। महिला के साथ ठगी हुई है, महिला को सुझाव दिया गया है कि वह ठगी मामले में एफआईआर दर्ज कराएं।
– एपी कुड़ियाल, बैंक मैनेजर पीएनबी आईडीपीएल शाखा।

दो तमंचे और तीन जिंदा कारतूस के साथ पांच गिरफ्तार

पौड़ी जनपद की लक्ष्मणझूला पुलिस ने अवैध शस्त्र रखने के आरोप में हरियाणा के पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे तथा तीन कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ अवैध शस्त्र रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही बरामद कार को सीज कर दिया है।

आरोपियों की पहचान सागर सिंह पुत्र राजेश कुमार, तनुज जांगड़ा पुत्र संजीव कुमार दोनों निवासी नई बस्ती गली नंबर एक वार्ड नंबर 22 थाना लाइन पार जिला इज्जर हरियाणा, नीरज उर्फ भांजा पुत्र पवन कुमार निवासी वार्ड संख्या सात गली नंबर तीन थाना लाइन पार जिला इज्जर हरियाणा, टीनू पुत्र अतर सिंह निवासी वार्ड संख्या 13 गली नंबर 11 डिफेंस कॉलोनी बहादुरगढ़ जिला इज्जर हरियाणा और नवीन पुत्र सतीश कुमार निवासी ग्राम भूपनिया जिला इज्जर हरियाणा के रूप में हुई है।

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे लोगों को डराने धमकाने के लिए अवैध असलहा साथ लेकर चलते हैं। थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला राकेंद्र सिंह कठैत ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोग घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करते हैं।

ऐसे लोगों की पहचान के लिए पुलिस की टीम अलग-अलग क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को टीम ने एक वीआईपी नंबर की कार एचआर-13एन-070 को रोका। तलाशी और पूछताछ में पुलिस ने दो अवैध तमंचे (एक 315 बोर, 12 बोर) और तीन कारतूस बरामद किए।