आरटीआई से खुली पोल, जहरीली शराब कांड की आज तक नहीं बन पाई जांच कमेटी

हरिद्वार जिले के रुड़की में बीते आठ फरवरी को हुए जहरीली शराब कांड और इससे हुई मौतों के बाद हैरतअंगेज मामला प्रकाश में आया है। जहरीली शराब से हुई दर्जनों मौतों के बाद सरकार और शासन ने मामले की जांच करवाने का मरहम लगाने की कोशिश की थी, जो कि झूठी बयानबाजी साबित हुई है। इसका खुलासा आरटीआई के तहत उपलब्ध हुए दस्तावेजों से हुआ है। गंभीर बात ये है कि जिस जांच कमेटी का ढिंढोरा पीटा जाता रहा वह कभी गठित ही नहीं हो पाई।

इस मामले में फौरी तौर पर आबकारी विभाग के कुछ अफसरों पर कार्रवाई भी हुई। इसके अलावा मामले की विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने का दावा किया गया था। आबकारी विभाग का रवैया कितना ढींठ और लापरवाह है इसकी नई बानगी देखने को मिली है।

अधिकारी नामित किए जाने का पत्रालेख ही जारी नहीं किया
आरटीआई के तहत उपलब्ध हुए दस्तावेजों के मुताबिक जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद आबकारी निरीक्षक और उप आबकारी निरीक्षकों के सबंध में उप आबकारी आयुक्त प्रदीप कुमार को सौंपे जाने की बात कही गई थी।

इसके अलावा प्रधान आबकारी सिपाही और आबकारी सिपाहियों की भूमिका की जांच का जिम्मा सहायक आबकारी आयुक्त राजीव सिंह चौहान को सौंपने का दावा किया गया था। हकीकत ये है कि विभाग के अन्य अफसरों की लापरवाही की थाह लगाने से पहले उच्चाधिकारी खुद ही वादाखिलाफी का शिकार हो गए। दस्तावेजों के मुताबिक जांच अधिकारी नामित किए जाने का पत्रालेख ही जारी नहीं किया गया।

जानिए, तिहाड़ जाने से अच्छा है घर में नजर बंद रहुं, किसने कहा?

दिल्ली की शीर्ष अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की सीबीआई हिरासत पांच सितंबर तक बढ़ा दी है। चिदंबरम के वकील ने कहा कि वे फिलहाल अंतरिम जमानत पर जोर नहीं दे रहे हैं। उन्होंने इसकी सुनवाई पांच सितंबर को निर्धारित करने की मांग की। सीबीआई ने मामले में चिदंबरम की हिरासत में पूछताछ की अवधि दो दिन बढ़ाने की मांग की थी।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पांच सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे। शीर्ष अदालत ने चिदंबरम के वकील से कहा कि फिलहाल वह निचली अदालत में सोमवार को दायर अंतरिम जमानत याचिका पर पांच सितंबर तक जोर नहीं दें। न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि चिदंबरम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और उन्हें सीबीआई की हिरासत में भेजने के निचली अदालत के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर पांच सितंबर को सुनवाई की जाएगी। पीठ ने इस मामले को पांच सितंबर के लिये सूचीबद्ध करते हुए कहा कि हम इस बात के प्रति सजग हैं कि हमें संबंधित निचली अदालत का अधिकार क्षेत्र नहीं छीनना चाहिए।
इससे पहले पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने न्यायालय से कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाए बल्कि घर में ही नजरबंद कर दिया जाए। शीर्ष अदालत ने कहा था कि यदि निचली अदालत सोमवार को ही चिदंबरम के अंतरिम जमानत के अनुरोध पर विचार नहीं करती है तो उनकी सीबीआई हिरासत की अवधि और तीन दिन के लिए बढ़ा दी जाएगी। पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि वह निचली अदालत द्वारा चिदंबरम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और बाद में उन्हें जांच ब्यूरो की हिरासत में देने के आदेश को चुनौती देने के मामले में अपना जवाब दाखिल करे।
सीबीआई की विशेष अदालत ने 30 अगस्त को पूर्व वित्त मंत्री को दो सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर आरोप है कि वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने रिश्वत लेकर आईएनएक्स मीडिया को 2007 में 305 करोड़ रुपये लेने के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड से मंजूरी दिलाई थी।

पति को मां को एक ही बेड पर देख दंग रह गई बेटी, पहुंची थाने

पति और पत्नी के बीच ‘वो’ यानी दूसरी महिला के आने पर काफी बहस होती है और कई विवाद जन्म लेते है। मगर, जब वो दूसरी महिला पत्नी की मां ही हो, तो ऐसे में दंग रहना लाजिमी है। उत्तराखंड के रुद्रपुर ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र निवासी एक महिला ने अपनी मां और पति के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाकर पुलिस को तहरीर दी है। महिला ने पति और मां पर उसे मारपीट कर घर से निकालने का भी आरोप लगाया है। तहरीर मिलते ही पुलिस तहकीकात में लग गई है।

बेटी के इस आरोप पर पुलिस भी सन्न है। पुलिस को दी तहरीर में ट्रांजिट कैंप निवासी पीड़ित महिला ने कहा कि 13 वर्ष पहले उसका विवाह हुआ था। विवाह के कुछ समय तक सब कुछ ठीक चला, लेकिन कुछ समय बाद ही उसकी मां उसके पास आकर रहने लगी।

इस दौरान पति का उसके प्रति व्यवहार बदलने लगा। बात-बात पर पति उससे मारपीट करता और अधिकतर समय उसकी मां के साथ रहता था। शक होने पर जब उसने मां और पति पर नजर रखनी शुरू की तो उसे दोनों के बीच अवैध संबंधों का पता चला।

आरोप है कि जब उसने पति को समझाने का प्रयास किया तो पति ने उसे ही पीट दिया। वहीं समझाने पर मां भी उसकी दुश्मन बन गई और पति को भड़काकर घर के ही दूसरे कमरे में रहने का फरमान सुना दिया। बीते बुधवार रात जब उसने पति और मां को आपत्तिजनक हालत में देख विरोध किया तो दोनों ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया।

शादी के लिए किया मना तो प्रेमी ने प्रेमिका को उतारा मौत के घाट

शादी के लिए मना करने पर एक सिरफिरे आशिक ने घर में घुसकर प्रेमिका पर चाकू से वार कर हत्या कर दी। युवक ने खुद के गले व हाथ पर भी चाकू से वार कर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। वहंी, युवती के शव को पोस्टमार्टम के बाद उसकी आंखे एम्स को दान कर दी गईं है।

ठेकेदार सुखराम यादव बनखंडी गली नं. दो में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार की सुबह वह आरएसएस की शाखा में गए थे, जबकि उनकी पत्नी प्रातः करीब साढ़े छह बजे मार्निंग वॉक के लिए गई हुई थी। घर पर उनकी बेटी कल्याणी (27) मौजूद थी। सुबह करीब पौने सात बजे एक युवक उनके घर के बाहर स्कूटी खड़ी करके अंदर घुस गया। युवक की कल्याणी के साथ कहासुनी होने लगी। घर की ऊपरी मंजिल पर किराये पर रहने वाले रवि ने जब आवाज सुनी तो वह नीचे आ गया। देखा कि बरामदे में युवक व कल्याणी के बीच छीनाझपटी हो रही थी, जिसे देख रवि ने बीच बचाव करना चाहा।

मगर, युवक ने बरामदे में भीतर से कुंडी लगा दी। यह बात अन्य लोगों को बताने के लिए रवि बाहर की ओर दौड़ा। इस बीच युवक ने पेपर काटने वाले धारदार चाकू से कल्याणी का गला रेत दिया और शरीर पर अन्य जगह भी वार कर दिए। युवक ने खुद के गले पर भी चाकू से गहरा वार कर दिया और हाथ की नसें भी काट दी। सूचना पर घर पहुंचे परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से ग्रिल की जाली काटकर भीतर प्रवेश किया। बरामदे में कल्याणी व युवक लहूलुहान हालत में पड़े थे। इस बीच कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मगर, तब तक युवती दम तोड़ चुकी थी। जबकि गंभीर रूप से घायल युवक को पुलिस ने एम्स ऋषिकेश पहुंचाया। वहंी, मृतक युवती की आंखे उसके पिता सुखराम ने दान की है। बुधवार दोपहर बाद एम्स पहुंचे मृतका के पिता सुखराम ने एम्स को बेटी की आंखे दान करने का निर्णय लिया है।

सरकार ने भेजा नोटिस, हाईकोर्ट से भी नही मिली डाॅक्टरों को राहत

उत्तराखंड में सरकारी मेडिकल कालेजों से बांड के तहत एमबीबीएस करने वाले गैरहाजिर डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने ज्वाइनिंग का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद बांड की शर्तों के मुताबिक दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं न देने वाले बांड धारक डॉक्टरों से 18 प्रतिशत ब्याज के साथ फीस की वसूलने की कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।
प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कालेजों में बांड योजना शुरू की थी। जिसमें बांड भरकर एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को फीस में भारी छूट दी गई। लेकिन एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ डॉक्टर ने युवाओं ने दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने से इनकार कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सख्ती करने पर ऑल इंडिया रैकिंग से बांड के तहत एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
जिसमें हाल ही में हाईकोर्ट ने बांड की शर्त के अनुसार ज्वाइनिंग न करने वाले डॉक्टरों से 18 प्रतिशत ब्याज के साथ फीस वसूलने के आदेश दिए। अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, युगल किशोर पंत ने बताया स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों से गैरहाजिर चल रहे बांड धारक डॉक्टरों का रिकॉर्ड तैयार कर नोटिस जारी किए गये हैं। जिसमें ऑल इंडिया रैकिंग के करीब 22 डॉक्टर हैं। वहीं राज्य कोटे की सीट से बांड भरने वाले डॉक्टरों को नोटिस संबंधित कालेजों को भेजे गए हैं।
वहीं, इस साल से सरकार ने दून और हल्द्वानी मेडिकल कालेज में बांड के माध्यम से एमबीबीएस करने की योजना को समाप्त कर दिया है। अब श्रीनगर मेडिकल कालेज और अगले साल से अल्मोड़ा मेडिकल कालेज में ही बांड भरकर कम फीस पर एमबीबीएस की सुविधा मिलेगी।
बांड से प्रशिक्षित डॉक्टरों से एमबीबीएस की 15, 25, 50 हजार रुपये की फीस ली जाती है। जबकि बिना बांड के फीस चार लाख रुपये सालाना देनी होती है। बांड से एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों को एक साल तक मेडिकल कालेजों में सेवाएं देनी होती हैं। इसके बाद दो साल तक दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों और दो वर्ष तक जिला चिकित्सालयों में सेवाएं देनी अनिवार्य हैं।

ऋषिकेश पुलिस ने चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो धरे

कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बीते दिनों हुई दो चोरियों का ऋषिकेश पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी के दो मोबाइल, दो चांदी की चेन, एक जोड़ा चांदी का पाजेब, चांदी के तीन बिछुए और 40 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।

बीते सात अगस्त को दिनेश कुमार पुत्र नत्थीमल निवासी गली नंबर पांच गंगानगर ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि छह अगस्त को अज्ञात लोगों ने उनकी दुकान से चांदी की ज्वेलरी चोरी कर ली। वहीं, शिकायतकर्ता अमनदीप गुप्ता पुत्र राजेश कुमार गुप्ता निवासी गुर्जर प्लाट गुमानीवाला ऋषिकेश ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि रोडवेज बस अड्डा पर उनकी दुकान से दो लड़के दो मोबाइल और आठ हजार रुपए लेकी भाग गए। दोनों ही मामलों में कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपियों को बस अड्डा स्थित निर्माणाधीन हिमालयन म्यूजियम के पास से गिरफ्तार किया।

शातिरों की पहचान दीपक जोशी पुत्र शंकर दत्त निवासी ग्राम सुखीढांग चक जिला चंपावत और सागर थापा पुत्र अर्जुन सिंह निवासी भोगपुर, रानीपोखरी, देहरादून के रूप में हुई। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि दीपक जोशी एक शातिर किस्म का चोर है, जो पूर्व में एक बार पंजाब तथा दो बार कोतवाली ऋषिकेश से जेल भी जा चुका है।

ऋषिकेश मेयर को दी जान से मारने की धमकी, पुलिस ने पकड़ा

बीते रोज मेयर अनिता ममगाईं को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए अभद्र भाषा का प्रयोग तथा जान से मारने की धमकी देने वाले युवक की पहचान हो गई है। कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है तथा मामले में पूछताछ कर रही है।

बता दें रविवार को नटराज चौक का नाम इंद्रमणि बडोनी चौक रखे जाने को लेकर बीते शनिवार की रात मेयर अनिता ममगाई ने अपनी फेसबुक पेज पर पोस्ट किया था। इस पोस्ट के जरिए मेयर ने लोगों को मूर्ति के अनावरण की जानकारी दी थी। इस पर एक युवक ने मेयर अनिता ममगाईं के लिए अभद्र भाषा तथा उन्हें जान से मार देने की धमकी दी थी। इस पर मेयर ने कोतवाली पुलिस को आरोपी युवक के खिलाफ तहरीर दी थी साथ ही फेसबुक पेज के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए थे।

रविवार को उक्त युवक की पहचान हो गई है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि युवक इंदिरा नगर गली नंबर 2 का रहने वाला है। आरोपी युवक का नाम जितेंद्र कुमार पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह है। मूल रूप से मऊ उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। कोतवाल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

मधुबन आश्रम संचालक परमानंद पर लगे गंभीर आरोप, इन धाराओं में हुआ मुकदमा

मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज पर ट्रस्टियों ने संपत्ति का उपयोग निजी तौर पर करने, आश्रम की आय का गबन करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ट्रस्टियों ने संचालक की नियुक्ति पर भी सवाल पैदा किए हैं। ट्रस्टियों ने थाना मुनिकीरेती में तहरीर भी दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज के खिलाफ अमानत कर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार को स्कॉन न्यू वृंदावन ईस्ट ट्रस्ट के सदस्य आरके माहेश्वरी, डॉ. रवि खतान्हार, हेमंत ठाकुर, रविंद्र मल्ल्या मधुबन आश्रम पहुंचे। यहां मधुबन आश्रम की सिक्योरिटी ने उन्हें आश्रम में प्रवेश नहीं करने दिया। ट्रस्टियों ने इसका कड़ा विरोध जताया। उन्होंने आश्रम संचालक को उनसे बात करने को कह, लेकिन संचालक ने उनसे कोई बात नहीं की। इसके बाद वहां हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची, और किसी तरह हंगामे को शांत कराया। इसके बाद ट्रस्टियों ने थाना पहुंच तहरीर दी।

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट का गठन 1986 में किया गया था। ट्रस्ट मुंबई में रजिस्टर्ड है। ट्रस्ट की ओर से मधुबन आश्रम पर भक्तियोग स्वामी को मंदिर की पूजा अर्चना के लिए नियुक्त किया गया था, जिनकी 12 अप्रैल वर्ष 2017 को हो गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अपने को आश्रम संचालक बताने वाला व्यक्ति धोखाधड़ी तथा कुछ स्थानीय लोगों की मिलीभगत से संचालन कर रहा है, जबकि ट्रस्ट की ओर से इन्हें नियुक्त नहीं किया गया है। साथ ही ट्रस्ट के बैंक अकाउंट के बजाए निजी अकाउंट पर चढ़ावे की धनराशि डाली जा रही है। साथ ही आश्रम की संपत्ति को निजी तौर पर प्रयोग में लाया जा रहा है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

थानाध्यक्ष मुनिकीरेती राम किशोर सकलानी ने बताया कि ट्रस्ट के सदस्यों की ओर से दिए गए कागजात के आधार पर यह प्रतीत होता है कि उक्त लोग ही ट्रस्टी हैं तथा वर्तमान में आश्रम का संचालन कर रहे प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास अवैध रूप से आश्रम पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ अमानत पर खयानात, धोखाधड़ी तथा गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मैनेजर से आश्रम संचालक बन बैठा परमानंद
बुधवार को आश्रम ट्रस्टियों ने बताया कि वर्तमान में स्वयं को आश्रम का संचालक बताने वाला प्रेम प्रकाश राणा उर्फ परमानंद दास पूर्व में मंदिर के रेस्टोरेंट का मैनेंजर के पद पर तैनात था। ट्रस्ट की ओर से नियुक्त भक्तियोग स्वामी की मृत्यु के पश्चात परमानंद दास ने स्वयं साधु बनकर अपने को स्वयंभू महाराज घोषित कर दिया है।

ट्रस्ट ने बैंक अकाउंट कराया फ्रीज
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि परमानंद दास की ओर से आश्रम में ठहरने वाले श्रद्धालुओं से लिए जाने वाला शुल्क तथा मंदिर के दानपात्र पर आने वाला शुल्क अपने निजी अकाउंट में डाला जा रहा है। उन्होंने इस पर जब परमानंद दास से वार्ता करनी चाही तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। इस पर ट्रस्ट ने आश्रम के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट को फ्रीज करा दिया है।

ऑन लाइन बुकिंग के जरिये दिया जा रहा कमरा
परमानंद दास पर ट्रस्ट के सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि उक्त व्यक्ति ने आश्रम को निजी होटल बनाया हुआ है। यहां ऑनलाइन बुकिंग के जरिये टूरिस्टों को महंगे दाम पर कमरा दिया जा रहा है। इसका ट्रस्ट घोर विरोध करता है। साथ ही यहां अपने परिवार के सभी सदस्यों को बैठा रखा है।

परमानंद बोले, जो ट्रस्टी नहीं, वह कर रहे दावा
मधुबन आश्रम संचालक परमानंद दास महाराज ने कहा कि उक्त लोग जो ट्रस्टी होने का दावा कर रहे हैं, दरअसल वह ट्रस्ट के सदस्य ही नहीं हैं। आश्रम का ट्रस्ट वर्ष 1986 में आठ सदस्यीय बना था। इनमें से छह ट्रस्ट के सदस्य ठीक से काम नहीं कर रहे थे तथा मधुबन आश्रम को स्कॉन ट्रस्ट के साथ मिलाकर खुर्दबुर्द करना चाहते थे। ट्रस्ट के मुख्य आर्बिटर किरतनानंद भक्तिपाद ने वर्ष 1995 में इन्हें पत्र भेजकर निकाल दिया था। उक्त सारे पत्र हमारे पास सुरक्षित है। किरतनानंद भक्तिपाद की मृत्यु के बाद यह लोग भक्तियोग स्वामी के पास भी गए, लेकिन वह भी इनके झांसे में नहीं आए। इसके बाद यह लोग सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिले और झूठी कहानी सुनाई। बुधवार को अमित रावत नामक व्यक्ति आश्रम पहुंचा और सीएम के आदेश का हवाला देकर निकाले गए इन छह ट्रस्टियों को कब्जा दिलाने की बात कहने लगा। जब हमने इनका प्रस्ताव नहीं स्वीकार किया। तो पुलिस में जाकर झूठी तहरीर दी और झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। परमानंद दास ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए उनके ऊपर गंभीर धाराएं लगा दी हैं।

ओटीपी के अंक जान खाते से निकाले 48 हजार पांच सौ

ऋषिकेश स्थित गुलजार फार्म अभिषेक विहार हाट वाली रोड श्यामपुर निवासी ममता मारवाड़ी पत्नी सुधीर मारवाड़ी का गूगल पे एप्लीकेशन पर अकाउंट बना हुआ है। बीते 20 जून को उनके अकाउंट में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ गई थी। उसी दिन महिला के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को गूगल पे कस्टमर केयर से होना बताया तथा गूगल पे पर आ रही दिक्कत के बारे में पूछा। साथ ही उनके बैंक की डिटेल मांगी। महिला ने भी अपने एटीएम का नंबर बता दिया।

इसके बाद उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया। उक्त पासवर्ड को महिला ने उक्त अज्ञात व्यक्ति को दे दिया। इसके बाद फोन कट गया और महिला के फोन पर 48,500 रुपए कटने का संदेश आया। खाते से रुपये उड़ने पर महिला के होश उड़ गए। उन्होंने कोतवाली पुलिस से अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मामला साइबर क्राइम से जुड़ा है। मामले की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में जांच की जा रही है।

सड़क दुर्घटना में एसडीएम सहित नौ घायल, एक किशोरी की मौत

ऋषिकेश-देहरादून बाईपास मार्ग पर एक कार ने विक्रम और एक अन्य कार को जोरदार टक्कर मार दी। इससे विक्रम सवार सात घायल हो गए, जबकि एक युवती की मौत हो गई। वहीं, दूसरी कार में एसडीएम ऋषिकेश और नाजीर घायल हो गए।

बुधवार को विक्रम संख्या यूके 07-टीसी 1653 में सवारी भरकर ऋषिकेश आ रहा। इनके ठीक पीछे ऋषिकेश तहसील के नाजीर सुनील भट्ट अपनी कार यूके-07डीएफ-7996 पर एसडीएम प्रेमलाल को लेकर आ रहे थे। तभी ऋषिकेश से देहरादून जा रही तेज रफ्तार कार संख्या यूके-07डीजे-8724 ने काली मंदिर के समीप विक्रम को जोरदार टक्कर मार दी। इससे विक्रम हाईवे किनारे लगी रेलिंग पर पिछले हिस्से से चढ़ गया। इसमें विक्रम चालक को छोड़कर बाकी सवारी बुरी तरह घायल हो गए।

इसके बाद उक्त कार ने एसडीएम सवार कार को भी जोरदार टक्कर मार दी। इसमें कार चालक व तहसील ऋषिकेश नाजीर सहित एसडीएम प्रेमलाल भी घायल हो गए। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम को पुलिस की गाड़ी से एम्स तथा अन्य घायलों को एंबुलेंस के जरिये राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को एम्स और जौलीग्रांट अस्पताल रैफर किया गया। जौलीग्रांट अस्पताल में दाखिल तनु की इलाज के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार तनु के सिर पर गहरी चोट आई थी। वहीं, सब इंस्पेक्टर दिनेश चमोली ने बताया कि मामला तेज रफ्तार तथा लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ा है। फिलहाल इस संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

मृतक का नाम
तनु (17) पुत्री दिनेश निवासी रानीपोखरी
घायलों का नाम
प्रेमलाल उप जिलाधिकारी ऋषिकेश
सुनील भट्ट (31) पुत्र स्व. भरोसेराम निवासी शांति विहार फेस-2 अजबपुर कलां देहरादून
अनीषा (16) पुत्री दिनेश निवासी रानीपोखरी
वर्षा (19) पुत्री शत्रुघन निवासी रायवाला
ऋचा (21) पत्नी एमआर कोठियाल निवासी पंसुआ बड़कोट डांडी रानीपोखरी
शोभा (40) पत्नी दिनेश निवासी रानीपोखरी
रश्मि (30) पुत्री अशोक निवासी भोगपुर रानीपोखरी
पुष्पा (40) पुत्री धीरेंद्र निवासी भोगपुर
श्याम सिंह (32) पुत्र स्व. मुखराम निवासी ढूढ़ीधार नई टिहरी

एसडीएम का उतरा कंधा
उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के दुर्घटना में घायल होने की सूचना पाकर पार्षद राकेश मियां भी एम्स पहुंचे। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात की। साथ ही निदेशक प्रो. रविकांत से भी स्वास्थ्य की जानकारी जुटाई। वहीं, एम्स के जन संपर्क अधिकारी हरीश थपलियाल ने बताया कि चिकित्सकों के अनुसार एसडीएम प्रेमलाल को कंधा उतर गया है। फिलहाल वह स्वस्थ हैं, उनका उपचार चल रहा है।