समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण-नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भेंट की। नवाजुद्दीन सिद्दीकी उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। रोतु की बेली, चंबा, मसूरी एवं देहरादून में उनके द्वारा फिल्मांकन किया गया। उन्होंने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हवाई, रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक रमणीक स्थल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अच्छे होटल खुलें, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता हेमन्त पांडे एवं फिल्म जगत के अन्य कलाकार मौजूद रहे।

फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिल्वर सिटी में सातवें देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मकारों के हित में फिल्मांकन की स्वीकृति हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी गई है। अब एक सप्ताह में फिल्मांकन की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में फिल्म मेकर्स का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस वे से दिल्ली से देहरादून का सफर महज दो से ढाई घंटे में किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड अध्यात्म व योग की धरती है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो फिल्मांकन के लिये अनुकूल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सुरेश गड़िया, फिल्म निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर, रोहित राय, करण प्रधान, अभिनेत्री रूपा गांगुली, दीपा चिखलिया, हास्य कलाकार एहसान कुरैशी आदि उपस्थित रहे।

तीर्थनगरी के छोटे पर्दे के कलाकार मनमोहन तिवारी ने की सीएम धामी से शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक जय भारती में मुख्य किरदार निभा रहे ऋषिकेश के मनमोहन तिवारी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उनके अभिनय को सराहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जय भारती धारावाहिक बनाने के लिए दूरदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहे है। उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड के ऋषिकेश से छोटे पर्दे में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके और कई भोजुपरी व हिंदी फिल्मों में शानदार अभिनय कर चुके मनमोहन तिवारी जय भारती धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि मनमोहन तिवारी के रुप में सैनिकों के जीवन पर आधारित इस धारावाहिक में उत्तराखंड की भूमिका भी जुड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड फिल्मों व धारावाहिक की शूटिंग के लिए सबसे बेहतर स्थल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड से जुड़े कलाकारों से अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अधिक से अधिक शूटिंग हो, इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। अपनी मातृभूमि के विकास के लिए सभी कलाकार अगर अपनी यूनिट को प्रेरित करेंगे तो निश्चित ही यह प्रयास सफल होंगे। वही अभिनेता मनमोहन तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जय भारती में किरदार निभाते हुए उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। सैनिक की पृष्ठभूमि और उनके संघर्षों को पर्दे पर जीना उन्हें लिए गौरव की बात है।

उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कई लोकप्रिय धारावाहिक और फिल्मों में कार्य किया जा रहा है। उनका प्रयास रहेगा कि इनकी शूटिंग उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर हो। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के लोग उत्तराखंड के लोगो को बहुत सम्मान देते है। जब उनके द्वारा लोगो को बताया जाता है कि वह उत्तराखंड से है तो युवा मुख्यमंत्री के रुप में महाराष्ट्र (मुम्बई) में श्री धामी के कार्याे की सराहना की जाती है। सिने जगत के लोग भी मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते है। उन्होंने सीएम धामी को मुम्बई आने का निमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर दयाशंकर पाण्डेय, विवेक तिवारी उपस्थित रहे।

सीएम से फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा ने की मुलाकात, फिल्म जान अभी बाकी का पोस्टर का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम उत्साहित है कि दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखण्ड पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। फिल्म निर्माताओं हेतु अनुकूल माहौल के तैयार करने के कारण राज्य को हर साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक वर्ष राज्य में 150 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो रही है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य, फिल्म शूटिंग हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, शूटिंग हेतु बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर, इज ऑफ फिल्मिंग, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा दी जारी सुविधाएं राज्य को फिल्म निर्माताओं की पहली पसन्द बना रही है।

मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ के मोशन पोस्टर के विमोचन के अवसर पर फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फिल्म निर्माताओं से अनुरोध है कि वे अपनी फिल्मों में उत्तराखण्ड के प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ ही राज्य की अनूठी लोक संस्कृति व परम्पराओं के फिल्मांकन को भी प्राथमिकता दें। फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में शूटिंग के दौरान अधिक से अधिक स्थानीय प्रतिभाओं, फिल्म टेक्नीशियन व युवाओं को अवसर दें। उत्तराखण्ड में युवा प्रतिभाओं की कमी नही है। आशा है कि राज्य में फिल्म उद्योग के अधिक से अधिक विस्तार से स्थानीय प्रतिभाओं के लिए भी अवसर के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम फिल्म नीति का और भी अधिक आकर्षक बनाने पर कार्य कर रहे हैं, ताकि राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके। राज्य में फिल्म शूटिंग निःशुल्क कर दी गई है। फिल्म पॉलिसी में 1.5 करोड़ रूपये की सब्सिडी की व्यवस्था कर दी गई है।
गौरतलब है कि आइजेएम प्रोडक्शन प्रा. लिमिटेड के बैनर तले बनी निर्देशक सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ की 95 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड के भीमताल, नौकुचियाताल, काठगोदाम, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, काशीपुर, बाजपुर में की गई है। फिल्म में काम कर रहे अभिनेता प्रांजल भी रुद्रपुर के निवासी है। फिल्म में अन्य कलाकार ब्रिजेन्द्र काला, स्वपनिल, राजेश जैस, रेशम टिपनिस है। फिल्म में लोकप्रिय संगीतकार अरिजीत सिंह, जुबिन नौटियाल में संगीत दिया है। फिल्म में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध झोड़ा चांचरी और हिलजात्रा का भी फिल्मांकन किया गया है।
इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी भी उपस्थित थे।

नाना को पहाड़ी संस्कृति से सीएम ने कराया रुबरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर को पहाड़ी टोपी पहनाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है ताकि राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आयें। सिंगल विंडो सिस्टम से शूटिंग की अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नही लिया जा रहा है। 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ने मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट (स्पेशल मेंशन) पुरस्कार प्राप्त किया है।
फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मों की शूटिंग के लिए बहुत अच्छा है एवं फिल्मांकन के लिए वातावरण भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के लोग बहुत अच्छे हैं, यहां के लोगों के व्यवहार में सौम्यता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग का उनका अच्छा अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड में अपना घर बनाना चाहते हैं। नाना पाटेकर उत्तराखण्ड में एक मराठी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड में फिल्म निर्माता-निर्देशकों को राज्य सरकार से मिला प्रोत्साहन- बंशीधर तिवारी

विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा उत्तराखण्ड को 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत Most Film Friendly State (Special Mention) पुरस्कार प्रदान किया गया। राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार महानिदेशक, सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी द्वारा प्राप्त किया गया है।
महानिदेशक, सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार मिलने से प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा। महानिदेशक, सूचना ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है। राज्य सरकार में फिल्म निर्माता-निर्देशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है, जिसका परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री धामी द्वारा प्रदेश की फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है। फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक और व्यावहारिक बनाया जा रहा है। इससे राज्य में फिल्म निर्माण क्षेत्र को और अधिक प्रोत्साहित किया जा सकेगा। राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आ सकेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा फिल्म नीति को आकर्षक बनाया गया है, जिसमें सिंगल विंडो शूटिंग अनुमति प्रदान किया जाना। अब राज्य में शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नही लिया जा रहा है। नई फिल्म नीति में रुपये 1.5 करोड़ तक अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही शूटिंग अवधि में पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराया जाना शामिल है। क्षेत्रीय फिल्मों को स्थानीय सिनेमाघरों द्वारा सप्ताह में एक शो अनिवार्य रूप से दिखाया जाना है।
महानिदेशक, सूचना एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद बंशीधर तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए उत्तराखण्ड राज्य का चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। अल्प कार्यकाल में देश के अन्य राज्यों को पीछे छोड़ते हुए उत्तराखण्ड राज्य का इस पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। उन्होंने कहा की आगे भी सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा ताकि अधिक से अधिक फ़िल्मों की शूटिंग उत्तराखंड में हो सके और उत्तराखंड विश्व पटल पर अपनी उपस्थिति और बेहतर तरीक़े से दर्ज करा सके।
उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य को 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत Most Film Friendly State (Special Mention) का पुरस्कार प्रदान किया गया है। भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार फिल्म उद्योग को आगे बढ़ाने, जिसमें राज्य में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल वातवारण तैयार करना शामिल है। इसके साथ ही फिल्म और कला क्षेत्र को प्रोत्साहन देना एवं बंद पड़े सिनेमा हॉल को फिर से खोलने के लिए प्रोत्साहित करना है। उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार राज्य में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया है।राज्य में उत्तराखण्ड राज्य सरकार द्वारा फिल्म निर्माताओं की सुविधाओं के दृष्टिगत आकर्षक फिल्म नीति लागू की गई है। विगत एक वर्ष में राज्य में 150 से अधिक फिल्मों, धारावाहिक, डाक्यूमेंट्री आदि की शूटिंग की गई है। इनमें द कश्मीर फ़ाइल, मीटर चालू, बत्ती गुल, परमाणु, बाटला हाउस, कबीर सिंह, केदारनाथ, नरेन्द्र मोदी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर, परमाणु, रागदेश, तड़प, वार, डिस्कवरी चैनल पर प्रसारित कार्यक्रम Man vs Wild आदि कई बड़े नाम भी शामिल है। वर्ष 2017 के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत Special Mention Certificate for Film Friendly Environment पुरस्कार प्रदान किया गया था।
वर्ष 2017 में पर्यटन पुरस्कार के अर्न्तगत उत्तराखण्ड राज्य को “राष्ट्रीय फिल्म संवर्धन हितैषी राज्य” का पुरस्कार प्रदान किया गया है। वर्ष-2018 के तहत सर्वश्रेष्ठ फिल्म प्रमोशन फ्रेण्डली स्टेट पुरस्कार-2018, वर्ष-2019 में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का प्रथम पुरस्कार-2019 मिला है। इन पुरस्कारों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा निर्धारित मानकों का परीक्षण कर यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। पुरस्कार हेतु निर्धारितों मानकों के अनुसार विवरण भारत सरकार को प्रेषित की किया जाता है, जिसमें Ease of filming, Infrastructure, सब्सिडी, Database, Marketing and Promotion एवं विगत वर्षो में राज्य में शूटिंग की गई फिल्मों की संख्या का विवरण प्रदान करना होता है।

प्रसिद्ध पवनदीप राजन ने की शिष्टाचार भेंट, आगामी फिल्म में संगीत निर्देशन की दी जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन ने शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उनके संगीत निर्देशन में हिन्दी एवं नेपाली भाषा में बनी फिल्म प्रेम गीत 3 आगामी 23 सितम्बर को रिलीज हो रही है।

मुख्यमंत्री ने पवनदीप राजन के प्रयासों की सराहना की तथा फिल्म के सफल प्रदर्शन के लिये शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर निर्माता निर्देशक सुभाष काले व सन्तोष सेन, अभिनेता प्रदीप खड़का, अभिनेत्री क्रिस्टियाना गुरूंग आदि भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने बालीवुड फिल्म हिंदुत्व का पोस्टर किया रिलीज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से निर्देशक एवं लेखक करण राज़दान ने मुलाक़ात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करण राज़दान की आगामी 7 अक्टूबर को रिलीज़ होने जा रही फ़िल्म “हिन्दुत्व” का पोस्टर रिलीज़ किया। मुख्यमंत्री ने फ़िल्म निर्माता निदेशक करण राज़दान से फ़िल्म को लेकर लम्बी चर्चा की, साथ ही उन्हें व उनकी टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में कई बॉलीवुड की फ़िल्में और वेब सीरीज की शूटिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि फ़िल्म निर्माताओं को सरकार के स्तर पर मदद दी जाए, ताकि भविष्य में और भी फ़िल्म और वेब सीरिज़ की शूटिंग उत्तराखण्ड में हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में कई ऐसे विश्व स्तरीय प्राकृतिक स्थल हैं जिनको अभी बड़े पर्दे पर नहीं दिखाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फ़िल्म नीति में सरलीकरण करते हुए शूटिंग परमिशन आदि की व्यवस्था को सरल किया गया है। प्रस्तावित नई पॉलिसी हेतु इंडस्ट्री और विशेषज्ञों के सुझाव माँगे गए हैं।

मुख्यमंत्री ने फ़िल्म निदेशक से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और कश्मीर फाइल्स फ़िल्म देखी हैं, और वो हिन्दुत्व फ़िल्म को भी ज़रूर देखेंगे।
फ़िल्म निदेशक करण राज़दान ने कहा कि हिन्दुत्व फ़िल्म जहाँ एक ओर देश दुनिया में हिन्दुत्व के मूल्यों का प्रचार करेगी वहीं दूसरी ओर इसमें दर्शाए दृश्यों से उत्तराखंड पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस दौरान फ़िल्म के सह निर्माता सचिन चौधरी और सुमित अदलखा भी मौजूद रहे।