दर्शकों की कसौटियों पर खरी उतरी उत्तराखंड की पहली हिंदी फिल्म कलरव

इंटरनेशनल अवार्ड विनर हिंदी फीचर फिल्म कलरव के पहले शो का समाजसेवी डॉ राजे नेगी ने रिबन काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश की बेटी अम्बिका आर्य ने फिल्म में अभिनेत्री की भूमिका निभाकर तीर्थ नगरी के लोगों को गौरवांवित किया है।

दर्शकों से खचाखच भरे हिंदी फिल्म कलरव के पहले शो का शुभारंभ करते हुवे अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा के अध्यक्ष ड़ॉ राजे नेगी ने कहा कि कलरव फ़िल्म में भारतीय संस्कृति एवं सनातन का पर्व हरिद्वार महाकुंभ को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। साथ ही फ़िल्म में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन चुनोतियों एवं मुद्दों को बड़ी सादकी से दर्शाया गया है।इस अवसर पर फ़िल्म की पूरी कॉस्ट उपस्तिथ थी। फ़िल्म की अभिनेत्री अम्बिका आर्य ऋषिकेश से है इसलिए भारी संख्या में उनके समर्थन में फ़िल्म देखने दर्शक पहुंचे थे।

इस मौके के पर फ़िल्म के निर्माता राकेश धामी, निर्देशक जगदीश भारती, अभिनेता नितिन शर्मा, उत्तराखंड फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता राजेश मालगुडी, उत्तम सिंह असवाल, सिनेमा हाल के मालिक अशोक कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सीएम के बेटे भी कम नही, शिखर छूने को कर रहे अलग-अलग क्षेत्रों में मेहनत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजनीति में धमाल मचाकर अब तक कई मिथक थोड़ चुके हैं। अपने फैसलों व जनहित के कार्यों से उनकी लोकप्रियता बढ़ने के साथ वर्तमान में वह भाजपा के लकी चार्म बन चुके हैं। देश के किसी भी राज्य में चुनाव हो भाजपा आलाकमान उन्हें स्टार प्रचारक बनाकर वहां भेज देता है।
अपने पिता पुष्कर सिंह धामी की तरह उनके दोनों बेटे दिवाकर व प्रभाकर भी अपने-अपने क्षेत्रों में धमाल मचा रहे हैं। छोटे बेटे जहां खेलों में रुचि रखते हैं तो बड़े बेटे को संगीत से लगाव है। छोटा भाई प्रभाकर स्केटिंग में धमाल मचा रहा हैै तो बड़े भाई दिवाकर ने संगीत को अपना साथी बनाया है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के बड़े बेटे दिवाकर का एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिवाकर मनमोहक ढंग से गिटार बजा रहे हैं और साथ ही सुरीले अंदाज में ‘जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल आ जाए‘ गीत गा रहे हैं। उन्होंने इस गीत को अपने ही नये अंदाज में प्रस्तुत किया है। दिवाकर के अनुसार वह बचपन से ही संगीत के शौकीन हैं। गिटार के अलावा पियानो और ड्रम भी बजा लेते हैं।

सीएम ने की युवा एक्टर ऋषभ कोहली ने मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में देहरादून निवासी युवा बॉलीवुड एक्टर ऋषभ कोहली ने भेंट की। ऋषभ ने मुख्यमंत्री से अपनी आगामी फ़िल्म “कर्तम-भुगतम“ के संबंध में चर्चा की और उनसे आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री ने युवा अभिनेता को शुभकामनायें देते हुए कहा कि प्रदेश में फिल्मांकन के लिये फिल्मकारों को सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं। हमारा प्रयास राज्य के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य को देश एवं दुनिया में पहुंचाने का है। इसमें हमारे युवा फिल्मकारों को भी सहयोगी बनना होगा।

ऋषभ ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखंड में बहुत अच्छा वातावरण, संभावनाएं हैं तथा उत्तराखंड सरकार इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए अच्छा कार्य कर रही हैं।

इस अवसर पर एक्टर ऋषभ कोहली के पिता वरिष्ठ पत्रकार नीरज कोहली भी उपस्थित थे।

समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण-नवाजुद्दीन सिद्दीकी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भेंट की। नवाजुद्दीन सिद्दीकी उत्तराखण्ड में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। रोतु की बेली, चंबा, मसूरी एवं देहरादून में उनके द्वारा फिल्मांकन किया गया। उन्होंने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड में बहुत अच्छा वातावरण है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मांकन के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में हवाई, रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक रमणीक स्थल हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों में अच्छे होटल खुलें, इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। फिल्मों की शूटिंग के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता हेमन्त पांडे एवं फिल्म जगत के अन्य कलाकार मौजूद रहे।

फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिल्वर सिटी में सातवें देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता शूटिंग के लिए उत्तराखंड आ रहे हैं। फिल्म निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में फिल्मकारों के हित में फिल्मांकन की स्वीकृति हेतु ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध करायी गई है। अब एक सप्ताह में फिल्मांकन की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आने वाले समय में फिल्म मेकर्स का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून-दिल्ली एलिवेटेड एक्सप्रेस वे से दिल्ली से देहरादून का सफर महज दो से ढाई घंटे में किया जा सकेगा। उत्तराखण्ड अध्यात्म व योग की धरती है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो फिल्मांकन के लिये अनुकूल है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सुरेश गड़िया, फिल्म निर्माता निर्देशक मधुर भंडारकर, रोहित राय, करण प्रधान, अभिनेत्री रूपा गांगुली, दीपा चिखलिया, हास्य कलाकार एहसान कुरैशी आदि उपस्थित रहे।

तीर्थनगरी के छोटे पर्दे के कलाकार मनमोहन तिवारी ने की सीएम धामी से शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक जय भारती में मुख्य किरदार निभा रहे ऋषिकेश के मनमोहन तिवारी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उनके अभिनय को सराहा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जय भारती धारावाहिक बनाने के लिए दूरदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक सीमाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे रहे है। उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड के ऋषिकेश से छोटे पर्दे में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके और कई भोजुपरी व हिंदी फिल्मों में शानदार अभिनय कर चुके मनमोहन तिवारी जय भारती धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि मनमोहन तिवारी के रुप में सैनिकों के जीवन पर आधारित इस धारावाहिक में उत्तराखंड की भूमिका भी जुड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड फिल्मों व धारावाहिक की शूटिंग के लिए सबसे बेहतर स्थल है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड से जुड़े कलाकारों से अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अधिक से अधिक शूटिंग हो, इसका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। अपनी मातृभूमि के विकास के लिए सभी कलाकार अगर अपनी यूनिट को प्रेरित करेंगे तो निश्चित ही यह प्रयास सफल होंगे। वही अभिनेता मनमोहन तिवारी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जय भारती में किरदार निभाते हुए उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। सैनिक की पृष्ठभूमि और उनके संघर्षों को पर्दे पर जीना उन्हें लिए गौरव की बात है।

उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कई लोकप्रिय धारावाहिक और फिल्मों में कार्य किया जा रहा है। उनका प्रयास रहेगा कि इनकी शूटिंग उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर हो। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के लोग उत्तराखंड के लोगो को बहुत सम्मान देते है। जब उनके द्वारा लोगो को बताया जाता है कि वह उत्तराखंड से है तो युवा मुख्यमंत्री के रुप में महाराष्ट्र (मुम्बई) में श्री धामी के कार्याे की सराहना की जाती है। सिने जगत के लोग भी मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते है। उन्होंने सीएम धामी को मुम्बई आने का निमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर दयाशंकर पाण्डेय, विवेक तिवारी उपस्थित रहे।

सीएम से फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा ने की मुलाकात, फिल्म जान अभी बाकी का पोस्टर का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हम उत्साहित है कि दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखण्ड पसंदीदा शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। फिल्म निर्माताओं हेतु अनुकूल माहौल के तैयार करने के कारण राज्य को हर साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है। प्रत्येक वर्ष राज्य में 150 से अधिक फिल्मों की शूटिंग हो रही है। उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य, फिल्म शूटिंग हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, शूटिंग हेतु बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर, इज ऑफ फिल्मिंग, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद द्वारा दी जारी सुविधाएं राज्य को फिल्म निर्माताओं की पहली पसन्द बना रही है।

मुख्यमंत्री आवास में फिल्म निर्माता सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ के मोशन पोस्टर के विमोचन के अवसर पर फिल्म की टीम को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि फिल्म निर्माताओं से अनुरोध है कि वे अपनी फिल्मों में उत्तराखण्ड के प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ ही राज्य की अनूठी लोक संस्कृति व परम्पराओं के फिल्मांकन को भी प्राथमिकता दें। फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में शूटिंग के दौरान अधिक से अधिक स्थानीय प्रतिभाओं, फिल्म टेक्नीशियन व युवाओं को अवसर दें। उत्तराखण्ड में युवा प्रतिभाओं की कमी नही है। आशा है कि राज्य में फिल्म उद्योग के अधिक से अधिक विस्तार से स्थानीय प्रतिभाओं के लिए भी अवसर के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम फिल्म नीति का और भी अधिक आकर्षक बनाने पर कार्य कर रहे हैं, ताकि राज्य में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके। राज्य में फिल्म शूटिंग निःशुल्क कर दी गई है। फिल्म पॉलिसी में 1.5 करोड़ रूपये की सब्सिडी की व्यवस्था कर दी गई है।
गौरतलब है कि आइजेएम प्रोडक्शन प्रा. लिमिटेड के बैनर तले बनी निर्देशक सत्यजीत मिश्रा की फिल्म ‘‘जान अभी बाकी है’’ की 95 प्रतिशत शूटिंग उत्तराखण्ड के भीमताल, नौकुचियाताल, काठगोदाम, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, काशीपुर, बाजपुर में की गई है। फिल्म में काम कर रहे अभिनेता प्रांजल भी रुद्रपुर के निवासी है। फिल्म में अन्य कलाकार ब्रिजेन्द्र काला, स्वपनिल, राजेश जैस, रेशम टिपनिस है। फिल्म में लोकप्रिय संगीतकार अरिजीत सिंह, जुबिन नौटियाल में संगीत दिया है। फिल्म में उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध झोड़ा चांचरी और हिलजात्रा का भी फिल्मांकन किया गया है।
इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी भी उपस्थित थे।

नाना को पहाड़ी संस्कृति से सीएम ने कराया रुबरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर को पहाड़ी टोपी पहनाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। फिल्म नीति को और अधिक आकर्षक बनाया जा रहा है ताकि राज्य में अधिक से अधिक फिल्म निर्माता आयें। सिंगल विंडो सिस्टम से शूटिंग की अनुमति प्रदान की जा रही है। शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नही लिया जा रहा है। 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत उत्तराखण्ड राज्य ने मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट (स्पेशल मेंशन) पुरस्कार प्राप्त किया है।
फिल्म अभिनेता नाना पाटेकर ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मों की शूटिंग के लिए बहुत अच्छा है एवं फिल्मांकन के लिए वातावरण भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड के लोग बहुत अच्छे हैं, यहां के लोगों के व्यवहार में सौम्यता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग का उनका अच्छा अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि वे उत्तराखण्ड में अपना घर बनाना चाहते हैं। नाना पाटेकर उत्तराखण्ड में एक मराठी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं।