30 सीटर में 55 बच्चों को लेकर जा रही स्कूल बस पलटी, 15 बच्चें घायल

कहते है कि एक बस चालक सवारियों के लिए किसी फरिस्ते से कम नहीं होता है, क्योंकि उसके कंधों पर एक नहीं बल्कि कई लोगों की हिफाजत करने का जिम्मा होता है, लेकिन अगर यही चालक लापरवाही बरतता है, तो एक बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे बैठता हैै। एक ऐसा ही मामला लक्सर कोतवाली के समीप महाराजपुर कलां गांव में वूड्स इंटरनेशनल स्कूल के बस चालक का आया है। जिसने स्कूल बच्चों से भरी बस को अपनी लापरवाही का शिकार बना डाला।
मोबाइल पर बात कर रहे चालक ने 55 जिंदगियां खतरे में डाल दीं। बच्चों को लेकर आ रही निजी स्कूल की मिनी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गन्ने के खेत में पलट गई। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। हादसे में 15 बच्चे घायल हो गए। जबकि 40 बच्चों को हल्की चोट आई हैं। 30 सीटर मिनी बस में 55 बच्चों को बैठाया गया था। चीख पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बस की खिड़की तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला। घटना से नाराज अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए स्कूल में जमकर हंगामा किया है। बस में गंगदासपुर, पंडितपुरी, महाराजपुर गांवों के करीब 55 बच्चे सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही अभिभावक मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया। अभिभावकों ने घटना के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए जमकर हंगामा किया।
वहीं कोतवाली निरीक्षक टीएस राणा ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाएगी।

एक तरफ सुप्रीम कोर्ट का फैसला, दूसरी तरफ पुलिस से मदद की गुहार

जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है। वहीं रूड़की के एक जनाब अपनी बेगम को तीन तलाक देने की जिद पर अड़े है। लड़की के पिता ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि दामाद बेटी को तीन तलाक देने की जिद पर अड़ा है। बेटी तलाक नहीं चाहती। किसी तरह उसका घर संसार बसवा दो। जिस समय सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुना रहा था, उस समय यह पिता पुलिस से अपनी बेटी की शादी बचाने की गुहार लगा रहा था। पुलिस ने आरोपी पति को थाने में तलब किया है।
रूड़की के भगवानपुर थाने में खेलपुर निवासी तैय्यब ने बताया कि उसने अपनी बेटी का निकाह पिछले साल सितम्बर में सड़क दुधली सहारनपुर निवासी युवक के साथ किया था। शादी के तीन माह बाद 4 दिसंबर 2016 को पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। उसके दामाद ने उसकी बेटी को घर से निकाल दिया। उसकी बेटी उनके साथ ही रह रही है। दामाद हर रोज फोन पर कभी रुपयों की मांग करता है तो कभी तीन तलाक देने की धमकी देता है। इसी साल दो जनवरी को इस बावत थाना भगवानपुर में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि दामाद की ओर से लगातार धमकी दी जा रही है। लड़की के पिता ने पुलिस से किसी तरह से बेटी का घर बसाने की गुहार लगाई है। थाना भगवानपुर के इंचार्ज भगवान मेहर ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने में बुलवाया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। लड़की तलाक नहीं चाहती है।

दून में जुटेंगे देश व दुनिया के महाबली, देंगे जैव विविधता का संदेश

विश्व के महान ताकतवर लोगों को अब आप देहरादून में एक साथ देख पाएंगे। यह पहला मौका है जब स्ट्रांग मैन इंडिया की ओर से देश के साथ ही उत्तराखंड में पहली बार एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन 2017 चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इसमें भारत सहित दस देशों के प्रतिभागी एशिया स्ट्रॉन्गेस्ट मैन का खिताब जीतने के लिए दम लगाएंगे।
यह स्पर्धा उन 16 वर्ल्ड चैंपियनशिप का हिस्सा है, जो स्ट्रॉन्गेस्ट चैंपियंस लीग कराती हैं। इसमें व्यक्ति के शारीरिक बल की परीक्षा होती है। बेहतर टाइमिंग और सबसे ज्यादा वजन उठाने वाले को विजेता घोषित किया जाता है। इस चैंपियनशिप के माध्यम से वन, जैव विविधता व जीवन बचाने बचाने का संदेश भी दिया जाएगा। इसके लिए सभी प्रतिभागी हरे रंग की टी-शर्ट पहनकर मैदान में उतरेंगे।
स्ट्रांग मैन इंडिया के सीईओ अर्जुन गुलाटी ने बताया कि इसमें दस देशों के 30 खिलाड़ी अलग-अलग वेट कैटेगरी में अपने शारीरिक बल का प्रदर्शन करेंगे। चैंपियनशिप का आयोजन 26 व 27 अगस्त को रेंजर्स ग्राउंड में किया जाएगा। यह चैंपियनशिप 90 किग्रा वर्ग, 105 किग्रा वर्ग व ओपन वर्ग में करायी जायेगी। चैंपियनशिप में भारत, ईरान, मलेशिया, थाईलैंड, स्कॉटलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील व इजरायल देश के स्ट्रांगमैन शामिल होंगे। विजेताओं में प्रथम पुरूस्कार वाले को 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरूस्कार में 50 हजार रुपये व तृतीय पुरूस्कार वाले को 30 हजार रुपये की ईनामी राशि दी जायेगी।

डंपर से टकराई कैफियत एक्सप्रेस, पांच दिन में यूपी की दूसरी घटना

यूपी में पांच दिन पूर्व हुए रेल हादसे को अभी हफ्ता भर नहीं हुआ था कि एक और रेल हादसा होने की खबर आई है। यह हादसा कानपुर और इटावा के बीच औरैया जिले में हुआ। आजमगढ़ से दिल्ली आ रही 12225 (अप) कैफियत एक्सप्रेस औरैया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। फाटक पर देर रात ट्रेन एक डंपर से टकरा गई। उत्तरी-मध्य रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक दुर्घटना की वजह से ट्रेन के इंजन सहित 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना में 21 लोगों के घायल होने की खबर है। जिनमें से दो यात्री बुरी तरह से घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य पूरा हो चुका है। इससे पूर्व शनिवार को मुजफ्फरनगर के खतौली में रेल हादसा हुआ था जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी. दुर्घटना में घायल 14 लोगों को औरैया सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। सूचना मिलते ही दिल्ली से मेडिकल रिलीफ ट्रेन भी मौके के लिए रवाना कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के बड़े अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए थे।
घायलों की मदद के लिए औरैया, इटावा और कन्नौज से एंबुलेंस और पुलिस बल मंगा लिए गए हैं। राहत कार्य के लिए लखनऊ से एनडीआरएफ की एक टीम भी रवाना हो चुकी है। उधर आजमगढ़ में रेल दुर्घटना की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों के परिजन अपनों की सलामती की खबर पता करने स्टेशन पहुंचने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह ट्रेन हादसा रात करीब 2 बजकर 40 मिनट पर हुआ। बताया जा रहा है कि ट्रेन एक डंपर से टकरा गई। अछल्दा और पाता रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे क्रॉसिंग पर रेल फाटक पार कर रहे एक डंपर से ट्रेन का इंजन टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। बताया जा रहा है कि डंपर चला रहे ड्राइवर को नींद आ जाने के चलते यह भीषण दुर्घटना घटी। दुर्घटना के वक्त डंपर में रेत भरी हुई थी।

मणिपुर के पूर्व सीएम रिशांग नहीं रहे

पहली लोकसभा के सदस्य व मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री रिशांग किशिंग का 22 अगस्त को दिन मंगलवार को निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि उनके कई अंगों के काम करना बंद कर दिया था जिस कारण मंगलवार शाम करीब सवा आठ बजे किशिंग का निधन हो गया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता किशिंग वर्ष 1980 से 1988 और वर्ष 1994 से 1997 के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री रहे थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार में दो बेटे और चार बेटियां हैं। उखरूल जिले के बुंगपा गांव के रहने वाले किशिंग वर्ष 1952 के आम चुनावों में लोकसभा के लिए चुने गये थे।उन्होंने राज्यसभा में भी मणिपुर का प्रतिनिधित्व किया था।
दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर शोक जाहिर किया और उन्हें मणिपुर का ‘बड़ा नेता’ बताया। जिनका मानवता, सामाजिक सौहार्द और साफ-सुथरी राजनीति में यकीन था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर दुख जताया।
मणिपुर सरकार ने किशिंग के सम्मान में बुधवार को सभी सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की घोषणा की है। मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने भी उनके निधन पर दुख प्रकट किया। उनके निधन पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्विटर के जरिये शोक प्रकट किया।

पोर्न मूवी में अपनी वीडियों देखकर क्यों सहम जाता था 15साल का लड़का

देश में ताजनगरी के नाम से महशूर आगरा के थाना छत्ता की की महिला ट्यूटर ने अपनी बहन और भाई के साथ मिलकर थाना हरीपर्वत क्षेत्र के रहने वाले 10वीं के छात्र का नौ महीने तक यौन शोषण किया। उसे कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर नशे की गोलियां दी जाती थीं। ब्लू फिल्म दिखाई जातीं फिर उससे संबंध बनाए जाते। मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया जाता था। इतना ही नहीं फिर उसेे सोशल मीडिया में शेयर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था। उससे उसके ही घर में चोरी कराई गई। नौ महीने में लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात उससे मंगवाए गए लेकिन 18 अगस्त को उसकी चोरी कैमरे में कैद होने से उसके परिवार को पता लग गया।
उस लड़के का कसूर बस इतना था कि उसका पिता एक बड़े सराफा कारोबारी हैं। पता लगने पर उन्होंने ट्यूटर, उसकी बहन और भाई के खिलाफ यौन शोषण की धारा और पॉक्सो एक्ट में हरीपर्वत थाने में नामजद केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि घर से लगातार हो रही चोरी से वह परेशान थे। तभी बेटा 64000 रुपये चोरी करते कैमरे में कैद हो गया। वह बेहद तनाव में था। डिप्रेशन में आ चुका था। गुमसुम रहता था। उसे विश्वास में लेकर पूछताछ की, तो उसने ट्यूटर की शर्मनाक करतूत बयां की।
छात्र ने बताया कि वह जिस ट्यूटर के पास पढ़ने जाता है, उसकी बहनें भी ट्यूशन पढ़ाती हैं। जब से उन्हें पता चला कि वह अमीर परिवार से ताल्लुक रखता है, तभी से उनके दिमाग में पैसा ऐंठने की साजिश आ गई। उसे ट्यूटर की बड़ी बहन ही ट्यूशन पढ़ाने लगी। बाद में दूसरी बहन भी आ गई।
दोनों ने एक दिन उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए दी। इसमें नशे की गोलियां डाल दीं। इसके बाद उसे पोर्न मूवी दिखाई। छात्र ने बताया, इसके बाद क्या हुआ, वह बहुत गंदी बात है, उसे बताने में भी शर्म आती है। वह रोने लगा लेकिन तभी उन दोनों बहनों के भाई ने मोबाइल में उसे एक वीडियो क्लिप दिखाई।
इसमें खुद को उसकी बहनों के साथ देखकर वह डर गया। उसे धमकी दी गई कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना, तो यह क्लिप व्हाट्स ऐप और फेसबुक पर डाल दी जाएगी। इसके बाद उसके साथ कई बार वही घटनाक्रम दोहराया गया, कोल्ड ड्रिंक में नशा… पोर्न मूवी… और…।
वे तीनों उससे पैसा लाने के लिए कहते रहे। वह कभी कैश लाता तो कभी जेवरात। लगभग आठ लाख कैश और 25 लाख के जेवरात लाकर दिए। इस पैसे से वह ऐश करते रहे। थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि जांच शुरू की जा चुकी है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

काशीपुर की शायरा बानो के मजबूत इरादे से जगी आस

तीन तलाक के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाली शायरा बानो उत्तराखंड की बेटी है। शायरा उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली है। उनका निकाह साल 2002 में इलाहाबाद के रिजवान अहमद से हुई थी। ससुराल वालों की दहेज प्रताड़ना, फिर पति के तलाक देने के बाद शायरा बानो कोर्ट पहुंचीं। आरोप है कि पति शायरा बानो को लगातार नशीली दवाएं देकर याददाश्त कमजोर कर दिया और साल 2015 में मायके भेजकर तलाक दे दिया था। मार्च, 2016 में उतराखंड की शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके तीन तलाक, हलाला निकाह और बहु-विवाह की व्यवस्था को असंवैधानिक घोषित किए जाने की मांग की थी।
शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि वह तीन बार तलाक बोलकर तलाक देने की बात को नहीं मानती हैं। शायरा की याचिका में मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की धारा 2 की वैध्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं। यही वह धारा है जिसके जरिये मुस्लिम समुदाय में बहुविवाह, तीन तलाक (तलाक-ए-बिद्दत) और निकाह-हलाला जैसी प्रथाओं को वैध्यता मिलती है। इनके साथ ही शायरा ने मुस्लिम विवाह विघटन अधिनियम, 1939 को भी इस तर्क के साथ चुनौती दी है कि यह कानून मुस्लिम महिलाओं को बहुविवाह जैसी कुरीतियों से संरक्षित करने में सार्थक नहीं है।
देश की सर्वोच्च अदालत में पांच धर्मों के जस्टिस मिलकर शायरा बानो के मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस मामले पर फैसला सुनाने वाले जजों में चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल रहें।

ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, लगी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए एक बार में तीन तलाक पर अगले छह महीने तक के लिए रोक लगा दी है। संसद जब तक इस पर कानून नहीं लाती तब तक ट्रिपल तलाक पर रोक रहेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को संसद में इसे लेकर कानून बनाने के लिए कहा है। इससे पूर्व 11 से 18 मई तक रोजाना सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम समुदाय में शादी तोड़ने के लिए यह सबसे खराब तरीका है। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या जो धर्म के मुताबिक ही घिनौना है। वह कानून के तहत वैध ठहराया जा सकता है? सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि कैसे कोई पापी प्रथा आस्था का विषय हो सकती है.
दरअसल, शायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। इस पर शायरा का तर्क था कि तीन तलाक न तो इस्लाम का हिस्सा है और न ही आस्था। उन्होंने कहा कि उनकी आस्था ये है कि तीन तलाक मेरे और ईश्वर के बीच में पाप है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी कहता है कि ये बुरा है, पाप है और अवांछनीय है।
इस खंड पीठ में सभी धर्मों के जस्टिस शामिल हैं जिनमें चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल हैं।

विवादित बयान मामले में केजरीवाल ने कोर्ट में मांगी माफी

अपने विवादित बयानों के लिये जाने जाते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा से बीजेपी सांसद अवतार सिंह भड़ाना से पटियाला हाउस कोर्ट में लिखित में माफी मांगी है। पटियाला हाउस कोर्ट में भड़ाना ने केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। साथ ही एक करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की थी। सांसद भड़ाना का आरोप है कि केजरीवाल ने उनके संबंध में 31 जनवरी 2014 को एक आपत्तिजनक बयान दिया था। जिसमें उन्होंने कहा कि भड़ाना देश के सबसे भ्रष्ट व्यक्तियों में से एक हैं। इस आपत्तिजनक बयान से भड़ाना को मानसिक क्षति पहुंची है। भड़ाना ने कहा कि वे समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। इस टिप्पणी से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने केजरीवाल को लीगल नोटिस भेज कर अपने बयान को वापस लेने व माफी मांगने की मांग की थी। मगर, केजरीवाल की ओर से ऐसा नहीं किया गया।
सोमवार को कोर्ट में केजरीवाल ने भड़ाना से लिखित मे माफी मांगी है कि अपने सहयोगी के बहकावे में आकर उन्होंने भड़ाना पर आरोप लगा दिए थे। बाद में पता चला कि वो आरोप सही नहीं है, इसलिए वो माफी मांग रहे है। उन्होंने अपने लिखित हलफनामें में कहा है कि उनका भड़ना पर इस तरह के आरोपों को लगा कर उनकी इमेंज को खराब करने का कोई मकसद नही था।

खामियों के चलते अपडेट होंगी एनसीईआरटी की पुस्तकें

एनसीईआरटी की पुस्तको में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने बताया कि एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित स्कूली टेक्स्टबुक की चल रही समीक्षा के दौरान इन किताबों में 1,300 से ज्यादा तथ्यों की गलतियां पाई गई हैं। एनसीईआरटी ने एक के बाद एक पुस्तकों में गलतियों को देखते हुए पुस्तकों को रिव्यू करने का फैसला लिया है, क्योंकि उनका कहना है, सभी पुस्तकें काफी समय पहले लिखी गई थी और अब इन्हें अपडेट करने की जरूरत है।
बतादें इससे पहले एनसीईआरटी की 54वीं काउंसिल बैठक में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने किताबों को लेकर एक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में सिसोदिया ने किताबों के चौप्टर, प्रेजेंटेशन और भाषा पर आपत्ति जताई है। काउंसिल बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर और कई राज्यों के शिक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। उस दौरान ज्यादातर राज्यों के अधिकारियों ने किताबों में बदलाव का सुझाव दिया था। उस समय मीडिया से बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि देश के सारे बच्चे एनसीईआरटी की किताब पढ़ते हैं। इन किताबों में बहुत गलतियां हैं, जिसे लेकर बैठक में चर्चा हुई कि किताब में किसी चौप्टर को रखने का मकसद, उसकी भाषा या प्रिजेंटेशन कैसा हो। उनका कहना है कि किताब लिखते वक्त सिर्फ बच्चों के बारे में सोचना चाहिए।