मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया औली मैराथन प्रतियोगिता का उद्घाटन

उत्तराखंड स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन एवं स्काई रनिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में जोशीमठ में राष्ट्रीय स्तर की दो दिवसीय मैराथन प्रतियोगिता शनिवार से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ नरसिंह एवं नव दुर्गा मंदिर प्रांगण से मैराथन प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जोशीमठ औली में मैराथन सहित अन्य साहसिक और रोमांचक खेल प्रारंभ होने पर हार्दिक बधाई एंव शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज जोशीमठ औली से हिमालयन मैराथन, फन रेस सहित अन्य खेलों का शुभारंभ होना हमारे लिए गौरव की बात है। हम लगातार उत्तराखंड में ऐसे कार्य, धरातल पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे यहां के पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिले। उन्होंने जोशीमठ में इस भव्य आयोजन के लिए सभी आयोजकों एवं इसमें भाग लेने वाले देश विदेश के सभी खिलाड़ियों को भी ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के शुरुआती दिनों में जोशीमठ को लेकर जो भय का माहौल बनाया जा रहा था, आज सब सामान्य है। सरकार ने इस स्थिति से उभरने के लिए सकारात्मक काम किए हैं। इसी का परिणाम है कि 22 अप्रैल से शुरू होने वाली हमारी चारधाम यात्रा के लिए 11.30 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा इस बार पिछले वर्षों से अधिक संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के तीर्थ धाम में दर्शन के लिए पहुंचेंगे और पिछले वर्षों के सारे रिकॉर्ड पीछे छूट जाएंगे।
जोशीमठ में आयोजित मैराथन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के पर्यटकों को संदेश देते हुए आश्वस्त किया कि औली और जोशीमठ पूरी तरह से सुरक्षित है और चार धाम यात्रा के लिए तैयार है। जोशीमठ में आयोजित यह भव्य मैराथन इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बर्फ ना गिरने के कारण औली में विंटर्स गेम नहीं हो सके, लेकिन आज जोशीमठ में मैराथन के भव्य आयोजन के बाद सभी काम अच्छे होंगे। चारों धामों की पवित्र यात्रा शुरू होने जा रही है। देवभूमि उत्तराखंड सभी तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार है।
स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि औली मैराथन के अंतर्गत स्काई रनिंग और स्काई अल्ट्रा रेस का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें उत्तर प्रदेश उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक एथलीट प्रतिभाग कर रहे हैं। जोशीमठ क्षेत्र के विद्यालय एवं ग्राम सभाओं के लोग भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनवरी माह में जोशीमठ आपदा और औली में कम बर्फबारी के कारण विंटर गेम्स का आयोजन संभव न होने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हुआ है। सुरक्षित जोशीमठ का संदेश पहुंचाने और पर्यटन व्यवसाय को उभारने के लिए औली मैराथन का आयोजन किया जा रहा है।
औली मैराथन के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट, कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, बीजेपी के जिला अध्यक्ष रमेश मैखुरी, जोशीमठ नगर पंचायत अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार, ब्लाक प्रमुख हरीश पंवार, गोपेश्वर नगर पालिका अध्यक्ष पुष्पा पासवान, कर्णप्रयाग नगर पालिका अध्यक्ष दमयंती रतूड़ी, स्थानीय जन प्रतिनिधि विनोद कपरवान, ऋषि प्रसाद सती, नितेश चौहान, माधव प्रसाद सेमवाल, रिपुदमन सिंह रावत, अतुल शाह, रोहणी रावत, जगदंबा प्रसाद उनियाल आदि सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल, सीडीओ डा. ललित नारायण मिश्र एवं अन्य अधिकारी व बडी संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री से कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने की मुलाकात

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान डा. अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को चारधाम यात्रा में आने का निमंत्रण भी दिया। साथ ही ऋषिकेश विधानसभा में सेना में जाने को इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग भी की।
नई दिल्ली में हुई मुलाकात में डा. अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को राज्य में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार का लाभ जनता को मिल रहा है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने ऐसा नकल विरोधी कानून लागू किया है, वह पूरे देश में नजीर पेश करेगा। बताया कि इस कानून के जरिए राज्य में अब नकल माफियाओं की कमर टुटी है।
डा. अग्रवाल ने बताया कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य राज्य है। यहां सेना में जाने के लिए युवाओं में जोश रहता है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह को ऋषिकेश विधानसभा में युवाओं के लिए सेना में जाने के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग की। जिस पर केंद्रीय मंत्री जी ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

शिक्षण कार्य पेशा नहीं बल्कि एक पवित्र नैतिक कर्तव्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को शिमला बाईपास रामगढ़ में जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल का शुभारम्भ किया। देश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान देने वाले जी.डी. गोयन्का पब्लिक स्कूल समूह के विद्यालय से उत्तराखण्ड को जोड़ने के लिए स्कूल के संस्थापक कुलानन्द नौटियाल को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आशा है कि यह संस्थान भविष्य में सफलता के नवीन आयाम स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी संस्कृति में शिक्षक अपने काम को केवल एक पेशा मात्र नहीं मानते, उनके लिए पढ़ाना एक मानवीय संवेदना है, एक पवित्र नैतिक कर्तव्य है, इसीलिए हमारे यहां शिक्षक और बच्चों के बीच प्रोफेशनल रिश्ता नहीं होता, बल्कि एक पारिवारिक रिश्ता होता है तथा यह संबंध जीवन भर का होता है। हमारी संस्कृति में शिक्षा ग्रहण करने का अर्थ केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें हम स्वयं की और अपने अस्तित्व की खोज करते हैं। एक व्यक्ति के रूप में हमारे सर्वांगीण विकास और हमारे समाज के निर्माण में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसके अंतर्गत देश में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्तमान समय के अनुसार, नई शिक्षा नीति को हमारे सम्मुख रखा गया है। नई शिक्षा नीति से स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा को नए आयाम प्राप्त होंगे, इससे सभी वर्ग के लोगों को समानता के आधार पर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। स्कूली स्तर पर ’’कौशल विकास’’ से युवा कुशलता के साथ कार्य करने में सक्षम होंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से रोजगार परख शिक्षा मिलेगी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अलग से तैयारी नही करनी पड़ेगी। साथ ही इससे शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और मेरा मानना है कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने में नई शिक्षा नीति कारगर साबित होगी। आप सभी को यह बताते हुए मुझे अत्यन्त प्रसन्नता हो रही है कि उत्तराखंड देश का प्रथम राज्य है जिसने स्कूली शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2022 को लागू किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आप सभी देश के भविष्य हैं, उत्तराखण्ड व देश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है और पूर्ण विश्वास है कि आप सभी अपना यह कर्तव्य पूर्ण समर्पण और मनोयोग के साथ पूर्ण करेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा धन सिंह रावत, विधायक यमुनोत्री संजय डोभाल, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, जी डी गोयनका समूह के एमडी निपुन गोयनका, संस्थापक कुलानन्द नौटियाल, शिक्षकगण, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

पर्यटन गतिविधियां अधिक से अधिक संचालित करने पर जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन से सम्बन्धित अधिक से अधिक गतिविधियां शामिल करने हेतु संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टिकोण से जलक्रीड़ा और हवाई क्रीड़ाओं के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, जो रोजगार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पौड़ी के रांसी स्टेडियम सहित पिथौरागढ़ और टिहरी में स्थित अत्यधिक ऊंचाई में स्थित खेल के मैदानों को हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग ग्राउंड के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध भूमि खंड के अनुरूप छोटे बड़े गोल्फ कोर्स विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक संभव गतिविधियों को शामिल किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों में रस्सी से बंधे हुए गर्म गैस के गुब्बारों के माध्यम से हवाई दृश्यों को दिखाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर के दर्शन बंधे गैस के गुब्बारों के माध्यम से कराए जाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि हिमालय दर्शन योजना को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, हाईएंड टूरिस्ट के लिए ब्रेकफास्ट योजना को अधिक से अधिक स्थानों से संचालित किए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि खेल विभाग के माध्यम से साहसिक खेलों के लिए प्रामाणिक पाठ्यक्रम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक प्रशिक्षित युवा आ सकें। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी जमीन को लीज पर देने के लिए पॉलिसी में बदलाव की आवश्यकता है तो की जानी चाहिए, ताकि लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जुड़ने में आसानी हो।
इस अवसर पर सचिव सचिव कुर्वे, अपर सचिव पर्यटन और नागरिक उड्डयन सी. रविशंकर सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

वनो को रोजगार से जोड़ने पर जोर, मुख्य सचिव ने दिये निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने पर बल देते हुए कहा कि प्रदेश में वन क्षेत्र की अधिकता को देखते हुए इसे रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में चिड़ियाघर, नेचर पार्क, ईको पार्क, वानस्पतिक उद्यान आदि विकसित कर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाई जा सकती हैं। इन गतिविधियों में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को शामिल कर रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि ईको टूरिज्म में रोजगार सृजन की अत्यधिक क्षमता है। इसमें अधिक से अधिक लोग जुड़ सकें इसके लिए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल अपनाया जाए। उन्होंने वन विभाग को इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार किए जाने हेतु निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांश, सचिव सचिन कुर्वे, विजय कुमार यादव एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

आयोग की नकलची अभ्यर्थियों पर बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग हरिद्वार ने जेई भर्ती पेपर लीक में शामिल 61 अभ्यर्थियों पर पांच साल का बैन लगा दिया है। इन सभी को कारण बताओ नोटिस भेजे गए थे। कुछ ने जवाब दिया था, जबकि बाकी ने नहीं दिया था। अब ये सभी आयोग की किसी भी परीक्षा में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (प्रोसिजर एंड कंडक्ट ऑफ बिजनेस) रूल्स-2013 के बिंदु 23-ए के उप बिंदु 14 के तहत इन सभी को परीक्षाओं से पांच साल के लिए प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद आयोग को पुलिस ने जेई भर्ती परीक्षा पेपर लीक में शामिल 49 अभ्यर्थियों की सूची दी, जिसे आयोग ने दो मार्च को वेबसाइट पर जारी करते हुए बताया कि सभी को कारण बताओ नोटिस भेजकर परीक्षाओं से डिबार करने की प्रक्रिया चल रही है। पेपर लीक के आरोपी अभ्यर्थी जवाब नहीं दे रहे थे। आयोग जेई भर्ती के पेपर लीक में शामिल सभी 61 अभ्यर्थियों को पांच साल के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया गया। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत ने बताया, ये सभी उम्मीदवार अब आयोग की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। माना जा रहा है कि जल्द ही पटवारी/लेखपाल भर्ती मामले में आयोग कोई बड़ा फैसला ले सकता है।

सेन्टर को किराये पर लेकर कराई थी नकल, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

यूकेएसएसएससी भर्ती परीक्षा धांधलियों में एसटीएफ ने मंगलवार को 56वां आरोपी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी वन दरोगा भर्ती घपले में हुई। ऑनलाइन हुई परीक्षा में हरिद्वार में एक संस्थान की कंप्यूटर लैब किराये लेने वाले को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि इस सेंटर में कई आरोपियों को नकल कराई गई।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि स्नातक स्तरीय परीक्षा 2021, सचिवालय रक्षक भर्ती परीक्षा, वन दरोगा भर्ती परीक्षा और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी चयन परीक्षा 2016 में हुई धांधली को लेकर दर्ज चार अलग-अलग केसों की जांच एसटीएफ कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वन दरोगा के 316 पदों के लिये एनएसईआईटी कंपनी से ऑनलाइन परीक्षा 16 जुलाई 2021 से 25 जुलाई 2021 तक राज्य में 31 केंद्रों पर कराई। करीब 85 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इनमें 620 आवेदक पास घोषित हुए। जिनका फिजीकल होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित होना था। परीक्षा में गड़बड़ी मिलने पर रायपुर थाने में केस दर्ज हुआ है। इसमें अब तक प्रशांत, रविन्द्र, अश्वनी कुमार और कंप्यूटर लैब टेक्निशियन सचिन गिरफ्तार हुए हैं। एसटीएफ जांच में सामने आया कि हरिद्वार स्थित स्वामी दर्शनानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज के परीक्षा केंद्र को प्रवीण कुमार राणा पुत्र जगबीर सिंह निवासी देवनगर थाना सोनीपत हरियाणा ने किराये पर लिया था। उसे पूछताछ के लिए एसटीएफ कार्यालय बुलाकर वहां से गिरफ्तार कर लिया गया।

केन्द्र की सौगात, परंपरागत कृषि के तहत राज्य को मिली धनराशि

कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत उत्तराखंड को 23 करोड़ 28 लाख 60 हजार 200 रुपए की राशि निर्गत की गई है। उत्तराखंड को ये राशि सामान्य श्रेणी में द्वितीय किश्त में 3935 पीकेवीवाई क्लस्टर के साथ ही आकांक्षी जिलों के 10 कलस्टर में परंपरागत कृषि विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए निर्गत की गई है।
ग्राम्य विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत उत्तराखंड को वित्तीय इंसेंटिव के रूप में 34 करोड़ 66 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। ये राशि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पहले से निर्मित सड़कों के रखरखाव पर खर्च की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उक्त वित्तीय स्वीकृतियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

नकल माफिया की संपत्ति का मूल्यांकन, कुर्क करने की तैयारी शुरु

नकल माफिया की कमर तोड़ने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक और कड़ा कदम उठाया है। पटवारी और एई-जेई पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी संजीव चतुर्वेदी समेत कुल पांच नकल माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) में कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके तहत इनकी कुल 75 लाख 60 हजार की सम्पत्ति का मूल्यांकन किया गया है।

भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ राज्य की धामी सरकार लगातार कठोर कदम उठा रही है। अब तक 80 से ज्यादा आरोपितों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। राज्य के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिहाज से देश का सबसे सख्त नकल रोधी कानून भी उत्तराखंड में लागू कर दिया गया है।
इसी क्रम में राज्य सरकार ने पटवारी एवं एई-जेई की परीक्षा में धांधली करने वालों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। इस मामले के मास्टर माइंड संजीव चतुर्वेदी, रितु चतुर्वेदी सहित गैंग के कुल 5 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट में कार्यवाही करते हुए इनकी कुल 75 लाख 60 हजार की सम्पत्ति का मूल्यांकन कर लिया गया है। हरिद्वार के थाना कनखल में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्यवाही करते हुए नकल माफिया संजीव चतुर्वेदी व रितु चतुर्वेदी सहित गैंग से जुड़े 05 सदस्यों की चिन्हित सम्पत्ति में 4,150,000/- (इकतालीस लाख पचास हजार रुपये) नगदी व 3,412,000/- (चौंतीस लाख बारह हजार रुपये) कीमत के प्लॉट शामिल हैं। साथ ही सम्पत्ति जब्तिकरण (Property Attachment) के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार को रिपोर्ट प्रेषित की गई है।

अभियुक्तों का विवरण जिन पर धारा 14(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की जा रही है-

1- संजीव चतुर्वेदी पुत्र त्रिपुरारी निवासी मौहल्ला कदम्भ चौराहा बड़ी मठिया के सामने थाना सदर जिला बलिया उ.प्र. हाल निवासी भगीरथ आवासीय परिसर, टाईप-03, एफ-4 लोक सेवा आयोग कनखल हरिद्वार

2- रितु चतुर्वेदी पत्नी संजीव चतुर्वेदी निवासी उपरोक्त

3- राजपाल पुत्र स्व. फूल सिंह निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौड़ी थाना गागलहेड़ी, जिला सहारनपुर, उ.प्र.

4- संजीव कुमार दुबे पुत्र स्व. मांगेराम निवासी उपरोक्त

5- रामकुमार पुत्र सुग्गन निवासी सेठपुर लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड।

छात्रों को मेडल और उपाधि देकर गौरवान्वित महसूस कर रहा-शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय हरिद्वार के 113 वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर 99 विद्यार्थियों को स्नातक, 100 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर, 56 विद्यार्थियों को पी.एच.डी की उपाधि प्रदान की। 83 विद्यार्थियो को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालय से उपाधि प्राप्त कर शिक्षार्थी नये जीवन की शुरूवात करने जा रहे है। गुरूकुल कांगड़ी संस्थान की नींव स्वामी श्रद्धानन्द ने रखी, महर्षि दयानन्द के सिद्धान्तों पर यहां शिक्षा का अविरल प्रवाह चलता है। आज यह विश्वविद्यालय महान वटवृक्ष बनकर समग्र देश और दुनिया को महर्षि दयानन्द का संदेश और हमारी पौराणिक शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ा रहा है। यहां की शिक्षा पद्धति का महत्व देखकर ही महात्मा गांधी, राजेन्द्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मोरारजी देसाई जैसे अनेक महानुभावों ने इस पूण्य भूमि की शिक्षा व्यवस्था को बल देने का कार्य किया। आज जो बैच शिक्षा पूर्ण कर जा रहा है, यह बैच आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष एवं स्वामी दयानन्द सरस्वती के 200वें जन्म वर्ष का बैच है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज 1800 विद्यार्थी शिक्षा की दीक्षा प्राप्त कर नये जीवन में प्रवेश करेंगे। यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद राष्ट्र के लिए योगदान की शुरूवात करने वाले हैं। यह भूमि वह भूमि है जहां से वैदिक शिक्षा को बढ़ावा मिला। स्वामी दयानन्द का संदेश स्वामी श्रद्धानन्द ने हुबहू जमीन पर उतारने का कार्य किया। उन्होंने शिक्षा को अंग्रेजी की चंगुल से बाहर निकालने के लिए हमारी परम्परागत शिक्षा पद्धति को नई ऊर्जा देने के लिए वैदिक मूल्यों, प्राचीन भारतीय संस्कृति, वेदों और उपनिषदों का ज्ञान, ब्रहमाण्ड का विज्ञान एवं आधुनिक विषयों को जोड़कर शिक्षा को परिपूर्ण बनाने का कार्य किया। विश्वविद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता के साथ 800 से अधिक शोधपत्र रजिस्टर किये गये हैं, यह सराहनीय कदम है। वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा के संगम का कार्य गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय ने किया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से कहा कि महर्षि दयानन्द के संदेश को अपने मन से लगा कर रखें। उनके बताये गये रास्ते पर चलने का प्रयास करें।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में नई शिक्षा नीति लाये हैं, इसमें दयानन्द जी की शिक्षा की दृष्टि है, श्रद्धानन्द का वेद और विज्ञान की शिक्षा के समन्वय का संदेश है, महात्मा गांधी का मातृभाषा में शिक्षा का संदेश, यह शिक्षा नीति चरितार्थ करती है, लाला लाजपराय का शिक्षा सभी के लिए का संदेश भी यह शिक्षा नीति जमीन पर उतार रही है। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक शिक्षा मातृभाषा में होगी। त्रिभाषा का सूत्र भी दिया है और आने वाले दिनों में मातृभाषा से पढ़े हुए छात्र समग्र देश एवं विश्व का कल्याण करे, इस प्रकार का रास्ता प्रशस्त किया गया है। नई शिक्षा नीति को स्ट्रीमलेस और क्लासलेस बनाया गया है। मल्टिपल एन्ट्री, मल्टिपल एक्जिट शिक्षा नीति का विशेष अंग है। एक साल की पढ़ाई में सर्टिफिकेट, दो साल की पढ़ाई में डिप्लोमा, तीन साल की पढ़ाई में डिग्री मिलेगी और चार साल की पढ़ाई करेंगे तो रिसर्च मिल जायेगा। हर स्तर पर विद्यार्थी एंट्री भी कर सकता है और एक्जिट भी कर सकता है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि युवाओं को एक ऐसा प्लेटफार्म मिल जाए, जिस पर हमारे युवा खड़े होकर विश्व के युवाओं के साथ स्पर्धा कर सके और मां भारती का यशोगान पूरे विश्व के अन्दर हो।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्टार्ट अप इंडिया के माध्यम से देश में युवाओं को अनेक मौके सृजित किये गये हैं। 2016 में देश में 724 स्टार्ट अप थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 70 हजार से अधिक हो गई है। 10 हजार से अधिक स्टार्ट अप कोरोनाकाल में बने। 44 प्रतिशत स्टार्ट अप महिलाओं के द्वारा चलाये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और भारतीयता दोनों के गौरव को विश्वभर में बुलंद करने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री अमित शाह का देवभूमि की समस्त देवतुल्य जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए बड़े गर्व का विषय है कि हमारे बीच गृहमंत्री के रूप में देश के एक ऐसे नेता उपस्थित हैं, जिनके अथक प्रयासों से और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आज सम्पूर्ण भारत आंतरिक रूप से जहां एक ओर अपने आपको सुरक्षित अनुभव करता है, वहीं दूसरी ओर अपने आपको पहले से अधिक संगठित एवं आत्मविश्वास से भरा हुआ अनुभव करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से धारा-370 खत्म करने में सफलता भी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने गुरूकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय को दीक्षांत समारोह की बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड में ज्ञान की अविरल गंगा को प्रवाहित करने वाले इस संस्थान में उपस्थित होकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। महान शिक्षाविद् स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने जो यह अद्भुत धरोहर मां भारती को सौंपी थी, उसका हिस्सा बनना और आप सभी साथियों से जुड़ना, मेरे लिए प्रेरक भी है और आनंददायक भी है। स्वामी श्रद्धानन्द ऐसे संन्यासी थे, जिन्होंने स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार किया। वह भारत के उन महान राष्ट्रभक्त सन्यासियों में अग्रणी थे, जिन्होंने अपना जीवन स्वाधीनता, स्वराज्य, शिक्षा तथा वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया था।
इस अवसर पर कुरूकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सत्यपाल सिंह, कुलपति प्रो. सोमदेव शंतांशु, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, डॉ. कल्पना सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक मदन कौशिक, आदेश चाहान, संतगण एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।