उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने 824 स्वास्थ्य महिला कार्यकर्ता का रिजल्ट जारी

स्वास्थ्य विभाग में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 824 पदों पर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया है।
रोजगार सृजन की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में गत दिनों स्वास्थ्य विभाग में 824 स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया उत्तराखंड चिकित्सा चयन बोर्ड के स्तर से प्रारंभ की गयी थी। अब इस परीक्षा का अंतिम रिजल्ट जारी कर दिया गया है। 824 पदों पर अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मिलने से उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊर्जा प्रदान होगी। दरअसल, राज्य के पर्वतीय जिलों में पैरामेडिकल स्टाफ की भी निरंतर कमी बनी हुई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के सेवाओं में आने से अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होने के साथ ही आमजन को भी काफी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग की ओर से तमाम रिक्त पदों पर भर्ती के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार के मुताबिक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर नई भर्ती से पर्वतीय क्षेत्रों में निश्चित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी।

आयोग ने परीक्षार्थियों को दिलाया विश्वास, नए पेपर बनेंगे

उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० राकेश कुमार द्वारा आयोग की विशेष बैठक आहूत की गई, जिसमें समस्त सदस्यगण एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में परीक्षाओं के सम्बन्ध में विस्तृत एवं गहन विचार-विमर्श किया गया।
आयोग की विशेष बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों से अवगत कराते हुए डॉ० कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि लेखपाल/राजस्व उप निरीक्षक परीक्षा-2022 वन आरक्षी परीक्षा-2022 एवं पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 की शुचिता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत इन परीक्षाओं को अब नये प्रश्न-पत्रों का निर्माण कराते हुए आयोजित किया जाएगा। इसके दृष्टिगत दिनांक 22 जनवरी, 2023 को आयोजित की जाने वाली वन आरक्षी परीक्षा-2022 को दिनांक 09 अप्रैल, 2023 एवं दिनांक 28 से 31 जनवरी, 2023 के दौरान होने वाली पी०सी०एस० मुख्य परीक्षा-2021 को दिनांक 23 से 26 फरवरी, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
आयोग द्वारा जारी वार्षिक परीक्षा कलेण्डर में इस हेतु आवश्यक संशोधन करते हुए अग्रेतर कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है। डॉ० कुमार द्वारा अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया गया है कि आयोग के लिए अभ्यर्थियों का हित सर्वाेपरि है। इस हेतु परीक्षाओं को निष्पक्षता एवं उत्कृष्टता के साथ एवं उनके समग्र संचालन से सम्बन्धित विभिन्न प्रक्रियाओं को निर्विघ्नतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये जा रहे हैं।

खटीमा में आम लोगों से मिले सीएम, शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार सहित खटीमा में आयोजित उत्तरायणी कौथिग मेले में प्रतिभाग करने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मेला आयोजकों और मेले में उपस्थित आम जनता को उत्तरायणी/घुघुतिया त्यौहार/मकर सक्रांति की बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान सूर्य हर प्रकार से मंगल करें, घरों में अच्छे काम प्रारंभ हों। उन्होंने कहा कि भगवान सूर्य देव के उत्तरायणी में आ जाने से सारे अच्छे एवं मंगलमय काम शुरू हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान सूर्य, ऊर्जा, ऊष्मा, उत्साह एवं प्रकाश देते हैं, हमारे जीवन में नव चेतना, उमंग, उत्साह हो। शानदार एवं भव्य मेला खटीमा में आयोजित हो रहा है। हरेला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। प्रत्येक वर्ष इस मेले में शामिल होता रहा हूॅ, मेला धीरे-धीरे भव्य होता जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर काफी चिंतित है और हाल ही में लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पटवारी की परीक्षा में जिन लोगों ने भी नकल कराई है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन तत्काल लिया गया है। सरकार ने पटवारी भर्ती परीक्षा निरस्त कर, फरवरी माह में ही पटवारी भर्ती की परीक्षा आयोजित कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में नकल रोकने के लिए नकल विरोधी कानून लाया जाएगा, जिसमें नकल करने वाले छात्रों को 10 साल तक परीक्षा देने से वंचित रखा जाएगा, वहीं नकल कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सारी संपत्ति तत्काल जब्त की जाएगी और उन को आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दोबारा परीक्षा आयोजन में पहले परीक्षा में भाग लेने वाले सभी छात्रों की रोडवेज की बस में आने जाने का किराया भी नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में सीमाएं सुरक्षित हैं, दुश्मन आंख उठाकर नहीं देख सकता है। सेना के जवान गोली का जवाब गोलों से देने का काम कर रहे है, यह नया भारत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने मंडुआ खरीद की अनुमति दी है। इससे प्रदेश के किसानों को लाभ होगा। पिछले वर्षों में कनेक्टिवीटी में काफी काम हुआ है।
इस दौरान वन विकास निगम के अध्यक्ष कैलाश गहतोड़ी, गीता धामी, एसएसपी मन्जूनाथ टीसी, सीडीओ विशाल मिश्रा, उप जिलाधिकारी रविन्द्र बिष्ट सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता एवं मेला कमेटी के सदस्य आदि उपस्थित रहे।

कोई अभ्यर्थी भी दोषी पाया गया तो 10 साज की सजा और परीक्षाओं से रहेगा वंचित-धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने चम्पावत में मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून बनाने जा रही है। कैबिनेट में इस पर निर्णय लिया जा चुका है। इस कानून में अपराधियों को आजीवन सजा का प्राविधान किया जा रहा है। साथ ही संपत्ति भी जब्त की जाएगी। जो अभ्यर्थी इसमें लिप्त पाए जायेंगे उन्हे 10 साल तक किसी भी परीक्षा में बैठने से अयोग्य कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिस्टम में सुधार कर रहे हैं। परीक्षाओं की धांधली में शामिल लोगों को कानून की गिरफ्त में लाया गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई भी की गई है। पहले परीक्षाओं में गड़बड़ियों का पता ही नही लगता था। अगर पता लगता भी था तो कोई कार्यवाही नहीं होती थी। हमने गडबडी करने वालों को जेल भेजा,उनकी सम्पत्तियों को ध्वस्त किया। हमने मुखबिर तंत्र को मजबूत किया है। किसी प्रकार की धांधली का न केवल पता चल रहा है बल्कि गड़बड़ी करने वालों को अविलंब पकड़ा भी जा रहा है। हम अपने युवाओं के साथ कोई अन्याय नहीं होने देंगे। अब ये तो साफ है कि गड़बड़ी करके कोई बच नहीं सकता।

अन्तरराज्यीय बस अड्डे की भूमि का सीएम ने किया औचक निरीक्षण

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जनपद भ्रमण के दूसरे दिन रविवार को टनकपुर में बनने वाले आइएसबीटी टर्मिनल की भूमि का निरीक्षण किया। परिवहन निगम की 106 बीघा भूमि पर 56 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भूमि का निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चम्पावत को आईएसबीटी के खूबसूरत तरीके से निर्माण कराए जाने और उसमे श्रद्धालुओं और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान डीपीआर और नक्शे को विस्तार से देखते हुए जिलाधिकारी से आवश्यक जानकारी ली।
इस दौरान अवगत कराया गया कि आई एस बी टी के निर्माण हेतु पेयजल निर्माण निगम ने डीपीआर तैयार कर ली है। इसके लिए शासन ने करीब 56 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। टनकपुर बस स्टेशन से लंबी दूरी की बसों के अलावा पर्वतीय मार्गाे पर भी बसे संचालित होती है। जिलाधिकारी ने बताया कि बस टर्मिनल बनने पर यहां करीब 200 बसें एक साथ खड़ी हो सकेंगी। वहीं स्टेशन में हाईटेक शौचालय व भवनों का भी निर्माण किया जाएगा। यात्रियों की हर सुविधा ध्यान में रखते हुए इस नये बस स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। दो बड़े एसी हाल के साथ कैटींन व दुकानें भी खोली जाएगी। वही मुख्य बाजार व रेलवे क्रासिंग के पास बस स्टेशन की करीब तीन बीघा जमीन में अंडर ग्राउंड पार्किंग व ऊपर मॉल बनाया जाएगा। इसके बनने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी तथा डिपो की आय काफी अधिक मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने जिलाधिकारी से कहा कि बजट का ठीक तरह से उपयोग हो। बस टर्मिनल में अधिक से अधिक सुविधाएं हों,बच्चों के मनोरंजन के साथ ही विभिन्न सुविधाएं यहां पर हो इसके लिए इसकी डिजाइन अच्छे आर्किटेक्ट से तैयार किए जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि शारदा घाट पर बेहतर व्यवस्था की जाय। अधिक से अधिक श्रद्धालु यहॉ आएं, जिससे लोगों को रोजगार मिले और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिले। उन्होंने कहा कि बस टर्मिनल के बनने के बाद लोग मां पूर्णागिरि के दर्शन कर वापस नहीं जाएंगे। बल्कि वह अन्न्य स्थानो पर घूमने के बाद मां शारदा की आरती कर अपने घरों को लौटेंगे। वहीं आने वाले समय में मां पूर्णागिरि में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाएगी।
इस मौके पर वन विकास निगम अध्यक्ष कैलाश चंद्र गहतोड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल महरा, जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी, पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, सीडीओ आर एस रावत, नोडल अधिकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय केएस बृजवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक संचालन पवन मेहरा, एसडीएम रिंकू बिष्ट, सुंदर सिंह आदि मौजूद रहे।

अभ्यर्थियों को धामी सरकार की राहत, आवेदन शुल्क नही और ट्रांसपोर्ट का खर्च भी नही लेगी सरकार

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बताया कि कैबिनेट में निर्णय लिया गया है कि भर्तियों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सरकार द्वारा शीघ्र ही एक सख्त नकल विरोधी कानून लाया जाएगा, जिसमें दोषी को उम्रकैद तक की सजा का प्राविधान किया जाएगा। साथ ही, इस कार्य में अर्जित की गयी सम्पत्ति को भी जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक सेवा आयोग द्वारा लेखपाल की परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में इसके लिए आवेदन किया है, उन्हें दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। न ही इसके लिए कोई फीस देनी होगी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि उत्तराखण्ड ट्रांसपोर्ट कार्पाेरेशन की बसों में अभ्यर्थियों को किराया नहीं देना होगा, अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र ही उनका यूटीसी की बसों में टिकट माना जाएगा।

सख्त नकल विरोधी कानून की ओर बढ़ रहे सरकार के कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस आन करप्शन की नीति और नकल माफियाओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही के निर्देश के क्रम में आज एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य कैबिनेट द्वारा प्रदेश में भर्तियों में भ्रष्टाचार रोकने के लिये प्रदेश में शीघ्र सख्त नकल विरोधी कानून बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून को इतना सख्त बनाया जायेगा कि भविष्य में कोई इस बारे में सोचे भी नहीं। सख्त नकल विरोधी कानून में दोषी का उम्र कैद की सजा का प्राविधान तो होगा ही उसके द्वारा अर्जित संपत्ति को जब्त किये जाने का भी व्यवस्था रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति से कोई समझौता न करने की बात कही है। उन्होंने कहा है भर्ती प्रक्रिया में यदि कोई अनियमितता है तो इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। अपने प्रदेश के ईमानदार और परिश्रमी युवाओं के साथ हमारी सरकार अन्याय नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच करने वाली एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उत्तराखंड के युवा का हक मारने वाले किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा। सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाए स्वच्छ और पारदर्शी हो। अब भविष्य में कोई इन परीक्षाओं में गड़बड़ी करने की हिम्मत न कर सके। नकल विरोधी कानून के प्रविधानों से यह व्यवस्था बन जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का मनोबल बनाये रखने के लिये राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। युवा बेरोजगारों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल देने के लिये सरकार कृत संकल्पित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब यह भी व्यवस्था बनायी गई है कि लोक सेवा आयोग एवं अधीनस्थ चयन सेवा आयोग द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में अभि सूचना इकाई को भी सक्रिय किया जायेगा, ताकि इन परीक्षाओं की कड़ी निगरानी हो सके। उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं के लगातार सक्रिय रूप से तैनात होने तथा परीक्षा पेपर को लीक आउट कराये जाने से परीक्षा देने वाले अन्य अभ्यर्थी, जो दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इन्ही तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार तथा उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, देहरादून द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं से पूर्व अभिसूचना इकाई को सक्रियता से तैनात किया जाय, ताकि ऐसी पुनरावृत्ति न हो पाये। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के स्तर पर आदेश भी निर्गत किये जा चुके हैं।

उत्तराखंड में नए शहर बनाने की कवायद शुरु, 13 नए शहर बनेंगे

वित्त, शहरी विकास व आवास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड में चिन्हित नए प्रस्तावित टाउनशिप डेवलपमेंट की समीक्षा बैठक की।
मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि उत्तराखंड में कुल 23 टाउनशिप के लिए 23 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें गढ़वाल मंडल में 12 जबकि कुमाऊं मंडल में 11 शामिल है। बताया कि इसके लिए जिला स्तरीय सर्वेक्षण समिति का गठन किया गया है।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि दोनों मंडलों से 15 लोकेशन को प्राथमिकता के रूप से उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने कहा कि इन 15 में से भी प्रथम चरण में 10 स्थानों का चयन किया गया है।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि इन 10 लोकेशन में डोईवाला टाउन के समीप, सहसपुर छरबा, आर्ककेडिया, गोचर हवाई पट्टी के समीप, रामनगर शहर, हल्द्वानी गौलापार के समीप, नैनी सैनी एयरपोर्ट के समीप पिथौरागढ़ में, पराग फार्म किच्छा उधमसिंह नगर, रुद्रपुर शहर के समीप, काशीपुर शहर के समीप शामिल है।
डॉ अग्रवाल ने बताया कि 10 लोकेशन में टाउनशिप की वित्तीय और व्यवहारिक व्यवस्था किए जाने के लिए नियोजन विभाग द्वारा मैकेंजी संस्था नियुक्त की गई है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि मैकेंजी संस्था द्वारा तकनीकी सलाहकार फर्म की नियुक्ति जल्द की जाए। जिससे उक्त क्षेत्रों में टाउनशिप विकास किए जाने हेतु कार्य योजना तैयार की जाए।
इस मौके पर सचिव आवास एस एन पांडेय, निदेशक शहरी विकास नवनीत पांडेय, संयुक्त मुख्य प्रशासक पीसी दुमका, चीफ टाउन प्लानर एसएम श्रीवास्तव व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

महिलाओं को नौकरी में क्षैतिज आरक्षण मिला, धामी सरकार ने निभाया वादा

उत्तराखंड सरकार की ओर से महिलाओं के आरक्षण विधेयक को आज यानी मंगलवार को राज्यपाल गुरमीत सिंह की मंजूरी मिल गई है। राजभवन की मंजूरी के साथ ही महिला अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का कानूनी अधिकार भी मिल गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि राज्य सरकार ने 30 नवंबर 2022 को विधानसभा में बिल को सर्वसम्मति पारित कराकर राजभवन भेजा था। वहीं, विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में पारित 14 बिलों, जिनमें अधिकतर संशोधित विधेयक थे, के साथ महिला आरक्षण बिल को भी राज्यपाल गुरमीत सिंह की मंजूरी मिलनी थी।

न्याय और विधि विशेषज्ञों से कराया परीक्षण
बता दें कि उत्तराखंड राजभवन से ज्यादातर विधेयकों को मंजूरी मिल गई, लेकिन महिला क्षैतिज आरक्षण बिल विचाराधीन रहा। राजभवन ने विधेयक को मंजूरी देने से पहले इसका न्याय और विधि विशेषज्ञों से परीक्षण कराया है। इस कारण विधेयक को मंजूरी मिलने में एक महीने का समय लग गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों महिला क्षैतिज आरक्षण कानून के जल्द लागू होने के संकेत दिए थे।

विधेयक पर एक नजर…
1. 18 जुलाई 2001 को अंतरिम सरकार ने 20 प्रतिशत आरक्षण का शासनादेश जारी किया।
2. 24 जुलाई 2006 को तत्कालीन तिवारी सरकार ने इसे 20 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया।
3. 26 अगस्त 2022 को हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आरक्षण के शासनादेश पर रोक लगाई।
4. 04 नवंबर 2022 को सरकार की एसएलपी पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
5. 29 नवंबर 2022 को सरकार ने विधानसभा के सदन में विधेयक पेश किया।
6. 30 नवंबर 2022 को सरकार ने विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कराकर राजभवन भेजा।
7. 10 जनवरी 2022 को राज्यपाल ने विधेयक को मंजूरी दे दी।

गन्ने की हाई वैरायटी के उत्पादन पर दिया जाये जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में गन्ना विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि चीनी मिलों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास किये जाएं। गन्ना किसानों का भुगतान समय पर हो जाए, यह भी सुनिश्चित किया जाए। जो चीनी मिलें लगातार घाटे में चल रही हैं, इनके कारणों का विश्लेषण किया जाए। गन्ने की हाई वैरायटी के उत्पादन पर अधिक फोकस किया जाए। चीनी मिलें अपनी आय के संसाधन बढ़ाने एवं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की दिशा में ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। प्राथमिकता के आधार पर बॉयलर एवं टरबाइन परिवर्तन के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रस्ताव दिये जाएं। चीनी मिलों की आर्थिकी में सुधार लाने के लिए मोलासिस आधारित इथेनॉल प्लांट की दिशा में भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा चीनी मिलों के आधुनिकीकरण की ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। गन्ना विकास कार्ययोजना के तहत अधिक परते वाली गन्ने की प्रजाति पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को समय पर भुगतान हो, इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि 2022-23 हेतु पेराई सत्र नवम्बर 2022 से शुरू हो चुका है। मिलों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पेराई क्षमता, चीनी परता एवं चीनी उत्पादन में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 2021-22 के सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सभी मिलों का गन्ना भुगतान पूर्ण किया जा चुका है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव विजय कुमार यादव, एस.एन पाण्डेय, अपर सचिव उदयराज, अरूणेन्द्र चौहान एवं सबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।