सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज दिवस पर बनारस में आयोजित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के अंतरराज्यीय सम्मलेन में आज सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिभाग किया। सिगरा स्थित रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में डॉ रावत ने उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड में तेजी से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी चिकित्सा इकाईयों में आम लोगों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराई वहीं लगभग 260 पैथोलॉजी जांचे मुफ्त में की जा रही है। डॉ रावत ने बताया कि उत्तराखंड में आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 49 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 13752 सक्रिय टीबी मरीज है जिसमें से 11664 मरीजों द्वारा निरूक्षय से सहायता प्राप्त की दी गई, जिसके सापेक्ष 7675 निक्षय मित्र बनाये जा चुके हैं। निक्षय मित्र बनाने में उत्तराखंड देशभर में दूसरे स्थान पर है। सम्मेलन में डॉ रावत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 तक सूबे में कुल 1422 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का उच्चीकरण किया गया और दिसम्बर 2022 तक 1800 वेलनेस सेंटरों को स्थापित किया जायेगा। विभगीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 7 सितम्बर 2022 से 7 अक्टूबर 2022 तक जन आरोग्य अभियान संचालित किया गया जिसमें सीएचओ के माध्यम से 10-10 गांव में स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस अभियान के तहत 3 लाख 21हजार 236 लोगों का मेडिकल चेकअप किया गया। जिसमें 2 लाख 67 हजार 263 लोगों का रक्तचाप स्क्रीनिंग की गई, 2 लाख 58 हजार 231 लोगों की मधुमेह जांच की गई, 2 लाख 46 हजार 592 लागों के ओरल कैंसर की जांच, 1 लाख 39 हजार 116 महिलाओं के स्तन कैंसर की जांच, 2 लाख 8 हजार 944 लोगों का नेत्र परीक्षण, 1 लाख 94 हजार 385 लोगों का टीबी रोग परीक्षण किया गया जबकि 2 लाख 5 हजार 980 लोगों को तम्बाकू निषेध के प्रति जागरूक किया गया। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बेहतर करने जुटी है।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जमकर सराहना की, साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत के कार्यों की प्रशंसा भी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का अर्थ है देश में रहने वाले सभी लोगों और समुदायों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना। इसका उद्देश्य यह भी है कि जाति, धर्म, लिंग, आय स्तर और सामाजिक स्थिति में भेदभाव किए बगैर सभी को वहनीय, उत्तरदायी, गुणवत्तापूर्ण और यथोचित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित करना है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के 900 से अधिक सीएचओ ने भी प्रतिभाग किया।

राष्ट्रपति ने उत्तराखंड के उत्पादों की सराहना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दून विश्वविद्यालय में उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानीय उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंनें प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह वोकल फॉर लोकल को बढावा देने के लिए सराहनीय प्रयास है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिये जाने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए प्रभावी प्रयास किये जाएं। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सराहनीय प्रयास होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र की पहचान उनकी भाषा-बोली एवं स्थानीय उत्पादों से होती है, इनको बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पद्मश्री बसंती बिष्ट एवं माधुरी बड़थ्वाल को लोक गायन एवं लोक संगीत के क्षेत्र में किये गये उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना भी की।

रोजगारपरक शिक्षा, नवाचार और रैंकिंग पर रहेगा फोकस-रावत

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय चिंतन शिविर का आज समापन हो गया है। चिंतन शिविर के दूसरे विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में क्वालिटी एजुकेशन पर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी निजी व सरकारी शिक्षण संस्थानों को गुणवत्तापरक शिक्षा के लिये मार्च 2023 तक अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराना होगा, इसके अलावा रोजगारपर शिक्षा, नवाचार और रैंकिंग को लेकर भी शिक्षण संस्थानों में काम करना होगा। विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक सूबे में 25 मॉडल कॉलेज तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, परीक्षा एवं छात्र संघ चुनाव की तिथियों में एकरूपता सुनिश्चित की जायेगी। इसके अलावा शैक्षिक कैलेंडर, परीक्षा कैलेंडर, रोवर रेंजर, एनएसएस एवं एनसीसी सहित गैप एनालिसिस के लिये समितियों का गठन किया जायेगा। चिंतन शिविर में उच्च शिक्षा के उन्न्यन के लिये प्राचार्यों ने अपने सुझाव भी रखे।
उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार हेतु डीआईटी विश्वविद्यालय देहरादून में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के अंतर्गत राज्य स्तरीय नैक प्रत्यायन कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज समापन हो गया है। इस अवसर पर सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिये प्रदेश के सभी निजी एवं राजकीय उच्च शिक्षण संस्थानों को मार्च 2023 तक अनिवार्य रूप से नैक मूल्यांकन कराना होगा। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन कराने से पहले राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) बंगलूरू के सहयोग से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में नैक प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जायेगी ताकि नैक एक्रिडिएशन कराने में महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को सहूलियत हो सके। डॉ रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2025 तक सूबे में 25 मॉडल कॉलेज तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में रोजगारपरक शिक्षा, नवाचार एवं राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहत्तर प्रदर्शन के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
चिंतन शिविर के समापन अवसर पर विभागीय मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को पांच टारगेट पर फोकस करने को कहा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश, परीक्षा, परीक्षाफल, दीक्षांत समारोह एवं छात्र संघ चुनावों की तिथियों में एकरूपता लाई जाय, साथ ही विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह एक माह तथा छात्र संघ चुनावों को एक सप्ताह के भीतर कराया जाय। उच्च शिक्षण संस्थानों में 180 दिन अनिवार्य रूप से पठन-पाठन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी विभागीय मंत्री ने दिये। इसके अलावा उन्होंने चिंतन शिविर में शैक्षिक कैलेंडर, परीक्षा कैलेंडर, रोवर रेंजर, एनएसएस एवं एनसीसी सहित गैप एनालिसिस के लिये समितियों के गठन के निर्देश भी दिये। डॉ0 रावत ने बताया कि विज्ञान विषयों की फैकल्टियों को शीघ्र ही राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान बंगलुरू में प्रशिक्षण के लिये भेजा जायेगा जबकि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों को मैनेजमेंट ट्रेनिंग के लिये दो चरणों में आईआईएम काशीपुर में भेजा जायेगा। विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक वर्ष अंतर विश्वविद्यालय खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी ताकि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिल सके। इसके अलावा एक भारत-श्रेष्ठ भारत योजना के तहत राज्य के छात्र-छात्राओं के देश के दूसरे राज्यों में शैक्षिक भ्रमण पर भेजा जायेगा। चिंतन शिविर में विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने उच्च शिक्षा के उन्नयन को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे। उच्च शिक्षा सचिव शैलेश बगोली ने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, ई-ग्रंथालय के उपयोग, एनईपी के तहत कौशल विकास, क्वालिटी रिसर्च और छात्र-छात्रओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति पर प्रकाश डाला। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो0 जगदीश प्रसाद एवं कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो0 एन.के. जोशी ने दूरस्त क्षेत्रों में मॉडल कॉलज बनाने, सोशल सर्विसेज पर अपना मत रखा। संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो0 ए0एस0 उनियाल ने चिंतन शिविर में आये सभी अतिथियों एवं शिक्षाविदों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक उच्च शिक्षा डॉ0 दीपक पाण्डेय ने किया। चिंतन शिविर में विभागीय मंत्री ने डॉ0 दीपक कुमार की पुस्तक डिजास्टर मैनेजमेंट प्रिंसिपल्स एंड प्रक्टिस का भी विमोचन किया।

एक हजार गांवों में सोलर ऊर्जा से होगी विद्युत सप्लाई

उत्तराखंड के एक हजार गांवों को सोलर ऊर्जा से रोशन किए जाने के लक्ष्य पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बारे में प्रस्ताव कैबिनेट में पास कराने के लिए विभाग को तुरंत ड्राफ्ट बना कर देने को कहा है।
उत्तराखंड में सौर ऊर्जा उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं। सरकार ने एक हजार गांवों में बंजर पड़ी पूरब मुखी जमीनों को चिन्हित भी कर लिया है। सरकार चाहती है कि इन गांवों में सौर ऊर्जा से ही विद्युत सप्लाई की जाए। धामी सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय रोजगार के साथ-साथ सस्ती बिजली भी लोगों को मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने ऊर्चा सचिव को ये निर्देशित किया है कि एक हजार गांवों में सोलर ऊर्जा के प्रोजेक्ट को कैबिनेट में लाने के लिए उसका फाइनल ड्रॉफ्ट तैयार करे, ताकि इस पर सरकार इसे पास करके योजना को निर्धारित समय के साथ पूरा कराया जा सके। सौर ऊर्जा पॉलिसी को ड्राफ्ट करने का काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट उन स्थानीय लोगों को निवेश करने का मौका मिलेगा जो गांवों को छोड़कर अन्य स्थानों पर रह रहे हैं उनकी बंजर भूमि से आय भी होगी।

664 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को जल्द मिलेंगे नियुक्ति पत्र

आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के अंतर्गत 664 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सी.एच.ओ.), की नियुक्ति को लेकर रिजल्ट जारी किया जा चुका है व काउंसलिंग प्रक्रिया शीघ्र ही आरंभ होगी, जिसके बाद चयनित सी.एच.ओ. को मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री द्वारा नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे यह बात प्रभारी सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा व एन.एच.एम. मिशन निदेशक डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बतायी गई।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में सी.एच.ओ. के पदों हेतु एच.एन.बी. मेडिकल यूनिवर्सिटी के माध्यम से रिजल्ट जारी किया जा चुका है व काउंसीलिंग प्रक्रिया भी शीघ्र ही आरंभ होगी। नवनियुक्त सी.एच.ओ. को नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री पुष्कर धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दिए जाएंगे।
डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा बताया गया कि सी.एच.ओ. की नियुक्ति के बाद सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में गैर-संचारी रोग जैसे टी.बी., तंबाकू निषेध, मेंटल हेल्थ, डायबिटीज, कैंसर, बल्ड प्रेशर (हाइपरटेंशन), आंखों की कमजोरी, नाक, गले आदि से जुड़ी बिमारियों की स्क्रीनिंग में तेजी आएगी, जिससे समय पर रोगों का पता लग सकेगा व इलाज संभव होगा। सी.एच.ओ. द्वारा टारगेट पोपुलेशन जो कि मैदानी क्षेत्रों में 5,000 व पहाड़ी क्षेत्रों में 3,000 है में 30 से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग की जाती है।

एक माह में स्वास्थ्य विभाग में शुरू करें रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रियाः धन सिंह रावत

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से रिक्त चल रहे विभिन्न श्रेणी के पदों को भरे जाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जायेगी। इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारियों से एक माह के भीतर रिक्त पदों का पूरा विवरण तैयार कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य महानिदेशालय हेतु स्वीकृत बजट तथा नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। आईएमए के पदाधिकारियों की मांग पर क्लीनिकल एसब्लिशमेंट एक्ट में छूट संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने का निर्णय लिया गया।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत लम्बे समय से रिक्त विभिन्न श्रेणी के पदों को न भरे जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को एक माह के भीतर रिक्त पदों का ब्यौरा तैयार कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आईपीएचएस मानकों के तहत सभी राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सक, पैरामेडिकल, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी स्टॉफ सहित वार्ड ब्वॉय के पदों को भरा जाना अति आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की, विशेषकर इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के तीन शहरी जनपदों देहरादून, हरिद्वार व ऊधमसिंह नगर में शहरी गरीब जनसंख्या के लिये 115 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाये जाने हैं, जिनका निर्माण शहरी विकास विभाग के द्वारा कराया जाना है। स्वास्थ्य महानिदेशालय को वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु स्वीकृत बजट खर्च की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुये उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी मदों में बजट को समय पर खर्च करना सुनिश्चित करें।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड इकाई ने राज्य सरकार से छोटे अस्पतालों को क्लीनिकल एसब्लिशमेंट एक्ट के कुछ प्रावधानों में छूट देने की मांग की है। जिसके लिये शीघ्र ही छूट संबंधी प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाया जायेगा। बैठक में विभागीय मंत्री ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत धीमी प्रगति वाले चार जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिये।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ0 आर0 राजेश कुमार, अपर सचिव अरूणेन्द्र चौहान, निदेशक स्वास्थ्य डॉ0 विनीता शाह, निदेशक एनएचएम डॉ0 सरोज नैथानी, अपर निदेशक डॉ0 मीतू शाह एवं आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ0 अजय खन्ना सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

लाइसेंस ट्रांसफर करने के एवज में मांगी रिश्वत, रंगे हाथ गिरफ्तार

उत्तराखंड में अधिकारियों के द्वारा रिश्वतखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। उत्तराखंड विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंडी निरीक्षक को 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आरा मिल और लकड़ी मंडी के व्यापारी से लाइसेंस ट्रांसफर करने के नाम पर रिश्वत ली है। विजीलेंस टीम से मिली जानकारी के अनुसार शिकायकर्ता द्वारा भ्रष्टाचार की रोकथाम हेतु दिनांक 29.11.2022 को हैल्प लाईन न0 1064 पर शिकायत दर्ज कराने के उपरान्त दिनांक 01.12.22 को पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून के कार्यालय में आकर एक शिकायती पत्र दिया गया, जिसमें उल्लेख किया गया है कि “अपनी आरा मिल व लकडी के थोक व्यापारी का लाइसेस पुत्र के नाम पर करवाने के एवज मे कृषि उत्पादन मण्डी समिति रूड़की के मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर, देहरादून द्वारा शिकायती प्रार्थना पत्र में अंकित आरोपो पर संज्ञान लेते हुए गोपनीय रूप मे जाँच करायी गयी। जांचोपरान्त शिकायती पत्र में लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टया सही पाये गये। जिस पर त्वरित एक ट्रैप टीम का गठन किया गया।
गुरुवार को ट्रैप टीम द्वारा अभियुक्त मण्डी निरीक्षक शिवमूर्ति सिंह पुत्र श्री जयनारायण सिंह निवासी ग्राम खपटिहा, थाना हड़िया, जिला प्रयागराज उ0प्र0 हाल निवासी मण्डी समिति कालोनी ज्वालापुर, को मण्डी समिति कार्यलय रूड़की से शिकायतकर्ता से 30000/रू0-( तीस हजार रूपये) की रिश्वत ग्रहण करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। थाना सर्तकता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून में आरोपी के विरूद्व धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) का अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है तथा इस प्रकरण में संलिप्त अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। ट्रैप टीम के उत्साहवर्धन हेतु निदेशक सतर्कता ने नगद पारितोषिक से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

धामी ने उत्तराखंड में सामाजिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत की-महेन्द्र भटट

भाजपा ने विधानसभा में पास महिला आरक्षण व धार्मिक स्वतंत्रता संसोधन विधेयक के पास होने पर खुशी जताते हुए इसे प्रदेश में सामाजिक बदलाव के नए अध्याय की शुरुआत बताया है।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने प्रदेशवासियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं की तरफ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत समूचे सदन को इस ऐतिहासिक कदम के लिए धन्यवाद दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने बयान जारी करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन एवं विकास में मातृ शक्ति के अमिट योगदान के मद्देनजर, भाजपा सरकार का महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी क्षेतिज आरक्षण देने का यह कदम, समाज मे बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा। यह कदम भाजपा सरकार की मातृ शक्ति के सम्मान, स्वभिमान और सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, इसी तरह जबरन या प्रलोभन से धर्मान्तरण करने वालों पर लगाम कसने के उद्देश्य से धार्मिक स्वतंत्रता कानून को अधिक सख्त बनाने वाला संसोधन विधेयक भी पार्टी के जनता से किये संकल्पों को पूरा करने वाला है। उन्होंने सदन में पास सभी विधेयकों को जनसरोकारों से जुड़ा हुआ बताते हुए स्वागत किया है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पूरा किया वायदा, सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि इतिहास में दर्ज

उत्तराखंड में विधानसभा अनुपूरक बजट सत्र के दूसरे दिन दो महत्वपूर्ण विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पास हो गए हैं। उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन) विधेयक 2022 के पास होने के बाद प्रदेश में धर्मान्तरण को लेकर कठोर कानून का प्राविधान हो गया है। इसके अलावा उत्तराखण्ड लोकसेवा (महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2022 से प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था एक बार फिर से लागू हो जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। कुछ दिन पूर्व राज्य सरकार ने इन दोनों विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। बुधवार को विधानसभा में इन विधेयकों के पास होने से प्रदेश में इसे लागू करने की जल्द अधिसूचना जारी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभमि है यहां पर धर्मान्तरण जैसी चीजें हमारे लिए बहुत घातक है इसलिए सरकार ने यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में धर्मान्तरण पर रोक के लिए कठोर से कठोर कानून बने। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इस कानून को पूरी दृढ़ता से प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं उत्तराखण्ड में महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण विधेयक को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड निर्माण में मातृशक्ति का बहुत बड़ा योगदान है और सरकार ने यह पहले ही तय किया था कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस प्रदेश में मातृशक्ति का सम्मान करते हुए उन्हें इस क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिले। महिलाओं के लिए राज्याधीन सेवाओं में क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था देने करने यह अधिनियम मातृ शक्ति को समर्पित है।

पीएमजीएसवाई की दूसरी किश्त 220 करोड़ की धनराशि जारी

केन्द्र सरकार से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 220 करोड़ 25 लाख रूपये की राशि उत्तराखण्ड को जारी की गई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने पीएमजीएसवाई की दूसरी किश्त के दूसरे अंश के रूप में यह राशि जारी की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में कनेक्टीविटी में अभूतपूर्व कार्य हो रहे है।