डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मौके पर मंत्री के समक्ष पदाधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगे रखी।
शनिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह ने कैबिनेट मंत्री से निदेशालय के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की मांग की। साथ ही वर्ष 2012 से उत्तीर्ण पशुधन प्रसार अधिकारी को डिप्लोमा वितरित करने, डिप्लोमा वेटनरी कॉउंसिल का गठन करने, मृत पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र उसी जगह में सम्बंधित अधिकारी द्वारा निर्गत करने, पशु सेवा केंद्र व पशु चिकित्सालय में एक-एक सहायक को नियुक्त करने की मांग की।
साथ ही सभी पशु सेवा केंद्रों का पशु चिकित्सालय द श्रेणी में संविलयन करने, पशुधन प्रसार अधिकारी की सीधी भर्ती लोक सेवा आयोग से करवाने सहित 11 मांगे रखी गयी। इस पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सभी मांगो को बारीकी से सुना। इस संबंध में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस मौके पर सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक डॉ प्रेम कुमार, संयुक्त निदेशक नीरज सिंघल, डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश महा सचिव जगमोहन नोटियाल, संघ के सचिव एस पी पैन्यूली, देहरादून जिला के अध्यक्ष रमेश चंद भट्ट आदि मौजूद रहे।

सरकारी नौकरी के साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वरोजगार से ही आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए तय लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को बैकों से लोन लेने में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी बैंकर्स के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाए। लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाये जाए। इसके लिए प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाय। रोजगार कैंप में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी केन्द्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।

1 से 15 सितम्बर तक लगेंगे जनपदों में कैम्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 1 से 15 सितम्बर तक जनपदों में जो कैंप लगाये जायेंगे, उनमें जिलास्तरीय अधिकारी और बैंक के अधिकारी सभी आवेदनों का निस्तारण करते हुए लोन स्वीकृति की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। 30 सितम्बर तक सभी सही पाए जाने वाले आवेदकों के लोन स्वीकृत कर दिये जाएं। लोन के लिए बैंकों में प्राप्त आवादनों के शीघ्र निस्तारण के लिए बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ब्रांच स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग करें। आवेदकों को व्यर्थ चक्कर न काटने पङें। उन्होंने कहा कि सभी योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए। समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। योजनाओं का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाय। सरकार जनता के द्वार पहुंचकर जन समस्याओं का समाधान करेगी।

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र से खुलेंगे समृद्धि के द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपना कर राज्य की प्रगति में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। हमारे युवाओं में कौशल और प्रतिभा की कमी नहीं है। हमारे स्टार्ट-अप उद्योग की सफलता हमारे युवाओं के उत्साह को दिखाती है। स्वरोजगार से जुड़ने वाले लोगों के लिए मार्केट उपलब्ध करवाने पर भी फोकस करना होगा। उत्पादों की उच्च गुणवत्ता पर भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।

स्वरोजगार के लिए विभागों को दिए गए लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत स्वरोजगार से संबंधित मुख्य विभागों को लक्ष्य दिये। ग्राम्य विकास विभाग, समाज कल्याण, कृषि, पशुपालन, शहरी विकास, उद्योग एवं पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी विभागों को लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस वर्ष के टारगेट दिये। ग्राम्य विकास विभाग को 10 हजार, समाज कल्याण को विभाग को 1500, पशुपालन विभाग को 4 हजार, शहरी विकास को 26 हजार, उद्योग विभाग को 4500 एवं पर्यटन विभाग को 500 का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्यवाही में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विभागों द्वारा सक्सेस स्टोरी बनाई जाय और लोगों को जागरूक किया जाय।

पोर्टल बेस्ड एप्रोच पर काम करें विभाग- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाय। योजनाओं का जन-जन तक लाभ पहुंचे यह सभी अधिकारियों की सामुहिक जिम्मेदारी है। लाभार्थियों के आवेदनों की कमियों का त्वरित निस्तारण कर उनको योजनाओं का लाभ दिया जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभाग पोर्टल बेस्ड एप्रेच पर काम करें।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलैश बगोली, राधिका झा, रंजीत सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कोर्ट के आदेश के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर बोला हमला

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में आग लगने के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को छह माह में वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों को मजबूत करें और वर्षभर जंगलों की निगरानी करवाएं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर कहा था कि वन विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर शैक्षणिक योग्यता घटाकर हाईस्कूल कर दी गई है ताकि पदों को भरा जा सके। दो हजार पदों पर भर्ती प्रकिया जारी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से चार सितंबर तक विस्तृत जवाब पेश करने के लिए कहा है।

कोर्ट के आदेश के बाद नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हर बात का सज्ञान कोर्ट ले रहा है। सरकार को निर्देश दे रहा है उसके बाद भी सरकार काम नहीं कर रही है। राज्य में सरकार नाम की चीज नजर नहीं आ रही है। वन विभाग में कई महीने से फाॅरेस्ट गार्ड के पद खाली पड़े हैं, परंतु भाजपा सरकार इस की सुध नहीं ले रही है। राज्य में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, वन विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के प्रति राज्य सरकार उदासीन है। नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में आग लगने के मामलों पर स्वतरू संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए छह माह में वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। पहले भी कोर्ट ने गांव स्तर से ही आग बुझाने के लिए कमेटियां गठित करने के लिए कहा था, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया। सत्ता में आते ही कांग्रेस सबसे पहले सभी पदों को भरने का काम करेगी।

प्रदेश में उद्योगों के लिए बनाई जायेगी अनुकुल और अधिक कारगर नीतिः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उद्योगों के अनुकुल और बेहतर नीतियां बनायी जायेगी। देश भर के उद्यमी उत्तराखण्ड में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए तैयार हो इसके लिये भी कारगर प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.) के पदाधिकारियों से इसमें सहयोगी बनने को कहा है।
मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सी.आई.आई. उत्तराखण्ड के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विकास में उद्योगों की बड़ी भूमिका है। राज्य में अधिक से अधिक नये उद्योग स्थापित हो, पुराने उद्योगों को भी और बेहतर सुविधायें मिले इसके लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का माहौल उद्योगों के अनुकूल है। यहां का शान्त वातावरण, राष्ट्रीय राजधानी से नजदीकी, बेहतर सड़क, रेल एवं हवाई सुविधायें यहां उपलब्ध हैं। उद्योग और श्रमिकों के आपसी सम्बन्ध बेहतर एवं उद्योगों के अनुकूल है। राज्य में स्थापित उद्योगों की सुविधा का राज्य सरकार पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने सी.आई.आई. के पदाधिकारियों से प्रदेश में नये उद्योगों की स्थापना में सहयोगी बनने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के क्षेत्र में सहयोग हेतु उनके जो भी सुझाव हो उसे उपलब्ध कराये, उनके सुझावों पर तत्परता के साथ अमल किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार, सी.आई.आई. उत्तराखण्ड के चेयरमैन विपुल डाबर, उपाध्यक्ष सोनिया गर्ग, पूर्व चेयरमैन राकेश ओबराय, राजीव बेरी, हेमन्त अरोरा, मनु कोचर, विकास गर्ग, राहुल सिंघल, सुमनप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड में 16472 लाभार्थियों को दिये गए आवास स्वीकृति पत्र-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के अंतर्गत चिन्हित लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। सीएम कैम्प कार्यालय परिसर स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लाभार्थियों को प्रथम किश्त की राशि डीबीटी द्वारा ऑनलाईन जारी की। उन्होंने कार्यक्रम में सौ से अधिक लोगों को आवास स्वीकृति पत्र वितरित किए।

साझेदार के तौर पर काम कर रही है सरकार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्रदेश के लाभार्थियों को आवास बन जाने के बाद सामान आदि के लिए पांच-पांच हजार रूपए दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सबका साथ- सबका विकास- सबका विश्वास के ध्येय वाक्य के साथ सरकार नहीं बल्कि साझेदार के तौर पर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री जी ने योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की योजनाएं समाज में अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सीधे लाभ पहुंचा रही है। पहले योजनाएं बनती थीं पर उसका लाभ पात्र लोगों तक नहीं पहुंचता था। परंतु प्रधानमंत्री जी ने दूरदर्शिता के साथ पहले सभी के जनधन योजना में खाते खुलवाए और अब उन खातों में डीबीटी द्वारा योजना की राशि सीधे लाभार्थी को दी जा रही है। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं से करोड़ों भारतीयों को लाभ मिला है।

केंद्र के सहयोग से उत्तराखण्ड में विकास को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का उत्तराखण्ड से विशेष लगाव है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में अनेक महत्वपूर्ण विकासपरक योजनाएं चल रही हैं। सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। जल्द ही देहरादून से दिल्ली केवल दो घंटे में जा पाएंगे। चार धाम परियोजना, भारतमाला परियोजना से विकास को नई गति मिल रही है। रेलवे का काफी विस्तार हुआ है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल पर तेजी से काम हो रहा है। टनकपुर-बागेश्वर का सर्वे ब्राडगैज पर करने का केन्द्र से अनुरोध किया है।

जलजीवन मिशन से मिलेगा सभी को स्वच्छ पेयजल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जलजीवन मिशन बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। इसमें हर घर को नल से जल पहुंचाने पर काम कर रहे हैं। राज्य में केवल एक रूपए में गामीण घरों में पानी का कनेक्शन दे रहे हैं। स्वच्छ जल हर व्यक्ति को मिलना ही चाहिए और सरकार उसी दिशा में काम कर रही है।

अटल आयुष्मान योजना को और अधिक व्यावहारिक बनाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारम्भ की गई आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। उत्तराखण्ड में इसमें प्रत्येक व्यक्ति को आच्छादित किया गया है। योजना को अधिक व्यावहारिक तरीके से लागू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि हर गरीब इसका लाभ आसानी से उठा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2027 तक उत्तराखण्ड को विश्व प्रसिद्ध पर्यटन प्रदेश बनाने पर काम कर रहे हैं। राज्य सरकार कोविड से प्रभावित लोगों को राहत दे रही है। चारधाम यात्रा और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए लगभग 200 करोड़ का पैकेज दे रहे हैं। इसी प्रकार हेल्थ सेक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 205 करोड़ का पैकेज दिया जा रहा है। राज्य में 24 हजार सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरम्भ की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के दृष्टिगत बेरोजगार युवाओं को भर्ती में एक साल की आयुसीमा में छूट प्रदान की गई है। जबकि एनडीए, सीडीएस, लोकसेवा आयोग की प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले युवाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये 50 हजार की धनराशि दी जायेगी। अगले चार माह में कोविड का पूर्ण वैक्सीनेशन का लक्ष्य लिया गया है।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता से किया गया है। सहायता राशि डीबीटी द्वारा लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने और योजना का लाभ अन्य पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं, महिलाओं, गरीबों और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए काम कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिले।

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण फेज 2
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का शुभारम्भ वर्ष 2016 में किया गया। जिसका उद्देश्य सभी बेघर, कच्चे तथा जीर्ण-शीर्ण मकानों में रह रहे परिवारों को बुनियादी सुविधायुक्त पक्का आवास उपलब्ध कराया जाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के द्वित्तीय फेज में एस.ई.सी.सी- 2011 सर्वे में आवास की पात्रता सूची में सम्मिलित होने से छूटे हुए कुल 94286 परिवारों को आवास प्लस के माध्यम से चिन्हित किया गया है। जिसमें से 29142 अपात्र परिवारों को हटाने के पश्चात् वर्तमान में राज्य में कुल 65144 परिवार पीएमएवाई-जी हेतु पात्र पाए गए है। जिसमे कुल 2865 परिवार भूमिहीन (देहरादून 102, हरिद्वार 42, नैनीताल 68, पिथौरागढ़-3, ऊधमसिंह नगर-2662) है।
भारत सरकार द्वारा द्वितीय फेज में आवास प्लस सूची से वित्तीय वर्ष 2020-2021 हेतु 13399 लक्ष्य तथा वित्तीय वर्ष 2021-2022 हेतु 3073 लक्ष्य सहित कुल 16472 आवास निर्माण का लक्ष्य राज्य को आवंटित किया गया है। जिसमें कुल 2865 परिवार भूमिहीन (देहरादून 102, हरिद्वार 42, नैनीताल 68 पिथौरागढ़ 3, ऊधमसिंह नगर 2662) है।
उपरोक्त प्राप्त 16472 आवास के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु राज्य को रूपये 226.99 करोड धनराशि की आवश्यकता होगी। जिसके सापेक्ष भारत सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के लक्ष्य 13399 के लिए प्रथम किश्त रू0 60,000ध्- की दर से केन्द्राश कुल रू0 35.39 करोड़ तथा राज्यांश कुल रू०. 3.93 करोड़ सहित कुल रू0 39.32 करोड अवमुक्त किए गए है। वर्तमान में राज्य स्तर पर विगत अवशेष रू. 47.74 करोड़ एवं उक्त अवमुक्त रू. 39.32 करोड़ सहित कुल रु. 87.06 करोड़ की धनराशि उपलब्ध है। जिसे लाभार्थियों के खाते में आन-लाईन अवमुक्त किया जा रहा है। द्वित्तीय किश्त की धनराशि लाभार्थियों के खाते में शीघ्र प्रेषित की जायेगी।

प्रति आवास 1 लाख 30 हजार की अनुदान राशि
अपर सचिव एवं आयुक्त ग्राम्य विकास वंदना ने बताया कि पीएमवाई-जी के तहत नये आवासों के निर्माण हेतु प्रति आवास अनुदान राशि 130,000.00 अनुमन्य है। जिसका भुगतान तीन किश्तों में यथा प्रथम किश्त रु 60,000, द्वित्तीय किश्त रु 40,000 एवं तृतीय किश्त रु 30,000 को ऑन-लाईन सीधे पात्र लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है। इसके अतिरिक्त मनरेगा से लाभार्थी स्वयं के आवास निर्माण में 95 दिवस की मजदूरी प्रति दिवस रू. 204 की दर से कुल रू0 19.380ध्- प्राप्त कर सकता है तथा मनरेगा ध् स्वजल से शौचालय निर्माण हेतु रू. 12,000ध्- प्राप्त कर सकता है। इसके साथ ही लाभार्थी पेयजल सुविधा, उज्जवल गैस कनेक्शन विद्युत कनेक्शन की सुविधा भी प्राप्त कर सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण प्रथम फेज
प्रथम फेज की जानकारी देते हुए बताया कि एसईसीसी सर्वे 2011 में पात्र पाये गये 12662 परिवारों को आवास आंवटित किया गया है, जिसमें से 12425 आवासों को पूर्ण कराते हुए कुल रु. 169.87 करोड़ की धनराशि का व्यय किया गया है। प्रथम फेज के सभी 539 भूमिहीन परिवारों को भूमि पट्टा एवं आवास आवंटित किया जा चुका है। प्रथम फेज में कन्वर्जेन्स के माध्यम से लाभार्थी परिवार को स्वयं के आवास निर्माण में अकुशल मजदूरी हेतु मनरेगा से 95 मानव दिवस हेतु कुल 865811 मानय दिवस सृजित करते हुए कुल रु. 1510.68 लाख का व्यय किया गया है। इसके साथ ही मनरेगा ध् स्वजल से 12425 शौचालयों का निर्माण हेतु रु. 12,000ध्- की दर से कुल रु. 14.91 करोड़ का व्यय किया गया है। इसके अतिरिक्त कन्वर्जेन्स के तहत कुल 3920 परिवारों को उज्जवला गैस कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गयी है। कुल 8113 लाभार्थियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करायी गयी तथा कुल 7733 लाभार्थियों को विद्युत कनेक्शन की सुविधा प्रदान की गयी है।

प्रदेश में स्टाफ नर्स की भर्ती परीक्षा सीएम के निर्देश पर हुई स्थगित

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कोविड की स्थिति में अभ्यर्थियो की सुरक्षा व सुविधा हेतु चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 28 मई को होने जा रही स्टाफ नर्स की सीधी भर्ती परीक्षा को प्रदेश के दो जनपदों की बजाय सभी जनपदों में आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।

बोर्ड द्वारा इसकी व्यवस्था करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध करने पर मुख्यमंत्री ने उक्त परीक्षा को स्थगित कर मध्य जून तक आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कोविड-19 संक्रमण की स्थिति में अभ्यर्थियो को आने जाने में असुविधा न हो, आवास की परेशानी ना हो और एक साथ अधिक भीङ न हो, इसलिए यह परीक्षा सभी जनपदों में करायी जाए , साथ ही यह भी निर्देश दिये की सभी जनपदों में परीक्षा को ले कर तैयारी शीघ्र पूरी कर ली जायें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने लिया बेरोजगारों के ज्ञापन का संज्ञान, संसोधन के साथ होगी नर्सिंग भर्ती

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नर्सिंग की भर्ती में मानकों में संशोधन के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के ज्ञापन का संज्ञान लेकर सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र आगामी कैबिनेट में लाया जाए। जिससे नर्सिंग की भर्ती में मानकों में आवश्यक संशोधन किया जा सके और ज्यादा से ज्यादा नर्सिंग प्रशिक्षित युवा उसमें शामिल हो सकें।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश के बाद राज्य में 1200 से ज्यादा पदों पर नर्सिंग स्टाफ की भर्ती होने जा रही है। लेकिन भर्ती के लिए 30 बेड के अस्पताल से एक साल के अनुभव और फार्म 16 की अनिवार्यता के कारण कई नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इस भाग लेने से वंचित हो रहे थे। इस पर नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन देकर मानकों में ढील देने की मांग की थी। जिससे अधिक से अधिक नर्सिंग प्रशिक्षित युवा इसमें भाग ले सकें।

कोरोना को हराकर आज से काम काज शुरू करते ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पहला निर्णय नर्सिंग भर्ती के मानकों में संशोधन का लिया। नर्सिंग बेरोजगार संगठन की ओर से दिए ज्ञापन का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटा दिया जाए। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार नर्सिंग भर्ती के लिए अब 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त को हटाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के सम्मुख रखेंगे। इस संशोधन के बाद फार्म 16 की अनिवार्यता भी स्वत ही खत्म हो जाएगी। साथ ही 30 बेड के अस्पताल में एक साल के अनुभव की शर्त भी हट जाएगी। कैबिनेट निर्णय के बाद नर्सिंग प्रशिक्षित बेरोजगार इसके लिए नर्सिंग भर्ती के लिए पात्र हो जाएंगे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आंकड़े जारी कर कहा बेरोजगारों के हाथों को दिया काम

देहरादून। भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवा बेरोजगारो के हाथो को काम दिया है नौकरियो की बंदरबांट नही की है। उन्होंने कहा कि वह अपने दावे पर कायम है कि सरकार ने 4 साल में सरकारी, गैर सरकारी में स्थाई और अस्थाई रूप से 7 लाख से अधिक लोगो को रोजगार दिया है। इसके लिए उन्होंने आंकड़े भी जारी किये।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भगत ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के रोजगार सम्बन्धी बयान पर चुटकी लेते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में नौकरियो की बंदरबांट के आरोप भी सामने आये थे। तब चहेतो को रेवड़ियों की तरह सरकारी नौकरियों के बंटने के भी आरोप लगे हैं। तब पिछले दरवाजे से हुई नियुक्तियों पर हंगामा भी हुआ था।

भगत ने कांग्रेस शासनकाल मे बेरोजगारों के साथ छलावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने बेरोजगारों को नही अपने चहेतों को सरकारी नौकरियां दी है। इसमें विधान सभा में 158 नियुक्तियों सहित अन्य कई विभागों में कई ऐसे मामले सामने आये जिसमे कहा गया कि मनमाफिक चहेतो को रोजगार दिया।

भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत की सरकार पूर्ण पारदर्शिता से सबका साथ सबका विकास की भावना से कार्य कर रही है। भाजपा सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अभी रोजगार का यह आंकड़ा और बढ़ेगा,क्योकि सरकार ने युवाओ को रोजगार देने के लिए वृहद रोड मैप बनाया है।

सरकार के बेहतर कामकाज पर कटाक्ष के बजाय विपक्ष रचनात्मक रूप से सुझाव दे और आगे आये। उन्होंने रोजगार और विकास के नजरिये से कांग्रेस को आइना दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस के सामने आत्ममंथन का समय है कि आज के मुकाबले उसके कार्यकाल में रोजगार और विकास की क्या स्थिति थी।

भाजपा अध्यक्ष बंशीधर भगत ने भाजपा सरकार के बेरोजगारों को दिए गए वर्षवार आंकड़े देते हुए कहा कि 2017 से 2020 तक युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंन्द्र सिंह रावत ने सभी विभागों में नए पदों का सृजन कर युवाओं को रोजगार देने का कार्य किया है ।

उन्होंने सृजित पदों के आंकड़ों का ब्यौरा भी दिया। जिनमें प्रमुख रूप से चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 562 पद, चिकित्सा में 1473 पद, उद्योग विभाग में 160675 पद, ग्रामीण विकास विभाग में 153360 पद, वन विभाग में 89280 पद, लोक निर्माण विभाग में 58163 पद, परिवहन विभाग में 58078 पद, पेयजल विभाग में 41630 पद, पर्यटन विभाग में 41630 पद, कौशल विकास एवं सेवायोजना में 30102 पद, माध्यमिक शिक्षा में 8611पद, सिंचाई विभाग में 8170 पद, शहरी विकास विभाग में 7630 पद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग में 6509 पद, आबकारी विभाग में 6043 पद, सैनिक कल्याण विभाग में 5509 पद, लघु सिंचाई में 4656 पद, ऊर्जा विभाग में 4289 पद, गन्ना किसान एवं चीनी उद्योग में 2847 पद, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति में 2703 पद, महिला सशक्तिकरण में 2596 पद, स्वास्थ्य विभाग में 2585 पद, डेरी विकास विभाग में 2481पद, सहकारिता में 2276 पद, मत्स्य विभाग में 2016 पद,

इसी कड़ी में भगत ने कहा उनकी सरकार द्वारा अन्य कई प्रशासनिक विभागों में पद सृजित हुए बेरोजगारों को रोजगार देने का कार्य किया गया है।

भगत ने नए सृजित पदों के भी आंकड़े साझा किये जिसके अंतर्गत 2017 से 2020 चिकित्सा क्षेत्र में 1810 पद, वित्त विभाग में 1583 पद, उच्च शिक्षा विभाग में 1247 पद, संस्कृत शिक्षा विभाग में 75 पद, गृह विभाग आयुष विभाग में 75 पद, सूचना प्रौद्योगिकी में 485 पद, तकनीकी शिक्षा में 473 पद, रेशम विकास विभाग में 426 पद, पशुपालन विभाग में 421पद, उद्यान विभाग में 318 पद, निर्वाचन विभाग में 272 पद, महिला कल्याण विभाग में 254 पद, जलागम प्रबंधन में 174 पद, सचिवालय प्रशासन में 138 पद, राज्य संपत्ति विभाग में 136 पद, ग्रामीण निर्माण विभाग में 110 पद, समाज कल्याण विभाग में 96 पद, सूचना विभाग में 33 पद, आवास विभाग में 27 पद, नागरिक उड्डयन में 24 पद, संस्कृत विभाग में 14 पद, कृषि विभाग में 12365 पद, वन एवं पर्यावरण विभाग में 45 पद, सचिवालय प्रशासन (अधिष्ठान अनुभाग) में 122 पद, उत्तराखंड न्यायिक सेवा सिविल जज में 28 पद, अर्थ एवं संख्याधिकारी में 14 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय में 877 पद।

भगत ने कहा कोविड के दौरान मनरेगा में पिछले साल की तुलना में 84000 अतिरिक्त परिवारों (200000 अतिरिक्त श्रमिकों) को रोजगार दिया गया। पिछले वर्ष की तुलना में 170 का अतिरिक्त व्यय भी त्रिवेंद्र सरकार द्वारा किया गया है ।

कहा कि त्रिवेंद्र सरकार सरकार ने कैंपा के माध्यम से 40000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना भी तैयार कर ली है। कहा की अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 2014 से 2017 तक केवल 8 परीक्षाएं आयोजित हुई जिनमें 801 पदों पर चयन हुआ, वहीं साल 2017 से 2020 तक 59 परीक्षाएं आयोजित की गई जिनमें 6000 पदों का चयन हुआ वर्तमान में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 7300 पदों पर अधियाचन और भर्ती प्रक्रिया जारी है। भगत ने आंकड़े के साथ रोजगार देने का दावा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 4 सालों में 712837 रोजगार सृजित कर बेरोजगारों को रोजगार दिया है।

नए साल पर यूपी सीएम का युवाओं को तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी फ्री कोचिंग

नए साल 2021 की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को तोहफा दिया है। योगी सरकार ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री कोचिंग देने का वायदा किया। बताया कि मंडल स्तर से इसके प्रथम चरण की शुरूआत होगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी यह सुविधा शुरू होगी।

गोरखपुर में अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोचिंग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जल्द नया सॉफ्टवेयर लाया जाएगा। योजना की शुरुआत भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा के लिए कोचिंग से होगी। उसके बाद अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी। योगी ने कहा कि यही नहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। ताकि उत्तर प्रदेश के युवा देश की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए स्वयं को अग्रिम पक्ति में पाएं। योगी ने कहा कि इससे छात्रों का पलायन रुकेगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रदेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना जिला और प्रदेश नहीं छोड़ना पड़ेगा।

स्पीकर प्रेमचंद ने दिए.सरकारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए छोटी सब्जी मंडी खोलने के निर्देश

ऋषिकेश में छोटी सब्जी मंडी पर बना सवाल अब समाप्त होगा। पुरानी जगह पर रोस्टर प्रक्रिया के तहत सब्जी मंडी संचालित होगी। आज इसके निर्देश विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को दिए। बैठक में उप जिलाधिकारी वरुण चैधरी एवं तहसीलदार अभिनव शाह मौजूद रहे।

स्पीकर ने अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है दुकाने न खुलने के कारण उन्हें अपना परिवार को पालना मुश्किल हो गया है। सब्जी मंडी खोले जाने में इस प्रकार की व्यवस्था की जाए कि सरकारी दिशानिर्देशों का भी पालन हो एवं गरीब फुटकर विक्रेताओं अपनी दुकान भी खोल सके।

विधानसभा अध्यक्ष ने समस्या का समाधान करते हुए भी कहा कि सब्जी फुटकर विक्रेता रोस्टर व्यवस्था के अनुरूप दुकान खोलें, जिसकी जिम्मेवारी उन्होंने फुटकर फल सब्जी विक्रेता समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता को दी। इसके अनुरूप एक दुकान छोड़कर एक दुकान खोली जानी है।

आपको बता दें कि फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेता समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से मिलकर अपनी समस्या का समाधान करने का आग्रह किया था।विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया था कि प्रशासन ने कोविड-19 के प्रकोप से बचाव हेतु जीवनी माई मार्ग से फुटकर फल व सब्जी मंडी को बंद कर दिया था तब से अधिकांश सब्जी विक्रेता काम न होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं ।उस दौरान फुटकर फल एवं सब्जी विक्रेताओं की समस्या को सुनकर स्पीकर ने जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव को दूरभाष पर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए थे।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष राजू गुप्ता, बबलू गुप्ता, राकेश गुप्ता, हेमंत कुमार, गोविंद गुप्ता, कैलाश चंद, ऋषि गुप्ता, कश्यप गुप्ता, ललित मिश्रा, नगर निगम पार्षद रीना शर्मा, अनिल गुप्ता, राधाकृष्ण गुप्ता, विनोद वर्मा, राजेंद्र चैरासिया आदि उपस्थित थे।