राज्य के 7 लाख 54 हजार 984 लाभार्थियों को 118 करोड़ 35 लाख रूपए का राहत पैकेज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ वर्चुअल संवाद में कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों के लिए 118 करोड़ 35 लाख रूपए के राहत पैकेज की घोषणा की। इससे राज्य में 7 लाख 54 हजार 984 लोग लाभान्वित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में इनका काफी योगदान रहा है। कोविड महामारी के दृष्टिगत इनके क्रियाकलापों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन स्वयं सहायता समूहों में मुख्यतः राज्य की महिलाएं कार्य करती हैं, जो कि पहाड़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कोविड महामारी के कारण इन महिला स्वयं सहायता समूहों और राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाओं के लाभार्थियों के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन्हें राहत देने के लिए इस पैकेज का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पैकेज के अंतर्गत उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आई.एल.एस.पी. के अन्तर्गत गठित 30,365 समूहों को उनके द्वारा लिए ऋण पर 24.82 करोड़ रूपये की ब्याज प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित 159 सी.एल.एफ. को प्रति सी.एल.एफ. 5.00 लाख रूपये का एक मुश्त अनुदान दिया जायेगा। जिसकी अनुमानित लागत रू0 7.95 करोड़ होगी।
उत्तराखण्ड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आई.एल.एस.पी. के अन्तर्गत गठित सक्रिय स्वयं सहायता समूहों को स्वावलंबन हेतु 6 माह के लिये आर्थिक सहायता भी प्रदान की जायेगी। जिसमें कुल 42989 समूहों को 2000 रूपये प्रतिमाह की दर से कुल 51.59 करोड़ रूपये की सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लाभार्थियों को 5 हजार रूपए प्रतिमाह की दर से 6 माह के लिए लिए गए ऋण पर ब्याज प्रतिपूर्ति दी जाएगी। इस पर कुल लागत 9 करोड़ रूपए आएगी।
मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के ऋण खाता धारकों को 6 माह के लिए ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इसकी अनुमानित लागत एक करोड़ रूपये है।
युवा कल्याण एवं प्रान्तीय विकास दल के युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को स्वावलम्बन हेतु 6 माह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 20 हजार समूहों को 2 हजार रूपए प्रति माह की दर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। जिस पर कुल 24 करोड़ रूपए का व्यय होगा।

आत्मनिर्भर भारत में महिला स्वयं सहायता समूहों का महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के सभी 13 जनपदों एवं 95 ब्लॉक से जुड़े स्वयं सहायता समूहों से वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों का इसमें महत्पूर्ण योगदान है। राज्य के विकास में मातृ शक्ति जिस मनोयोग से कार्य कर रही है, यह सबके लिए प्रेरणा है। ऊर्जा एवं उत्साह का संचार इसी तरह बना रहे। हमारी मातृ शक्ति पर बड़ी जिम्मेदारी होती है।

रोजगार और स्वरोजगार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक की शपथ लेते ही उन्होंने प्रदेश के युवाओं एवं मातृ शक्ति को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास शुरू कर दिये हैं। राज्य में अनेक सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी विभागों को स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए निर्देश दिये गये हैं। जिसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के अन्तिम पंक्ति के लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। सरकार जनता के साथ साझीदार के रूप में कार्य कर रही है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले सात वर्षों में राज्य में अभूतपूर्व कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पिछले सात सालों में केन्द्र सरकार से राज्य को हर क्षेत्र में भरपूर सहयोग मिला है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अनेक जन कल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश को मदद मिली है। केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं को विभिन्न माध्यमों से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत योजना वरदान साबित हुई है। केन्द्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल एवं सड़क कनेक्टिविटी में अनेक नये आयाम स्थापित हुए।

ग्राम्य विकास मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा राज्य में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। इनके लिए उत्पादों की बिक्री के लिए उचित व्यवस्था हो। अधिकारियों द्वारा समूहों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनी जाय और उनका समाधान किया जाय। अपने घर से कार्य कर आजीवका को बढ़ाने के लिए स्वरोजगार अच्छा माध्यम है।

13 जनपदों के महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री से साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी जनपदों के महिला स्वयं सहायता समूहों से बातचीत की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों के कार्यों और उन्हें आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली। साथ ही राज्य सरकार को और क्या सुधार करने चाहिए, इस पर महिला स्वयं सहायता समूहों के सुझाव भी प्राप्त किए। अधिकांश ने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए और अधिक उन्नत मशीनें उपलब्ध करवाए जाने और उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया।
अल्मोड़ा की भगवती स्वयं सहायता समूह की माया देवी ने कहा कि उन्होंने बकरीपालन के लिए 21 हजार रूपये का लोन लिया था। अभी तक वह 42 हजार रूपये की बकरी बेच चुकी हैं। अभी उनके पास 38 बकरियां हैं। उनके समूह में 7 सदस्य ये कार्य कर रहे हैं।
बागेश्वर की आशा देवी ने कहा उनके क्लस्टर द्वारा सिलाई-बुनाई का कार्य किया जा रहा है। आर्डर पर सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए ड्रेस बनाई जा रही है। कलस्टर में 266 महिलाएं जुड़ी हैं। एक महिला प्रतिमाह 8 से 10 हजार रूपये कमा रही है।
चमोली जनपद के जोशीमठ की नर्मदा देवी ने कहा कि उनके तपोभूमि क्लस्टर द्वारा पंचबद्री के लिए प्रसाद बनाया जा रहा है। जिसकी ऑनलाईन बिक्री भी की जा रही है।
चम्पावत में प्रगति संगठन द्वारा लोहे की कड़ाई बनाई जा रही है। लोहाघाट में इसके लिए ग्रोथ सेंटर बनाया गया है। इस कार्य से 40 महिलाएं जुड़ी हैं।
देहरादून के डोईवाला विकासखण्ड की रीना रावत ने कहा कि उनके समूह द्वारा मशरूम उत्पादन एवं फूड प्रोसेसिंग का कार्य किया जा रहा है। जिससे अच्छा फायदा हो रहा है।
बहादराबाद, हरिद्वार की पूनम शर्मा ने कहा कि उनके समूह द्वारा हरिद्वार के विभिन्न मंदिरों के लिए प्रसाद बनाया जा रहा है।
नैनीताल की मुमताज ने कहा कि उनके क्लस्टर में अनेक ऑर्गेनिक उत्पाद बनाये जा रहे हैं। इससे 1500 महिलाएं जुड़ी हैं।
पौड़ी की बबीता ने कहा कि उनके उमंग कलस्टर द्वारा मंडवे के बिस्कुट, लड्डू बनाये जा रहे हैं, ये उत्पाद आंगनबाड़ी केन्द्रों को सप्लाई किये जा रहे हैं।
ऊखीमठ, रूद्रप्रयाग की सरिता देवी ने कहा कि उनके दुर्गा स्वयं सहायता समूह द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर के लिए प्रसाद एवं दुग्ध आधारित उत्पाद तैयार किये जा रहे हैं।
टिहरी से कुंजापुरी क्लस्टर से जुड़ी नीलम देवी ने कहा कि स्थानीय दालों, अचार एवं मसालों का कार्य किया जा रहा है। उनके क्लस्टर से 365 महिलाएं जुड़ी हैं।
खटीमा, ऊधमसिंह नगर की शिक्षा देवी ने कहा कि उनके समूह द्वारा मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन एवं सब्जी उत्पादन से संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। हिमाद्री एवं सरस मार्केट के माध्यम से उत्पादों की बिक्री की जा रही है।
चिन्यालीसौड़, उत्तरकाशी की रीना रमोला ने कहा कि उनके अपर्णा स्वयं सहायता समूह द्वारा एल.ई.डी पर आधारित अनेक उत्पाद बनाये जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ में राखी बृजवाल एवं विमला देवी ने बताया कि नारी शक्ति समूह द्वारा बेकरी से संबंधित उत्पाद बनाये जा रहे हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्सेस स्टोरी पर आधारित ग्राम्य विकास विभाग की पुस्तक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद के चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत गौरा स्वयं सहायता समूह को एक लाख रूपए राशि का चेक, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऊधमसिंह नगर जिले नारी शक्ति क्लस्टर की श्रीमती चन्द्रमणि दास को सम्मानित किया। दिनांक 12 अगस्त को चन्द्रमणि को प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद का अवसर प्राप्त हुआ था।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, कुंवर प्रणव चौंपियन, राजेश शुक्ला, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, आनन्द बर्द्धन, सचिव एस. ए. मुरूगेशन एवं प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आयी महिला स्वयं समूहों की महिलाएं उपस्थित थे।

एक्शन में धामी सरकार-समूह ग के 1500 पदों पर फिर निकलने जा रही भर्तियां

उत्तराखंड में विभिन्न विभागों के 1500 से अधिक समूह ग पदों पर भर्तियां होंगी। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए इसी सप्ताह भर्तियों का विज्ञापन प्रकाशित कर दिया जाएगा।
पिछले दो माह के भीतर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने अलग-अलग विभागों के करीब ढाई हजार समूह ग के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। इनकी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। कुछ की आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बीच विभागों से धड़ाधड़ सिफारिश (अधियाचन) आ रहे हैं।
आयोग ने इनमें से आईटीआई धारकों के लिए कर्मशाला अनुदेशक, ड्राईवर, फॉरेस्ट गार्ड और कृषि विभाग में उद्यान पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी की भर्तियों का नोटिफिकेशन तैयार कर लिया है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि इन सभी पदों के लिए सप्ताहभर के भीतर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

इन पदों पर होगी भर्तियां
कर्मशाला अनुदेशक-120 पद
ड्राईवर-150 पद
फॉरेस्ट गार्ड-890 पद
कृषि उद्यान पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी-300 पद

500 से अधिक पदों के लिए अलग से भर्ती
आयोग के पास तमाम अधियाचन ऐसे आए हैं, जिनमें अलग-अलग विभागों में बेहद कम संख्या के पद हैं। पदवार भर्तियां निकालने में मुश्किल है। इसलिए आयोग ने सरकार से अपील की है कि बायलॉज में संशोधन किया जाए ताकि इन सभी पदों के लिए अलग से एक विज्ञापन प्रकाशित कर एक सामान्य अध्ययन की परीक्षा कराकर भर्ती की जा सके। आयोग सचिव संतोष बडोनी के मुताबिक, इन पदों की संख्या करीब 500 है।

प्रश्नों के चैलेंज, आयोग के लिए बन रहे मुसीबत
विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आंसर की जारी करने के बाद आयोग उम्मीदवारों को प्रश्नों को चैलेंज करने का मौका देता है। चूंकि, इसका कोई शुल्क नहीं है, इसलिए यह चैलेंज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। उम्मीदवार जरा सा संदेह होने पर भी सीधे आयोग को अपनी चुनौती भेज रहे हैं। जबकि देश में तमाम ऐसी परीक्षाएं होती हैं, जिनमें सवाल को चैलेंज करने पर शुल्क देना होता है। चैलेंज सही होने पर यह शुल्क लौटा दिया जाता है। इसी तर्ज पर अब भर्ती परीक्षाओं की आंसर की चैलेंज करने पर आयोग भी शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है।

लोक सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उठाई रोजगार और विकास की मांग

दून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे निर्माण में स्थानीय लोगों का पक्ष जानने के लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। लोक सुनवाई में सभी उपस्थित ग्रामीणों ने पूर्णरूप से प्रोजेक्ट को लगाये जाने पर सहमति के साथ ही समर्थन प्रदान किया। इसके अलावा स्थानीय व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही क्षेत्र के विकास की मांग भी की गई।

कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए एडीएम जीसी गुणवंत की अध्यक्षता में सोमवार को पुरकुल स्थित प्राचीन शिव मंदिर में लोक सुनवाई का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह रोपवे दोनों शहरों के लिए रोमांच और पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित होगा। वहीं, सबसे पहले मैसर्स मसूरी स्काई कार कम्पनी प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को रोपवे से होने वाले लाभ और परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि रोपवे से सृजित होने वाले रोजगार के अवसर में ग्रामीणों को प्राथमिकता देने के साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी काम किया जाए। जिस पर अवगत कराया गया कि ग्रामीणों को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के साथ क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा। रोपवे के निर्माण से बड़े पैमाने पर ढांचागत विकास होगा, जिससे मौजूदा क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। साथ ही मसूरी में भी इससे जुड़े कई विकास कार्य होंगे, जिसका पर्यटकों और स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। रोपवे से पर्यटक सुरक्षित व प्रदूषण मुक्त सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही दून और मसूरी के बीच सुंदर प्राकृतिक दृश्य भी देख सकेंगे। रोपवे से एक घंटे में दो हजार यात्री दोनों ओर सफर कर सकते हैं। दिन भर में रोपवे का 10 घंटे तक संचालन किया जाएगा। वहीं इस मौके पर यूटीडीबी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल उपाध्याय होमस्टे योजना के लिए आवेदन करने के बारे में भी बताया गया।

यूटीडीबी के निदेशक प्रशांत कुमार आर्य ने कहा रोपवे निर्माण के लिए ग्रामीणों ने विशेष सहयोग देने के साथ सहमति भी जताई है। इसके लिए क्षेत्र के ग्रामीण बधाई के पात्र हैं। पुरकुल गांव में रोपवे बनने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा दून से मसूरी रोपवे
देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाला यह रोपवे देश का सबसे लंबा (5.5 किमी) तथा एशिया का दूसरा सबसे लंबा रोपवे होगा। यह हांगकांग के गोंगपिंग 360 (5.7 किमी) से महज सौ मीटर ही छोटा है।

पर्यटकों को मिलेगी सुविधा, पर्यावरण का होगा बचाव
रोपवे निर्माण से पर्यटक दून से मसूरी 15-18 मिनट में पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में लगने वाले ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से यात्रियों को सुविधाजनक यातायात का साधन सुलभ होगा।

इस मौके पर पर्यटन विभाग के वरिष्ठ शोध अधिकारी एसएस सामंत, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, देहरादून जिला पर्यटन अधिकारी जसपाल सिंह चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह पुंडीर, क्षेत्र पंचायत सदस्य कनिका रावत, उपेन्द्र सिंह थापली, पूर्व अध्यक्ष मंडी परिषद, गोदावरी थापली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सहित होटल एसोसिएशन मसूरी और होटल एसोसिएशन देहरादून के पदाधिकारी मौजूद रहे।

सरकार का प्रयास, उद्योगो को अच्छी सुविधाएं मिले-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय सभागार में उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास योजना-2017 के स्वीकृत 23 दावों के लाभार्थियों को 35 करोड़ का उपादान वितरित किया। औद्योगिक विकास योजना भारत सरकार के उद्योग संवर्द्धन एवं आन्तरिक व्यापार विभाग द्वारा उत्तराखण्ड एवं हिमाचल प्रदेश के लिये 1 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2022 की अवधि तक लागू की गई है। इस योजना में प्लाण्ट एवं मशीनरी में किये कुल पूंजी निवेश के 30 प्रतिशत अधिकतम रू0 05 करोड़ तक का उपादान भारत सरकार से देय है। इसी प्रकार 5 वर्षों हेतु इकाईयों के प्लाण्ट एवं मशीनरी के इनस्योरेंस प्रीमियम की शतप्रतिशत प्रतिपूर्ति भी देय है।

योजना में पंजीकृत 725 इकाईयों में कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ और 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा
इस योजना में दिनांक 13-08-2021 तक 725 इकाईयों द्वारा पंजीकरण किया गया है, जिसमें कुल पूंजी निवेश रू० 8000 करोड़ तथा इससे लगभग 60,000 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इनमें 355 नई इकाईया स्थापित होंगी, जबकि 370 इकाईयों द्वारा अपने विद्यमान क्षमता में विस्तारीकरण किया जा रहा है। इन इकाइयों में 629 इकाईयां विनिर्माण क्षेत्र में जबकि 96 इकाईया सेवा में स्थापित हो रही है।

उद्योगों को बेहतर माहौल देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध-मुख्यमंत्री
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री के मिशन आत्म निर्भर भारत को सफल बनाने के लिये उद्योगों को बेहतर वातावरण एवं सहूलियते दिये जाने का यह प्रयास है। उन्होंने कहा कि विकास के लिये पूंजी निवेश जरूरी है। उद्योगों का संवर्धन एवं संरक्षण हमारा उद्देश्य है। उन्होंने उद्यमियों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है। सरकार सबकी साझेदार के रूप में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखण्ड को दिये गये औद्योगिक पैकेज के कारण प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की बड़ी संख्या में स्थापना हुई, आगे भी प्रदेश में देश विदेश के उद्यमी आये इसके लिये अनुकूल वातावरण का सृजन किया गया है। बाहर से आने वाले उद्यमियों को प्रदेश में आने के लिये यहां के उद्यमियों को आगे आना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिये गये हैं। वे स्वयं भी विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों एवं संगठनों से वार्ता करेंगे। कोरोना महामारी का वैश्विक प्रभाव सभी क्षेत्रों में पड़ा है हम सब आपसी समन्वय एवं सहयोग से इस चुनौती का सामना करने में सफल होंगे, इसकी उन्होंने उम्मीद जताई।
उन्होंने कहा कि उद्योग व्यापार से सम्बन्धित जितनी भी नीतियां प्रदेश में बनायी गयी हैं उन्हें और सुगम एवं लचीला बनाया जायेगा ताकि उद्यमियों एवं व्यापारियों को बेहतर सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थनीति अच्छी होगी तो देश प्रदेश का बेहतर विकास होगा। राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास सड़कों के निर्माण से सुविधायें बढ़ेंगी तथा उद्यमियों को सुविधा होगी।

केन्द्र के सहयोग से प्रदेश में कनेक्टीवीटी का विस्तार हुआ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन मिलता रहता है। जनपद उधम सिंह नगर एवं हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों के सुविधा के लिये अनेक बाईपास सड़कों का निर्माण के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने 32 हजार करोड़ की धनराशि प्रदान करने की सहमति प्रदान की है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे के तहत बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिये 12 हजार करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। रेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। हवाई सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है। हमारा उदेश्य उद्यमियों के साथ ही राज्यवासियों को बेहतर सुविधाये प्रदान करना अच्छे वातावरण से ही विकास की राह प्रशस्त होगी। उन्होंने सभी से इनमें सहयोगी बनने की अपेक्षा भी की है।
इस अवसर पर महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उपनिदेशक अनुपम द्विवेदी, औद्योगिक संगठनों से पंकज गुप्ता, विश्वास डाबर, हरेन्द्र गर्ग, महेश शर्मा सहित उपादान प्राप्त करने वाले 23 उद्योगों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।

कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता करेगी सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को और मजबूती दी जाएगी। समूहों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिल सके, इसके लिए जरूरी है कि मांग आधारित उत्पादन किया जाए। कोशिश की जाएगी कि समूहों का टाईअप बड़ी कम्पनियों से हो। मुख्यमंत्री, सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों से संवाद कर उनका फीडबैक ले रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इन्हें और अधिक मजबूती दी जाएगी। इन समूहों को क्या समस्याएं आ रही हैं, उनके अनुसार राज्य सरकार और क्या कर सकती है, इसे जानने के लिए यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बेहतर कीमत के लिए मांग आधारित उत्पादन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों की बेहतर कीमत मिल सके, इसके लिए बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन किए जाने की जरूरत है। निजी बड़ी कम्पनियों के साथ समूहों के जाइन्ट वेंचर की सम्भावनाएं भी देखी जाएंगी। दीनदयाल अन्त्योदय-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य स्वरोजगार के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों को सशक्त करना है।

स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरियां सीमित होती हैं, इसलिए राज्य सरकार का रिक्त पदों पर भर्ती के साथ ही लाखों लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने पर भी फोकस है। लोगों को बहुत बार औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण बैंक से ऋण स्वीकृत नहीं हो पाता है। इन समस्याओं को देखते हुए हमने कैम्प लगाने के निर्देश दिए हैं जहां राज्य सरकार के अधिकारी और बैंक अधिकारी मौके पर ही फार्म आदि भरने और औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता करेंगे।

कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की सहायता पर सरकार करेगी विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में उद्यमियों के साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार विचार करेगी कि कोरोना काल में प्रभावित महिला स्वयं सहायता समूहों की किस प्रकार सहायता की जा सकती है। रक्षा बंधन तक इस संबंध में कुछ न कुछ निर्णय लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश में मुफ्त वैक्सीन, सबको वैक्सीन का अभियान शुरू किया गया है। राज्य सरकार उत्तराखण्ड में आगामी चार माह में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से अपने आसपास के लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक किए जाने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, वैल्यु एडीशन, प्रशिक्षण और गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार ने बताया कि दीनदयाल अन्त्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 13 जिलों के 95 विकासखण्डों में संचालित की जा रही है। 33 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह इससे जुड़े हैं। लगभग 2.5 लाख महिलाएं इन समूहों की सदस्य हैं। प्रत्येक समूह को 10 से 15 हजार रूपए राशि का रिवाल्विंग फंड उपलब्ध करवाया जाता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने अपने समूह की गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी देते हुए सुझाव भी दिए। कुछ महिला स्वयं सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री को अपने उत्पाद भी भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों की पासिंग आउट परेड में प्रतिभाग किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी एकेडमी, मसूरी में आईटीबीपी के 42 सहायक सेनानी (जी.डी.) एवं 11 सहायक सेनानी (अभियन्ता) की पासिंग आउट परेड समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी 53 प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आईटीबीपी जैसे उत्कृष्ट बल में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिसके हिमवीर लद्दाख के कराकोरम पास से अरुणाचल प्रदेश के जेचप ला तक 3488 कि०मी० की अति दुर्गम सीमा की सुरक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिकों ने आजादी के बाद हर संघर्ष में अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने बल के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि शहीदों की शहादत के कारण ही आज हम सुरक्षित हैं।
“ये देश चैन से सोता है, वो पहरे पर जब होता है,
जो आँख उठाता है दुश्मन तो अपनी जान वो खोता है, उनकी वजह से आज सुरक्षित ये सारी आवाम है,
सरहद पर खड़े रखवालों को दिल से मेरा सलाम है।”

आईटीबीपी के हिमवीरों का सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक पूर्व सैनिक के पुत्र हैं और इस कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है, ’वीर भोग्या वसुन्धरा’। हमारे आईटीबीपी के हिमवीर हमेशा मातृभूमि की सुरक्षा, अपने ध्येय वाक्य “शौर्य दृढ़ता, कर्म निष्ठा के साथ करते है। हिमालय में माउन्टेन क्लाईमबिंग हो या रीवर राफ्टिंग जैसे साहसिक खेल-कूद या फिर सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों के लिये कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन, प्रत्येक क्षेत्र में इस बल ने न केवल अमिट छाप छोड़ी है, बल्कि अन्य बलों के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत किये है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में आपदा के दौरान सहायता के लिए आईटीबीपी का आभार व्यक्त किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि बल द्वारा आपदा प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। बल के हिमवीरों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं एवं दुर्घटनाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को बेहद तत्परता एवं कुशलता के साथ किया है। 2013 की केदारनाथ आपदा तथा 2021 में तपोवन आपदा के समय आईटीबीपी के द्वारा आपदा प्रबंधन हेतु किये गये प्रयासों से जान माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सका। इस बल द्वारा हमारे राज्य में कैलाश मानसरोवर यात्रा, चार धाम यात्रा तथा राज्य के सुदूर व दुर्गम क्षेत्रों में यात्रियों एवं आम जनमानस को सुरक्षा एवं मेडिकल कवर प्रदान करवाने की जिम्मेदारी को लगातार कई वर्षों से सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य की समस्त जनता की ओर से बल कर्मियों के इस अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

सैनिकों के परिजनों के दर्द को महसूस किया है-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सैनिक की वीरता तो बाल्यकाल से देखी ही है पर उनके परिजनों का संघर्ष भी देखा है। उस माँ बाप का दर्द देखा है जिसका बेटा सीमा पर देश की आन, बान शान के लिये लड़ रहा है। उस पत्नी के आँखों की विकलता देखी है जो पति के आने की बाट जोहते-जोहते कब बूढी व बीमार हो जाती है पता ही नही चलता। उन बच्चों की सिसकती हुई किलकारियों को सुना है जो अपने पिता से गले मिलने को व्याकुल हों। कितना संघर्ष है एक सैनिक के जीवन में परन्तु इसके बावजूद भी वो दृढता पूर्वक अपने देश के स्वाभिमान को बचाने के लिये हमेशा तत्पर रहता है। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरे समर्पण के साथ कार्य करेंगे और हमेशा अपने मातहतों के कल्याण को ध्यान में रखेंगे। एक कुशल और योग्य लीडर के रूप में अपने आपको साबित करेंगे। मुख्यमंत्री ने अकादमी के प्रशिक्षण स्टाफ को भी उत्कृष्ठ स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी प्रकार का बेहतरीन प्रशिक्षण प्रदान करते रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, श्री सुरजीत सिंह देसवाल, महानिदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, एडीजी अभिनव कुमार, दलजीत सिंह चौधरी, मनोज रावत एडीजी आईटीबीपी, निलाभ किशोर, महानिरीक्षक/निदेशक, भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी, अजयपाल सिंह, ब्रिगेडियर डॉ रामनिवास सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित थे।

डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मौके पर मंत्री के समक्ष पदाधिकारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगे रखी।
शनिवार को संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरि सिंह ने कैबिनेट मंत्री से निदेशालय के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन की मांग की। साथ ही वर्ष 2012 से उत्तीर्ण पशुधन प्रसार अधिकारी को डिप्लोमा वितरित करने, डिप्लोमा वेटनरी कॉउंसिल का गठन करने, मृत पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र उसी जगह में सम्बंधित अधिकारी द्वारा निर्गत करने, पशु सेवा केंद्र व पशु चिकित्सालय में एक-एक सहायक को नियुक्त करने की मांग की।
साथ ही सभी पशु सेवा केंद्रों का पशु चिकित्सालय द श्रेणी में संविलयन करने, पशुधन प्रसार अधिकारी की सीधी भर्ती लोक सेवा आयोग से करवाने सहित 11 मांगे रखी गयी। इस पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सभी मांगो को बारीकी से सुना। इस संबंध में सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस मौके पर सचिव पशुपालन आर मीनाक्षी सुंदरम, निदेशक डॉ प्रेम कुमार, संयुक्त निदेशक नीरज सिंघल, डिप्लोमा पशु चिकित्सा सेवा संघ के प्रदेश महा सचिव जगमोहन नोटियाल, संघ के सचिव एस पी पैन्यूली, देहरादून जिला के अध्यक्ष रमेश चंद भट्ट आदि मौजूद रहे।

सरकारी नौकरी के साथ ही स्वरोजगार के अवसर भी पैदा कर रही सरकार-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वरोजगार से ही आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य पूरा हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने सचिवालय में प्रदेश के विभिन्न विभागों में संचालित स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए तय लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को बैकों से लोन लेने में कोई समस्या न हो, इसके लिए सभी बैंकर्स के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाए। लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए और उनकी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सभी जनपदों में स्वरोजगार के लिए कैम्प लगाये जाए। इसके लिए प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाय। रोजगार कैंप में जिला स्तरीय अधिकारी एवं बैंक के अधिकारी केन्द्र एवं राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे और मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे।

1 से 15 सितम्बर तक लगेंगे जनपदों में कैम्प
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि 1 से 15 सितम्बर तक जनपदों में जो कैंप लगाये जायेंगे, उनमें जिलास्तरीय अधिकारी और बैंक के अधिकारी सभी आवेदनों का निस्तारण करते हुए लोन स्वीकृति की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। 30 सितम्बर तक सभी सही पाए जाने वाले आवेदकों के लोन स्वीकृत कर दिये जाएं। लोन के लिए बैंकों में प्राप्त आवादनों के शीघ्र निस्तारण के लिए बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ब्रांच स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग करें। आवेदकों को व्यर्थ चक्कर न काटने पङें। उन्होंने कहा कि सभी योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिए। समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं पहुंचे, यह हम सबकी जिम्मेदारी है। योजनाओं का विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार किया जाय। सरकार जनता के द्वार पहुंचकर जन समस्याओं का समाधान करेगी।

प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र से खुलेंगे समृद्धि के द्वार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल के मंत्र को अपना कर राज्य की प्रगति में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। हमारे युवाओं में कौशल और प्रतिभा की कमी नहीं है। हमारे स्टार्ट-अप उद्योग की सफलता हमारे युवाओं के उत्साह को दिखाती है। स्वरोजगार से जुड़ने वाले लोगों के लिए मार्केट उपलब्ध करवाने पर भी फोकस करना होगा। उत्पादों की उच्च गुणवत्ता पर भी ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।

स्वरोजगार के लिए विभागों को दिए गए लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत स्वरोजगार से संबंधित मुख्य विभागों को लक्ष्य दिये। ग्राम्य विकास विभाग, समाज कल्याण, कृषि, पशुपालन, शहरी विकास, उद्योग एवं पर्यटन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी विभागों को लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस वर्ष के टारगेट दिये। ग्राम्य विकास विभाग को 10 हजार, समाज कल्याण को विभाग को 1500, पशुपालन विभाग को 4 हजार, शहरी विकास को 26 हजार, उद्योग विभाग को 4500 एवं पर्यटन विभाग को 500 का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कार्यवाही में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए विभागों द्वारा सक्सेस स्टोरी बनाई जाय और लोगों को जागरूक किया जाय।

पोर्टल बेस्ड एप्रोच पर काम करें विभाग- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में और तेजी लाई जाय। योजनाओं का जन-जन तक लाभ पहुंचे यह सभी अधिकारियों की सामुहिक जिम्मेदारी है। लाभार्थियों के आवेदनों की कमियों का त्वरित निस्तारण कर उनको योजनाओं का लाभ दिया जाय। कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभाग पोर्टल बेस्ड एप्रेच पर काम करें।

बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव एल. फैनई, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलैश बगोली, राधिका झा, रंजीत सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कोर्ट के आदेश के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर बोला हमला

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में आग लगने के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को छह माह में वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों को मजबूत करें और वर्षभर जंगलों की निगरानी करवाएं। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर कहा था कि वन विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर शैक्षणिक योग्यता घटाकर हाईस्कूल कर दी गई है ताकि पदों को भरा जा सके। दो हजार पदों पर भर्ती प्रकिया जारी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से चार सितंबर तक विस्तृत जवाब पेश करने के लिए कहा है।

कोर्ट के आदेश के बाद नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हर बात का सज्ञान कोर्ट ले रहा है। सरकार को निर्देश दे रहा है उसके बाद भी सरकार काम नहीं कर रही है। राज्य में सरकार नाम की चीज नजर नहीं आ रही है। वन विभाग में कई महीने से फाॅरेस्ट गार्ड के पद खाली पड़े हैं, परंतु भाजपा सरकार इस की सुध नहीं ले रही है। राज्य में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, वन विभाग में खाली पड़े पदों को भरने के प्रति राज्य सरकार उदासीन है। नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में आग लगने के मामलों पर स्वतरू संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए छह माह में वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। पहले भी कोर्ट ने गांव स्तर से ही आग बुझाने के लिए कमेटियां गठित करने के लिए कहा था, जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया। सत्ता में आते ही कांग्रेस सबसे पहले सभी पदों को भरने का काम करेगी।

प्रदेश में उद्योगों के लिए बनाई जायेगी अनुकुल और अधिक कारगर नीतिः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये उद्योगों के अनुकुल और बेहतर नीतियां बनायी जायेगी। देश भर के उद्यमी उत्तराखण्ड में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए तैयार हो इसके लिये भी कारगर प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.) के पदाधिकारियों से इसमें सहयोगी बनने को कहा है।
मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में सी.आई.आई. उत्तराखण्ड के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के विकास में उद्योगों की बड़ी भूमिका है। राज्य में अधिक से अधिक नये उद्योग स्थापित हो, पुराने उद्योगों को भी और बेहतर सुविधायें मिले इसके लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य का माहौल उद्योगों के अनुकूल है। यहां का शान्त वातावरण, राष्ट्रीय राजधानी से नजदीकी, बेहतर सड़क, रेल एवं हवाई सुविधायें यहां उपलब्ध हैं। उद्योग और श्रमिकों के आपसी सम्बन्ध बेहतर एवं उद्योगों के अनुकूल है। राज्य में स्थापित उद्योगों की सुविधा का राज्य सरकार पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने सी.आई.आई. के पदाधिकारियों से प्रदेश में नये उद्योगों की स्थापना में सहयोगी बनने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के क्षेत्र में सहयोग हेतु उनके जो भी सुझाव हो उसे उपलब्ध कराये, उनके सुझावों पर तत्परता के साथ अमल किया जायेगा।
इस अवसर पर अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री अभिनव कुमार, सी.आई.आई. उत्तराखण्ड के चेयरमैन विपुल डाबर, उपाध्यक्ष सोनिया गर्ग, पूर्व चेयरमैन राकेश ओबराय, राजीव बेरी, हेमन्त अरोरा, मनु कोचर, विकास गर्ग, राहुल सिंघल, सुमनप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे।