एकल खिड़की सिस्टम, कई योजनाओं को मिलेगा आकार

मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य में उद्योगों की स्थापना के लिये विभिन्न विभागों से वांछित स्वीकृतियों, अनुज्ञापनों, व अनुज्ञायें प्राप्त करने के लिये गठित उत्तराखण्ड उद्यम एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन अधिनियम 2012 के अंतर्गत राज्य प्राधिकृत समिति की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में 12.936 करोड़ लागत के मैसर्स बागनाथ पावर प्रा0 लि0 सोलर पावर परियोजना लागत 12.936 करोड़ के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस स्वीकृत प्रोजेक्ट में 13 लोगों को सेवायोजन प्राप्त होगा। इसी क्रम में पोलट्री हैचरी के 43 करोड़ 71 लाख लागत के भगवानपुर हरिद्वार प्रोजेक्ट को स्वीकृत दी गई, जिसमें 68 लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
इसी क्रम में मेगा इन्डस्ट्रियल एण्ड इन्वेस्टमेंट पॉलिसी 2015 एण्ड मेगा टेक्सटाईल पार्क पॉलिसी 2014 के तहत मैसर्स बालाजी एक्शन बुल्डवेल द्वारा प्रस्तावित अक्टूबर 2018 से मार्च 2020 तक के विद्युत बिलों के छूट के प्रस्तावों पर स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर मुख्य सचिव द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई, तथा ब्याज अनुदान की राशि 10 लाख 86 हजार 816 रूपये छूट की स्वीकृति दी गई।
मैसर्स गलवालिया इस्पात उद्योग प्रा0लि0 को अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल के छूट के प्रस्ताव पर स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर मुख्य सचिव द्वारा स्वीकृति दी गई। इसी क्रम में मैसर्स फुटवियर को 18 लाख 4 हजार 968 रूपये की स्टांप डयूटी की अदायगी मैसर्स नीटछेम लाईफसाइन्स को 40 लाख 28 हजार 719 धनराशि की स्टाम्प डयूटी अदायगी, मैसर्स अल्टीमेट फ्लेक्सी को अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल की छूट स्टेट लेवल कमेटी की संस्तुति पर विद्युत बिल में छूट तथा 2 लाख 31 हजार का ब्याज अनुदान की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में मैसर्स पारले एग्रो प्रा0लि0 का ब्याज अनुदान स्वीकृत किया गया। मैसर्स सिवान्ता स्पूनटैक्स प्रा. लि. को अक्टूबर 19 से मार्च 2020 तक की अवधि के विद्युत बिल की स्टेट लेवल कमेटी के अनुमोदन के आधार पर स्वीकृत दी गई।
काशीपुर में मैसर्स ऊषा एलुमिनियम प्रा0 लि0 उद्योग लागत 22.40 करोड़ के प्रस्ताव, 24 करोड़ लागत के मैसर्स कार्बेट द आईकन स्पा एण्ड रिजोर्ट के प्रस्तुत प्रस्तावों को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।
एक अन्य परियोजना नैनबाग टिहरी में 3 मेगावाट क्षमता के मैसर्स रैसून एनर्जी प्रा0 लि0 के सोलर एनर्जी पावर जनरेशन के 12 करोड़ 45 लाख के प्रोजेक्ट तथा काशीपुर के 360 करोड़ के मैसर्स बेहल पेपर्स मिल लि0 के प्रस्ताव को तथा बाजपुर में मैसर्स मौनार्ड इण्डस्ट्रीज के प्रस्ताव को शीघ्र आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने सम्बन्धित विभागों को उद्योगों इकाई की स्थापना में अपने विभाग से संबंधित आपत्तियों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिये।
बैठक में प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार, सचिव राजस्व सुशील कुमार, एमडी सिडकुल एस. मुरूगेशन, अपर सचिव उर्जा कैप्टन आलोक शेखर तिवारी तथा निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल, उपनिदेशक पल्लवी जोशी सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

कृषि मंत्री ने कहा-रोजगारपरक खेती से प्रदेश के किसानों को जोड़ना होगा

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने सचिवालय में कृषि एवं इससे सम्बद्ध विभागों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं की जानकारी सभी सीडीओ को होनी चाहिए, इसके लिए विभाग और सीडीओ आपसी समन्वय बनाकर कार्य किए जाएं।
कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों से विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग एवं सीडीओ द्वारा इनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने किसानों की आर्थिकी को मजबूती प्रदान करने के लिए अधिकारियों के सुझाव भी मांगे ताकि अच्छे सुझावों को लागू किया जा सके। रेशम विभाग के अधिकारियों से कपड़ा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए उत्पादन गति बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने उनके द्वारा 3 वर्ष पूर्व जिला उद्यान अधिकारी एवं मुख्य उद्यान अधिकारी को एक-एक ग्राम गोद लिए गये गावों की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गोद लिए गए गावों में क्लस्टर बेस्ड कृषि पर अधिक फोकस किया जाए। उन्होंने प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत ड्रिप सिंचाई को प्रायोरिटी के साथ लिए जाने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में विकास के लिए परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनोवेटिव होने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में 90 प्रतिशत किसान स्मॉल एवं मार्जिनल लेवल के हैं। आत्मनिर्भर भारत योजना के अन्तर्गत एफ पी ओ की नाबार्ड के माध्यम से प्रस्तुतीकरण करवा कर पूर्ण जानकारी गावों तक पहुंचाई जाए।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में एरोमैटिक और हर्बल की अत्यधिक संभावनाएं हैं। एरोमा के क्षेत्र में क्लस्टर बेस्ड योजनाएं लायी जाएं। इसके साथ ही, गुलाब के उत्पादन के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में योजना तैयार की जाए। हर्बल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट को भी औषधीय पौधों के लिए विशेष योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। यह क्षेत्र रोजगार एवं आय का एक महत्वपूर्ण श्रोत बन सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों के उत्पादों की मार्केटिंग के लिए एक मैकेनिज्म तैयार किया जाए।
उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फलों के ट्रेडिशनल प्लांट्स की प्लांटेशन को छोड़ उच्च गुणवत्ता के प्लांट्स की प्लानिंग को शुरू किया जाए। मुख्यमंत्री एकीकृत बागवानी विकास योजना आत्म निर्भर भारत के अन्तर्गत ऑपरेशन ग्रीन योजना कलैक्टिव फार्मिंग में अधिक ध्यान दिया जाए। लोगों को जानकारी उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम के उत्पादन को बढ़ा कर दूसरे कृषि उत्पादों की ओर आकर्षित किया जाए। जनपद स्तर में अधिकारियों को आ रही समस्याओं के लिए कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। सोइल मैप और उसके अनुरूप फसलों की जानकारी का चार्ट सीडीओ को भी उपलब्ध कराया जाए ताकि उस फसल के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकें।
इस अवसर पर सचिव हरबंश चुग सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी, जनपदों से मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

20 हजार कर्मचारियों को 20 प्रतिशत मानदेय में बढ़ोत्तरी की सौगात

त्रिवेन्द्र सरकार ने उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) के माध्यम से विभिन्न विभागों में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के मूल मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे प्रदेश में 20 हजार से अधिक उपनल कर्मियों को लाभ मिलेगा। सैनिक कल्याण विभाग ने मानदेय वृद्धि के आदेश जारी कर दिए हैं। 
अपर सचिव सैनिक कल्याण विभाग प्रदीप सिंह रावत की ओर से जारी आदेश के अनुसार उपनल कर्मियों के मानेदय में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्ष 2018 में सरकार ने उपनल कर्मियों का मानदेय बढ़ाया था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2019 में मानेदय नहीं बढ़ाया गया।
सरकार ने वर्ष 2019 व 2020 के लिए उपनल कर्मियों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। सरकार की ओर से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी करने से अकुशल कर्मचारी के मूल मानदेय में 1392 रुपये की वृद्धि हुई है।
इसी तरह अर्द्धकुशल के मानेदय में 1602 रुपये, कुशल के में 1778 रुपये, उच्च कुशल के में 1978 रुपये और अधिकारी श्रेणी में 5935 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अगले साल से उपनल कर्मियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। 
उपनल कर्मचारी महासंघ के महामंत्री हेमंत रावत ने कहा कि उपनल कर्मचारी काफी समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर हमने कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी मुलाकात की। आखिरकार सरकार ने हजारों कर्मचारियों की बात सुनी है।
वहीं, उपनल के एमडी ब्रिगेडियर पीसीएस पाहवा ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी का मामला काफी समय से लंबित था। इस संबंध में हमने विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया। सभी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अब उन्हें सम्मानजनक वेतन मिलेगा।

अन्तरराष्ट्रीय मानकों के तहत कुशल युवाओं को तैयार करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय देहरादून से हरिद्वार के जगजीतपुर आईटीआई में स्थापित अन्तरराष्ट्रीय स्तर के नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित स्मार्ट वैल्डिंग लैब का ई-लोकार्पण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जगजीतपुर, आईटीआई के आधुनिकीकरण से राज्य में आईटीआई के आधुनिकीकरण की अच्छी शुरूआत हुई है। हमें क्वाटिंटी के बजाय क्वालिटी एजुकेशन पर अधिक ध्यान देना होगा। उत्तराखण्ड में आईटीआई एवं पाॅलिटेक्निक में गुणातम्क सुधार की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। जगजीतपुर में आईटीआई का जो आधुनिकीकरण किया गया है। इससे जो छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण लेंगे। उन्हें रोजगार के अनेक अवसर मिलेंगे। इस आईटीआई में प्रशिक्षण के लिए आधुनिकतम तकनीक का प्रयोग होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग द्वारा जिन आईटीआई के आधुनिकीरण की योजना बनाई गई, यह कार्य जल्द किया जाय। यह समय कार्य के लिए उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए आईटीआई में आधुनिक यंत्रों का इस्तेमाल हो। जिससे युवाओं को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार, इंडस्ट्री एवं प्रशिक्षण संस्थान आपसी सामंज्य से कार्य कर रहे हैं। इससे इंडस्ट्रियों को किस क्षेत्र में काम करने वालों की डिमांड अधिक है, किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक ध्यान देने की जरूरत है एवं युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर कैसे बढ़ सकते हैं, इसकी जानकारी रहेगी।
कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि राज्य में 25 आईटीआई को हाईटैक किया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि युवाओं के हाथ में हुनर हो। प्रधानमंत्री जी के स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रशिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आईटीआई एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें युवाओं का कौशल विकास अच्छे तरीके से हो तो, इसमें रोजगार एवं स्वरोजगार की बहुत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जगजीतपुर हरिद्वार में आईटीआई का जो आधुनिकीकरण किया गया है, यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वैल्डिंग एक ऐसा कार्य है, जिसकी जरूरत हर क्षेत्र में है। प्रशिक्षण संस्थानों में संख्याबल की अपेक्षा गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दिये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।
सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन डाॅ. रणजीत सिन्हा ने कहा कि श्रीनगर आईटीटाई को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा। आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। इंडस्ट्री से निरन्तर समन्वय स्थापित किये जा रहे हैं, कि उद्योगों को किन-किन क्षेत्रों में मेन पावर की अधिक आवश्यकता है।

बाजपुर चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट की मंजूरी, बढ़ेगी आय

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में गन्ना किसानों की आर्थिकी में सुधार के लिए किसानों के व्यापक हित में गन्ने के बहुआयामी उपयोग पर ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री आवास में बाजपुर चीनी मिल परिसर में प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, गन्ना उत्पादन के विविधीकरण, ऊर्जा उत्पादन, एथेनॉल उत्पादन पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर चीनी मिलों के संबंध में जो भी कार्यवाही की जानी है उन पर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजपुर चीनी मिल परिसर में एथेनॉल प्लांट के लिए अपेक्षित भूमि उपलब्ध है। उन्होंने इस अवसर पर इथेनॉल प्लांट की स्थापना के संबंध में प्राज टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतीकरण का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अन्य चीनी मिलों में भी इसकी संभावना तलाशने की बात कही। चीनी मिलों में चीनी के अलावा सीरा व बगास का भी बेहतर उपयोग हो इस दिशा में भी कार्य योजना बनाई जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेंद्र सिंह, प्रबंध निदेशक गन्ना एवं चीनी चंद्रेश यादव, बाजपुर चीनी मिल के जीएम प्रकाश चन्द्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ऑल वेदर रोड परियोजना के निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में ऑल वेदर रोड परियोजना की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना राष्ट्रीय एवं सामरिक महत्व की महत्वपूर्ण परियोजना है, इसके क्रियान्वयन मे आ रही कठिनाइयों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्धता के साथ निराकरण किया जाय। उन्होने कहा कि चार धाम ऑल वेदर रोड योजना राज्य सरकार के साथ ही भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इस योजना को निर्धारित अवधि के अन्दर पूर्ण किया जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 889 कि0मी0 की लगभग 11700 करोड़ की यह योजना राज्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। योजना के पूर्ण होने पर चारधाम यात्रा मार्ग पर आवागमन में सुविधा होने के साथ ही सीमान्त क्षेत्रों तक आवाजाही में आसानी होगी। यह योजना इस क्षेत्र के विकास की नई राह भी प्रशस्त करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण में आ रही कठिनाइयों को नियमित रूप से सभी सम्बन्धित विभाग नियमित रूप से समीक्षा कर उनका निराकरण करें। इस सम्बन्ध में भारत सरकार के स्तर से जो स्वीकृतियां प्राप्त की जानी है। उन्हें सन्दर्भित किया जाय। भारत सरकार द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है इसके लिए धनराशि की भी कोई कमी नही है। मुख्यमंत्री ने उर्जा विभाग को सड़क निर्माण में बाधक विद्युत लाईनों को तुरन्त शिफ्ट करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को सभी आवश्यक सहयोग एवं सुविधाये भी दिये जाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग को पेयजल लाइन शिफ्ट करने के भी निर्देश दिये। सड़क निर्माण में बाधक वृक्षों के कटान की स्वीकृति के लिए भी शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भागीरथी इको सेंसिटिव जोन के अन्तर्गत सड़क निर्माण के लिए 15 दिन के अन्दर इन्वायरमेंट इम्पेक्ट एसेसमेंट की व्यवस्था की जाय। ताकि इस क्षेत्र में बनने वाली सड़क निर्माण में भी तेजी आ सके। मुख्यमंत्री ने चारधाम सड़क मार्ग पर किये जाने वाले वृक्षारोपण की योजना भी तैयार करने को कहा। इसके साथ ही सड़को के आस-पास स्थापित किये जाने वाले पेट्रोल पंप, विश्राम स्थलों, इको पार्को के लिए भी स्थान चिन्हित किये जाय। उन्होंने अतिरिक्त भूमि पर महिला स्वयं सहायता समूहो के लिए कियोस्क बनाये जाने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण का मुवाअजा प्राप्त करने वाला कोई भी व्यक्ति छूटने न पाये इसका भी ध्यान रखने को कहा। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण सामाग्री नियमित रूप से उपलब्ध होती रहे इसकी भी व्यवस्था की जाय।
समीक्षा बैठक में आल वेदर रोड निर्माण के लिये कार्यदायी संस्थाओं में लोक निर्माण विभाग द्वारा ऋषिकेश-रूद्रप्रयाग (140कि0मी0), एन.एच.आई.डी.सी.एल एवं बीआरओ द्वारा रूद्रप्रयाग-माणा (160 कि0मी0), बीआरओ एवं पीआईयू ऋषिकेश-धरासू (144 कि0मी0), एनएचआईडीसीएल एवं बीआरओ धरासू-गंगोत्री (124 कि0मी0), एनएचआईडीसीएल एवं पीडब्लूडी धरासू-यमुनोत्री (95 कि0मी0), पीडब्लूडी रूद्रप्रयाग-गौरीकुंड (76 कि0मी0), पीडब्लूडी टनकपुर-पिथौरागढ़ (150 कि0मी0) में सात पैकेजों पर चल रहे निर्माण कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि 672 की0मी0 के 40 स्वीकृत कार्यों पर निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। अन्य अवशेष सड़को के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रक्रिया गतिमान है।
बैठक में मुख्य सचिव ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव आनन्द वर्धन, सचिव आर0के0सुधांशु, नीतेश झा, सुशील कुमार, अपर सचिव नीरज खेरवाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित थे।

प्रदेश के 21 हजार उपनल कर्मियों को राहत, अकारण उपनल कर्मियों को नहीं हटाया जाएगा

उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) से आउटसोर्स पर शासन ने अपना फैसला सुनाया है। अपर मुख्य सचिव सैनिक कल्याण विभाग राधा रतूड़ी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बिना वजह प्रदेश के करीब 21 हजार उपनल कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा। साथ ही पूर्व में नौकरी से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा से ज्वाइनिंग दी जाएगी। इसके लिए विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष और नियुक्ति अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।

मुख्य सचिव ओम प्रकाश के निर्देश पर सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों तथा उपनल के प्रबंध निदेशक को यह आदेश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा कि विभिन्न विभागों की ओर से उपनल कर्मियों को बिना कारण हटाया गया है। ऐसे कर्मचारी यदि कदाचार, अनुशासनहीनता, अयोग्यता व अकार्य कुशलता के दोषी नहीं हैं। उन्हें पद उपलब्ध होने एवं अन्य अर्हता पूरी करने पर दोबारा आउटसोर्स पर रखा जाएगा। वर्तमान परिस्थितियों में यदि जनहित व शासकीय हित में ऐसे कर्मचारियों की आवश्यकता है तो उनको नियुक्त करने की प्रक्रिया को जारी रखा जा सकता है। आदेश में बेवजह हटाए गए कार्मिकों को उपनल के माध्यम से दोबारा समायोजित करने की कार्रवाई करने को कहा गया है। साथ ही ताकीद दी गई है कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए संबंधित विभाग एवं कार्यालय के नियुक्ति अधिकारी, कार्यालयाध्यक्ष व विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।

कड़कनाथ के चूजों का एक माह में होगा वितरण, जिला योजना के बजट से खरीदे जाएंगे चूजे

कोविड-19 में उत्तराखंड लौटै प्रवासी युवाओं को गांव में रोकने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़े रखने के लिए जिला योजना के बजट से सरकार ने पहल की है। सरकार इस बजट से पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिले में पशुलोक ऋषिकेश से 70 हजार कड़कनाथ मुर्गी के चूजे भेजने जा रही है। 10 सितंबर से यह चूजे पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराए जाएंगे।

पहली बार जिला योजना के बजट से पशुपालन विभाग मुर्गी के चूजे खरीद रहा है। पशुलोक ऋषिकेश स्थित कुक्कट प्रक्षेत्र के प्रभारी अधिकारी डा. मनोज तिवारी ने बताया कि पौड़ी जिले को कड़कनाथ के एक माह के 60 हजार चूजे और चमोली जिले को 10 हजार चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हर आठ दिन बाद कई अलग जिले को 1500 चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। 10 सितंबर से यह चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे।

कुक्कट प्रक्षेत्र पशुलोक में सात जुलाई को हैदराबाद से एक दिन के रेनबो रोस्टर के 1800 चूजे आए हैं। डॉण्मनोज तिवारी ने बताया कि यह चूजे कुक्कट प्रक्षेत्र में पाले जाएंगे। रेनबो रोस्टर के 1600 मुर्गों की लॉट की नीलामी होनी है। ऐसे में यह चूजे उनके स्थान पर भरे जाएंगे। कुक्कट प्रक्षेत्र में 72 हफ्ते की आयु पूरी होने के बाद मुर्गों की नीलामी की जाती है।

यूटयूब में वेस्ट मेटिरियल से उपयोगी वस्तुएं बनाना सीखा और जीत लिया राष्ट्रीय पुरस्कार

केशव भट्ट (वरिष्ठ पत्रकार)
आज के वक्त में कोई भी चीज बेकार नहीं होती हैं, घर के पुराने वेस्ट मेटिरियल हों या पुराने अखबार। इनसे भी घर को नया लुक दिया जा सकता है, बशर्ते उसका बखूबी इस्तेमाल करने का हुनर आपके पास हो। इस बात को सच साबित करने में लगी है बागेश्वर जिले के मेलाडुंगरी गांव की अर्चना भंडारी। लॉकडाउन में ऑनलाइन शिल्पकला के अपने हुनर से अर्चना ने न केवल राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय शिल्पकला प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया, बल्कि अब वो स्वयं शिल्पकला में अभिनव प्रयोग करने के साथ 20 अन्य बालिकाओं को भी पुराने अखबार, गत्ते व अन्य वैस्ट मैटीरियल का सदुपयोग कर उपयोगी सामान बनाने का प्रशिक्षण देने में जुटी पड़ी है।
कोरोना काल के लॉकडाउन में अर्चना की प्रतिभा निखर कर सामने आई। शुरूआत में उसने कोरोना वायरस से बचाव के लिए घर में ही मॉस्क बनाकर बांटने शुरू कर दिए। समय था तो उसने यूटयूब से वेस्ट मेटिरियल से उपयोगी वस्तुएं बनाना भी सीखना शुरू कर दिया और ऑनलाइन शिल्पकला में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय पुरूष्कार भी हांसिल कर लिया। इससे उसके सांथियों ने भी शिल्पकला सीखने की बात कही तो अब वो 20 बालिकाओं को भी पुराने अखबार, गत्ते व अन्य वैस्ट मैटीरियल का सदुपयोग कर उपयोगी सामान बनाने का प्रशिक्षण देने में लगी है। अर्चना, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के सांथ ही स्वरोजगार अभियान को लेकर काफी जागरूक है। कई नुक्कड़ नाटकों में प्रतिभाग कर वो इसका संदेश भी दे चुकी हैं। अभी रक्षाबंधन के त्यौहार पर उन्हें पांच सौ राखियों की डिमांड मिली है तो वो सभी राखियां बनाने में जुटी पड़ी हैं।

हर दिन सुबह आठ से दस बजे तक के प्रशिक्षण में हाईस्कूल, ग्रेजुएशन कर रहे छात्राओं के सांथ ही नौकरीपेशा भी अर्चना से कलमदान, पेन स्टैंड, न्यूज पेपर होल्डर, फोटो फ्रेम, ज्यूलरी बॉक्स समेत राखी बनाना सीख रहे हैं। लगातार अभ्यास से वो अब पारंगत होते जा रहे हैं और अभी तक उन्होंने तीन हजार से भी ज्यादा सजावटी सामान बना दिए हैं। गुजरात सूरत के एक स्कूल में सुपरवाईजर पोस्ट पर तैनात भावना नयाल लॉकडाउन में स्कूल बंद होने पर गांव आ गई और अब वो भी यहां शिल्पकला का प्रशिक्षण ले खुश हैं।
अर्चना की इस पाठशाला में हर कोई अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी मेहनत से जुटे हैं। वहीं अर्चना भी उनका उत्साहवर्धन कर बेटियों की प्रतिभा को सामने लाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को सच साबित कर समाज को नया संदेश देने में लगी है।

वेबिनार के जरिए सीएम ने पीएचडी चौंबर ऑफ कॉमर्स व अन्य विषय पर विशेषज्ञों से की चर्चा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कौशल विकास विभाग के सहयोग से पीएचडी चौंबर ऑफ कामर्स द्वारा तैयार की गई स्किल स्टडी रिपोर्ट का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने वेबिनार के माध्यम से पीएचडी चौम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों से कौशल विकास से सम्बन्धित विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश की विशेष भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार राज्य के युवाओं को विलुप्त हो रहे पारम्परिक कलाओं एवं कौशल के क्षेत्र में अधिक दक्ष बनाये जाने की जरूरत है। राज्य में जैविक कृषि, काष्ठ कला, पारम्परिक आभूषण, योगा एवं आयुर्वेद, मधुमक्खी पालन, बांस व रिंगाल के उत्पाद, मशरूम एवं पुष्प खेती के क्षेत्र में भी युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिये प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने पीएचडी चौम्बर ऑफ कामर्स द्वारा तैयार की गई कौशल विकास से सम्बन्धित स्किल स्टडी रिपोर्ट को राज्य के युवाओं एवं उद्योगों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि इस से उद्योगों के अनुकूल दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता एवं युवाओं को अपने को उद्योगों के अनुकूल दक्षता हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपसी विचारों, अनुभवों एवं आवश्यकताओं के नये आयामों पर चर्चा करने में भी मददगार होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हुए इन्वेस्टर समिट में देश के प्रमुख उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। 1.25 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिसमें से 24 हजार करोड़ की ग्राउन्डिंग अब तक हो चुकी है। यह हमारे छोटे राज्य के लिये बड़ी बात है। उत्तराखण्ड के देश व विदेशों में अधिकांश लोग होटल व्यवसाय से जुड़े हैं। प्रदेश में वापस लौटे लोगों की दक्षता का आकलन कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने में पीएचडी चौम्बर ऑफ कामर्स सहयोगी बनें। यहां के परम्परागत उत्पादों को बढ़ावा मिले। हमारा प्रदेश आर्गेनिक प्रदेश बने। इसके लिये कौशल विकास के द्वारा युवाओं को दक्ष बनाना होगा। राज्य में मेडिकल, आयुर्वेद व हर्बल इंडस्ट्री को बढ़ावा देना होगा। उत्तराखण्ड आयुर्वेद के जनक चरक की भूमि है। संजीविनी का यह क्षेत्र है। 71 प्रतिशत वन तथा 28 प्रतिशत जैव विविधता यहां है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को रोजगार मिले तथा वे स्वरोजगार अपनायें, इसके लिये उन्हें प्रशिक्षण के साथ ही उचित मार्ग दर्शन दिये जाने की जरूरत है। उन्होंने भी विभिन्न क्षेत्रों में दक्षता विकास के आंकलन को प्रदेश के लिये उपयोगी बताया।

अपर सचिव एवं प्रोजेक्ट हेड उत्तराखण्ड स्किल मिशन डॉ. इकबाल अहमद ने कहा कि कोविड- 19 महामारी के दृष्टिगत राज्य में लौटे प्रवासियों को कौशल प्रशिक्षण तथा रोजगार-स्वरोजगार के तहत मई 2020 में राज्य सरकार द्वारा होप पोर्टल निर्मित किया गया है। इस पोर्टल पर अब तक 20,000 युवाओं द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है साथ ही नियोजकों द्वारा 2200 रिक्तियाँ भी पोर्टल पर अपलोड की गई है। विभाग द्वारा पोर्टल पर पंजीकृत युवाओं को रिक्तियों के सापेक्ष रोजगार के अवसरों से जोड़े जाने हेतु विभाग द्वारा निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं, जिस हेतु एक कॉल सेन्टर भी स्थापित किया गया है।