एम्स के प्रो. संतोष कुमार और आईआईटी दिल्ली ने तैयार की ‘‘कोरोना से बचाव एक सजग पहल’’ पुस्तक, हुआ लोकार्पण

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार और उनकी टीम द्वारा उन्नत भारत अभियान, व आई.आई.टी. दिल्ली के तत्वावधान में तैयार की गई ‘कोरोना से बचाव एक सजग पहल’ नामक पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया गया। आयोजित कार्यक्रम में अभियान के राष्ट्रीय संयोजक मुख्य अतिथि प्रो. वीरेंद्र के. विजय व विशिष्ट अतिथि आर.सी.आई. समन्वयक आई.आई.टी. रुड़की प्रो.आशीष पाण्डेय,एम्स के संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता व सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो.वर्तिका सक्सेना व पुस्तक के लेखक डा.संतोष कुमार ने संयुक्तरूप से विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्नत भारत अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक प्रो. वी.के. विजय ने प्रकाशित पुस्तक की सराहना की और इसे वृहद जनउपयोगी दस्तावेज बताया। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक कोरोना से लड़ने के लिए मील का पत्थर साबित होगी और देशभर में अधिकांश लोग व शिक्षण संस्थान, ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोग जिन्हें कुछ अनुभव या सुझाव, कोविड के बारे में जानकारी व कोरोना ग्रसित होने की स्थिति में क्या करें,किस तरह से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें आदि समग्र जानकारियां इस पुस्तक के माध्यम से मिल सकेगी।
आई.आई.टी. रुड़की के आरसीआई समन्वयक प्रो.आशीष पांडेय ने बताया कि उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, जल, कृषि और स्वास्थ्य में सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कोरोना काल में बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने के लिए पुस्तक के लेखक डा. संतोष कुमार की प्रशंसा की। बताया कि इसी कड़ी में आज उनकी यह पुस्तक जनसामान्य को समर्पित की जा रही है,जिससे लोग कोरोना वायरस से जुड़ी विस्तृत जानकारियां प्राप्त कर सकें।
एम्स के सीएफएम विभागाध्यक्ष डॉ. वर्तिका सक्सेना ने बताया कि इस पुस्तक के लेखन की डॉ. संतोष कुमार की महत्वपूर्ण पहल है, इस पुनीत कार्य में विषयवस्तु, लेखन, प्रकाशन आदि मामलों में उन्होंने अहम योगदान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि दूरदराज क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों में बसे लोगों तक इस पुस्तक की जानकारी पहुंचेगी और यह कोरोना जनजागरुकता के लिए महत्वपूर्ण कार्य होगा, जिससे कोविड 19 के नए-नए वैरिएंट से लोगों को स्वयं के बचाव में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुस्तक में कोविड के नए वैरिएंटों से बचाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी समाहित हैं। जिसमें मानसिक स्थिति से उबरने आदि सभी अहम बिंदु दिए गए हैं।
बताया कि पुस्तक की खासियत यह है कि इसके लेखक व एम्स के सह आचार्य डॉ. संतोष कुमार ने इसे सामान्य हिंदी भाषा में तैयार किया है, जिससे सभी लोग इसका लाभ उठा सकें। साथ ही इसमें तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए स्वयं की तैयारियों के बाबत भी अहम जानकारियां दी गई हैं। लोगों में महामारी को लेकर उत्पन्न भ्रांतियां व भय के वातावरण को दूर करने की कोशिश की गई है। लेखक डा. संतोष कुमार ने बताया कि “कोरोना एक सजग पहल” पुस्तक के प्रकाशन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को कोविड की संपूर्ण जानकारी मुहैया कराना है जिससे कि कठिन समय पर कोई भी व्यक्ति बीमारी को लेकर अनावश्यकरूप से परेशान नहीं हो। बताया कि पुस्तक में कोरोना से बचाव के उपाय, उसके इलाज को लेकर सरल एवं व्यवहारिक उपायों का वर्णन किया गया है, जिससे कि किसी भी व्यक्ति के कोविड पॉजिटिव होने की स्थिति में उसे क्या करना चाहिए, कौन सी मेडिसिन का उपयोग नहीं करना चाहिए, कौन-कौन सी महत्वपूर्ण जांच करानी चाहिए, जिससे कि कठिन समय में व्यक्ति सूझबूझ के साथ काम ले सके व पैनिक होने से बच सके। साथ ही पुस्तक में कोविड के बचाव व उपचार के अलावा योग एवं मेडिटेशन के वैज्ञानिक तथ्यों को भी प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक के आकर्षक बिंदु इस प्रकार हैं-
ऽ कोविड पॉजिटिव होने पर क्या करें ?
ऽ कोविड-19 होने से कैसे बचें ?
ऽ पोस्ट कोविड समस्याओं का समाधान में योग एवं व्यायाम की भूमिका।
ऽ पोस्ट कोविड लक्षण-व्यवहारिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का समाधान।
ऽ कोविड-19 और बच्चे।
ऽ कोविड-19 से शरीर के अंगों पर पड़ने वाले प्रभाव।
ऽ कोरोना की तीसरी लहर से बचने की तैयारी।

आईआईपी देहरादून देश का एक मात्र बायोजेट ईंधन निर्माताः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने को आई.आई.पी मोहकमपुर में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के 63वें स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि आज बैसाखी, भगवान महावीर जयंती, डा. भीमराव अंबेडकर जयंती तथा सीएसआईआर-भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) स्थापना दिवस है। इस अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अबेंडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने आईआईपी द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देश में जीवाश्म ईंधन से नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने की यात्रा में भारतीय पेट्रोलियम संस्थान का अहम योगदान रहा है। आईआईपी के वैज्ञानिकों ने शोध के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। जिसमें प्लास्टिक से डीजल बनाने व जहाजों के लिए बायोफ्यूल बनाने जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियां शामिल हैं। आईआईपी ने ऊर्जा और ईंधन के क्षेत्र में ही नहीं अपितु वैश्विक महामारी के दौरान भगीरथ प्रयास और सेवा से जन-जन के लिए उपयोगी कार्यों सहित अभिनव अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के लाभ का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। संस्थान ने पूरे भारतवर्ष में 108 ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित किए हैं। जिसमें से उत्तराखंडवासियों की सेवा में अल्मोड़ा, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, रूद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल तथा ऊधमसिंह नगर सहित 08 संयंत्र स्थापित किए गए हैं। जिससे इन जनपदों के 100 से अधिक चिकित्सालय लाभान्वित हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के तीव्र विकास के लिए संस्थानों एवं विभागों की भूमिका भी अहम हो जाती है। उन्होंने कहा कि आईआईपी राज्य के 10 सीमान्त विकासखण्डों को एडोप्ट कर उनके विकास में योगदान के बारे में सोचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 तक उत्तरखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। हम आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की ओर आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि यह दशक विकास की दृष्टि से उत्तराखण्ड का दशक होगा। उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए सभी को आगे आना होगा। जन सहभागिता एवं जन सहयोग से उत्तराखण्ड का समग्र विकास किया जायेगा। उत्तराखण्ड देवभूमि, वीरभूमि के साथ ही संस्कृति एवं आध्यात्म का केन्द्र भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईपी देहरादून देश का एक मात्र बायोजेट ईंधन निर्माता है। वर्ष 2018 में देहरादून से दिल्ली तक की भारत की पहली बायोजेट ईंधन प्रचालित उड़ान में इसी बायोजेट ईंधन का प्रयोग किया गया था। 05 केन्दीय मंत्रियों द्वारा इस बायोजेट ईंधन उड़ान के दिल्ली आगमन पर स्वागत किया गया । उत्तराखंड के युवाओं की कौशल वृद्धि एवं आजीविका के बेहतर अवसर हेतु संस्थान द्वारा अनेक कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आईआईपी के वैज्ञानिक वानाग्नि, फलों-सब्जियों के भंडारण एवं परिवहन तथा वाहनों एवं डीजल जेनसेट से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम एवं प्रबंधन क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य करेंगे।

इस अवसर पर निदेशक, सीएसआईआर-आईआईपी डा. अंजन रे, निदेशक आर एंड डी आईओसीएल डा. एसएसवी रामकुमार, पूर्णिमा अरोड़ा, दुर्गेश पंत, सोमेश्वर पांडेय एवं संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2022 में सीएम ने किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआईटी रूड़की के 175 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित ‘‘सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव-2022‘‘ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 175 वर्षों से आईआईटी रुड़की भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में देश एवं प्रदेश को गौरवान्वित करता रहा है। आईआईटी रूड़की से पढ़े अनेकों विद्यार्थी आज देश के वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं एवं अपने ज्ञान एवं कुशलता से देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विषयों पर शोध के क्षेत्र में भी संस्थान ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आई.आई.टी रुड़की ने हमेशा ज्ञान-विज्ञान को एक नई दिशा देने का कार्य किया तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सदैव उत्कृष्टता का प्रतीक रहा है। तथा उन्होंने कहा कि इस कान्क्लेव में होने वाले मंथन से प्राप्त होने वाले सूत्र ना केवल उत्तराखण्ड बल्कि हमारे देश और दुनिया के लिए भी अमृत के सामान होंगे।

सतत् विकास से ही समस्याओं का निदान संभव।
उन्होंने कहा कि दो दिवसीय यह आयोजन सामाजिक जागरूकता और समाज को विकसित करने का काम करेगा। उन्होंने कहा विकास शब्द से ही प्रलक्षित होता है कि ऐसा विकास जो सतत हो, उन्होने कहा निरंतर विकास से ही सभी समस्याओं का निदान संभव है। राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों द्वारा अनेक ऐसे मानक तय किए गए हैं जो कि सतत विकास को मापने का कार्य करते हैं। हमारे सतत विकास को आने वाले समय में दो ही बिंदु परिभाषित करेंगे जिसमें पहला हमारे लोगों का स्वास्थ्य और दूसरा हमारी पृथ्वी का स्वास्थ्य। उन्होंने कहा विकास को सुनिश्चित करने के लिए हमें गरीबी, भुखमरी रोगों से मुक्ति और प्राथमिक शिक्षा की सार्वभौमिक उपलब्धता जैसी चुनौतियों का सामना करना है इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसे व्यापक विषय को भी केंद्र में रखना है।

उत्तराखण्ड पहला राज्य जहां जी.ई.पी की व्यवस्था।
विकल्प रहित संकल्प के साथ बनायेंगे उत्कृष्ट उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने जलवायु परिवर्तन के संकट को सतत विकास के अवसर में बदलने के लिए पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जल संरक्षण सहित अन्य विषयों पर विभिन्न नीतियों एवं योजनाओ का निर्माण किया है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जहां जी.ई.पी. की व्यवस्था बनायी गई है। इन सभी योजनाओं कि सफलता को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा 8,832 करोड़ से अधिक की धनराशि का आवंटन किया गया है। जहां एक तरफ हम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने का कार्य कर रहे हैं वहीं जैविक खेती को प्रोत्साहन देने, सिंचाई के उत्तम तौर-तरीकों को अपनाने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने का कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की सभी योजनाएं एवं नीतियां जनता की भागीदारी से बनाई जाएंगी तथा जनता की भागीदारी से ही उनको लागू किया जाएगा। हम एक उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने का विकल्प रहित संकल्प लेकर चल रहे हैं।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सेवा में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री का सपना नए भारत एवं आत्मनिर्भर भारत का है जिसमें आप सभी लोगों का सहयोग बहुत अहम भूमिका निभाएगा। कोरोना महामारी से बचाव के लिए निःशुल्क वैक्सीन का कवच हो या गरीबों को मुफ्त उपलब्ध करवाया जा रहा राशन ये सभी निर्णय केंद्र सरकार की वंचितों के उत्थान की संकल्पबद्धता को दर्शाते हैं।

हमारी युवा शक्ति हमारी बौद्धिक सम्पदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति के रूप में जो बौद्धिक संपदा आज राष्ट्र के पास है इसी के आधार पर 21वीं सदी के नए भारत का निर्माण सुनिश्चित हो रहा है। युवाशक्ति इस दिशा में भी सोचें कि कैसे अंतिम छोर पर खड़े एक व्यक्ति के जीवनस्तर को ऊंचा उठाया जाए, कैसे सामाजिक परिवेश को बेहतर बनाया जाए और कैसे अंत्योदय के संकल्प को सिद्ध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश ने विश्व को ज्ञान देने का कार्य किया है, तक्षशिला एवं नालन्दा इसके उदाहरण है। हमें अपने युवाओं की क्षमताओं संदेह नहीं है और कोई इस बात से भी इनकार नहीं कर सकता कि आप जैसे युवाओं में से ही कोई कल को स्वामी विवेकानन्द जी की तरह सनातन संस्कृति की ध्वजा विश्व में फहरायेगा, आप में से ही कोई एपीजे अब्दुल कलाम जी की तरह विज्ञान को नये क्षितिज पर ले जाएगा, आप में से ही कोई नानाजी देशमुख जी की तरह ग्रामीण भारत में आत्मनिर्भरता की अलख जगाएगा।

सपनो को साकार करना हो युवाओं का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी वे छात्रों के बीच आते हैं तो अपने को ऊर्जावान महसूस करते हैं। उन्होंने कहा समय का कोई मूल्य नहीं होता सही समय पर सही कार्य करते हुए अपने सपनों को साकार करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा की आज लोगों की उम्मीद देश के युवाओं से है। अपना हर पल हर क्षण अपने सपनों को समर्पित करें एवं अपने लक्ष्य पर केंद्रित करें। उत्साह एवं उमंग हमेशा जीवन को उर्जा देने का कार्य करते हैं।

इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज, आई.आई.टी रुड़की निदेशक प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी, उपनिदेशक मनोरंजन परिदा, विधायक प्रदीप बत्रा, जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. योगेन्द्र सिंह रावत तथा संस्थान के शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

परीक्षा पे चर्चाः बच्चों से चर्चा कर पीएम ने समस्या समाधान के दिए मंत्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देशभर के विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने अनेक बच्चों से चर्चा कर उनकी समस्याओं के समाधान के मंत्र दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा पर चर्चा के माध्यम से प्रधानमंत्री जी द्वारा विद्यार्थियों को तनाव मुक्ति, आत्मविश्वास बढ़ाने, एकाग्रचित मन के लिए जिस तरह प्रेरित किया गया है, यह विद्यार्थियों के मनोबल को ऊंचाईयों तक पहुंचाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले प्रदेश के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी के मन में परीक्षा के तनाव का वातावरण न हो और आत्मविश्वास हो, तो उसके बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अनुशासन का होना जरूरी है। बच्चे, माता-पिता एवं गुरूजनों का अनुसरण सबसे अधिक करते हैं। बच्चों की प्रतिभाओं को उजागर करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा दी कि बेहतर कार्य करने के लिए मन में उत्साह होना चाहिए। यदि मन में उत्साह हो तो कार्य के प्रति ऊर्जा स्वतः ही आ जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बच्चों की हर जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने बच्चों की जिज्ञासा के समाधान का अच्छा मंत्र बताया कि ऑनलाइन या ऑफलाइन शिक्षण माध्यम समस्या नहीं, बल्कि मन समस्या है। यदि किसी कार्य के लिए हमारा मन एकाग्र है, तो वह कार्य सफलतापूर्वक पूरा होता है। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को नए रास्ते पर जाने का सम्मान के साथ अवसर दे रही है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विद्यार्थी मौजूद थे।

एमआईटी में साइंटिफिक पेपर राइटिंग विषय पर वर्कशॉप का हुआ आयोजन

पंडित ललित मोहन शर्मा कैंपस श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, स्पेक्स देहरादून व मेडिकल लैब टेक्नोलोजी विभाग, ऋषिकेश के संयुक्त तत्वाधान में साइंटिफिक पेपर राइटिंग विषय पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

इस वर्कशॉप में छात्रों को वैज्ञानिक लेखन के प्रति जागरूक कराने के साथ साथ वैज्ञानिक लेखन कार्य मे किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए तथा उच्च स्तरीय शोध पत्र कैसे तैयार किया जाता है, को विस्तारपूर्वक समझाया गया। इनमें ऋषिकेश के विभिन्न कॉलेजों से आए छात्र शामिल हुए, जिसमें मॉडर्न इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, ढालवाला के बॉयोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, रसायन व गणित के 28 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

विभाग की ओर से गणित विषय के प्रवक्ता आशीष गुप्ता के प्रतिनिधित्व में छात्रों का दल वर्कशॉप में शामिल हुआ। छात्रों ने सीखा कि किसी विषय को वैज्ञानिक तरीके से कैसे लिखा जा सकता है? इस वर्कशॉप में विज्ञान क्षेत्र के जाने-माने दिग्गजों ने उक्त विषय पर अपने व्याख्यान दिए। संस्थान के निदेशक रवि जुयाल व विज्ञान विभागाध्यक्षा प्रो. कौशल्या डंगवाल ने छात्रों के वैज्ञानिक लेखन कार्यशाला में रुचि दिखाने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

वार्षिक परीक्षाफल में मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित

भगवती देवी पूर्णानंद महाराष्ट्र निवास सरस्वती शिशु मंदिर में आज वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। इस मौके पर अपनी कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया।

आज विद्यालय में कक्षा एक से आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का वार्षिक परिणाम घोषित हुआ। विद्यालय प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष भगवान दास, महामंत्री नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल प्रतीक कालिया, दीपक बिष्ट, सीमा रानी, प्रदीप पोखरियाल, डा. रितु प्रसाद, शशी पांडेय, रेखा गर्ग, राजीव जी, रोटरी क्लब ऋषिकेश के सदस्यों ने बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

इस मौके पर प्रधानाचार्य शिशुपाल ने बताया कि विद्यालय का परिणाम शत प्रतिशत रहा है।

कुमाऊं का यह सरकारी स्कूल आजकल है बड़ी चर्चा में, आप भी जानें…

एक तरफ उत्तराखण्ड में छात्र संख्या घटने के कारण कई स्कूलों को बंद किया जा रहा है, वहीं पहाड़ का एक ऐसा प्राइमरी स्कूल भी है, जो गुणवत्तापूर्ण (Govt model primary school Kapkot sets high standards) शिक्षा से बदहाल व्यवस्था को नई उम्मीद दे रहा है। क्वालिटी एजुकेशन और शानदार व्यवस्था के चलते बागेश्वर का राजकीय प्राथमिक विद्यालय केवल प्रदेश के ही नहीं बल्कि दिल्ली के शिक्षा मॉडल को भी चुनौती दे रहा है। आज जहां प्राइवेट स्कूलों की बाढ़ से लोग सरकारी स्कूलों से मुहं मोड़ रहे हैं, वहीं इस स्कूल में प्रवेश के लिए लंबी वेटिंग लाइन लगानी पड़ रही है। सोशल मीडिया पर आजकल यह स्कूल खूब वायरल हो रहा है। लोग स्कूल के प्रधानाचार्य और टीचर्स की तारीफ कर रहे हैं।

बागेश्वर के सरकारी प्राइमरी स्कूल में प्रवेश के लिए बच्चों को टेस्ट क्वालीफाई करना होता है। इसके बावजूद अभिभावक सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक लाइन लगाकर खड़े रहने को तैयार हैं। ताकि उनके बच्चे को इस स्कूल में एडमिशन मिल सके। यह स्कूल में पढ़ाई की इतनी बेहतरीन व्यवस्था और गुरुओं का छात्रों के प्रति समर्पण ही है कि हर साल यहां के बच्चों का नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए चयन होता है। यही वजह है कि स्कूल में तैनात शिक्षकों के अतिरिक्त कई सरकारी अधिकारियों के बच्चे भी यहां शिक्षा ग्रहण करते हैं।

2016 तक इस विद्यालय में केवल 30 बच्चे थे। लेकिन 2016 में यह आदर्श विद्यालय बना और ख्याली दत्त शर्मा ने प्रधानाध्यापक का पदभार संभाला। उन्होंने न सिर्फ स्कूल का इंफ्रास्ट्रक्चर और वातावरण सुधार, बल्कि बच्चों को बारीकी से पढ़ाई पर फोकस किया। हर कॉन्सेप्ट को क्लियर करने लगे। प्रधानाध्यापक ख्याली दत्त शर्मा और उनकी टीम स्कूल अवधि के अलावा भी बच्चों की शैक्षिक योग्यता निखारने व समस्या निस्तारण को हमेशा उपलब्ध रहते हैं। टीचर भी यहां भरपूर मेहनत करते हैं। इस स्कूल के प्रति कितना क्रेज है कि वर्तमान में विद्यालय में छात्रो की संख्या 284 के पार पहुंच गई है और तीन सेक्शन में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। इतना ही नहीं स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों के बच्चे भी यही पढ़ते हैं। शिक्षकों की मेहनत से कपकोट आदर्श प्राथमिक विद्यालय से प्रतिवर्ष तीन बच्चों का सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में और नवोदय विद्यालय में 8 से दस बच्चे भी चयनित होते हैं।

सबसे बड़ी बात यहां बच्चों के एडमिशन के लिए पैरेंट्स को लंबा इंतजार करना होता है। विद्यालय में 50 बच्चों के प्रवेश के लिए अभी तक 300 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। लेकिन प्रवेश सीमित यानि 50 बच्चों को ही मिलेगा। फॉर्म लेने और बच्चो को एडमिशन दिलाने के लिए स्कूल में पैरेंट्स की लंबी कतार लगी रहती है।

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा केंद्रों के आसपास नहीं होंगे शादी-समारोह, जानें पूरी पाबंदियां

उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में कोई व्यवधान उत्पन्न हो इसके लिए केंद्र के आसपास शादी-समारोहों पर पाबंदी रहेगी। परीक्षा अवधि में न तो लाउडस्पीकर में गाने बजाए जा सकेंगे और न ही अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर की ओर से 28 मार्च से 19 अप्रैल तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कराई जाएंगी। इनकी तैयारियों के संबंध में बीते दिनों हल्द्वानी में नैनीताल जिले के शिक्षा विभाग की बैठक भी हुई। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्र व्यवस्थापकों और कस्टोडियन को जरूरी दिशा-निर्देश देते हुए बताया था कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व सभी केंद्रों में धारा 144 लागू हो जाएगी। जिन परीक्षा केंद्रों की परिधि में आवासीय भवन हैं उनमें किसी भी तरह के शादी-समारोह जैसे बड़े आयोजनों पर रोक रहेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग वर्जित रहेगा।

स्कूली बच्चों के बीच पहुंची न्यायाधीश नेहा कुशवाहा, दी विधिक सेवाओं की जानकारी

सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज आवास विकास में आज बच्चों के बीच न्यायाधीश नेहा कुशवाहा सिविल जज सीनियर डिविजन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून पहुंची। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे एवं न्यायाधीश नेहा कुशवाहा ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीपप्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम में न्यायाधीश नेहा कुशवाहा ने छात्र छात्राओं को विधिक एवं हमारे मौलिक अधिकारों तथा 12 प्रकार के निशुल्क विधिक सेवाओं को विस्तारपूर्वक समझाया जैसे कि सीनियर सिटीजन, महिलाओं के विधिक अधिकार, शिक्षा से संबंधित, यौन शोषण, किशोर न्याय बोर्ड ,पुलिस प्रशासन घरेलू हिंसा परिवहन संबंधित ,कानून स्थाई लोक ,अदालत अदालत अन्य कानूनों की जानकारी देते हुए उदाहरण के माध्यम से बच्चों के सामने समक्ष रूप से रखें।

वही कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडे ने नेहा जी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने कीमती समय निकालकर हमारे छात्र छात्राओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में विभा नामदेव, मधुश्री, मीनाक्षी (पैरा लीगल वालंटियर ऋषिकेश) एवं अरुण डंगवाल सहायक, सतीश चौहान, कर्णपाल बिष्ट, रीना पाटिल, नरेन्द्र खुराना, मीनाक्षी उनियाल आदि उपस्थित रहे।

126 करोड़ रूपए के टेबलेट मिलेंगे डिग्री कॉलेजों के छात्रों को

राज्यभर के डिग्री कॉलेजों में लंबे समय से टेबलेट वितरण का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है कि अप्रैल महीने में उनका इंतजार खत्म होने जा रहा है।

सरकार राज्य 109 डिग्री कॉलेजों के छात्र छात्राओं को 126 करोड़ रुपए के टेबलेट बांटने जा रही है। जिससे उनको ऑनलाइन पढ़ाई करने में आसानी होगी।शासन से जारी 126 करोड रुपए के बजट के अनुरूप अब तक 20 से अधिक डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य ट्रेजरी से टेबलेट का बजट कॉलेजों के बैंक खातों में आहरित कर चुके हैं।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ संदीप शर्मा के निर्देश के अनुरूप सभी डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य को कहा गया है कि वह टेबलेट का बजट ट्रेजरी से कॉलेज के बैंक खातों में जमा करवा ले। और डिग्री कॉलेजों के बैंक खातों में पैसा हस्तांतरित होने के बाद अप्रैल के प्रथम सप्ताह में छात्र छात्राओं को बिल जमा करने के बाद पैसा मिलना शुरू हो जाएगा।