1 जून से 6 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा

महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2022-23 में 1 जून, 2022 से 6 जुलाई, 2022 तक समस्त प्राथमिक/माध्यमिक विद्यालयों में ग्रीष्म अवकाश रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दिनांक 31 मई, 2022 को अंतर्राष्ट्रीय तम्बाकू निषेध दिवस पर कक्षा 6 से 12 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं एवं समस्त शिक्षकों द्वारा तम्बाकू निषेध सम्बन्धी शपथ भी ली जायेगी। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड बंशीधर तिवारी ने बताया कि 31 मई, 2022 तक सभी विद्यालय विधिवत संचालित होंगे।

आदेश के बावजूद स्कूल खोले तो होगी कार्रवाईः प्रेमचंद

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने आज मुख्य शिक्षा अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर शनिवार को विद्यालय बंद रखने संबंधी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय बंद ना होने पर विभागीय कारवाई की जाए।

उन्होंनें दूरभाष पर हुई वार्ता में मुख्य शिक्षा अधिकारी मुकुल कुमार सती को निर्देशित करते हुए कहा कि बीते दो शनिवार को स्कूल बंद रखने को लेकर असमंजस की स्थिति देखने को मिली है। ऐसा पाया गया है कि सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रहे जबकि निजी विद्यालय शनिवार को खुले पाए गये।

कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं निजी क्षेत्र के पब्लिक विद्यालय ( प्राथमिक व माध्यमिक) को बंद रखा जाए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को कहा कि यदि सरकारी या गैर सरकारी शिक्षण संस्थान शनिवार को खोलें पाए जाते हैं तो आदेश की अवहेलना मानते हुए विभागीय कार्यवाही की जाए।

बता दें कि चार धाम यात्रा पूरी तरह से परवान चढ़ चुकी है ऐसे में सप्ताह के अंत शनिवार व रविवार को ऋषिकेश क्षेत्र में भारी जाम लग रहा है जिसके चलते 10 मिनट का रास्ता तय करने में करीब 1 घंटे से ऊपर का वक्त लग रहा है। इसी संदर्भ में कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश क्षेत्र मैं संचालित सभी विद्यालयों को शनिवार को बंद रखने के आदेश दिए थे।

पुस्तक प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों को प्रेरित किया

ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल में नेशनल बुक ट्रस्ट के प्रमोटर प्रकाशन विद्या पुस्तक प्रकाशन द्वारा विद्यालय के सभी बच्चों के लिए मनोरंजित एवम साहित्यक पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विद्यालय सचिव कप्तान सुमंत डंग, प्रधानाचार्या डॉ कोयली चक्रवर्ती द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी का उदघाटन किया गया।
पुस्तक प्रदर्शनी में बच्चों की विषय वस्तु के आधार पर ही सभी विषयों जैसे (पिक्चर बुक्स, एक्टिविटी बुक्स, साहित्यिक, आत्मकथा, विज्ञान, कथा साहित्य एवम् सामान्य ज्ञान जैसी कई प्रकार की भारतीय एवम् विदेशी पुस्तकों को भी सम्मिलित किया गया। सभी बच्चों ने अपनी विषय रूचि के आधार पर पुस्तकों को ख़रीदा भी और अत्यधिक प्रभावित भी हुए। विद्यालय प्रधानाचार्या डॉ कोयली चक्रवर्ती द्वारा सभी बच्चों का एक्टिविटी बुक्स, आत्मकथा जैसी मनोरंजित एवम आकर्षक पुस्तकों हेतु ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें मानसिक रूप से ज्ञान अर्जित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
विद्यालय सचिव कप्तान सुमंत डंग ने भी प्रस्तुत प्रदर्शनी में उपस्थित सभी बच्चों को मनोरंजन हेतु न् केवल डिजिटली, मोबाइल पर सामाजिक मीडिया बल्कि ऐसी कई अन्य आकर्षक, साहित्यक, कथा-साहित्य, नोवेल्स पुस्तकों के माध्यम से भी मनोरंजन कर सकते है और साथ मे ज्ञान भी अर्जित कर सकते है। कप्तान सुमंत डंग ने कहा कि आज का समय पूर्ण रूप से सोशल मीडिया पर आधारित है। उन्होंने बच्चों को मनोरंजन और शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें कई महत्व्पूर्ण पुस्तके, सन्दर्भ पुस्तक, उपन्यास एवं विदेशी पुस्तकों के लिए प्रेरित किया।

अपने गुरु की मूर्ति का अनावरण करने अपने पैतृक गांव पहुंचे सीएम आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संयुक्तरुप से महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिध्याणी, यमकेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिध्याणी, यमकेश्वर में ब्रह्मालीन राष्ट्रसंत महंत अवैद्यनाथ महाराज की मूर्ति का अनावरण भी किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि महंत अवैद्यनाथ की प्रेरणा से ही यहां महाविद्यालय की स्थापना हुई है। उन्होंने कहा कि ग्राम कांडी में ही महंत अवैद्यनाथ का जन्म हुआ था किंतु ज्यादा समय तक नहीं रुक सके थे। कहा कि वे यहां की शिक्षा व्यवस्था के बारे में पूछते रहते थे। मैंने उन्हें अवगत कराया था कि यहां कोई डिग्री कॉलेज नहीं है, यहां के निवासियों ने समिति बनाकर कॉलेज के लिए जमीन दी और यहां कुछ कक्षाओं का प्रारंभ हो सका था। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रुप से गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि पूज्य गुरु को उनकी जन्मभूमि पर सम्मान दे पा रहा हूं। साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे लिए गौरव की बात है कि मैं अपने स्कूली गुरुजनों का सम्मान कर पा रहा हूं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड में सबसे बड़ी समस्या पलायन है। यहां अच्छी शिक्षा अच्छा माहौल सौंदर्य और संभावनाएं हैं। उत्तराखंड का युवा जहां भी जाता है अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाता है। कहा कि देश 2014 के बाद नए उत्साह के साथ आगे बढ़ रहा है। कोरोना में बहुत से लोगों ने अपनों को खोया है लेकिन भारत का सबसे बढ़िया प्रबंधन पूरे विश्व में सराहा गया, पहले महामारी में मौतें बीमारी से ज्यादा भुखमरी से होती थी लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बदल चुका है, सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि देश को बचाना है तो उत्तराखंड के पलायन को रोकना होगा क्योंकि उत्तराखंड देश की उत्तरी सीमा है। वृक्षारोपण, जल संरक्षण को बढ़ावा देना होगा। उत्तराखंड मे आध्यात्मिक पर्यटन को इको पर्यटन से जोड़ना होगास योगी ने कहा कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा लेकिन इसके लिए पलायन को रोकना पड़ेगा, जहां अन्य राज्यों में अव्यवस्था फैली है वही उत्तर प्रदेश में कहीं कोई उपद्रव नहीं हुआ। उत्तर प्रदेश में व्यक्तिगत आस्था पर कोई प्रतिबंध नहीं है किंतु उससे किसी अन्य को असुविधा नहीं होनी चाहिए। कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वाेपरि होती है, जन भावना के साथ आस्था के नाम पर खिलवाड़ नहीं किया जाएगा। कहा कि हमने उत्तर प्रदेश से लगभग एक लाख अनावश्यक माइक हटवाए हैं और कहीं कोई विवाद नहीं है। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश उत्तराखंड की 21 वर्षों से जकड़ी समस्या का समाधान अंतिम चरण पर है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ करिश्माई व्यक्तित्व है। योगी जन्म भूमि में लंबे वक्त बाद आए है। उन्होंने कहा कि महंत अवैद्यनाथ का संबंध हिंदू धर्म, भाई चारे को मजबूत करने व जो पीछे छूट गए हैं उन्हें मुख्य धारा में लाने का रहा है। उनका राम जन्मभूमि आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कहा कि पहले अयोध्या में भगवान राम टेंट में थे वर्तमान में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बनने के बाद वहाँ भव्य मंदिर बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। कहा कि मोदी-योगी के नेतृत्व में अयोध्या भारत ही नहीं बल्कि दुनिया की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक राजधानी बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मार्ग भव्य हुआ है जिससे लोगों को जल चढ़ाने में कोई दिक्कत नहीं होती है। मोदी ने कहा है कि आने वाला दशक उत्तराखंड का होगा। उत्तराखंड में आजादी के बाद जितने पर्यटक चार धाम की यात्रा पर आए हैं इन 10 सालों में सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार धाम यात्रा मार्गों पर होटल, परिवहन व यात्रा से जुड़े लोगों से जानकारी मिली है कि आने वाले 2 माह के लिए सारे होटलों की बुकिंग फुल हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी का जन्म उत्तराखंड में हुआ है किंतु वे अब पूरे देश की धरोहर बन चुके हैं। कहा कि 21 सालों से उत्तराखंड-यूपी का परिसंपत्तियों के बंटवारे से संबंधित मामले का मात्र 20 मिनट की बैठक में ही हल निकल गया। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि महायोगी गोरखनाथ विद्यालय में विज्ञान की कक्षाएं चलाई जाएंगी, साथ ही जो भी अन्य संसाधनों की आवश्यकता होगी उसे पूरा किया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने गुरुजनों राजेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह भंडारी, महिमानंद बड़थ्वाल, सत्य प्रसाद बड़थ्वाल को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक रेणु बिष्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

पोक्सो अधिनियम पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग द्वारा पोक्सो अधिनियम पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोक्सो ऐक्ट पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया और पोक्सो वोरियर्स को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज बच्चों में रचनात्मकता एवं सृजनात्मकता बढ़ाने की जरूरत है। बच्चों के भविष्य को सुनहरा बनाने में उनके माता, पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नोनिहालों से जुड़ी इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन नियमित होने चाहिए। जिन बच्चों को अच्छी शिक्षा और अच्छी परवरिश नहीं मिलती, उनके लिए समाज को आगे आना चाहिए। सरकार सबके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को भयमुक्त वातावरण मिलेगा तो उनका भविष्य सकारात्मक दिशा में जाएगा। राज्य सरकार द्वारा बाल कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। बच्चों के अधिकारों के लिए जो कानून बने हैं, उनका सख़्ती से पालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से जहां जागरूकता बढ़ेगी वहीं विशेषज्ञों के मंथन से हमारे भविष्य हमारे बच्चों को रचनात्मक बनाने में कारगर सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सेना और बच्चों से जुड़े कार्यक्रम में अवश्य प्रतिभाग करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के ध्येय वाक्य से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ। बाल अधिकारों की आम जन तक जागरूकता के लिए इस संबंध में समय-समय पर विधिक शिविर भी आयोजित किए जाए।

कार्यशाला में महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश के नौनिहालों के साथ सरकार हर तरीके से खड़ी है कोरोना काल में अपने परिजनों को गवा चुके बच्चों को वात्सल्य योजना के ज़रिए सरकार सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि वात्सल्य योजना देश में सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है।

डीजीपी अशोक कुमार ने पोक्सो एक्ट संबंधित विस्तृत जानकारी दी। बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर गीता खन्ना ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन, विधि विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन

ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल में सोमवार को कक्षा बारहवीं के प्रथम बैच 2021-22 के छात्र- छात्राओं के लिए विदाई समारोह आयोजित हुआ। समारोह में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इसमें 12वीं की दीपांशी भट्ट को मिस और महेश रावत को मिस्टर ऋषिकेश इंटरनेशनल स्कूल चुना गया।
समारोह के शुभारंभ अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। कक्षा ग्यारहवीं की छात्रा प्राची ने आकर्षक एकल नृत्य प्रस्तुत किया। बारहवीं की छात्रा अंबिका राणा ने कविता प्रस्तुत की। ग्यारहवीं के छात्रों ने ग्रुप नृत्य भी प्रस्तुत किया। बारहवीं के छात्रों सौरव उनियाल, अजय बडोला और अक्षित पंवार ने सामूहिक गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के तहत ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधक मोहन डंग, सचिव कप्तान सुमंत डंग, पूजा डंग, महिमा डंग एवं विद्यालय प्रधानाचार्या डॉ. कोयली चक्रवर्ती सहित कक्षा बारहवीं के सभी छात्र- छात्राओं को तिलक लगाकर सम्मानित किया गया। सचिव कप्तान सुमंत डंग ने कहा कि स्कूल में यह पहला बैच है जो 12वीं की परीक्षा देगा। इससे पहले स्कूल 10वीं तक था, लेकिन इसकी मान्यता 12वीं तक है। उन्होंने 12वीं के छात्र-छात्राओं से बेहतर प्रदर्शन कर स्कूल का नाम रोशन करने की बात कही। इसके बाद 12वीं की दीपांशी भट्ट को मिस आरआईएस और महेश रावत को मिस्टर आरआईएस चुना गया। मौके पर समन्वयक बिंदु शर्मा, पूजा डंग, ज्योति कोठियाल, दीपा शर्मा, अलीशा खान, सौरव पोखरियाल आदि उपस्थित रहे।

अब हर शनिवार को यात्रा सीजन में बंद रहेंगे ऋषिकेश के स्कूल

कैबिनेट मंत्री व स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने वीकेंड पर लगने वाले जाम से स्कूली बच्चों को निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को चार धाम यात्रा संचालित होने तक शनिवार को विद्यालयों को बंद किये जाने के निर्देश दिए।
शनिवार को बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन ने माननीय कैबिनेट मंत्री जी को मांग पत्र सौंपा। जैन ने बताया कि सप्ताह के अंत में शनिवार और रविवार को ऋषिकेश तथा आसपास के क्षेत्रों में लंबा जाम लग रहा है इसके चलते हुए शनिवार को स्कूली बच्चों को विद्यालय जाने में काफी दिक्कतें आती हैं। साथ ही छोटे बच्चों को विद्यालय आने जाने में अभिभावकों को काफी समय लग जाता है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री अग्रवाल को शनिवार को विद्यालय बंद रखने के निर्देश देने का अनुरोध किया।
समस्या को गंभीर पाते हुए अग्रवाल जी ने मौके से ही जिलाधिकारी देहरादून आर राजेश से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने स्कूली बच्चों को समस्या से निजात दिलाने के लिए चारधाम यात्रा संचालित होने तक शनिवार को स्कूल बंद किये जाने के निर्देश दिए।
ज्ञापन देने वालो में नरेंद्र रावत, जयंत शर्मा, प्रमोद नोटियाल, मनोज रौतेला, गणेश रावत आदि अभिभावक मौजूद रहे।

एसबीएम इंटर कॉलेज में निशुल्क पुस्तकों का वितरण

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर विद्यालय शिक्षा उत्तराखंड द्वारा निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों को आज छात्र छात्राओं मे वितरित किया गया।
श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार के विद्यालय शिक्षा के अंतर्गत निशुल्क दी जाने वाली पुस्तकों को विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं नगर निगम के पार्षदों के द्वारा छात्र-छात्राओं को वितरित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में पुस्तकों का बहुत बड़ा योगदान होता है। पुस्तकों से मिलने वाला ज्ञान हमारे व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सरकार के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए प्राचार्य ने कहा कि लोक कल्याणकारी सरकार छात्र छात्राओं को निशुल्क रूप से पुस्तक देकर उन्हें ज्ञान के क्षेत्र में तो आगे बढ़ा ही रही है। साथ ही निर्धन परिवारों के लिए इस समय एक बहुत बड़ा लाभ का काम कर रही है। जो अपने जीविकोपार्जन की क्रिया को पूरा करने के लिए निरंतर संघर्षशील है और ऐसे समय में जब पुस्तकों पर भारी-भरकम खर्च होता है। उस समय यह पुस्तकें देना उन परिवारों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो रही हैं।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम के पार्षद शिव कुमार गौतम, विशिष्ट अतिथि सुमित पंवार ने भी छात्र छात्राओं को पुस्तकें वितरित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी छात्र छात्राएं इनका सही रूप से सदुपयोग करेंगे और अपनी ज्ञानात्मक दृष्टिकोण को शिखर तक बढ़ने के लिए प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता यमुना प्रसाद त्रिपाठी, रंजन अंथवाल, सुनीता कोहली, निधि पांडे आदि उपस्थित रहे।

नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं का विद्यालय परिवार ने किया स्वागत

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज में प्रवेश उत्सव के तहत कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसका शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक हर्षवर्धन शर्मा, प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, अभिभावक संघ अध्यक्ष रामकृपाल गौतम, पार्षद शिवकुमार गौतम ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।

हर्षवर्धन शर्मा ने कहा कि बच्चे कुम्हार की मिट्टी की तरह होते है। उनको इस अवस्था में जो आकार दिया जाएगा, उसका वे जीवन भर अनुकरण करते हैं। माता पिता व शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है कि बच्चों के सर्वागीर्ण विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि बच्चे परिवार का दर्पण होते हैं।

मौके पर पार्षद राधा रमोला, पार्षद अनीता रैना, पार्षद बृजपाल राणा, डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, यमुना प्रसाद त्रिपाठी, लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, शिवप्रसाद बहुगुणा, जितेन्द्र बिष्ट, शालिनी कपूर, रंजन अंथवाल, विकास नेगी, धनंजय सिंह रांगड, अजय कुमार, रमेश बुटोला, नीलम जोशी, सुशीला बड़थ्वाल, रंजना, सुनीता, सुखदेव कंडवाल, ऋचा अमोली, ज्योतिर्मय शर्मा, हरि सिंह, पवन शकुंतला, नीलम मनोड़ी, विवेक शर्मा, प्रवीण रावत आदि उपस्थित रहे। उधर, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घमंडपुर में प्रवेशोत्सव के तहत छात्र-छात्राओं को पाठ्य सामग्री बांटी गई। मौके पर ग्राम प्रधान अभिषेक कृषाली, मानसी खत्री, प्रधानाचार्य संजय जैन, अर्चना गुसाईं, पुष्पा बिष्ट, मधु सेमवाल, दीप्ति आदि उपस्थित रहे।

धामी की बच्चों से अपील, लक्ष्य लेकर आगे बढ़े

एक दिवसीय काशीपुर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा, काशीपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए बहल पेपर निगम लिमिटेड काशीपुर द्वारा सी.एस.आर के माध्यम से काशीपुर में विभिन्न राजकीय विद्यालयों में किए गए आधुनिकरण/नवीनीकरण कार्यों का लोकार्पण किया।
इस दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बाँसखेड़ा कला, काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गिन्नीखेड़ा, काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गिरधई, काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बॉसखेड़ा खुर्द, काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बघेलेवाला, काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बघेलेवाला काशीपुर (उधम सिंह नगर), राजकीय प्राथमिक विद्यालय, ढकिया गुलाबो, काशीपुर (उधम सिंह नगर) के आधुनिकरण/नवीनीकरण कार्यों का लोकार्पण किया गया।
इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विद्यालयों में दी गई सुविधा एवं इनके निर्माण बच्चों की सुविधा अनुसार हैं। आने वाले समय में यह विद्यालय संपूर्ण उत्तराखंड में मॉडल विद्यालय के रूप में स्थापित होंगे। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक सरकारी विद्यालय आधुनिकता से जुड़े। सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा सुविधा हेतु हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि तमाम संकल्पों को पूरा करते हुए हमारी सरकार शिक्षा, चिकित्सा, उद्यान, कृषि जैसे प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम कर उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा उत्तराखंड का विकास यहां की युवा पीढ़ी एवं स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के भविष्य पर निर्भर करती है। नन्हे बच्चे उत्तराखंड राज्य के साथ ही देश का भविष्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीन मंत्र सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के आधार पर प्रदेश में विकास कार्य को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। आगामी चार धाम यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालु आने का अनुमान है, बिजली सड़क पेयजल जैसी तमाम सुविधाएं श्रद्धालुओं तक पहुंचाने हेतु सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सही समय पर सही कार्य करते हुए अपने सपनों को साकार करना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य होना चाहिए। मौजूद छात्रों से उन्होंने कहा की अपना हर पल हर क्षण अपने सपनों को समर्पित करें एवं अपने लक्ष्य पर केंद्रित करें। उन्होंने कहा हमारी सरकार नई खेल नीति लाई है जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि सुविधाओं के अभाव में कोई भी खिलाड़ी आगे बढ़ने से न रुके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार “विकल्प रहित संकल्प“ के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनके शासनादेश भी जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा। रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा।