मस्ती की पाठशाला में बच्चों को मिला सीखने का अवसर

मस्ती की पाठशाला में आज एक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रतिभागी बच्चों को योग नगरी रेलवे स्टेशन के पार्क मे ले जाया गया। जहाँ बच्चों ने पेंटिंग, खेल कूद एवं अन्ताक्षरी आदि के माध्यम से शिविर में प्रतिभाग किया। बच्चों को मनोरंजन के साथ संरचनात्मक कलाओं से जोड़े रखने के उद्देश्य से भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बच्चों को अनौपचारिक तौर पर विद्यालयी वातावरण से जोड़े रखना, विशेषतया संरचनात्मक कलाओं को निखारने व खेल खेल में शिक्षा से जोड़े रखना शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

शिविर की संचालक अध्यापिका सुश्री निरुपमा शर्मा ने बताया कि शिविर में बच्चों को विभिन्न प्रकार की पेंटिंग, घर पर तुरंत तैयार किए जाने वाले फूड आइटम्स बनाना, नृत्य गायन आदि सिखाए जाएंगे एवं खेल-खेल में मनोरंजन के साथ शैक्षिक ज्ञान वर्धन सत्रों का संचालन भी किया जा रहा है।

संस्था सचिव सरिता भट्ट ने बताया कि 15 दिवसों तक चलाए जाने वाले इस शिविर के समापन दिवस पर बच्चों की कला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी व बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों एवं अन्य कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा। तथा प्रमाण पत्र व पुरुस्कार वितरण भी किया जाएगा।
ज्ञात हो कि ग्राम मनसा देवी ऋषिकेश में सेतु फाउंडेशन संस्था द्वारा प्राथमिक शैक्षिक कार्यक्रम बड्स एकेडमी के अंतर्गत निर्धन परिवार के बच्चों के लिए एक ग्रीष्मकालीन शिविर मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में संस्था सचिव सरिता भट्ट, अध्यक्ष श्याम प्रकाश, माधव भट्ट, सुमित बडोला, संजय कौशिक अश्वनी गुप्ता, अध्यापिकाएं निरुपमा शर्मा, प्रीति, ममता एवं स्वयमसेवी प्रथम रतूडी, दीपा, कोमल आदि उपस्थित रहे।

अग्निपथ की योजनाओं को छात्रों को मिली जानकारी

रायवाला थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष रायवाला भुवन चंद्र पुजारी के नेतृत्व में छात्रों को अग्निपथ योजना की जानकारी दी गई।

थानाध्यक्ष ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज छिद्दरवाला, रायवाला, हरिपुरकलां के स्टेडियम में आर्मी व पैरामिलिट्री फोर्स आदि की तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं को भारत सरकार द्वारा जारी अग्निपथ योजना के संबंध में जानकारी दी गई। बताया कि सोशल मीडिया आदि के माध्यम से प्रसारित हो रही अधूरी जानकारी एक अफवाह है। इस पर ध्यान न दिया जाए। इससे जागरूक रहा जाए।

बताया कि अधूरी जानकारी एवम अफवाहो में आकर कोई ऐसा अनुचित/असंवैधानिक कार्य ना करें जिससे कि आपके भविष्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े। साथ ही युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए उनकी शंकाओं को दूर करते हुए उन्हें अग्निपथ योजना के संबंध में निम्न जानकारी दी गई।

बताया कि भारत सरकार द्वारा 17 वर्ष से 23 वर्ष तक के युवाओं को सेना की थल सेना, वायु सेना तथा जल सेना में अधिक से अधिक अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाए जाने का संकल्प लिया गया है। जिसमें युवाओं को 4 साल की सेवा के पश्चात लगभग 11.71 लाख रुपए एकमुश्त दिए जाएंगे तथा उन्हें कोशल सेवा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। साथ ’ही 25 युवाओं को भारतीय सेना की तीनों इकाइयों में स्थाई किया जाएगा।

थानाध्यक्ष ने बताया कि अग्नि वीरों को राज्य सरकार की सेवाओं में भी आरक्षण दिये जाने की भी संभावना है। उपरोक्त योजना से सभी युवाओं को कम उम्र में एकमुश्त अच्छी खासी रकम के साथ अन्य विभागों की तैयारी करने का अवसर प्रदान होगा। इस उम्र में आत्मनिर्भर बनने का सबसे सुनहरा अवसर है और इस एकमुश्त प्राप्त रकम का उपयोग हम आगे की पढ़ाई और तैयारी के लिए भी सकते हैं। जो उनके भविष्य के लिए एक ठोस आधार होगा, आदि जानकारी युवाओं को दी गई। जिसकी युवा वर्ग द्वारा सराहना की गई। मौके पर थाना रायवाला से उप निरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, उप निरीक्षक नीरज त्यागी आदि अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के लिए मस्ती की पाठशाला का आयोजन

मनसा देवी ऋषिकेश में सेतु फाउंडेशन संस्था द्वारा प्राथमिक शैक्षिक कार्यक्रम बड्स एकेडमी के अंतर्गत निर्धन परिवार के बच्चों के लिए एक ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ किया गया। मस्ती की पाठशाला नामक इस शिविर का शुभारंभ करते हुए संस्था की सचिव सरिता भट्ट ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी बच्चों को अनौपचारिक तौर पर विद्यालयी वातावरण से जोड़े रखना, विशेषतया संरचनात्मक कलाओं को निखारने व खेल खेल में शिक्षा से जोड़े रखना शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।
शिविर की संचालक अध्यापिका निरुपमा शर्मा ने बताया कि शिविर में बच्चों को विभिन्न प्रकार की पेंटिंग, घर पर तुरंत तैयार किए जाने वाले फूड आइटम्स बनाना, नृत्य गायन आदि सिखाए जाएंगे एवं खेल-खेल में मनोरंजन के साथ शैक्षिक ज्ञान वर्धन सत्रों का संचालन भी किया जाएगा।
संस्था सचिव ने बताया कि 15 दिनों तक चलाए जाने वाले इस शिविर के समापन दिवस पर बच्चों की कला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी व बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों एवं अन्य कलाओं का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्याम प्रकाश, उपाध्यक्ष माधव भट्ट, सह सचिव सुमित बडोला, सदस्य संजय कौशिक, अश्वनी गुप्ता, प्रीति, ममता आदि उपस्थित रहे।

सोनी सेमवाल की सफलता पर ग्रामीणों में खुशी की लहर

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये लाइन सोनी सेमवाल पर चरितार्थ है। जिन्होंने उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल परीक्षा की पांचवा स्थान प्राप्त कर तीर्थ नगरी का नाम रोशन किया है।
सोनी सेमवाल खदरी ग्रामीण क्षेत्र के विवेका एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा है। उन्होंने 98 प्रतिशत फीसदी अंक प्राप्त किया है। सोनी भागीरथी पुरम खदरी की रहने वाली है। सोनी ने बताया उनके पिता राकेश प्रसाद सेमवाल सेना से सेवानिवृत्त है और ऋषिकेश टीएचडीसी में नौकरी करते है। उन्होंने कहा एग्जाम में तीन महीने का टूयशन लिया उसके बाद सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की। सोनी ने 500 में से 490 अंक प्राप्त करे है इसका श्रेय गुरुजनों‌ व माता-पिता को दिया है। सोनी सेमवाल के प्रदेश में 5वां स्थान प्राप्त होने पर क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान ने बालिका के आवास पर जाकर शुभकामनाएं प्रेषित की। बीना चौहान ने कहा बालिकाएं किसी भी क्षेत्र में कमजोर नही पर उन्हें अपने हुनर दिखाने की जरूरत है। सोनी की सफलता पर ग्रामवासियों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना चौहान, लक्ष्मण राणा, समाजसेवी विनोद चौहान, सुदपाल, नवीन नेगी, अनिल रावत आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड बोर्ड के परिणाम जारी, इंटर में दिया और हाईस्कूल में मुकुल अव्वल

उत्तराखंड बोर्ड का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में परिषद की ओर से परीक्षा परिणाम जारी किया गया। छात्र परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ. नीता तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर मीडिएट का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। हाईस्कूल की परीक्षा में 77.74 फीसदी छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि इंटरमीडिएट का परीक्षा फल 82.63 रहा। शिक्षा मंत्री ने टॉपर्स को बधाई दी है।
इंटर में हरिद्वार जनपद की दिया राजपूत ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। दिया ने पांच सौ में से 485 अंक 97 प्रतिशत अंक ला कर पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि दूसरे स्थान में चमोली जनपद के अंशुल बहुगुणा ने 400/500, 96.80 प्रतिशत अंक पा कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। जबकि तीसरे स्थान पर उधम सिंह नगर जनपद से सृष्टि चौहान और बागेश्वर के सुमित सिंह मेहता ने बाजी मारते हुए 483/500, 96.60प्रतिशत अंक पाए है।
जबकि हाई स्कूल में टिहरी गढ़वाल के मुकुल ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुकुल को 495/500 अंक प्राप्त हुए है। दूसरे स्थान में उत्तरकाशी की आयुष अवस्थी और टिहरी के आयुष जुयाल ने 493/500 अंक प्राप्त किए है। जबकि तीसरे स्थान पर बागेश्वर की रबीना कोरंगा द्वारा 492/500 अंक के साथ बाजी मारी है। सभी टॉपर को शिक्षा मंत्री द्वारा शुभकामनाए दी गई।

कल जारी होंगे उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा के परिणाम

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 6 जून 2022 को घोषित किया जायेगा। जिसे परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जायेगा। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की सचिव डॉ नीता तिवारी ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि 6 जून को अपराह्न 4 बजे उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर में इस वर्ष के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट सूबे के शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति में घोषित किये जायेंगे। डॉ तिवारी ने बताया कि परीक्षाफल घोषित होने के उपरांत परिषद कार्यालय रामनगर की आधिकारिक वेबसाइट www-ubse-uk-gov-inwww-uaresults-nic-in पर रिजल्ट जारी किये जायेंगे, जहाँ परीक्षार्थी अपना परीक्षाफल देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि परिषद द्वारा बोर्ड परीक्षाएं 28 मार्च 2022 से 19 अप्रैल 2022 के मध्य आयोजित की गई थी जो कि 1333 परीक्षा केन्द्रों में सफलतापूर्वक सम्पादित की गई। इस वर्ष संपादित बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत हाईस्कूल में कुल 129778 एवं इंटरमीडिएट में कुल 113164 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा के उपरांत दिनांक 25 अप्रैल 2022 से 9 मई 2022 के मध्य उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। विद्यालयी परिषद की सचिव ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम तैयार किये गये हैं। सोमवार को रामनगर में शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत एवं परिषद के सभापति व निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ आरके कुंवर सहित विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षाफल घोषित कर दिये जायेंगे।

सरकारी स्कूलों में किताब बांटने में देरी पर आज हुई बड़ी कार्रवाई

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में किताबें में बांटने में हुई देरी को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने 600 से ज्यादा अधिकारी-कार्मिकों के वेतन पर रोक लगा दी। खुद को भी नैतिक रूप से जिम्मेदार मानते हुए खुद तिवारी ने भी सभी छात्रों को किताब न मिलने तक वेतन नहीं लेने का निर्णय किया है।
ब्लॉकवार शतप्रतिशत किताब वितरण का प्रमाणपत्र देने पर ही वेतन जारी किया जाएगा। यह पहला मौका है जबकि शिक्षा विभाग इस इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। महानिदेशक ने बताया कि कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां जहां किताबें नहीं बंट पाई हैं, वहां छुट्टियों के दौरान भी घर घर जाकर किताबें मुहैया कराई जाएं। इसके लिए एक हफ्ते का वक्त मुकर्रर किया गया है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों से किताबों के समय पर न बंटने के लिए जिम्मेदार अफसर-कार्मिकों की सूची सोमवार तक मुहैया कराने के निर्देश भी दिए हैं।
अप्रैल के पहले हफ्ते तक किताबें मुहैया कराने के दावे के बावजूद आज तक शिक्षा विभाग शतपतिशत छात्रों को किताबें नहीं दे पाया। यह बात दीगर है कि महानिदेशक की अध्यक्षता में 17 मई को हुई बैठक में अधिकांश अधिकारियों ने दावा किया था कि वो शतप्रतिशत किताबें बंटवा चुके हैं।
हाल में विभिन्न जिलों में हुए मुआयनों में अधिकारियों के किताब वितरण के दावे हवाई साबित हुए। आज महानिदेशक ने सुबह सुबह ही अधिकारियों के वाट्सअप ग्रुप में तीन बिंदुओं पर कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया। साथ ही शाम को चार बजे वर्चुअल बैठक भी बुला ली।
बैठक में महानिदेशक ने किताबें का वितरण समय पर न होने के लिए कड़ी नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रत्येक छात्रों को किताबें मुहैया कराना सीईओ की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। किताब वितरण से जुड़े बेसिक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक समेत सभी अफसर और जिला और ब्लॉकवार कार्मिकों का वेतन पुस्तक वितरण पूरा होने तक रुका रहेगा।
वहीं, अपनी गलतियों को दूसरे सिर मढ़ने के दौर में महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी ने एक मिसाल पेश की है। तिवारी ने कहा कि समय पर किताब न मिल पाने से वो स्वयं भी व्यथित हैं। यदि बच्चों को समय पर किताब मिल जाती तो वो अधिक समय पढ़ाई को दे पाते। अब गर्मियों का अवकाश शुरू हो गया है।
ऐसे बिना किताब के रहना और भी गलत है। विभागीय मुखिया होने के नाते यह मेरा भी नैतिक अपराध है। जब तक सभी छात्रों को पुस्तक मिलने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाएगा तब तक मैं भी वेतन नहीं लूंगा। उन्होंने कहा कि 31 मई तक अधिकांश छात्रों को किताबें मुहैया करा दी गई हैं। कुछ स्थानों पर तकनीकी और व्यहारिक रूप से किताबें नहीं पहुंच पाई हैं, उन्हें सर्वाेच्च प्राथमिकता से पहुंचाया जाएगा।

शिक्षा विभाग को शीघ्र मिलेंगे 449 प्रवक्ताः शिक्षा मंत्री

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित विभिन्न विषयों के 449 प्रवक्ताओं को शीघ्र विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत तैनात किया जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दिये गये हैं। आयोग से चयनित शिक्षकों को पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति दी जायेगी। जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के स्कूलों में पठन-पाठन सुचारू रूप से चल सकेगा।

शिक्षा मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग द्वारा प्रवक्ता संवर्ग के अंतर्गत सामन्य एवं महिला शाखा के सीधी भर्ती के रिक्त 571 पदों पर चयन हेतु उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा था, जिस पर आयोग ने परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर विभिन्न विषयों के 449 शिक्षकों का चयन कर दिया है, जबकि विभिन्न श्रेणी के शेष पदों पर योग्य अभ्यर्थी न मिलने के कारण चयन नहीं किया गया। डॉ0 रावत ने आयोग द्वारा चयनित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह अपने दायित्वों एवं कर्तव्यों का भली-भांति निर्वहन करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोग से चयनित विभिन्न विषयों के 449 शिक्षकों को विभागीय प्रक्रिया पूर्ण करते हुए शीघ्र तैनाती के आदेश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। चयनित प्रवक्ताओं को पर्वतीय क्षेत्रों के विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति दी जायेगी ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में पठन-पाठन सुचारू रूप से चल सके। विभागीय मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में प्रवक्त संवर्ग की सामान्य शाखा के अंतर्गत अंग्रेजी विषय में 64, हिन्दी में 81, संस्कृत में 18, भौतिक विज्ञान में 46, रसायन विज्ञान में 42, गणित में 6, जीव विज्ञान में 35, नागरिकशास्त्र में 38, अर्थशास्त्र में 74, इतिहास में 8, भूगोल में 17, समाजशास्त्र में 6, कला, मनोविज्ञान एवं कृषि में एक-एक अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। जबकि महिला शाखा के अंतर्गत हिन्दी विषय में 2, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र में 3-3 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। डॉ0 रावत ने बताया कि सरकार का मकसद स्कूलों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की तैनाती करना है ताकि कोई भी छात्र-छात्राएं विद्यालयी शिक्षा से वंचित न रह सके।

मंत्री से केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की उठी मांग

ऋषिकेश में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मांग को लेकर पार्षद सुंदरी कंडवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने शहरी विकास मंत्री व क्षेत्रीय विधायक से मुलाकात की।

वीरभद्र भाजपा मंडल महामंत्री व नगर निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल ने बताया कि लगातार मीडिया के जरिए केंद्रीय विद्यालय के बंद होने की सूचना मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय ऋषिकेश विधानसभा की एक पहचान ही नहीं बल्कि शिक्षा का मुख्य केंद्र बिंदु भी है। यहां से अभी तक अध्ययन कर चुके हजारों छात्रों ने देशभर में विद्यालय का नाम रोशन किया है।

निगम पार्षद सुंदरी कंडवाल ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा के साथ ही बच्चों के शारीरिक और बौद्धिक सहित संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान की जाती है। ऐसे में विद्यालय के बंद होने पर विधानसभा के लिए शिक्षा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति होगी।

पार्षद कंडवाल ने बताया कि वर्तमान में इस विद्यालय से करीब 1200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार है का शिक्षा पर विशेष जोर है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय को खोलने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन देने वालों में उषा लखेड़ा, सुनीता कुकरेती, संगीता कुकरेती, प्रतिमा रावत, सरोज चौहान, अंजू देवी, विमला देवी, माया घले आदि महिलाएं उपस्थित रही।

एसबीएम इंटर कॉलेज में मातृ सम्मेलन का आयोजन

श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतिभा दिवस पर मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने छात्र-छात्राओं को उनकी प्रतिभा को सबके समक्ष लाने को जागरूक किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत, पार्षद राधा रमोला, पूर्व सभासद बृजपाल राणा, कविता शाह ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि प्रतिभाएं कभी अवसर की तलाश नहीं करती है। हमारे विद्यालय में अनेक प्रकार की प्रतिभाएं हैं। इन प्रतिभाओं को खोजने की आवश्यकता है। इस दौरान छात्र छात्राओं ने सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, अंताक्षरी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, संभाषण प्रतियोगिता एवं काव्य पाठ में अपनी अपनी प्रतिभा दिखाई।
मौके पर यमुना प्रसाद त्रिपाठी, शिवप्रसाद बहुगुणा, शालिनी कपूर, सुखदेव कंडवाल, शकुंतला आर्य, सुशीला बड़थ्वाल, विकास नेगी, विवेक शर्मा, खेल कोच प्रवीण रावत, जगदंबा थपलियाल, सुनीता कोहली, निधि पांडे, नीलम मनोडी, रेहा ध्यानी, विनीता गवाड़ी, उषा आदि उपस्थित रहे।