छात्रों को प्रोफेसर के तबादले से कम मंजूर नही

स्थानीय पीजी कालेज में शिक्षा संकाय की प्रोफेसर का तबादला करने की मांग को लेकर संकाय के छात्रों का क्रमिक अनशन जारी रहा। चौथे दिन अनशन पर सुरेश कुमार और ममता बैठे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संबन्धित प्रोफेसर छात्र-छात्राओं के साथ आंरभ से ही भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाती आई है। इस कारण छात्र-छात्राओं मे रोष की भावना पनप रही थी। महिला होते हुए भी छात्राओं के प्रति भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाना प्रोफेसर को शोभा नही देता। मौके पर अनशनकारी छात्र-छात्राओं का डाक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। वही दूसरी ओर छात्र व शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधि मंडल इस समस्या के समाधान के लिये मुख्यमंत्री से वार्ता करने के लिए देहरादून रवाना हो गया है। अनशन में गौरव जोशी, सौरव नोडियाल, भूपेन्द्र रावत, जितेन्द्र, प्रियंका और साक्षी सहित शिक्षा संकाय के सभी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

सत्ताधारी विधायकों ने शुरु की शिक्षा मंत्री की घेराबंदी


तबादलों को लेकर शिक्षा मंत्री की घेराबंदी शुरू हो गई। घेराबंदी सत्ताधारी भाजपा के विधायक कर रहे हैं। इसको लेकर आने वाले दिनों में सरकार की मुश्किलें बढ़नी तय मानी जा रही है।
कड़क मिजाज शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की संख्ती का रंग पांच शिक्षकों के अटैचमेंट के बाद उतरने लगा है। शिकायत एवं सुझाव प्रकोष्ठ में अटैच किए गए पांच शिक्षकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि सरकार इसे जायज बताते हुए अपने स्टैंड पर कायम है।
इस बीच, चहेते शिक्षकों का पसंद के स्कूल में तबादले को लेकर भाजपा के विधायकों ने शिक्षा मंत्री पांडे की घेराबंदी करनी शुरू कर दी है। विधायक मंत्री के सम्मुख अटैच किए गए शिक्षकों का मामला रख रहे हैं। इसी तर्ज पर अपने लोगों के लिए सुविधा मांगी जा रही है।
हालांकि अभी तक शिक्षा मंत्री हर किसी को तबादले के लिए दो टूक ना कर रहे हैं। नियमों का हवाला भी दे रहे हैं। बावजूद इसके विधायकों और संगठन से जुड़े नेताओं का दबाव बढ़ रहा है। इससे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मामला मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तक पहुंच गया है। तबादलों के लिए सिफारिश की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री की घेराबंदी की सघनता बढ़ रही है।

सीबीएसई का रिजल्ट जारी, जानिए कैसे देखना है रिजल्ट!

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) आज (28 मई को) 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी हो गया है। यह रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic पर है। अब अलग-अलग यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए रिजल्ट आने का इंतजार कर रहे छात्रों को भी राहत मिलेगी।
मॉडरेशन पॉलिसी का लाभ देते हुए सीबीएसई ने 12वीं का परिणाम जारी किया है। सीबीएसई की प्रवक्ता रमा शर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले को मानते हुए सीबीएसई मॉडरेशन पॉलिसी के तहत परिणाम घोषित करेगा। अब छात्रों को अतिरिक्त अंकों का लाभ मिलेगा। बता दें कि इस साल सीबीएसई बोर्ड से बारहवीं के 11 लाख छात्रों ने परीक्षा दी है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए परिणाम आने का इंतजार कर रहे छात्रों को भी राहत मिलेगी।

कैसे जानें अपना रिजल्ट
रिजल्ट घोषित होने पर इस लिंक पर क्लिक कर अपना परीक्षा परिणाम जान सकते हैं। इसके लिए आपको अपना मोबाइल नंबर और रोल नंबर इसमें डालना होगा। स्टूडेंट्स बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

मॉडरेशन पॉलिसी के कारण लटका रिजल्ट
मॉडरेशन नीति के तहत परीक्षार्थियों को मुश्किल सवालों के लिए ग्रेस नंबर दिए जाते हैं। मॉडरेशन नीति के अनुसार परीक्षार्थियों को किसी विषय में कठिन सवालों को लेकर 15% अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार, CBSE ने अधिक नंबर हासिल करने वाले उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यह फैसला लिया है। CBSE के मॉडरेशन पॉलिसी को खत्म करने के आदेश के विपरीत हाईकोर्ट ने फैसला दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर इस साल इस पॉलिसी को बहाल करने के निर्देश दिए। इसी कारण इस बार रिजल्ट आने में देरी हुई।
इस साल 12वीं की परीक्षाएं 9 मार्च 2017 से 29 अप्रैल 2017 के बीच आयोजित की गई थीं, जिसमें 10,98,981 छात्रों ने हिस्सा लिया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.82 फीसदी ज्यादा थी। देश भर में 10,678 केंद्रों पर 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन किया गया था।

कई बोर्डों ने अभी घोषित नहीं किए परिणाम
अन्य बोर्डों ने भी नंबर बढ़ाकर देने की पॉलिसी पर कोई स्पष्टता आने तक अपने परिणाम को टाल दिया है। पता चला है कि उत्तर प्रदेश बोर्ड जून के पहले सप्ताह तक इंतजार करेगा कि सीबीएसई का मॉडरेशन पॉलिसी पर क्या रुख है। पिछले दो सालों से उत्तर प्रदेश राज्य बोर्ड मई के तीसरे सप्ताह में अपने परिणाम की घोषणा करता रहा है।

सीआईएससीई का परिणाम भी देर से
काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन के 12वीं कक्षा के परिणाम में भी देरी की संभावना है। सीबीएसई के रिजल्ट्स आने के बाद ही सीआईएससीई अपने परिणाम की घोषणा करेगा। सीआईएससीई के सीईओ गेरी अराथून ने कहा कि हम परिणाम की तैयारी करके तारीख की घोषणा कर देंगे। हम अभी डाटा जुटाने की प्रक्रिया में हैं इसलिए थोड़ी देरी हो रही है।
रिजल्ट की घोषणा के बाद परीक्षार्थी अपना परीक्षा परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर देख सकते हैं. इसके अलावा results.nic.in और cbseresults.nic.in पर भी परिणाम देखा जा सकता है।

मार्च में हुआ था 10वीं और 12वीं की परीक्षा का आयोजन
उत्तरप्रदेश समेत पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के कारण इस साल सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं लेट से शुरू हुई थीं। 10वीं क्‍लास की परीक्षाएं 9 मार्च 2017 से शुरू होकर 10 अप्रैल तक चली थीं, वहीं 12वीं की परीक्षाएं 9 मार्च 2017 से 29 अप्रैल 2017 के बीच आयोजित की गई थीं।
10वीं की परीक्षा में कुल 16,67,573 छात्र
इस साल सीबीएसई की दसवीं क्‍लास की बोर्ड परीक्षा में 8,86,506 छात्रों ने हिस्‍सा लिया था, जो पिछले साल की तुलना में 15.73 प्रतिशत अधिक थी। वहीं, 12वीं कक्षा की परीक्षा में 10,98,981 छात्रों ने हिस्‍सा लिया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.82 फीसदी ज्‍यादा थी। देश भर में 16,363 केंद्रों पर कक्षा दस और 10,678 केंद्रों पर 12वीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। देशभर में 12वीं की परीक्षा के लिए 10678 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in , cbseresults.nic.in या results.nic.in पर पहुंचे।
– उसके बाद CBSE 12th Result 2017 लिंक पर क्लिक करें।
– आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
– सब्मिट लिंक पर क्लिक करें, इसके बाद आपका रिजल्ट आपके सामने होगा।

गांव की विशेषताएं जानने सिलाचौकी पहुंचे छात्र

ऋषिकेश।
शैक्षणिक भ्रमण के तहत जौलीग्रांट स्थित हिमालयन स्कूल ऑफ मैनजमेंट के एमबीए के 20 छात्रों का दल थानो ब्लॉक के सिलाचौकी गांव पहुंचा। डॉ. गीता राणा की अगुवाई में सुबह नौ बजे कॉलेज कैंपस से छात्र-छात्राएं सिलाचौकी के लिए रवाना हुए। छात्रों को तीन टीमों में बांटा गया। सभी टीमें गांव में अलग-अलग ग्रामीण परिवारों से मिले।
ग्रामीणों ने मैनेजमेंट छात्रों को ट्रांसपोर्ट, शिक्षा, स्वास्थ्य संबंधी तमाम मूलभूत समस्याएं बताईं। टीम ने उनकी समस्याओं पर मंथन किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह सभी मुद्दों को जिम्मेदार विभागों के सामने उठाएंगे। इसके बाद सभी टीमों के सदस्यों ने गांव में ही मौजूदा संसाधनों से भोजन भी तैयार किया। डीन एसपी थपलियाल व डॉ. एसआर शर्मा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों में जागरूकता के साथ सीखने की ललक भी बढ़ती है।

आज फहराया जाएगा 40 फीट का तिरंगा
स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) में सोमवार को 40 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया जाएगा। यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल संजय महाजन ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10.30 बजे यूनिवर्सिटी के मेन गेट के नजदीक कुलपति डॉ. विजय धस्माना तिरंगा फहराएंगे। मेन चौक पर ध्वजा रोहण से छात्रों सहित हॉस्पिटल में आने वाले लोगों में राष्ट्र प्रेम और एकता की भावना को मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि भाजपा सरकार आने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी कॉलेजों व विश्वविद्यालय कैंपसों में तिरंगा फहराने को अनिवार्य रुप से लागू करने की बात कही थी।

ऑटोनॉमस के प्राध्यापक को डी फिल की उपाधि

ऋषिकेश।
वनस्पति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक प्रो. अनिल कुमार को उनके शोध के गहन अध्ययन पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल ने डी फिल की उपाधि प्रदान की है। अपने शोध कार्य के लिए उन्होंने गढ़वाल की दो प्रमुख फसलों रयांस, मण्डबा पर भारी धातु कोमियम के दुष्परिणामों पर शोध किया है। प्रो. अनिल कुमार ने बताया कि कोमियम भारी धातु की अत्यंत सान्द्रता में भी जीवित इन दल्हनी एव अनाज की फसलों के पौधें को टिश्यू कल्चर की सहायता से औद्योगिक स्तर पर उत्पादन में सफलता प्राप्त हुयी है।
वनस्पति विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुलशन कुमार ढींगरा के निर्देशन में प्रो. अनिल कुमार ने शोध कार्य पूर्ण किया है। डॉ. ढींगरा ने बताया कि प्रो. अनिल कुमार छात्र जीवन से ही मेधावी छात्र रहे है। उन्होंने यूजीसी-नेट व गेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। उनके आधे दर्जन से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय व अन्तर राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित भी हो चुके है। एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अन्तर राष्ट्रीय सेमिनारों में प्रो. अनिल कुमार ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये है।

वैशाली राणा मिस फेयरवेल और पवन कुमार मिस्टर फेयरवेल

एसआरएचयू मैनेजमेंट कॉलेज में फेयरवेल पार्टी का आयोजन

ऋषिकेश।
स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में एमबीए और बीकॉम ऑनर्स के छात्र-छात्राओं की ओर से फेयरवल पार्टी का आयोजन हुआ। इसमें एमबीए, बीकॉम ऑनर्स और बीबीए के छात्रों ने अपने सीनियर्स के लिए विदाई समारोह का आयोजन कर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बीकॉम ऑनर्स फाइनल की छात्रा वैशाली राणा को मिस फेयरवेल और एमबीए फाइनल की छात्रा स्वाति थपलियाल को मिस स्पार्क चुना गया। वहीं एमबीए फाइनल के छात्र पवन कुमार को मिस्टर फेयरवेल का टाइटल मिला।
एसआरएचयू के हिमालयन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के जूनियर छात्र-छात्राओं ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कॉलेज में बिताए पलों को आपस में साझा किया। इसमें पुराने दिनों की यादों को याद करते हुए छात्र-छात्राएं भावुक हो उठे। जूनियर छात्र-छात्राओं ने सोलो, गढ़वाली, पंजाबी व गुजराती डांस की मनमोहक प्रस्तुति देकर विदाई समारोह को यादगार बना दिया। कॉलेज के डीन प्रोफेसर एसपी थपलियाल ने छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मौके पर छात्रों ने गानों की प्रस्तुति दी जिसमें हम रहे ना रहे कल पल याद आएंगे ये पल, यादे याद आती हैं बाते भूल जाते हैं इन गाने गाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया। कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ एसआर शर्मा ने छात्रों को जीवन का मूल्य बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

बच्चों ने प्रकृति बचाने को बढ़ाये हाथ

ऋषिकेश।
आईडीपीएल में केंद्रीय विद्यालय और परमार्थ निकेतन आश्रम ने वर्ल्ड अर्थ डे पर फलदार पौधों का रोपण किया। प्रधानाचार्य रचना देव ने कहा कि पृथ्वी की सुरक्षा के लिए वाटर, सेनिटेशन और हाईजीन के छोटे-छोटे कदमों से वातावरण स्वस्थ रखा जा सकता है। आश्रम प्रतिनिधि नंदिनी त्रिपाठी ने बच्चों को खुले में शौच से मुक्ति और स्वच्छ भारत की शुरुआत करने का संकल्प कराया। कार्यक्रम में साध्वी आदित्यनंदा सरस्वती, तारा, नंदू बेन, लौरी, सुजी, सुनील सिंघल, श्रुति पंत, सैमुअल, रामचंद्र, विशाल भट्ट, पूजा नेगी आदि मौजूद थे।
स्पर्श गंगा बोर्ड एवं राष्ट्रीय सेवा योजना ने स्वयंसेवियों के साथ शहर में जनजागरण रैली निकाली। त्रिवेणीघाट पर साफ-सफाई की गई। पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय धरोहर गंगा को पवित्र रखना हम सभी का कर्तव्य है। रैली में राइंका आईडीपीएल, राबाइंका ऋषिकेश, हरिश्चंद गुप्ता इंटर कालेज, एसबीएम इंटर कालेज के स्वयंसेवी शामिल हुए। इस मौके पर चंद्रवीर सिंह पोखरियाल, डा. राजे सिंह नेगी, धीरेंद्र रांगड़, संजय कोहली, राजकुमार अग्रवाल, अमित कुमार, धीरेंद्र जोशी, राहुल शर्मा, जेएस भटनागर, विजयपाल सिंह, वीरेंद्र नेगी आदि मौजूद थे।
वहीं नीर फाउंडेशन द्वारा जीएमवीएन के भरत भूमि गेस्ट हाउस में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति का अनियोजित दोहन और प्रदूषण फैलाने वालें साधनों के उपयोग से धरती को नुकसान हो रहा है। उसे पुराना स्वरूप देने के लिए हमें फल, फूल, चारापत्ती और इमारती पौधों का रोपण करना चाहिए। बताया कि पेड़ पंचायत, सारथी सामाजिक संस्था, अनुग्रह रिहैबिलिटेशन ट्रस्ट और नीर फाउंडेशन जून में एक लाख पौध रोपने की शुरुआत करेगा। गोष्ठी में डॉ. विश्वनाथ मिश्रा पेड़ बाबा, देव सिंह नेगी, रवि शास्त्री, अनुराग जोशी, रामस्वरूप नौटियाल, राकेश शर्मा, राधेश्याम, रमाकांत भारद्वाज, मनोज मलासी आदि मौजूद थे।

प्राईवेट स्कूलों की दंबगई के आगे घुटने टेकने को मजबूर अभिभावक

गौतम जोशी।
पुरे देश में प्राईवेट स्कुलो कि दंबगई और मनमानी चरम पर है। प्राईवेट स्कुलो ने अपने आय के साधन बढाने के लिए विद्यालय में पढने वाले विद्यार्थीयो को अपना मोहरा बना रखा है जिसकी कि आड में प्राईवेट स्कुल काफी मोटा मुनाफा कमा रहे है।किताबो और ड्रेस के माध्यम से अभिभावको से हजारो रूपये कि रकम ठगी जा रही है। विरोध करने पर उनके बच्चो को स्कुलो से निकाला जाता है। अपने बच्चे के अच्छे भविष्य के कारण अभिभावको को ये प्राईवेट स्कुलो का जुल्म सहना पडता है।
प्राईवेट स्कुलो कि मनमानी कि सिकायते लगातार प्रशासन और शासन से लगाई जा रही है।जिसको गम्भीरता से लेते हुए आज उपजिलाधिकारी कोटद्वार ने खण्ड शिक्षा अधिकारी के साथ मिलकर दुगडडा ब्लाक के सभी प्राईवेट स्कुलो के साथ वार्ता रखी जिसमें उपजिलाधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारीयो ने प्राईवेट स्कुलो को सख्त हिदायत दि कि फीस वृद्धी,ड्रेस और डेवल्पमेंट चार्ज कि शिकायते नही आनी चाहीए। इस दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय का नया स़़त्र सुरू हो गया है और लगातार अभिभावको के द्वारा शिकायते आ रही थी कि प्राईवेट स्कुल मनमानी कर रहे है। फीस वृद्धी कि जा रही है और साथ ही स्कुलो कि ड्रेस और किताबे विद्यालय से ही मिल रही थी जिसको लेकर प्राईवेट स्कुलो के साथ वार्ता कि गई जिसमें स्कुलो कि हिदायत दि गई कि वह एसएमसी का गठन करे। एसएमसी का गठन होने से विद्यालयो कि मनमानी पर लगाम लगेगी।उपजिलाधिकारी और खण्ड शिक्षा अधिकारी ने तीस अप्रेल तक किसी भी हालात में एसएमसी गठन करने के आदेश दिये है। अगर विद्यायल निर्धारित समय पर एसएमसी का गठन नही करते है तो वि़द्यालय के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही कि जायेगी।

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन

ऋषिकेश।
शुक्रवार को उत्तराखंड अभिभावक संघर्ष महासंघ के पदाधिकारियों ने अभिभावकों के साथ मिलकर ऋषिनगरी के एक प्राइवेट स्कूल में प्रदर्शन किया। महासंघ के संयोजक रवि कुमार जैन ने बताया कि ऋषिकेश के प्राइवेट स्कूल सीबीएसई नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सीबीएसई के नियम 11 का उल्लेख करते हुए बताया कि कोई भी विद्यालय किसी भी व्यक्ति से अनर्गल वसूली नहीं कर सकता है। ऐसा करने पर स्कूल की मान्यता रद्द भी की जा सकती है। रवि जैन ने बताया कि ऋषिकेश के प्राइवेट स्कूलों में हर वर्ष फीस वृद्धि की जा रही है। प्रवेश व विकास शुल्क के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। महंगे प्रकाशकों की किताबें स्कूलों में लागू की जा रही हैं जिससे अभिभावकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेताया कि ऋषिनगरी के प्राइवेट स्कूल यदि एक सप्ताह तक सीबीएसई के नियमों का पालन नहीं करते हैं तो महासंघ ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करवाने के लिए आंदोलन करेगा। प्रदर्शन करने वालों में रीनू भट्ट, नीरू बिष्ट, किरन देवी, निर्मला भट्ट, गीता पाल, मकानी असवाल, नीलम असवाल, मीना मंडल, वन्दना राणा, संतोष, बीना भट्ट, अजय गुप्ता, रेखा सेमवाल, रमेश कुमार, दीपक भट्ट, प्रशपाल सैनी, शंभू दास, राधेश्याम, संदीप सिंह, सीमा, अनुज, मो. अकबर, दीपक राणा, सुनीता देवी, मिथलेश, प्रियंका, मीना, अरुणा, शब्बा, अरुण मनवाल आदि शामिल रहे।

बीइओ ने ओमकारानंद स्कूल को नोटिस भेजा

ऋषिकेश।
खंड शिक्षा अधिकारी नरेन्द्रनगर पंकज कुमार उप्रेती ने जानकारी दी कि अभिभावकों ने मुनिकीरेती स्थित ओमकारानंद सरस्वती निलायम स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है। जिसमें उनके बच्चों को कक्षा आठ से पूर्व फेल कर दिया गया है। अभिभावकों के द्वारा स्कूल से पूछताछ करने पर स्कूल प्रशासन उनके बच्चों को दूसरे स्कूल में दाखिला दिलाने की बात कहकर टीसी पकड़ा रहा है। लिखित शिकायत दर्ज करने पर बीइओ पंकज कुमार उप्रेती ने स्कूल के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। जिसकी प्रति डीएम टिहरी व शिक्षा विभाग को भी भेजी है।
बीइओ का कहना है कि स्कूल को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नोटिस तामील कराया है। नोटिस में अधिनियम के अनुच्छेद-16 व 17 का हवाला दिया गया है जिसमें किसी भी छात्र को दूसरी कक्षा में जाने से रोकने व मानसिक उत्पीड़न करने या दूसरे स्कूल में उसकी स्वेच्छा से पूर्व जाने को अधिनियम का उल्लंघन माना है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल उनके बच्चों को बाहर का रास्ता दिखाने की जुगत लगा रहा है। इसीके तहत उनके बच्चों को जबरन फेल किया गया है। और दूसरे स्कूलों में जाने का दबाब भी बनाया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो फेल किये गये छात्रों की संख्या सौ से अधिक बताई जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि ओएसएन के प्रधानाचार्य को दिये गये नोटिस में स्कूल ने बीइओ को छात्रों के नाम बताने की मांग कर डाली है। पूर्व के अनुभव बताते है कि प्राइवेट स्कूल सरकारी व शिक्षा विभाग के नोटिसों को खासा तवज्जों नही देते है। बरहाल नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग इस मामले को किस तरह से सुलझा पाता है, यह देखने वाली बात है। वहीं, ओएसएन के प्रधानाचार्य देबाशीष दास के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।