ऋषिकेश।
ऑटोनॉमस कॉलेज में भौतिकी विज्ञान की एसोसिएट्स प्रोफेसर डॉ. सुमिता ने बताया कि 2016 में भौतिकी से एमएससी करने वाली पूजा भट्ट, ध्रिति मौर्या और शोभित ने गेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। पूजा भट्ट ने ऑल इडिया में 33वां स्थान पाया है। पूजा और शोभित को भारत सरकार की ओर से इंस्पायर छात्रवृति भी मिलती रही है। शोभित ने जीईएसटी परीक्षा में देश में 120वां स्थान प्राप्त किया है।
बताया कि गेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्र राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों में सीधे एमटेक में एडमिशन ले सकते हैं। गेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों को वैज्ञानिक पद व पीएचडी के लिए सीधे साक्षात्कार में सम्मिलित होने का का मौका भी मिलेगा। डॉ. सुमिता ने बताया कि भौतिक विभाग छात्रों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन करता आ रहा है जिसका उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं का लाभ दिलाना है। विभाग के प्राध्यापकों के द्वारा राष्ट्रीय व अन्तर राष्ट्रीय स्तर पर शोध प्रकाशित किए जाते हैं। छात्रों को भी शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
छात्रों की उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. डीसी नैनवाल, विभागाध्यक्ष डॉ. डीपी भट्ट, डॉ. बीपी बहुगुणा, डॉ. मृत्युजंय शर्मा, डॉ. विजेन्द्र लिंगवाल, डॉ. हेमन्त परमार ने हर्ष जताया है। वहीं, छात्रों में भी अपने सीनियर्स के गेट परीक्षा उत्तीर्ण करने पर उत्साह का माहौल है।
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21 अप्रैल से लहरायेगा शिक्षण संस्थानों में तिरंगा
ऋषिकेश।
ढालवाला-मुनिकीरेती में सहकारी संघ के बैंक पहुंचे उच्च शिक्षा, सहकारिता दुग्ध विकास एवं प्रोटोकॉल राज्यमंत्री धन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह टोल फ्री नंबर जारी कर रहे हैं। जिस पर शिकायत मिलते ही कार्रवाई होगी। शिक्षण संस्थानों में भी 180 दिन पढ़ाई कराने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा का स्तर गुणवत्तापरक बनाने के लिए 19 अप्रैल को नैनीताल में बैठक आयोजित की गई है। सरकार का लक्ष्य शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वश्रेष्ठ बनाना है। प्राइवेट स्कूलों में फीस सहित अन्य मामलों के लिए कमेटी गठित की गई है।
इससे पहले क्षेत्र के भाजपाइयों ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में मुनिकीरेती के मंडल अध्यक्ष राकेश सिंह सेंगर, पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल, जय प्रकाश कोठारी, दिनेश कोटियाल, सुरेन्द्र कुलियाल, राकेश भट्ट, शांति ठाकुर, मीनाक्षी जोशी, इन्द्रा आर्य, आशीष कुकरेती, सुनील कंडवाल, संजय उनियाल, नटवर खान, सुनीता खण्डूडी, मंजू गोस्वामी, कौशल सिंह, इन्द्रजीत, महेन्द्र शर्मा, शंभू साहनी, शांति गौड़, मोहल यादव, हिमांशु नौटियाल, शुभम बैलवाल, आकाश सकलानी, विवेक रावत, रोहित गोदियाल, सौरभ गौड़ आदि शामिल थे।
नरेन्द्रनगर महाविद्यालय में छात्रों के लिए ड्रेस जरूरी
ऋषिकेश।
मंगलवार को अभिभावक संघ की बैठक में प्राचार्य डॉ. जीएस रजवार ने नरेन्द्रनगर महाविद्यालय की गतिविधियों से अभिभावकों को अवगत कराया। बताया कि महाविद्यालय प्रशासन मौजूदा विषयों के अतिरिक्त अन्य विषय लाने का प्रयास कर रहा है। शिक्षक अभिभावक कमेटी की संयोजिका डॉ. ईरा सिंह ने बताया कि 400 से ज्यादा छात्र महाविद्यालय से पंजीकृत हैं। महाविद्यालय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष कार्य योजना पर काम कर रहा है।
डॉ. संजय मेहर ने बताया कि उत्तराखण्ड में राजकीय महाविद्यालय नरेन्द्रनगर ऐसा महाविद्यालय है जहां पर्यटन और पत्रकारिता विषय उपलब्ध हैं। सृचना सचदेवा ने पत्रकारिता में रोजगार के अवसरों की बात रखी। बताया कि कॉलेज की पत्रिका में छात्रों की प्रविष्टियां उनकी सृजनात्मक सोच को प्रदर्शित करेगी। बैठक में अभिभावक संघ का गठन किया गया। सर्वसम्मति से सुरेन्द्र सिंह पुंडीर को अध्यक्ष व जुगल किशोर बहुगुणा को उपाध्यक्ष चुना गया।
बैठक में अभिभावकों ने कॉलेज में यूनिफॉर्म की अनिवार्यता को स्वीकृति दी। अभिभावकों ने टूरिस्ट गाइड के लिए सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। सभी अभिभावकों ने मीटिंग की सराहना करते हुए बैठक को छह माह में आयोजित किए जाने का प्रस्ताव दिया। छात्रों की हाजिरी पत्राचार से अभिभावकों को उपलब्ध कराने की मांग भी की। महाविद्यालय में वाटर फिल्टर खरीदने का प्रस्ताव भी मीटिंग में पारित किया गया।
तीन माह बाद भी नही पहुंची अंकतालिका
ऋषिकेश।
उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी हल्द्वानी प्राइवेट व दूरस्थ शिक्षा पाने वाले छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नही है। लेकिन यूनिवर्सिटी के केन्द्रों से छात्रों को निराशा हाथ लग रही है। कारण कि परीक्षा परीणाम तीन माह पूर्व आ चुका है। लेकिन केन्द्रों से अंकतालिका नही मिल रही है। छात्र इन केन्द्रों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है। केन्द्र सीधे यूनिवर्सिटी के हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से संपर्क करने को कह रहे है।
छात्र संतोष, रमेश, सुभाष आदि ने बताया कि ओपन यूनिवर्सिटी के केन्द्र ओमकारानंद इंस्टीट्यूट से उन्होंने परीक्षा दी। जिसका परिणाम तीन माह पूर्व आ चुका है। लेकिन लंबे समय के बाद भी परीक्षा केन्द्र में अंकतालिका नही पहुंची है। केन्द्र के टेलीफोन नंबर पर संपर्क करने का प्रयास करते है लेकिन कोई फोन रिसीव नही करता है। तीन माह में कई बार चक्कर काट चुके है, लेकिन संतोषजनक जवाब नही मिल रहा है।
मार्च के पहले सप्ताह में केन्द्र से जानकारी मिली कि हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से संपर्क कर अंकतालिका की जानकारी ले। हल्द्वानी स्थित मुख्यालय से टेलीफोन पर संपर्क किया तो उन्होंने नामाकंन संख्या के आधार पर कम्प्यूटर में सर्च कर बताया कि आपकी अंकतालिका 10 जनवरी को रुड़की जोनल ऑफिस को डिस्पेच कर दी गयी है। रुड़की दफ्तर में टेलीफोन पर संपर्क किया तो कोई फोन रिसीव नही कर रहा है। केन्द्र संचालक भी मोबाईल नही उठा रहे है।
छात्रों ने बताया कि परीक्षा केन्द्र को जानकारी दी कि हल्द्वानी के मुख्यालय से उनकी अंकतालिका रुड़की जोनल कार्यालय में डिस्पेच कर दी गयी है। केन्द्र की ओर से रुड़की कार्यालय से उनकी अंकतालिका मंगवायी जाये। लेकिन दो हफ्ते से भी अधिक का समय बीत चुका है। परीक्षा केन्द्र की ओर से उनकी अंकतालिका नही मंगवायी जा रही है। अब केन्द्र के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब भी नही दे रहे है। इस संदर्भ में ओमकारानंद इंस्टीट्यूट के डीन प्रमोद उनियाल से मोबाईल पर वार्ता करनी चाही तो उन्होंने फोन नही उठाया।
उत्तराखंड बोर्डः 6472 परीक्षार्थी लेंगे भाग, बनाए गए 32 परीक्षा केंद्र
ऋषिकेश।
17 मार्च से शुरू होने जा रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 10 अप्रैल तक चलेंगी। डोईवाला ब्लॉक के 32 केद्रों पर 6472 छात्र परीक्षा देंगे जिनमें 3053 बालक और 3419 बालिकाएं शामिल हैं। परीक्षा में संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षार्थी भाग लेंगे। गुरुवार को खंड शिक्षाधिकारी एमएल प्रसाद ने सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि दो परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं जिनमें एक आईडीपीएल और दूसरा छिद्दरवाला इंटर कॉलेज हैं। करीब 646 शिक्षक ड्यूटी में तैनात किए गए हैं। दो सचल दस्ते परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे।
ऋषिकेश ऑटोनामस डिग्री कॉलेज ऑनलाइन हुआ
ऋषिकेश।
आधुनिकीकरण के इस दौर में ऑटोनॉमस महाविद्यालय भी पीछे नहीं है। छात्र-छात्राओं के लिए इंटरनेट वाईफाई सुविधा देने के बाद कॉलेज ने ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्र-छात्राएं घर बैठे कॉलेज की वेबसाइट पर प्रवेश फार्म भरकर जमा कर सकेंगे। प्रवेश शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा होगा। वेबसाइट को मोबाइल के लिए भी तैयार कर लिया जाएगा। जिससे छात्र अपने स्मॉर्ट फोन से भी आवेदन कर सकेंगे। इस वर्ष सत्र 2017-18 के लिए कॉलेज में होने वाले प्रवेश ऑनलाइन ही होंगे। प्रवेश प्रक्रिया जून माह से शुरू हो जाएगी। इंटरनेट पर ही छात्रों की मैरिट लिस्ट होगी। मैरिट में नाम आने वाले छात्र को किस दिन प्रवेश के लिए कॉलेज आना है, यह सूचना भी वेबसाइट पर मिलेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया का लाभ ऋषिकेश से दूर गढ़वाल से आने वाले छात्रों को मिलेगा। वर्ष 2013 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के छात्र कॉलेज में समय रहते प्रवेश नहीं ले पाए। ऐसे में यदि प्रक्रिया ऑनलाइन होती तो छात्र अपने स्मॉर्ट फोन से ही आवेदन कर सकते थे।
कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इन दिनों वेबसाइट का परीक्षण व जांच चल रही है। इस वर्ष जून माह में होने वाले सभी प्रवेश ऑनलाइन हो सकेंगे।
डॉ. डीसी नैनवाल- प्राचार्य- ऑटोनॉमस महाविद्यालय ऋषिकेश।
ऑटोनॉमस कॉलेज में बौद्धिक कार्यशाला
ऋषिकेश।
गुरुवार को ऋषिकेश ऑटोनॉमस महाविद्यालय में गणित विभाग की ओर से न्यूरो लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग पर कार्यशाला हुई जिसमें गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के प्रोफेसर डीएस नेगी ने छात्र-छात्राओं को लक्ष्य प्राप्ति के मनोवैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराया। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने कहा कि जीत और हार मनुष्य की सोच में बसते हैं। यदि आप हर वक्त अपनी असफलताओं के बारे में सोचते रहे तो सामने मिले अवसर को भी खो देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ छात्र मनोवैज्ञानिक तौर पर पहले ही हार मान लेते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि हम अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने बुरे अनुभव से सीख लें और बाकी पूरा दिन अपनी उपलब्धियों को याद रखें। कार्यशाला में वनस्पति शास्त्र, जंतु विज्ञान और गणित विभाग के 80 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर ऑटोनॉमस महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डीसी नैनवाल, हरिद्वार गुरुकुल विश्वविद्यालय से डॉ. युवराज, डॉ. प्रीतपाल सिंह, डॉ. सुजाता, डॉ. सुषमा गुप्ता, डॉ. दयाधर दीक्षित, डॉ. मीरू गुप्ता, डॉ. अनिल आदि उपस्थित थे।
ऑटोनामस के छात्रों को बताया अंग्रेजी का महत्व
ऋषिकेश।
मंगलवार को ऑटोनॉमस महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं को अंग्रेजी भाषा के करियर पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। कार्यशाला में 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। हावर्ड इंस्टीट्यूट ऋषिकेश के अंग्रेजी विशेषज्ञ गुरु भट्टाचार्य ने बताया कि अंग्रेजी एक भाषा जरूर है लेकिन यह आत्मविश्वास जगाती है और आपके व्यक्तित्व निखारती है। करियर के हर मोड़ पर अंग्रेजी भाषा की आपको जरूरत महसूस होगी। औद्योगिक जगत हो या शिक्षण संस्थान हर जगह अंग्रेजी भाषा की मांग है। उन्होंने बताया कि कॉलेजों में प्लेसमेंट के लिए होने वाले साक्षात्कार भी अब अंग्रेजी भाषा में ही होते हैं। वहीं छात्रों ने अंग्रेजी भाषा सीखने व बोलने में आने वाली दिक्कतों का कारण जाना। गुरु भट्टाचार्य ने छात्रों को सामान्य जीवन में अंग्रेजी का बोलचाल करने की सलाह दी। इस अवसर पर अंग्रेजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक, डॉ. अंजू भट्ट, डॉ. सतेन्द्र कुमार, मयंक रैवानी, अवन्तिका पोरवाल, हर्ष कुमार, शुभम गौर आदि उपस्थित थे।
ढालवाला प्राइमरी स्कूल में लगी विज्ञान प्रदर्शनी
ऋषिकेश।
मंगलवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ढालवाला स्थित प्राइमरी स्कूल में एक दिवसीय विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसमें कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने विज्ञान के मॉडल प्रस्तुत किए। मॉडल के जरिए छात्रों ने बताया कि हमारे शरीर की पाचन प्रक्रिया किस तरह काम करती है। वहीं हाल ही में हुई भारत के उपग्रह प्रक्षेपण की सफल प्रक्रिया को भी छात्रों ने मॉडल के जरिए बखूबी दिखाया। जबकि सौर मण्डल की पूरी प्रक्रिया नौनिहालों ने अंग्रेजी में गाकर प्रस्तुत की। खराब पड़े सामान से सजावटी सामान तैयार कर बच्चों ने दिखाया कि किस तरह बेकर वस्तुयें भी काम भी लाई जा सकती हैं। पानी में डूबता अण्डा क्यों पानी में अचानक तैरने लगा इसका वैज्ञानिक तथ्य भी नौनिहालों की प्रस्तुत किया। संस्कृत व हिंदी वर्णमाला के भी मॉडल प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी में पहुंचे उपशिक्षाधिकारी प्राथमिक शिक्षा पंकज उप्रेती ने कहा कि छात्रों के भीतर की इस विलक्षणता को निखारने में विद्यालय के शिक्षकों का अहम भूमिका है। छात्रों के भीतर छिपी वैज्ञानिक सोच को निखारने के लिए विद्यालय इस तरह के कार्यक्रम करता रहता है। विद्यालय की प्रधानाचार्या पुनीता झिल्डियाल का कहना है कि अभिभावकों व जनप्रतिनिधियों को भी छात्रों को प्रोत्साहन के लिए आगे आने की दरकार है। इस अवसर पर अनुपमा बडोला, दिनेश प्रसाद, मंजू रानी शर्मा, सरिता भण्डारी, सुभाष कुमार व प्रवीण कुमार आदि उपस्थित थे।
उत्तर पुस्तिका की फिर से जांच कराने की मांग की
ऋषिकेश।
सोमवार को ऑटोनॉमस महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र प्रचार्य कक्ष में पहुंचे। उन्होंने परीक्षा में बैक आने पर नाराजगी जताई और उत्तर पुस्तिका की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कक्षा में तकरीबन 80 प्रतिशत छात्रों की विभिन्न विषयों में बैक आई है जबकि उन्होंने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिन विषयों में उनके अंक कम हैं, उसके लिए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि कॉलेज में उन विषयों की कक्षाएं ही संचालित नहीं हुईं जिसके चलते उन विषयों में उनका परीक्षाफल सही नहीं रहा। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से उनकी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच कराए जाने की मांग की।
उधर कॉलेज प्रशासन ने छात्रों के दावे को गलत करार देते हुए परीक्षाफल को सही ठहराया। कॉलेज प्रशासन ने कक्षा में 80 प्रतिशत छात्रों की बैक आने के दावे को भी बेबुनियाद बताया। प्राचार्य से मिलने वालों में प्रशांत, ऋतु, मानू, भावना, दीपा, स्वाती आदि शामिल थे।
परीक्षाफल में किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं किया गया है। उत्तर पुस्तिका जांचने में भी कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है। जिन छात्रों की बैक आई है, नियमानुसार उन्हें उस विषय को पास करने का अवसर दिया जाएगा।
डॉ. डीसी नैनवाल- प्राचार्य-ऑटोनॉमस महाविद्यालय।
