उत्तराखंडः सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में पेपरलीक मामले की जांच होगी

नकल प्रकरण की जांच के लिए न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी की अध्यक्षता में आयोग गठित पूर्व में प्रस्तावित न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा ने निजी कारणों से असमर्थता जताई थी
राज्य सरकार ने स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा-2025 में कथित नकल के आरोपों की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी (उच्च न्यायालय, नैनीताल) की अध्यक्षता में एक एकल सदस्यीय जांच आयोग के गठन की घोषणा की है। यह निर्णय जनहित एवं लोक महत्व को ध्यान में रखते हुए सम्यक विचारोपरांत लिया गया है।

ज्ञात हो कि 21 सितम्बर 2025 को आयोजित परीक्षा के दौरान नकल की शिकायतें सामने आई थीं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच आयोग अधिनियम, 1952 की धारा 3 के तहत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।

सरकार ने प्रारंभ में यह जिम्मेदारी न्यायमूर्ति बी.एस. वर्मा (सेवानिवृत्त) को सौंपने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने समयाभाव और निजी कारणों से असमर्थता जताई। इसके बाद राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया।

जारी आदेश के अनुसार, आयोग को अन्य अधिकारियों व विशेषज्ञों का सहयोग लेने की स्वतंत्रता होगी। आयोग का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण राज्य रहेगा तथा वह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों, सूचनाओं और तथ्यों का परीक्षण करेगा।

इसके अतिरिक्त आयोग, 24 सितम्बर 2025 को गठित विशेष जांच दल (ैप्ज्) की आख्या का संज्ञान लेकर आवश्यकतानुसार उसे विधिसम्मत मार्गदर्शन भी प्रदान करेगा। सरकार ने अपेक्षा की है कि आयोग शीघ्रातिशीघ्र अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।

पवित्र छड़ी यात्रा धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं हमारी सनातन संस्कृति की व्यापकता का जीवंत प्रमाण हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थ नगरी हरिद्वार से पवित्र छड़ी यात्रा को अधिष्ठात्री माया देवी मंदिर के प्रांगण से वैदिक विधि विधान और मंत्रोच्चार के साथ उत्तराखंड के चारों धामों के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री ने पवित्र छड़ी को रवाना करने से पूर्व पवित्र छड़ी का अभिषेक करते हुए माया देवी मंदिर में महामाया देवी की पूजा अर्चना भी की तथा सभी संतगणों का माल्यार्पण कर सम्मान किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने आदि गुरू शंकराचार्य द्वारा प्रारंभ की गई पवित्र छड़ी यात्रा में सम्मिलित होना अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा आठवीं शताब्दी में आदि गुरू ने संपूर्ण भारतवर्ष में अद्वैत वेदांत का संदेश फैलाने का जो महान कार्य किया, उसकी गूंज आज भी हमें अपनी जड़ों से जोड़ती है। उन्होंने कहा पवित्र छड़ी की पूजा-अर्चना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं बल्कि ये हमारी सनातन संस्कृति की व्यापकता का जीवंत प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा ये यात्रा उत्तराखंड की अद्भुत विविधता और एकता का भी प्रतीक है क्योंकि कुमाऊं से गढ़वाल तक, ऊंचे हिमालय से लेकर गंगा-यमुना के तराई क्षेत्रों तक, हर जगह यह पवित्र छड़ी हमें जोड़ती है। जब ये छड़ी हमारे पहाड़ों, वनों, नदियों और घाटियों से गुजरती है, तो ऐसा लगता है मानो स्वयं माता भगवती और भगवान शंकर हमारे साथ चल रहे हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 70 वर्ष पूर्व कतिपय कारणों से पवित्र छड़ी यात्रा का संचालन अवरूद्ध हो गया था, परन्तु 2019 में श्रीमहंत हरिगिरि महाराज के अथक प्रयासों से ये यात्रा पुनः प्रारंभ हुई।

उन्होंने कहा कि हमारे संतो का बद्री केदार क्षेत्र के साथ ही अन्य सीमांत क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार के साथ आर्थिक विकास की सोच को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज के समग्र विकास की चिंता करना, हर किसी के जीवन में बदलाव लाने की सोच रखना बडी बात है, जहां ऐसी सोच के साथ संत निवास करते है, उस समाज व देश को आगे बढने, नई पहचान दिलाने से कोई रोक नही सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा आज देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण और पुनरुत्थान का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि धर्म का अर्थ केवल अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि ये हमारे आचरण, हमारे कर्म और हमारी जीवनशैली में झलकना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में काशी विश्वनाथ, महाकाल लोक, बद्रीनाथ, केदारनाथ आदि धामों के पुनर्निर्माण के साथ- साथ अयोध्या में भगवान राम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण इसका स्पष्ट प्रमाण है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री ने ही प्रथम ध्वजवाहक बनकर आदि कैलाश यात्रा को पूरे विश्व में प्रसिद्धि दिलाने का काम भी किया है।

प्रधानमंत्री ने माणा के साथ देश के सीमांत गांवों को पहला गांव बनाया है। घोस्ट विलेजों के विकास के लिए वाइब्रेट विलेज योजना के माध्यम से विकास के नये द्वार खोले जा रहे है। प्रधानमंत्री जी ने 17500 फुट की ऊंचाई पर स्थित आदि कैलाश की यात्रा कर इसे नई पहचान दिलाई है आज हजारों लोग यहां आ रहे हैं। 2014 से पहले तक तिब्बत से जुड़े सीमांत क्षेत्रों में सड़क नहीं बनाई जाती थी। आज तिब्बत सीमा तक सड़कों का तेजी से निर्माण हो रहा है कैलाश के दर्शन भारत भूमि से हो रहे हैं। नाबीढांग, गुंजी, व्यास, चौंदास, दारमा, नेलांग, जादुंग क्षेत्रों का तेजी से विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के निर्माण के बाद धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी। वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ का आयोजन भी होना है, इसकी अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ को भव्य व दिव्य रूप से आयोजित किया जायेगा। इसके लिए सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिये जा रहे है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के विकास की जो भी योजनायें बनाई जायेंगी उसमें स्थानीय लोगों की सहमति का ध्यान रखा जाएगा। हरिद्वार धर्म नगरी है इसके भव्य स्वरूप देश दुनिया के सामने आये इसके भी प्रयास किये जायेंगे।

उन्होंने कहा कि देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इसके लिए ऑपरेशन कालनेमि जैसे धर्म के मार्ग को अवरूद्ध करने वाले कारणों को दूर करने का हमारा प्रयास जारी रहेगा। हमें देश में चलाए जा रहे लैंड जेहाद, लव जेहाद, थूक जेहाद, अवैध मजार जेहाद, नशा जेहाद, धर्मांतरण जेहाद, डेमोग्राफिक जेहाद, अवैध मदरसा जेहाद और वोट जेहाद जैसे षड्यंत्रों से सावधान रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने ’’विकल्प रहित संकल्प’’ के साथ निरंतर कार्य कर रही है और इस संकल्प को पूर्ण करने के लिए आप सभी साधु-संतों, महंतों का आशीर्वाद इसी तरह बना रहना चाहिए।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री महन्त हरि गिरि ने बताया कि जूना अखाड़े से पवित्र छड़ी यमुनोत्री, गंगोत्री होते हुए केदारनाथ और बद्रीनाथ जाएगी। बद्रीनाथ से यह छड़ी कुमाऊं मंडल के विविध तीर्थ स्थलों से होते हुए हरिद्वार जूना अखाड़े में वापस आएगी और माया देवी के मंदिर में प्रतिष्ठित की जाएगी। इससे पहले यह छड़ी बागेश्वर कुमाऊं मंडल से चारों धामों के लिए निकलती थी और कई सालों से यह छड़ी यात्रा बंद थी। सन् 2021 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ को देखते हुए इस छड़ी के मार्ग में बदलाव किया गया है।

इस अवसर जूना अखाड़ा के महामंत्री हरिगिरी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है तथा उन्होंने कई ऐतिहासिक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो अन्य प्रदेशों के लिए भी उदाहरण बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि ताकत उसी के हाथ में अच्छी लगती है जो निर्भिक निडर एवं सहास के साथ आगे बढ़ते हुए देश एवं समाज की आन बान शान को कायम रखने में समर्थ हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिकता संहिता कानून लागू करने के साथ ही भू कानून भी लागू किया गया है जिससे प्रदेश की भूमि सुरक्षित हुई है। निरंजनी आखाड़ा के पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री संतो का आदर करते हुए सनातन के लिए कार्य कर रहे है। कार्यक्रम का संचालन अखाडा परिषद के अध्यक्ष रविन्द्र पुरी महाराज द्वारा किया गया।

इस अवसर पर ललितानंद गिरी महाराज, प्रेमगिरी महाराज, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, मेयर नगर निगम किरण जैसल, जिलाध्यक्ष भाजपा अशुतोष शर्मा, जिलाध्यक्ष लव शर्मा, राज्य मंत्री सुनिल सैनी, देशराज कर्णवाल, जिला महामंत्री भाजपा संजीव चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित साधु संत आदि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने जीएसटी बचत उत्सव के तहत हरकीपैड़ी में आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीएसटी बचत उत्सव की श्रृंखला में हरिद्वार में हरकीपैड़ी बाजार में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कारोबारियों एवं आम लोगों के साथ जीएसटी की घटी दरों को लेकर संवाद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों एवं विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। जीएसटी की दरों में सुधार के चलते प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन होना तय है।

जीएसटी बचत उत्सव के तहत हरकीपैड़ी क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में जीएसटी की दर घटाए जाने से उत्साहित व्यापारियों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री धामी के प्रति आभार जताया। व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों पर ‘घटी जीएसटी मिला उपहार- धन्यवाद मोदी सरकार‘ जैसे बैनर लगाकर जीएसटी की दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जनजागरूकता से संबंधित स्टीकर चस्पा किए और व्यापारियों को फूल भेंट कर आग्रह किया कि जीएसटी को लेकर आम लोगों को जागरूक बनाने में सहयोग दें और एवं घटी दरों का पूरा लाभ ग्राहकों को पहुंचाना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित कर देश व प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में योगदान करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी सामान अपनाने से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, स्वदेशी उत्पादों एवम् कामगारों को समर्थन मिलेगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी और रोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे।

इस दौरान विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, मेयर किरन जैसल, दर्जा राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल, सुनील सैनी, शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, सीडीओ आकांक्षा कोंडे,बीजेपी जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, बीजेपी जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, आशु चौधरी, पार्षद अनुज सिंह सहित वाशु पाराशर भी उपस्थित रहे।

अगले तीन माह में करें एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों के निस्तारणः बर्द्धन

मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद आनन्द बर्द्धन ने राजस्व परिषद सभागार में जिलाधिकारियों के साथ राजस्व वादों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि धारा 34 एवं 143 से सम्बन्धित एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों को अगले तीन माह में निपटारा कर लिया जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को धारा – 34 और 143 से सम्बन्धित वादों में गंभीर अनियमितताओं पर तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार विकास नगर को वादों के निस्तारण में धीमी गति पर कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वादों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की कोताही न की जाए।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में ऑनलाइन म्यूटेशन प्रक्रिया लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आरसीएमएस पोर्टल शीघ्र ही पूर्णतः संचालित होने लगेगा। इससे रजिस्ट्री होते ही तत्काल म्यूटेशन की प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को तहसील मुख्यालयों एवं एसडीएम कार्यालयों में भी ई-ऑफिस शीघ्र लागू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नेटवर्क एवं हार्डवेयर की अनुपलब्धता है, शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्य सचिव ने जनपदों में कार्मिकों के स्थानान्तरण हो जाने के बावजूद जनपदों से कार्यमुक्ति न दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बैठक समाप्ति के तत्काल बाद सभी स्थानान्तरित कार्मिकों को कार्यमुक्त किया जाए एवं जनपदों द्वारा आज शाम तक कार्यमुक्ति से सम्बन्धित प्रमाण पत्र उपलब्ध करा कर अवगत कराया जाए।

मुख्य सचिव ने राजस्व वसूलियों से सम्बन्धित समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। उन्होंने दोनों मंडलों के आयुक्तों को भी अपनी मासिक बैठकों में राजस्व वादों एवं राजस्व वसूली से सम्बन्धित मामलों की समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेवेन्यू रियलाइजेशन कमिटी, वन, वाणिज्य, रजिस्ट्रेशन और आरसीएस से सम्बन्धित बैठकों को भी नियमित रूप से आयोजित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आपदा से क्षतिग्रस्त पटवारी चौकियों एवं तहसील भवनों का आंकलन शीघ्र भेजे जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रमोशन के पदों के लिए पात्र कार्मिकों की प्रमोशन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि पटवारी, कानूनगो, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरा जा सके और वादों के निस्तारण में तेजी आए।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सेवा का अधिकार के अंतर्गत समस्त प्रमाणपत्रों के निर्गत किए जाने की समय सीमा का उल्लेख सम्बन्धित कार्यालयों के सम्मुख अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए, ताकि आवेदकों को, उनके द्वारा आवेदित प्रमाण पत्र कब तक उपलब्ध हो जाएंगे, इसकी जानकारी मिल सके।

इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त राजस्व परिषद रंजना राजगुरू सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों से जिलाधिकारी एवं आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत उपस्थित थे।

सीएम ने जीएसटी एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश में चल रहे जी.एस.टी. एवं स्वदेशी जागरूकता अभियान की समीक्षा बैठक की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू हुई जी.एस.टी. की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इसका सीधा लाभ अब जनता को मिलने लगा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ और ग्राम सभाओं, नगर निकायों के हर छोटे बड़े कारोबारी तक पहुंचे। उन्होंने कहा इस अभियान के माध्यम से हमने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के क्षेत्र में भी क्रांति लाने का काम करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी अभियान से हमारे स्थानीय उत्पादों की खरीदारी बढ़ेगी एवं राज्य एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर ही हम आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दें, ताकि प्रदेश और देश आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा आगे आने वाले त्योहारों में भी हमने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट (वर्चुअल), कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक रेणु बिष्ट एवं अन्य जनप्रतिनिधि वर्चुअल मौजूद रहे।

जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के पटेलनगर में ‘जीएसटी बचत उत्सव‘ के उपलक्ष्य में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान व्यापारियों एवं आम लोगों से भेंट कर जी.एस.टी. की घटी दरों के लाभ के बारे में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आर्थिक सुधारों का नया दौर शुरू हुआ है और जीएसटी की दरों में कमी से समाज में सभी वर्गों के जीवन को खुशहाल बनाने की ऐतिहासिक पहल हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी की नई दरों से उपभोक्ता वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने व्यापारियों से जीएसटी की घटी दरों के बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी देने का आग्रह भी किया। इस दौरान स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर प्रदेश एवं देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।

इस दौरान व्यापारियों और आम लोगों ने जीएसटी दरों को घटाए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व पर की गई इस नई शुरूआत से बाजार और खरीददारों में काफी उत्साह है। जीएसटी का यह उत्सव आगामी दीपावली के पर्व के दौरान आम लोगों के जीवन और कारोबार में उल्लास भरेगा।

इस दौरान विधायक विनोद चमोली, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

प्रदेश के लोगों को भूकम्प जैसी परिस्थितियों के लिए जागरूक किए जाने की आवश्यकताः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में उत्तराखण्ड भूकम्प जोखिम मूल्यांकन एवं शमन के सम्बन्ध में बैठक ली। बैठक में आईआईटी रूड़की और वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से प्रदेश का एक बड़ा भू-भाग के जोन 5 में है, जिसके कारण यूईआरएएम के उद्देश्य, एक औपचारिक सुरक्षा-संचालित वातावरण तैयार करते हुए भूकंप से होने वाले मानवीय और आर्थिक नुकसान को कम करना पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के लोगों को भूकम्प जैसी परिस्थितियों के लिए जागरूक किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए भूकम्प की मॉक ड्रिल के लिए एक दिन निर्धारित करते हुए नियमित रूप से भूकम्प जागरूकता दिवस मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भूकम्प जैसी परिस्थिति में न्यूनतम मानवीय और आर्थिक नुकसान होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि यूएसडीएमए द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों के साथ एक विस्तृत एमओयू किया जाए जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के लिए संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि वाडिया संस्थान ग्लेशियर लेक पर काम कर रहा है तो आईआईटी रूड़की भूकम्प जोखिम मूल्यांकन और शमन पर कार्य कर सकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि भूकम्प के प्रति संवेदनशीलता की दृष्टि से भवन निर्माण के लिए कुछ मापदंड भी निर्धारित किए जाने चाहिए। उन्होंने भूकम्परोधी भवनों के सम्बन्ध सीबीआरआई के साथ एमओयू किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव विनोद कुमार सुमन एवं अपर सचिव आनन्द स्वरूप सहित आईआईटी रुड़की, वाडिया हिमालयन भू विज्ञान संस्थान और सीबीआरआई के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

दिव्यांग समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं से होः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के कल्याण के चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों का पूरा लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ मिले। समाज के इस वर्ग की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि समय-समय पर प्रदेशभर में दिव्यांगजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाए। इन शिविरों में दिव्यांगजनों को उन्हें उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं के साथ ही प्रमाण-पत्र, कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण भी मौके पर ही उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने सचिव समाज कल्याण को निर्देश दिए कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान आरक्षण के प्रावधानों के अनुसार दिव्यांगजनों को पूरा लाभ दिया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि समाज कल्याण विभाग पेंशन योजनाओं में विशेष रूप से यह सुनिश्चित करे कि जो भी पात्र व्यक्ति दिव्यांग पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में आते हों, उन्हें योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिले।

उन्होंने सभी सचिवगणों से अपेक्षा की कि दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय स्तर पर सतत गंभीरता से कार्यों का अनुश्रवण कर उनके हितों से सीधे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का एक अभिन्न अंग हैं और उन्हें सक्षम बनाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

बैठक में उपस्थित विधायकगणों एवं बोर्ड सदस्यों ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने उन सभी सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याएँ किसी भी सरकार के लिए केवल प्रशासनिक विषय न रहकर मानवीय सरोकार से जुड़ी जिम्मेदारी भी हैं, और इसी भाव से राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

बैठक में विधायक भरत चौधरी, सविता कपूर के साथ ही सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, रंजीत सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र एवं राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्यगण उपस्थित रहे।

देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम की पहल सार्थकः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय परिसर में नगर निगम, देहरादून द्वारा संचालित वैक्यूम बेस्ड रोड़ स्वीपिंग मशीन का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून को साफ सुथरा आधुनिक शहर बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्मार्ट तकनीक आधारित यह पहल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ एवं प्रदूषण रहित बनाने के लिए तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा बेड़े में शामिल की गई उन्नत मशीनों से सड़कों की नियमित सफाई अधिक प्रभावी और तेजी से होगी। साथ ही धूल व प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी, जिससे आमजन को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों से आह्वान किया कि देहरादून शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा – भरा बनाए रखने के लिए इन गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, नगर आयुक्त नमामि बंसल एवं नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात यात्रा के तैयारियों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों और स्टेक होल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा की ऐतिहासिकता, विशिष्टता और मौलिकता से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने इसकी डॉक्यूमेंट्री भी तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण बहुत से यात्रा मार्ग और पड़ावों की स्थिति की जानकारी के लिए मार्गों और पड़ावों की रेकी करायी जाए। मार्गों एवं पड़ावों को दुरूस्त कराए जाने के लिए तत्काल कार्यवाही शुरू की जाए। उन्होंने टैन्ट आदि की व्यवस्था के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने नंदादेवी राजजात यात्रा के लिए कराए जाने वाले सभी स्थायी एवं अस्थायी प्रकृति के कार्यों की प्राथमिकताएं निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराए जाने वाले बड़े कार्यों को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल शुरू कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक यात्रा पड़ाव एवं संपूर्ण यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य अधिकारियों, दवाओं, पोर्टेबल ऑक्सीजन एवं स्वास्थ्य उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि मार्गों का विद्युतीकरण, स्वास्थ्य सुविधाएं, भीड़ प्रबंधन, खाद्य सामग्री की व्यवस्थाएं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता प्रबंधन आदि की समावेशी एसओपी शीघ्र जारी की जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पूरी यात्रा का वेस्ट मैनेजमेंट प्लान, सेप्टिक मैनेजमेंट और सेनिटेशन मैनेजमेंट प्लान बनाने के भी निर्देश दिए ताकि यात्रा में भागीदारी करने वाले लोगों को सुविधा मिले तथा पर्यावरण को किसी भी तरह की क्षति भी ना पहुंचे।

बैठक में एपीसीसीएफ कपिल लाल, सचिव विनोद कुमार सुमन, धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।