गढ़वाल और कुमाऊं के इन दो शहरों में तीमारदारों के लिए बनेगा विश्रामगृह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में सचिवालय में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं सेवादान आरोग्य संस्था के बीच एम.ओ.यू. (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एम.ओ.यू. राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह निर्माण कार्य से संबंधित है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह बनने से बड़ी सुविधा होगी। भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम एवं ठहरने की समस्या का समाधान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सेवादान आरोग्य संस्था से किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर में भी यह व्यवस्था करने की बात कही , जिस पर संस्था ने सहमति व्यक्त की।

इस एम.ओ.यू. के तहत सेवादान आरोग्य फाउंडेशन, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी एवं देहरादून में तीमारदारों के लिए विश्राम गृहों का निर्माण करेगा। दोनों मेडिकल कॉलेजों में 350 बिस्तरों की क्षमता वाले विश्राम गृहों का निर्माण प्रस्तावित है।

इन विश्राम गृहों (रैन बसेरों) में रात्रि विश्राम के लिए शयनागार में ₹55 प्रति बिस्तर तथा दो बिस्तरों वाले कमरे ₹300 प्रति कक्ष की दर से उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, नाश्ता ₹20 तथा भोजन ₹35 की सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

इन विश्राम गृहों का संचालन एवं रखरखाव सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून द्वारा 1750 वर्गमीटर एवं राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी द्वारा 1400 वर्गमीटर भूमि विश्राम गृहों के निर्माण हेतु प्रदान की जाएगी। यह एम.ओ.यू. आगामी 20 वर्षों के लिए वैध रहेगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना तथा सेवादान आरोग्य संस्था से अभिषेक सक्सेना, आनंद सिंह बिसेन एवं अमित दास उपस्थित थे।

सीएम धामी ने प्रदेशवासियों से मतदान करने की अपील की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के अंतर्गत कल होने वाले मतदान के लिए प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं और इन चुनावों में प्रत्येक मतदाता की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती मतदाता की जागरूकता और सहभागिता पर निर्भर करती है। त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का संचालन होता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मतदाताओं से विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिकाधिक संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुँचकर लोकतंत्र को सशक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का एक-एक वोट राज्य के भविष्य को गढ़ने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
———————————–
मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन पर शासन, प्रशासन एवं पुलिस को दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2025 के कांवड़ मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण समापन पर समस्त शासन, प्रशासन, पुलिस विभाग, एवं मेला आयोजन से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं धन्यवाद दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, सुव्यवस्थित व्यवस्था एवं बेहतर प्रबंधन हेतु सभी संबंधित विभागों ने समन्वय एवं सजगता से कार्य किया, जिसके फलस्वरूप यह विशाल धार्मिक आयोजन सकुशल सम्पन्न हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है और यहाँ आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों में देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं। ऐसे आयोजनों में सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा, स्वच्छता एवं अन्य सुविधाओं का सुनियोजित प्रबंधन आवश्यक होता है, जिसे सभी के द्वारा सराहनीय रूप से किया गया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राज्य पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम जनता के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह सामूहिक प्रयास उत्तराखण्ड की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करता है।
——————————–

आईआईटी मद्रास में चयनित रुद्रप्रयाग के अतुल से सीएम धामी ने की फोन पर बात, दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग जिले के आई आई टी मद्रास में चयनित युवा अतुल से दूरभाष पर बात कर उन्हें शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अतुल ने अपनी मेहनत से अन्य लोगों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा सामान्य परिस्थितियों में भी यदि व्यक्ति संकल्प लेकर काम करता है तो उसके सपने जरूर पूरे होते हैं। जीवन में कोई चीज असंभव नहीं है। उन्होंने कहा अतुल ने प्रत्येक उत्तराखंडी को गौरवान्वित और प्रेरित किया है। मुख्यमंत्री ने अतुल को भी हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग जिले के अतुल ने केदारनाथ में घोड़े खच्चर चलाकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला। इसके साथ ही अपनी मेहनत और संघर्ष की बदौलत उनका आईआईटी मद्रास में चयन हुआ है।

आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित, एक अनुशासित और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संगठन: धामी

सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने हाल ही में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ को अनिवार्य कर एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहल भी प्रारंभ की है। हमारी सरकार ने राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून की स्थापना करने के उद्देश्य से देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून को लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। हमने प्रदेश में एक ओर जहां धर्मांतरण विरोधी और सख्त दंगारोधी कानूनों को लागू किया है वहीं लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “लैंड जिहाद” माफिया प्रदेश में बिना डर के हरा, नीला या पीला कपडा डालकर बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे थे। हमने प्रदेश में इस सुनियोजित लैंड जिहाद पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही 200 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओ को भी हटाया है। हमारी सरकार सनातन धर्म को बदनाम करने का षड्यंत्र करने वाले तत्वों के विरुद्ध भी सख़्ती से कार्रवाई कर रही है। “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से उन पाखंडी और विधर्मियों को गिरफ्तार किया जा रहा है जो लोगों को भ्रमित करते हैं और धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। हम ऐसे घुसपैठियों को देवभूमि उत्तराखंड में किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे, और ये लोग जहां से आये हैं उन्हें वापस वहीं पहुंचाकर ही दम लेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पुर्नप्रकाशित पुस्तक के संस्करण “फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ़ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह, दत्तात्रेय होसबोले , राष्ट्रवादी चिंतक एवं ‘प्रज्ञा प्रवाह’ विशिष्ट वैचारिक मंच के संयोजक जे. नंदकुमार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में कैथोलिक पादरी फादर एंथोनी द्वारा लिखी गई, पुस्तक “फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ़ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज” में न केवल संघ की विचारधारा, संगठनात्मक संरचना और कार्यपद्धति का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया, बल्कि “हिंद स्वराज” की मूल आत्मा को भी समेकित रूप से समझाने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक हमारी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रारंभिक संघर्षों, त्याग और तपस्या से परिचित कराते हुए उन्हें हमारी वैचारिक परंपरा और कार्यशैली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फादर एंथोनी ने यह पुस्तक उस समय में लिखी जब “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” को लेकर समाज में अनेकों प्रकार की भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई जा रही थीं। उस चुनौतीपूर्ण कालखंड में फादर एंथोनी ने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई सांप्रदायिक संस्था नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित एक अनुशासित और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संगठन है। उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं के जीवन में अनुशासन, सेवा, समर्पण और देशभक्ति को निकटता से देखा और दुनिया को अवगत कराया कि ये संगठन भारत के पुनर्निर्माण की वास्तविक आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फादर एन्थोनी ने लिखा कि संघ न केवल हिन्दू धर्म की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का अंत कर संपूर्ण भारतवर्ष को एक सूत्र में पिरोने के कार्य में भी जुटा है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की यात्रा में भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की

मुख्यमंत्री ने कहा कि आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने जब वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, तब भारत न केवल राजनीतिक दृष्टि से पराधीन था, बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से भी खंडित हो चुका था। आज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमयी यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है, जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भारत कभी गुलामों वाली मानसिकता से ग्रस्त था, आज अपने सांस्कृतिक मूल्यों, अपनी परंपराओं और अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर गर्व करता है, ये आत्मगौरव संघ की तपश्चर्या का ही परिणाम है।

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। वर्षों तक उपेक्षित रहे हमारे गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को आज न केवल पुनर्स्थापित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय चेतना का आधार भी बनाया जा रहा है। आज हमारी सनातन संस्कृति की पताका संपूर्ण विश्व में गर्व से लहरा रही है और भारत अपनी जड़ों से जुड़ते हुए पुनः विश्वगुरु बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। हमारी धार्मिक धरोहरों को जिस प्रकार संजोया और संवारा जा रहा है, वो “न भूतों न भविष्यति” है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के मजबूत नेतृत्व में जहां एक ओर कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, नागरिकता संशोधन एवं वक्फ संशोधन जैसे कानूनों के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। वहीं, अंत्योदय के संकल्प को पूर्ण करने के लिए जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में स्वयं सेवक, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।

यूपी सरकार का सीएम धामी ने किया आभार, जानिए वजह…

मुुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की अवधि के लिए उत्तराखंड राज्य को पेंशन की हिस्सेदारी के रूप में रू. 1600 करोड़ की धनराशि का भुगतान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दोनों राज्यों के मध्य बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद के चलते परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के लंबित मुददों का तेजी से निस्तारण किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्यों में पेंशन पर हुए व्यय के प्रभाजन हेतु महालेखाकार, उत्तर प्रदेश के द्वारा वर्ष 2021-22 के लिए रू. 952.26 करोड एवं वर्ष 2022-23 की अवधि के लिए रू. 1309.00 करोड की देयता उत्तर प्रदेश सरकार पर आंकलित की गई थी। पेंशन व्यय पर उक्त दो वित्तीय वर्षो के लिए आगणित कुल रू. 2261.26 करोड़ की देयता के सापेक्ष उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माह जुलाई 2025 में रू. 1600 करोड़ की धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से अन्तर्राज्यीय समायोजन के द्वारा उत्तराखंड सरकार को किए जाने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

सीएम ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में सीबीआई को हस्तान्तरित किए जाने के लिए प्रदान किया अनुमोदन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एण्ड थ्रिप्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी के संचालकों द्वारा वृहद स्तर पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी संबंधी प्रकरणों में उत्तराखण्ड सहित विभिन्न प्रदेशों में पंजीकृत अभियोगो को सी.बी.आई. को हस्तान्तरित किए जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने पाखरों टाईगर सफारी निर्माण में अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में अखिलेश तिवारी, अवकाश प्राप्त उप वन संरक्षक/तत्कालीन प्रभागीय विनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरुद्ध सी०बी०आई० की विवेचना से सम्बन्धित जांच रिपोर्ट में उल्लिखित बिन्दुओं के आधार पर उनके विरुद्ध संगत धाराओं के तहत् अभियोजन चलाये जाने तथा पाखरों टाईगर सफारी के निर्माण में कथित अनियमितता से सम्बन्धित प्रकरण में किशन चन्द (से०नि०), तत्कालीन उप वन संरक्षक/प्रभागीय वनाधिकारी, कालागढ़ टाईगर रिजर्व, लैन्सडाऊन के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संशोधित 2018) के तहत् अभियोजन चलाये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने स्वीकृत की क्षतिग्रस्त पुलों, वैली ब्रिजों एवं नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग्रो के निर्माण हेतु 32.23 करोड की धनराशि*

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस०डी०आर०एफ० के तैयारी एवं क्षमता विकास मद से लोक निर्माण विभाग हेतु मानसून से क्षतिग्रस्त पुलों हेतु बैली ब्रिजों की आपूर्ति हेतु कुल लागत रू0 2732.69 लाख (रू० सत्ताईस करोड बत्तीस लाख उन्हत्तर हजार मात्र) धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के वर्ष 2026 में श्री नन्दा देवी राजजात यात्रा से सम्बन्धित मुख्य एवं महत्वपूर्ण मार्गों के अन्तर्गत 02 कार्यों हेतु रू0 489.69 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

*मुख्यमंत्री ने दी विभिन्न विकास योजनाओं के निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति*

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल में विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अन्तर्गत भगवतीतलैया-कमलिया-सराईखेत मोटर मार्ग के आर.सी.सी. निर्माण हेतु रू0 271.97 लाख (रू० दो करोड़ इकहत्तर लाख सत्तानवें हजार मात्र), जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार में हिल बाईपास मोटर मार्ग पर क्षतिग्रस्त भाग का पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा बी०सी० द्वारा पैच मरम्मत कार्य हेतु रू० 342.30 लाख (रू० तीन करोड़ बयालीस लाख तीस हजार मात्र, जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र भीमताल में गर्जिया-बेतालघाट-खैरना-सुयालबाड़ी-औड़ाखान-पसियापानी-भटेलिया-मुक्तेश्वर मोटर मार्ग के लोडिंग सेतुओं का नव निर्माण कार्य हेतु रू० 7.38 लाख (रू० सात लाख अडतीस हजार मात्र) तथा जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत आदिबद्री-नौटी मोटर मार्ग में नन्दा देवी राज जात मार्ग कॉसुवा से चॉदपुरगढ़ी तक मोटर मार्ग के डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 523.29 लाख (रू० पांच करोड़ तेईस लाख उनतीस हजार मात्र) की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर में इस्कॉन सांस्कृतिक एवं सामाजिक शिक्षा केन्द्र मार्ग दुधली-डोईवाला मोटर मार्ग का चौडीकरण एवं सुदृढीकरण के कार्य हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के विधानसभा क्षेत्र कर्णप्रयाग के अन्तर्गत सारकोट भराड़ीसैण मोटर मार्ग का नाम शहीद हवलदार स्व० श्री वसुदेव मोटर मार्ग किये जाने तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधान सभा क्षेत्र यमकेश्वर के अन्तर्गत दुगड्डा में रा.इ.का. दुगड्डा, का नाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवानी सिंह रावत जी के नाम पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

धामी सरकार की सख्ती, सरकारी अस्पतालों से अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए SOP जारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के अनावश्यक रेफरल पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि अब बिना ठोस चिकित्सकीय कारण के किसी भी रोगी को जिला और उप-जिला अस्पतालों से उच्च संस्थानों जैसे मेडिकल कॉलेजों या बड़े अस्पतालों को रेफर नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक मरीज को प्राथमिक उपचार और विशेषज्ञ राय जिला स्तर पर ही मिले। अनावश्यक रेफरल से न केवल संसाधनों पर दबाव बढ़ता है बल्कि मरीज को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाता।

*अनावश्यक रेफरल को रोकने के लिए SOP जारी*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में एक विस्तृत Standard Operating Procedure (SOP) जारी की है, जिससे रेफरल प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और चिकित्सकीय औचित्य को सुनिश्चित किया जा सके। SOP में निम्न बिंदुओं को प्रमुखता दी गई है।

*केवल विशेषज्ञ की अनुपलब्धता पर रेफरल*–यदि किसी अस्पताल में आवश्यक विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, तभी मरीज को उच्च संस्थान भेजा जाएगा।

*मौके पर मौजूद वरिष्ठ चिकित्सक द्वारा निर्णय*–ऑन-ड्यूटी चिकित्सक मरीज की जांच कर स्वयं रेफर का निर्णय लेंगे। फोन या ई-मेल से प्राप्त सूचना के आधार पर रेफरल अब अमान्य होगा।

*आपातकाल में त्वरित निर्णय की छूट*–गंभीर अवस्था में ऑन-ड्यूटी विशेषज्ञ व्हाट्सऐप/कॉल के ज़रिए जीवनरक्षक निर्णय ले सकते हैं, लेकिन बाद में इसे दस्तावेज में दर्ज करना अनिवार्य होगा।

*कारणों का लिखित उल्लेख जरूरी*–रेफरल फॉर्म में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि रेफर क्यों किया गया, विशेषज्ञ की कमी, संसाधन की अनुपलब्धता आदि।

*वरिष्ठ अधिकारी होंगे जवाबदेह*–अनुचित या गैर-जरूरी रेफरल पाए जाने पर संबंधित CMO या CMS को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

*एम्बुलेंस प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देश अनुसार, रेफर मरीजों की आवाजाही में पारदर्शिता लाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं के उपयोग पर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। 108 एम्बुलेंस का प्रयोग Inter Facility Transfer (IFT) के तहत ही हो। विभागीय एम्बुलेंस की तैनाती योजनाबद्ध ढंग से की जाए। सभी विभागीय एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति की समीक्षा कर फिटनेस सुनिश्चित की जाए।

*जिलावार एम्बुलेंस और शव वाहन की स्थिति*
वर्तमान में राज्य में कुल 272 “108 एम्बुलेंस”, 244 विभागीय एम्बुलेंस और केवल 10 शव वाहन कार्यरत हैं। कुछ जिलों– जैसे अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी और नैनीताल में शव वाहन नहीं हैं। इन जिलों के CMO को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि पुराने वाहन जिनकी रजिस्ट्रेशन आयु 10 या 12 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, उन्हें नियमानुसार शव वाहन के रूप में तैनात किया जा सकता है। इसके लिए क्षेत्रवार संचालन व्यय भी निर्धारित कर दिया गया है।

*पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित*
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य न केवल मरीजों को समय पर और उपयुक्त इलाज उपलब्ध कराना है, बल्कि सरकारी अस्पतालों की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करना है। सभी MOIC और CMO को निर्देश दिए गए हैं कि SOP का अक्षरश: पालन हो और हर रेफरल को दस्तावेजीकृत किया जाए। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दोहराया सरकार की मंशा स्पष्ट है। अब रेफरल कोई प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर ही किया जाएगा। इससे प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक सशक्त और उत्तरदायी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने एसआईटी गठित कर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति मामले की जांच के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकृत संस्थाओं द्वारा की गई अनियमितताओं एवं फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से छात्रवृत्ति राशि के गबन के गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए गए हैं।

प्रथम दृष्टया जांच में यह पाया गया है कि कुछ संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति प्राप्त की है, जिनमें कुछ मदरसे, संस्कृत विद्यालय तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 2021-22 एवं 2022-23 सत्र के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल 92 संस्थाएं संदेह के घेरे में हैं। इनमें से 17 संस्थाओं के विरुद्ध प्राथमिक जांच में छात्रवृत्ति गबन की पुष्टि हुई है। इन संस्थाओं में कुछ मामलों में विद्यार्थियों की संख्या, पहचान पत्र (आधार कार्ड), व निवास संबंधी दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। उधम सिंह नगर जनपद में सरस्वती शिशु मंदिर हाई स्कूल तथा रुद्रप्रयाग में वासुकेदार संस्कृत महाविद्यालय जैसे संस्थानों में अनियमितता पाई गई है। इसके अतिरिक्त नैनीताल, हरिद्वार और अन्य जनपदों की संस्थाएं भी जांच के दायरे में हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच करेगी, जिसमें संलिप्त संस्थाओं के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में सात बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें फर्जी मामलों की पहचान कर संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करना भी शामिल है।

*प्रदेश में छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।*

पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, उत्तराखंड ।

काशीपुर में मंडी सचिव ने ली रिश्वत, विजिलेंस ने पकड़ा

सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी की टीम ने आज मंडी समिति कार्यालय, काशीपुर में कार्यरत प्रभारी मण्डी सचिव पूरन सैनी, पुत्र हरी सिंह को ₹1,20,000 (एक लाख बीस हजार रुपये) की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

प्राप्त शिकायत के अनुसार, पूरन सैनी द्वारा मंडी समिति में लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया के एवज में प्रति लाइसेंस ₹60,000 की अवैध धनराशि की मांग की जा रही थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सतर्कता अधिष्ठान, हल्द्वानी द्वारा योजनाबद्ध ढंग से जाल बिछाया गया, जिसके अंतर्गत उन्हें मंगलवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर दी गई है तथा अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलन में है।

*प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कोई भी व्यक्ति यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड में ईमानदार शासन व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।*

धामी सरकार ने नशे के खिलाफ छेड़ी बड़ी मुहिम, जिलाधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की कमान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाया है। शासन ने राज्य के सभी जिलों में मानसिक स्वास्थ्य पुनर्विलोकन बोर्ड (Mental Health Review Boards) को सक्रिय करने का फैसला लिया है, साथ ही नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों पर राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति सेवाओं को सुधारने के लिए एक ठोस नीति और सख्त अमल की शुरुआत कर दी है। यह अभियान प्रदेश में स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त वातावरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

मुख्यमंत्री के दिशा निर्देशों पर यह अभियान मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम-2017 और 24 जुलाई 2023 की अधिसूचना के प्रावधानों के तहत संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना और नशा मुक्ति केंद्रों की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का सघन निरीक्षण अभियान शुरू हो गया है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में संचालित केंद्रों की स्थिति, पंजीकरण और सुविधाओं की नियमित जांच सुनिश्चित करें। इसके लिए जिलास्तरीय टीमें गठित कर दी गई हैं। जो केंद्र निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी। शासन ने साफ किया है कि अब गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

स्वास्थ्य सचिव ने साफ कर दिया है कि इस विषय में कोई लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को निर्देशित किया है कि प्रदेशभर में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और निरंतर निरीक्षण किए जाएं। उनके निर्देश के बाद जिलास्तरीय निरीक्षण टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हो चुकी हैं। निरीक्षण के दौरान इन संस्थानों की पंजीकरण स्थिति, मानकों की पूर्ति, सुविधाएं, कर्मचारियों की उपलब्धता और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता जैसे बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। ऐसे सभी केंद्र जो निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते या बिना वैध पंजीकरण के कार्यरत हैं, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी।

*133 संस्थान अनंतिम पंजीकरण पर, अंतिम सत्यापन अनिवार्य*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा प्रदेश में फिलहाल 133 मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (जिसमें नशा मुक्ति केंद्र शामिल हैं) अनंतिम रूप से पंजीकृत हैं। अंतिम पंजीकरण से पहले इन सभी का स्थल निरीक्षण और दस्तावेज़ सत्यापन आवश्यक कर दिया गया है। Clinical Establishments Act-2010 के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को भी अब मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम-2017 के तहत अंडरटेकिंग (Undertaking) देनी होगी, जिससे वे आवश्यक न्यूनतम मानकों का पालन सुनिश्चित करें।

*हर जिले में बोर्ड की अनिवार्य मासिक बैठक*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा हर जिले में पुनर्विलोकन बोर्ड को हर माह कम से कम एक बैठक आयोजित करनी होगी, ताकि निरीक्षण और निगरानी की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे। वर्तमान में 7 जिलों में बोर्ड कार्यरत हैं, जबकि 6 अन्य जिलों में गठन प्रक्रिया प्रगति पर है। शासन ने निर्देशित किया है कि इन बोर्डों का गठन शीघ्र पूरा किया जाए।

*केवल योग्य संस्थानों को अनुमति*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बिना वैध पंजीकरण संचालित नशा मुक्ति केंद्रों को चिन्हित कर उन पर आर्थिक दंड, कानूनी कार्रवाई और तत्काल बंदी की कार्यवाही की जाए। भविष्य में केवल वही संस्थान कार्यरत रह सकेंगे जो न्यूनतम चिकित्सा, प्रशासनिक एवं सामाजिक मानकों को पूरी तरह पूरा करते हैं।

*देहरादून में औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाएं उजागर*
स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा इसी क्रम में जनपद देहरादून में जन शिकायत प्राप्त होने पर बहादुरपुर रोड, वार्ड नंबर 9, सेलाकुई में संचालित एक नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की सम्मिलित टीम ने मौके पर पहुंचकर केंद्र में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं और खामियों का जायजा लिया। निरीक्षण दल ने पाया कि केंद्र में कई मानक पूरे नहीं किए गए थे। टीम ने रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। यह कार्रवाई सरकार की उस नीति को दर्शाती है जिसमें सेवा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

*हरिद्वार में नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण*
जनपद हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की सम्मिलित टीम ने जीवन ज्योति नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति, पंजीकरण, मानकों की पूर्ति की जांच की जा रही है । इन टीमों द्वारा प्रत्येक नशा मुक्ति केंद्र की गहन जांच की जा रही है तथा जो संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते या बिना पंजीकरण के कार्यरत हैं, उन्हें चिन्हित कर आर्थिक दंड और तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम के अनुसार केवल उन्हीं संस्थानों को कार्य करने की अनुमति दी जाए जो न्यूनतम मानकों को पूर्ण करते हैं।

सीएम ने अधिकारियों को दिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को शीघ्र शुरु करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना को शीघ्र शुरु करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन (ई-वी) चार्जिंग अवसंरचना स्थापना कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा है। सीएम ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस लागू करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाय तथा निर्माणाधीन बस अड्डों के कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाय।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बस अड्डों, पार्किंग स्थलों, राजकीय भवनों एवं गेस्ट हाउस, पेट्रोल पंपो के समीप चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की जाय, ताकि वाहन चालकों को सहजता से चार्जिंग की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम की आय बढाने पर विशेष ध्यान दिया जाय।

इस अवसर पर प्रबंध निदेशक परिवहन निगम रीना जोशी ने जानकारी दी कि देहरादून और हरिद्वार में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना शुरु की जाएगी। जिसके तहत 150 इलेक्ट्रिक वाहन संचालित किए जाएंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुगम, सुलभ एवं पर्यावरण अनुकूल यातायात सुविधा प्रदान करना है। योजना से लगभग 750 रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने एवं वायु प्रदूषण में कमी लाने के उद्देश्य से ई-वी चार्जिंग अवसंरचना के विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत में 28 स्थलों पर ई-वी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।