उत्तराखंड: संजीवनी हेली मेडिकल सेवा से विभिन्न अभियानों के जरिए अब तक 60 से अधिक पीड़ितों को किया गया एयरलिफ्ट

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में आमजन को आपदा, आकस्मिक चिकित्सा या अन्य आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा एम्स ऋषिकेश में हेली एम्बुलेंस को 24 घंटे अलर्ट मोड में रखा गया है। अब तक इस सेवा के जरिए *60 से अधिक* पीड़ितों को एयरलिफ्ट किया जा चुका है।

जीवन रक्षक बनी हेलीकॉप्टर सेवा
भारत की पहली निशुल्क हेली एम्बुलेंस (संजीवनी हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सेवा) 29 अक्तूबर 2024 से एम्स ऋषिकेश के जरिए शुरु की गई है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में यह सेवा जीवन रक्षक का काम कर रही है। खासकर सड़क दुर्घटना, चिकित्सा आपातकाल, भूस्खलन, बाढ़ जैसी स्थिति में यह सेवा बेहद कारगर साबित हुई है। कई बार गर्भवती महिलाओं को भी गंभीर परिस्थितियों में सुरक्षित डिलीवरी के लिए एयरलिफ्ट किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक हेली एम्बुलेंस कुल *74 घंटे 12 मिनट* की उड़ान के जरिए, अलग – अलग समय में 60 से अधिक पीड़ितों को एयरलिफ्ट कर जीवनदान प्रदान कर चुकी है। इसमें *सड़क दुर्घटना के 23″, *गर्भावस्था आपात स्थिति के 18* और अन्य तरह की मेडिकल इमरजेंसी के 19 रोगी शामिल है। हेली एम्बुलेंस ने पांच नवंबर को हुई अल्मोड़ा बस दुर्घटना और एक मार्च 2025 को आए जोशीमठ हिमस्खलन के प्रभावितों को एयरलिफ्ट करने में अहम भूमिका निभाई।

*मुनस्यारी के लिए लिए भी किए थे प्रयास*
11 जुलाई 2025 को जनपद पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र के धापा गांव से एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति की सूचना मिली, जहाँ एक महिला एवं उनकी नातिन ने जंगली मशरूम का सेवन कर लिया था। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत हल्द्वानी के उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने का निर्णय लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ ने उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) से तत्काल हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने की मांग भेजी। प्रतिक्रिया में, प्राधिकरण ने बिना समय गंवाए हेलीकॉप्टर उड़ान की स्वीकृति प्रदान कर दी। लेकिन दुर्भाग्यवश, उस दिन क्षेत्र में मौसम अत्यधिक खराब होने से, डीजीसीए के मानकों के कारण उड़ान संभव नहीं हो पाई। ऐसे मामलों में सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में जिलाधिकारी द्वारा भेजी गई मांग पर प्राथमिकता के आधार पर, हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन उड़ान की अंतिम अनुमति डीजीसीए द्वारा तय सुरक्षा मानकों के अनुसार ही मिल पाती है, जिसमें मौसम की अनुकूलता एक अनिवार्य शर्त है।

*उत्तराखंड की विषम परिस्थितियों को देखते हुए ही एम्स ऋषिकेश के सहयोग से हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस सेवा शुरु की गई है। इस तरह की सेवा देने वाला उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। हेलीकॉप्टर एम्बुलेंस संजीवनी का काम कर रही है। कई बार मौसम संबंधित बाधाओं के चलते उड़ान संभव नहीं हो पाती है, ऐसे में प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्थाओं से लोगों का राहत प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड*

कांवड़ मेला 2025 में धामी सरकार ने रचा नया कीर्तिमान, लाखों श्रद्धालुओं को मिली स्वास्थ्य सेवा

उत्तराखंड की धामी सरकार ने इस वर्ष आयोजित कांवड़ मेला 2025 में स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कांवड यात्रा मार्ग में पड़ने वाले जनपदों को आकड़ों को देखें तो सावन माह के इस विशाल धार्मिक आयोजन में 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को निशुल्क, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराकर राज्य सरकार ने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया। भारी भीड़, सीमित संसाधन और मौसम की चुनौतियों के बीच राज्य सरकार की तैयारी सराहनीय रही। स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी कामयाबी के पीछे मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार डॉ आर.के सिंह की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने विभागीय रणनीतियों बेहतर तरीके से धरातल पर उतारा व लगातार मोनिटरिंग करते रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश और नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग हरिद्वार ने मेला क्षेत्र में भीड़, सीमित संसाधनों और मौसम की चुनौती के बावजूद बेहतरीन कार्य किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा हमारी सरकार का संकल्प है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सम्मानित और स्वस्थ यात्रा मिले। कांवड़ मेले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली ने जनसेवा, प्रबंधन और तकनीक का अनूठा समन्वय दिखाया है। यह न केवल श्रद्धालुओं का भरोसा बढ़ाता है, बल्कि उत्तराखंड की सेवा भावना को भी सुदृढ़ करता है।

*आगामी कुंभ 2027 के लिए भी आदर्श मॉडल*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा मेला क्षेत्र में कुल 2.43 लाख श्रद्धालुओं को प्राथमिक और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। 24×7 इमरजेंसी सेवाएं निर्बाध रूप से चलीं। न तो कोई संक्रामक रोग फैला और न ही किसी बड़े हादसे की सूचना मिली। विभाग की टीम ने इस आयोजन को न केवल सुरक्षित, बल्कि नवाचार और अनुशासन का मॉडल बना दिया है, जो आगामी कुंभ 2027 के लिए भी आदर्श रहेगा।

*स्थायी व अस्थायी चिकित्सा शिविरों की व्यवस्था*

35 अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए, इनमें से 25 विभाग द्वारा, और 10 निजी संस्थाओं द्वारा लगाए गए। 5 स्थानों पर कंटेनर बेस्ड स्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए, जो भविष्य के आयोजनों में भी उपयोगी होंगे ।

*जियो टैगिंग और QR कोड तकनीक*

सभी शिविरों की जियो टैगिंग और QR कोडिंग की गई। श्रद्धालु QR स्कैन करके नजदीकी शिविर का लोकेशन, प्रभारी का नाम और मोबाइल नंबर जान सके।

*इमरजेंसी सेवाएं और मानव संसाधन*

45 डॉक्टर, 69 फार्मासिस्ट, 48 ईएनटी विशेषज्ञ, 58 स्टाफ नर्स, 58 एएनएम, 45 सीएचओ, 44 वाहन चालक, 108 एम्बुलेंस समेत 36 आपातकालीन वाहन, सभी पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पताल अलर्ट मोड पर रखे गए ।

*विशेष सुविधाएं, स्वच्छता और कचरा निस्तारण*

बर्न यूनिट, ईसीजी मशीन, स्नेक बाइट और डॉग बाइट यूनिट, व्हीलचेयर, ऑक्सीजन, फोल्डेबल बेड, फ्रंट काउंटर, हृदय रोग, एक्सीडेंट इंजरी, बर्न केस जैसी संवेदनशील समस्याओं के लिए अलग केंद्र रखे गए । सभी शिविरों से बायोमेडिकल वेस्ट का सही निस्तारण किया गया । किसी भी प्रकार का संक्रमण या बीमारी नहीं फैली, जिससे मेला क्षेत्र पूर्णतः सुरक्षित रहा।

*नशा नहीं, भक्ति से मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद*

मेला क्षेत्र में नशामुक्त कांवड़ यात्रा का संदेश व्यापक रूप से प्रचारित किया गया । हर चिकित्सा शिविर, पोस्टर, वेबसाइट और मीडिया के माध्यम से यह संदेश लोगों तक पहुंचाया गया ।

*प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का तालमेल*

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तीनों विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय से मेला संचालन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा । यह आयोजन आने वाले कुंभ 2027 जैसे बड़े आयोजनों के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है । स्वास्थ्य सचिव ने कहा कांवड़ मेला 2025 में उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं न केवल कामयाब रहीं, बल्कि सेवा, नवाचार और प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया गया।

पौड़ी जनपद के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नीलकंठ श्रावण मेले 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं को 24×7 उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सराहनीय कार्य किया। नीलकंठ यात्रा मार्ग पर 9 स्थानों पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई गईं। एमआरपी नीलकंठ, पुंडरासु, धाधला पानी, मौनी बाबा की गुफा, बाघखाला, वानप्रस्थ, गरुड़ चट्टी, पीपलकोटी, पीएचसी लक्ष्मण झूला, प्रत्येक पोस्ट पर 2 चिकित्सक, 2 फार्मेसी अधिकारी, 2 नर्सिंग स्टाफ, 1 कक्ष सेवक और 1 सफाईकर्मी तैनात रहा। कुल 07 एम्बुलेंस: 5 विभागीय + 2 108 सेवा, 2 मोबाइल टीमें, जिनमें 1 डॉक्टर, 1 नर्स और 1 सेवक शामिल, ऑन साइट पोस्टमार्टम के लिए लक्ष्मण झूला में 2 अतिरिक्त चिकित्सक और 1 सेवक की नियुक्ति, 24 चिकित्सक, 20 फार्मेसी अधिकारी,20 नर्सिंग अधिकारी, 10 कक्ष सेवक, 10 सफाई कर्मचारी, 7 एम्बुलेंस चालक तैनात रहा।

*मेले में श्रद्धालुओं को सफल उपचार मिला*

बुखार, उल्टी-दस्त, सांस फूलना, सामान्य व गंभीर चोटें, सर्पदंश, कुत्ते के काटने, पैरों व बदन का दर्द, छाले, त्वचा रोग, मिर्गी, कटना-फटना, हाई बीपी और शुगर संबंधी समस्याएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एम. शुक्ला के निर्देशन में PHC लक्ष्मण झूला में 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया गया। डॉ. राजीव कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।

सितंबर माह तक पूंजीगत बजट का 50 प्रतिशत खर्च करना सुनिश्चित करें: सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पूंजीगत व्यय, केंद्र सहायतित, वाह्य सहायतित प्रोजेक्ट, नाबार्ड के साथ ही केपीआई और केओआई की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान आज 12 विभागों को शामिल किया गया था। इस दौरान बताया गया कि पूंजीगत व्यय में कुल ₹ 14763 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसमें से ₹ 2215 करोड़ (15 प्रतिशत) जारी किया गया है और जिसमें से ₹ 1049 करोड़ (7.11 प्रतिशत) व्यय हुआ है।

मुख्य सचिव ने निर्देश सितंबर माह तक पूंजीगत बजट का 50 प्रतिशत खर्च किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों को 15 अगस्त तक सभी प्रस्ताव भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को समय से हासिल करने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाए, इसके लिए सम्बन्धित सचिव एवं विभागाध्यक्षों द्वारा पाक्षिक बैठकें की जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि पूंजीगत व्यय के अंतर्गत मुख्यमंत्री घोषणाओं को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने विभागों को केपीआई (की परफोर्मेंस इंडीकेटर) और केओआई (की आउटकम इंडीकेटर) पर भी फोकस किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि पूंजीगत व्यय के साथ ही आउटकम पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आउटकम को समझाते हुए कहा कि पर्यटन विभाग ने जो व्यय किया है, उससे कितने प्रतिशत विदेशी पर्यटक बढ़े हैं, या सभी प्रकार के पर्यटकों के औसत स्टे में कितने प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। उन्होंने उद्यान विभाग को अपनी क्षमता बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोल्ड चेन और ऑफ सीजन प्रोडक्शन बढ़ाए जाने पर फोकस किए जाने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि पॉलीहाउस प्रोजेक्ट में तेजी लायी जाए। वैल्यू एडेड और फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्य सचिव ने कृषि विभाग में बायो फेंसिंग और चेन लिंक फेंसिंग के शीघ्र गाईडलाईन्स तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इसके लिए अलग से हेड खोले जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस हेड में 200 करोड़ का प्रावधान किया जाए। इस वित्तीय वर्ष में सप्लीमेंट्री बजट में भी इसका प्रावधान किया जाए। उन्होंने बायो फेंसिंग और चेन लिंक फेंसिंग के प्रस्तावों को चयन समिति के माध्यम से प्राथमिकता दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाए जहां मानव-वन्यजीव संघर्ष के साथ ही कृषि फसलों को अधिकतम हानि हो रही है।

मुख्य सचिव ने दुग्ध विकास विभाग को आंचल के डेरी उत्पादों को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गन्ना विकास को चीनी मिलों को दौरा कर मशीनों की मरम्मत और रखरखाव कार्य शीघ्र पूर्ण कर समय से चीनी मिलों में उत्पादन शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव राधिका झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, वी. षणमुगम, धीराज गर्ब्याल एवं श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव हिमांशु खुराना, मनमोहन मैनाली सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली पर रुके सीएम, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का दिया संदेश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला भारामल दर्शन के उपरांत जब पीलीभीत रोड से गुजर रहा था, तब मुख्यमंत्री सड़क किनारे भुट्टा भून रहे श्री महातम की ठेली के पास अचानक रुके।

मुख्यमंत्री ने न केवल स्वयं भुट्टा भूना, बल्कि वहां पहले से भुट्टे की प्रतीक्षा कर रही एक वृद्ध महिला को भी अपने हाथों से भुना हुआ भुट्टा सौंपा और उनका हालचाल जाना। इसके पश्चात उन्होंने स्वयं भी भुट्टे का स्वाद लिया । मुख्यमंत्री स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उत्पादों को मार्केट से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “स्थानीय श्रमिकों और छोटे व्यापारियों की मेहनत ही राज्य की असली ताकत है। हर नागरिक के श्रम का सम्मान करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने युवाओं से भी आग्रह किया कि वे स्वावलंबन, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री का यह व्यवहार न केवल विनम्रता और जनता के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि एक सशक्त समाज वही है जहाँ नेतृत्व और आमजन के बीच संवाद और सम्मान की भावना हो।

पंचायत चुनाव के लिए यूएसनगर में मुख्यमंत्री ने माता के साथ किया मत का प्रयोग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के क्रम में राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नगला तराई, जिला ऊधमसिंह नगर में बूथ न0 3 पर लाईन में लगकर मतदान किया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी माता बिशना देवी ने भी मतदान किया।

मुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीण मतदाताओं से त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में उत्साह पूर्वक मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता का एक-एक वोट राज्य में पंचायतों को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के लिए एंकर विभाग पर्यटन विभाग होगाः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में चंपावत में गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान के लिए एंकर विभाग पर्यटन विभाग होगा। उसमें आने वाले कम्पोनेंट के लिए सम्बन्धित विभाग कार्यदायी संस्था होंगे। उन्होंने अगले 15 दिन में गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान को फाइनल किए जाने के निर्देश पर्यटन विभाग को दिए।

मुख्य सचिव ने गोल्ज्यू देवता कॉरिडोर मास्टर प्लान में आने वाले समय में पीक टाईम का अधिकतम पर्यटकों की संख्या के अनुसार पार्किंग एवं रूकने की व्यवस्था आदि का आंकलन करते हुए प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सेंट्रल प्लाजा को ओपन एरिया की तर्ज पर बनाया जाए। उन्होंने प्रत्येक शहर में सेंट्रल प्लाजा बनाए जाने की भी बात कही। उन्होंने इसके लिए सचिव शहरी विकास को शहरी निकायों में सेंट्रल प्लाजा की तर्ज पर ओपन एरिया विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लोहाघाट एवं चम्पावत को ट्विन सिटी के रूप में विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने चम्पावत और लोहाघाट के आसपास के सम्भावित पर्यटन स्थलों को भी तलाशकर विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोहाघाट के पास श्यामलाताल सहित अन्य पर्यटन क्षेत्रों को साथ-साथ विकसित किए जाने की बात भी कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि चम्पावत में बनायी जा रही साइंस सिटी का कार्य भी तेजी से पूर्ण किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जनपद में एक-एक साइंस सिटी बनाए जाने की बात कही। कहा कि प्रत्येक साइंस सिटी के लिए एक-एक मेंटर भी निर्धारित किया जाए, ताकि साइंस सिटी को रखरखाव एवं अपग्रेडेशन का कार्य नियमित रूप से चलता रहे।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, नवनीत पाण्डेय एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी चम्पावत मनीष कुमार उपस्थित थे।
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सीएस ने ली शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में बैठक
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स को पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर अपलोड किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि अभी तक 44 विभागों ने लगभग 15000 करोड़ की लागत के 1020 शेल्फ ऑफ प्रोजेक्ट्स पोर्टल पर अपलोड किए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागीय सचिवों को अपने प्रोजेक्ट्स की प्राथमिकता निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रोजेक्ट्स की स्क्रूटनी के लिए वित्त एवं नियोजन सहित प्रशासकीय विभाग द्वारा संवीक्षा करते हुए स्वीकृति दी जाएगी और प्राथमिकता निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यथार्थवादी प्रस्तावों को ही स्वीकृति दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने पोर्टल के माध्यम से ही इन प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही। कहा कि प्रोजेक्ट किस स्टेज में है, यह विभाग और शासन सभी को जानकारी मिलती रहेगी। उन्होंने सचिव आईटी को ई-ऑफिस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग दोनों पोर्टल को शीघ्र इंटीग्रेट किए जाने की बात भी कही।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्दांकी, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिये दी वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड जल संस्थान एवं पेयजल निगम के अनुरक्षणाधीन पम्पिंग पेयजल योजनाओं, नगरीय पेयजल योजनाओं एवं ग्रामीण पेयजल योजनाओं के रख-रखाव हेतु रू0 62 करोड़, जनपद चम्पावत के विकासखण्ड पाटी में मल्टीलेवल पार्किंग तथा बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण कार्य हेतु रू0 11.04 करोड़, जनपद अल्मोड़ा के विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत जागेश्वर में चितई पेटशाल भेटाडागी मोटर मार्ग (पेटशाल-बमनस्वाल-सुवाखान) मोटर मार्ग में परिवर्तन करते हुए पुनः निर्माण/सुधारीकरण, डामरीकरण के कार्य हेतु रू0 4.66 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में चकरपुर घनसारा मार्ग के स्थानीय लेवडा नदी पर स्पान पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य हेतु रू0 2.83 करोड़, जनपद रूद्रप्रयाग के विकासखण्ड ऊखीमठ में ओमकारेश्वर मंदिर के समीप कार पार्किंग के निर्माण हेतु रू0 1.16 करोड़, जनपद उत्तरकाशी के जानकीचट्टी के निकट गंगनानी (गरम पानी) में टनल पार्किंग की डी.पी.आर. गठन हेतु रू0 3.18 लाख की धनराशि का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद उधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र बाजपुर में सरदार नगर-बाजपुर-केशोवाला-बन्नाखेडा-बैलपड़ाव-कोटाबाग-कालाढूंगी मोटर मार्ग की लेवडा नदी पर सेतु के निर्माण कार्य का भी अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के नाम परिवर्तित किये जाने की दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के नाम परिवर्तित करते हुए राजकीय इण्टर कालेज चिपलघाट, पौड़ी गढ़वाल को शहीद भगत सिंह रावत राजकीय इण्टर कालेज चिपलघाट, पौड़ी गढ़वाल, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मैन्द्रथ (चकराता) देहरादून को पं० सैराम राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मैन्द्रथ, (चकराता) देहरादून, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुण्डेरगांव, पौडी गढ़वाल को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० कुंवर सिंह रावत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुण्डेरगांव, पौड़ी गढ़वाल तथा अ0उ0रा0इ0का0 डीडीहाट, पिथौरागढ को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व० माधो सिंह जंगपांगी अ0उ0रा0इ0का0 डीडीहाट, पिथौरागढ़ किये जाने की स्वीकृति प्रदान की है।

जिला प्रशासन का एक्शन, कैंब्रियन हॉल स्कूल को जारी करनी पडा, कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस

मुख्यमंत्री के निर्देश और जिला प्रशासन के आक्रामक रवैये से कैंब्रियन हॉल स्कूल अब बैकफुट पर आ गया है। स्कूल ने मनमाने तरीके से 10 प्रतिशत फीस वृद्वि को 05 प्रतिशत कम कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कडा एक्शन लिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूल पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
‘भय बिनु होई न प्रीति‘ कहावत को चरितार्थ करता जिला प्रशासन; नामी गिरामी निजी स्कूलों पर शिकंजा, दसियों व्यथित अभिभावक झंुड ने जब लगाई डीएम से गुहार, बस तभी से कार्यवाही का सिलसिला शुरू हो गया है। अब निजी नामी कैब्रियन स्कूल पर प्रशासन ने शिंकजा कस दिया है। मा0 सीएम की डीएम को सख्त हिदायत है कि शिक्षा का मंदिर नहीं बनेगा व्यवसाय का अड्डा, जिला प्रशासन ने स्कूल संचालकों के पेंच कस दिए है। तमीज, आग्रह, उदबोधन से नही आए बाज; तो जनहित लागू करवाना प्रशासन जानता है। मई में स्कूलों को जारी आदेश की अवहेलना, शिकायत पर डीएम का सख्त प्रवर्तन एक्शन, स्कूल से ही 5 प्रतिशत् पर खिंचवाई फीस की लकीर। जिले के नामी गिरामी स्कूल को करनी पड़ी फीस कम, अभिभावकों से अब तक वसूली गई अधिक फीस अब आगे घटाते हुए समायोजित करेगें दी लिखित अण्डरटेकिंग दी है। मा0 सीएम के निर्देश, शिकायत पर जिला प्रशासन ने विगत मई में ही कई निजी स्कूलों की कुंडली खंगाली है। जिला प्रशासन का एक्शन, स्कूल को जारी करनी पड़ा कही से भी खरीदें किताबें और ड्रेस का पत्र। स्कूल पर जिला प्रशासन का सख्त प्रवर्तन एक्शन से अभिभावकों को बड़ी राहत मिल गई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सबका अधिकार, अभिभावकों और बच्चों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा शिकायत मिली तो मान्यता निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी।
दरअसल, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 14 जुलाई को आयोजित जनता दरबार में मोनिका राणा एवं अन्य अभिभावकों ने शिकायत दर्ज की थी कि जिला प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद भी कैम्ब्रियन स्कूल द्वारा फीस कम नही की गई है। स्कूल प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से फीस बढ़ाई गई है। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों की पढाई के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में गठित जिला प्रशासन की कोर टीम को प्रकरण की जांच करने और कैम्ब्रियन स्कूल की सीबीएससी संबद्वता हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत एनओसी रद्व करते हुए स्कूल के खिलाफ सख्त प्रवर्तन एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। इस पर मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कैम्ब्रियन स्कूल को नोटिस जारी करते हुए स्कूल प्रिसिंपल को तलब किया और फीस स्ट्रक्चर की जांच के दौरान 30 मई को दिए गए आदेशों का अनुपालन करने की कडी हिदायत दी गई। मानक से अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त हिदायत के बाद निजी स्कूल बैकफुट पर आया। 
स्कूल प्रशासन ने मनमाने तरीके से बढ़ाई 10 प्रतिशत फीस को 05 प्रतिशत तक कम कर दिया है। साथ ही स्कूल प्रशासन ने 18 जुलाई को अभिभावकों को एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अभिभावकों से वसूल किए गए अधिक शुल्क को आगामी महीनों के शुल्क में घटाते हुए समायोजित किया जाएगा। ऐसे अभिभावक जिन्होंने अभी तक फीस जमा नही की है, उन पर कोई बिलंब शुल्क भी नही लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्र जिनका कम्प्यूटर साइंस विषय नहीं है, उनसे कंप्यूटर फीस नही ली जाएगी। अभिभावक किसी भी बुक सेलर दुकान से किताबें और ड्रेस खरीद करने के लिए स्वतंत्र है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि निर्धारित मानक से अधिक फीस, अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहीं से भी शिकायत प्राप्त हुई, तो इस पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे स्कूलों की मान्यता निरस्त की जाएगी। कहा कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनने दिया जाएगा। जिला प्रशासन की स्कूलों पर सख्त प्रवर्तन एक्शन के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।  

यह तीन प्रस्ताव जिन पर धामी कैबिनेट ने लगाई मोहर…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक (dhami cabinet metting) में तीन प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।

धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त
देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित धामी कैबिनेट की अहम बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में आगामी हरिद्वार कुंभ मेले की तैयारियों के तहत 82 पदों पर नियुक्ति की मंजूरी दी गई है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से कुंभ मेले के सुचारू संचालन में मदद मिलेगी।

तीन प्रस्तावों को मिली कैबिनेट की मंजूरी
कैबिनेट की बैठक में शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य पद की सेवा नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। इससे पदोन्नति, योग्यता और तैनाती प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही प्रदेश में ई-स्टैंप व्यवस्था को सरल और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसमें भी बदलाव करने को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है। प्रदेश में अब स्टैंप की खरीद प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से और अधिक सुगम हो सकेगी।

बैठक में लिए गए ये निर्णय राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और आगामी आयोजनों की तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

सीएम के निर्देश पर आधुनिक सुविधाओं, खुली धूप, पर्याप्त पानी से धन्य होगा चकराता का नया सीएचसी: डीएम

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चकराता में बुनियादी सुविधाओं को जल्द दुरूस्त किया जाएगा। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सीएचसी का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
चकराता में डीएम ने जनमन का नए सीएचसी की जगह देखने स्वयं पहाड़ चढ स्थलीय निरीक्षण किया। विद्यमान सीएचसी के संकरे बाजार, सीमित जगह, नियत्रित कैंट कानूनो की पकड़ से बाहर निकालना है आवश्यक है। मा0सीएम के निर्देश पर आधुनिक सुविधाओं, खुली धूप, पर्याप्त पानी से धन्य होगा अपना नया सीएचसी। सीएचसी में ओपीडी, फार्मेसी, आपरेशन थियेटरर्स, वार्ड, लैब, पंजीकरण, दवा वितरण, डाक्टर आवास, सबके लिए पर्याप्त स्थान होगा। वृहद जनहित में प्रशासन जल्द प्रस्ताव, प्लान, आख्या शासन को भेजने की तैयारी में है। बहरहालः विद्यमान सीएचसी आधुनिक उपकरणों, पैरामेडिक्स, ओटी टेबलस, वार्ड आयाओं से  लैस किया जा रहा है, जिसके लिए डीएम ने मौके पर धन की स्वीकृति करते हुए कार्य प्रारम्भ करने के निर्देश दिए हैं। महिला प्रसूति कक्ष के लिए एलईडी फोकस लाइट हेतु फंड की मौके पर स्वीकृति दे दी गई है। साथ सीएचसी के रजिस्टेªशन व दवा काउंटर का विस्तारीकरण जल्द किया जाएगा। डीएम ने लोनिवि को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भूमि का सीमांकन करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सीएचसी चकराता में पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, आपातकालीन कक्ष, शल्य कक्ष, औषधि भण्डार, एक्स-रे सुविधाओं का जायजा लिया और चिकित्सकों से अस्पताल की आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। सीएचसी में रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी के लिए कम स्थान को देखते हुए जिलाधिकारी ने रजिस्ट्रेशन काउंटर और ओपीडी का विस्तारीकरण करके आम जनमानस के लिए सुविधाजनक बनाने हेतु तत्काल प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्पताल में आरवीजी एक्सरे मशीन को शीघ्र रिपेयर करने और प्रसूति कक्ष में एलईडी फोकस लाइट लगाने के निर्देश भी दिए। अस्पताल भवन में लाइट की समस्या पर डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि सीएचसी में लाइट रिपेयरिंग के लिए विभागीय इंजीनियर से प्रस्ताव तैयार कर बजट स्वीकृति के लिए जिला योजना में प्रस्तावित करें। सीएचसी के लिए प्रस्तावित नए भवन निर्माण के लिए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को शीघ्र आगणन तैयार करने के निर्देश भी दिए। 
इस दौरान जिलाधिकारी ने सीएचसी परिसर में क्षेत्रवासियों की समस्याएं भी सुनी। स्थानीय लोगों ने वर्षाे से छावनी बाजार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को चकराता से ग्वासा पुल के समीप शिफ्ट किए जाने पर आपत्ति जताई। कहा कि चकराता जौनसार बाबर के सैकड़ो गांवों का केंद्र बिन्दु है, छावनी परिषद के लिए अस्पताल को शिफ्ट नही किया जाना चाहिए। बताया कि जिस स्थान पर अस्पताल शिफ्ट करने की बात चल रही है वहां जाने के लिए न तो सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था है और न ही वह क्षेत्र अन्य जगहों से आने जाने के लिए सुलभ है। कुछ लोगों ने चकराता स्थित सीएचसी में एंबुलेंस और मरीजों को आने जाने में हो रही परेशानी को भी डीएम के समक्ष रखा। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि जनहित में जो भी उचित होगा उसके अनुसार ही इस बारे में निर्णय लिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने आला अधिकारियों के साथ सीएचसी के लिए ग्वासा पुल (डाकरा) के समीप चिन्हित भूमि का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि चयनित भूमि का सर्वप्रथम जियोलॉजिकल सर्वे एवं भूमि की मृदा परीक्षण कराया जाए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एमके शर्मा, एसीएमओ डॉ दिनेश चौहान सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।