सीएम धामी जन्मदिवस पर आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में देंगे समय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिवस 16 सितम्बर के अवसर पर किसी प्रकार का उत्सव या औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह दिन सादगी और सेवा को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसर को समाज और जरूरतमंदों की सेवा के लिए समर्पित करना ही सच्चा उत्सव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस दिन आपदा प्रभावितों और आमजन की मदद में समय देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में आपदा से प्रभावित परिवार कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में समाज का प्रत्येक वर्ग उनके सहयोग के लिए आगे आए। हर एक प्रयास पीड़ित परिवारों के लिए संबल और आशा का स्रोत बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा सहयोग और आपदा राहत जैसे कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकते हैं। सेवा और त्याग की भावना ही उत्तराखंड की असली पहचान है और यदि हर नागरिक इसी सोच के साथ कार्य करे तो राज्य को हर क्षेत्र में मजबूती और नई ऊर्जा मिलेगी।

एअर इंडिया एक्सप्रेस ने दून-बेंगलुरु के बीच सीधी दैनिक उड़ानों के साथ उत्तराखंड से परिचालन किया शुरू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून से एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा देहरादून-बेंगलुरु के लिए शुरू की जा रही नई हवाई सेवा का विधिवत रूप से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के समग्र विकास और हवाई संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

आज उत्तराखंड में इस नई पहल के साथ ही देश की पहली अंतरराष्ट्रीय वैल्यू कैरियर एअर इंडिया एक्सप्रेस ने देहरादून हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानों की शुरुआत के साथ परिचालन शुरू कर दिया है। इस अवसर पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला, एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक आलोक सिंह और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ, आईएएस, आशीष चौहान भी उपस्थित थे।

एअर इंडिया एक्सप्रेस का उत्तराखंड में स्वागत करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा देहरादून से एअर इंडिया एक्सप्रेस सेवाओं की शुरुआत हमारे राज्य में नागरिक उड्डयन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेंगलुरु से बेहतर कनेक्टिविटी से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसरों को काफी बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत के सबसे गतिशील शहरों में से एक के साथ छात्रों, पेशेवरों और उद्यमियों के लिए संबंध भी मजबूत होंगे। हम एअर इंडिया एक्सप्रेस का स्वागत करते हैं और इस कनेक्टिविटी से हमारे लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एयर इंडिया एक्सप्रेस की देहरादून और बेंगलुरु के बीच सीधी हवाई सेवा उत्तराखंड के युवाओं, उद्यमियों, आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और पर्यटकों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगी। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु देश की तकनीकी राजधानी है और वहां उत्तराखंड के हजारों युवा शिक्षा, सेवा और स्टार्टअप क्षेत्रों में कार्यरत हैं। अब उन्हें राज्य आने-जाने के लिए और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध और सुरक्षित विकल्प मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते वर्षों में हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए नीति स्तर से लेकर अधोसंरचना तक कई बड़े फैसले लिए हैं। आज प्रदेश में पिथौरागढ़, चिन्यालीसौड़, गौचर, नैनीसैनी जैसे रीजनल एयरपोर्ट्स को सक्रिय किया जा रहा है, वहीं जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य तेज़ी से चल रहा है, जो कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को हवाई, रेल और सड़क मार्ग से तीव्र और सुलभ संपर्क व्यवस्था से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बल मिलेगा, बल्कि राज्य में निवेश, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ष्एयर कनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एयरलाइंस कंपनियों को आवश्यक सहयोग और प्रोत्साहन दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एयर इंडिया एक्सप्रेस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड की जरूरतों को समझते हुए यह सेवा प्रारंभ की है। उन्होंने यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि यह सेवा दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगी और भविष्य में अन्य प्रमुख महानगरों से भी उत्तराखंड को जोड़ने वाली उड़ानों की संख्या में वृद्धि होगी।

इस अवसर पर एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रबंध निदेशक, आलोक सिंह ने कहा हमें देहरादून से परिचालन शुरू करके खुशी हो रही है, यह हमारा 58वां स्टेशन है। हम अपने सबसे बड़े घरेलू केंद्र, बेंगलुरु के लिए दैनिक सीधी उड़ानें शुरू कर रहे हैं। यह अहमदाबाद और चंडीगढ़ के बाद इस महीने लॉन्च किया गया तीसरा नया स्टेशन है, जो हमारे नेटवर्क के तेजी से विस्तार को रेखांकित करता है। यह नया मार्ग न केवल उत्तराखंड को सीधे बेंगलुरु के आर्थिक और शैक्षिक केंद्रों से जोड़ता है, बल्कि पूरे भारत में 18 और शहरों के लिए सुविधाजनक वन- स्टॉप कनेक्शन भी प्रदान करता है। हमारे बेड़े में अब 115 से अधिक विमान शामिल हैं, हम एक मजबूत, अधिक सुलभ नेटवर्क का निर्माण कर रहे हैं जो आधुनिक भारत की आकांक्षाओं को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देहरादून -बेंगलुरु की पहली उड़ान देहरादून से 16ः30 बजे रवाना हुई और 19ः30 बजे बेंगलुरु पहुंची। इस लॉन्च के साथ, देहरादून से यात्री बेंगलुरु के माध्यम से चेन्नई, गोवा, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, उत्तरी गोवा, पुणे, रांची, तिरुवनंतपुरम, तिरुचिरापल्ली, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित 18 गंतव्यों के लिए सुविधाजनक वन-स्टॉप कनेक्टिविटी का लाभ उठा सकते हैं।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने जानकारी दी कि देश की विविधतापूर्ण कला और संस्कृति को सम्मानित करने वाली वाली एयर इंडिया एक्स्प्रेस की श्टेल्स ऑफ इंडियाश् पहल के हिस्से के रूप में, देहरादून से पहली उड़ान संचालित करने के लिए तैनात नया बोइंग 737-8 विमान, गर्व सेश् ऐपणश् से प्रेरित एक टेल आर्ट को प्रदर्शित करता है, जो उत्तराखंड की फर्श और दीवार पर की जाने वाली पारंपरिक कला का एक रूप है।

उन्होंने जानकारी दी कि नेटवर्क विस्तार के अलावा, एअर इंडिया एक्सप्रेस ने हाल ही में अपना बुक डायरेक्ट अभियान शुरू किया है, जो यात्रियों को सर्वाेत्तम किराए और निर्बाध बुकिंग अनुभव के लिए अपनी पुरस्कार विजेता वेबसाइट www.airindiaexpress.com और मोबाइल ऐप पर सीधे बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। जो यात्री सीधे बुकिंग करते हैं, वे प्रोमो कोड और बैंक ऑफ़र के साथ 20ः तक की छूट, ऐप और वेबसाइट पर नेट बैंकिंग भुगतान पर शून्य सुविधा शुल्क, छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष छूट, और श्गौर्मेयरश् मेनू से 50ः तक की छूट पर हॉट मील का प्री-बुक करने जैसे लाभों का आनंद ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, मास्टरकार्ड डेबिट और क्रेडिट कार्ड से बुकिंग करने वाले मेहमानों को घरेलू उड़ानों पर 250 रुपये और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 600 रुपये की छूट मिलती है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बताया कि यात्री एअर इंडिया एक्सप्रेस के एक्सप्रेस हॉलिडे प्लेटफॉर्म का भी लाभ उठा सकते हैं, जो आवास, परिवहन और गतिविधियों सहित क्यूरेटेड हॉलिडे पैकेज प्रदान करता है। श्एक्सप्रेस हॉलिडेश् को एयरलाइन की वेबसाइट के प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज सेक्शन में एक्सेस किया जा सकता है।

फ्लैग ऑफ समारोह में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एयरपोर्ट अथॉरिटी के प्रतिनिधि, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पदाधिकारी, यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो दिन के भीतर दून अस्पताल में बढ़ी सुविधाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से दून अस्पताल में जनसुविधाएं बढ़ाने को लेकर दिए गए निर्देश के 48 घंटे के भीतर ही, अस्पताल परिसर में मरीजों और तीमारदारों के लिए सुविधाएं बढ़ा दी गई हैं। अब अस्पताल के वेटिंग एरिया में पंखे और मास्क की समुचित व्यवस्था कर दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करते हुए, अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और जन सुविधाओं का जायजा लिया था। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल के वेटिंग एरिया में तीमारदारों के लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था की जाए। इसी क्रम में 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सीसीयू के बाहर वेटिंग एरिया में पंखे लगा दिए गए हैं, जिससे उमस गर्मी में तीमारदारों को भारी राहत मिली है। साथ ही वेटिंग एरिया में सेनेटाइजर और मास्क की भी समुचित व्यवस्था की गई है। अस्पताल परिसर की साफ सफाई में भी सुधार हुआ है। जिस पर तीमारदारों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। तीमारदारों का कहना है कि उन्हें कई बार वेटिंग एरिया में ही आराम करना पड़ता है, ऐसे में पंखे, साफ, सफाई और मास्क की समुचित व्यवस्था होने से सुविधा रहेगी। तीमारदारों ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने खुद उनसे अस्पताल की सुविधाओं पर फीडबैक लिया था, इसके 48 घंटे से कम समय में अस्पताल में सुविधाएं बढ़ गई हैं।

अस्पतालों में मरीजों के साथ तीमारदारों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है। कई बार तीमारदारों को अस्पताल में ही रात बितानी पड़ती है। इसलिए बुनियादी जनसुविधाएं होनी जरूरी है। प्रदेश के सभी अस्पतालों में जन सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सोशल मीडिया एक्स पर सीएम धामी ने प्रधानमंत्री से जुड़ा संस्मरण किया साझा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक संस्मरण साझा किया है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली को करीब से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हर मुलाकात से उन्हें अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रेम का नया पाठ सीखने को मिलता है।

अपने संस्मरण में उन्होंने वाराणसी का एक प्रसंग साझा किया, जब भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक देर रात 1 बजे समाप्त हुई थी। सभी थके हुए थे, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने मुस्कुराते हुए कहा – “अभी एक ज़रूरी काम बाकी है।” उन्होंने बताया कि वे अपने संसदीय क्षेत्र में दिन में निरीक्षण से जनता को असुविधा नहीं देना चाहते, इसलिए रात में ही विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री रातभर सड़कों पर परियोजनाओं का जायज़ा लेते रहे और सुबह 9 बजे बैठक में पहले की तरह ऊर्जा और एकाग्रता के साथ उपस्थित हुए। इस अनुशासन और समर्पण ने सभी के हृदय पर गहरी छाप छोड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन उदाहरण है कि सच्चा नेतृत्व उपदेश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने में है।

यूपीसीएल का मार्च 2027 तक का लक्ष्य अगस्त 2025 में ही पूरा, प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा से जोड़ने के संकल्प को साकार करते हुए, उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लि० (यूपीसीएल) ने अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा यूपीसीएल को मार्च 2027 तक 40,000 सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया था, किन्तु यूपीसीएल ने अपने अथक प्रयासों एवं उपभोक्ताओं के सहयोग से यह लक्ष्य समय से लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व ही अगस्त 2025 में पूरा कर लिया है। साथ ही प्रदेशभर में अब तक 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र सफलतापूर्वक स्थापित कर लिये गये हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता लगभग 156 मेगावाट है। यह उपलब्धि उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करती है। इस अभियान के नोडल अधिकारी, श्री आशीष अरोड़ा, मुख्य अभियन्ता, यूपीसीएल थे।

प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रेरणादायी नेतृत्व और प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के सतत् मार्गदर्शन का परिणाम है। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली’ को प्रदेश के घर-घर तक पहुँचाना हमारे लिये गर्व का विषय है। हमने जो लक्ष्य मार्च 2027 तक प्राप्त करना था, उसे अगस्त 2025 में ही पूरा कर लिया है जो यूपीसीएल परिवार की प्रतिबद्धता और उपभोक्ताओं के सहयोग का परिणाम है। भविष्य में भी हम इसी उत्साह से कार्य कर उत्तराखण्ड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाते रहेंगे।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न ‘पीएम सूर्य-घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत उत्तराखण्ड ने जिस तरह डेढ़ वर्ष पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया है, वह हम सभी के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि उत्तराखण्ड न केवल स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी राज्य बनेगा। मैं यूपीसीएल परिवार, ऊर्जा विभाग और प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हृदय से बधाई देता हूँ। राज्य सरकार हर संभव सहयोग कर यह सुनिश्चित करेगी कि उत्तराखण्ड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश को नई दिशा दे सके।”

सीएम धामी ने किया दून अस्पताल का निरीक्षण, मरीजों से सीधे संवाद कर जानी उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, उपचार की गुणवत्ता तथा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में उपचाररत विभिन्न मरीजों से भेंट कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उन्हें अस्पताल द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सीय सुविधाओं के बारे में पूछा। मरीजों और उनके परिजनों से संवाद के माध्यम से मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को प्रत्यक्ष रूप से समझा तथा आवश्यक निर्देश भी दिए।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद वेटिंग एरिया (प्रतीक्षालय) में तीमारदारों के लिए समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वेटिंग रूम का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को भी सुविधाजनक वातावरण मिले, इसके लिए पेयजल, पंखे एवं बैठने की पर्याप्त एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि तीमारदार अस्पताल की व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं और उन्हें भी बेसिक सुविधाएं मिलनी चाहिए, जिससे वे मानसिक रूप से सहज रह सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन तथा रंग-रोगन की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल न केवल चिकित्सा का स्थान है, बल्कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से रोगियों एवं उनके परिजनों को संबल देने का स्थान भी है, अतः इसकी स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं सुव्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा और सम्मान भी राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकारी अस्पतालों में आमजन को बेहतर सेवाएं मिलें, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे
मुख्यमंत्री धामी ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने सेंटर में कार्यरत ऑपरेटर से सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया, उनकी रिकॉर्डिंग तथा प्रयोगशाला में होने वाली टेस्टिंग संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर में उपयोग हो रही तकनीक एवं संसाधनों की कार्यकुशलता की सराहना की तथा इसकी निरंतर निगरानी के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ को निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संकल्पित है तथा इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि आम जनमानस को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया
अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्थापित अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना हेल्प डेस्क का भी जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों से योजना की कार्यप्रणाली, लाभार्थियों को दी जा रही सहायता, कार्ड बनाने की प्रक्रिया, मरीजों के क्लेम की स्थिति तथा जनसामान्य को प्रदान की जा रही सुविधा संबंधी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मौके पर उपस्थित लाभार्थियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव सुने तथा हेल्प डेस्क की कार्यक्षमता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर आने वाले हर व्यक्ति को सरल, स्पष्ट और त्वरित जानकारी मिलनी चाहिए, जिससे उन्हें योजना से जुड़ने और लाभ प्राप्त करने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी के समान है और इसकी प्रभावी क्रियान्वयन व्यवस्था के लिए सभी संबंधित विभागों को सजग एवं सक्रिय रहना होगा।

निरीक्षण के दौरान अपर सचिव बंशीधर तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक, वरिष्ठ चिकित्सकगण, प्रशासनिक अधिकारीगण एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

न्यायालय निर्णयः चेक बाउंस का आरोपी हुआ बरी

न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋषिकेश की अदालत ने चेक बाउंस मामले में परिवादी द्वारा वित्तीय क्षमता का साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामला वर्ष 2014 का है, इस मामले में आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने ठोस पैरवी की।

दरअसल, भट्ट कॉलोनी श्यामपुर निवासी अमित ने न्यायालय में दाखिल अपने वाद में बताया था कि खैरीखुर्द श्यामपुर निवासी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल नामक व्यक्ति को उन्होंने वर्ष 2014 में 20 लाख रूपये उधार दिये थे। बताया था कि देवेंद्र सिंह सेे उनकी वर्ष 2010 से जान पहचान है। उन्होंने दायर वाद में यह भी बताया था कि वर्ष 2018 में जब आरोपी से अपने दिए हुए रूपये वापस मांगे तो आरोपी ने दो अलग-अलग चेक उन्हें दिए जो बाउंस हो गए।

न्यायालय में आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल के बयान हुए तो उन्होंने बताया कि वादी के साथ वह पार्टनरशिप में काम करते हैं। उनकी ओर से वादी को कोई चेक नहीं दिए गए। इसके विपरित वादी ने उनकी कार में पूर्व से ही हस्ताक्षर कर रखी हुई चेक बुक में से चेक निकालकर दुरूपयोग किया गया है।

आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पांडेय ने मामले में ठोस पैरवी करते हुए न्यायालय में न्यायधीश के समक्ष वादी से जिरह की और वादी की वित्तीय क्षमता पर प्रश्न पूछा। जिस पर न्यायालय को मालूम हुआ कि वादी ने वर्ष 2011 में 12वीं की परीक्षा पास की हैं तथा 2013 में पॉलिटेक्निक में एडमिशन लिया जिसे वर्ष 2015 में पूर्ण किया गया तथा वादी ने अपना व्यापार वर्ष 2017 से शुरू किया।

अधिवक्ता संजीव पांडेय ने न्यायालय को बताया कि जब वादी ने अपना व्यापार ही वर्ष 2017 से शुरू किया तो वर्ष 2014 में वादी द्वारा आरोपी को 20 लाख रूपये देना कैसे संभव है। न्यायालय ने अधिवक्ता के प्रश्न पर वादी से वित्तीय क्षमता जानी जिस पर वादी कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत न कर सका। साथ ही वादी कोर्ट में अपनी आय का माध्यम बताने में भी असफल रहा।

न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक कुमार मिश्र की अदालत ने यह पाया कि वादी और आरोपी के मध्य कोई देनलेन नहीं हुआ है। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी देवेंद्र प्रसाद डोण्डियाल को दोषमुक्त करार दिया।

सीएम ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से उत्तराखण्ड में हवाई सेवाओं के विस्तार पर की चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से भेंट कर राज्य में विमानन क्षेत्र के विकास, हवाई सम्पर्क में सुधार एवं पर्यटन को नई गति देने से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य को विमानन क्षेत्र में मिले सहयोग के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री का प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने हेतु अम्ब्रेला ब्राण्ड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के अंतर्गत कियोस्क स्थापित किए जाने की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मानसून समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की योजना से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। यह सेवाएं विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग एवं असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार के संबंधित विभागों के मध्य इस विषय पर समन्वय जारी है। विगत 01 सितम्बर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में हेली सेवाओं के संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करते हुए हेली सेवाओं का पुनः संचालन यात्रा को सहज बनाएगा एवं सड़क मार्गों पर दबाव कम करेगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय जिलों में हवाई सम्पर्क न केवल आवश्यक है, बल्कि पर्यटन, नागरिक आवागमन तथा आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने गौचर (चमोली) एवं चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) हवाई पट्टियों को छोटे विमान संचालन के लिए विकसित करने एवं इन्हें दिल्ली, देहरादून तथा हिंडन से जोड़ने का अनुरोध किया। इससे चारधाम यात्रा की सुविधा बढ़ेगी एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी सुगमता रहेगी।

मुख्यमंत्री ने जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर रात्रिकालीन हवाई सेवा के संचालन का भी केन्द्रीय मंत्री से अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को विमान सेवा का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर भी चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिकांश आवश्यक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को शीघ्र कार्य प्रारंभ करने हेतु निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से क्षेत्रीय सम्पर्क योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए नियमित हवाई सेवा शीघ्र प्रारम्भ करने का अनुरोध करते हुए बताया कि राज्य के पर्यटन के साथ-साथ सामरिक एवं मानवीय दृष्टिकोण से भी हवाई सेवा लाभकारी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का निरीक्षण कर हवाई सेवा का संचलान किये जाने हेतु कार्यवाही प्रारंभ करने का भी केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से उपर्युक्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने मुख्यमंत्री को सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

हरिद्वार में मुख्य सचिव ने कुंभ मेला क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिए निर्देश

2027 के कुंभ को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से तथा आने वाले श्रद्धालुओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं किए जाने वाले निर्माण कार्यों का आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मेला क्षेत्र का स्थलीय किया,निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्य सचिव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा नजीबाबाद हाईवे पर गौरी पार्किंग स्थल में मल्टी मॉडल हब बनाये जाने हेतु कार्य का निरीक्षण, चण्डी देवी मन्दिर तक रोपवे का निर्माण हेतु स्थलीय निरीक्षण, दिव्य प्रेम मिशन आश्रम के समीप नीलधारा में कल्चरल हब के निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,नमामिः गंगे घाट नीलधारा में लेजर शो हेतु स्थिल निर्माण की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों एवं धार्मिक संस्थाओं के कैम्पिंग की योजना का निरीक्षण, बैरागी कैम्प क्षेत्र, दक्षद्वीप क्षेत्र में मायापुर स्कैप चौनल के दोनो 15 और नये घाटों के निर्माण कार्य की योजना का निरीक्षण, आईरीस सेतु से श्री यंत्र मन्दिर होते हुए मातृ सदन तक मार्ग के सुदृढ़ीकरण योजना का एवं उक्त मार्ग के मध्य 700 से 800 मी0 की कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने जाने की योजना कार्य का निरीक्षण, नक्षत्र वाटिका के समीप कनखल ऐरिया कैनाल फ्रन्ट डेवलपमेन्ट योजना जिसके अन्तर्गत नक्षत्र वाटिका के पास पार्किंग ऐरिया, लैण्ड स्कैपिंग, पैदल स्थाई पुल चौड़ाई 7.0 मी0 (01 पुल दक्ष मन्दिर को जोडने हेतु एवं 01 पुल बैरागी क्षेत्र से सतीघाट को जोड़ने हेतु) कार्य का निरीक्षण, शमशान घाट कनखल के सामने 01 नग अतिरिक्त स्थाई सेतु के निर्माण कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से जान्ह्वी डेल होटल तक सिल्टइजैक्टर के ऊपर सड़क निर्माण की योजना कार्य का निरीक्षण,आनन्दमयी पुलिया से झंडा चौक कनखल है होते दक्ष मन्दिर मार्ग का निरीक्षण एवं झंडा चौक कनखल के चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण,भीमगोड़ा स्थित खड़खड़ी शमशान घाट को चमगाद्ध टापू से जोड़ने हेतु स्थाई सेतु निर्माण कार्य का निरीक्षण एवं हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने मेलाधिकारी, जिलाधिकारी एवं संबंधित कार्यदाई संस्थाओ के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाए। इसमें जिस स्तर से जो भी स्थाई एवं अस्थाई निर्माण कार्य एवं घाटों का विस्तारीकरण आदि कार्य किए जाने है, उन कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाए तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की दृष्टिगत जिन घाटों पर रेलिंग लगाई जानी है उन घाटों पर प्राथमिकता से रेलिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जो कार्य किए जाने है उन कार्य को तत्परता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं।

जनपद आगमन पर मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पुष्प गुच्छ भेंट कर मुख्य सचिव का स्वागत किया। मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश दिए गए उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान प्रमुख अभियंता सिंचाई सुभाष चंद पांडे, मुख्य अभियंता सिंचाई चंद्र शेखर सिंह, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डीके सिंह, अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता लोनिवि दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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मेला के सफल आयोजन को विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से लिये गए सुझाव

2027 कुंभ मेले को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में जनप्रतिनिधियों,स्टेक होल्डर,श्री गंगा सभा,व्यापार मंडल, प्रेस क्लब एवं विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जिसमें सभी सुझाव लिए गए।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संस्थाओं से आए पदाधिकारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है ताकि सभी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं को ठीक किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सभी का सहयोग हर कुंभ मेले में उपलब्ध हो रहा है तथ्य आगामी कुंभ मेले को भी सुगम एवं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है जिससे कि सभी के सहयोग से कुंभ मेले को दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं तथा जो भी व्यवस्थाएं कराई जानी है उसके लिए मेला अधिकारी एवं जिला अधिकारी द्वारा बैठक में आए सभी सुझावों को शामिल किया जाएगा तथा उन पर जो भी कार्यवाही की जानी है वह कार्यवाही संबंधित विभाग द्वारा तत्परता से कराई जाएगी।

बैठक के दौरान महापौर किरण जैसल, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा, श्रीगंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरके सिंह, एसपी क्राइम जितेंद्र मेहरा, एसपी सिटी पंकज गैरोला, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए मनीष सिंह, उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुसुम चौहान, सेक्रेटरी होटल एसोसिशन अमित चौहान, अध्यक्ष धर्मशाला समिति महेश गौड़, अध्यक्ष प्रेस क्लब हरिद्वार धर्मेंद्र चौधरी, महामंत्री दीपक मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष राज्य व्यापार मंडल तेज प्रकाश साहू, जिला महामंत्री प्रदेश व्यापार मंडल संजय त्रिवाल, जिलाध्यक्ष महानगर व्यापार मंडल सुनील सेठी सहित अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सीएम और मंत्रीगण करेंगे निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री और मंत्रीगण राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा से हुए नुकसान का जनपदों में जाकर गहनता से समीक्षा करेंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी करेंगे। इस समीक्षा का उद्देश्य राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की बारीकी से निगरानी करना और समस्त प्रभावित परिसंपत्तियों के नुकसान का व्यापक स्तर पर आकलन करना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आपदा प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर समन्वित प्रयास करेंगे। इसके अंतर्गत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करना तथा पुनर्वास कार्यों को शीघ्र पूरा करना प्राथमिकता होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से हुए नुकसान की व्यापक समीक्षा की जाएगी ताकि आगामी रणनीतियाँ और नीतिगत निर्णय समयानुसार और प्रभावी ढंग से लिए जा सकें।