रेड और ऑरेंज अलर्ट को लेकर सीएम ने कहा मुस्तैद रहें अधिकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के अधिकांश जनपदों के लिए जारी रेड तथा ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए शासन तथा जनपद स्तरीय अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा 24×7 अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य के सामने लगातार चुनौतियां बनी हुई हैं और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाए जाएं। भूस्खलन के दृष्टिगत मार्गों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा मैदानी क्षेत्रों में जल भराव की आशंका को देखते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर नजर रखी जाए।

मुख्यमंत्री ने शासन तथा जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आपदाओं में बेघर हो गए हैं, सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके बेहतर से बेहतर पुनर्वास के लिए हर स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्रता से कार्य करते हुए मैदानी जनपदों में पुनर्वास किए जाने के विकल्पों पर भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में हम सभी प्रभावित भाइयों-बहनों की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। राज्य सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि हम उनकी भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से भी अपेक्षा की कि उनके दुख को अपना दुख मानकर, उनके पुनर्वास और जीवन को सामान्य बनाने के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करें।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनपदों में अधिकारी फील्ड में रहें और राहत और बचाव कार्यों को युद्ध स्तर पर संचालित करें। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में सचिव गृह शैलेश बगौली, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर सचिव आनंद स्वरूप, एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, हेमंत बिष्ट, रोहित कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव लोनिवि पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार, मंडलायुक्त विनय शंकर पाण्डेय, दीपक रावत बैठक में वर्चुअल शामिल हुए।

तमक में बैली ब्रिज जल्द बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने ज्योतिर्मठ-मलारी नेशनल हाईवे में तमक नाले में बहे पुल को लेकर बीआरओ के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह पुल राज्य के साथ ही देश के लिए भी सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जल्द से जल्द बैली ब्रिज बनाकर यातायात को सुचारू किया जाए। उन्होंने कहा बीआरओ को यदि राज्य के स्तर से किसी भी प्रकार की मदद की दरकार है तो वह तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सचिव लोक निर्माण विभाग श्री पंकज कुमार पांडेय को बीआरओ के अधिकारियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए।

गंगोत्री हाईवे को यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जाए

मुख्यमंत्री ने यात्रा प्रारंभ होने से पहले गंगोत्री हाइवे को सुरक्षित बनाने तथा बेहतर स्थिति में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से यात्री एक भरोसे के साथ चार धाम यात्रा के लिए आते हैं, उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाना हमारा कर्तव्य है, इसमें ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनः दोहराया कि बरसात समाप्त होने के बाद सभी सड़कों में पेचवर्क तथा नई सड़क बनाने का कार्य हर हाल में प्रारंभ हो जाए। इसमें किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि टेंडर तथा अन्य जो भी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं, उन्हें इसी बीच पूरा कर लिया जाए।

हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में रिवर चौनेलाइजेशन जरूरी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में बनी झीलों की स्थिति तथा जल निकासी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्यानाचट्टी में झील के जलस्तर में पुनः वृद्धि की सूचना मिली है, वहां 24×7 नजर रखी जाए तथा राहत एवं बचाव दल हर वक्त वहां तैनात रहें। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पुल को किसी प्रकार का खतरा न हो। उन्होंने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को निर्देश दिए कि झील के जलस्तर को कम करने तथा अधिक मात्रा में झील से जल निकासी के लिए समुचित प्रयास किए जाएं। उन्होंने स्यानाचट्टी के लोगों की सभी आवश्यकताओं का ख्याल रखने तथा बिजली पानी की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि हर्षिल तथा स्यानाचट्टी में काफी मात्रा में मलबा जमा हो गया है, जिसे नदी से हटाया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुरक्षित स्थानों पर मड डिस्पोजेबल साइट्स बनाने तथा वहां मलबे को डंप करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजने को भी कहा है।

नदियों के जलस्तर पर रात्रि में भी रखी जाए नजर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले कुछ दिनों में नदियों के जलस्तर पर गहन निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात्रि के समय भी पहाड़ी तथा मैदानी इलाकों में नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखी जाए। लोगों को सचेत किया जाए और कोई भी खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएं।

देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार के लिए रेड अलर्ट

दिनांक 01.09.2025 को राज्य के देहरादून, टिहरी, पौड़ी, तथा हरिद्वार जनपदों में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने के साथ कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी वर्षा/गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (रेड अलर्ट)। साथ ही राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा / गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने /वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)। वहीं दिनांक 02.09.2025 को राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा/गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने/ वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर होने की संभावना है (ऑरेंज अलर्ट)।

सीएम धामी के नेतृत्व में भूस्खलन से बंद हुई सड़कों पर यातायात हुआ बहाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और सतत निगरानी में प्रदेश में आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। भारी बारिश व मलबा आने से प्रदेश में कुल 1827 स्थानों पर सड़कें बाधित हुई थीं। इनमें से 1747 सड़कों को खोला जा चुका है, जबकि 80 सड़कों पर कार्यवाही गतिमान है। इस प्रकार मलबे और भूस्खलन से बंद हुई अब तक 95.62 प्रतिषत सड़कों पर यातायात बहाल किया जा चुका है।

जहाँ-जहाँ मलबा आने की संभावना थी, वहाँ पहले से ही जेसीबी और आवश्यक संसाधनों की तैनाती की गई थी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि सड़क बंद होने की स्थिति में तत्काल कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जाए। परिणामस्वरूप प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें तेज़ी से खोली जा रही हैं और लोगों को राहत मिल रही है।

ज्ञातव्य है कि इस वर्ष प्रदेश में पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक बारिश हो रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री श्री धामी स्वयं लगातार आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं और राहत व बचाव कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार लगातार सक्रिय है और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सड़क, बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल करने की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी विभाग समन्वय बनाकर त्वरित राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

पूर्ण मकान क्षति एवं मृतकों को सीएम राहतः 5-5 लाख की सहायता राशि वितरित

जनपद पौड़ी गढ़वाल में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घोषित राहत राशि बाँट दी गयी है। प्रभावितों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे संकट की घड़ी में बड़ी राहत बताया है।

मुख्यमंत्री धामी ने 26 अगस्त की शाम को घोषणा की थी कि धराली और थराली के अतिरिक्त पौड़ी में भी आपदा से पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासीय भवनों के स्वामियों तथा मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें से एक हिस्सा एसडीआरएफ मद से तथा शेष राशि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से उपलब्ध करायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि राहत राशि शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।

शनिवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के त्वरित निर्देशन पर कार्यवाही करते हुए तहसीलदार पौड़ी दीवान सिंह राणा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत राशि के चेक वितरित किये। उन्होंने बताया कि आपदा से आवासीय भवन ध्वस्त होने से प्रभावित ग्रामीणों और मृतकों के वारिसों को राहत राशि के चेक सौंपे गये हैं।

गौरतलब है कि भारी बारिश और भूस्खलन से तहसील पौड़ी के ग्राम सैंजी, बुराँसी, रैदुल, फलद्वाड़ी, क्यार्द, कलूण एवं मणकोली में कुल 22 आवासीय भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि 6 लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने 7 अगस्त को स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था तथा प्रशासन को त्वरित राहत पहुंचने के निर्देश दिए थे।

प्रभावितों ने राहत राशि मिलने पर कहा कि यह सहायता उन्हें नए सिरे से जीवन स्थापित करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी का धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार ने कठिन परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई कर हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया।

दून पुस्तकालय में नियमित रूप से विदेशी भाषा सीखने को संभावनाएं तलाशेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की चतुर्थ जनरल बॉडी मीटिंग आयोजित हुयी। बैठक के दौरान दून पुस्तकालय से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि रविवार को दून पुस्तकालय खुला रखा जा सकता है जिससे अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ उठा सकते हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि दून पुस्तकालय में नियमित रूप से विदेशी भाषा सीखने हेतु कार्यक्रम चलाए जा सकते हैं। उन्होंने इसके लिए सम्भावनाएं तलाशे जाने की बात कही। कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार राज्य के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। दून पुस्तकालय द्वारा प्रदेश के युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं को सिखाने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने दून पुस्तकालय में प्रदेश के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 9 नवम्बर तक रजत जयंती सप्ताह के दौरान विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाने की भी बात कही।

बैठक के दौरान बताया गया कि बाल वर्ग के लिए भाषा ज्ञान, नाटक, कहानी, पर्यावरण, संस्कृति जैसे विषयों पर एवं युवाओं के लिए पर्यावरण, साहित्य, भाषा, इतिहास और संस्कृति जैसे विषयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही, आम जनता के लिए समाज और मानसिक स्थिति, महिला सशक्तिकरण, उपभोक्ता संरक्षण और कानून, वास्तुकला और परिवर्तन, पहाड़ों में खेती का उजाड़ होना आदि विषयों पर भी कार्यक्रम आयोति किए गए हैं।

इस अवसर पर प्रो. बी. के. जोशी, सुभाष कुमार, एस. के. मट्टू एवं एन. रविशंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

जन्म और मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पुराने दस्तावेजों का भी डिजीटाईजेशन करेंः सीएस

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में जन्म-मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया एवं समस्याओं के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीकरण से सम्बन्धित पुराने दस्तावेजों का भी डिजीटाईजेशन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार कार्यालयों के बाहर सूचना पट पर रजिस्ट्रार कार्यालय के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी अनिवार्य रूप से लगायी जाए।

मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर जिला रजिस्ट्रार/जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) की बैठक का आयोजन वर्ष में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य में फर्जी पोर्टल/वेबसाइटों के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीकरण के कार्य को रोकने हेतु व्यापक प्रचार सहित आवश्यक कार्यवाही किए जाने की भी बात कही।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय ईवा आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव रंजना राजगुरू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अवैध निर्माण व अतिक्रमण के विरुद्ध एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, बहुमंजिला भवन किया सील

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जनहित और सुव्यवस्थित शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने आज कई स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत सहस्त्रधारा रोड निकट हैली पैड देहरादून में किये गये बहुमंजिला अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गयी। विक्रान्त कुमार एवं अन्य द्वारा आई.टी. पार्क, हैली पैड रोड, विनायक हिल्स, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्यवाही करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गयी। इस कार्यवाही में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता गौरव तोमर, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। हमारा उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्वच्छ शहरी वातावरण उपलब्ध कराना है। जो लोग नियमों का उल्लंघन कर अवैध निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीडीए ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे केवल स्वीकृत और वैध नक्शों के आधार पर ही निर्माण कार्य करें।

जर्मनी में उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप क्षेत्रों में मौका, हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर सीएम ने 3,900 खिलाड़ियों के खाते में डीबीटी से डोले 1500 रूपये

मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस 2025, समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने हिटलर तक को ये बता दिया कि देश भक्ति आखिर क्या होती है। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भी एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है, इसमें उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कमर कस चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं। आज हमारे खिलाड़ी केवल किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ही नहीं खेलते बल्कि जीतने और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं। हाल के वर्षों के उदाहरण देखें तो जहां, 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा वहीं पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, मनु भाकर ने दो कांस्य पदक, स्वप्निल कुसले व अमन सेहरावत ने एक- एक कांस्य पदक जीतकर और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार अपना दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चौम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम बुलंद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बजट तीन गुना बढ़ा दिया है।

देवभूमि बनी खेलभूमि

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने का कार्य किया।

अब राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बना है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णाेद्धार किया गया है। जिसके फलस्वरूप इस आइस रिंक में इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है, जो न केवल हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का सूत्रपात करने में भी मील का पत्थर सिद्ध हुई है।

आठ शहरों में बनेगी खेल अकादमियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और इंटरनेशनल स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं शिक्षा, तथा प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।

राज्य सरकार मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना तथा खेल किट योजना जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का भी काम कर रही है।

खिलाड़ियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए, मख्यमंत्री ने कहा कि खेल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कुल 250 से अधिक खिलाड़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। सम्मानित हो रहे खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 3,900 खिलाड़ियों तथा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 2,199 खिलाड़ियों को प्रतिमाह मिलने वाली उनकी छात्रवृत्ति की लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।

दो घोषणाएं की
सीएम ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, इसलिए खेल विभाग और युवा खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारियों में जुटना होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक बनाने और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों

मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में
आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विकास करने में कामयाब रही है, इससे आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेगा।

समारोह को सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान एवं खेल विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में अतिवृष्टि की जानकारी जुटाई

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जनपदों में हुई वर्षा की विस्तृत जानकारी लेते हुए सम्बन्धित जिलाधिकारियों से क्षेत्रवार हालात के बारे में जानकारी प्राप्त की।

संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से हों आवश्यक प्रबन्धः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा और भूस्खलन की सम्भावनाओं को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक संसाधन तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।

मूलभूत सेवाएं तत्काल की जाए सुचारू

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, पेयजल और विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सेवाओं के बाधित होने की स्थिति में इन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय बनाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री समय पर पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य और जिला स्तर के आपदा नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने जनसामान्य को समय पर सूचनाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इस संदर्भ में उन्होंने अधिकारियों को ’सचेत एप’ के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग मौसम से जुड़ी अद्यतन जानकारी समय रहते प्राप्त कर सकें।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गढ़वाल से लेकर कुमायूं तक दैवीय आपदा, बादल फटने की सूचना पर सीएम ने जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी ली

जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।

मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नैनीताल से भी मुख्यमंत्री ने बारिश और सड़कों की स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।