सीएम ने किया जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण अभियान 2025 की थीम ‘‘धारा मेरा, नौला मेरा, गांव मेरा, प्रयास मेरा’’ पर आधारित भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ और ब्रोशर का विमोचन किया। इस एप के माध्यम से लोग अपने क्षेत्र के क्रिटिकल और संकटग्रस्त जल स्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे। एप के माध्यम से चिन्हित स्रोतों का सरकार द्वारा पुनर्जीवीकरण की दिशा में कार्य किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जल स्त्रोतों, नौलों, धारों तथा वर्षा आधारित नदियों का संरक्षण करने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) का गठन किया है। सारा ने विगत वर्ष विभिन्न विभागों के मध्य सहयोग एवं समन्वय स्थापित कर प्रदेश के लगभग 6500 से अधिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु उपचार कार्य करने के साथ ही लगभग 3.12 मिलियन घन मीटर वर्षा जल का संचयन करने में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि सारा द्वारा, जहां एक ओर, मैदानी क्षेत्रों में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के सहयोग से भू-जल रिचार्ज हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश की नदियों को पुनर्जीवित करने के अपने प्रथम चरण में तकनीकी एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर नयार, सौंग, उत्तरवाहिनी शिप्रा एवं गौड़ी नदी के उपचार के लिए आई०आई०टी०, रूड़की एवं एन०आई०एच० रूड़की के सहयोग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल उन्नति, प्रगति जीवन और विकास का मुख्य आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसमें जन सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि 10 सालों में उत्तराखण्ड के विकास को बुलंदियों पर ले जाने का यही समय है, जो सही समय है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अभियान को ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक व्यापक रूप से चलाया जायेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य के जल स्रोतों के सुधारीकरण और पुनर्जीवित करने के लिए सारा का गठन किया गया है। जल संरक्षण अभियान 2025 में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भागीरथ मोबाइल एप का शुभारंभ भी हो गया है। इस एप के माध्यम से आम जन अपने क्षेत्रों के क्रिटिकल और सूख चुके जल स्त्रोतों की जानकारी साझा कर सकेंगे जिससे समय रहते उनका उपचार भी संभव होगा।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि जल संरक्षण अभियान 2025 एक अभियान मात्र नहीं है। राज्य की जल संपदाओं का संचयन, संरक्षण राज्यवासियों की सहभागिता से किया जा रहा। इस अभियान के तहत ग्राम स्तर पर धारा नौला संरक्षण समिति गठित है, जिससे प्रत्येक स्तर पर ग्राम वासियों की भागीदारी सुनिश्चित हो। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों की क्षमता विकास के लिए चरणवार कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

इस मौके पर विधायक खजान दास, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, जलागम प्रबंधन से नीना ग्रेवाल, पर्यावरणविद चंदन सिंह नयाल, कुंदन सिंह पंवार और पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे लोग मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने की समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण के साथ ही जनजाति कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण के साथ ही जनजाति कल्याण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभागीय समीक्षा बैठकों में लिए जाने वाले जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कारगर व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। ऐसी योजनाओं पर कैबिनेट में लाए जाने से पूर्व जन सुझावों पर तथा अच्छी सोच व नियत के साथ कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा से जुड़े कार्यों का बेहतर रिजल्ट उपलब्ध कराना अधिकारियों का उद्देश्य होना चाहिए उन्होंने सभी लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विभागों के आउटपुट का भी परीक्षण करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य के विकास के प्रति समर्पित एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी राज्य हित में बेहतर कार्य कर सकें इसके लिए उन्हें बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि सभी एकजुट होकर मन से कार्य करेंगे तो हम राज्य का बेहतर विकास कर सकेंगे। उन्होंने भविष्य में अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था पर भी रोक लगाए जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारे बुजुर्गों को प्रतिमाह समय पर पेंशन मिले इसके लिए अब प्रतिमाह मुख्यमंत्री के संदेश के साथ निर्धारित तिथि को वृद्धावस्था पेंशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में अकेले रह रहे बुजुर्गों की उचित देखभाल के लिए भी प्रभावी प्रयासों की जरुरत बताते हुए कहा कि इसमें आंगनबाड़ी केन्द्रों को भी सहयोगी बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त उत्तराखण्ड योजना के तहत बनाए जा रहे केन्द्रों के रखरखाव तथा योजना के प्रभावी प्रचार प्रसार पर ध्यान देने को उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी निकट भविष्य में हल्द्वानी में स्थापित केन्द्र का निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत दी जाने वाली विभिन्न प्रकार की पेंशन के लिए लाभार्थियों को दिए जाने वाले सर्टिफिकेट आसानी से बनाए जाने, विभाग द्वारा संचालित आईटीआई से अधिक से अधिक प्लेसमेंट की व्यवस्था, वृद्ध और निराश्रित व्यक्तियों के लिए आश्रय गृह प्रदान करने के लिये प्रदेश में शेल्टर होम तथा उनके संचालन की भी कारगर व्यवस्था बनाए जाने को कहा उन्होंने सामान्य आईटीआई की भांति समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आईटीआई का भी औद्योगिक प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय बनाए जाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने नियोजन विभाग द्वारा जारी अध्ययन रिपोर्ट में औसत प्रदर्शन वाली योजनाओं को और अधिक जन उपयोगी बनाए जाने को कहा। पूर्व माध्यमिक छात्रवृत्ति योजना, अटल आवास योजना तथा एससी वर्ग के लिए निर्मित योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार की भी मुख्यमंत्री ने जरूरत बताई।

बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अभी भी 46 प्रतिशत महिलाएं एनिमीक हैं। इसे कम करने के लिए विभाग ठोस कार्य योजना बनाए। मुख्यमंत्री महिला पोषक योजना के माध्यम से एनीमिया के केसों को कैसे कम किया जा सकता है इस पर ध्यान दिया जाए। दूरस्थ क्षेत्र में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी से पहले नजदीकी सरकारी चिकित्सालयों में देख-रेख हेतु उचित व्यवस्था बनाए जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा महिलाओं के आजीविका संवर्धन हेतु चलाई जा रही महिला समेकित योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना, नंदा गौरा योजना, कार्यशील महिला छात्रावास योजना जैसी योजनाओं के बेहतर प्रदर्शन पर ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री जच्चा बच्चा शुभ जीवन प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार प्रोत्साहन योजना तथा कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण पर भी समयबद्धता के साथ कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों तथा छात्रों के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर भी ध्यान देने के साथ नशा मुक्त भारत अभियान, शिल्पी ग्राम योजना, भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की तथा कार्यों में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज की स्थिती पर भी ध्यान दिए जाने की जरुरत है, उन्होंने कहा कि भारत की जनसंख्या वर्ष 2000 में 105.79 करोड़ थी, जो वर्ष 2023 में 143.81 करोड़ हो गई है जबकि उत्तराखण्ड की आबादी वर्ष 2000 में 84 लाख थी जो वर्ष 2023 में 1.275 करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर यह बढ़ोतरी 35 प्रतिशत तो उत्तराखण्ड के परिदृश्य में 51 प्रतिशत है।

बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. नीरज खैरवाल, निदेशक बाल विकास प्रशांत आर्य, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने किया तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से पुंगराऊँघाटी महोत्सव समिति पाँखु, पिथौरागढ़ द्वारा आयोजित आदिशक्ति मां कोकिला कोटगाडी भगवती के पावन आशीर्वाद से पहले तीन दिवसीय पुगराऊँ महोत्सव का वर्चुअली शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति, खेल-कूद, शैक्षिक विकास और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। इस ऐतिहासिक पहल से हमारी सांस्कृतिक जडों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं बल्कि ये हमारी परंपराओं को जीवत रखते हैं, तथा युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं, साथ इससे स्थानीय कला व संस्कृति को नई पहचान भी मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय व्यस्तताओं के कारण वे स्वयं इस अवसर पर उपस्थित नहीं हो पाये, लेकिन उनका मन आप सभी के साथ है। शीघ्र ही वे माला कोटगाड़ी भगवती की पूजा अर्चना हेतु आयेंगे।

मुख्यमंत्री ने थल-धरमघर-पांखू मोटर मार्ग के निर्माण तथा बंद आई. टी.आई. को पुनः संचालन का आश्वासन देते महोत्सव के सफल आयोजन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य केवल शहरों का विकास नहीं, बल्कि गाँवों को भी सशक्त बनाना है। इस दिशा में राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक कार्य भी हुए हैं। हमारी सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, और अमृत मिशन जैसी योजनाओं से गाँवों को आत्मनिर्भर बना रही है। डिजिटल इंडिया के तहत सुदूर गाँवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी लाई जा रही है, ताकि युवा ऑनलाइन शिक्षा और स्टार्टअप क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार पर्यटन को ग्रीन इकोनॉमी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। होम स्टे योजना, और जैविक उत्पादों का बढ़ावा इस दिशा में अहम कदम है। इसका सबसे बड़ा लाभ हमारी माताओं-बहनों को मिलने वाला है। इससे अब पहाड़ की बेटियां सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पर्यटन उद्यमी बनकर पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सशक्त बना रही है। मानस खंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं मण्डल के प्राचीन मंदिरों को संवारने का काम जोरों पर है। माँ कोटगाड़ी मन्दिर को भी इस मिशन के तहत द्वितीय चरण में विकसित किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब श्रद्धालु हमारे पौराणिक मंदिरों में आएंगे, तो गांवों में आस्था के साथ-साथ रोजगार भी आएगा। छोटे-छोटे व्यापार, स्थानीय उत्पाद, और धार्मिक पर्यटन से पहाड़ के हर घर को आर्थिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के तहत हर गाँव की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज हमारे पहाड़ों की महिलाएँ हर्बल खेती, जैविक उत्पाद, बागवानी, और लोक कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रही हैं और सरकार द्वारा भी वोकल फॉर लोकल के तहत एक जनपद दो उत्पाद योजना से स्थानीय लोगों हेतु स्वरोजगार के अवसर पैदा किये जा रहे हैं।

चारधाम यात्रा को धामी सरकार ने 12 भाषाओं में जारी की स्वास्थ्य सुरक्षा को एडवायजरी जारी

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं। गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुलेंगे, जिसके साथ यात्रा की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। वहीं केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई व बद्रीनाथ धाम के कपाट 4 मई को खुलेंगे। इस बार राज्य सरकार ने तीर्थयात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को पहले से बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के दिशा निर्देशों में चारधाम यात्रा 2025 को सुरक्षित और स्वास्थ्य-संबंधी दृष्टि से बेहतर बनाने की दिशा में कई बड़े कदम उठाए गए हैं, जो तीर्थ यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार ने विभिन्न भौगोलिक और जलवायु संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए 12 भाषाओं में स्वास्थ्य परामर्श एवं एसओपी जारी कर दी है। डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों को पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य जांच, सतर्कता और चिकित्सकीय तैयारियों पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। विशेषकर, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री जैसे ऊँचे-चढ़ते क्षेत्रों में तीर्थयात्रियों को कठोर जलवायु, निम्न ऑक्सीजन स्तर एवं कठिन मार्ग स्थितियों का सामना करना पड़ता है, अतः तीर्थयात्री जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण व आवश्यक तैयारियों के साथ आयें।

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि स्क्रीनिंग प्वाइंट, आपातकालीन सेवाएं और हेलीपैड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर तीर्थयात्रियों की सहायता सुनिश्चित की जाएगी। इस व्यापक परामर्श को सभी राज्यों में पत्र भेजकर संभावित तीर्थयात्रियों तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार की यह प्रतिबद्धता चारधाम यात्रा 2025 को सुरक्षित, सुगम एवं सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सर्वाेच्च प्राथमिकता

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों पर चारधाम यात्रा को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिबद्ध है। यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य की देखभाल सर्वाेच्च प्राथमिकता है, इसलिए डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की पूरी व्यवस्था की गई है। चारधाम यात्रा 2025 के दौरान किसी भी यात्री को स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कोई परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी

यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराएं।
कम से कम दो माह पूर्व पैदल चलने, प्राणायाम एवं हृदय संबंधी व्यायाम अपनाएं।
आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त मात्रा साथ रखें।
स्वास्थ्य एवं पर्यटन पंजीकरण ऐप पर अनिवार्य पंजीकरण करें।
पर्याप्त जल, संतुलित आहार एवं हल्के गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें।
स्क्रीनिंग केंद्र एवं चिकित्सा राहत पोस्ट का लाभ उठाएं।
हल्की परतों वाले कपड़े, गरम वस्त्र, दस्ताने एवं ऊनी सामग्री साथ रखें।

चिकित्सा विशेषज्ञों की स्वैच्छिक सेवा

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि इसके अतिरिक्त, राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों से यह भी कहा गया है कि वे अपने राज्य से चिकित्सा विशेषज्ञों, विशेषकर हृदय रोग, अस्थि रोग, सर्जन जैसे चिकित्सकों को स्वैच्छिक रूप से चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित चिकित्सालयों में योगदान देने के लिए प्रेरित करें। विशेषज्ञों से अपेक्षित योगदान कम से कम 15 दिनों के लिए होगा, जिससे तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें और चिकित्सकों को मानव सेवा का अवसर मिल सके।

जागरूकता अभियान के तहत प्रचार सामग्री

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए क्या करें, क्या न करें और अन्य स्वास्थ्य देखभाल सामग्री भी तैयार की है। ये सामग्री सभी राज्यों में साझा की गई है, ताकि तीर्थ यात्री यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर स्थित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सामग्री को स्थानीय स्तर पर वितरित करें, ताकि आम तीर्थयात्री यात्रा के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

यात्रा मार्गों पर स्क्रीनिंग प्वाइंट

स्वास्थ्य सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल सहित 28 पैरामीटर की जांच के लिए स्क्रीनिंग प्वाइंट बनाए गए हैं। यह सभी प्वाइंट रजिस्ट्रेशन प्वाइंट के साथ जोड़े गए हैं ताकि यात्रा शुरू करने से पहले यात्रियों की पूरी स्वास्थ्य जांच हो सके। यात्रा मार्ग पर मेडिकल रिलीफ प्वाइंट की संख्या बढ़ाई गई है और वहां पर डॉक्टरों के साथ प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य मित्रों की तैनाती की जाएगी।

तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं और यात्रा की योजना कम से कम सात दिन पहले बनाएं। केदारनाथ और यमुनोत्री यात्रा के दौरान हर एक से दो घंटे में 5-10 मिनट का विश्राम करें। यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर साथ रखें। हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा, मधुमेह से ग्रसित यात्री अपनी जरूरी दवाइयां और डॉक्टर का नंबर साथ रखें। यदि यात्रा के दौरान सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चक्कर या उल्टी महसूस हो तो तुरंत निकटतम मेडिकल रिलीफ प्वाइंट पर जाएं।

हेल्थ एटीएम और टेलीमेडिसिन की सुविधा

यात्रियों की स्वास्थ्य जांच को आसान बनाने के लिए यात्रा मार्गों पर हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे। यहां पर ब्लड प्रेशर, शुगर, ऑक्सीजन लेवल, वजन, लंबाई और शरीर का तापमान मापा जा सकेगा। साथ ही, टेलीमेडिसिन सेवा के तहत 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान

स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें केदारनाथ यात्रा मार्ग के दौरान आती हैं। इसलिए केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया गया है। यात्रा मार्ग पर 10 मेडिकल रिलीफ पोस्ट और दो पीएचसी सेंटर स्थापित किए गए हैं। गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड और नारायणकोटी में हेल्थ एटीएम लगाए जाएंगे, जहां यात्रियों की फ्री हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किया दून मेडिकल कॉलेज के सभागार का लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। प्रदेश में 1232 नये नर्सिंग अधिकारियों का नियुक्ति दी गई है। इस अवसर पर उन्होंने 26 करोड़ की लागत से बने दून मेडिकल कॉलेज के सभागार का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री ने सभी नर्सिंग अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अब सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब पूरा विश्व इस संकट से जूझ रहा था, तब हमारे नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मी फ्रंटलाइन वॉरियर बनकर निःस्वार्थ सेवा में जुटे हुए थे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की देखभाल करते हुए उनके जीवन को बचाने के लिए अथक परिश्रम किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नव नियुक्त नर्सिंग अधिकारी पूर्ण निष्ठा, समर्पण और मानवीय मूल्यों के साथ कार्य करेंगे और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई ऊँचाई प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में लगभग 11 लाख से अधिक मरीजों को 2100 करोड़ रुपये से अधिक के कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा, राज्य के प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रहे हैं, ताकि हमारे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को उनके जिले में ही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र के लिए हेली एंबुलेंस सेवा भी प्रारंभ की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए भी निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं, इसी क्रम में, चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए अब तक 173 असिस्टेंट प्रोफेसर्स, 56 संकाय सदस्य और 185 तकनीशियन नियुक्त किए जा चुके हैं। इसी का परिणाम है कि 3 वर्ष में ही प्रदेश के 22 हजार से अधिक युवा सरकारी नौकरी पाने में सफल रहे हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि लोगों को उनके घर पर ही बेहतर और किफायती इलाज मिले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है। पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के जल्द संचालन की तैयारी है। जिससे एक ओर सरकार को चिकित्सक वहीं,दूसरी ओर लोगों को रोजगार भी मिलेगा। मेडिकल कॉलेज के बेहतर संचालन के लिए सुव्यवस्थित ट्रांसफर पॉलिसी, फैकल्टी को समय पर प्रोन्नति, मेडिकल कॉलेज में सीटों के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति आदि की योजना है। इसके साथ ही संविदा कार्मिकों के मानदेय को संशोधित करने और संविदा में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को समायोजित करने का भी प्रयास किया जाएगा।

सचिव चिकित्सा डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि विभाग का संकल्प है कि चिकित्सा के साथ ही चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए समय-समय पर चिकित्सक से लेकर चतुर्थ श्रेणी स्तर के कार्मिकों की भर्ती हो रही है। चिकित्सा विभाग के इन्फ्रास्ट्रक्चर का पूर्ण प्रयोग हो इसके लिए मानवीय संसाधनों की नियुक्ति हो रही है। जहां मानवीय संसाधन है वहां भौतिक संसाधनों की आपूर्ति की जा रही है।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज, डॉ. गीता जैन एवं सभी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य उपस्थित थे।

उत्तराखंड चारधाम यात्राः पीएम के ग्रैंड प्रमोशन और बढ़ी हुई यात्रा अवधि से हर कोई उत्साहित

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के लिए हर स्तर पर तैयारी तेज हो गई है और उत्साह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुखवा और हर्षिल आने के बाद से यात्रा के पक्ष में जबरदस्त माहौल बना है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार चार धाम यात्रा दस दिन पहले शुरू हो रही है। यानी कि इस बार यात्रा के लिए ज्यादा दिन उपलब्ध होंगे। यात्रियों के स्तर पर पंजीकरण के लिए दिखाए जा रहे उत्साह को देखते हुए सरकार ने भीड़ प्रबंधन को भी ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरू कर दी है।

ग्रैंड प्रमोशन, देवभूमि है लोगों की पहली पसंद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा के शीतकालीन गद्दी स्थल मुखवा और पर्यटन स्थल हर्षिल के दौरे से यात्रा के लिए अच्छा माहौल तैयार हुआ है। प्रधानमंत्री छह मार्च को उत्तराखंड आए थे। ऐसा पहली बार हुआ, जब कि चार धाम यात्रा शुरू होने से कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री का उत्तराखंड आना हुआ। भले ही औपचारिक कार्यक्रम शीतकालीन यात्रा को लेकर था, लेकिन प्रधानमंत्री ने चार धाम यात्रा की भी भरपूर ब्रांडिंग की। देश को यह तक बतलाया कि पिछले दस वर्षों में चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कितना बड़ा अंतर आ गया है।

30 अप्रैल से यात्रा, इस बार ज्यादा दिन चलेगी

वर्ष 2024 में चार धाम यात्रा का शुभारंभ दस मई को हुआ था। इस बार उसकी शुरुआत 30 अप्रैल से हो रही है। वर्ष 2023 में यात्रा 22 अप्रैल को शुरू हो गई थी और रिकॉर्ड 56,18497 यात्री उत्तराखंड पहुंचे थे। वर्ष 2024 में कम दिन मिलने और प्राकृतिक आपदा की घटनाओं के बावजूद यात्री संख्या के आंकड़े ने सबको चौंका दिया था। इस वर्ष यात्रा में कुल 48,04215 यात्री उत्तराखंड पहुंचे थे।

चार धाम यात्रा, कब कहां के कपाट खुलेंगे
30
अप्रैल को गंगोत्री-यमुनोत्री
02
मई को केदारनाथ धाम
04
मई को बद्रीनाथ धाम

सरकार चारधाम यात्रा की तैयारी में जुटी हुई है। उत्तराखंड की यात्रा व्यवस्था ने देश दुनिया के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है और उनका भरोसा बढ़ा है। प्रधानमंत्री जी ने चारधाम यात्रा का भरपूर प्रमोशन किया है। हम यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

रूद्रपुर में सीएम ने किया 40 करोड़ की 14 विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर में आयोजित गल्ला मंडी से मेन बाजार होते हुए भव्य रोड शो के साथ कार्यक्रम स्थल गांधी पार्क पहुंचे। रोड शो में मुख्यमंत्री का रूद्रपुर की जनता, जनमानस, विभिन्न संगठनों, जनप्रतिनिधियों ने पुष्प वर्षा, फूल मालाओं, पुष्पगुच्छ से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने गांधी पार्क रूद्रपुर में आयोजित सरकार के सेवा, सुशासन एवं विकास के 3 वर्ष पूर्ण होने पर जन सेवा थीम पर आधारित भव्य बहुउद्देशीय एवं चिकित्सा शिविर का भी अवकलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 40 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जिसमें लगभग 30 करोड़ की 7 योजनाओं का शिलान्यास तथा 10 करोड़ की 7 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नें वेंडिंग जोन में 15 गरीब रेडी, ठेली वालों को दुकानों की चाबियां सौपी। मुख्यमंत्री ने सेवा सुशासन एवं विकास के 3 साल पूर्ण होने पर जनपद की 9 विधानसभाओं हेतु 9 जन सेवा प्रचार रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जन सेवा रथ प्रत्येक विधानसभा में आगामी 30 मार्च 2025 तक प्रचार-प्रसार कर योजनाओं की जानकारियां देगें। मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय शिविर में स्टॉलो का निरीक्षण किया तथा दही मथकर मक्खन निकाला। उन्होंने स्टॉलो की सराहना भी की। रूद्रपुर वेंडिंग जोन व हंस स्पोर्ट्स अकादमी का शुभारम्भ करते हुए, मुख्यमंत्री ने स्वयं भी बैडमिंटन खेल में हाथ आजमाए।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य स्थापना हेतु अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों तथा आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि हम राज्य आंदोलनकारियों के स्वपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिश में पूरे मनोयोग से जुटे हैं। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पूर्व जिस विश्वास के साथ राज्य की जनता ने हमें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उस विश्वास पर हमारी सरकार खरी उतर रही है। इन तीन वर्षों में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से हमारी सरकार ने प्रदेश में ’’सेवा, सुशासन और विकास’’ की एक नई गाथा लिखने का प्रयास किया है। हमने अपने कार्यकाल में एक ओर जहां, शहरों से लेकर सुदूर गांवों को सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया है, वहीं ’’उड़ान योजना’’ के माध्यम से प्रदेश के लगभग दर्जनभर नगरों के लिए हेली सेवाओं की शुरुआत कर प्रदेश की एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया है। इसी प्रकार, हमनें प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं खेल सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने, उद्योग, पर्यटन, आयुष और खाद्य प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 30 से अधिक नई नीतियों को लागू कर प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने के साथ ही रोजगार के अवसर सृजित कर पलायन की समस्या से निपटने की दिशा में भी काम किया है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में लाखों गरीब परिवारों के लिए पक्का घर बनाने, निःशुल्क राशन वितरित करने, प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर प्रदान करने और वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाने के साथ ही पति-पत्नी दोनों को पेंशन की सुविधा देने जैसे अनेकों निर्णयों एवं योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उनका जीवन बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु भी संकल्पित होकर कार्य कर रही है। आज जहां एक ओर, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रदेश के लगभग 8 लाख से अधिक किसान भाइयों को आर्थिक संबल मिल रहा है, वहीं किसानों को सभी प्रमुख फसलों पर बढ़ी हुई एमएसपी देकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य में दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों एवं फूलों की खेती के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे प्रदेश में किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के देना हो, किसानों के लिए नहर से सिंचाई को बिल्कुल मुफ्त करना हो, या फिर फार्म मशीनरी बैंक् योजना के अंतर्गत कृषि उपकरण खरीदने पर 80 प्रतिशत की सब्सिडी देनी हो। हम प्रदेश के किसानों को उन्नत एवं समृद्ध बनाने की दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर बड़ी संख्या में लोग हमारे उधमसिंह नगर जिले में भी रहते हैं, दुर्भाग्य की बात थी कि इस समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र पर पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित लिखा जाता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सेवक के रूप में राज्य की सत्ता संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि दशकों से बंगाली समाज के लोग यहां रहकर इसी मिट्टी की सेवा कर रहे हैं, इसलिए ये लोग भी हमारे अन्य नागरिकों की तरह ही हैं, इनके साथ भेदभाव बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। हमने फैसला लिया कि इनके जाति प्रमाण पत्र में पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए हैं, शब्द नहीं लिखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने नजूल भूमि पर बड़ी संख्या में बसे हुए बंगाली समाज के परिवारों को उनकी भूमि का मालिकाना हक दिया, ताकि वो बेफिक्र होकर अपना पक्का मकान बना सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के आयोजन के साथ-साथ जी-20 की अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बैठकों के आयोजन तथा 38वें राष्ट्रीय खेलों का अभूतपूर्ण आयोजन कर हमने ये साबित किया है कि उत्तराखंड अब किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे इन सभी कार्यों, नीतियों और योजनाओं का परिणाम है कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों् के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, इतना ही नहीं, हमने प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ने का काम किया है। प्रदेश का विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने हेतु भी संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है, जिसके लिए प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ-साथ लैंड जिहाद, लव जेहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश की जनता से किए गए वादे को निभाते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों को समान अधिकार देने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है। ये कानून विशेष रूप से हमारी मुस्लिम बहनों को विभिन्न प्रकार के उत्पीड़नों से मुक्ति दिलाने में मील की पत्थर सिद्ध होगा। इतना ही नहीं, देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर परीक्षाओं में नकल की समस्या को जड़ से मिटाने के साथ ही नकल माफियाओं की रीढ़ तोड़ने का काम भी इन तीन वर्षों में किया है। पिछले तीन वर्षों में पूरी पारदर्शिता के साथ प्रदेश के 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना इस बात का सबूत है कि हमारी सरकार जो कहती है, उसे करने का पूरा प्रयास करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को 30 प्रतिशत और राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का वो ऐतिहासिक कार्य भी किया है, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने कहा कि आज यदि हम उधमसिंह नगर जनपद की बात करें तो, जहां एक ओर रूद्रपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है, वहीं किच्छा में 351 करोड़ रूपए की लागत से 100 एकड़ भूमि पर एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही, हल्द्वानी से कई शहरों के लिए हेली सेवाएं शुरु करने के साथ-साथ हम पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा भी बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 170 करोड़ रूपए की लागत से गदरपुर बाईपास और 95 करोड़ रूपए की लागत से खटीमा बाईपास का निर्माण कार्य पूरा करने के साथ ही 1152 करोड़ रूपए की लागत से रूद्रपुर बाईपास का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा जहां एक ओर खटीमा और किच्छा में बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं करोड़ों रूपए की लागत से जनपद के रूद्रपुर और चकरपुर मे खेल स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय हॉल, साइकिलिंग ट्रैक और एथलेटिक्स ट्रैक सहित विभिन्न प्रकार की खेल सुविधाओं का निर्माण किया गया है। जहां पर अभी हाल ही में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान कई प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, आज जहां एक ओर, सितारगंज में मछली पालकों के लिए एक्वा पार्क बनाया जा रहा है, वहीं खुरपिया में एक स्मार्ट औद्योगिक नगर विकसित करने की प्रक्रिया भी गतिमान है। इस औद्योगिक नगर के स्थापित होने से न केवल उधम सिंह नगर बल्कि पूरे उत्तराखंड के हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि में गोविंद घाट से हेमकुंड साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण लगभग 27 सौ करोड़ रुपए की लागत से कराये जाने को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात कि प्रधानमंत्री मोदी ने गोविन्द घाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे को विकास के 9 रत्नों में शामिल किया है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक हम उत्तराखंड को प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी और आत्मनिर्भर नहीं बना लेंगे, तब तक चौन से नहीं बैठेंगे।

मुख्यमंत्री ने जिन योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। उनमें 494.89 लाख की लागत से गौशाला निर्माण, 60.11 लाख की लागत से बिगवाड़ा शमशान घाट में स्व0 शहीद वीरेन्द्र सिंह सामन्ती स्मृति में चाहर दीवारी, मुख्य द्वार, क्रियाघर जीर्णाेद्धार एवं टाईलिंग कार्य, 49.72 लाख से नगर निगम क्षेत्रान्तार्गत सब्जी मंडी का जीर्णाेद्धार, 39.89 लाख से 5 ग्रीन पार्क सौन्दर्यकरण, 165.09 लाख से 4 हाईटेक शौचालय निर्माण, 1801.93 लाख से कलेक्टेªट परिसर में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण कार्यालय भवन निर्माण व 317.90 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन किच्छा नवीन बस अड्डा के मुख्य द्वारा पर आवगमन व निकासी हेतु पुलिया निर्माण कार्याे का शिलान्यास एवं 601.49 लाख से निर्मित वेन्डिंग जोन, 171.23 लाख से वेस्ट प्लांट निर्माण कार्य, 34.15 लाख की धनराशि से ट्रांजिट कैम्प में स्ट्रीट लाईट, 43.87 लाख से एबीसी सेंटर कार्य, 171.83 लाख की लागत से एफएसटीपी सेंटर कार्य व नगर निगम रूद्रपुर कार्यालय में कमांड सेंटर एवं स्वच्छता एप व नगर निगम जोनल कार्यालय का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं से संबंधित लिखित मांग पत्र भी सौंपा। महापौर विकास शर्मा ने रूद्रपुर की कई समस्याएं गिनाते हुए अटरिया माता मंदिर का सौंदर्गीकरण, बगवाड़ा से तीन पानी डाम तक जाने वाली सड़क के किनारे नाले को कवर कर सड़क का चौड़ीकरण करने, मुख्य बाजार में बचे हुए फुटपाथ और नाले का निर्माण करने, शिवनगर मोड़ पर शॉपिंग काम्म्पलेक्स का निर्माण करने, ट्रांजिट कैम्प में सिटी पार्क बनाने, गंगापुर रोड का चौड़ीकरण करने, रूद्रपुर को स्पोर्ट सिटी के रूप में विकसित करने, नगर निगम को एंबुलेंस उपलब्ध कराने सहित 20 सूत्रीय मांगें रखी।

इस अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर काशीपुर दीपक बाली, राज्य मंत्री अनिल कपूर डब्बू, प्रशासक जिला पंचायत रेनू गंगवार, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रामू जोशी, जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, डॉ0 प्रेम सिंह राणा, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, आयुक्त कुमांऊ मण्डल दीपक रावत, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, सहित पार्षद व क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

16 एसडीजी एचीवर को मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एसडीजी एचीवर अवार्ड समारोह में 3 व्यक्तियों, 09 संस्थानों और 04 औद्योगिक प्रतिष्ठानों को एसडीजी अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया। पिछले वर्ष के एसडीजी अवार्ड से पुरस्कृत व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा की जा रही अभिनव पहलों की पुस्तक ‘अग्रगामी 2.0’ और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखण्ड 2023-2024 का लोकार्पण भी इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया। सीपीपीजीजी द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए जारी जनपदवार एसडीजी रैंकिंग में नैनीताल जनपद ने प्रथम स्थान, देहरादून दूसरे और उत्तरकाशी तीसरे स्थान पर रहे, तीनों जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को एसडीजी एचीवर्स अवार्ड से सम्मानित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल सरकार द्वारा 60 स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यक्तियों और सीएसआर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को एसडीजी एचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया है। ये राज्य के विकास के वास्तविक ब्रांड एंबेसडर भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए ‘‘त्रि-स्तम्भीय एवं नौ-सूत्रीय नीति“ की शुरुआत की गई है, जो सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

तीन साल पहले एसडीजी इंडिया इंडेक्स में राज्य 9वें स्थान पर था, आज देश में प्रथम स्थान पर है। गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, सतत कृषि और जल संसाधन प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं, जहां प्रभावी कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों में पहली रैंकिंग को बनाये रखना चुनौती है, सबके सामुहिक प्रयासों से हमें राज्य को आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीति सही हो तो, खजाना भरता है। पिछले तीन सालों में नीतियों के सरलीकरण और राजस्व प्राप्ति के लिए काफी तेजी से प्रयास हुए हैं। खनन राजस्व 400 करोड़ से बढ़कर 1200 करोड़ हुआ है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों में भी राज्य में राजस्व प्राप्ति तेजी से बढ़ रही है।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, यूएनडीपी की रेजिडेंट प्रतिनिधि डॉ. एंजेला लुसुगी, पूर्व मुख्य सचिव एन रविशंकर, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी, सीपीपीजीजी के एसीईओ मनोज पंत आदि उपस्थित थे।
एसडीजी अचीवर अवार्ड से ये हुए सम्मानित-
व्यक्ति

गगन त्रिपाठी
गुरजीत सिंह
सुबोध शाह

संस्थाएं

हिमालयन स्टडी सर्कल फॉर एनवायरमेंट चाइल्ड एजुकेशन हेल्थ एंड रिसर्च
सुविधा एनजीओ।
जागृति सेवा समिति।
शक्ति फार्म चारा उत्पादक सहकारी समिति।
।।ळल्व्।
सोसाइटी फॉर हिमालयन एसेंशियल नेचुरल एंड रिसर्च ।
हिम विकास सेल्फ रिलायंस कोऑपरेटिव ।
भारतीय ग्रामोथान संस्था।
दानपुर लोक कला संस्कृति संगम।

औद्योगिक प्रतिष्ठान

ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड।
रिलैक्सो फुटवियर लिमिटेड।
टीएचडीसीआईएल।
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ।

सरकार के तीन वर्षः युवाओं के बीच पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने लगाए पुश-अप्स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एथलैक्टिस ग्राउण्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य सरकार ( सेवा, सुशासन और विकास ) के 03 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर फिट इण्डिया रन का फ्लैग ऑफ किया।

खिलाड़ियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पुश-अप्स लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं उन्हें फिट रहने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर, उन्हें फिट इंडिया की शपथ भी दिलवाई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे ड्रोन कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ड्रोन भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य सरकार के 3 वर्ष पूरे हुए हैं। यह 3 वर्ष सेवा, सुशासन, विकास और जनहित को समर्पित रहे। उन्होंने युवाओं को देखकर अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वो भी बचपन में अधिकांश समय शारीरिक, खेल गतिविधियां में बीतते थे। उन्होंने कहा आज जिन भी खिलाड़ियों ने देश का नाम बढ़ाया है, उनकी यात्रा असाधारण परिस्थितियों में शुरू हुई। उन्होंने युवाओं से जीवन में अपने सपनों के प्रति पक्की इच्छाशक्ति और विकल्प रहित संकल्प रखने का आवाहन किया।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों खासकर युवाओं से रोजाना आधा घंटा व्यायाम करने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने एवं नशे से दूर रहने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा सभी युवाओं ने मिलकर उत्तराखंड का अभिमान बढ़ाना है। आम नागरिक की फिटनेस ही उत्तराखंड राज्य की ताकत है। उन्होंने कहा हम सबने मिलकर फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी से स्वयं को फीट रखने एवं अपने आसपास के लोगों को भी स्वस्थ रहने के लिये प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट, स्वस्थ्य और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का रास्ता है। फिट इंडिया, स्वस्थ मन और जीवंत आत्मा का भी आधार है। फिट उत्तराखंड से ही समृद्ध उत्तराखंड बनेगा। जहां हर व्यक्ति उन्नति कर राज्य की प्रगति में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया। यह फिट इंडिया मूवमेंट अब जन आंदोलन बना गया है जो हर घर, गांव और शहर तक पहुंचा है। राज्य सरकार भी इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा सरकार, राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से ही पूरे देशवासियों को मोटापे, ओबेसिटी, एवं सही खाना पान को लेकर जागरूक किया था। उन्होंने कहा राज्य द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 103 पदक प्राप्त कर पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया। राज्य सरकार द्वारा राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दुगना एवं राज्य के सभी पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के अंतर्गत विभिन्न विभागों में सेवायोजित किए जाने का भी निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित एवं खेल उपकरण भी क्रय किए जा रहे हैं। जो राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे। उत्तराखंड राज्य के बालक-बालिकाओं को फिट रखने एवं खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना जैसी अनेकों योजनाओं शुरू की गई रहैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट देने, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रदेशीय टीमों के खिलाड़ियों को रेल/बस किराया दिये जाने, खिलाड़ियों को खेल में चोटिल/दुर्घटना हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की सुविधा भी दी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, राजेश ममगाई एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सरकार के तीन वर्ष की उपलब्धियों पर प्रदेश की जनता को मिलने जा रहा सीधा लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 22 मार्च से 25 मार्च तक सभी जिला मुख्यालयों में और 24 मार्च से 30 मार्च तक विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुद्देशीय शिविरों का बड़े स्तर पर आयोजन किया जाए। जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं का लोगों को लाभ दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को शामिल किया जाए। सभी कार्यक्रमों को जन-जन का कार्यक्रम बनाया जाए। सरकारी योजनाओं के माध्यम से जिन लोगों ने अपने कार्यक्षेत्र में सराहनीय कार्य किये हैं, उनकी सफलता की गाथाओं को अन्य लोगों को भी बताया जाए। पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, खेती, बागवानी और अन्य क्षेत्रों में राज्य में अच्छा कार्य करने वालों को इन आयोजनों में शामिल किया जाए। समाज के प्रतिष्ठित लोगों, सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित राज्य के लोगों और विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनका नियमित लाभ भी दिया जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में होम स्टे योजना, स्वरोजगार और स्टर्टअप्स को बढ़ावा देने के साथ ही बुनियादी सुविधाओं के विकास, एक जनपद दो उत्पाद योजना, कुटीर और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए और तेजी से कार्य किये जाएं। जिन लोगों ने सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत अच्छा कार्य कर पलायन को रोकने में योगदान दिया है, उनको प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्द्धन के साथ जल संचय की दिशा में जनपदों में और तेजी से कार्य किये जाएं।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी.अंशुमन, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।