सीएम ने देवप्रयाग के समीप वाहन दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा मार्ग पर देवप्रयाग के समीप हुई दुखद वाहन दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने हादसे में दिवंगत हुए श्रद्धालुओं एवं यात्रियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहे तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिवादन बल (NDRF) तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया गया। दुर्घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटना में लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए सघन खोज एवं बचाव अभियान जारी है। संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा प्रशासन से पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है।

नशे के खिलाफ सभी एजेंसियां मिलकर करें निर्णायक कार्रवाईः डीएम

जिलाधिकारी डा आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशे की मांग एवं आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए विभिन्न विभागों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों को भी नारकोटिक्स समिति से जोड़ा जाए, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में नशा उन्मूलन संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस विषय को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में भी शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर पर ही नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि नशा समाज के लिए अत्यंत नुकसानदायक है तथा आदर्श राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षण संस्थानों एवं आम नागरिकों को मिलकर कार्य करना होगा। बैठक में जिलाधिकारी ने औषधि विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित दवा फैक्ट्रियों एवं मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं दुरुपयोग की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने सभी मेडिकल स्टोरों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विशेष टास्क फोर्स के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी एवं निजी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में वृहदस्तर पर ड्रग्स टेस्टिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पैडलरों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर उनकी जीआईएस टैगिंग की जाए, जिससे प्रभावी निगरानी एवं लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जाना चाहिए।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही निजी एवं शासकीय सभी शिक्षण संस्थानों में गठित एंटी ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करते हुए उनकी सूची प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना देने के लिए संचालित मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 एवं एनसीओआरडी/मानस पोर्टल का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर बैनर एवं पोस्टर लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नशे के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त किया जा सके।

जिलाधिकारी ने एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी), औषधि नियंत्रक विभाग तथा अन्य प्रवर्तनकारी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों का विश्लेषण करते हुए मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त नेटवर्क, उनके लिंकेज तथा कार्यप्रणाली का अध्ययन कर प्रभावी रणनीति तैयार की जाए। बैठक में नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के माध्यम से गांव-गांव तक लोगों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही प्रत्येक नागरिक तक मानस हेल्पलाइन नंबर एवं पोर्टल की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति नशे के अवैध कारोबार से संबंधित सूचना आसानी से प्रशासन तक पहुंचा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी शिव प्रसाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

किसानों का पंजीकरण कार्य पूर्ण करने को लगातार दैनिक प्रगति को बढ़ाने पर फोकस करें: बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियोकॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा कर महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रदेश में एग्री स्टैक से सम्बन्धित कार्यों को प्रदेश के किसानों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अंश निर्धारण के कार्य में में देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार जनपद को विशेष कदम उठाये जाने की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को प्रोएक्टिव होकर कार्य करना होगा।

मुख्य सचिव ने कहा कि फर्टिलाइजर्स का वितरण का कार्य भी किसान पंजीकरण के आधार पर ही होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि लगातार मॉनिटरिंग करते हुए दैनिक प्रगति को बढ़ाने पर फोकस किया जाए ताकि किसानों का पंजीकरण कार्य पूर्ण किया जा सके। उन्होंने इसके लिए कैम्प आयोजित कर किसान पंजीकरण का कार्य शीघ्र से शीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण कार्य पूर्ण ना होने से पीएम किसान और उर्वरक का वितरण अटक सकता है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वेक्षण कर्मियों की कमी को देखते हुए इसमें स्वयं सहायता समूहों और युवा मंगल दलों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को लगाये जाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर यह कार्य कराया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने एग्री स्टैक से सम्बन्धित सभी कार्यों में तेजी लाये जाने के लिए किसानों को जागरूक किए जाने की भी बात कही। इससे युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि एग्री स्टैक बहुत महत्त्वपूर्ण है, समय से यह सभी कार्य पूर्ण ना होने से भारत सरकार की बहुत सी स्कीम्स का लाभ किसानों को मिलना बंद हो सकता है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ . वी. षणमुगम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, एस. एन. पाण्डेय एवं श्रीमती रंजना राजगुरु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मानसून अवधि के लिए सभी विभाग रहें पूरी तरह सतर्क: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा प्रबंधन का मूल मंत्र ‘सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन और सतत संवाद’ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर समन्वय, प्रभावी संवाद और सुव्यवस्थित प्रबंधन से यात्रा को और अधिक सुरक्षित एवं सफल बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चारों धामों में श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप दर्शन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 10 बजे से सुबह 4 बजे तक चारधाम यात्रा मार्गों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्गों पर ट्रकों एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े भारी वाहनों को केवल रात्रिकाल में ही अनुमति दी जाए तथा दिन के समय ऐसे वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी धाम अथवा पड़ाव पर निर्धारित क्षमता से अधिक भीड़ होने की स्थिति में नीचे स्थित होल्डिंग एरिया एवं प्रमुख चेक प्वाइंट्स पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए। भीड़ प्रबंधन के लिए चरणबद्ध व्यवस्था अपनाते हुए यात्रियों को आगे भेजा जाए, जिससे धामों में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर श्रद्धालुओं को रोका या ठहराया जा रहा है, वहां पार्किंग, भोजन, पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ नियंत्रण के दौरान श्रद्धालुओं को केवल रोका न जाए, बल्कि उन्हें इसके कारण, संभावित प्रतीक्षा अवधि तथा आगे की व्यवस्थाओं की जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुलिस, प्रशासन एवं यात्रा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशील, विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में सूचना के अभाव का सामना नहीं करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक सूचना प्रणाली , एलईडी डिस्प्ले, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप चौनल एवं एफएम रेडियो के माध्यम से लगातार अद्यतन सूचनाएं प्रसारित की जाएं। मार्ग अवरोध, मौसम में बदलाव, यातायात जाम अथवा दर्शन में विलंब जैसी परिस्थितियों की जानकारी भी समय रहते यात्रियों तक पहुंचाई जाए, जिससे भ्रम एवं असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा का प्रथम चरण प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक संचालित हुआ है। अब यात्रा दूसरे और अधिक चुनौतीपूर्ण चरण में प्रवेश कर रही है, जहां मानसून एवं प्रतिकूल मौसम प्रमुख चुनौती होंगे। ऐसे में यात्रा प्रबंधन को और अधिक सतर्कता, नियंत्रण तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से प्राप्त फीडबैक, शिकायतों एवं सुझावों की दैनिक समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस एवं राहत-बचाव उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आपात स्थिति अथवा मार्ग अवरोध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त एवं आईजी गढ़वाल को चारधाम यात्रा की सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट का अनिवार्य प्रदर्शन सुनिश्चित करने तथा खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग कर गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने चारों धामों एवं पैदल यात्रा मार्गों पर स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने पैदल मार्गों पर पर्याप्त संख्या में शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा हेतु राज्य स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी तत्काल समन्वय स्थापित कर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचा सकें। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शेड स्थापित करने तथा वर्षा एवं धूप से बचाव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, भरत चौधरी, विधायक अनिल नौटियाल, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, रणवीर सिंह चौहान, विनोद कुमार सुमन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी तथा वर्चुअल माध्यम से विधायक सुरेश चौहान, आशा नौटियाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप एवं संबंधित जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

सेरेब्रल पाल्सी को चुनौती देकर अनुराग रावत ने “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में पूरी की 10 किलोमीटर दौड़

25 वर्षीय अनुराग रावत ने जनपद चमोली में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” में अदम्य साहस, आत्मविश्वास और अटूट जज्बे का परिचय देते हुए लगभग 1 घंटा 45 मिनट में 10 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को प्रेरित किया।

“Beyond Limits, Beyond the Canyon” के संदेश को साकार करते हुए अनुराग ने यह सिद्ध कर दिया कि मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी तथा वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने cerebral palsy (सेरेब्रल पाल्सी) जैसी दिव्यांगता के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।

चमोली जनपद स्थित नीति घाटी में आयोजित हो रही “नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के दौरान नीति घाटी के ऊंचे पहाड़, कठिन रास्ते और सीमित ऑक्सीजन जैसी विषम परिस्थितियों के बीच अनुराग का यह प्रदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत बन गया।

अनुराग की इस उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। उनके साहस, दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच ने आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरित किया। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन में उनका प्रदर्शन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करते हुए आगे बढ़ने की प्रेरणादायक मिसाल बन गया।अनुराग ने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होने कई प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग ले चुके हैं।

अनुराग ने कहा कि “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”

“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन” के इस भव्य आयोजन में देशभर से उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अदम्य साहस, उत्साह और खेल भावना का परिचय दिया।

नीति घाटी में पर्यटन विकास को नई उड़ान, सीएम ने की कई अहम घोषणाएं

जनपद चमोली की नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के पुरस्कार वितरण समारोह में वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र में पर्यटन विकास को नई गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका सुदृढ़ करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में जनपद चमोली के नीति, मलारी, कोशा, फरकिया, बाम्पा, गुरगुटी, कैलाशपुर एवं महरगांव में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इसके अंतर्गत सामुदायिक होम स्टे निर्माण के साथ ग्रामीण पर्यटन हेतु आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि नीति घाटी के विभिन्न गांवों एवं प्रमुख पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए साइनज एवं व्यू प्वाइंट विकसित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त जनपद चमोली के रिमखिम एवं बाड़ाहोती क्षेत्र में बॉर्डर टूरिज्म को विकसित करने के उद्देश्य से ‘सीमा दर्शन केंद्र’ का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी घोषणा की कि ग्राम गमशाली स्थित दुप्फूधार मैदान में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र में साहसिक पर्यटन एवं बड़े आयोजनों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री धामी की इन घोषणाओं से नीति घाटी सहित पूरे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

नीति घाटी का जागरण सीमांत स्वाभिमान की नई इबारत: धामी

सीमांत जनपद चमोली की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में 31 मई से 2 जून तक आयोजित हो रहे ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत विभिन्न स्पर्धाओं के विजेताओं को सम्मानित करते हुए पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आयोजित यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों को “देश का पहला गांव” मानते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ जैसे आयोजन उनका जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने के साथ रिवर्स माइग्रेशन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि नीति क्षेत्र में होम स्टे की संख्या 35 से बढ़कर 450 से अधिक हो चुकी है, जो इस क्षेत्र में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित यह अल्ट्रा रन युवाओं के अदम्य साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। “नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत क्षेत्रों के स्वाभिमान, स्वावलंबन और नए विश्वास की नई इबारत है।

उन्होनें कहा यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि उत्तराखंड की हर सीमांत घाटी तक पहुंचेगा।” मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता पर सभी आयोजकों, भारतीय सेना, आईटीबीपी तथा स्थानीय जनता को शुभकामनाएं दीं।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ के अंतर्गत 5, 10, 21, 42 एवं 75 किलोमीटर की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मलारी गांव में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल सहित अन्य अतिथियों ने विजेताओं को पुरुष्कार धनराशि एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

प्रतियोगिताओं के प्रमुख परिणाम:

05 किलोमीटर (18 वर्ष से कम आयु वर्ग) पुरुष वर्ग में हर्षित यादव प्रथम, आयुष कुमार द्वितीय एवं शिवम भुजवान तृतीय रहे। महिला वर्ग में रेखा प्रथम, भावना रावत द्वितीय एवं राधिका तृतीय स्थान पर रहीं।

05 किलोमीटर ओपन वर्ग के पुरुष वर्ग में प्रकाश भट्ट प्रथम, मोहम्मद अशरफ द्वितीय एवं मोहम्मद क्वासम तृतीय रहे। महिला वर्ग में अर्पिता सैनी प्रथम, वाई. तिमनाह द्वितीय एवं अनिता चौहान तृतीय रहीं।

10 किलोमीटर ओपन वर्ग के पुरुष वर्ग में सुरेंद्र सिंह प्रथम, मन्नू सिंह द्वितीय एवं सजन पंवार तृतीय रहे। महिला वर्ग में पूजा बिष्ट प्रथम, निशा नेगी द्वितीय एवं ईशा बर्त्वाल तृतीय रहीं।

10 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में दलबीर सिंह प्रथम, गोविंद कुमार राणा द्वितीय एवं सतीश चंद चौहान तृतीय रहे।

21 किलोमीटर ओपन वर्ग में लोकेश कुमार प्रथम, दीपक रावत द्वितीय एवं कुलदीप नेगी तृतीय रहे। महिला वर्ग में प्रिया प्रथम, निकिता खोलिया द्वितीय एवं आयुषी कनवाल तृतीय रहीं।

21 किलोमीटर 50+ आयु वर्ग में दीपेश जोशी प्रथम, नंदन सिंह द्वितीय एवं पवन तृतीय रहे। महिला वर्ग में अनुदा तमांग प्रथम, अंजू कुटियाल द्वितीय एवं इंदिरा दीवान तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर ओपन वर्ग में यश राज प्रथम, सत्यम द्वितीय एवं महेंद्र सिंह बिष्ट तृतीय रहे। महिला वर्ग में दिया प्रथम, अर्पिता सैनी द्वितीय एवं अंजू तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर 40+ आयु वर्ग में सतपाल प्रथम, महेश यादव द्वितीय एवं कलम सिंह बिष्ट तृतीय रहे। महिला वर्ग में मीना कंडारी प्रथम, सुष्मिता राय द्वितीय एवं शांति राय तृतीय रहीं।

42 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में थॉमस प्रथम, मुकेश राणा द्वितीय एवं सतीश चंद्रा तृतीय रहे।

75 किलोमीटर ओपन वर्ग में दिगंबर सिंह प्रथम, अर्जुन प्रधान द्वितीय एवं विजय सिंह तृतीय रहे। महिला वर्ग में मीनाक्षी प्रथम, मीना कुमारी सुब्बा द्वितीय एवं फलेश्वरी रजवाड़े तृतीय रहीं।

75 किलोमीटर 50+ आयु वर्ग में चरण सिंह प्रथम, किशन बढ़वार द्वितीय एवं रतन सिंह सोनल तृतीय रहे। महिला वर्ग में आशा सिंह प्रथम एवं कशीरसगरा रमसमिता द्वितीय रहीं।

75 किलोमीटर 60+ आयु वर्ग में कृष्णा तमांग प्रथम, महिपाल सिंह द्वितीय एवं शिवेंद्र सिंह बिष्ट तृतीय रहे।

इस महाआयोजन में राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी देखने को मिली। देश के 27 राज्यों से आए 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने सीमांत क्षेत्र में आयोजित इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

श्रेणीवार प्रतियोगिताओं में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 160 प्रतिभागी, 42 किलोमीटर मैराथन में 155 प्रतिभागी, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन में 215 प्रतिभागी, 10 किलोमीटर शॉर्ट रन में 210 प्रतिभागी तथा 5 किलोमीटर फन रन में 260 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल मिलाकर 1100 से अधिक प्रतिभागियों ने विभिन्न दौड़ स्पर्धाओं में प्रतिभाग किया।

2 जून, आयोजन के अंतिम दिन में गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।

इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित भारतीय सेना, आईटीबीपी, चिकित्सा विभाग, पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सरकारी नौकरी में चयनित हुए 276 अभ्यर्थियों को सीएम ने दिए नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्यसेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, प्राविधिक शिक्षा विभाग, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा वन विभाग के अंतर्गत चयनित कुल 276 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। जिसमें वन विभाग के अंतर्गत 109, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत 88, प्राविधिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 65 एवं नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में चयनित 14 अभ्यर्थी शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा के नए दायित्व की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बाद युवाओं को यह सफलता प्राप्त हुई है, जो उनकी प्रतिभा, आत्मविश्वास और समर्पण का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं जवाबदेह बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप आज प्रदेश में युवाओं की सफलता का आधार केवल उनकी योग्यता और मेरिट है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता एवं मेरिट के आधार पर सरकारी सेवाओं से जोड़ने का कार्य किया गया है। उन्होंने नवचयनित कार्मिकों से अपेक्षा की कि वे अपनी कार्यकुशलता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में जब योग्य और कर्मठ युवा आगे आते हैं, तब विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में चयनित युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्मिक प्रदेश के सुनियोजित विकास में योगदान देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग से जुड़े युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देंगे, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कार्मिक मातृ एवं बाल कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करेंगे तथा वन विभाग में चयनित युवा राज्य की वन संपदा एवं जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार भी विकसित उत्तराखंड के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेजी से विकास हो रहा है, निवेश बढ़ रहा है तथा युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दे रही है, जहां घोषणा से अधिक डिलीवरी, वादों से अधिक परिणाम और राजनीति से अधिक विकास को महत्व दिया जाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हुए उत्तराखंड के विकास और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चन्द्रेश कुमार, डॉ. आर. राजेश कुमार एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

भगत दा को पद्म भूषण से सम्मानित करना उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय: धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आवास पर पहुंचकर उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान “पद्म भूषण” से सम्मानित किए जाने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किया जाना न केवल उत्तराखण्ड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सार्वजनिक जीवन, राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकारों तथा जनकल्याण के प्रति समर्पित योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर किया गया सम्मान है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी ने अपने राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन में सदैव जनसेवा, सादगी और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास और राष्ट्र निर्माण की विभिन्न जिम्मेदारियों के निर्वहन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री, सांसद, राज्यपाल और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में श्री कोश्यारी ने जो आदर्श स्थापित किए हैं, वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक चेतना और विकास के विभिन्न आयामों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका अनुभव, मार्गदर्शन और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।

उत्तराखंड: फिट इंडिया और सीमांत पर्यटन को नई उड़ान देने की पहल

चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस अनूठे आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ काबीना मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।

उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और द्वितीय रक्षा पंक्ति के गांव और अधिक मजबूत होंगे।

जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री हरक सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, महामंत्री अरुण मैठाणी, विनोद कनवासी, गृह सचिव शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के अधिकारी-जवान, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।