आन बान शान का प्रतीक तिरंगा सीएम ने फहराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान की उद्देशिका की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के लिए हम सभी को अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

सीएम ने निकाय चुनाव में विजयी हुए सभी प्रत्याशियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में निकाय चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और निर्वाचन में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने निकाय चुनाव में विजयी हुए सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि हम मिलजुल कर प्रदेश को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए कार्य करेंगे और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नगर निकायों के माध्यम से हम क्लीन और ग्रीन सिटी कांसेप्ट को धरातल पर उतारेंगे। हमारी सरकार बिजली, सड़क पानी, फुटपाथ, पार्क, ओपन जिम, कूड़ा उठान और उसका निस्तारण सहित अन्य सभी सेवाओं को जनता के द्वारा तक पहुचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने का जो वायदा किया है उस पर तेजी से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारे सभी चुने हुए मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षदगण मिलजुल कर हमारे कस्बों और नगरों को सुंदर बनाएंगे। हम सीसीटीवी, सोलर द्वारा सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।

सभी विजयी प्रत्याशियों को शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे निकाय प्रतिनिधियों पर दोहरी जिम्मेदारी है, क्योंकि उन्हें नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ पर्यटकों के दृष्टिकोण से भी नगरों को स्वच्छ और सुंदर बनाना है और उनके दृष्टिगत सुविधाएं जुटानी है ताकि देश विदेश से आने वाले पर्यटक उत्तराखंड से अच्छा संदेश लेकर लौटें।

नेशनल गेम्सः वेलकम किट में सेनेटरी नैपकिन और महिला स्वास्थ्य से जुड़ा अन्य सामान भी मिलेगा

उत्तराखंड में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय खेल महिला स्वास्थ्य का प्रभावी संदेश भी देंगे। इसके लिए राष्ट्रीय खेल सचिवालय ने अनूठी पहल की है। इसमें महिला खिलाड़ियों को दिए जाने वाले वेलकम किट में पीसेफ सेनेटरी पैड के साथ ही सेनिटाइजर, बायोडिग्रेडबल टैम्पोन आदि सामान उपलब्ध कराया जाएगा। खेल विभाग का इस संबंध में रेडक्लिफ हाइजीन प्राइवेट लिमिटेड (आरएचपीएल) के साथ करार हुआ है।

आरएचपीएल कंपनी ने पीसेफ ब्रांड के दस हजार सेनेटरी नैपकिन के पैकेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इनमें से 5300 पैकेट महिला खिलाड़ियों के लिए होंगे। आयोजन स्थल पर कंपनी का स्टॉल भी लगेगा। बाकी पैकेट इन स्टालों में उपलब्ध रहेंगे और जरूरत के हिसाब से महिला मेहमानों को उपलब्ध कराए जा सकेंगे। इसके अलावा, 5300 यूनिट पेक सेफ टायलट सीट सेनिटाइजर 25 मिली लीटर मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। 600 यूनिट पीसेफ बायोडिग्रेडबल टैम्पोन भी वेलकम किट का हिस्सा रहेगा।

महिला स्वास्थ्य पर आयोजित होगा सत्र

खेल विभाग के साथ हुए करार में आयोजन के दौरान एक सत्र भी प्रस्तावित किया गया है, जिसमें महिला स्वास्थ्य से जुडे़ विषय पर चर्चा होगी। कंपनी के स्टॉल पर दो वॉलंटियर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। महिला वॉलंटियर को प्राथमिकता दी जाएगी।
————————————-
38 वें राष्ट्रीय खेल महत्वपूर्ण विषयों पर संदेश देने का प्रभावी माध्यम भी साबित हों, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय खेलों की तैयारी इस तरह से डिजाइन की गई है कि खेलों का उत्कृष्ट प्रदर्शन तो देखने को मिले ही, अच्छे संदेश भी पूरे देश तक प्रसारित हों।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

नेशनल गेम्स की तैयारियों को लेकर सीएम ने की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 जनवरी 2025 से उत्तराखण्ड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शनिवार को महाराणा प्रताप स्टेडियम देहरादून का स्थलीय निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के लिए की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि खिलाड़ियों और आगन्तुकों की सुविधा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाई जाय। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ अवसर पर जनपद और ब्लॉक स्तर पर एलईडी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोग लाइव प्रसारण सुगमता से देख सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर अलग छवि बनाने का यह सुनहरा अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के पास राज्य में खेलों को बढ़ावा देने यह अच्छा अवसर है। इससे युवाओं का खेलों के प्रति रूझान बढ़ेगा और खेल इन्फ्रास्टक्चर के विकास से राज्य में आगे भी अनेक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो सकेगा। 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों को पदक जीतने पर मिलने वाली पुरस्कार राशि के बराबर धनराशि राज्य सरकार भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में होने वाले राष्ट्रीय खेल को भव्य बनाने के लिए जनभागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ के अवसर पर जन सहभागिता से प्रदेशभर में दीपोत्सव और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेल के दृष्टिगत राज्य के सभी खेल स्थलों के आस-पास आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और आगन्तुकों के लिए आवागमन, ठहरने, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेलों के शुभारंभ अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आगमन के दृष्टिगत पुलिस और प्रशासन को सभी व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल के शुभारंभ के अवसर पर लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो पुलिस द्वारा रूट प्लान की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अति सिन्हा, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरूगेशन, ए.पी. अंशुमन, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, निदेशक खेल प्रशांत आर्य और एसएसपी देहरादून अजय सिंह उपस्थित थे।

प्रदेश में चलाया जा रहा मादक पदार्थों के डिस्पोजल को विशेष अभियान, सीएम ने दिए निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशन में प्रदेश में मादक पदार्थों के डिस्पोजल हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड की उपस्थिति में औषधि व्यनन समिति के अध्यक्ष आईजी गढ़वाल की रिपोर्ट के आधार पर नारकोटिक्स पदार्थों के व्यनन हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इस कार्यक्रम में वर्चुअल प्रतिभाग करते हुए उपस्थित अधिकारियों को नशा मुक्ति देवभूमि की परिकल्पना को साकार करने के लिए और अधिक प्रभावी तरीके से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

उत्तराखंड पुलिस नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ राज्य, जनपद, और थाना स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। पुलिस द्वारा विशेष नशामुक्त अभियान चलाकर अपराधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इस वर्ष 11 जनवरी को आयोजित सम्मेलन में 11 से 25 जनवरी तक नशा निपटान पखवाड़ा आरंभ किया गया। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार गढ़वाल और कुमाऊं रेंज में मादक पदार्थ निपटान की कार्रवाई की जा रही है।

मादक पदार्थों के निस्तारण का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्ति को बढ़ावा देना है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा मादक पदार्थाे के विरुद्ध की गयी कार्यवाही के दौरान कुमांऊ मंडल में वर्ष में 2022- ₹1 करोड़ 15 लाख 88 हजार 150 मूल्य की 252.934 किग्रा ड्रग्स, वर्ष 2023 में ₹6 करोड़ 82 लाख 18 हजार 315 मूल्य की 610.80 किग्रा ड्रग्स तथा वर्ष 2024 में ₹5 करोड़ 43 लाख 33 हजार 25 मूल्य की 56.201 किग्रा ड्रग्स व 150 नशीली गोलियां जब्त की गई। जबकि गढ़वाल रेंज में वर्ष 2022 में ₹2 करोड़ 74 लाख 32 हजार 490 मूल्य की 605.628 किग्रा ड्रग्स, जब्त की गई।

वर्ष 2024-25 में औषधि व्ययन समिति द्वारा 496 अभियोगों में 501 अभियुक्तों से ₹ 6 करोड, 22 लाख, 90 हजार 928 मूल्य की 934.323 किलोग्राम ड्रग्स बरामद कर निस्तारण हेतु चिन्हित किया गया है। निरीक्षण के बाद इसे मेडिकल पॉल्यूशन कमेटी, रूड़की, हरिद्वार भेजा जाएगा।

पुलिस महानिदेशक द्वारा बताया गया कि वर्ष 2022 से 2025 तक उत्तराखण्ड में कुल 886 मामलों में 907 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, जिनसे 2459 कि.ग्रा. मादक पदार्थ बरामद हुए, जिसकी अनुमानित कीमत ₹ 22 करोड़ 38 लाख 62 हजार 908 रुपए है।

मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत 5 अपराधियों पर कार्रवाई की गई, जबकि 8 अन्य के खिलाफ प्रक्रिया जारी है। वाणिज्यिक मात्रा के मामलों में 10 अभियोगों की वित्तीय विवेचना कर, मादक पदार्थों से अर्जित ₹3 करोड़ से अधिक की संपत्ति सीज/फ्रीज करने की कार्रवाई हेतु प्रकरण भेजे गए।

उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में और जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित एन्कोर्ड समितियों की नियमित बैठक नशे की रोकथाम के लिए कार्ययोजना तैयार करने हेतु आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में राज्य और जिला स्तर के सभी हितधारक विभाग शामिल होते हैं। कुछ बैठकों की अध्यक्षता स्वयं माननीय मुख्यमंत्री ने की है, और उनके निर्देशों का अनुपालन किया जा रहा है।

उत्तराखण्ड पवेलियन में राज्य की प्रदर्शन के अलावा कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा की है व्यवस्था

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों एवं मार्गदर्शन में प्रयागराज में गंगा, यमुना एवं अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर 144 वर्षों बाद 13 जनवरी, 2025 से 26 फरवरी, 2025 तक आयोजित हो रहे महाकुम्भ-2025 में भव्य उत्तराखण्ड पवेलियन स्थापित किया गया है। यह आयोजन मात्र एक मेले का आयोजन न होकर भारत एवं विश्व की विभिन्न संस्कृतियों के मिलन का उत्सव है, जिसमें देश एवं विदेश के बहुभाषी तीर्थ यात्री अपने आध्यात्मिक शुद्धि के लिए एकत्रित होते हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड पवेलियन में राज्य के तीर्थ यात्रियों को आवासीय सुविधा एवं स्थानीय भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के साथ पवेलियन में उत्कृष्ट टेंट सिटी का भी निर्माण किया गया है। उत्तराखण्ड पवेलियन में प्रतिदिन दस हजार से पन्द्रह हजार तीर्थ यात्रियों द्वारा भ्रमण किया जा रहा हैै। तीर्थ यात्रियों के मध्य देवभूमि उत्तराखण्ड के दिव्य मंदिरों के दर्शन एवं फोटोग्राफी के साथ ही राज्य के पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल एवं समृद्ध लोक संस्कृति की प्रस्तुति सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत की जा रही है। मुख्यमंत्री का मानना है कि 2026 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेले के आयोजन व्यवस्थाओं के लिए भी इससे मदद मिलेगी तथा उत्तराखण्ड पवेलियन महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध होगी।

इस संबंध में आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग प्रतीक जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, के मार्गदर्शन में मंडपम में उत्तराखण्ड राज्य के देवभूमि स्वरूप के प्रदर्शन के साथ ही राज्य की कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री की भी व्यवस्था की गयी है। इसके अंतर्गत उत्तराखण्ड का अंतर्राष्ट्रीय ब्राण्ड ’हाउस ऑफ हिमालया’, उत्तराखण्ड का हथकरघा एवं हस्तशिल्प ब्राण्ड ’हिमाद्री’, राज्य के खादी एवं बांस तथा अन्य फाईबर उत्पाद, राज्य के पर्यटन स्थलों तथा आयुर्वेदिक एवं योग चिकित्सा को प्रदर्शित किया गया है। मंडपम में संस्कृति विभाग द्वारा राज्य की कला एवं संस्कृति से परिपूर्ण सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाता है। जिसके प्रति भी लोगों में और अधिक आकर्षण देखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड मंडपम में प्रवेश द्वार के रूप में केदारनाथ द्वार एवं निकास द्वार के रूप में बद्रीनाथ द्वार निर्मित किया गया है। मंडपम के अंदर प्रवेश करने पर चारधाम- यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ जी की दिव्य एवं भव्य प्रतिकृतियों के दर्शन होते हैं, इसके साथ ही हर की पैड़ी, हरिद्वार तथा गंगा की अविरल एवं पावन धारा के भी दर्शन होते हैं। मंडपम में दूसरी ओर माननीय मुख्यमंत्री की परिकल्पनाओं के अनुरूप शीतकालीन चारधाम तथा मानसखण्ड मंदिर माला के अंतर्गत श्री जागेश्वर धाम, श्री गोल्ज्यू देवता तथा नीम करोली बाबा की दिव्य प्रतिकृतियों को प्रदर्शित किया गया है।

आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग ने बताया कि उद्योग विभाग उत्तराखण्ड द्वारा प्रयागराज महाकुम्भ क्षेत्रान्तर्गत सेक्टर-7, कैलाशपुरी मार्ग पर 40000 वर्गफीट क्षेत्रफल में देवभूमि की दिव्यता को प्रदर्षित करता भव्य उत्तराखण्ड पवेलियन स्थापित किया गया है। यह पवेलियन सिविल लाईन प्रयागराज बस स्टैंड से 06 किमी, प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन से 08 किमी तथा प्रयागराज एयरपोर्ट से मात्र 15 किमी की दूरी पर स्थापित है। पवेलियन से नजदीकी गंगा घाट मात्र 800 मीटर दूरी पर तथा पवित्र संगम लगभग 05 किमी दूरी पर स्थित है।

आईओसी को नेशनल गेम्स में स्पॉन्सरशिप के लिये केंद्र ने भेजी उत्तराखंड को सहमति

38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहे उत्तराखंड को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का साथ मिला है। आईओसी इस आयोजन के लिए उत्तराखंड को स्पॉन्सरशिप देगा। प्रारंभिक सहमति की सूचना उत्तराखंड को आधिकारिक रूप से प्राप्त हो गई है। इसके बाद, उत्तराखंड ने आईओसी को राष्ट्रीय खेलों का ब्रॉन्ज स्पॉन्सर बना दिया है। आयोजन के प्रचार-प्रसार में अब आईओसी भी नजर आएगा।

कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद में आईओसी जल्द ही यह तय करेगा कि इस आयोजन के लिए उसकी स्पॉन्सरशिप का आकार क्या होगा। 28 जनवरी को जिस दिन राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन हो रहा है, उसी दिन आईओसी की बोर्ड बैठक भी प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ही स्पॉन्सरशिप के आकार पर निर्णय ले लिया जाएगा। बहरहाल, आईओसी ने स्पॉन्सरशिप के लिए प्रारंभिक सहमति दे दी है। राष्ट्रीय खेलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार-आईओसी का स्पॉन्सरशिप के संबंध में आधिकारिक मेल प्राप्त हुआ है। इसके बाद, आईओसी अब राष्ट्रीय खेलों का ब्रॉन्ज स्पॉन्सर होगा।

केंद्र में मुख्यमंत्री की पैरवी से बनी बात
राष्ट्रीय खेलों के लिए स्पॉन्सरशिप जुटाने के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मोर्चे पर खुद जुटे। केंद्र सरकार में मजबूत पैरवी की, तो बात बन गई। दरअसल, कुछ दिन पहले अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की थी। उन्होंने पुरी को राष्ट्रीय खेलों के लिए आमंत्रित किया था। साथ ही, आईओसी व ओएनजीसी से सीएसआर में स्पॉन्सरशिप दिलवाने का अनुरोध किया था। इस पर मंत्री ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया है।

क्या होता है इवेंट में ब्रॉन्ज स्पॉन्सर
किसी बड़े इवेंट या कार्यक्रम में प्रायोजक से मिलने वाली स्पॉन्सरशिप की राशि के हिसाब से उसकी श्रेणी तय की जाती है। आईओसी के स्तर पर राष्ट्रीय खेलों में हमेशा स्पॉन्सरशिप दी जाती रही है। राष्ट्रीय खेल सचिवालय से जुड़े अधिकारी प्रतीक जोशी के अनुसार-पिछले अनुभवों का अध्ययन करने के बाद आईओसी को ब्रॉन्ज कैटेगरी में स्पॉन्सर बनाने का निर्णय लिया गया है। इस कैटेगरी के हिसाब से ही राष्ट्रीय खेलों के प्रचार-प्रसार में आईओसी नजर आएगा।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्य सचिव ने बालिकाओं के सवालों के दिए जवाब

बालिका निकेतन, जिला शरणालय तथा शिशुसदन की बालिकाओं ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मुलाकात की।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम, जिला शरणालय एवं प्रवेशालय तथा शिशुसदन की लगभग 30 बालिकाओं ने उत्तराखण्ड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से उनके कार्यालय में मुलाकात की तथा अनौपचारिक संवाद किया। सीएस राधा रतूड़ी ने इस अवसर पर मौजूद प्रत्येक बालिका से उनकी शिक्षा, व्यक्तिगत जीवन तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत बातचीत की, बालिकाओं के सवालों के जवाब दिए तथा उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के पूछने पर राजकीय बालिका निकेतन, केदारपुरम में रहने वाली 9वीं कक्षा की छात्रा पूजा ने बताया कि वह भविष्य में वकील बनना चाहती है। सीएस रतूड़ी ने पूजा को स्कूली शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा बालिका निकेतन के अधिकारियों को पूजा के लिए कानून के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु हेतु जरूरी मार्गदर्शन, काउन्सलिंग एवं उचित जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह बालिका निकेतन में ही रहने वाली 7वीं कक्षा की छात्रा प्रिया शर्मा ने मुख्य सचिव को बताया कि वह भविष्य में आर्मी ऑफिसर बनना चाहती है। मुख्य सचिव रतूड़ी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रिया के लिए सैनिक कल्याण विभाग की मदद से फिजिकल ट्रैनिग व कोचिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सीएस ने पूजा को फिलिकल फिटनेस के साथ ही पढ़ाई में भी कठिन परिश्रम करने की सलाह दी।

मुख्य सचिव के पूछने पर खुशबू रावत ने बताया कि वह योगा में स्नातक कर रही है तथा इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहती है। भावना रावत ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने के बात कही। खुशबू और भावना रावत अल्मोड़ा से हैं तथा बालिका निकेतन की सहायता से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अपने गांव वापस जाना चाहती हैं। इसी प्रकार राजकीय बालिका निकेतन से रौनक, रिया, साक्षी भट्ट, खुशी, रोशनी, शिफा, संगीता एवं नर्गिस, जिला शरणालय से शिवानी, विमला, नैना, रूचि तथा शिशु सदन से रमा, लक्षमी और राधा ने भी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से बातचीत की।

मुख्य सचिव ने बालिका निकेतन एवं शरणालय में रहने वाली सभी बालिकाओं के लिए उचित शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं करियर काउन्सलिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बालिकाओं से कहा कि उनके उज्ज्वल भविष्य, बेहतरीन करियर और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अच्छी शिक्षा एवं कौशल विकास पर ध्यान देना जरूरी है। बेहतर शिक्षा महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण का साधन है। राज्य सरकार ने भी महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। मुख्य सचिव ने बालिकाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर महिला कल्याण, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बालिका निकेतन, शरणालय एवं शिशु सदन के अधिकारी मौजूद रहे।

हरिद्वार में वोट डालने पहुंची 113 वर्षीय राम भजन माता

मतदान जागरूकता का अहम संदेश देते हुए हरिद्वार में 113 वर्षीय संन्यासिन राम भजन माता ने हरिद्वार नगर निगम चुनाव में उत्साह के साथ मत दिया।

खडखड़ी स्थित सनातन धर्म विद्यालय में बृहस्पतिवार को राम भजन माता अपने शिष्य स्वामी सत्यदेव के साथ मतदान करने व्हील चेयर में पहुंची।

राम भजन माता ने बताया की कई दशकों से वो लोक सभा, विधान सभा सहित निकाय चुनाव में मतदान करती आई है और आज भी संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का प्रयोग कर वे जिम्मेदार नागरिक का बोध करती है।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, मतदान कर्मियो के साथ मतदान देने आए लोगों ने राम भजन माता की इस उम्र के पड़ाव में वोट देने की जागरूकता और कर्त्तव्य बोध की भूरी भूरी प्रशंसा की।

वही उनके शिष्य स्वामी सत्यदेव ने बताया की राम भजन माता गंगा भजन आश्रम, कुंज गली, खडखडी ,हरिद्वार में निवास करती है।

उत्तराखंडः 100 नगर निकायों के लिये मतदान प्रक्रिया पूर्ण, शनिवार को रिजल्ट

उत्तराखंड में 100 नगर निकायों के लिए 23 जनवरी को मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हो गया और शाम पांच बजे तक चला। हालांकि, कुछ जगहों पर रात आठ बजे तक मतदान जारी रहा। इसके बाद 5405 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया।

मतदान खत्म होने के बाद पोलिंग पार्टियों ने मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में जमा कराया। अब निकाय चुनाव में मतगणना 25 जनवरी को होगी।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से रात 10 बजे जारी अनंतिम आंकड़े के अनुसार, लगभग 66 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले चुनाव के मुकाबले 3.78 प्रतिशत कम है।