गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शित विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की झांकी को मिला तृतीय स्थान

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” झांकी को तृतीय स्थान मिलने के बाद नई दिल्ली के उत्तराखण्ड निवास स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी और टीम लीडर/संयुक्त निदेशक सूचना के.एस. चौहान सहित झांकी के कलाकारों ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” झांकी को तृतीय पुरस्कार मिलना प्रदेश के लिये सम्मान की बात है। उन्होंने झांकी में शामिल सभी 16 कलाकारों को 50-50 हजार रुपये मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के अंतर्गत प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की पसंद पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त होने से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति एवं धार्मिक विरासत को देश-विदेश में विशिष्ट पहचान मिल रही है। मुख्यमंत्री निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और साहसिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए गणतंत्र दिवस की परेड में झांकी के रूप में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्णयों से साहसिक खेलों के लिए अवस्थापना सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी के कलाकारों को द्वितीय पुरस्कार मिला और कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” पर आधारित उत्तराखण्ड झांकी को भी लोगों की पसंद के आधार पर देश में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर झांकी के कलाकार सुरेश राजन, तरुण कुमार, राजेश कुमार, रवीन्द्र कुमार, अभिषेक पाण्डेय, अमन विश्वकर्मा, शुभम बेरी, रेखा पूना, कमला पन्त, चन्द्रदीप राजन, प्रियंका आर्या साही, अंजलि आर्या, रश्मि पन्त, निकिता आर्या, साक्षी बोहरा उपस्थित रहे।

उत्तराखंडः राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों को पसंद आ रही रही फैन पार्क और मौली संवाद पहल

राष्ट्रीय खेलों के सबसे प्रमुख केंद्र महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में फैन पार्क और कॉन्क्लेव प्वाइंट आस-पास ही हैं। एक जगह खिलाड़ियों की थकान मिटाने के इंतजाम हैं, तो दूसरी जगह मोटिवेशन की वो धारा है, जो नए खिलाड़ियों को राह दिखाने वाली है। अपने मैच खत्म हो जाने या फिर खाली समय में खिलाड़ी दोनों ही जगह मौजूद दिख रहे हैं। चाहे वो फैन पार्क हो या फिर मौली संवाद कान्क्लेव खिलाड़ी दोनों ही पहल को पसंद भी कर रहे हैं।

फैन पार्क में खिलाड़ियों का धूम धड़क्का
शूटिंग के मैच खत्म होने के बाद फैन पार्क पहुंची छत्तीसगढ़ की श्रुति यादव वहां बज रहे गिटार की धुन को इन्ज्वॉय करती दिखीं। बातचीत में श्रुति ने कहा-उत्तराखंड के इंतजाम अच्छे हैं। वह बताती हैं-छत्तीसगढ़ की शूटिंग टीम पहली बार नेशनल खेल रही हैं। फैन पार्क की पहल को वह अच्छा बताती हैं। वैसे, फैन पार्क में हर समय गिटार की मधुर धुन ही नहीं है, डीजे का धूम धड़क्का भी है, जिसमें खिलाड़ी और उनके साथ आए लोग नाच-झूम रहे हैं। मैच देखने के लिए आने वाले खेल प्रेमियों के लिए भी यहां एंट्री है।

मौली संवाद में खिलाड़ी जान रहे अहम बातें
नेशनल स्पोर्ट्स विजन कॉन्क्लेव में 30 सत्रों की श्रृंखला 12 फरवरी तक चलनी हैं। इस कॉन्क्लेव को राष्ट्रीय खेल के शुभंकर मौली से जोड़ते हुए मौली संवाद नाम दिया गया है। यहां पर खिलाड़ियों को खेल विकास और उससे जुड़ी तमाम अन्य बातों की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है। 50 विशेषज्ञों का पैनल तैयार है। जानी मानी एथलीट रह चुकीं अंजू बॉबी जार्ज और भारतीय हॉकी की कप्तान रानी रामपाल और संग्राम सिंह के टिप्स से इस सीरीज का आगाज हो चुका है। खिलाड़ियों को मोटिवेशन सपोर्ट, मेडिकल, न्यूट्रिशन, इंजरी से उबरनेे, डोपिंग समेत तमाम अन्य बिंदुओं पर टिप्स देने के लिए रोजाना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पंजाब की वुशु टीम के खिलाड़ी हरप्रीत व शिवम ने कहा-यह आयोजन खिलाड़ियों की बेहतरी से जुड़ा है।

चार जगह और संचालित हो रहे फैन पार्क
राष्ट्रीय खेलों में भाग ले रहे खिलाड़ियों के मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार, हल्द्वानी व रूद्रपुर में भी फैन पार्क संचालित किए जा रहे हैं। इन तीनों ही जगहों पर राष्ट्रीय खेल आयोजित किए जा रहे हैं। नैनीताल में कोई खेल इवेंट नहीं होनी है, लेकिन पर्यटन नगरी में राष्ट्रीय खेल के प्रचार की दृष्टि से वहां भी फैन पार्क चलाया जा रहा है।

कॉन्क्लेव में 12 को आएंगी मुक्केबाज निखत जरीन
कॉन्क्लेव में 12 फरवरी को भारतीय स्टार मुक्केबाज निखत जरीन आएंगी। इसके अलावा, जानी मानी एथलीट रह चुकी अश्विनी नचप्पा, चक दे इंडिया फेम पूर्व हॉकी खिलाड़ी मीर रंजन नेगी समेत कई विशेषज्ञों केे भी कॉन्क्लेव में कार्यक्रम तय किए गए हैं। देहरादून में यह कॉन्क्लेव 12 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। 11 फरवरी को एक दिन हल्द्वानी में भी कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी।

राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मनोरंजन और ज्ञानवर्धन के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि उन्हें हर लिहाज से एक अच्छा वातावरण मिले और वह खेलों में आगे बढ़ सकें।
-नीरज गुप्ता, नोडल अधिकारी, गेम्स ऑपरेशन।

हमारी कोशिश है कि देशभर से आए खिलाड़ी देवभूमि उत्तराखंड से बहुत अच्छे अनुभव लेकर के जाएं। इसी अनुरूप तमाम तरह की व्यवस्था की गई हैं। हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय खेल सभी खिलाड़ियों के विकास में सहायक साबित हों।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री।

गणतंत्र दिवस में राज्य की “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” पर आधारित झांकी के लिये मिला तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिये पुरस्कृत किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने यह पुरस्कार प्रदान किया। यह पुरस्कार उत्तराखण्ड की ओर से सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी और झांकी के टीम लीडर/संयुक्त निदेशक श्री के.एस चौहान ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” थीम पर यह झांकी तैयार की गई थी। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाथ हिलाकर उत्तराखण्ड की झांकी का अभिवादन किया था।

इस वर्ष उत्तराखण्ड के लिए गणतंत्र दिवस उपलब्धियों भरा रहा है। भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रतियोगिता कराई जाती है। जिसमें एक दल को केवल साढ़े तीन मिनट का समय दिया जाता है। निर्धारित समय मे अपने राज्य की लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करने होते हैं। जिसमें, उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों ने प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली प्रतियोगिता की प्रस्तुत दी गई। जिसको गठित समिति ने पुरस्कार के लिए चयनित किया।

इस प्रसिद्ध जागर गायन एवं लोकनृत्य छपेली में उत्तराखण्ड राज्य की लोक संस्कृति की झलक को समिति द्वारा बहुत पसंद किया गया। जिसके कारण उत्तराखण्ड राज्य को यह पुरस्कार प्राप्त हो सका। इसके बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में ‘सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल’ पर आधारित उत्तराखण्ड की झांकी को भी लोगों की पसंद के आधार पर देश में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

राज्य गठन के बाद से गणतंत्र दिवस समारोह में अब तक उत्तराखण्ड को तीन पुरस्कार मिले हैं जिनमें वर्ष 2021 में केदारखण्ड झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, वर्ष 2023 में मानसखण्ड झांकी को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और वर्ष 2025 में सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल झांकी को पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में लगातार दूसरी बार उत्तराखण्ड राज्य की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया। झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि देश-विदेश के लोग “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” के साथ ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति से भी परिचित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों, सूचना विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, झांकी बनाने वाले कलाकारों और झांकी में सम्मिलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की झांकी ने कर्तव्य पथ पर सभी का ध्यान आकर्षित किया और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व साहसिक खेलों को बखूबी रूप से प्रस्तुत भी किया। राज्य सरकार द्वारा पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद यात्रा के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरे समर्पण के साथ कार्य किये जा रहे हैं। कर्तव्य पथ पर निकली उत्तराखण्ड राज्य की झांकी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी ध्यानाकर्षित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ हिलाकर उत्तराखण्ड की झांकी का अभिवादन किया। इसके अतिरिक्त अन्य गणमान्य लोगों ने इस दौरान उत्तराखण्ड की झांकी का करतल ध्वनि से स्वागत किया।

इस वर्ष कर्तव्य पथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल” की झांकी प्रदर्शित की गई थी। 16 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया।

झांकी में इन कलाकारों ने निभाई थी अहम भूमिका

टीम लीडर/संयुक्त निदेशक के.एस चौहान के साथ चम्पावत जनपद के 15 कलाकारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कलाकारों में सुरेश राजन, तरुण कुमार, राजेश कुमार, रवीन्द्र कुमार, अभिषेक पाण्डेय, अमन विश्वकर्मा, शुभम बेरी, रेखा पूना, कमला पन्त, चन्द्रदीप राजन, प्रियंका आर्या साही, अंजलि आर्या, रश्मि पन्त, निकिता आर्या, साक्षी बोहरा ने भूमिका निभाई।

झांकी के थीम सांग में इनका रहा अहम योगदान

झांकी का थीम सांग “झुमैलो“ था। “झुमैलो“ गीत को उत्तराखण्ड के उभरते हुए गायक अभिनव चौहान ने स्वर दिया है। इस गीत को जितेन्द्र पंवार द्वारा लिखा गया है और अमित वी. कपूर ने संगीत देकर तैयार किया।

झांकी में ऐपण कला का प्रदर्शन

झांकी के अग्र भाग में जो विशाल ऐपण कला प्रदर्शित की गई उसे चम्पावत जनपद के हस्त कलाकार निकिता, अंजलि, जाने-माने पार्श्व गायक पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन और योगेश कालोनी ने हाथों से बनाया। उत्तराखण्ड राज्य की झांकी का निर्माण स्मार्ट ग्राफ आर्ट एडवर्टाइजिंग प्रा.लि.के निदेशक श्री सिद्धेश्वर कानूगा द्वारा किया जा गया।

बैठक में सचिव राधिका झा, चन्द्रेश कुमार, उत्तराखण्ड ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डा. एस एस नेगी सहित ग्राम्य विकास, शिक्षा, सहकारिता, पर्यटन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

स्वच्छता, फिट इंडिया मूवमेंट के लिये बेहतर कार्ययोजना के साथ जनसहभागिता की दिशा में विशेष प्रयास करेंः सीएम

प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड, स्वच्छता और फिट इंडिया मूवमेंट के लिए बेहतर कार्ययोजना के साथ अभियान चलाया जाए। इसमें जन जागरूकता के साथ ही जनसहभागिता की दिशा में विशेष प्रयास किये जाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड सदन से वर्चुअल बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड अभियान को और अधिक व्यापक स्तर पर चलाया जाए। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड अपने नैसर्गिक सौन्दर्य के साथ पर्यटन और जैव विविधता के दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के लिए सबको मिलकर प्रयास करने हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने में स्कूलों, कॉलेजों, गैर सरकारी संस्थानों और व्यापारिक संगठनों को भी जोड़ा जाए। किसी अभियान की सफलता के लिए जन भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि केदारनाथ धाम की तरह राज्य के अन्य धार्मिक स्थलों और पर्यटक स्थलों पर प्लास्टिक बोतल पर क्यूआर कोड की व्यवस्था की जाए। इससे प्लास्टिक कचरा प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में स्वच्छता के उच्च मानक स्थापित करने और लोगों को स्वस्थ वातावरण देने के स्वच्छता की दिशा में और प्रभावी प्रयास किये जाए। कूड़े का डोर टू डोर कलैक्शन शत प्रतिशत किया जाए। गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग रखने के लिए लोगों को और जागरूक किया जाए। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को और सुदृ़ढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वच्छता के क्षेत्र में और तेजी से कार्य हों, इसके लिए निकाय चुनाव में निर्वाचित पदाधिकारियों की शपथ के बाद जल्द उनके साथ एक बैठक की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों में लीगेसी वेस्ट का कार्य जल्द पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य से गंगा नदी में स्वच्छ जल जाए। इसके लिए गंगा की सहायक नदियों में भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। स्वच्छता सर्वेक्षण में निकायों की तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता के मानकों की घोषणा की व्यवस्था की जाए। राष्ट्रीय खेलों के दौरान भी स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्य में फिट इंडिया मूवमेंट को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में प्रतिदिन योग और व्यायाम की गतिविधियां करवाई जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर ओपन जिम की राज्य सरकार की योजना पर और प्रभावी तरीके से कार्य किये जाएं। फिट इंडिया के तहत व्यापक स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ उत्तराखण्ड के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित जागरूकता कैम्प लगाये जाएं। लोगों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट के तहत प्रदेश में संतुलित आहार के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। स्वस्थ आहार और जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाए। जंक फूड से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। राज्य के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में सघन अभियान चलाया जाए और मिलावटखोरों पर सख्त कारवाई की जाए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, नितेश झा, रविनाथ रमन, चन्द्रेश यादव, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, अपर सचिव विजय जोगदंडे, निदेशक शहरी विकास नीतिका खण्डेलवाल, अपर निदेशक डॉ. ललित नारायण मिश्रा उपस्थित थे।

नजरियाः अब राज्य में छात्राओं के उपस्थिति रजिस्टर में अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह जांच के बाद हीमोग्लोबिन लेवल भी होगा दर्ज

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्यभर में खुशियों की सवारी सेवा की सुविधा का उपयोग प्रसव के समय के साथ ही गर्भवती महिलाओं द्वारा सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांचों के लिए भी निशुल्क किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को इस जनहितकारी जानकारी के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए हैं ताकि राज्य की आधिकारिक गर्भवती महिलाएं विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली साधन विहीन गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सके।

सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ Pulse Anemia Mega Campaign के संबंध में बैठक लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को एनीमिया को समाप्त करने के लिए एनएचएम द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान के महिला कल्याण एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की सहायता से प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं| राज्य में 15 से 49 वर्ष के मध्य की 46.4% गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं, जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत 50.4% है|

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी गर्भवती महिलाओं के गर्भावस्था के पहले चरण में ही एनीमिया आइडेंटिफिकेशन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं| इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के उपस्थिति रजिस्टर में ही अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह जांच के बाद हीमोग्लोबिन लेवल भी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं| उपस्थिति रजिस्टर में एचबी लेवल की जांच व जानकारी अंकित करने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल के निर्देश पर क्लास टीचर की होगी, जिसमें सीएचओ द्वारा उनकी मदद की जाएगी| इसके बाद एनीमिया से ग्रस्त छात्राओ के उपचार की विशेष व्यवस्था, मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग भी निकटस्थ CHO द्वारा की जाएगी| छात्राओ के हीमोग्लोबिन लेवल की नियमित जानकारी रिपोर्ट कार्ड में अंकित कर अभिभावकों को दी जाएगी| सीएस ने स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में एक पीरियड स्वास्थ्य जानकारी पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं|

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में विशेषकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के नियमित टेस्टिंग, रिपोर्टिंग तथा इस कार्य के लिए आईसीडीएस व एएनएम के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं| मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को टीबी मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्लान पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं|

बैठक में सचिव डॉ आर राजेश कुमार, अपर सचिव स्वाति भदौरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे

नेशनल गेम्सः शूटिंग रेंज में क्वालीफिकेशन रिकार्ड, हरियाणा की बेटी रमिता के नाम

हरियाणा की रमिता बुधवार को जब अपनी एयर रायफल लिए शूटिंग रेंज पर पहुंची, तो उनकी काबिलियत कसौटी पर थी। कसौटी पर वह नवनिर्मित हाईटेक शूटिंग रेंज भी थी, जिसकी तुलना दिल्ली और भोपाल की शूटिंग रेंज से की जा रही थी। रमिता की रायफल से गोली निकली। स्कोर 634.9 रहा और यह 10 मीटर की एयर रायफल महिला स्पर्धा के क्वालीफिकेशन राउंड का कीर्तिमान बन गया। रमिता तो कसौटी पर खरी उतरी ही, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की शूटिंग रेंज भी खरा सोना साबित हुई।

राष्ट्रीय खेलों के पहले दिन की इससे शानदार शुरुआत हो ही नहीं सकती थी, जबकि शूटिंग की पहली ही स्पर्धा में रिकार्ड टूट गया। भारतीय शूटिंग टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह के मुताबिक-इससे पहले, शूटिंग की इस स्पर्धा में क्वालीफिकेशन रिकार्ड 637.7 स्कोर पर बना था। यह रिकॉर्ड भोपाल में आयोजित वर्ल्ड कप चौंपियनशिप में बना था। रमिता ने दो अतिरिक्त प्वाइंट अर्जित कर नया क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया है। रमिता को अब बृहस्पतिवार को इस स्पर्धा के फाइनल में खेलना है। दो तरह के रिकॉर्ड मेंटेन किए जाते हैं। एक क्वालीफिकेशन और दूसरा मेडल रिकॉर्ड होता है।

राष्ट्रीय खेलों के लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में बनाई गई हाईटेक शूटिंग रेंज की जितनी तारीफ की जा रही थी, वह पहले ही दिन सही साबित हुई है। भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच अरुण सिंह शुरू से ही कह रहे थे कि जिस तरह से इस शूटिंग रेंज को तैयार किया गया है, उससे यहां नए रिकार्ड निकल सकते हैं।

यह है शूटिंग रेंज की खासियत

शूटिंग रेंज में कुल 160 टारगेट स्थापित हैं। 10 व 25 मीटर रेंज के 60-60 व 50 मीटर रेंज के 40 टारगेट हैं।
टारगेट क्षमता के मामले में यह दिल्ली व भोपाल के बाद तीसरे नंबर की शूटिंग रेंज है। 25 मीटर की रेंज में सबसे ज्यादा टारगेट फिक्स करने की क्षमता।
अत्याधुनिक हाईटेक उपकरणों से सुसज्जित यह शूटिंग रेंज है। हाईटेक टारगेट से सटीक स्कोरिंग सुनिश्चित हो रही है।

रमिता बोली-पेरिस की तरह ही है शूटिंग रेंज

क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाने वाली हरियाणा की रमिता पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह पेरिस ओलंपिक में अंतिम आठ में जगह बनाने में कामयाब रहीं थीं। रमिता का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि वह रिकार्ड बनाएंगी। अपनी कोच नेहा चवन को भी वह इस मौके पर याद करने से नहीं चूकी। साथ ही कहा कि दून की शूटिंग रेंज बहुत अच्छी है। पेरिस की शूटिंग रेंज में जो उपकरण लगे थे, वे ही यहां लगाए गए हैं। इससे स्कोरिंग अच्छी हो रही है।

उत्तराखंड बहुत सुंदर, हमेशा से पसंद है

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के लाडवा की रहने वाली रमिता हंसराज कॉलेज दिल्ली की बी कॉम ऑनर्स की छात्रा हैं। वर्ष 2015 से शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही हैं। रमिता का कहना है कि उत्तराखंड उन्हें हमेशा से पसंद रहा है। देहरादून कई बार आई हैं घूमने के लिए। इस बार भी फाइनल मैच हो जाने के बाद जब समय मिलेगा, वह यहां के प्राकृतिक नजारों को देखने के लिए निकलेंगी।

राष्ट्रीय खेलों के लिए हमने अंतरराष्ट्रीय मानक वाले उपकरणों की व्यवस्था की है। मुझे उम्मीद है कि देश भर से आए खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन उत्तराखंड की धरती पर करेंगे और खेलों में नए-नए कीर्तिमान स्थापित होंगे। मैं सभी को बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

सीएम धामी ने महाकुंभ घटना में उत्तराखंड वासियों के लिये जारी किये हेल्पलाइन नंबर

महाकुंभ प्रयागराज की घटना के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबन्धन विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा उत्तराखंड वासियों की सहायता के लिए निम्नवत हेल्पलाइन नंबर जारी किये गये हैं। उत्तराखण्ड के प्रभावित श्रद्धालु प्रत्येक प्रकार से सहायता के लिए मोबाईल नंबर 8218867005, 9058441404, दूरभाष नंबर 0135 2664315 और टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

सचिव आपदा प्रबंध विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि भगदड़ के कारण महाकुम्भ क्षेत्र, प्रयागराज में यदि उत्तराखण्ड राज्य के श्रद्धालु किसी प्रकार से प्रभावित हुए हों, किसी भी प्रकार के मदद और घटना से सम्बन्धित किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए इन हेल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क कर सकते हैं।

भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में स्पोर्ट़स इकोनॉमी की भी रहेगी अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक संबोधन और आधिकारिक उद्घोषणा के साथ ही मंगलवार शाम से उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग शुभारंभ हो गया है।
मंगलवार शाम को देहरादून में राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड आज युवा ऊर्जा से और भी दिव्य हो उठा है, बाबा केदार, बद्रीनाथ जी, मां गंगा के शुभाशीष के साथ आज यहां नेशनल गेम्स शुरू हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये वर्ष उत्तराखंड के निर्माण का 25वां वर्ष भी है, इस खास अवसर पर इस युवा राज्य में देश के अलग- अलग हिस्सों से आए, हजारों युवा अपना सामर्थ्य दिखाने वाले हैं। इससे यहां एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर नजर आ रही है। प्रधानमंत्री ने शानदार आयोजन के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी टीम को बधाई दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब देश में सालभर कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, खेलो इंडिया सीरीज में कई सारे नए टूर्नामेंट जोड़े गए हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स की वजह से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। इसी तरह यूनिवर्सिटी गेम्स और पैरा ओलंपिक गेम्स से भी मौके बढ़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले लद्दाख में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का पांचवां संस्करण शुरु हुआ है। पिछले साल ही बीच गेम्स का भी आयोजन किया। सरकार के साथ ही भाजपा सांसद भी सांसद निधि से खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि अकेले काशी संसदीय क्षेत्र में आयोजित हो रही खेल प्रतियोगिता में हर साल करीब ढाई लाख युवाओं को खेलने का मौका मिल रहा है।

खेल से बढ़ती है देश की प्रोफाइल
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई देश खेल में आगे बढ़ता है तो, देश की साख और प्रोफाइल भी बढ़ती है। इसलिए सरकार खेल को विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बडी आर्थिक शक्ति बन रहा है तो इसमें स्पोर्ट्स इकोनॉमी का भी अहम योगदान होने जा रहा है। इससे खिलाड़ी ही नहीं बल्कि सहायक स्टॉफ से लेकर मैन्यूफैक्चर तक जुड़े होते हैं। उन्होने कहा कि भारत खेल सामग्री उत्पादन का हब बनता जा रहा है। अकेले मेरठ में खेल सामग्री निर्माण की 35 हजार से अधिक यूनिट हैं, जहां तीन लाख लोग काम कर रहे हैं।

पीएम यानि परम मित्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते दिनों उनसे मिलने ओलंपिक टीम के सदस्य आए थे, उस दौरान एक खिलाड़ी ने पीएम की नई परिभाषा बताई, जिसके अनुसार खिलाड़ी पीएम को प्राइम मिनिस्टर नहीं बल्कि परम मित्र कह कर बुलाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दस साल में खेल का बजट तीन गुना बढ़ गया है, टॉप स्कीम के तहत दर्जनों खिलाड़ियों पर सैकडों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। देशभर में आधुनिक खेल सुविधाओं का विकास हो रहा है। देश की पहली खेल यूनिवर्सिटी मणिपुर में है। सरकार के प्रयासों का असर पदक तालिका के रूप में नजर आ रहा है। देश के साथ ही उत्तराखंड के खिलाड़ी भी मैडल जीत रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हॉकी के गौरवशाली दिन वापस लौट रहे हैं। कुछ दिन पहले ही खो – खो टीम ने वर्ल्ड कप जीता है। अब युवा खेल को प्रमुख कैरियर के रूप में अपना रहे हैं।

2036 में ओलंपिक आयोजन का प्रयास
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे हमारे खिलाड़ी हमेशा बड़े लक्ष्य लेकर चलते हैं, वैसे ही हमारा देश भी बडे संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसलिए भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का प्रयास कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां भी ओलंपिक होते हैं वहां अनेक सेक्टर को गति मिलती है। खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाए बनती हैं। ठीक ऐसे ही नेशनल गेम्स से यहां देवभूमि उत्तराखंड को अनेक लाभ मिलेंगे।

यूसीसी समानता के लिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा केदार के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही निकला था, कि 21वीं सदी का ये दशक, उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है। अब उन्हें खुशी है कि राज्य तेजी से इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल ही उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला राज्य बन गया है। यूसीसी सही मायने में सेक्युलर सिविल कोड है, जो हमारी बेटियों, माताओं और बहनों के गरिमापूर्ण जीवन का आधार बनेगा। इससे लोकतंत्र की भावना भी मजबूत होगी। कहा कि जैसे हर मैडल के पीछे सबको साथ लेकर चलने की भावना छुपी होती है, यही भावना यूसीसी में भी है।

शीतकालीन यात्रा पर सरकार के प्रयासों को सराहा
उन्होंने राज्य सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि उत्तराखंड में पहली बार इतने बडे पैमाने पर नेशनल ईवेंट हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था सिर्फ चारधाम यात्रा पर ही निर्भर नहीं रह सकती है। इसी दिशा में उत्तराखंड ने अब शीतकालीन यात्रा को भी प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उनका दूसरा घर है, इसलिए उनकी भी शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनने की इच्छा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शीतकाल के दौरान उत्तराखंड में युवाओं के लिए एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी कई अवसर होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से भी शीतकालीन टूरिज्म का आनंद उठाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से फिटनेस पर ध्यान देने की अपील करते हुए मोटापे की समस्या के प्रति सचेत रहते हुए खान पान पर ध्यान देने की भी अपील की है। खासकर अपने खान पान में तेल की खपत कम करनी होगी।

दर्शकों की मोबाइल फ्लैश लाइट करवाई ऑन
प्रधानमंत्री ने नेशनल गेम्स की विधिवत शुरुआत करते हुए कहा कि वैसे तो ये उनका दायित्व है, लेकिन वो चाहते हैं कि स्टेडियम में मौजूद सभी लोग मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर, उनका साथ दें, जिस पर उपस्थित जन समुदाय ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर प्रधानमंत्री का साथ दिया।

सीएम बोले – 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा भारत
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देवभूमि उत्तराखंड वासियों की ओर से स्वागत करते हुए उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर के इतने महत्वपूर्ण खेल आयोजन की जिम्मेदारी देने के लिए आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि इस 17 दिवसीय राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ का आयोजन प्रदेश के 11 शहरों में किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ी 35 खेलों में प्रतिभाग कर रहे हैं। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से इस बार के राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन गेम्स की थीम पर किया जा रहा है। इस आयोजन में सौर ऊर्जा का व्यापक प्रयोग किए जाने के साथ ही पूरे आयोजन में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम किए जाने के भी प्रयास किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के लिए अपनी कमर कस चुका है। जहां एक ओर भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, महिला सशक्तिकरण आदि सामाजिक क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है, वहीं साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट आदि क्षेत्रों में भी विश्व के बड़े-बड़े देशों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति, अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, सी.ए.ए. कानून लागू करना, तीन तलाक की समाप्ति आदि देश के अधिकतर सभी बड़े संकल्पों को सिद्धि तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से इस वर्ष राज्य में शीतकालीन यात्रा का भी शुभारंभ किया गया है, जिससे एक ओर जहां राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा वहीं स्थानीय रोजगार और आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने का जो संकल्प लिया था, उसको पूर्ण कर दिया गया है। 27 जनवरी से राज्य में यूसीसी कानून लागू कर दिया गया है। ये ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन के बिना असंभव था।

38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल ले ज गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई हस्तियों की मौजूदगी में मंगलवार शाम से उत्तराखंड में आयोजित हो रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों का रंगारंग उद्घाटन हो गया है। इस मौके पर बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल, पवनदीप राजन के साथ ही पांडवाज बैंड ने शानदार प्रस्तुतियों से समा बांधा।

तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोठी ठीक छह बजे, राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करने, मैदान में पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गोल्फ कार्ट में स्टेडियम का राउंड लिया, गोल्फ कोर्ट पर उनके साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और दर्शकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जिस पर उपस्थित जनसमुदाय ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। करीब आधे घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद, उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्य और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और सांसद डॉ पीटी ऊषा ने स्वागत भाषण दिया।

शानदार मार्च पास्ट से खिलाड़ियों ने दी सलामी
कार्यक्रम के मध्य भाग में खिलाड़ियों ने शानदार परेड निकाली, परेड का नेतृत्व सैनिक घोड़ाखाल की बैंड टीम ने किया। जिसके पीछे अलग – अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश की टीमें पंक्तिबद्ध होकर निकलीं। इसके बाद ओलंपियन शटलर लक्ष्य सेन ने मंच पर पहुंच कर तेजस्वनी मशाल प्रधानमंत्री को सौंपी। लक्ष्य सेन ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेलों की शपथ भी दिलाई। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद, उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के क्रम में 2025 शंख बजाकर, जोरदार शंखनाद किया गया ।

खिलाडियों से मिले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने मंच पर ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले उत्तराखंड के कई खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसमें जसपाल राणा, मनीष रावत, लक्ष्य सैन, सुरेंद्र कनवासी-, हंसा मनरालशर्मा, नितेंद्र रावत, सुभाष राणा, मनोज सरकार शामिल रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को उत्तराखंड की प्रचलित टोपी पहनाई। समारोह में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी, केंद्रीय युवा एवं खेल मामलों की राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, राष्ट्रमंडल खेलों के अध्यक्ष क्रिस जेनकिंग्स प्रमुख रूप से उपस्थित हुए।

नेशनल गेम्स के बड़े मंच से तीन विषय और उत्तराखंड को बड़ी शाबासी

मंगलवार को यह बड़ा मंच राष्ट्रीय खेलों का था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल विकास से जुड़ी कई अहम बातें कीं। मगर तीन ऐसे विषय भी उठाए, जिनमें उत्तराखंड के विशेष प्रयास हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के इन प्रयासों को नए सिरे से रेखांकित करते हुए धामी सरकार की खुलकर सराहना की और शाबासी दी। यह तीन विषय थे-यूसीसी, शीतकालीन यात्रा और प्लास्टिक मुक्त अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद धामी सरकार के प्रयास देश-दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचे हैं। एक दिन पहले उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। खेल और यूसीसी में सबको साथ लेकर चलने की अंतर्निहित भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलचस्प ढंग से जोड़ा।

हाल ही में शीतकालीन यात्रा के लिए जिस तरह से धामी सरकार ने पहल की है, उसे प्रधानमंत्री के पूर्ण समर्थन के खास मायने रहे। उत्तराखंड की स्थानीय आर्थिकी के व्यापक हितों के लिए शुरू की गई शीतकालीन यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य अहम रहा कि वह खुद इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। पिछले दिनों अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित भी किया था। यात्रा की ब्रांडिंग कर प्रधानमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों को भी गति दे गए।

राष्ट्रीय खेलों की ग्रीन गेम्स की थीम पर प्रधानमंत्री प्रभावित नजर आए। ई-वेस्ट से पदक निर्माण, विजेता खिलाड़ियों के स्तर पर पौधरोपण जैसी पहल पर प्रधानमंत्री खूब बोले। उन्होंने इसके साथ ही, धामी सरकार के प्लास्टिक मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी खुलकर सराहा।

अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर, संपूर्ण उत्तराखंड में लागू होगा यूसीसी

यूसीसी नियमावली हाईलाइट

दायरा – अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर, सम्पूर्ण उत्तराखंड राज्य, साथ ही राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासियों पर लागू।

प्राधिकार – यूसीसी लागू करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। जबकि नगर पंचायत – नगर पालिकाओं में संबंधित एसडीएम रजिस्ट्रार और कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
इसी तरह नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार होंगे। छावनी क्षेत्र में संबंधित CEO रजिस्ट्रार और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर या सीईओ द्वारा अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे। इन सबके उपर रजिस्ट्रार जनरल होंगे, जो सचिव स्तर के अधिकारी एवं इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन होंगे।

रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्य
यदि रजिस्ट्रार तय समय में कार्रवाई नहीं कर पाते हैं तो मामला ऑटो फारवर्ड से रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा। इसी तरह रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकेगी, जो 60 दिन के भीतर अपील का निपटारा कर आदेश जारी करेंगे।

रजिस्ट्रार के कर्तव्य
सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील पर 60 दिन में फैसला करना। लिव इन नियमों का उल्लंघन या विवाह कानूनों का उल्लंघन करने वालों की सूचना पुलिस को देंगे।

सब रजिस्ट्रार के कर्तव्य
सामान्य तौर पर 15 दिन और तत्काल में तीन दिन के भीतर सभी दस्तावेजों और सूचना की जांच, आवेदक से स्पष्टीकरण मांगते हुए निर्णय लेना
समय पर आवेदन न देने या नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने के साथ ही पुलिस को सूचना देना, साथ ही विवाह जानकारी सत्यापित नहीं होने पर इसकी सूचना माता- पिता या अभिभावकों को देना।

विवाह पंजीकरण
26 मार्च 2010, से संहिता लागू होने की तिथि बीच हुए विवाह का पंजीकरण अगले छह महीने में करवाना होगा

संहिता लागू होने के बाद होने वाले विवाह का पंजीकरण विवाह तिथि से 60 दिन के भीतर कराना होगा

आवेदकों के अधिकार
यदि सब रजिस्ट्रार- रजिस्ट्रार समय पर कार्रवाई नहीं करता है तो ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

सब रजिस्ट्रार के अस्वीकृति आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपील की जा सकती है।

रजिस्ट्रार के अस्वीकृति आदेश के खिलाफ 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार जनरल के पास अपील की जा सकती है।

अपीलें ऑनलाइन पोर्टल या ऐप के माध्यम से दायर हो सकेंगी।

(लिव इन)
संहिता लागू होने से पहले से स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का, संहिता लागू होने की तिथि से एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा। जबकि संहिता लागू होने के बाद स्थापित लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, लिवइन रिलेशनशिप में प्रवेश की तिथि से एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा।

लिव इन समाप्ति – एक या दोनों साथी ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से लिव इन समाप्त करने कर सकते हैं। यदि एक ही साथी आवेदन करता है तो रजिस्ट्रार दूसरे की पुष्टि के आधार पर ही इसे स्वीकार करेगा।

यदि लिव इन से महिला गर्भवती हो जाती है तो रजिस्ट्रार को अनिवार्य तौर पर सूचना देनी होगी। बच्चे के जन्म के 30 दिन के भीतर इसे अपडेट करना होगा।

विवाह विच्छेद –
तलाक या विवाह शून्यता के लिए आवेदन करते समय, विवाह पंजीकरण, तलाक या विवाह शून्यता की डिक्री का विवरण अदालत केस नंबर, अंतिम आदेश की तिथि, बच्चों का विवरण कोर्ट के अंतिम आदेश की कॉपी।

वसीयत आधारित उत्तराधिकार
वसीयत तीन तरह से हो सकेगी। पोर्टल पर फॉर्म भर के, हस्तलिखित या टाइप्ड वसीयत अपलोड करके या तीन मिनट की विडियो में वसीयत बोलकर अपलोड करने के जरिए।

यूसीसी की यात्रा
27 मई 2022 – यूसीसी पर विशेषज्ञ समिति का गठन
02 फरवरी 2024 – यूसीसी पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत
08 फरवरी 2024 – राज्य विधानसभा द्वारा अधिनियम अनुमोदित
08 मार्च 2024 – भारत के राष्ट्रपति द्वारा अधिनियम अनुमोदित
12 मार्च 2024 – यूसीसी उत्तराखंड अधिनियम 2024 जारी
18 अक्टूबर 2024 – यूसीसी नियमावली प्रस्तुत
27 जनवरी 2025 – यूसीसी लागू
यूसीसी के क्रियान्वयन की कार्ययोजना
ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल (ucc.uk.gov.in) विकसित
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) Training Partner के रूप में नामित
क्रियान्वयन व प्रशिक्षण के लिए जिलों में नोडल अधिकारी नामित
सहायता और तकनीकी परामर्श के लिए हेल्पडेस्क (1800-180-2525) स्थापित
विधिक प्रश्नों के समाधान के लिए जिला स्तरीय अधिकारी नियुक्त
नागरिक जागरूकता और अधिकारियों की सुविधा के लिए Short Video एवं Booklets